Category: ताजा खबर

  • नये साल के दिन अस्पतालों में  रहेंगे विशेष चिकित्सकीय प्रबंध,आदेश हुआ जारी

    नये साल के दिन अस्पतालों में रहेंगे विशेष चिकित्सकीय प्रबंध,आदेश हुआ जारी

    आदेश- जीवन रक्षक दवाई, चिकित्सक की तैनाती रहेगी

     

    देहरादून। समस्त प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक / मुख्य चिकित्सा अधीक्षक / चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय/उप जिला चिकित्सालय / सामु०स्वा० केन्द्र, व अन्य बड़े चिकित्सालय उत्तराखण्ड।

    विषयः- नव वर्ष की पूर्व संध्या में राजकीय चिकित्सालयों में अपरिहार्य परिस्थितियों हेतु आकस्मिकता चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये हेतु आवश्यक व्यवस्था किये जाने के सम्बन्ध में। महोदय/महोदया,

    अवगत कराना है कि नव वर्ष की पूर्व संध्या में विभिन्न स्थलों में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं व काफी अधिक संख्या में जनमानस रात्रि में आवागमन करते रहते हैं, जिसके कारण लगातार उक्त दिवस में अप्रिय घटना घटित होने की सम्भावना बनी रहती है।

    अतः उक्त के दृष्टिगत आपको निर्देशित किया जाता है कि अपने तथा अपने अधीनस्थ चिकित्सालयों में नव वर्ष की पूर्व संध्या 31 दिसम्बर को आवश्यक जीवन रक्षक औषधियाँ, चिकित्सकों की तैनाती तथा ऑन कॉल विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती पूर्व की भाँति करना सुनिश्चित करें, ताकि आकस्मिकता की स्थिति में चिकित्सालय आने वाले व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके।

  • नए साल पर पहाड़ों में बर्फबारी, मैदान में  कोहरा, ऑरेंज अलर्ट जारी

    नए साल पर पहाड़ों में बर्फबारी, मैदान में कोहरा, ऑरेंज अलर्ट जारी

    उत्तराखंड में मौसम पल-पल बदल रहा है। आज सुबह की शुरुआत हल्की धूप के साथ हुई। वहीं, कुमाऊं के कुछ इलाकों में और हरिद्वार में घना कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश के पर्वतीय जिलों में आज बर्फबारी के आसार हैं। इससे सुबह-शाम के साथ दोपहर में भी ठंड बढ़ जाएगी।
    इसके बाद नए साल पर मैदानी इलाकों में सुबह और रात घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं। जबकि, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में घना कोहरा छाने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

  • कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 144 करोड़ की यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना की समीक्षा की

    कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 144 करोड़ की यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना की समीक्षा की

    यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना का फरवरी में होगा लोकार्पण

    देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में मसूरी में 144 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना की जल निगम जल संस्थान और पेयजल के अधिकारियों के साथ समीक्षा की और योजना की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यमुना से लेकर राधा भवन तक जल निगम से संबंधित सभी कार्य लगभग पूर्ण हो गए हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली से संबंधी 14 जनवरी तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।

    कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को विद्युत से संबंधित सभी कार्यों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए।कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण से संबंधित जल संस्थान, जल निगम, पेयजल तथा बिजली विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर निर्माण से संबंधित पेंडिग कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा केंद्र की महत्वाकांक्षी यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना का फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में योजना का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा अभी तक मसूरी वासियों को 07 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा शीघ्र ही योजना के पूर्ण होने पर मसूरी वासियों को 11.7 एमएलडी पानी उपलब्ध होगा। जिससे आने वाले 30 से 35 वर्षो तक पानी की कमी दूर होगी।

    इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से मसूरी विधानसभा क्षेत्र में हुए विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को मसूरी विधान सभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत कार्यों तथा क्षेत्र में नलकूपों, पंपिंग स्टेशन के सभी कार्यों को प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर एमडी पेयजल एस.सी पंत, मुख्य अभियंता यूपीसीएल एम.आर.आर्य, मुख्य अभियंता गढ़वाल संजय सिंह, अधिसाशी अभियंता जल निगम सचिन कुमार, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम कचन रावत, अधीक्षण अभियंता विद्युत यांत्रिक प्रवीण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • साधु संतों के आशीर्वाद से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है-  गणेश जोशी

    साधु संतों के आशीर्वाद से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है- गणेश जोशी

    हरिद्वार। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हरिद्वार स्थित हरिहर आश्रम कनखल पहुंचकर आचार्य महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उन्हें जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर पद पर 25 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को पुस्तक भेंट की। कैबिनेट मंत्री ने कहा साधु-संतों के आशीर्वाद से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है, और सामाजिक जीवन में ये प्रेरणा देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा संतों का हृदय निर्मल होता है, संतों की शरण में आने से मन को असीम शांति प्राप्त होती है।

  • सूबे के 144 चिकित्सालयों को मिलेगा कायाकल्प अवार्ड

    सूबे के 144 चिकित्सालयों को मिलेगा कायाकल्प अवार्ड

     

    4 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत वितरित करेंगे पुरस्कार

    चयनित चिकित्सालयों को बांटी जायेगी 203.5 लाख की धनराशि

    राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित क्वालिटी एश्यैरेंस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 144 राजकीय चिकित्सा इकाईयों का चयन वर्ष 2022-23 के कायाकल्प अवार्ड के लिये किया है। सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के द्वारा नव वर्ष पर 4 जनवरी, 2024 को इन चिकित्सा इकाईयों को अवार्ड दिया जायेगा। जिसके लिये विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि कायाकल्प अवार्ड का मूल्यांकन चिकित्सालयों के रख-रखाव, स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिसेज, हाइजीन प्रमोशन, पेशेंट फीडबैक आदि बिन्दुओं के आधार पर किया जाता है। जिसके तहत वर्ष 2022-23 के लिये सूबे की 144 चिकित्सा इकाईयों का चयन किया गया है। जिनमें 10 जिला चिकित्सालय, 12 उप जिला चिकित्सालय, 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 64 आयुष्मान आरोग्य मंदिर व 01 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शामिल है। इन सभी चयनित चिकित्सा इकाईयों को क्वालिटी एश्येरैंस के तहत 203.50 लाख की धनराशि पुरस्कार के रूप में दी जायेगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कायाकल्प अवार्ड के लिये सूबे की मात्र 94 चिकित्सा इकाईयों का चयन किया गया था। जिनको कुल 157.75 लाख की धनराशि पुरस्कार के रूप में आवंटित की गई।

    डॉ. रावत ने बताया कि कायाकल्प अवार्ड के लिये चिकित्सा इकाईयों का चयन तीन चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में इंटरनल असेसमेंट, द्वितीय चरण पीयर असेसमेंट व तृतीय चरण एक्सटर्नल क्वालिफाइड के तहत किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत बेस्ट जिला अस्पताल के रूप में जिला कोरोनेशल अस्पताल देहरादून एवं जे0एल0एन0 जिला अस्पताल ऊधमसिंह नगर का चयन किया गया है, जिन्हें 25-25 लाख की धनराशि दी जायेगी। जबकि जनपद हरिद्वार के मेला अस्पताल को बेस्ट उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साहिया, देहरादून को बेस्ट सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की श्रेणी में चयन किया गया है। जिन्हें 7.5-7.5 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी। इसी प्रकार ईको फ्रेंडली अस्पताल की श्रेणी में जिला अस्पताल गोपेश्वर, चमोली का चयन किय गया है, जिसको 13 लाख की धनराशि दी जायेगी। इसी श्रेणी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनपद नैनीताल के सीएचसी बेतालघाट व गरमपानी को चुना गया है, जिन्हें 6-6 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कायाकल्प अवार्ड हासिल करने वाले सभी चिकित्सा इकाईयों के चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ व अन्य कार्मिकों को बधाई देते हुये उनके बेहतर कार्य की सराहना की।

     

  • एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का शीघ्र करेंं गठनः  राधा रतूडी

    एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का शीघ्र करेंं गठनः राधा रतूडी

    एसआईएसएफ (राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल ) का गठन जल्द करने के निर्देश

    देहरादून। मानवाधिकार संरक्षण के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव गृह  राधा रतूड़ी ने जिलों के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को कारागारों की मांग पर कैदियों को मेडिकल सुविधा आदि तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा कर्मियों की आपूर्ति को तत्काल एवं शीर्ष प्राथमिकता पर पूरा करने की कड़ी हिदायत दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रग्स फ्री देवभूमि के विजन को जल्द से जल्द साकार करने हेतु  राधा रतूड़ी ने राज्य में शीघ्र एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु गढ़वाल और कुमाऊँ मण्डल में एक-एक ड्रग्स इंस्पेक्टर तथा 35 अन्य कार्मिकों के स्पष्ट प्रस्ताव को शीघ्र गृह विभाग को भेजने के निर्देश पुलिस विभाग को दिए हैं।

    शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, बैंकों, हैलीपैड, हैलीपोर्ट, औद्योगिक आस्थानों की सुरक्षा के लिए गठित की जाने वाली एसआईएसएफ (राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल ) के गठन की कार्यवाही को तीव्र करने के निर्देश पुलिस, होमगार्ड्स एवं अन्य सम्बन्धित विभागों को दिए। बैठक में उन्होंने इससे सम्बन्धित सभी लंबित प्रस्तावों की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के तर्ज पर राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) गठन के निर्देश दिए हैं। राज्य में बैंकों एवं औद्योगिक आस्थानों, हैलीपैड एवं सरकारी उपक्रमों की पुख्ता सुरक्षा के लिए एक उत्तरदायी एवं संवेदनशील सुरक्षा बल की नितान्त आवश्यकता है।

    आज की बैठक में श्रीमती राधा रतूड़ी ने नशीले पदार्थों के तस्करों से कड़ाई से निपटने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का पूरी तरह से गठन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इस सम्बन्ध में हिमाचल प्रदेश मॉडल और उत्तर प्रदेश मॉडल का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए हैं। इस दिशा में नशा तस्करों की रीढ़ तोड़ने और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का पर्दाफाश करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का सहयोग लिया जाएगा।

    बैठक में विशेष सचिव गृह श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल सहित सम्बन्धित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

  • बोले मुख्यमंत्री – भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक दर्शन

    बोले मुख्यमंत्री – भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक दर्शन

    22 जनवरी को रामलला अपने जन्मस्थान में विराजमान होंगे

    दिल्ली में श्रीराम कथा का 18वां धार्मिक महा-आयोजन

    नई दिल्ली/ देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को विनोद नगर वॉर्ड स्थित श्री बद्रीनाथ मंदिर में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान-यज्ञ आयोजन समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के 18वें धार्मिक महा-आयोजन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रीराम कथा सुनी। श्रीराम कथा का वाचन भगवताचार्य डॉ. गीता राम त्रिपाठी द्वारा किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें श्रीराम कथा का साक्षी बनने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक दर्शन है। यदि हम उनका अनुसरण कर जीवन मार्ग पर कुछ कदम भी चल पाए तो इस जीवन को सार्थक बना लेंगे। पिता से बनवास पाया तो उन्होंने बताया कि एक पुत्र का धर्म क्या होना चाहिए। भरत को गले लगा कर उन्होंने बताया कि एक बड़े भाई का धर्म क्या होना चाहिए। केवट और सुग्रीव से मिले तो उन्होंने बताया कि एक मित्र का धर्म क्या होना चाहिए। जब रावण से आमना-सामना हुआ तो भी उन्होंने बताया कि शत्रुता के बावजूद हमें कैसे धर्म का पालन करना चाहिए। जब राम राजा बनें तो भी उन्होंने बताया कि एक राजा का धर्म क्या होना चाहिए। इसीलिए वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए और आज भी हम कोई चाह रखते हैं तो राम राज्य की चाह रखते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के जीवन की एक-एक घटना और उनका प्रत्येक निर्णय हमें एक आदर्श व्यक्ति बनाने के लिए काफी हैं। राम शांति के भी स्वरूप हैं और शक्ति के भी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि हम सभी 22 जनवरी को उस घड़ी के साक्षी होने जा रहे हैं, जब रामलला अपने जन्मस्थान में विराजमान होंगे। भगवान राम के कृतित्व ने मुझे जीवन में सही राह चुनने में हमेशा सहायता की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का मुख्य सेवक के रूप में वे धर्म के मार्ग पर चलकर जो भी फैसले लेते हैं, वे स्वयं ही समाजहित में सही हो जाते हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए कदम उठाने, धर्मांतरण को रोकने, नकल रोकने, लैंड जिहाद रोकने, लव जिहाद रोकने के लिए जितने भी निर्णय लिए हैं, वे सब आज समाजहित में सही साबित हो रहे हैं। यदि हम भगवान के बताएं मार्ग पर चलेंगे तो आपको किसी और के मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    इस अवसर पर विनोद नगर वॉर्ड के निगम पार्षद रवि नेगी, आयोजक व भारत सरकार के राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड अध्यक्ष बीरेन्द्र जुयाल, पूर्व निगम पार्षदा सत्या जोशी, बी.एल. ढौंड़ियाल, विजय जुयाल, हिमनद महिला संघ अध्यक्षा गायत्री जायड़ा, मीना जोशी, विजय प्रकाश भट्ट, मोर सिंह रावत और भीम सिंह भण्डारी सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • ओवर स्पीड वाहनों की गति डिजिटल स्पीड हाईटेक साइन बोर्ड से  होगी कंट्रोल

    ओवर स्पीड वाहनों की गति डिजिटल स्पीड हाईटेक साइन बोर्ड से होगी कंट्रोल

    दून, हरिद्वार, यूएस नगर व नैनीताल में लगेंगे हाईटेक गतिसीमा बोर्ड

     

    देहरादून। डिजिटल स्पीड हाईटेक साइन बोर्ड के जरिये वाहनों की गति पर अंकुश लगाया जाएगा। चार जनपदों में गतिसीमा की चेतावनी वाले हाईटेक गतिसीमा बोर्ड (डिजिटल स्पीड साइन बोर्ड) लगाए जाएंगे। यातायात निदेशालय ने इस साल 10 Digital Speed Sign Board खरीदे हैं। मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षक ट्रैफिक ने कहा कि सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ओवरस्पीड है ।

    इन जिलों में लगेंगे साइन बोर्ड

    1. देहरादून – 03

    2. हरिद्वार – 03

    3. ऊधमसिंहनगर – 03

    4. नैनीताल – 01

    क्या होता है Digital speed Sign Board –

    रडार स्पीड साइन बोर्ड गतिसीमा का एक हाईटेक उपकरण होता है जो सड़क पर लगाया जाता है ताकि वाहन चालकों को उनकी गाड़ी की गति की सूचना मिल सके। यह साइन बोर्ड रडार तकनीक का उपयोग करता है जो आगे आ रहे वाहनों की गति को मापने के लिए होती है।

    जब कोई वाहन इस साइन बोर्ड के पास से गुजरता है, तो उसकी गति साइन बोर्ड पर प्रदर्शित हो जाती है। जैसे अगर गति सीमा 20 निर्धारित की गई है ।यह 20 तक Amber लाइट ब्लिंक करेगा और अगर 20 से ऊपर किसी वाहन चालक की गति होगी तो यह लाल लाइट ब्लिंक करेगा । यह एक सुरक्षा उपाय के रूप में भी काम करता है क्योंकि यह वाहन चालकों को अपनी गाड़ी की गति को निर्धारित गति में रहने के लिए प्रेरित करता है और सुरक्षित गति चेतावनी प्रदर्शित करता है।

    मुख्तार मोहसिन ने बताया कि Digital Speed Sign Board पर अपने वाहन की गति सीमा देखने के पश्चात वाहन चालकों पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव आयेगा ।

    अगर उनके वाहन की रफ्तार अधिक होगी तो वह अपने वाहन की रफ्तार को स्वयं से कम कर लेंगे। इसके साथ ही यदि किसी वाहन में बच्चे उक्त बोर्ड को देखेंगे तो वह अपने माता-पिता या संरक्षक को बतायेगे कि आपके वाहन की अधिक है या कम जिससे वह बच्चे भविष्य के लिए गति-सीमा के पालन हेतु प्रेरित होगे।

  • शिक्षा विभाग करेगा  निजी स्कूल के शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता की जांच

    शिक्षा विभाग करेगा निजी स्कूल के शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता की जांच

    हड़कंप- देखें आदेश- निजी स्कूलों पर कसेगा शिकंजा

    बीईओ सात दिन के अंदर करेंगे निजी स्कूल शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता की जांच

    NCTE-के मानकों के तहत नियुक्त नहीं है शिक्षक

    अविकल उत्तराखण्ड

    देहरादून। प्रदेश के प्राइवेट /निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक क्या राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE-National council For Teacher Education) के मानकों के अनुसार निर्धारित योग्यता पूरी करते हैं या नहीं। क्या इन निजी स्कूलों में योग्य शिक्षक नियुक्त हैं। यह सवाल नये सिरे से उठ खड़ा हुआ। विद्यालयी शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्रों की जांच करेगा। 27 दिसंबर को जारी आदेश में बीईओ को सात दिन के अंदर सभी निजी स्कूलों के शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता का विवरण मांगा गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा गया है कि कई निजी विद्यालयों में शैक्षिक मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई निजी विद्यालयों में प्रशिक्षण योग्यता यथा NTT, TET-L1, TET-1| योग्यताधारी शिक्षक नियुक्त नहीं हैं।

    खंड शिक्षाधिकारियों को भेजे ताजे आदेश में एक सप्ताह के अन्दर सभी निजी विद्यालयों के शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता का विवरण निर्धारित प्रारूप पर Excell sheet, English में ई मैल privateschooldehradun@gmail.com व हार्ड कॉफी के माध्यम से अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। देहरादून जिले के मुख्य शिक्षाधिकारी प्रदीप कुमार ने बीईओ को भेजे आदेश में पूरा विवरण तलब किया है।

    देखें आदेश

    विषय- निजी विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद NCTE के मानकानुसार शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता को सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में।

    महोदय/महोदया,

    आप विज्ञ हैं कि शैक्षिक गुणवत्ता की दृष्टि से राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE-National council For Teacher Education) द्वारा शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षणिक शिक्षक अर्हतायें निश्चित की गयी हैं। शैक्षिक योग्यता के मानक शासकीय/अशासकीय/ निजी एवं अल्पसंख्यक संस्थाओं में समान रूप से लागू हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मान्यता हेतु प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों का विश्लेषण करने के उपरान्त यह पाया गया है कि कई निजी विद्यालयों में शैक्षिक मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई निजी विद्यालयों में प्रशिक्षण योग्यता यथा NTT, TET-L1, TET-1| योग्यताधारी शिक्षक नियुक्त नहीं हैं।

    जबकि शैक्षिक गुणवत्ता का उच्चस्तर बनाये रखने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकानुसार शिक्षकों को नियुक्त किया जाना अनिवार्य है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के द्वारा रामय-समय पर शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता के सम्बन्ध में नोटिफिकेशन निर्गत किये गये हैं। संज्ञान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् (NCTE) द्वारा जारी दिनांक 23 अगस्त 2010 का नोटिफिकेशन एवं शासनादेश संख्या 174/XXIV-4/13-10(4)/2012 माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-4 दिनांक 13.05.2013 संलग्न किया जा रहा है। विस्तृत जानकारी के लिए NCTE की Website www.ncte.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।

    उक्त के क्रम में आपको निर्देशित किया जाता है कि आप एक सप्ताह के अन्दर सभी निजी विद्यालयों के शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता का विवरण निर्धारित प्रारूप पर Excell sheet, English में ई मैल privateschooldehradun@gmail.com व हार्ड कॉफी के माध्यम से अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

    प्रारूप में सर्वप्रथम प्रधानाचार्य का नाम एवं शैक्षिक विवरण अंकित किया जाय। साथ ही यह भी निर्देशित किया जाता है कि आप प्रत्येक विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा निर्धारित शैक्षिक अर्हताओं का अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित करें। शैक्षिक गुणवत्ता के दृष्टिगत प्रधानाचार्यों/शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। इसके अतिरिक्त मान्यता सम्बन्धी किसी भी आवेदन के मामले में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानको के अनुसार शैक्षिक अर्हताये पूर्ण करवाये जाने के पश्चात ही निरीक्षण आख्या को अग्रसारित किया जाय। कृपया उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाय।

    संलग्नकः-

    1. निर्धारित प्रारूप।

    2. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) गाईडलाईन।

  • बड़ी खबर : इन कर्मचारियों के लिए  मिली ये बड़ी राहत

    बड़ी खबर : इन कर्मचारियों के लिए मिली ये बड़ी राहत

    30 जून 2024 तक रिटायर होने जा रहे अफसरों- कर्मचारियों की लोकसभा चुनाव में न तो चुनाव ड्यूटी लगेगी और न ही उनका तबादला होगा। बाकी प्रशासन, पुलिस और आबकारी के तीन साल से जमे अफसरों और चुनाव ड्यूटी को प्रभावित करने वाले कर्मचारियों का तबादला 31 जनवरी तक करना है। मुख्य सचिव और डीजीपी को तबादलों के बाद अपनी रिपोर्ट 31 जनवरी तक आयोग को भेजनी है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह ने बताया कि चुनाव आयोग से इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है।

    इसमें उन सभी अफसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, जो चुनाव के मद्देनजर ट्रांसफर किए जाने हैं। उन्होंने बताया कि किसी विभाग के निदेशालय मेंचुनाव आयोग ने मुख्य सचिव व डीजीपी को भेजा चुनाव आयोग का पत्र

    तैनात अधिकारी, कर्मचारी इसके दायरे में नहीं आएंगे। डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्राचार्य आदि भी चूंकि चुनाव से सीधे नहीं जुड़ते इसलिए वह तबादले के दायरे में नहीं आएंगे।

    इनमें से अगर कोई सरकारी अफसर किसी पार्टी विशेष के प्रति रुझान रखता है या उसकी गतिविधियों में लिप्त रहा है तो उसे तबादले के दायरे में लाया जाएगा। इसी प्रकार, चुनाव ड्यूटी में बतौर सेक्टर ऑफिसर या जोनल मजिस्ट्रेट लगे अफसर भी तबादले की जद में नहीं आएंगे।

    इन पर लागू होगा नियम

    प्रशासन : जिले के अधिकारी जैसे जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला

    निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर, एडीएम,

    एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, ज्वॉइट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, बीडीओ आदि। इसके अलावा नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों में भी ये नियम लागू होगा। पुलिस रेंज के एडीजी या आईजी, डीआईजी, स्टेट आम्र्ड पुलिस के कमांडेंट, एसएसपी, एपी, एडिशनल एसपी, सब डिवीजनल हेड, एसएचओ, इंस्पेक्टर सब इंस्पेक्टर आदि। पुलिस विभाग के कंप्यूटराइजेशन, स्पेशल ब्रांच, ट्रेनिंग आदि में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों पर ये नियम लागू नहीं होगा। आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि कोई भी दरोगा अपने गृह जिले में तैनात नहीं किया जा सकता। अगर कोई दरोगा पुलिस सब डिवीजन में तीन वर्ष का मानक पूरा का चुका है तो उसे दूसरी सब डिवीजन में भेजना होगा। दूसरे जिले में भी भेजा जा सकाता है।