ऑन-स्क्रीन मार्किंग से परीक्षाओं के मूल्यांकन में आयेगी पारदर्शिता
डिजिटल मूल्यांकन से समय पर घोषित होंगे परीक्षा परिणाम
देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर-पुस्तिकाओं का ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) किया जायेगा। जिससे परीक्षा मूल्यांकन अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगा। ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। शासन स्तर से विश्वविद्यालयों में ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से लागू करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में अहम सुधार कर उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के तहत जांची जायेगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित हो सकेगी और भौतिक परिवहन के खर्चे में कमी के साथ ही समय पर परीक्षा परिणाम घोषित हो सकेंगे। विभागीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में पारम्परिक व भौतिक मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी, पुनमूल्यांकन में देरी व उत्तर पुस्तिकाओं के समिति संरक्षण जैसी समस्याएं को देखते हुये यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों को ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से परीक्षाओं का मूल्यांकन को शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
डाॅ. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों पर परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से अब आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया आॅटोमेटेड होगी, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के डिजिटलीकरण से शिक्षकों की भागीदारी और बढ़ जायेगी और वह अपने-अपने शिक्षण संस्थानों से ही मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय परिसरों में नियमित पढ़ाई व्यवस्था बाधित नहीं होगी। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल रिकाॅर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में छात्रों के पुनर्मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं व्यवहारिक बनाने को विश्वविद्यालयों को आवश्यक तकनीकी संसाधन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं ताकि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
“विरासत वर्ष के 75 वर्ष” आयोजन से नई पीढ़ी जुड़ेगी भारतीय परंपराओं से
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और अदम्य आत्मबल का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों के इतिहास और अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ आज भी पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की शक्ति अटूट और अमर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 से 11 मई तक सोमनाथ मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहा “विरासत वर्ष के 75 वर्ष” कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की समृद्ध परंपराओं और सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और पुनरोद्धार के कार्य नई ऊर्जा और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थलों का भव्य विकास भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों, परंपराओं और भारतीय सभ्यता के मूल्यों से जुड़ रही है। साथ ही देशवासियों में सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना को भी नई मजबूती मिल रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सोमनाथ से जुड़ा यह विशेष आयोजन भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक गौरव को विश्व पटल पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करेगा।
बदरीनाथ मास्टर प्लान के कई पहलुओं पर कार्ययोजना बनेगी
देहरादून। बद्रीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही अब बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित किये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष बुधवार को पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है।
देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।
बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा। वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।
मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जो न केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे।
इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी। भगवान राम एवं कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है।
दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने। वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें।
साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
एक क्लिक में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन जारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, बुधवार को समाज कल्याण विभाग के पेंशनर्स को वन क्लिक के माध्यम से अप्रैल माह की पेंशन का भुगतान किया। जिसमें शत प्रतिशत राज्य पोषित योजनाओं के 756682 पेंशनर्स को कुल 111 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई, इसमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन शामिल है।
सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार अंत्योदय के लिए समर्पित है, इसलिए सरकार आर्थिक- सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग की पेंशन का लाभ दिलाने के लिए लगातार कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप अब प्रत्येक वर्ष 60 हजार से अधिक नए लोग समाज कल्याण की पेंशन से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी इस तरह के बहुउददेशीय कैम्प आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 59 वर्ष की आयु पूरे करने वाले लोगों के बीच सर्वे कर पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 60 साल की उम्र पूरी होते ही उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए वार्षिक आय को व्यावहारिक बनाया जाए, साथ ही पेंशन योजनाओं सहित विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी एक जगह पर उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचार अपनाने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि, विभाग समाज कल्याण के क्षेत्र में कुछ बेस्ट प्रैक्टिस कर अन्य विभागों के साथ भी साझा करें। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों और पेंशनर्स से संवाद भी करें।
इस मौके पर विभागीय मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभाग, प्रत्येक जरूरतमंद का ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजनाओं में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव समाज कल्याण श्री प्रकाश चंद्र एवं समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
ऋषिकुल में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जाएगा – मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में संस्थान को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल आस्था और अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भी भूमि रही है। ऋषिकुल, हरिद्वार में इस महत्वपूर्ण संस्थान को नई पहचान देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कुंभ शुरू होने से पहले यह कार्य पूर्ण किया जाए। पर्यटन विभाग इसमें नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु को निर्देश दिये कि इस संस्थान के कार्यों की नियमित प्रगति के लिए संबंधित विभागीय सचिवों के साथ पाक्षिक बैठकें की जाएं। इसमें विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी जनपदों की लोक कला पर आधारित गतिविधियां भी इसमें शामिल की जाएं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान तथा जीवन मूल्यों पर आधारित शोध और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित और त्रिकोणमिति जैसे महत्वपूर्ण गणितीय सिद्धांत दिए हैं। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को शोध और शिक्षा से जोड़ा जाए। बैठक में संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत में धातु विज्ञान, जल प्रबंधन, जैविक खेती और मौसम आधारित कृषि ज्ञान अत्यंत विकसित था, जिसे आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन, कर्तव्यबोध और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि संस्थान में डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र, ई-लर्निंग सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाए।
बैठक के दौरान संस्थान में भारतीय विद्या शाखाओं के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटन, आयुर्वेद ज्योतिष और योग शिक्षा के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि ज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं को संस्थान में वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के श्रुति केन्द्र में वेद, उपनिषद और शास्त्रीय ज्ञान की परंपरा, दर्शन केन्द्र में भारतीय दर्शन और चेतना के गहन विचार, आयु केन्द्र में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से जीवन का संतुलन, विज्ञान केन्द्र में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक विज्ञान की विरासत और कला केन्द्र में भारतीय कला, संस्कृति एवं सौन्दर्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में विकसित किया जायेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, डाॅ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार,डाॅ. आर. राजेश कुमार, रंजना राजगुरू, उपाध्यक्ष हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण सोनिका, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित मौजूद थे।
खेला- कांग्रेस में उलट पुलट व टिकट दिलाने के नाम पर बनाया मूरख
गिरफ्तार ठग अन्य राज्यों के नेताओं को भी ‘लपेट’ चुका है
देहरादून। असली खेला तो उत्तराखण्ड में हुआ। फर्जी आया और चूना लगाया। अब सलाखों के पीछे है। खुद को राहुल गांधी का पीए कनिष्क बताया और सोशल मीडिया में अति सक्रिय महिला नेत्री से लाखों लूट लिए। यही नहीं, कुछ अन्य नेत्रियों को भी झांसे में लेकर टिकट दिलवाने का भरोसा दिया।
दून पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद पता चलेगा कि किस किस से फर्जी गैंग ने माल लूटा।
अभी तक की जांच में सामने आया है कि इस फर्जी ने महिला नेत्री भावना पांडे और कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद के सम्पर्क में था।
भावना ने बताया कि ठग ने उन्हें गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटवाने और प्रीतम या यशपाल को अध्यक्ष बनाने की बात भी बताई थी।
खुद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी और निजी सचिव बताने वाले आरोपी ने न सिर्फ पार्टी में पद और टिकट दिलाने का भरोसा दिया, बल्कि फोन पर कथित तौर पर वरिष्ठ नेताओं की आवाज सुनाकर पीड़ित का विश्वास भी जीत लिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
मामले के अनुसार, आरोपी ने देहरादून की एक महिला नेता भावना पांडे को निशाना बनाते हुए विधानसभा चुनाव और संगठन में महत्वपूर्ण पद दिलाने का लालच दिया।
इस पूरे खेल को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने फोन कॉल के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की आवाज सुनाई, जिससे पीड़िता भावना पांडे को यकीन हो गया कि वह सीधे शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी हुई है।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने पहले बातचीत का दायरा बढ़ाया और फिर पार्टी कार्यक्रमों, सर्वे और संगठनात्मक खर्च के नाम पर बड़ी रकम की मांग शुरू कर दी।
बताया गया कि आरोपी ने करीब 25 लाख रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं, उसने होटल बुकिंग, नेताओं की मीटिंग और चुनावी तैयारी के नाम पर अतिरिक्त खर्च की बात भी कही, जिससे रकम और बढ़ती चली गई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कई राज्यों में इसी तरह का नेटवर्क बना रखा था। वह अलग-अलग नामों और पहचान का इस्तेमाल कर नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को फंसाता था। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।
दिलचस्प पहलू यह है कि आरोपी ने पीड़िता को भरोसा दिलाने के लिए कथित तौर पर कई बड़े नेताओं के नाम पर कॉल कराए। पीड़िता भावना पांडे ने कहा कि फोन पर सुनी गई आवाजें इतनी विश्वसनीय थीं कि उसे जरा भी संदेह नहीं हुआ। इसी भरोसे में आकर उसने बड़ी रकम दे दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को ट्रैक किया गया और गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसने वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता भावना पांडे
ठग ने हरक,प्रीतम, यशपाल आर्य,हरदा समेत कई अन्य नेताओं से भी बात करने की कोशिश की।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले की शुरुआत 3 मई को हुई, जब वादिनी भावना पांडे ने थाना राजपुर में लिखित तहरीर दी। उन्होंने बताया कि कनिष्क सिंह नामक व्यक्ति ने खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताते हुए उनसे संपर्क किया। आरोपी ने उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने और उत्तराखंड में सर्वे कराने का झांसा दिया तथा इसके एवज में 25 लाख रुपये की मांग की।
एसएसपी डोभाल ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को आरोपी ने अपने एक सहयोगी को जाखन स्थित पीनाकिल रेजिडेंसी में उनके आवास पर भेजा, जहां से 25 लाख रुपये नकद ले लिए गए। रकम लेने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क से बाहर हो गया। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि वह पहले भी कई राज्यों में इस तरह की ठगी कर चुका है।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस की।
जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी जाखन क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति से पैसे लेने आने वाला है। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम गौरव कुमार (उम्र 42 वर्ष) निवासी अमृतसर, पंजाब बताया। उसने खुलासा किया कि वह इंटरनेट और गूगल के माध्यम से राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं और उनके सहयोगियों की जानकारी जुटाता था।
इसके बाद वह कनिष्क सिंह के नाम से ट्रूकॉलर पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को विश्वास में लेता था।
आरोपी ने अपने तीन साथियों—छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू—के साथ मिलकर कई राज्यों में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया।
वर्ष 2017 में जयपुर (राजस्थान) में दो नेताओं से विधायक का टिकट दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 90 लाख और 12 लाख रुपये ठगे गए। वहीं, वर्ष 2025 में पटना (बिहार) में एक नेता से 3 लाख रुपये लिए गए।
पुलिस के अनुसार आरोपी के उत्तराखंड में भी कई वरिष्ठ नेताओं से संपर्क होने की जानकारी मिली है। अन्य राज्यों में हुई ठगी की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक डोंगल बरामद किया गया है।
ठगी के जाल में बड़े नामों का इस्तेमाल: भरोसा जीतने के लिए नेताओं की ‘आवाज’ बनी
“गणेश गोदियाल से लेकर प्रीतम सिंह तक के नाम लिए, फोन कॉल ने पीड़िता का भरोसा पुख्ता किया
हाई-प्रोफाइल ठगी के इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी ने पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े नेताओं के नाम और कथित आवाज का सहारा लिया। यही वजह रही कि पूरा मामला लंबे समय तक संदेह से परे रहा और पीड़िता ठगी के जाल में फंसती चली गई।
आरोपी ने बातचीत के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नाम लेकर अपनी पहुंच का दावा किया। पीड़िता भावना पांडे को विश्वास दिलाने के लिए जिन नेताओं का जिक्र किया गया, उनमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह और नेता प्रदीप टम्टा जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने फोन कॉल के दौरान इन नेताओं की आवाज सुनवाई, जिससे उसे लगा कि वह वास्तव में शीर्ष नेतृत्व से सीधे जुड़ी बातचीत कर रही है। यही वह बिंदु था, जहां से उसका भरोसा पूरी तरह मजबूत हो गया।
पीड़िता भावना पांडे ने बताया कि आरोपी कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद के संपर्क में था और दोनों की लंबी बातचीत होती रही है।
भावना से भी ठग ने कई बड़े-बड़े दावे किए। भावना ने बताया कि ठग से उनकी गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटवाने और प्रीतम या यशपाल को अध्यक्ष बनाने की बात बताई थी।
खबर में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने केवल नाम लेने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उसने इन नेताओं से बातचीत कराने का आभास पैदा किया। कुछ मामलों में स्क्रीनशॉट भेजे गए, जिनमें नेताओं के नाम से कथित मैसेज दिखाए गए। हालांकि, बाद में जांच में यह सब फर्जी साबित हुआ।
इतना ही नहीं, आरोपी ने संगठनात्मक गतिविधियों और टिकट वितरण के नाम पर यह भी कहा कि “ऊपर तक बात हो चुकी है” और “नेताओं की सहमति मिल चुकी है।” इस तरह के दावों ने पीड़िता को पूरी तरह आश्वस्त कर दिया कि मामला असली है और उसे जल्द ही पार्टी में बड़ा पद मिल सकता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों को भी इसी तरह नेताओं के नाम और प्रभाव का डर या लालच दिखाकर ठगा। वह अलग-अलग राज्यों में अलग पहचान बनाकर काम करता था और हर जगह स्थानीय व राष्ट्रीय नेताओं के नामों का इस्तेमाल करता था।
फिलहाल,पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गिरोह ने और भी नेताओं के नाम का दुरुपयोग तो नहीं किया। साथ ही, जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनकी ओर से भी इस मामले में स्पष्टीकरण आने की संभावना है।
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। यह मामला न सिर्फ ठगी का है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह फर्जी पहचान और तकनीक का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों और खासतौर पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के पद, टिकट या सिफारिश के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
जीत, उत्तराखंड में 29 के सेमीफाइनल, 32 के फाइनल में भी दोहराएंगे: धामी
बंगाल की जीत, डॉक्टर मुखर्जी के बलिदान को समर्पित: भट्ट
देहरादून । बंगाल समेत 3 राज्यों में भाजपा की प्रचंड जीत पर मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। झाल मूडी के स्वाद संग होली दिवाली मनाते हुए सीएम धामी ने इसे गंगोत्री से गंगासागर तक भगवामय तस्वीर बताया। साथ ही इस जीत को 29 के सेमीफाइनल और 32 के फाइनल में उत्तराखंड में भी दोहराने का आह्वाहन किया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने इन जीतों, विशेषकर बंगाल की जीत को पार्टी संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को समर्पित किया।
पार्टी मुख्यालय में हुए इस जोरदार जश्न में कार्यकताओं ने प्रदेश नेतृत्व के साथ जमकर होली दिवाली एक साथ मनाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष के साथ पूर्व सीएम डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास ने कार्यकर्ताओं संग रंग गुलाल से होली खेली। वहां संगठन और नेतृत्व की गगनचुंबी नारों के साथ हुई आतिशबाजी से कार्यकर्ताओं ने आसमां सर पर उठा दिया। जश्न उस समय और खास हो गया , जब बंगाल की प्रवासी महिलाओं द्वारा वहां का पारम्परिक धुनुची नृत्य प्रस्तुत किया। जिसमें मिट्टी के बर्तन में नारियल और धूप जलाकर धुंआ से माहौल को पवित्र और सुगंधित किया। साथ ही वहां की विशेष उलू ध्वनि से खुशी का इजहार किया। उसके उपरांत सभी ने बंगाल की पारंपरिक और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस चुनाव में प्रचारित झाल मुड़ी का स्वाद लिया।
इस अवसर कर कार्यकताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने आसाम हैट्रिक, पांडिचेरी की लागतार दूसरी जीत और बंगाल में ऐतिहासिक जीत के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा, पीएम मोदी के मार्गदर्शन और पार्टी केंद्रीय नेतृत्व में इन जीतों ने गंगोत्री से गंगासागर तक पूर्णतया देश को भगवामय कर दिया है। कहा, मुझे भी संदेशखाली और अन्य स्थानों पर चुनाव प्रचार के लिए जाने का मौका मिला। आज मां काली के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है वहां सरकार का बनना।
ये सभी जीतें और विशेषकर जनसंघ के संस्थापक की भूमि पर भगवा फहराया जाना हम सबके लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है। इस चुनाव ने पुनः साबित किया है कि डबल इंजन की सरकार स्थापित करना आज देश की प्राथमिकता है। क्योंकि ये डबल इंजन सरकार अब विकास सुशासन और जनकल्याण का प्रतीक बन गया है। नारी शक्ति अधिनियम को रोकने का जो पाप कांग्रेस और विपक्ष ने किया, उसकी सजा जनता ने उन्हें दी है।
कहा, हमारे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन की रणनीति से उनके कार्यकाल की शानदार जीत से शुरुआत हुई है। अब हम इसे उत्तराखंड में भी 29 के सेमीफाइनल, और 32 के फाइनल में भी दोहराएंगे। आज कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक भगवा लहरा रहा है। उत्तराखंड में भी इस जीत और पीएम के संदेश को हमें घर घर ले जाना है।
इस अवसर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट भट्ट ने खुशी जताते हुए कहा, आज उस किले को फतह किया जिसके लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कुर्बानी दी है। वर्ग विशेष को संरक्षण देने वाली सरकार के खिलाफ परिवर्तन का संदेश दिया है। अब बांग्लादेश से घुसपैठियों का रास्ता बंद होंगा और जो आ गए उन्हें बाहर निकालने का रास्ता साफ हुआ है। इन चुनावों में एक बड़ा चमत्कार हुआ है कि देश से सभी राज्यों से पूरी तरह सीपीएम और वामपंथ समाप्त हुआ है।
उन्होंने कहा, ये उत्साह उत्तराखंड के लिए भी लाभदायक रहने वाला है। अब हम सब धामी के नेतृत्व में तीसरी बार देवभूमि में कमल खिलाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्रि और मंत्री धन सिंह रावत समेत चुनावी राज्यों में गए कार्यकर्ताओं और 45 पूर्णकालिकों के योगदान का भी धन्यवाद किया।उन्हें 3 राज्यों की जीत विशेषकर बंगाल की जीत को भाजपा विचार प्रेरणता और जनसंघ संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को समर्पित करते हुए उन्हें एक सच्ची श्रृद्धांजलि बताया।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि जीत का यह उत्सव प्रदेश में अगले 3 दिन मनाया जाएगा। जिसने गांव गांव घर घर तक बंगाली समुदाय एवं अन्य लोगों के साथ तुष्टिकरण और विकास विरोधी नीतियों के खिलाफ मिली जीत को मनाया जाएगा।
वहीं पूर्व सीएम डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक ने कार्यकर्ताओं के बलिदान को याद करते हुए इस जीत को सौभाग्य का अभूतपूर्व क्षण बताया। उन्होंने इन चुनावों में मुख्यमंत्री, मंत्री धन सिंह रावत और प्रदेश के कार्यकर्ताओं के योगदान को भी शानदार बताया उन्होंने अटल जी के उस विचार को याद करते हुए कहा, अंधेरा छटेगा सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा की तर्ज पर आज देश के कोने कौने में कमल खिल रहा है। प्रदेश की जनता ने भी मन बनाया हुआ है और 27 में भी उत्तराखंड में भाजपा की सरकार तीसरी बार लायेंगे।
आज हुए भव्य जश्न में राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष
नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, तरुण बंसल, दीप्ति रावत, विधायक सविता कपूर, सरकार में दायित्वधारी डॉक्टर देवेंद्र भसीन, विनोद उनियाल, गीता खन्ना मधु चौहान, मधु भट्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, आदित्य चौहान, जगमोहन रावत, रुचि भट्ट, विपुल मेंदोली समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकरी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
सतपुली। पौड़ी जिले के रैतपुर गांव के युवक पंकज की आत्महत्या के मामले में यूकेडी ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को दिनेश चंद्र मास्टर जी, यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट व कुलदीप रावत नेतृत्व में यूकेडी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में थाना सतपुली पहुंचे।
जुलूस में मृतक पंकज कुमार की मां और उनके परिजन भी शामिल थे। इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारी थाने के प्रांगण में ही धरने पर बैठ गए। और प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए ।
इस दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में
आरोपी लाइन हाजिर थानाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि 20 वर्षीय मृत युवक से थाने में मारपीट और उत्पीड़न ही उसकी मौत का कारण बना।
पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। मूल निवासियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके बाद मृतक पंकज की मां पुष्पा देवी ने आरोपी लाइन हाजिर थानाध्यक्ष के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने थाने में मौजूद एसएसपी से वार्ता कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। यूकेडी जिलाध्यक्ष द्वारा भी मामले में अलग से तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
इस मौके पर दिनेश चंद्र मास्टर जी, यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट,
जिलाध्यक्ष अर्जुन नेगी, जिला उपाध्यक्ष जेपी नैनवाल, केंद्रीय उपाध्यक्ष (यूथ) कुलदीप रावत, नगर अध्यक्ष अनुराग बौंठियाल,
यूकेडी महिला मोर्चा गढ़वाल प्रभारी सरस्वती देवी,केशवानंद आर्य, लैंसडौन विधानसभा प्रभारी मुकेश बिष्ट,जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ गौरव चंदोला समेत बड़ी तादात में यूकेडी कार्यकर्ता शामिल थे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के बिना तैयारी के पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना तथ्यात्मक तैयारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय और संवाद की कमी पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि तालमेल के अभाव में कई विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। सभी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित घोषणाओं की गहन समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागों से यह रिपोर्ट मांगी कि कितनी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और कितनी अभी लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं और जिन कार्यों के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने साफ किया कि अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कार्यों पर काम शुरू हो चुका है, वहां शिलापट्ट लगाना अनिवार्य है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला स्तर के मामलों को अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखने पर भी नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर किया जाए, जहां वे उत्पन्न होती हैं।
मुख्यमंत्री ने 15 जून से पहले एक और समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें सभी लंबित घोषणाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को हर हाल में धरातल पर उतारा जाए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
समीक्षा में विभिन्न क्षेत्रों की घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। सोमेश्वर क्षेत्र की 90, सल्ट की 69, रानीखेत की 33 और जागेश्वर की 48 घोषणाओं की स्थिति का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
विद्या समीक्षा केन्द्र में जुडेगा ऑनलाइन छुट्टी प्रबंधन माॅड्यूल
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग में अब शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के अवकाश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अब उन्हें छुट्टी के लिये किसी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही अफसरों की जी हुजूरी करनी होगी। इसके लिये शीघ्र ही विद्या समीक्षा केन्द्र के डिजिटल प्लेटफार्म पर ऑनलाइन छुट्टी प्रबंधन माॅड्यूल जोड़ा जायेगा, जहां पर शिक्षक व अन्य कार्मिक अवकाश के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से विभाग में पारदर्शिता, दक्षता, सुशासन के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के अवकाश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है डाॅ. रावत ने बताया कि सरकार के इस निर्णय के तहत विद्या समीक्षा केन्द्र के आॅनलाइन प्लेटफार्म पर ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन माॅडयूल जोड़ा जायेगा। इस माॅड्यूल के माध्यम से शिक्षक एवं अन्य कार्मिक कभी भी और कहीं से भी अवकाश के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा उनकी अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही पूरी की जायेगी, यह प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी। इससे शिक्षकों को छुट्टी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि एक क्लिक पर उनकी छुट्टियां मंजूर होंगी।
डाॅ. रावत ने बताया कि नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के अवकाश से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित एवं व्यवस्थित रहेंगे, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा नहीं होगी। इसके साथ ही अधिकारियों को भी अवकाश स्वीकृति में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से शिक्षक अपनी सुविधानुसार आकस्मिक अवकाश, एच्छिक अवकाश, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, मातृत्व अवकाश, बाल्य देखभाल अवकाश ले सकेंगे। डाॅ. रावत ने कहा कि शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रणाली को शीघ्र लागू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग के अन्य प्रशासनिक कार्यों को भी चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे शिक्षा विभाग पूरी तरह ई-गवर्नेंस आधारित प्रणाली की ओर अग्रसर हो सके।