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  • देहरादून के 32 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026

    देहरादून के 32 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026

    24 मई को दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा

    12,545 अभ्यर्थी होंगे शामिल

    केंद्रों पर रहेगी कडी निगरानी

    निष्पक्ष परीक्षा संचालन के लिए प्रशासन अलर्ट, प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां तय

    देहरादून । जनपद में 24 मई को आयोजित होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
    परीक्षा जनपद के 32 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी, जिसमें कुल 12,545 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

    जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, नोडल अधिकारी पुलिस, केंद्र व्यवस्थापक एवं संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
    उन्होंने सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का पूर्व में स्थलीय निरीक्षण करने तथा केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे, फेस ऑथेंटिकेशन एप एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता से जांच सुनिश्चित करने को कहा।

    उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा से एक दिन पूर्व सभी परीक्षा केंद्रों को पूर्ण रूप से सैनिटाइज किया जाए। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को अपने मोबाइल नंबर संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध कराने तथा परीक्षा अवधि के दौरान मोबाइल फोन सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।

    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया गया कि परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली प्रातः 9ः30 बजे से 11ः30 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 2ः30 बजे से 4ः30 बजे तक संपन्न होगी। प्रथम पाली के प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेट प्रातः 07 बजे तथा द्वितीय पाली के प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेट प्रातः 11 बजे कोषागार के डबल लॉकर से प्राप्त कर नियत समय से पूर्व संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे।

    अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता, सुरक्षा व्यवस्था एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    बैठक में पुलिस अधीक्षक सिटी प्रवीण कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल सहित जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस के नोडल अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित थे।

  • सीएम का बड़ा फैसला: फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी सीधी भर्ती

    सीएम का बड़ा फैसला: फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी सीधी भर्ती

    वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य एवं मानसून तैयारियों की समीक्षा की

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

    वनाग्नि नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल अपनाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, वनाग्नि रोकथाम के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने पर बल दिया।

    पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर

    ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पूरी उपलब्धता बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो।
    उन्होंने मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं।

    मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव करेंगे स्थलीय निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

    अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

    स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए तथा मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • उत्तराखंड में हीट वेव का खतरा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

    उत्तराखंड में हीट वेव का खतरा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

    जिलों को जारी एडवाइजरी- हीटस्ट्रोक कक्ष, दवाओं की उपलब्धता और रोजाना रिपोर्टिंग अनिवार्य

    हीट-सम्बंधित बीमारियों से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- सचिन कुर्वे

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी एडवाइजरी के तहत सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हीट-सम्बंधित बीमारियों (HRI) की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस बार सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए समय रहते व्यापक रणनीति लागू कर दी है, ताकि जनहानि को न्यूनतम रखा जा सके और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार रहें।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी निर्देशों में सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हीट-सम्बंधित बीमारियों (HRI) की रोकथाम और प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा मार्च से मई के बीच सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताए जाने के बाद यह एडवाइजरी और भी अहम हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर हीट स्ट्रोक और इससे होने वाली मौतों को न्यूनतम किया जा सके।

    अस्पतालों में विशेष इंतजाम

    राज्य के जिला और उप-जिला अस्पतालों में हीटस्ट्रोक कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कक्षों में मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए कूलिंग सिस्टम, आइस पैक, ठंडे IV फ्लूइड और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। “पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें” प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सके। इसके अलावा ORS, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जरूरी दवाओं की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    रोजाना निगरानी और रिपोर्टिंग

    हीट वेव के प्रभाव पर नजर रखने के लिए 1 मार्च 2026 से दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। सभी जिला इकाइयों को IHIP प्लेटफॉर्म पर हीट-सम्बंधित मामलों की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। मरीज-स्तर की जानकारी संकलित करने के साथ-साथ संदिग्ध मौतों की जांच और ऑडिट भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध रिपोर्टिंग में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    संवेदनशील वर्ग पर खास फोकस

    एडवाइजरी में शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों को सबसे अधिक जोखिम वाला वर्ग बताया गया है। इन समूहों के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और नियमित रूप से पानी पीने की सलाह दी गई है। साथ ही ठंडे इलाकों से आने वाले लोगों को 10-15 दिन का अनुकूलन समय देने की बात भी कही गई है।

    सार्वजनिक आयोजनों के लिए गाइडलाइन

    गर्मी के दौरान होने वाले सामूहिक आयोजनों और खेल गतिविधियों के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। दोपहर के समय बाहरी कार्यक्रमों से बचने और हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। बड़े आयोजनों में चिकित्सा टीमों की तैनाती, ORS और आइस बॉक्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    अग्नि सुरक्षा पर भी जोर

    बढ़ते तापमान के साथ बिजली के उपकरणों पर लोड बढ़ने की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ICU सहित सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विद्युत लोड ऑडिट, स्मोक डिटेक्टर और फायर फाइटिंग सिस्टम की कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    हीट-सम्बंधित बीमारियों से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- सचिन कुर्वे

    स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि राज्य सरकार हीट वेव की चुनौती को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सभी जिलों को समय रहते तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में हीटस्ट्रोक कक्ष, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। कुर्वे ने स्पष्ट किया कि हीट-सम्बंधित बीमारियों से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है और सभी जिलों से रोजाना रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, विशेषकर दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। कुर्वे ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

    हीट वेव से निपटने के लिए राज्यभर में माइक्रो-लेवल प्लानिंग- मनुज गोयल

    एनएचएम के मिशन निदेशक मनुज गोयल ने बताया कि हीट वेव से निपटने के लिए राज्यभर में माइक्रो-लेवल प्लानिंग की जा रही है। सभी स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि IHIP पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। गोयल ने कहा कि जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है और इसके लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोग समय रहते सावधानी बरत सकें।

  • महिला अधिवक्ता के उत्पीड़न मामले में केशव थलवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    महिला अधिवक्ता के उत्पीड़न मामले में केशव थलवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    नया मोड़- मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का आरोप

    देहरादून। चर्चित केशव थलवाल प्रकरण में नया मोड़ आ गया है।
    कोतवाली नगर पुलिस ने एक विशेष रूप से सक्षम (स्पेशली एबल्ड) महिला अधिवक्ता की शिकायत पर केशव थलवाल  के खिलाफ मानसिक, आर्थिक और सामाजिक उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी पर सोशल मीडिया के माध्यम से महिला को बदनाम करने, शादी का दबाव बनाने और आत्महत्या की धमकी देकर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मुकदमा दून में 18 मई को दर्ज किया गया।

    पुलिस को दी गई शिकायत में महिला अधिवक्ता ने बताया कि उसकी पहचान “जागो उत्तराखण्ड” नामक फेसबुक पेज के माध्यम से केशव थलवाल से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को पीड़ित और आर्थिक रूप से कमजोर बताकर महिला का विश्वास जीता तथा भावनात्मक बातें कर अलग-अलग माध्यमों से उससे धनराशि प्राप्त की।

    आरोप है कि जब महिला ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने अपमानजनक व्यवहार करते हुए पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। साथ ही महिला की निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी गई।

    महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने परिचितों के बीच उसे अपनी गर्लफ्रेंड बताकर शादी के लिए दबाव बनाया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर झूठे वीडियो प्रसारित कर बदनाम करने और आत्महत्या कर सुसाइड नोट में उसका नाम लिखकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    शिकायत के अनुसार, 3 मई 2026 को महिला को एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने स्वयं को त्रिलोक नकोटी बताते हुए कहा कि केशव थलवाल ने आत्महत्या का प्रयास किया है और वह अस्पताल में भर्ती है। कॉलर ने इसके लिए महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर आरोपी से शादी करने का दबाव बनाया तथा मना करने पर सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी।

    पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 183/2026 धारा 318(2), 351(3) और 78 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    गौरतलब है कि कुछ महीने पूर्व केशव थलवाल ने पुलिसकर्मी धर्मेंद्र रौतेल व अन्य के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाया था। थलवाल ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया।
    इस मामले में हाईकोर्ट ने भी पुलिस के रवैये की आलोचना की थी। अब महिला अधिवक्ता के आरोप के बाद इस प्रकरण में नया मोड़ आ गया है।

  • बेहतर समन्वय से विकसित भारत को नई गति: धामी

    बेहतर समन्वय से विकसित भारत को नई गति: धामी

    बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक

    मां नंदा राजजात यात्रा और 2027 कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु समन्वय एवं सहयोग पर हुई चर्चा

    आंतरिक सुरक्षा, आधारभूत विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन

    उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्यरत है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

    बस्तर, छत्तीसगढ़ । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने, आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, आधारभूत संरचनाओं के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि राज्यों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और समन्वय से ही देश के समग्र एवं संतुलित विकास को नई गति प्रदान की जा सकती है।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सहकारी एवं समन्वित संघीय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान उत्तराखंड में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध मां नंदा राजजात यात्रा एवं दिव्य और भव्य कुंभ मेले की तैयारियों से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता से रखा।

    उन्होंने कहा कि ये दोनों आयोजन केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन हैं। इन आयोजनों में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए केंद्र एवं राज्यों के समन्वित सहयोग की आवश्यकता होगी।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्यों के सहयोग से मां नंदा राजजात यात्रा और कुंभ मेले का आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से सफल होगा।

    बैठक में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों के मध्य समन्वय बढ़ाने, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया।
    उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्यों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं संयुक्त प्रयासों को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनकल्याण, सुशासन, आधारभूत विकास, पर्यटन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा युवाओं एवं महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है।
    राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री , छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न राज्यों के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

  • सीएम धामी ने पूर्व सीएम खंडूड़ी को श्रद्धांजलि दी

    सीएम धामी ने पूर्व सीएम खंडूड़ी को श्रद्धांजलि दी

    बसंत विहार स्थित निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी ने खण्डूरी परिवार को दी सांत्वना

    उत्तराखंड ने खोया एक अनुशासित सैनिक, कुशल प्रशासक और जनप्रिय नेता- मुख्यमंत्री धामी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित बसंत विहार में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    छत्तीसगढ़ प्रवास से देहरादून पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी सीधे स्वर्गीय खण्डूरी के निवास पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें विनम्र नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूरी का जीवन अनुशासन, राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और जनकल्याण के मूल्यों का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाएं देने के पश्चात उन्होंने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भी उच्च आदर्श स्थापित किए।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत आधार प्रदान करने में स्वर्गीय श्री खण्डूरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यहित में अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए, जिनका लाभ आज भी प्रदेशवासियों को प्राप्त हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय खण्डूरी की पुत्री विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी सहित अन्य परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षति केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश की अपूरणीय क्षति है।

    मुख्यमंत्री धामी ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

    इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे .

  • हर विकासखंड में विकसित होगा आदर्श सहकारिता गांव

    हर विकासखंड में विकसित होगा आदर्श सहकारिता गांव

    कुमाऊं मंडल में सहकारिता की समीक्षा बैठक

    गांव-गांव तक पहुंचेंगी बैंकिंग सेवाएं : डॉ. धन सिंह रावत

    अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विकास भवन सभागार, अल्मोड़ा में कुमाऊं मंडल के समस्त जनपदों के अधिकारियों के साथ सहकारिता विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में सहकारिता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक में कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विकासखंड में एक-एक आदर्श सहकारिता गांव विकसित किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता मॉडल को सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम है।

    डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को गांव स्तर तक सुदृढ़ बनाया जाए तथा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से अधिकाधिक सेवाएं आमजन तक पहुंचाई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए तथा सहकारिता समितियों को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग को शत-प्रतिशत कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति आएगी। साथ ही सभी किसानों को समृद्धि कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें विभिन्न योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

    उन्होंने अधिकारियों से सहकारिता योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा गांव स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग सहकारिता आंदोलन से जुड़ सकें।

    बैठक में विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा अपर निबंधक आनंद शुक्ला संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल एम पी त्रिपाठी कुमाऊं मंडल के समस्त सहायक निबंधक सहित विभिन्न जनपदों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उत्तराखण्ड के पूर्व सीएम जनरल बी.सी. खंडूड़ी का निधन

    उत्तराखण्ड के पूर्व सीएम जनरल बी.सी. खंडूड़ी का निधन

    तीन दशक के राजनीतिक जीवन में बहुत सम्मान कमा गए जनरल खण्डूड़ी

    जनरल खण्डूड़ी पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली के प्रतीक-धामी

    देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खण्डूड़ी का मंगलवार को देहरादून में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था।
    प्रदेश की स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी ने उनके निधन की सूचना देते हुए कहा- बहुत दुख के साथ सूचित कर रही हूँ कि अभी अभी हमारे आदरणीय जनरल साहब नहीं रहे।

    पूर्व सीएम के निधन पर प्रदेश के राज्यपाल,सीएम व विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

    सीएम धामी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।

    खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा।

    राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।

    ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

    जनरल खंडूड़ी का राजनीतिक सफर

    गौरतलब है कि जनरल खण्डूड़ी ने रिटायरमेंट के बाद 1991 में भाजपा के टिकट पर पौड़ी लोकसभा का चुनाव जीता था। खण्डूड़ी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया था। 2007 में भाजपा की सरकार आने पर खण्डूड़ी को उत्तराखण्ड का सीएम बनाया गया। लेकिन जून 2009 में उन्हें सीएम के पद से हटा कर निशंक को सत्ता सौंपी। लेकिन अक्टूबर 2009 में खण्डूड़ी को 2011 अक्टूबर में फिर से सीएम बनाया गया।

    2012 में सीएम खण्डूड़ी कोटद्वार विधानसभा से चुनाव हार गए। उनकी हार के बाद भाजपा प्रदेश में दुबारा सरकार बनाने से चूक गयी।

    2014 में खंडूड़ी ने पौड़ी लोकसभा से चुनाव जीता। 2019 में भाजपा ने जनरल बीसी खण्डूड़ी के बजाय तीरथ सिंह रावत को पौड़ी लोकसभा से टिकट दिया।
    टिकट नहीं मिलने के बाद जनरल खण्डूड़ी को राज्यपाल बनाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद खण्डूड़ी ने स्वंय को सक्रिय राजनीति से दूर कर लिया।
    पूर्व सीएम खण्डूड़ी को प्रदेश में सशक्त भू कानून व लोकायुक्त के गठन के अलावा राजनीति में स्वच्छ छवि व सुशासन के लिए याद किया जाएगा।

    1991 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर 2019 में आकर थम गया। लेकिन 30 साल के बेदाग राजनीतिक जीवन में खण्डूड़ी को हमेशा बेहद आदरभाव से याद किया जाता रहेगा…

  • सीएम ने अत्याधुनिक एम्बुलेंस सेवाओं का किया शुभारंभ

    सीएम ने अत्याधुनिक एम्बुलेंस सेवाओं का किया शुभारंभ

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एचडीएफसी बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत जनहित के लिए प्रदान की गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया।
    यह पहल राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निजी संस्थाओं द्वारा जनहित में किया जा रहा सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। एचडीएफसी बैंक द्वारा CSR के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं ये एम्बुलेंस जरूरतमंद लोगों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य सरकार जनभागीदारी एवं संस्थागत सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने एचडीएफसी बैंक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों, आपदा की स्थितियों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों और आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए भी एचडीएफसी बैंक से CSR के माध्यम से और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

    बैंक अधिकारियों ने अवगत कराया कि इन एम्बुलेंस में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एवं आवश्यक आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही आगामी तीन वर्षों तक प्रत्येक एम्बुलेंस में चिकित्सक, नर्स, अटेंडेंट एवं चालक की व्यवस्था भी बैंक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
    प्रारंभिक चरण में ये एम्बुलेंस चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ एवं रुद्रप्रयाग जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी तथा भविष्य में राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में भी इनका उपयोग किया जाएगा।

    इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, विनोद कंडारी,अपर सचिव मनमोहन मैनाली, एचडीएफसी बैंक के से मुस्कान सिंह (ब्रांच बैंकिंग हेड- नॉर्थ 3), संजीव कौशिक (रीजनल हेड- नॉर्थ 3), जोनल हेड उत्तराखंड बकुल सिक्का, स्टेट हेड उत्तराखंड गौरव जैन एवं आयुष सिंघल मौजूद थे।

  • नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार साल में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर, उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकानाएं प्रेषित की है।

    मुख्यमंत्री धामी ने पत्र में कहा है कि उत्तराखण्ड की जनता द्वारा उन्हें वर्ष 2022 में दूसरी बार मुख्य मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा गया था। इस जनादेश की भावना के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने के लिए, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का व्यापक अभियान शुरु किया गया। इसके बाद बीते चार साल में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को राजकीय सेवक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है, यह अभियान आगे भी जारी है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्र में कहा है कि अब युवा अपनी शानदार प्रतिभा और कठोर मेहनत के आधार पर राजकीय सेवा में चयनित हो रहे हैं। इस योग्यतम चयन में जहाँ एक ओर युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का योगदान है, वहीं राज्य सरकार के कठोर नकल विरोधी कानून के साथ ही निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने भी युवा प्रतिभा को उचित सम्मान मिलना सुनिश्चित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य के राजकीय सेवक के रूप में चयन होना सभी कार्मिकों के परिवार के साथ ही राज्य सरकार के लिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से निष्पक्ष एवं ईमानदार रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए कहा है कि राजकीय सेवक के रूप में वो मानवीय मूल्यों के साथ आमजन की सेवा में हमेशा तत्पर रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर बात कर, उन्हें उत्साह पूर्वक जनसेवा में योगदान देने की भी अपील की है।