सीएम धामी समेत सांसदों ने दिल्ली की सीएम व पुलिस कमिश्नर से की बात
केशव की गिरफ्तारी का उत्तराखंडियों ने किया विरोध
नई दिल्ली/देहरादून। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के केशव नेगी जी गिरफ्तारी के संबंध में सीएम धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्त से बात की।
रेखा गुप्ता ने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
सीएम धामी ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य को सामने लाएंगी।
उन्होंने कहा कि केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया। हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
दूसरी ओर,केशव नेगी के मुद्दे पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की
उन्होंने कहा कि केशव नेगी मामले में करेंगे हर संभव कानूनी मदद करेंगे।
भाजपा सांसद अजय भट्ट ने भी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से केशव नेगी की गिरफ्तारी की बात की।
गौरतलब है कि मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गयी थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद प्रवासी संगठनों ने भी विरोध दर्ज कराया है।
किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आय: मुख्यमंत्री
अल्मोड़ा के हवालबाग में पहुंचे किसान
6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़। खेती होगी सुरक्षित : मुख्यमंत्री
अल्मोड़ा। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्बद्धीकरण (अटैचमेंट) को समाप्त करते हुए 31 मार्च 2026 तक जारी सभी सम्बद्धीकरण आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जारी आदेश के अनुसार विभाग के अंतर्गत विभिन्न मंडलों और जिलों में सम्बद्ध अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल तैनाती स्थल के लिए कार्यमुक्त किया जाएगा। इस संबंध में सभी मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि सभी सक्षम प्राधिकारी एवं आहरण-वितरण अधिकारी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। सम्बद्ध किए गए कार्मिकों का जून 2026 तथा आगामी महीनों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थल पर पुनः योगदान देने के बाद ही आहरित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की सचिव सुनीता टम्टा द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इससे विभाग में लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में सम्बद्ध चल रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापन स्थल पर लौटना होगा।
:: कार्यालय आदेश :-
मा० मंत्री जी, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में 31 मार्च, 2026 तक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागान्तर्गत तैनात अधिकारियों / कर्मचारियों के किये गये समस्त सम्बद्धीकरण आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किये जाते हैं। समस्त मण्डल/जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वह उक्तानुसार अपने मण्डल / जिले में सम्बद्ध अधिकारियों / कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल तैनाती स्थान हेतु कार्यमुक्त करना सुनिश्चित करें।
समस्त सक्षम प्राधिकारी / आहरण वितरण अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि उक्त आदेशों का अक्षररशः कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुये सम्बद्ध किये गये कार्मिकों का माह जून, 2026 तथा उसके आगामी माहों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थान पर वापस योगदान करने के उपरान्त ही आहरित किया जायेगा।
शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त छापेमारी
हरिद्वार। गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 (पीसीपीएनडीटी) के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झबरेड़ा स्थित प्रज्ञा अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अधिनियम के गंभीर उल्लंघन पाए गए।
राज्य एवं जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन दल ने संयुक्त रूप से दो केंद्रों का निरीक्षण किया। झबरेड़ा स्थित प्रज्ञा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया का संचालन कर रहे चिकित्सक की कार्यप्रणाली में गंभीर कमियां पाई गईं।
इसके अलावा फार्म-एफ के अभिलेखों में भी अनियमितताएं सामने आईं। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण दल ने अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई। वहीं, मंगलौर स्थित संतोष अल्ट्रासाउंड सेंटर का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी अभिलेख एवं दस्तावेज नियमानुसार पाए गए। इसलिए केंद्र के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
संयुक्त निरीक्षण दल में संयुक्त निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी (पीसीपीएनडीटी) डॉ. जे.एस. बिष्ट, सहायक निदेशक डॉ. उमा रावत, अपर शोध अधिकारी राकेश बहुगुणा, विधि सलाहकार अवधेश कुडियाल, अधिशासी सहायक दीपक पवार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ. अनिल वर्मा तथा जिला समन्वयक रवि संदल सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
रिद्धिम व निवेदिता को अहम जिम्मेदारी, प्रत्यूष बने HRDA सचिव ,योगेंद्र को SDRF,नीलेश से हटे विभाग, बिनवाल को रुड़की का जिम्मा
पंवार को मीडिया समिति में मिली कुर्सी
कुमाऊं, एसडीआरएफ, सीआईडी और यातायात विंग को मिले नए मुखिया, शासन ने जारी किए आदेश
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने आईपीएस, पीपीएस व पीसीएस के कार्यक्षेत्र में व्यापक फेरबदल करते हुए तबादला एवं नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
इसके अलावा धामी सरकार ने त्रिवेंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके धीरेंद्र पंवार को मीडिया सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर चौंका दिया।
इधर,गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नौ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
जारी आदेश के अनुसार पुलिस महानिदेशक पी एंड एम के पद पर तैनात विम्मी सचदेवा को पुलिस दूरसंचार एवं फायर सर्विसेज की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल को अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा सीसीटीएनएस/एससीआरबी का दायित्व सौंपा गया है।
पुलिस महानिरीक्षक दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.के. को यातायात एवं जीआरपी का प्रभारी बनाया गया है।
साइबर क्राइम, एसटीएफ, एएनटीएफ, पीएसी, एफएसएल तथा पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का कार्यभार संभाल रहे नीरज आनंद भरणे को उनके वर्तमान दायित्वों से मुक्त किया गया है।
अनन्त शंकर ताकवाले को पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी की जिम्मेदारी दी गई है।
सुनील कुमार मीणा को अपराध एवं कानून व्यवस्था से हटाकर पीएसी तथा पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का दायित्व सौंपा गया है।
कुंभ मेला-2027 हरिद्वार के पुलिस महानिरीक्षक योगेन्द्र सिंह रावत को एसडीआरएफ का नया प्रमुख बनाया गया है। एसडीआरएफ की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती को कुमाऊं परिक्षेत्र, नैनीताल का नया पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा प्रतीक्षारत पुलिस महानिरीक्षक वीरेन्द्रजीत सिंह को पुलिस मुख्यालय एवं पी एंड एम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन ने सभी अधिकारियों को शीघ्र कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना पुलिस महानिदेशक के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यातायात, अपराध, साइबर क्राइम और पीएसी में नई जिम्मेदारियां
उत्तराखंड शासन ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी सूची के अनुसार बीर सिंह को 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर के उप सेनानायक पद से स्थानांतरित कर आईआरबी प्रथम रामनगर का उप सेनानायक बनाया गया है।
लोकजीत सिंह, जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक यातायात देहरादून थे, उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार विपिन आचार्य को आईआरबी प्रथम रामनगर से स्थानांतरित कर 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर का उप सेनानायक बनाया गया है।
शांतनु पराशर को उप सेनानायक एसडीआरएफ से अपर पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम नियुक्त किया गया है।
वहीं अंकुश मिश्रा को पुलिस मुख्यालय से स्थानांतरित कर अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना एवं सुरक्षा, अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय उत्तराखंड बनाया गया है।
दूसरी सूची में आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला-2027 हरिद्वार को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार का सेनानायक नियुक्त किया गया है।
हरीश वर्मा को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार से स्थानांतरित कर आईआरबी प्रथम रामनगर का सेनानायक बनाया गया है।
इसके अलावा अमित श्रीवास्तव को आईआरबी प्रथम रामनगर से हटाकर पुलिस अधीक्षक सीबीसीआईडी सेक्टर देहरादून नियुक्त किया गया है।
जितेन्द्र चौधरी, जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात ऊधमसिंहनगर थे, उन्हें पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात देहरादून की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने तथा कार्यभार ग्रहण प्रमाण पत्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
धीरेन्द्र पंवार, जनपद-देहरादून को “मीडिया सलाहकार समिति” में “उपाध्यक्ष” के पद पर कार्यभार
प्रत्यूष सिंह, (पी०सी०एस०) को उनके वर्तमान पदभारों से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सचिव, हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (HRDA), हरिद्वा
राकेश तिवारी, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रुड़की’ के पदभार से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून’ तथा ‘सयुंक्त सचिव, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), देहरादून’
गोपाल राम बिनवाल, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रूड़की’ के पद के सापेक्ष
एतद्वारा श्री धीरेन्द्र पंवार, जनपद-देहरादून को “मीडिया सलाहकार समिति” में “उपाध्यक्ष” के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नामित किया जाता है। उक्त महानुभाव को मंत्रिपरिषद विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-205/14/1/1/XXI/2022 टी०सी० दिनांक 25 अप्रैल, 2025 में उल्लिखित सुविधायें प्रदान की जायेगी जिसका व्यय भार संबंधित विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। इसके अतिरिक्त उनके कर्तव्यों, दायित्वों, अधिकारों एवं सेवा अवधि के सम्बन्ध में सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग के द्वारा पृथक से आदेश निर्गत किये जायेंगे। (आलोक कुमार सिंह) संयुक्त सचिव ।
आदेश/तैनातीः- भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के पत्र संख्या-429, दिनांक 05.06.2026 द्वारा प्रदत्त अनुमति के आलोक में, श्री प्रत्यूष सिंह, (पी०सी०एस०) को उनके वर्तमान पदभारों से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सचिव, हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (HRDA), हरिद्वार’ का पदभार प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। 2-संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर, नवीन पदभार कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे एवं तद्विषयक आख्या/प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध करायेंगे।आदेश/ तैनातीः- भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के पत्र संख्या-429, दिनांक 05.06.2026 द्वारा प्रदत्त अनुमति के आलोक में, श्री राकेश तिवारी, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रुड़की’ के पदभार से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून’ तथा ‘सयुंक्त सचिव, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), देहरादून’ का पदभार प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। 2-संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर, नवीन पदभार कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे एवं तद्विषयक आख्या/प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध करायेंगे।आदेश/तैनातीः- कार्यहित में श्री गोपाल राम बिनवाल, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रूड़की’ के पद के सापेक्ष तैनात किया जाता है। 2- संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल नवीन पदभार ग्रहण करते हुये, तद्विषयक आख्या / प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध करायेंगे। (दीपक कुमार) उप सचिव ।
अधिकारियों को दिये 30 जून तक सभी अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश
कहा, लम्बे समय से मूल तैनाती से इतर जमे हुये हैं शिक्षक व कर्मचारी
देहरादून । विभिन्न विद्यालयों, विभागीय कार्यालयों व अन्य विभागों में सम्बद्ध सभी शिक्षकों को वापस अपने विद्यालयों में जाना होगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आगामी 30 जून तक सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा उन शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सम्बद्धीकरण आदेश भी निरस्त किये जायेंगे जो दूसरे कार्यालयों में तैनात हैं।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार कड़े कदम उठाने से नहीं हिटकेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लम्बे समय से विभिन्न स्कूलों, विभागीय कार्यालयों एवं अन्यत्र विभागों में सम्बद्ध अथवा प्रतिनियुक्ति पर गये शिक्षकों अपने मूल विद्यालय में जाकर बच्चों को पढ़ाना होगा। डाॅ. रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आगामी 30 जून तक सभी शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जो शिक्षक अपने मूल तैनाती स्थल पर नहीं लौटे उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी। डॉ. रावत ने कहा कि अधिकांश अटैचमेंट केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए किए गए थे, लेकिन कई शिक्षक और कर्मचारी वर्षों से अपने मूल विद्यालयों से दूर कार्यरत हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ा है और शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सभी सम्बद्धीकरण आदेश भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी विशेष प्रशासनिक अथवा शैक्षणिक आवश्यकता के तहत सम्बद्धीकरण की जरूरत पड़ती है तो उसे नए सिरे से निर्धारित अवधि के लिए किया जाएगा, जिसकी अधिकतम अवधि केवल एक शैक्षणिक सत्र होगी। डॉ. रावत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बाॅक्स- मिड-डे मील योजना में हेराफेरी की होगी जांच
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने माध्यान भोजन योजना (मिड-डे मील) में हो रही फेराफेरी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुये इसके जांच के आदेश दे दिये हैं। डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जनपद के साथ ही नैनीताल जिले के रामनगर, हल्द्वानी, पौड़ी में कोटद्वार, देहरादून में डोईवाला, रायपुर, विकासनगर व सहसपुर ब्लाॅक के विद्यालयों में मिल-डे मील में हो रही गड़बड़ी की जांच करने को कहा। डॉ. रावत ने कहा कि उन्हें पिछले कुछ समय से विभिन्न माध्यमों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों के माध्यम से मिड-डे मील योजना में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में कुछ विद्यालयों द्वारा छात्र नामांकन संख्या के सापेक्ष अधिक खाद्यान्न की प्रविष्टियां दर्ज करने तथा खाद्यान्न की प्राप्ति और वास्तविक खपत में अंतर होने जैसी गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता से राहुल गांधी ने की वीडियो कॉल पर बात
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की पहल पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता का हालचाल जाना और मामले में न्याय की उनकी लड़ाई के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस संवेदनशील प्रकरण में उनके साथ खड़ी है तथा न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
गणेश गोदियाल ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की जनता आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की भावनाओं और उनकी न्याय की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए यह संवाद महत्वपूर्ण है।
परिवार ने भी राहुल गांधी से बातचीत के दौरान मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और निष्पक्ष जांच व दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई। इस दौरान राहुल गांधी ने परिवार की बात गंभीरता से सुनी और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया।
इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है।
उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था।
उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।
परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, नरेन्द्र यादव मौजूद थे।
डीएम ने भूमिगत विद्युत लाइन कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश
सड़क पर बिखरी निर्माण सामग्री तत्काल हटाएं
अनुमति शर्तों के उल्लंघन पर कार्यवाही की चेतावनी
जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संग जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा कराए जा रहे अंडरग्राउंड केबल बिछाने के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति तथा पर्याप्त मैनपॉवर एवं मशीनरी न लगाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए रोड कटिंग समिति की अनुमति शर्तों का परिपालन करते हुए 05 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने कार्यों की धीमी प्रगति पर यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई के उपरांत निर्माण सामग्री एवं मलबा अव्यवस्थित रूप से बिखरा हुआ है, जिससे आमजन को आवागमन में असुविधा हो रही है। इस पर उन्होंने यूपीसीएल के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री एवं मलबा हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में मैनपॉवर एवं मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा 500-500 मीटर पैच बनाते हुए प्रत्येक पैच पर कार्यों की गति बढ़ाते हुए आगामी पांच दिनों के भीतर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित मार्गों को शीघ्र सड़क पुनर्स्थापन (रोड रिस्टोरेशन) के लिए लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाए, ताकि सड़क मरम्मत का कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने यूपीसीएल को प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप ही संपादित किए जाएं, ताकि जनमानस को बेहतर एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने गैल द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने हेतु ली गई कार्य अनुमति को शर्तों के अनुरूप पूर्ण करते हुए सड़क लोनिवि को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को सड़कों को मानसून से पूर्व ठीक कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा क्षेत्र में यातायात एवं नागरिक सुविधाओं को प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोभाल, अपर जिलाधिकारी वि/रा के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधि0 अभि लोनिवि ओपी सिंह, यूपीसीएल के अधिकारियों सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे- सीएम
अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक
ऋषिकेश। देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं।
यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक में कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है।
स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं।
विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया।
उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।