Category: ताजा खबर

  • उत्तरॉचल मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने दी हड़ताल की चेतावनी

    उत्तरॉचल मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने दी हड़ताल की चेतावनी

    डीजी स्वास्थ्य को भेजा ज्ञापन.कहा, एक सप्ताह में बुलाएं विभागीय पदोन्नति की बैठक

    देहरादून। उत्तरॉचल मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने संवर्ग के कार्मिकों की पदोन्नति नही होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। डीजी स्वास्थ्य को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि यदि एक सप्ताह के भीतर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित नहीं बुलाई तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

    एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष रजनी रावत ने कहा कि वर्ष 2022 में कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक में पदोन्नत हेतु निर्गत की गयी सूची में कई कनिष्ठ सहायकों को पदोन्नति प्रदान नही की गयी है जबकि वह पदोन्नति हेतु पूर्ण अर्हता रखते है।

    उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव की आचार संहित लागू होने से पूर्व संवर्ग के सभी रिक्त पदों पर शीघ्रातिशीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाये ।

    विषय:-

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं प०क० विभाग के मिनीस्ट्रीयल संवर्ग के विभिन्न पदों पर पदोन्नति किये जाने के सम्बन्ध में।

    महोदया,

    उपरोक्त विषयक उत्तरॉचल मेडिकल एण्ड पब्लिक हैल्थ मिनीस्ट्रीयल एसोसिऐशन, उत्तराखण्ड की लम्बित मांगों के निस्तारण के सम्बन्ध में दिनांक 27.07.2023 को संगठन एवं आपके मध्य चिकित्सा स्वास्थ्य एवं प०क० विभाग के मिनीस्ट्रीयल संवर्ग के विभिन्न पदों पर पदोन्नति के सम्बन्ध में हुयी वार्ता के क्रम में संगठन पुनः आपके संज्ञान में लाना चाहता है कि आतिथि तक संवर्ग के कार्मिकों की पदोन्नति नही होने के कारण संवर्ग के अनेक सदस्य / कार्मिक विगत कई समय से पदोन्नति हेतु पूर्ण अर्ह होने एवं पद रिक्त होने के बावजूद भी पदोन्नति से वंचित है इस हेतु संगठन द्वारा बार-बार मांग की जा रही है । परन्तु महानिदेशालय स्तर से संवर्ग के कार्मिकों की पदोन्नति न होने के कारण कार्मिकों को मानसिक एवं आर्थिक हानि हो रही है जिससे सम्बन्धित कार्मिकों में काफी आक्रोश व्याप्त है। उक्त सम्बन्ध में पुनः निम्नानुसार आपके संज्ञान में लाना है कि-

    वर्ष 2022 में कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक में पदोन्नत हेतु निर्गत की गयी सूची में कई कनिष्ठ सहायकों को पदोन्नति प्रदान नही की गयी है जबकि वह पदोन्नति हेतु पूर्ण अर्हता रखते है मात्र इस तथ्य का संज्ञान लेते हुये पदोन्नति से वंचित रखा गया है कि सम्बन्धित कार्मिकों की गोपनीय आख्या में सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्ष के स्तर से वर्गीकरण नही किया गया है जिसके फलस्वरूप कार्मिकों को पदोन्नति से वंचित किये जाने पर सम्बन्धित कार्मिकों आर्थिक एवं मानसिक क्षति के साथ-साथ आगामी पदोन्नति हेतु अर्हकारी सेवा की भी क्षति हुयी है, वर्तमान में पदोन्नति प्रक्रिया प्रारम्भ न होने के कारण वर्तमान में भी अत्याधिक क्षति हो रही है तथा प्रत्यावेदन आतिथि तक विभागीय पदोन्नति/ चयन समिति के समक्ष निर्णय लिये जाने हेतु लंबित है।

    इस सम्बन्ध में संगठन आपसे अनुरोध करता है कि विगत वर्ष में पदोन्नति से वंचित सम्बन्धित कार्मिकों को नोशनल पदोन्नति प्रदान की जाये।

    . संगठन द्वारा अपने पत्र संख्या उ.मे.मिनी. एसो. / 2022-23/009 दिनांक 29.07.2023 एवं पुनः प्रेषित पत्र संख्या उ.मे.मिनी. एसो. / 2022-23/14 दिनांक 13.09.2023 के माध्यम से संवर्ग के सभी पदो पर पदोन्नति किये जाने हेतु अनुरोध किया गया था तथा इस सम्बन्ध में प्रान्तीय कार्यकारिणी द्वारा कई बार मौखिक वार्ता भी की गयी है परन्तु महानिदेशालय स्तर से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित है ।

    संगठन आपसे अपेक्षा करता है कि आगामी लोकसभा चुनाव की आचार संहित लागू होने से पूर्व संवर्ग के सभी रिक्त पदों पर शीघ्रातिशीघ्र संवर्ग के कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की जाये ।

    अतः संगठन को आशा ही नही अपितु पूर्ण विश्वास है कि आप द्वारा मिनीस्ट्रीयल संवर्ग के कार्मिकों के हित में न्यायसंगत निर्णय लेते हुये पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। इस सम्बन्ध में यदि एक सप्ताह के भीतर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित किये जाने हेतु तिथि प्रदान करते हुये पदोन्नति प्रदान नही की जाती है तो ऐसी स्थिति में संगठन को विवश होकर जनपद स्तर से महानिदेशालय स्तर तक आन्दोलनात्मक कार्यवाही हेतु बाध्य होना पड़ेगा जिसके लिये संगठन का कोई उत्तरदायित्व नही होगा ।

    Rajaz 26-1077

    रजनी रावत ok ०/८ (प्रदेश अध्यक्ष)

  • राष्ट्रीय राइफल (आरआर) में तैनात नायक दीपक सिंह सुगड़ा जम्मू कश्मीर में हुए शहीद

    राष्ट्रीय राइफल (आरआर) में तैनात नायक दीपक सिंह सुगड़ा जम्मू कश्मीर में हुए शहीद

    पिथौरागढ़। राष्ट्रीय राइफल (आरआर) में तैनात नायक दीपक सिंह सुगड़ा (29) पुत्र मोहन सिंह की जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के खेरू में मौत हो गई है। मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वह दो सप्ताह पूर्व छुट्टी पूरी कर अपनी यूनिट में गए थे। इस संबंध में एसडीएम भगत सिंह फोनिया ने किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है। तीन महीने पहले दीपक सिंह सुगड़ा की पत्नी हिमानी (24) की बीमारी के कारण हल्द्वानी के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। नायक दीपक सिंह की इंटर तक की पढ़ाई चौरपाल से हुई थी। वह वर्ष 2015 में सेना में भर्ती हुए थे। जानकारी के अनुसार दीपक दो बार पैरा स्पेशल कमांडो की ट्रेनिंग ले चुके हैं लेकिन पैर में चोट आने के कारण उन्हें वापस यूनिट भेज दिया गया।

    दीपक सिंह का एक साल का बेटा अपनी दादी के साथ गांव में रहता है जिसका वह पांच दिन पहले जन्मदिन मनाकर ड्यूटी पर गए थे। उस समय दीपक ने बेटे और पत्नी की फाइल फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
    दीपक सिंह के पिता मोहन सिंह की चार साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो भाई अनिल सिंह सुगड़ा और गोकुल सिंह सुगड़ा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वर्ष 2015 में दीपक के सेना में भर्ती होने पर पूरे परिवार ने जश्न मनाया था। दीपक सिंह के मौत की सूचना अभी उनकी माता कौशुली देवी (54) को नहीं दी गई है।

  • उत्तराखंड से 13 किसानों का दल स्टडी टूर पर हिमाचल रवाना

    उत्तराखंड से 13 किसानों का दल स्टडी टूर पर हिमाचल रवाना

    हिमाचल में विभिन्न संस्थाओं में बागवानी का करेंगे अध्ययन

    देहरादून। तेरह किसानों का दल हिमाचल के लिए स्टडी टूर पर रवाना हुआ। यह अध्ययन भ्रमण सहकारिता विभाग के प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के माध्यम से भेजा जा रहा है। लौटने पर सभी किसान अपने जनपदों में गोष्टी के माध्यम से अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण देंगे। सहकारिता विभाग के द्वारा प्रत्येक जनपद से दो उत्कृष्ट मॉडल किसानों को अध्ययन भ्रमण हेतु भेजा जा रहा है। इन किसानों का चयन सभी जनपदों के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चयन कमेटी द्वारा किया गया है गुरुवार को निबंधक मुख्यालय मियांवाला में अपर निबंधक ईरा उप्रेती संयुक्त निबंधक एमपी त्रिपाठी द्वारा 13 सदस्यीय किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

    इस अवसर पर प्रबंध निदेशक प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन मान सिंह सैनी भी उपस्थित रहे प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के प्रबंध निदेशक मानसिंह सैनी ने बताया किसानों का यह दल पहले दिन 27 तारीख को सोलन स्थित डॉक्टर वाई एस परमार यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे उसके पश्चात द्वितीय दिवस पर रीजनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च और ट्रेनिंग स्टेशन शिमला में अध्ययन करेंगे और 29 अक्टूबर को कृषि विज्ञान केंद्र शिमला का भ्रमण कर किसानों के पर्वतीय फल सेब कीवी के बगीचों में ग्राउंड जीरो पर अध्ययन करेंगे।

    उसके पश्चात दूसरा दल 28 अक्टूबर को गुजरात को हवाई मार्ग से रवाना किया जाएगा जहां दुग्ध दुग्ध उत्पादों के क्षेत्र में किसानों के द्वारा अध्ययन भ्रमण किया जाएगा। अध्ययन भ्रमण पर जा रहे किसानों ने सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत और सहकारिता विभाग की भूरि भूरि प्रशंसा की किसानों ने कहा उत्तराखंड में यह पहली बार है जब किसानों को अध्ययन भ्रमण पर भेजा जा रहा है इस अध्ययन भ्रमण के परिणाम निश्चित ही किसानों के लिए लाभकारी होंगे।

  • नकली हर्बल दवाइयाँ बनाने वाले गैंग का एसटीएफ ने  किया पर्दाफाश

    नकली हर्बल दवाइयाँ बनाने वाले गैंग का एसटीएफ ने किया पर्दाफाश

    उत्तराखण्ड एसटीएफ ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ ज्वांइट ऑप्रेशन में सितारगंज के एक मकान में नकली हर्बल दवाइयाँ बनाने वाले गैंग का किया पर्दाफाश। छापेमारी में हर्बल के नाम पर विभिन्न बीमारियों के इलाज के नाम पर ऑनलाइन बेची जा रही थी दवाइयाँ, मौके से हर्बल लिखा चूर्ण, कैप्सूल, ड्राप, मुर्गा दाना लिखा कट्टे व कुछ मशीनें बरामद। मौके पर भारी मात्रा में मिली दवाइयों व रॉ-मैटेरियल को सील कर सैंपल लिये गये।

  • मेक्सिको में विश्व की सबसे बड़ी मंडी का भ्रमण किया  कृषि मंत्री गणेश जोशी ने

    मेक्सिको में विश्व की सबसे बड़ी मंडी का भ्रमण किया कृषि मंत्री गणेश जोशी ने

    कृषि मंत्री ने मेक्सिको के निवेशकों से कहा, उत्तराखण्ड के इन्वेस्टर्स समिट में आइए

    अविकल उत्तराखंड

    मेक्सिको। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने विदेश दौरे के दौरान मेक्सिको की सबसे बड़ी मंडी का भ्रमण किया गया। ज्ञात हो कि विश्व की सबसे बड़ी मंडी में से एक सेंट्रल दा ऐबसटा का कुल क्षेत्रफल 833 एकड़ में है, यहां पर प्रतिदिन 5 लाख लोग अपना व्यापार करने के लिए आते हैं। प्रतिदिन 60 हजार गाड़ियां- ट्रक इस मंडी में आते हैं।

    मण्डी कार्यालय में बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने वहां के अध्यक्ष को उत्तराखण्डी टोपी पहनाकर सम्मानित किया। और विस्तार से मेक्सिको के अधिकारियों द्वारा जानकारी प्राप्त की गई। मंत्री ने आगामी दिसंबर माह में उत्तराखंड में आयोजित होने वाले इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी अनुरोध किया गया। जिसपर उन्होंने इन्वेस्टर्स समिट में पूर्ण रूप से सहयोग देने का आश्वासन दिया। जिससे दोनों देश की मंडी की मध्य व्यापार के लिए सुगम मार्ग प्रशस्त हो सके।

    कृषि मंत्री ने मण्डी भ्रमण के दौरान वहां के थोक व्यापारियों से भी मुलाकात की और कई प्रकार के फलों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कृषि मंत्री ने अपने दौरे के बाद बयान जारी करते हुए कहा कि हमें मण्डियों की साफ-सफाई के लिए दूरदृष्तिा के साथ सोचना होगा क्योंकि स्वच्छता के प्रति जागरुकता के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार आहवान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड वापसी के बाद वह कृषि विपणन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वच्छता के लिए प्लान जारी करेंगे। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारत और मेक्सिको के मध्य उत्पादों के आयात और निर्यात के संबंध में भी चर्चा की गई।

    इस दौरान कॉर्डिनाडोरा जनरल मार्सेला विलेगास सिल्वा, एलआईसी. मिगुएल एलेजांद्रो सांचेज़ कार्बाजल गेरेंटे एडमिनिस्ट्रेटिवो, कोसाम्ब के प्रबंध निदेशक डॉ. जगवीर सिंह यादव और मंडी परिषद से सचिव विजय थपलियाल भी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि विश्व संघ थोक बिक्री बाजार की एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन मेक्सिको के कानकुन शहर में 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक किया जा रहा है जिसमें 112 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कृषि विपणन को आगे बढ़ाना और कृषि विपणन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों को लेकर ये सम्मेलन हो रहा है। जिसमें उत्तराखंड की ओर से कृषि मंत्री गणेश जोशी भाग ले रहे हैं। उसके बाद जर्मनी में 2 दिन की कृषि विपणन और चुनौतियों को लेकर एक और सम्मेलन होगा, जिसमें कृषि मंत्री गणेश जोशी भी शामिल होंगे

  • सीएम धामी ने चेन्नई के मशहूर पार्थ सारथी मंदिर में की पूजा

    सीएम धामी ने चेन्नई के मशहूर पार्थ सारथी मंदिर में की पूजा

    चेन्नई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ट्रिप्लीकेन, चेन्नई स्थित भगवान विष्णु के अलौकिक अवतार पार्थसारथी भगवान के पौराणिक मंदिर में पूजा अर्चना की । उन्होंने समस्त प्रदेश वासियों की उन्नति और कुशलक्षेम के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना की ।

    पार्थसारथी मंदिर में भगवान विष्णु के चार अवतारों कृष्ण, राम, नृसिंह और भगवान वराह की पूजा होती है। मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है और इसकी वास्तुकला अद्भुत है।

  • चेन्नई में सीएम धामी से  उद्योगपतियों के विभिन्न समूहों ने की भेंट

    चेन्नई में सीएम धामी से उद्योगपतियों के विभिन्न समूहों ने की भेंट

    सीएम धामी से चेन्नई में रात्रि भोज के अवसर पर उद्योगपतियों के विभिन्न समूहों ने भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखंड में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा अनेक नई नीतियां बनाई गई हैं। उद्योग जगत से जुड़े लोगों के सुझाव को शामिल करते हुए नीतियों में परिवर्तन भी किए जा रहे हैं।

    सीएम ने कहा कि उत्तराखंड में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है। राज्य में रोड, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत अभी तक 55 हजार करोड़ से अधिक के करार हो चुके हैं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सौरभ बहुगुणा, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिन कुर्वे, डॉ. आर राजेश कुमार उपस्थित थे।

  • सूबे में 16 एआरटी क्लीनिक व 5 एआरटी बैंक पंजीकृत

    सूबे में 16 एआरटी क्लीनिक व 5 एआरटी बैंक पंजीकृत

    गर्भधारण समस्याओं से लाभार्थियों को मिलेगी निजात

    गैर पंजीकृत एआरटी चिकित्सालयों पर होगी कार्रवाई

    देहरादून। राज्य में सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी अधिनियम-2021 व 2022 तथा सरोगेसी विनियम (अधिनियम) 2021 व 2022 के तहत लेवल-1 स्तर के दो एआरटी क्लिनिक तथा लेवल-2 स्तर के 14 एआरटी क्लिनिक व 05 एआरटी बैंकों का पंजीकरण किया गया है। इन एआरटी क्लिनिक व बैंकों में गर्भधारण से संबंधित समस्याओं को नई तकनीकियों के माध्यम से दूर किया जा सकेगा। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श से एआरटी अथवा सरोगेसी विधि से गर्भधारण को लेकर उचित परामर्श व उपचार भी दिया जायेगा। प्रदेश में एआरटी व सरोगेसी एक्ट का उल्लंघन करने वाले चिकित्सालयों के खिलाफ सख्ती कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

    सूबे में निःसंतान दम्पतियों के चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश में एआरटी क्लिनिक व एआरटी बैंकी स्थापना को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर भारत सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर एआरटी चिकित्सालयों के पंजीकरण निर्गत कर दिये हैं। प्रदेश में अब तक सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी अधिनियम-2021 व 2022 तथा सरोगेसी विनियम (अधिनियम) 2021 व 2022 के तहत लेवल-1 स्तर के दो एआरटी क्लिनिक तथा लेवल-2 स्तर के 14 एआरटी क्लिनिक व 05 एआरटी बैंकों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिसमें लेवल-02 के अंतर्गत एआरटी क्लिनिक में आईवीएफ सेंटर एम्स ़ऋषिकेश, काला फर्टिलिटी एंड लेप्रोस्कोपी सेंटर देहरादून, रेवती नर्सिंग होम देहरादून, केयर आईवीएफ यूनिट देहरादून, इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल प्रा.लि. देहरादून, श्रीमहंत इंद्रेश हॉस्पिटल आईवीएफ सेंटर देहरादून, सुरभि हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर ऊधमसिंह नगर, फुटेला फर्टिलिटी सेंटर ऊधमसिंह नगर, द मेडिसिटी ऊधमसिंह नगर, निदान फर्टिलिटी क्लीनिक ऊधमसिंह नगर, जेनेसिस आईवीएफ देहरादून, नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी देहरादून, उत्तरांचल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर हरिद्वार, आशीर्वाद हेल्थकेयर एंड फर्टिलिटी सेंटर हरिद्वार पंजीकृत हैं। लेवल-1 के तहत एआरटी क्लिनिक में लूथरा मेटरनिटी एंड इनफर्टिलिटी सेंटर देहरादून व सिनर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस देहरादून शामिल है। इसी प्रकार प्रदेश में एआरटी बैंकों के लिये आईवीएफ सेंटर एम्स ़ऋषिकेश, इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल प्रा.ली. देहरादून, फुटेला फर्टिलिटी सेंटर ऊधमसिंह नगर, निदान फर्टिलिटी क्लीनिक ऊधमसिंह नगर, जेनेसिस आईवीएफ देहरादून का पंजीकरण किया गया है। प्रदेश में इन सभी एआरटी क्लिनिक एवं बैंकों के संचालन से गर्भधारण से जुडी समस्याओं का निदान आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके अलावा चिकित्सालयों द्वारा लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने के साथ-साथ शिकायतों का भी निवारण किया जायेगा। राज्य के अंतर्गत गैर पंजीकृत ऐसे चिकित्सालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी जो एआरटी एवं सरोगेसी विधि से लोगों का उपचार अवैध रूप से कर रहे हैं।

    राज्य में ए.आर.टी. क्लिनिक व बैंकों की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। कोई भी व्यक्ति राज्य में पंजीकृत एआरटी चिकित्सालयों में ए.आर.टी. एवं सरोगेसी विधि से गर्भधारण हेतु विशेषज्ञ चिकित्साकों से उपचार एवं परामर्श ले सकता है। ऐसे एआरटी सेंटर जो बिना पंजीकरण के ए.आर.टी. व सरोगेसी विधि से लोगों का उपचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार

  • जमरानी बांध परियोजना को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

    जमरानी बांध परियोजना को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

    -प्रधानमंत्री से विगत दिनों में हुई बैठकों में निरंतर इस मामले को उठाते रहे हैं सीएम धामी

     

    देहरादून। उत्तराखंड के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होने से हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या का हल होगा।
    उत्तराखण्ड के जनपद नैनीताल में काठगोदाम से 10 कि०मी० अपस्ट्रीम में गौला नदी पर जमरानी बांध (150.60 मी0 ऊंचाई) का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना से लगभग 1,50,000 हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होगा, साथ ही हल्द्वानी शहर को वार्षिक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराए जाने तथा 63 मिलियन यूनिट जल विद्युत उत्पादन का प्रावधान है।

    विदित हो कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वृहद एवं मध्यम ) के अन्तर्गत जमरानी बांध परियोजना के वित्त पोषण हेतु निवेश स्वीकृति एवं जल शक्ति मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी। उक्त स्वीकृतियों के उपरान्त पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड, वित्त मंत्रालय भारत सरकार को वित्तीय स्वीकृति हेतु जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय द्वारा इसी वर्ष मार्च माह में आयोजित पी०आई०बी० की बैठक में सहमति व्यक्त की गई।
    भारत सरकार द्वारा रू0 1730.20 करोड़ की स्वीकृति पी०एम०के०एस०वाई० में 90 प्रतिशत ( केन्द्रांश) 10 प्रतिशत ( राज्यांश) के अन्तर्गत प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।

    शेष धनराशि का वहन संयुक्त रूप से उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के साथ किये गये एम0ओ0यू0 के अनुसार किया जायेगा। जमरानी बांध परियोजना से प्रभावित 351.55 हेक्टेयर वन भूमि सिंचाई विभाग को हस्तांतरित करने हेतु वन भूमि (स्टेज-2 ) अंतिम स्वीकृति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा माह जनवरी 2023 में प्रदान कर दी गयी है, जिससे प्रस्तावित बांध निर्माण की राह और आसान होगी तथा परियोजना प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु प्राग फार्म की प्रस्तावित 300.5 एकड भूमि का प्रस्ताव दिनांक 18.05.2023 को उत्तराखण्ड सरकार की कैबिनेट में पारित किया जा चुका है। उपरोक्त प्रस्तावित भूमि को शीघ्र ही सिंचाई विभाग को हस्तांतरित किये जाने के लिए भी कार्यवाही गतिमान है। इसी क्रम में अब इस बांध परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी हरी झंडी प्रदान कर दी है।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विगत दिनों में प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठकों में जमरानी बांध की स्वीकृति का अनुरोध लगातार करते रहे हैं। अब, केंद्रीय कैबिनेट इस अहम योजना को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है जिसके बाद पेयजल सहित सिंचाई समस्याओं से लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिलना तय है।

    लंबे समय से अटकी थी परियोजना, सीएम धामी के प्रयासों ने लाया रंग

    वर्ष 1975 से वित्त पोषण के अभाव में परियोजना का निर्माण प्रारम्भ नहीं हो सका परन्तु मुख्यमंत्री धामी के सतत् प्रयासों के फलस्वरूप जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री धामी इस अति महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठकों में लगातार अनुरोध करते रहे हैं।

  • धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर आदि कैलाश से लौट रहे छह यात्रियों की मौत

    धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर आदि कैलाश से लौट रहे छह यात्रियों की मौत

    पिथौरागढ़। धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर आदि कैलाश यात्रियों को ला रही यात्री जीप हादसे का शिकार हो गई। बीते दिन करीब ढाई बजे के आसपास पांगला थानों से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को सूचना मिली कि धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर एक यात्री जीप लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। जीप में चालक सहित छह यात्री सवार थे, इनमें चार बेंगलुरू के बताए जा रहे हैं। दुर्घटनास्थल बेहद खतरनाक होने और भारी बारिश के चलते यात्रियों को रेस्क्यू नहीं किया जा सका। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है वह बेहद खतरनाक चट्टानी खाई है। ऐसे में किसी के भी बचने की उम्मीद कम ही है।

    आज सुबह से दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। दुर्घटनाग्रस्त जीप में जिन लोगों के सवार होने की बात कही जा रही है उनके नामों की सूची पुलिस को आईटीबीपी से मिली है। इस सूची के अनुसार जीप में बैंगलुरू निवासी आदि कैलाश यात्री सत्यवर्धा परीधा, नीलापा आनंद, मनीष मिश्रा और प्रज्ञा वारसम्या सवार थे, जबकि जीप में सवार हिमांशु कुमार और वीरेंद्र कुमार स्थानीय हैं।

    धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर जीप दुर्घटनाग्रस्त की सूचना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर रवाना की गई थी, लेकिन बारिश और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू कार्य नहीं हो सका। पहाड़ी से पत्थर गिरने से भी बाधा पहुंची। आईटीबीपी से मिली सूची के अनुसार जीप में छह लोग बताए जा रहे हैं।