चम्बा (टिहरी गढ़वाल)। ग्राम पंचायत आराकोट में आयोजित एक महत्वपूर्ण सामूहिक बैठक में सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शादी-विवाह, मुंडन, जन्मदिन एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने एवं सेवन करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामेश्वरी देवी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
बैठक में समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निर्णय लिया गया कि विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में शराब परोसना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त विवाह समारोहों में डीजे रात्रि 12 बजे तक ही संचालित किया जाएगा तथा शराब पीकर गांव में हुड़दंग करने वालों के विरुद्ध सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। ग्राम सभा ने नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड एवं सामाजिक दायित्व निर्धारित करने का भी निर्णय लिया।
बैठक में सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से ग्राम समाज सुधार समिति का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया। समिति में गीता देवी को अध्यक्ष, हुकम सिंह रावत को उपाध्यक्ष, सावित्री देवी को सचिव, सुशीला देवी को सह सचिव तथा पूरण चन्द को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा कृष्णा देवी, रीता देवी, सुमन चौहान, रेनू रावत, राधा रमोला, रजनी रावत एवं शंकुतला देवी को सदस्य नामित किया गया।
ग्राम प्रधान एवं संरक्षक रमेश्वरी देवी ने कहा कि गांव के सामाजिक वातावरण को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारित बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक ग्रामीण की भागीदारी आवश्यक है और ग्राम पंचायत इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
“शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि आराकोट ग्राम सभा द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज सुधार की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि नशा परिवारों को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से कमजोर करता है, जबकि संस्कार समाज को मजबूत और संगठित बनाते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत, ग्राम समाज सुधार समिति एवं समस्त ग्रामवासियों को इस साहसिक निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यदि उत्तराखंड के अन्य गांव भी इसी प्रकार का संकल्प लें तो राज्य नशामुक्त एवं संस्कारित समाज की दिशा में नई पहचान बना सकता है।
नवनिर्वाचित समिति के अध्यक्ष गीता देवी ने कहा कि समिति गांव में सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर नशा मुक्त समाज हेतु शपथ ली गई कार्यक्रम में जगदीश बडोनी व लक्ष्मी बहुगुणा भी उपस्थित रहे
सेरेब्रल पाल्सी को चुनौती देकर अनुराग रावत ने “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में पूरी की 10 किलोमीटर दौड़
चमोली। पच्चीस वर्षीय अनुराग रावत ने जनपद चमोली में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में अदम्य साहस, आत्मविश्वास और अटूट जज्बे का परिचय देते हुए लगभग 1 घंटा 45 मिनट में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को प्रेरित किया।
“Beyond Limits, Beyond the Canyon” के संदेश को साकार करते हुए अनुराग ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।
मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी तथा वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने cerebral palsy (सेरेब्रल पाल्सी) जैसी दिव्यांगता के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।
चमोली जनपद स्थित नीति घाटी में आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के दौरान नीति घाटी के ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित ऑक्सीजन जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अनुराग का यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।
अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। उनके साहस, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच ने आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में उनका प्रदर्शन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।अनुराग ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ले चुके हैं।
अनुराग ने कहा कि “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”
“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के इस भव्य आयोजन में देशभर से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यसेवक सदन में आयोजित समारोह में नगर एवं ग्राम नियोजन, प्राविधिक शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास तथा वन विभाग में चयनित 276 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने नवचयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा के नए दायित्व की शुरुआत भी है।
नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में वन विभाग के 109, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 88, प्राविधिक शिक्षा विभाग के 65 तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के 14 अभ्यर्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को यह सफलता वर्षों के परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के बल पर मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए अनेक सुधार किए हैं। नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके चलते युवाओं को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है। नवचयनित कार्मिकों से अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में चयनित युवा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के कार्मिक सुनियोजित विकास को गति देंगे, प्राविधिक शिक्षा विभाग के युवा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे, जबकि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं को मजबूत करेंगे। वन विभाग में चयनित युवा राज्य की वन संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में अहम योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड भी विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी नवचयनित युवा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएंगे।
समीक्षा बैठक में तकनीकी निदेशक को दिये शीघ्र नियुक्ति के निर्देश
कहा, पॉलीटेक्निक कॉलेजों में छात्रावासों के नवीनीकरण कार्यों लाये तेजी
देहरादून । बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में शीघ्र ही नियमित कुलसचिव की नियुक्ति की जायेगी। इसके लिये प्राविधिक शिक्षा विभाग के निदेशक को निर्देश दे दिये गए हैं, ताकि संस्थान में प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान द्वाराहाट में नियमित कुलसचिव न होने पर विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने तकनीकी शिक्षा निदेशक को एक सप्ताह के भीतर कुलसचिव की नियुक्ति को विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नियमित कुलसचिव न होने से प्रशासनिक कार्यों में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। जिसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
बैठक में मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न पॉलीटेक्निक कॉलेजों के छात्रावासों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कई छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य लंबित होने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
डॉ. रावत ने पॉलीटेक्निक संस्थानों में खेल मैदानों के विकास, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है।
डॉ रावत ने बैठक में प्रत्येक जनपद में एक-एक मॉडल पॉलीटेक्निक संस्थान विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विभाग के अंतर्गत संचालित पॉलीटेक्निक कॉलेजों एवं अन्य तकनीकी संस्थानों में लंबे समय से रिक्त पड़े विभिन्न संवर्गों के पदों को शीघ्र भरने तथा पदोन्नति के पात्र कार्मिकों को समयबद्ध रूप से पदोन्नत करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ रावत ने विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ रंजीत सिन्हा, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, उप सचिव ब्योमकेश दुबे सचिव यूबीटीआर डॉ मुकेश पांडेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
फिट इंडिया मुहिम और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल
देशभर से पहुंचे 933 धावक
चमोली । जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को तीन दिवसीय ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।
उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने शुभारम्भ किया
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
यही नहीं सीमांत गांव गमशाली में ग्रामीणों ने धावकों।के लिए रात्रिभोज की भी व्यबस्था की।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
एसटीपी, सीवर परियोजनाओं, नाला टैपिंग एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की डीएम ने की गहन समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
देहरादून । जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार देर सायं ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति के साथ ही अर्धकुंभ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों के सम्बन्ध बैठक लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद अन्तर्गत संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि केवल प्रस्तुतिकरण (प्रेजेंटेशन) नहीं, बल्कि धरातल पर कार्यों के प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण कार्य हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ पृथक बैठक आयोजित कर भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) एवं सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जीआईजेड एवं नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संयुक्त रूप से आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी मांगे जाने पर नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग कार्यों में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाला टैपिंग के सभी कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नालों की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने गंगा नदी सहित अन्य नदियों के तटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित प्रदूषण स्थलों का चिन्हीकरण कर लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
मसूरी क्षेत्र में 0.70 एमएलडी क्षमता के कैमल बैक एसटीपी की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम, मसूरी के संबंधित अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
इसी प्रकार अर्केडिया जोन में प्रस्तावित 0.70 एमएलडी एसटीपी परियोजना में वर्ष 2022 से स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद भूमि चिन्हीकरण एवं म्यूटेशन की कार्यवाही लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को मामले की जांच कर सात दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों एवं नगर निकायों को निर्देशित करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है। उन्होंने सभी निकाय कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं तथा डंपिंग जोन का चिन्हीकरण कर वहां सीसीटीवी एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया। नगर पंचायत सेलाकुई में अभी तक स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर जिलाधिकारी ने हैरानी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने संसाधनों से तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने फल्ड प्लानिंग जोनिंग चिन्हीकरण की समीक्षा की बैठक में बताया गया कि गंगा नदी की हरिद्वार तक तथा रिस्पना नदी का फल्ड जोन चिन्हिकरण कर लिया गया है। आसन रिवर का चिन्हकरण कार्य पूर्ण हो गया है। सुसवा, सौंग, जाखन/रानीपोखरी, चन्द्रबागा, यमुना सर्वे कर लिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फल्ड जोन चिन्हिकरण कार्य समयबद्ध पूर्ण कर लिया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अर्धकुंभ मेला 2027 हेतु प्रस्तावित निर्माण कार्यों को एनएमसीजी की अनुमति एवं निर्धारित एसओपी के अनुसार पूर्ण किए जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून को आयोजित होगी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’
देहरादून। उत्तराखंड की दुर्गम नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून 2026 को आयोजित होने वाला ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ भारत में तेजी से विकसित हो रहे एडवेंचर पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना के समन्वय से आयोजित यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने, सैन्य-नागरिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा हिमालय के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक संभावनाओं को नई पहचान देने का प्रयास है।
चमोली जनपद में भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित नीति घाटी अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचाई वाले दुर्गम भूभाग और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, भौगोलिक दूरस्थता और सीमित आधारभूत सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र अब तक अपेक्षाकृत कम विकसित रहा है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन जैसे आयोजन इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा इसे सतत पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इस अल्ट्रा रन में 75 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी एवं 5 किमी की विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं, जिनमें पेशेवर खिलाड़ियों के साथ-साथ शौकिया धावक भी भाग लेंगे। प्रतिभागियों को तीव्र चढ़ाई, कम ऑक्सीजन स्तर और बदलते मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना होगा। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता देश की सबसे चुनौतीपूर्ण सहनशक्ति दौड़ों में से एक मानी जा रही है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक है।
इस आयोजन की एक विशेषता नागरिक प्रशासन और भारतीय सेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय है। नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेना की लॉजिस्टिक क्षमता, चिकित्सा सुविधाएं और संचालन विशेषज्ञता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टेंट एवं आवास व्यवस्था से लेकर चिकित्सा सहायता और मार्ग सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, सेना की भागीदारी आयोजन को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने में अहम योगदान दे रही है।
यह पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। आयोजन के दौरान बढ़ने वाली पर्यटकों की संख्या से होम-स्टे, परिवहन, भोजन एवं गाइड सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही यह सीमावर्ती गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के व्यापक उद्देश्य को भी समर्थन प्रदान करेगा।
यह आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अवधारणा के अनुरूप भी है। प्रतिभागियों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इस क्षेत्र को एक जीवंत और सुलभ पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।
पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन भी इस आयोजन के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। आयोजकों द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा प्रतिभागियों के बीच जागरूकता बढ़ाने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रह सके।
आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। समन्वय बैठकें, मार्ग सर्वेक्षण, चिकित्सा योजना एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिभागियों एवं स्थानीय समुदायों में इस आयोजन को लेकर उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि साहस, एकता और प्रगति का प्रतीक है। यह आयोजन दर्शाता है कि खेल किस प्रकार विकास, राष्ट्रीय एकीकरण और राष्ट्र गौरव का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
नितिन ने कहा, प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णय लिए
प्रदेश कोर कमेटी व मंत्री समूह की बैठक
देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने तीन दिवसीय प्रवास के पहले दिन बूथ प्रबंधन और विधानसभा प्रवास पर फोकस किया।
लोक सभा और विस चुनावों मे ऐसे बूथ जहाँ पर पार्टी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा उसे लेकर एक टीम गठित करने का फैसला लिया गया।
कोर कमेटी के सदस्य दो दो दिन के प्रवास पर उन क्षेत्रों मे जाकर उस विधान सभा के कोर कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा करेंगे और बूथ पर भी बैठक करेंगे।
कोर कमेटी के 17 सदस्य जून, जुलाई और अगस्त माह मे सभी विस क्षेत्रों मे दौरा करेंगे। सभी प्रभावशाली सदस्यों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी दी जायेगी। विपक्ष के नकारात्मक एजेंडे का जवाब देने के लिए भी रणनीति बनाई जायेगी।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि, चूंकि हमारी चुनाव योजना, पूरी बूथ आधारित होती है और उसी विषय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमें बैठक आवश्यक मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने बताया कि आगामी चुनाव को लेकर बूथ प्रबंधन को हमें कैसे और बेहतर तथा प्रभावी बनाना हैं। ये पूरी बैठक विधानसभा में हैट्रिक लगाने को लेकर रणनीति पर केंद्रित रही। विशेषकर पूर्व के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिन बूथों को हम जीत नहीं पाये, विशेषकर उनको लेकर हमें टीम बनानी है।
बैठक में तय हुआ है कि कोर कमेटी के सभी सदस्य दो दिन एक विधानसभा में प्रवास करेंगे। जून, जुलाई अगस्त में होने वाले इस प्रवास में प्रदेश कोर कमेटी सदस्य संबंधित विधानसभा कोर कमेटी से संवाद करेगी और बूथ पर जाकर जमीनी रणनीति बनाएगी।
इसके साथ ही स्थानीय समस्याओं का फीड बैक लेकर सरकार को निराकरण के लिए सुझाव देगी। शीघ्र ही रणनीति बनाते हुए कमेटी सदस्यों के प्रभावो के अनुशार विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही साथ हमारे प्रतिद्वंद्वी पार्टियों की रणनीति और कार्य योजनाओं को परखते हुए और क्या बेहतर कार्यक्रम किया जा सकते हैं उसको लेकर भी कार्य किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुनावी जीत का मंत्र देते हुए कहा कि देवतुल्य जनता और कर्मठ कार्यकर्ताओं के दम पर भाजपा जीत की हैट्रिक का इतिहास रचेगी। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन, सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के साथ उन्होंने संगठन की प्रदेश कोर कमेटी और मंत्री समूह की बैठक लेकर 27 में जीत का मूल मंत्र देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
अपने प्रवास के पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम से प्रदेश संगठन कोर कमेटी बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी लक्ष्यों पर मंथन को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन किया। उसके बाद मंत्री समूह की बैठक लेकर प्रदेश सरकार के कार्यों और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वहन को लेकर अलग अलग विस्तृत जानकारी ली।
गुरुवार को सम्पन्न कोर ग्रुप की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के साथ मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, केंद्रीय मंत्री एवं अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, सह प्रभारी रेखा वर्मा, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, तरुण बंसल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डाक्टर धन सिंह रावत और मदन कौशिक शामिल हुए।
इसी तरह मंत्री समूह की बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, भरत सिंह चौधरी, खजान दास, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, गणेश जोशी,रेखा आर्य, प्रदीप बत्रा शामिल हुए।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, केंद्र और राज्य सरकार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति और संगठन की मजबूती को लेकर विस्तृत समीक्षा की।
नबीन ने कहा, “पीएम मोदी के अगाध प्रेम और हमारी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से देवभूमि की जनता का भाजपा में अटूट विश्वास है। ये सौ फीसदी सही है कि सरकार की नीतियों और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम के बल पर हम उत्तराखंड में भी निरंतर जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
चूंकि, हम भी एक राजनैतिक दल है और हमारी अगली परीक्षा है 2027 के विधानसभा चुनाव। बेशक हमारी इस चुनावी परीक्षा को लेकर तैयारी भी पूरी है, लेकिन हमें अपनी इन कोशिशों को अधिक तेज करते हुए अपने ही चुनावी रिकॉर्ड को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए काम करना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि देवतुल्य जनता के आशीर्वाद और कर्मठ कार्यकर्ताओं के दम पर देवभूमि में भाजपा जीत की हैट्रिक का नया इतिहास रचेगी।” वहीं मंत्री समूह बैठक में उन्होंने सरकार के कार्यों और उपलब्धियों की अलग विस्तृत जानकारी ली। साथ ही कहा, प्रदेश सरकार के ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णयों की तारीफ करते हुए कहा, आज उत्तराखंड कही मायनों में देश के अन्य राज्यों में नजीर बन रहा है।
धर्म संस्कृति संरक्षण और डेमोग्राफी संतुलन को लेकर जो कार्य मुख्यमंत्री धामी ने किए हैं उसकी चर्चा चारों तरफ है। आज उत्तराखंड छोटा राज्य होने के बावजूद विकास के मोर्चे पर बड़े राज्यों को चुनौती दे रहा है।
केंद्र की तरह हमारी प्रदेश की सरकार भी सही दिशा और सही गति से काम कर रही है, ये कार्य और उपलब्धियां नीचे तक सही तरीके से पहुंचे तो हमें तीसरी बार नए रिकॉर्ड के साथ कमल खिलाने से कोई रोक नहीं सकता है।
इस अवसर पर पार्टी मुख्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, शैलेंद्र बिष्ट, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मानवी चौहान समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रथम उत्तराखंड आगमन पर हवाई अड्डे जॉलीग्रांट से भाजपा मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इस दौरान जगह जग ढोल-दमौ, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों दी गयी।
अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन पर उमड़े कार्यकताओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उत्तराखंड के उनके इस तीन दिवसीय संगठनात्मक प्रवास को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
पार्टी मुख्यालय पहुंचने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी एल संतोष का औपचारिक स्वागत प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और वरिष्ठ प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ से किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में समूचा पार्टी प्रदेश कार्यालय परिसर देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के रंग में सराबोर नजर आया। देवभूमि के पारंपरिक वाद्ययंत्रों—ढोल-दमौ के साथ समूचा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘भाजपा जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान होता रहा। मुख्यालय के मुख्य द्वार से लेकर मुख्य सभाकक्ष तक कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर अपने राष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत किया।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जो देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड आज देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुँच चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखण्ड लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखण्ड की सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग व्यापक जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार किया है। उन्होंने CEEW की टीम के सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।