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  • पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का स्वर्णिम युग

    पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का स्वर्णिम युग

    राम मंदिर से केदारनाथ पुनर्निर्माण तक, देश में हो रहा सांस्कृतिक पुनर्जागरण–सीएम

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य मां भगवती जागरण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर मां भगवती की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

    इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का काल प्रारंभ हुआ है।
    उन्होंने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक क्षण है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जिस दृढ़ संकल्प के साथ राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देशभर में सनातन संस्कृति को सशक्त करने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विशेष मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ा और आज केदारपुरी एक नए दिव्य एवं भव्य स्वरूप में विश्व के सामने है। उन्होंने कहा कि अभी 22 अप्रैल से चारधाम यात्रा प्रारंभ हुई है और अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार सहित चारधामों में दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं इस पहल का समर्थन किया और इसकी शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    शीतकालीन यात्रा का उद्देश्य यह है कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहे, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद वहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दौरे ने सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान दी है तथा स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं कुछ दिन पूर्व मात्र ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचे, जो इस परियोजना की उपयोगिता को दर्शाता है। इससे पर्यटन, व्यापार और तीर्थाटन को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि सिख श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजना भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगी। साथ ही यह क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।

    मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है, लेकिन जिन लोगों का जन्म यहां नहीं हुआ और जिन्होंने इस भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया है, वे भी उतने ही सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि देवभूमि का देवत्व बना रहे, यहां के सांस्कृतिक मूल्य सुरक्षित रहें और हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि उत्तराखंड की भावी पीढ़ियों और आने वाले बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, धार्मिक स्थलों का विकास, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं तथा युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।

    इस अवसर पर विधायक  सहदेव सिंह पुंडीर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • युवक की मौत पर उठा तूफान: कांग्रेस ने बोला हमला

    युवक की मौत पर उठा तूफान: कांग्रेस ने बोला हमला

    सीएम को लिखे पत्र में निष्पक्ष जांच की मांग

    पौड़ी। जिले के सतपुली विकासखंड स्थित रैतपुर गांव में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रविवार को मृतक पंकज कुमार के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

    इस दौरान उन्होंने स्थानीय पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

    गोदियाल ने सतपुली पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से वार्ता की और मामले में पारदर्शी कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि रैतपुर गांव के युवक की कथित तौर पर पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।

    यह घटना जहां मानवीय दृष्टि से पीड़ादायक है, वहीं पुलिस कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

    पत्र में उल्लेख किया गया है कि परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, एक सड़क दुर्घटना के बाद युवक को थाने ले जाकर कथित रूप से शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हुआ और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद गंभीर और निंदनीय माना जाएगा।

    गोदियाल ने यह भी कहा कि राज्य में इससे पहले भी पुलिस प्रताड़ना से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें नैनीताल के खैरना निवासी बालम बिष्ट और टिहरी जिले के लंबगांव निवासी केशव थलवाल के मामलों का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस प्रकार की घटनाओं से आमजन का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है।

    उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाए।

    क्या है पूरा मामला

    सतपुली क्षेत्र के रैतपुर गांव निवासी 20 वर्षीय युवक पंकज कुमार की मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि एक सड़क दुर्घटना के बाद युवक को थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार हुआ। घटना से आहत होकर युवक ने आत्महत्या कर ली। पुलिस पर लगे आरोपों को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

    इस मामले में सतपुली के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया गया है।

  • पुलिस के व्यवहार से दुखी होकर  युवक ने दी जान

    पुलिस के व्यवहार से दुखी होकर युवक ने दी जान

    सतपुली थाना प्रभारी लाइन हाजिर

    बाइक सीज होने पर था परेशान,पुलिस को कोसा

    इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर दी जान, जांच शुरू

    सतपुली/ पौड़ी। पुलिस के व्यवहार से दुखी होकर एक युवक ने जान दे दी। उत्तराखंड के सतपुली क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
    युवक ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर स्थानीय पुलिस, विशेष रूप से थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    इस घटना के बाद सतपुली के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया ।

    मृतक की पहचान सतपुली के रेतपुर क्षेत्र निवासी पंकज कुमार (20) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक ने आत्महत्या से पहले Instagram पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उसने पुलिस पर अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए। वीडियो में युवक ने कहा कि उसकी बात बिना सुने कार्रवाई की गई और उसके साथ ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के साथ भी थाने में गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया।

    गौरतलब है कि शुक्रवार की शाम पंकज की बाइक से एक व्यक्ति को टक्कर लग गयी थी। सतपुली थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद बाइक सीज कर दी गयी थी। इससे पंकज मानसिक तौर पर परेशान हो गया था। पंकज की बहन की शादी 24 अप्रैल को हुई थी। और वह बहन के ससुराल अगरोडा से लौट रहा था। इसी बीच बाइक से एक व्यक्ति को टक्कर लग गयी।

    बताया जा रहा है कि युवक ने अपने सुसाइड नोट में भी पुलिस को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है और लिखा कि “पुलिस में इंसानियत नहीं है।” यह भी लिखा कि मैं सतपुली पुलिस से नफरत करता हूँ।

    जानकारी के अनुसार, युवक को अपनी बाइक से गहरा लगाव था। पुलिस द्वारा बाइक सीज किए जाने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। परिजनों का कहना है कि वह इस घटना के बाद खुद को अपमानित महसूस कर रहा था और अक्सर इसी बात को लेकर दुखी रहता था।

    शनिवार सुबह रेतपुर-भिताड़ा पुल के पास युवक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर उत्तराखंड पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। परिजनों के अनुसार युवक सुबह बिना बताए घर से निकल गया था और बाद में तलाश के दौरान उसका शव पुल के पास मिला।

    घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस और SDRF टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और इंस्टाग्राम वीडियो व सुसाइड नोट को जांच का अहम आधार बनाया गया है।

    उधर, एसएसपी सर्वेश पंवार ने मामले की जांच अपर पुलिसअधीक्षक कोटद्वार को सौंपी है। गौरतलब है कि इससे
    यह घटना जहां एक ओर परिवार के लिए गहरा सदमा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस के व्यवहार और संवेदनशीलता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है। अब नजर जांच के नतीजों पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। इस प्रकरण से क्षेत्र में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

    प्रमुख आत्महत्या के मामले

    (2025-2026):काशीपुर किसान आत्महत्या मामला (जनवरी 2026): उधम सिंह नगर के पैगा गांव के किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा ₹4 करोड़ की ठगी और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया था। इस मामले में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित और स्थानांतरित किया गया है, और SIT जांच जारी है।

    सतपुली (पौड़ी गढ़वाल) युवक आत्महत्या

    मामला (2 मई 2026): सतपुली में 20 वर्षीय पंकज कुमार ने पुल से लटककर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्थानीय पुलिस पर मोटरसाइकिल जब्त करने और उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

    2 मई 2026 को एनडीए की तैयारी कर रहे झारखंड निवासी युवा आर्यन राज ने आत्महत्या कर ली।

    देहरादून बिल्डर सुसाइड मामला

    (मई 2024-2025 के दौरान): बिल्डर राजेश साहनी के आत्महत्या मामले में पुलिस ने गुप्ता बंधुओं को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। यह मामला भी चर्चा के केंद्र में है।

    उत्तरकाशी में अधिकारी की आत्महत्या

    (फरवरी 2025): मोरी ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी निशु कुमार (29) ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    देहरादून में छात्राओं की आत्महत्या (जुलाई 2025):

    देहरादून में दो अलग-अलग घटनाओं में छात्राओं ने मानसिक अवसाद के कारण आत्महत्या की, जिसमें एक बीटेक छात्रा भी शामिल थी।पौड़ी में दिल दहलाने वाली घटना (अक्टूबर 2025): एक व्यक्ति ने शराब के नशे में अपने तीन महीने के बेटे को खाई में फेंकने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली।

    जितेंद्र नेगी आत्महत्या प्रकरण

    जितेंद्र सिंह नेगी ने 21 अगस्त 2025 की सुबह पौड़ी के तलसारी गांव में अपनी कार के अंदर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।सुसाइड वीडियो/नोट: आत्महत्या से पहले जितेंद्र ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें उन्होंने हिमांशु चमोली पर जमीन सौदे के बहाने ₹35 लाख से ₹50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

    आरोप और गिरफ्तारी-

    वीडियो में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने हिमांशु चमोली और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने हिमांशु चमोली को पद से हटा दिया था।  इस मामले ने विपक्ष ने भाजपा को खूब घेरा था।

  • आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला मानदेय बढ़ोतरी का तोहफा

    आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला मानदेय बढ़ोतरी का तोहफा

    सीएम ने आंगनबाड़ी संगठन को दिया भरोसा

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को सचिवालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में  भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं एवं मांगों पर  प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि के विषय में गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है।

    बैठक में  सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय वृद्धि के संबंध में भारत सरकार से भी अनुरोध किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधियों ने हड़ताल को स्थगित किए जाने पर सहमति व्यक्त की।

    इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री  शैलेश बगोली, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव  चन्द्रेश कुमार व विभागीय निदेशक बी.एल. राणा भी उपस्थित रहे।

  • आज आपके फोन पर आएगा अलर्ट

    आज आपके फोन पर आएगा अलर्ट

    बजेगी घंटी, घबराएं नहीं

    टेस्टिंग के लिए है यह अलर्ट

    देहरादून। शनिवार को राज्य में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से एक परीक्षण अलर्ट जारी किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समयबद्ध एवं व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे। इस अलर्ट से किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान एवं आपदा संबंधी सूचनाओं को आम जनमानस तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुँचाना है, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को पहले से सचेत किया जा सके और जन-धन की हानि को न्यून किया जा सके।

    यह परीक्षण विभिन्न मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट संदेशों का प्रसारण कितनी प्रभावशीलता से हो रहा है तथा किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। साथ ही, विभिन्न परिस्थितियों में संदेशों की त्वरितता एवं सटीकता का भी परीक्षण किया जाएगा।

    इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में राज्य के नागरिकों को समय रहते सचेत करना है, ताकि वे आवश्यकतानुसार सावधानी बरत सकें। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

    भविष्य में किसी भी प्रकार के आपदा के सम्भावना होने पर वास्तविक अलर्ट जारी किया जायेगा। ऐसे अलर्ट को गंभीरता से लिया जाना होगा तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाना आवश्यक होगा। ऐसा करने से हमें आपदा के पूर्व ससमय चेतावनी प्राप्त हो सकेगी तथा हम अपना, परिजनों, अपने सुभचिन्तकों, अपने मित्रों तथा जनसामान्य का बचाव कर सकेंगे। भविष्य में समय-समय पर इस प्रणाली के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाते हुए लोगों को जागरूक किया जायेगा। यह संयुक्त प्रयास राज्य को आपदाओं के प्रति अधिक सजग, सुरक्षित एवं सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    यह संदेश आएगा

    भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा हेतु सेल ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की जा रही है।
    सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र।
    इस संदेश की प्राप्ति पर जनता से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।
    यह एक परीक्षण संदेश है।
    गृह मंत्रालय

  • उत्तराखंड में पत्रकार मान्यता नवीकरण नियमों पर सख्ती

    उत्तराखंड में पत्रकार मान्यता नवीकरण नियमों पर सख्ती

    पत्रकारों का LIU से हो रहा सत्यापन

    देहरादून। उत्तराखंड में सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (DIPR) ने पत्रकारों की मान्यता (एक्रेडिटेशन) के नवीकरण की प्रक्रिया को सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए नया कदम उठाया है। अब राज्य और जिला मुख्यालय स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों का सत्यापन स्टेट इंटेलिजेंस की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) के माध्यम से कराया जा रहा है।

    डायरेक्टर जनरल ऑफ इन्फॉर्मेशन बंशीधर तिवारी ने बताया कि विभाग को कुछ शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि अन्य पेशों से जुड़े कुछ लोगों ने पत्रकार मान्यता प्राप्त कर ली है या इसके लिए आवेदन किया है। इन शिकायतों के मद्देनज़र अब सत्यापन प्रक्रिया को कड़ा किया गया है।

    डीजी,सूचना बंशीधर तिवारी (IAS)

    उन्होंने स्पष्ट किया कि LIU के जरिए की जा रही जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल सक्रिय और वास्तविक पत्रकारों को ही मान्यता का लाभ मिल सके।

    गौरतलब है कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद यह पहली बार है, जब वरिष्ठ पत्रकारों समेत सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों का व्यापक स्तर पर LIU द्वारा सत्यापन कराया जा रहा है। इस कदम को पत्रकारिता व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    Uttarakhand | The Directorate of Information and Public Relations (DIPR) in Uttarakhand is carrying out verification for the renewal of accreditation of government-recognized journalists at both the state and district headquarters through the State Intelligence’s Local Intelligence Unit (LIU).

    Uttarakhand’s Director General of Information, Banshidhar Tiwari, told ANI over the phone that certain complaints had been received alleging that individuals engaged in other professions had either already obtained accreditation or had applied for it. In response, verification is being conducted through the LIU.

    For the first time since the formation of the state, all accredited journalists including senior journalists are being verified by the Local Intelligence Unit. (ANI)

  • कई विकास योजनाओं के लिए ₹1252 करोड़ स्वीकृत

    कई विकास योजनाओं के लिए ₹1252 करोड़ स्वीकृत

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के साथ ही विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 1252 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया है।

    इन निर्णयों से आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने, आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा पेयजल एवं बाढ़ सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को सशक्त करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

    मुुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियोजन विभाग द्वारा स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट के अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो यथा ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना में त्रिवेणी घाट पुनरूद्धार हेतु ₹ 115 करोड़ तथा हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत नोर्थ हर की पौडी डवलपमेंट हेतु ₹ 69.06 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल में टिहरी झील के चारों और रिंग रोड (28.605 किमी) तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु तहसील टिहरी/मदननेगी के अन्तर्गत अधिग्रहित 18 ग्रामों में अर्जित भूमि के प्रतिकर का भुगतान हेतु ₹ 25.13 करोड़ एवं जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र प्रतापनगर/टिहरी के अन्तर्गत टिहरी झील के चारों और रिंग रोड निर्माण कार्य (पूर्व निर्मित मोटर मार्ग का चौडीकरण एवं सुधारीकरण) के वन भूमि हस्तान्तरण के एनपीवी भुगतान हेतु ₹ 10.94 करोड़ तथा अन्य विभागों के एनपीवी का भुगतान/भूमि अधिग्रहण हेतु प्राप्त कुल मांग ₹ 20 करोड़ अर्थात प्र्राविधानित धनराशि ₹ 100 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹ 56.07 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला में कैलाश मानसरोवर मार्ग में गब्यांग के चम्फू नाले के पास नवीन डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट के अन्तर्गत सामुदायिक सहभागिता के आधार पर एस्ट्रो टूरिज्म/पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से 08 नग इग्लू डोम हटों के निर्माण हेतु ₹ 4.67 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा समग्र शिक्षा के अन्तर्गत संचालित माध्यमिक/प्रारम्भिक विद्यालय/शिक्षक शिक्षा की स्थापना (90 प्रति के.पो) वेतन का भुगतान के अन्तर्गत वेतन भत्तों, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आदि के लिए प्राविधानित धनराशि ₹ 446 करोड़ तथा उच्च शिक्षा विभागान्तर्गत 21 अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों के वेतन भुगतान हेतु चालू वित्तीय वर्ष में आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि ₹155.37 करोड़ के सापेक्ष प्रथम छः माह (अप्रैल, 2026 से सितम्बर, 2026) हेतु ₹ 77.69 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के अन्तर्गत लोहाघाट में सरफेस पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 39 लाख, थाना टनकपुर में टाईप द्वितीय के 20, टाईप तृतीय के 04 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 9.43 करोड के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹ 3.77 करोड तथा जनपद देहरादून के विधानसमा क्षेत्र रायपुर के अन्तर्गत लोहे के पुल से सौंग पुल तक बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु ₹ 4.22 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा राज्य वित्त पोषित योजना ‘‘विधायक निधि योजनान्तर्गत’’ चालू वित्तीय वर्ष के आय-व्ययक में प्रावधानित धनराशि से 70 मा० विधायकगणों को उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए निर्धारित विधायक निधि ₹ 5 करोड प्रति विधायक की दर से कुल ₹ 350 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र योजना की वित्तीय वर्ष 2023-24 की अनुमोदित कार्ययोजना हेतु भारत सरकार से प्राप्त ₹ 56.35 करोड की धनराशि अपरिहार्य परिस्थितियों एवं सर्वथा कार्यहित में वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य आकस्मिकता निधि से अंतरित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा अकादमी के वैभरली कम्पाउण्ड में टाईप-4 एवं टाईप-5 के आवासों के निर्माण हेतु शेष धनराशि कुल ₹ 1.90 करोड को आकस्मिकता निधि से स्वीकृत/अवमुक्त किये जाने के साथ ही जनपद हरिद्वार की शाखा हरिद्वार के अन्तर्गत हरिद्वार नगरीय पेजयल योजना में शिवलोक एवं आर्यनगर में क्षतिग्रस्त वितरण प्रणाली की प्रतिस्थापन कार्य हेतु ₹ 4.86 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने हेतु का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत हरिद्वार में पाइपलाइन बिछाने और वितरण के लिए पंपिंग जल आपूर्ति योजना के प्रतिस्थापन हेतु ₹ 06 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही जनपद हरिद्वार के बहादराबाद विकासखण्ड में हरकी पौडी क्षेत्र, कनखल क्षेत्र एवं गौरीशंकर क्षेत्र में पूर्व निर्मित सड़कों की मरम्मत एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 06 करोड तथा विद्युत विभाग को लाईन शिफ्टिंग किये जाने हेतु ₹ 99 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के समस्त जनपद में आयी दैवीय आपदा से जन, धन एवं परिसम्पत्तियों की हानि की रोकथाम एवं आपदा से सम्भावित क्षति को न्यून किये जाने हेतु आपदा न्यूनीकरण निधि (राज्य सेक्टर) में प्राविधानित कुल धनराशि ₹ 28.00 करोड़ के सापेक्ष प्रति जनपद ₹ 01 करोड अर्थात कुल ₹ 13 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  • सरकार से हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

    सरकार से हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

    कांठ बांग्ला बस्ती विस्थापन मामला

    छह महीने से चल रहे कथित जबरन विस्थापन पर उठे सवाल, विपक्ष और जन संगठनों ने आदेश का किया स्वागत

    नैनीताल। देहरादून स्थित कांठ बांग्ला बस्ती के कथित जबरन विस्थापन के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। पिछले करीब छह महीनों से चल रहे इस विवाद को लेकर अदालत के इस रुख को प्रभावित परिवारों की आशंकाओं को बल देने वाला माना जा रहा है।

    विपक्षी दलों और जन संगठनों—दून समग्र विकास अभियान, कांग्रेस के संजय शर्मा एवं प्रवीण त्यागी, सत्यनारायण सचान, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के समर भंडारी, सर्वोदय मंडल के हरबीर सिंह कुशवाहा तथा चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, राजेंद्र शाह और विनोद बडोनी—ने न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासन लगातार प्रभावित परिवारों के सवालों को नजरअंदाज करता रहा है।

    उनका आरोप है कि बस्तीवासियों ने फ्लैट कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा, विस्थापन की शर्तों, शुल्क और भविष्य को लेकर कई बार सवाल उठाए, लेकिन प्रशासन ने जवाब देने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश की। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दिए गए आवेदनों पर भी जवाब नहीं दिया गया।

    संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने वर्ष 2016 के मलिन बस्ती अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जबरन हटाने की कार्रवाई शुरू की, जो पूरी तरह जनविरोधी है।

    बताया गया कि 29 अप्रैल को कांठ बांग्ला बस्ती के तीन परिवारों की याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 2016 और 2018 के बस्ती कानूनों की अनदेखी करते हुए उन्हें मकान खाली करने के नोटिस दिए गए, जबकि नोटिस में किसी न्यायालय के आदेश का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।

    याचिका में यह भी कहा गया कि प्रभावित परिवारों को पास में बने फ्लैटों में जबरन स्थानांतरित करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उन फ्लैटों की सुरक्षा पर सवाल हैं और वे रहने योग्य नहीं हैं। यह भी आरोप है कि उक्त फ्लैट नदी क्षेत्र में बने हुए हैं।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता तनुप्रिया जोशी ने पक्ष रखा, जबकि सरकार की ओर से प्रस्तुत जवाबों को अदालत ने पर्याप्त नहीं माना। इसके बाद खंडपीठ ने सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 मई को निर्धारित की गई है।

  • नशा मुक्त विवाह की पहल, नवदंपति को सम्मान

    नशा मुक्त विवाह की पहल, नवदंपति को सम्मान

    समाज सुधार की दिशा में प्रेरक पहल

    टिहरी गढ़वाल। चम्बा ब्लॉक के ग्राम सौंदकोटि में ग्राम समाज सुधार समिति द्वारा नशा मुक्त विवाह सम्पन्न कराने वाले नवदंपति को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    इस दौरान समिति ने दुल्हन अंकिषा एवं दूल्हा अजय को सम्मानित करते हुए उनके इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की। कार्यक्रम में ग्राम के गणमान्य नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    समारोह में दुल्हन अंकिषा के माता-पिता अनीता देवी एवं धर्म सिंह सहित ग्राम प्रधान मंगल सिंह नेगी, वार्ड सदस्य कृष्णा नेगी, विनीता देवी तथा ग्राम सुधार समिति के अध्यक्ष सुजान सिंह उपस्थित रहे। इसके अलावा धन सिंह नेगी, दमन सिंह नेगी, उत्तम सिंह नेगी, होशियार सिंह, आशीष सिंह, सुरेंद्र सिंह, विमला देवी, आशा देवी, लक्ष्मी देवी एवं संगीता देवी सहित अनेक ग्रामीणों ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर “शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि नशा मुक्त विवाह समाज को एक सकारात्मक दिशा देता है तथा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में नशे की प्रवृत्ति को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    ग्राम प्रधान मंगल सिंह नेगी ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा पहले ही नशा मुक्त ग्राम बनाने का संकल्प लिया जा चुका है और भविष्य में भी ऐसे संस्कारयुक्त आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    वहीं, दुल्हन अंकिषा ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय समाज के हित में लिया है, ताकि आने वाली पीढ़ी को सही संदेश मिल सके। दूल्हा अजय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जीवनभर नशा मुक्त समाज के इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

    कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

  • उद्योगपति गौतम अडानी ने पत्नी संग केदारनाथ धाम में किए दर्शन

    उद्योगपति गौतम अडानी ने पत्नी संग केदारनाथ धाम में किए दर्शन

    देखें वीडियो

    बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ नारों से गूंजा केदारधाम

    हेमंत द्विवेदी मुर्दाबाद व वीआईपी दर्शन बन्द करो के लगे गगनभेदी नारे

    केदारनाथ। इस बार कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम से बेचैन करने वाली खबरें बीकेटीसी व प्रशासन की धड़कनें बढ़ा रही है। शुक्रवार को वीआईपी दर्शन के खिलाफ एकजुट हुए तीर्थ पुरोहितों ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर धाम का माहौल गर्मा दिया।

    शुक्रवार को प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी ने अपनी पत्नी के साथ केदारधाम के दर्शन किये। अडानी ने पूजा अर्चना भी की। इस दौरान बीकेटीसी के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी भो साथ थे।

    अडानी के दर्शन के दौरान तीर्थ पुरोहितों के एक गुट व श्रद्धालुओं ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को निशाने पर ले लिया। और ‘हेमंत द्विवेदी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए।

    मिली जानकारी के अनुसार, वीआईपी मूवमेंट के चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा की वजह से कई श्रद्धालु दर्शनों का इंतजार करते रहे। वीआईपी दर्शन के दौरान आम श्रद्धालुओं को रोका गया। और इसी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ी

    इसी बीच कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नारेबाजी करने वाले लोग किसी स्थानीय मुद्दे को लेकर नाराज थे। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    धार्मिक आस्था के केंद्र केदारनाथ मंदिर में इस तरह की नारेबाजी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर वीआईपी मूवमेंट और आम श्रद्धालुओं की सुविधाओं के बीच संतुलन को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।गौरतलब है कि हाल ही में शासन ने बीकेटीसी के सीईओ की जिम्मेदारी डीएम से हटाकर पीसीएस अफसर को सौंपी। यह मसला भी चर्चा का विषय बना हुआ है।