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  • डॉ. आशीष चौहान ने संभाली डीएम देहरादून की कमान

    डॉ. आशीष चौहान ने संभाली डीएम देहरादून की कमान

    जनसेवा और सुशासन के संकल्प के साथ जिलाधिकारी ने बताई प्राथमिकताएं

    देहरादून। नए जिलाधिकारी के रूप में डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया है। निवर्तमान डीएम सविन बंसल को अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन ने भावुक विदाई दी।
    जनपद की कमान ऐसे प्रशासनिक अधिकारी के हाथों में आई है, जिनकी पहचान भी जनकेंद्रित, संवेदनशील और नवाचार आधारित कार्यशैली के रूप में रही है।

    जिलाधिकारी सविन बंसल ने सितंबर 2024 से देहरादून में अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासन को आमजन के और करीब लाने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में कई ऐसी नयी पहल शुरू हुईं, जिन्होंने सीधे समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को राहत और नई दिशा देने का कार्य किया।

    बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘नंदा-सुनंदा’ पहल विशेष रूप से चर्चा में रही। इसके साथ ही भिक्षावृत्ति और कूड़ा बीनने में लगे बच्चों के पुनर्वास के लिए भी जिला प्रशासन ने अभियान चलाया, जिसके तहत ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा उपलब्ध कराने और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में कार्य किया गया। इसके अतिरिक्त जनसुनवाई, त्वरित शिकायत निस्तारण, जरूरतमंदों तक योजनाओं की पहुंच, संवेदनशील प्रशासनिक हस्तक्षेप और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहलों के कारण सविन बंसल को एक “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” के रूप में पहचान मिली। यही कारण रहा कि उनके स्थानांतरण की खबर के बाद आमजन ने भावुकता के साथ उन्हें विदाई दी।

    अब देहरादून को नए जिलाधिकारी के रूप में डॉ. आशीष चौहान का नेतृत्व मिला है, जिनकी कार्यशैली भी जनता से सीधे संवाद, तकनीक आधारित समाधान और जनहितकारी नवाचारों के लिए जानी जाती है। डॉ आशीष चौहान, भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी है।

    नव नियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को कोषागार पहुंचकर विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने से पूर्व उन्होंने कोषागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
    उन्होंने कोषागार में सभी रिकार्डो को व्यवस्थित एवं सुरक्षित संरक्षण करने और डिजिटल माध्यम से पेंशनरों का सत्यापन कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।
    साथ ही चारधाम यात्रा प्रबंधन को सशक्त बनाना, आपदा प्रबंधन के कार्यो को समयबद्व पूर्ण करना एवं जनपद के विकास योजनाओं का त्वरित गति से पूर्ण कराना करना और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सुगमता से जनता तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। कार्यभार ग्रहण करने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नवागत जिलाधिकारी का स्वागत किया।

    उल्लेखनीय है कि आईएएस डा. आशीष चौहान इससे पूर्व पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे चुनौतीपूर्ण जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कार्यकाल में तकनीक आधारित जनहितकारी पहल, स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, सड़क सुरक्षा, जन संवाद और पर्यटन विकास जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए, जिन्हें प्रदेश स्तर पर सराहा गया।

    पौड़ी जनपद में उनके नेतृत्व में शुरू किया गया ‘सेफ सफर ऐप’ सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में सामने आया। विवाह समारोहों में किराये पर चलने वाले वाहनों की निगरानी और पंजीकरण के लिए विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने ओवरलोडिंग, नशे में वाहन संचालन और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया।

    स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में डॉ. चौहान की पहल ‘काव्या ऐप’ विशेष रूप से चर्चा में रही। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस ऐप के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, पंजीकरण और लगातार निगरानी सुनिश्चित की गई। पहाड़ी क्षेत्रों में समय पर सुरक्षित प्रसव की चुनौती को देखते हुए यह पहल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में बेहद प्रभावी साबित हुई।

    पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में भी उनके नेतृत्व में कई कार्य हुए। पौड़ी में हिमालय दर्शन स्थल के समीप विकसित हो रहा ‘त्रिशूल पार्क’ इसी सोच का परिणाम है। धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे इस पार्क में 56 फीट ऊंचा भव्य त्रिशूल स्थापित किया गया है, जो आने वाले समय में प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने जा रहा है।

    डॉ. आशीष चौहान की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने हर योजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी। तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. चौहान से अब देहरादून में भी जनहितकारी और नवाचार आधारित प्रशासनिक कार्यशैली की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

  • ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के ब्योरे की नियमित जांच सुनिश्चित हो

    ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के ब्योरे की नियमित जांच सुनिश्चित हो

    भू कानून का उल्लंघन किया तो सरकार ले लेगी आपकी जमीन ..समझ में आया कुछ

    बिजली कटौती की पूर्व सूचना जनता को दी जाय

    मुख्यमंत्री ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

    ‘सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाएं’

    खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भू कानून का उल्लंघन करने वालों की जमीन को सरकार अपने अधिकार में ले लेगी। साथ ही ‘ उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के ब्योरे की भी नियमित जांच की जाय।

    सीएम धामी ने खटीमा के अपने आवास से
    जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में यह निर्देश दिए।
    इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ग्राम सभाओं में स्थित सरकारी भूमि की भी जांच की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में भू कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई जमीनों की जांच भी की जाए। उन्होंने कहा इस अभियान में तेजी लाते हुए त्वरित सुनवाई की जाए एवं भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थित शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा वक्फ संपत्तियों का ब्योरा, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किए जाने की नियमित समीक्षा हो। साथ ही इस ब्योरे की भी नियमित जांच की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच भी की जाए एवं आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को चिन्हित भी किया जाए।
    जनसेवा केंद्रों की जांच एवं अवैध राशन कार्ड बनाकर सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे अपात्र लोगों को चिन्हित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। मुख्यमंत्री ने संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

    आगामी मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों को पूर्व तैयारियाँ समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा प्रत्येक जिले में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।
    उन्होंने आंतरिक क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने, ग्रीष्मकालीन समय को देखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ कहीं भी पानी की समस्या या तकनीकी दिक्कत हो, उसे तत्काल प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अनावश्यक ऊर्जा कटौती किसी भी स्थिति में न हो।उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली कटौती आवश्यक हो, तो इसकी पूर्व सूचना स्थानीय स्तर पर समय रहते आम जनता तक पहुँचाई जाए, जिससे लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर आने वाले श्रद्धालुओं से निरंतर फीडबैक भी लिया जाए और प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों के आधार पर व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा रूट पर पीने के पानी की समुचित उपलब्धता बनाए रखने तथा ट्रैफिक की प्रभावी कार्ययोजना के भी निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानसखंड यात्रा के अंतर्गत कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को आगामी माह तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं उद्यान विभाग के माध्यम से पॉली हाउस, एप्पल मिशन, कीवी मिशन जैसी संचालित अनेक योजनाओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक रूप से किसानों तक उनका लाभ पहुँचाने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा हो सके।

    मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को और अधिक तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जोशीमठ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता एवं निगरानी बढ़ाई जाए।

  • उत्तराखण्ड के चार धामों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, आस्था से गूंजे पर्वतीय धाम

    उत्तराखण्ड के चार धामों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, आस्था से गूंजे पर्वतीय धाम

    हेमकुंट साहिब के कपाट खुले

    श्रद्धालुओं की संख्या पहुंची 20.76 लाख के पार*

    केदारनाथ में पहुंच चुके हैं 8 लाख 11 हजार से अधिक श्रद्धालु

    देहरादून। चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त होने से यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। आज शनिवार को रिकॉर्ड 96 हजार 116 तीर्थयात्रियों ने चारधाम दर्शन किए।
    कुल दर्शनार्थियों का आंकड़ा 20 लाख 76 हजार को पार कर चुका है जबकि केदारनाथ में 08 लाख 11 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से आपदा प्रबंधन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।

    धामी सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन के चलते चारधाम यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा का विगत 19 अप्रैल को श्रीगणेश हुआ था और आज शनिवार 23 मई तक यानी 35 दिनों में 20 लाख 76 हजार 553 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 8,11,923, बद्रीनाथ में 5,56,437, गंगोत्री में 3,52,162 और यमुनोत्री धाम में 3,56,031तीर्थयात्री पहुंचे हैं।

    आज शनिवार को एक दिन में ही चारों धामों में 96 हजार 116 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बद्रीनाथ में सर्वाधिक 32,219 तीर्थयात्री पहुंचे। जबकि केदारनाथ में 29,787, यमुनोत्री में 16,213 और गंगोत्री धाम में 17,897 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

    हेमकुंट साहिब में कपाटोद्घाटन के साक्षी बने 6605 श्रद्धालु

    विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंट साहिब के कपाट आज शनिवार को आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। पहले दिन 06 हजार 605 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पंच प्यारों की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार सुबह रवाना होकर हेमकुंट साहिब पहुंचा. ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों से पूरी लोकपाल घाटी गूंज उठी।

  • मतदाता जागरूकता एवं पुनरीक्षण अभियान SIR  में BLO को सहयोग देने की अपील

    मतदाता जागरूकता एवं पुनरीक्षण अभियान SIR में BLO को सहयोग देने की अपील

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने ली आगामी SIR को लेकर समीक्षा बैठक

    प्री एसआईआर फेज में 89% मैपिंग

    देहरादून। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने उत्तराखण्ड दौरे के दूसरे दिन रविवार को देहरादून स्थित राज्य अतिथि गृह बीजापुर में एसआईआर की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य “एब्सेंट,शिफ्टेड,डेथ, डूप्लीकेट और विदेशी मतदाताओं“ को चिन्हित कर मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी मतदाताओं से आगामी एसआईआर में अपना नवीनतम पासपोर्ट फोटो उपलब्ध कराने के साथ ही SIR मे बीएलओ को सहायोग करने की अपील की है।

    बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अवगत कराया कि प्रदेश में प्री-SIR फेज में 89 % मैपिंग की गई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में गणना प्रपत्रों के प्रिंटिंग की तैयारी पूर्ण हो चुकी है। डीईओ,डिप्टी डीईओ,ईआरओ/एईआरओ के प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूरा कर दिया गया है, बीएलओ और अन्य फ़ील्ड स्टाफ प्रशिक्षण गतिमान है।

    बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को यह भी बताया गया कि प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न माध्यमों से मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं ईआरओ को राजनैतिक दलों के साथ प्रत्येक सप्ताह बैठक करने के निर्देश दिए हैं।

    इस दौरान मुख्य सचिव  आनंद बर्द्धन, एडीजी डॉ. वी मुरुगेशन, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी देहरादून  सविन बंसल, नवनियुक्त जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, सीडीओ  अभिनव शाह, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रकाश दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी  किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह उपस्थित रहे।

  • लेखक गांव में बिखरी साहित्य और संस्कृति की मनमोहक छटा

    लेखक गांव में बिखरी साहित्य और संस्कृति की मनमोहक छटा

    रस्किन बॉन्ड फेस्टिवल

    थानों। भारत के पहले “लेखक गाँव” में आयोजित रस्किन बॉन्ड फेस्टिवल साहित्य, कला, संगीत और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बनकर सामने आया। द रस्किन बॉन्ड फाउंडेशन तथा स्टोनएक्स ग्लोबल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में देशभर से साहित्य प्रेमियों, कलाकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्कृति से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
    इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री, भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी उपस्थित रहीं।
    डॉ. किरण बेदी ने लेखक गाँव की अवधारणा की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक स्थान नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मक चेतना का जीवंत केंद्र है, जहाँ साहित्य समाज निर्माण की शक्ति बनकर उभरता है।
    मंच पर लेखक गाँव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’, सिद्धार्थ बॉन्ड, स्टोनएक्स के सीएमओ सुशांत पाठक, आर्ट डायरेक्टर श्वेता अग्रवाल एवं स्टोनएक्स सीबीओ श्रेयांश शर्मा भी उपस्थित रहे।
    स्वागत उद्बोधन में आयोजकों ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है और कहानियाँ पीढ़ियों को जोड़ने का कार्य करती हैं। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से पुस्तकों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि रस्किन बॉन्ड जैसे साहित्यकार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के दीपस्तंभ हैं।
    विशिष्ट अतिथि डॉ. किरण बेदी ने अपने संबोधन में कहा कि कहानियाँ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि लेखक गाँव जैसे रचनात्मक केंद्र युवाओं को संवेदनशीलता, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं, जो भविष्य के समाज निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
    सिद्धार्थ बॉन्ड ने रस्किन बॉन्ड फाउंडेशन की सांस्कृतिक दृष्टि, साहित्यिक विरासत और संस्था की रचनात्मक पहलों पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात स्टोनएक्स ग्लोबल की विशेष प्रस्तुति में सुशांत पाठक ने “आर्ट आइकॉन और मास्टरी” विषय पर संस्था की सांस्कृतिक पहल “साधना श्रृंखला” का परिचय देते हुए कहा कि कला और साहित्य में वर्षों की तपस्या, अनुशासन और समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।
    कार्यक्रम में “मास्टरी” शीर्षक विशेष चलचित्र का प्रदर्शन किया गया, जिसमें रस्किन बॉन्ड के जीवन, उनकी लेखन यात्रा, प्रकृति प्रेम और हिमालय से उनके गहरे संबंध को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रसिद्ध कवयित्री प्रिया मलिक ने “द आर्ट ऑफ़ बिलॉन्गिंग” विषय पर अपनी विशेष काव्य प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
    कार्यक्रम के अंतर्गत लेखक सक्षम गर्ग एवं एरिक चोपड़ा के मध्य एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित हुई। चर्चा का विषय था — “ऐसे पात्रों का निर्माण जो वास्तविक प्रतीत हों”। इस दौरान कहानी कहने की परंपरा, संवेदनशील लेखन और चरित्र निर्माण की कला पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। लेखक गाँव द्वारा एक विशेष वीडियो प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें लेखक गाँव की अवधारणा, उसकी सांस्कृतिक यात्रा और रचनात्मक पहलों को दर्शाया गया।
    लेखक गाँव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने साहित्य, संस्कृति और संवेदनशीलता के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में रचनात्मक चेतना को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। इसके पश्चात रस्किन बॉन्ड के सम्मान में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर श्वेता अग्रवाल ने कला अवधारणा एवं उसके सृजनात्मक पक्ष पर प्रकाश डाला।

    समारोह का समापन सुप्रसिद्ध उत्तराखंडी लोक गायिका मीना राणा की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर रस्किन बॉन्ड का विशेष संदेश भी साझा किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि कहानियाँ तभी जीवित रहती हैं जब लोग उन्हें पढ़ते हैं, साझा करते हैं और पीढ़ियों तक आगे बढ़ाते हैं। लेखक गाँव की वादियों में आयोजित इस साहित्य महोत्सव को उन्होंने अत्यंत आत्मीय और भावुक अनुभव बताया।

  • गढ़वाल कमिश्नरी  आईएएस आनन्द व आशीष बने डीएम दून

    गढ़वाल कमिश्नरी आईएएस आनन्द व आशीष बने डीएम दून

    देहरादून। शासन ने शनिवार की देर रात कई आईएएस व पीसीएस अफसरों के कार्यों में फेरबदल किया।

    आईएएस आनन्द स्वरूप बने गढ़वाल आयुक्त

    आईएएस विनय शंकर पांडे को नागरिक उड्डयन समेत कई खास जिम्मेदारी मिली

    आईएएस आशीष चौहान को बनाया देहरादून का डीएम

    आईएएस सविन बंसल बने सचिव नियोजन

    आईएएस आलोक पांडे बने दून नगर निगम आयुक्त

    आईएएस अपूर्वा पांडे बनी बागेश्वर की डीएम

  • कन्नड़ एवं तमिल फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री संचिता शेट्टी  पहुंचीं परमार्थ निकेतन

    कन्नड़ एवं तमिल फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री संचिता शेट्टी पहुंचीं परमार्थ निकेतन

    योग, ध्यान और गंगा आरती से जुड़कर शांति व आत्मिक संतुलन का दिया संदेश

    ऋषिकेश। कन्नड़ एवं तमिल फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री संचिता शेट्टी इन दिनों परमार्थ निकेतन में आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए प्रवास पर हैं। आधुनिक जीवन की चकाचौंध और भागदौड़ के बीच उन्होंने आध्यात्मिक जीवन शैली को अपनाने का संदेश दिया।
    परमार्थ निकेतन में प्रवास के दौरान संचिता शेट्टी ने योग, ध्यान, मौन, साधना और आत्मचिंतन के माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को आत्मसात किया। इस दौरान उन्होंने स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में जीवन, आत्मा, सफलता, मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

    स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि वास्तविक सफलता वही है, जिसमें मन को शांति और संतुष्टि प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को करियर के साथ-साथ संस्कार और आत्मिक संतुलन की भी आवश्यकता है। वहीं साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि आध्यात्मिकता संसार से दूर भागना नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानकर समाज और मानवता के लिए सकारात्मक ऊर्जा बनना है।

    संचिता शेट्टी ने कहा कि परमार्थ निकेतन आत्मजागरण और आंतरिक शांति का दिव्य केंद्र है। यहां आकर उन्होंने महसूस किया कि वास्तविक शांति बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि अपने भीतर होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव और अकेलेपन जैसी समस्याओं से उबरने के लिए योग, ध्यान और आध्यात्मिकता अत्यंत आवश्यक हैं।

    प्रवास के दौरान उन्होंने परमार्थ निकेतन में आयोजित मासिक श्रीराम कथा में सहभाग कर भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा के संदेशों को आत्मसात किया। साथ ही विश्व शांति हवन में आहुतियां अर्पित कर मानवता और प्रकृति के कल्याण की कामना की तथा मां गंगा के तट पर आयोजित दिव्य गंगा आरती में भी सहभाग किया।

    परमार्थ निकेतन का आध्यात्मिक वातावरण, हिमालय की ऊर्जा और गंगा की पवित्रता देश-विदेश से आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन दर्शन से जोड़ रही है। संचिता शेट्टी का यह आध्यात्मिक प्रवास आधुनिकता और आध्यात्मिकता के संतुलित समन्वय का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।

  • सीएम धामी ने नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन को दिखाई हरी झंडी

    सीएम धामी ने नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन को दिखाई हरी झंडी

    मुख्यमंत्री ने “क्यालु- हिम तेंदुआ” शुभंकर का किया अनावरण

    देश के 27 राज्यों और 2 देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण

    नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और युवा उद्यमिता को देगा नई गति : मुख्यमंत्री

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में हिस्सा लिया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मई 2026 को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर “क्यालु- हिम तेंदुआ” का अनावरण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है।
    उन्होंने कहा कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास रचेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

    इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।

  • जमीन घोटाले का मास्टरमाइंड दून पुलिस के शिकंजे में

    जमीन घोटाले का मास्टरमाइंड दून पुलिस के शिकंजे में

    देहरादून। फौजियों और पहाड़ के लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों की ठगी, 20 हजार का इनामी गिरफ्तार देहरादून में जमीन के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले शातिर जालसाज को दून पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। पहाड़ के भोले-भाले लोगों, फौजियों और दूसरे राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को सस्ते दामों पर जमीन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रदीप सकलानी को उसके साथी अजय सजवाण के साथ डालनवाला क्षेत्र से दबोचा गया।
    आरोपी के खिलाफ भूमि धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत 27 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    पुलिस के अनुसार सहस्त्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रदीप सकलानी, अभय कुमार और अजय सजवाण ने ग्राम सौंडा सरोली स्थित भूमि को अपने परिचितों की बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और 30 लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए।

    बाद में पता चला कि जमीन के वास्तविक मालिकों ने आरोपियों को बिक्री का कोई अधिकार नहीं दिया था।
    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने फर्जी अनुबंध पत्र तैयार कर पीड़ित से धोखाधड़ी की और रकम वापस मांगने पर दिए गए चेक भी बाउंस हो गए। मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी लगातार फरार चल रहा था, जिस पर एसएसपी देहरादून ने 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

    एसएसपी परमेन्द्र डोभाल के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एकता विहार, डालनवाला से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
    पुलिस के मुताबिक प्रदीप सकलानी बेहद शातिर अपराधी है, जो खुद को पहाड़ी मूल का बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। इसके बाद वह सस्ते दामों में जमीन दिलाने का लालच देकर किसी अन्य की भूमि को अपनी बताकर लोगों से मोटी रकम ठग लेता था।
    आरोपी के खिलाफ देहरादून के अलग-अलग थानों में भूमि धोखाधड़ी के 27 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। साथ ही एनआई एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामले न्यायालयों में लंबित हैं।

  • राज्य बाल कल्याण परिषद ने सदस्यता अभियान का किया शुभारंभ

    राज्य बाल कल्याण परिषद ने सदस्यता अभियान का किया शुभारंभ

    जरूरतमंद बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे आएं

    शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण के लिए समाज से सहयोग की अपील

    आजीवन सदस्यता हेतु आवेदन आमंत्रित

    देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद ने प्रदेश के निर्धन, निराश्रित, अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के कल्याण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समाज के जागरूक लोगों से सहयोग का आह्वान किया है।
    परिषद ने आजीवन सदस्यता अभियान शुरू करते हुए इच्छुक नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
    परिषद का कहना है कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम समाज के सहयोग से ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

    परिषद की पदेन अध्यक्ष महामहिम राज्यपाल, उत्तराखण्ड हैं।
    परिषद वर्षभर जरूरतमंद बच्चों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित करती है, जिनका समय-समय पर महामहिम राज्यपाल द्वारा अनुश्रवण और मार्गदर्शन भी किया जाता है।

    परिषद के कार्यक्रमों को सफल बनाने में कार्यकारिणी सदस्यों एवं आजीवन सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
    आजीवन सदस्यता के इच्छुक व्यक्ति निर्धारित आवेदन पत्र भरकर परिषद कार्यालय अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
    सदस्यता के लिए एकमुश्त ₹2000 शुल्क निर्धारित किया गया है।

    इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष ₹1200 सहयोग राशि अथवा स्वेच्छानुसार अधिक राशि परिषद के भारतीय स्टेट बैंक खाते में जमा कराई जा सकती है।
    परिषद का बैंक खाता संख्या 10159526266 तथा IFSC कोड SBIN0010630 है। परिषद ने समाजसेवियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अभियान से जुड़कर अपना सहयोग प्रदान करें।