सीएम धामी की पहल पर मंत्री-विधायक विवाद पर लगा फुल स्टाप
विधायक की शिकायत की जांच को कमेटी का गठन
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर प्रकरण की जांच को बनेगी कमेटी, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
देहरादून। वन मंत्री सुबोध उनियाल व पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के बीच हुए विवाद का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पटाक्षेप करा दिया। बुधवार को मुख्यमंत्री ने दोनों को साथ बैठाया । और दोनों के बीच के मनमुटाव को खत्म कराया। इस मामले में एक जाँच कमेटी बनाई जा रही है जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुरोला से भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल ने टौंस और गोविंद वन्यजीव विहार के डीएफओ के अटैचमेंट को लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल के सरकारी आवास पर धरना दिया था। उन्होंने मंत्री पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया था। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन मंत्री एवं विधायक दोनों को अपने साथ बैठाया और दोनों को समझा-बुझाकर पूरे मामले का पटाक्षेप करा दिया।
मामले की जांच को कमेटी बनाई जाएगी जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि मेरा विधासभा क्षेत्र एक सीमंतवर्ती क्षेत्र है और यहां के डीएफओ के तानाशाही पूर्ण रवैये के कारण मंत्री से भेंट की थी। आज मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हमारी बैठक हुई और मैं यही कहना चाहता हूँ कि हमारे लिए जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मेरी विधानसभा टूरिस्ट डेस्टिनेशन है और यहां के लोगों के हितों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक कमेटी प्रकरण की जांच को बना दी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून। छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा के स्टार प्रचारक रहे वरिष्ठ भाजपा नेता और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रचंड जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने “मोदी की गारंटी” को इस जीत का एक बड़ा आधार बताया है।
प्रदेश के केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश के सिरमौर, प्रसवाडा, धरमपुरी, घोडाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र और छत्तीसगढ के प्रतापपुर, भटगांव, भरतपुर सोनहट, कुनकुरी, बिल्हा, अभनपुर, साजा, लोरमी और डौण्डीलोहार विधानसभा क्षेत्र में जब वह बतौर भाजपा के स्टार प्रचारक शिरकत कर रहे थे तो उस दौरान जनसभाओं में जो जन सैलाव उमड़ा उसे देखकर पूर्व में ही यह तय हो गया था कि भारतीय जनता पार्टी प्रचंड जीत के साथ सत्ता में आयेगी।
महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा को जो प्रचंड जनादेश मिला है और तेलंगाना में पहले से अधिक सीटें देकर जनता ने पार्टी पर जो विश्वास जताया है उसके पीछे कांग्रेस सरकारों का भ्रष्टाचार, इण्डिया गठबंधन में शामिल दलों द्वारा सनातन धर्म का अपमान एक बड़ा कारण रहा है।
उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों में घमंडिया गठबंधन की करारी इस बात का प्रमाण है कि 2024 की चुनावी दौड़ से अब वह पूरी तरह बाहर हो चुका है। मोदी मैजिक और केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” जैसे ध्येय वाक्य पर चलकर भाजपा ने देश की जनता के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना ली है। इसलिए इसमें दोराय नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में फिर से 2024 में पहले से भी अधिक सीटों से केंद्र में भाजपा की सरकार सत्तारूढ़ होगी।
निकाय चुनाव टले, उत्तराखण्ड के समस्त नगर निकाय 2 दिसंबर से प्रशासकों के सुपुर्द
हार के डर से भाजपा ने निकाय चुनाव टाले-यशपाल आर्य, नेता विपक्ष
देहरादून। उत्तराखण्ड में लोकसभा चुनाव के बाद ही निकाय चुनाव की रणभेरी बजेगी। तय समय पर निकाय चुनाव नहीं कराने पर उत्तराखण्ड के समस्त निकाय 2 दिसंबर से प्रशासकों के हवाले हो जाएंगे। शासन ने प्रशासकों की नियुक्ति सम्बंधित आदेश भी जारी कर दिया। उल्लेखनीय है कि 97 स्थानीय निकायों में चुनाव नवंबर 2023 में प्रस्तावित थे। लेकिन पिछड़ा वर्ग का आरक्षण का कार्य पूरा नहीं होने से निकाय चुनाव टालने पड़े। कांग्रेस ने निकाय चुनाव टलने पर भाजपा सरकार पर कड़े प्रहार किए। उत्तराखण्ड के 97 नगर निकायों का पांच वर्षीय कार्यकाल आज 1 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। प्रदेश में 97 नगर निकायों के चुनाव 2018 में हुए थे। प्रदेश में 8 नगर निगम हैं।
नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन पहले अथवा बाद में निकायों के चुनाव कराए जाने चाहिए। इधर, सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 (उत्तराखण्ड राज्य में यथा-प्रवृत्त एवं यथा-संशोधित) की धारा 8 की उपधारा (4) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 2 दिसंबर से अग्रिम आदेशों तक प्रदेश के समस्त निकाय में जिलाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया है। गौरतलब है कि सिर्फ दो निकायों नगर निगम रुड़की व नगर पालिका परिषद बाजपुर का कार्यकाल अगले साल खत्म होना है। यहां चुनाव 2019 में हुए थे। इसके अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री नगर पंचायतों में चुनाव नहीं होते।
कांग्रेस ने विरोध किया
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने हार के डर से निकाय चुनाव टाले हैं। और निकायों में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब निकायों में होने वाले विकास कार्यों में मनमानी बढ़ जाएगी। आर्य ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पांचों सीट जीतेगी। और फिर निकाय चुनाव भी जीतेगी।
सीएम योगी मध्य भारत क्षेत्रीय विकास परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे, बद्री-केदार के दर्शन करेंगे
देहरादून । उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को उत्तराखण्ड पहुंचे। योगी आदित्यनाथ शनिवार को नरेन्द्रनगर में होने वाली मध्य भारत क्षेत्रीय विकास परिषद की बैठक में शिरकत करेंगे । इसके बाद बद्री केदार के दर्शन करेंगे।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड पहुंचने पर सीएम धामी, मंत्रियों एवं भाजपा संगठन ने भव्य स्वागत किया गया । सीएम धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सीएम योगी का स्वागत किया। इस दौरान पूजा अर्चना कर सीएम योगी की आरती भी की। दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अपने तीन दिन के प्रवास में योगी मध्य क्षेत्रीय विकास परिषद की बैठक के साथ श्री बद्री केदार धाम के भी दर्शन करेंगे ।
गंगाजली भेंट कर, गंगोत्री यमनोत्री धाम आने का दिया न्योता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपराह्न 5 बजे जीटीसी हेलीपेड पहुंचे । जहां प्रदेश सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेम चंद अग्रवाल और पार्टी संगठन की तरफ से प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठरी एवं टिहरी सांसद, वरिष्ठ विधायकों के नेतृत्व में स्वागत किया गया । इस दौरान प्रवक्ता मनवीर चौहान ने गंगोत्री धाम से लाई गंगाजली और धार्मिक चुन्नी भेंट कर उन्हे गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम आने का न्योता दिया । पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने उन्हें पहाड़ी सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक टोपी पहनाई ।
बैठक के उपरांत योगी श्री बद्री केदार धाम के करेंगे दर्शन
मुख्यमंत्री योगी रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को नरेंद्र नगर में होने वाली मध्य भारत क्षेत्रीय विकास परिषद की बैठक में शिरकत करेंगे । इसके बाद वह श्री बद्री केदार धाम की अपनी धार्मिक यात्रा के तहत शाम को बाबा भोलेनाथ की नगरी केदारपुरी पहुंचेंगे । रात्रि विश्राम केदारनाथ धाम में करने के बाद प्रातः मंदिर में जलाभिषेक कर वह 8 अक्तूबर को श्री बद्रीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगे । जहां वह भगवान श्री विष्णु की विशेष पूजा अर्चना करेंगे ।
इस दौरान वह दोनो धामों को अधिक भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किए गए ऐतिहासिक कार्यों का निरीक्षण करेंगे ।
देहरादून पहुंचने पर सीएम योगी का स्वागत करने वालों में टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, महापौर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, श्रीमति सविता कपूर,दुर्गेश्वर लाल, पुनीत मित्तल, कौस्तुभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, विश्वास डाबर, प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल, श्रीमति मधु भट्ट, नवीन ठाकुर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रवक्ता हनी पाठक, श्रीमति सुनीता विद्यार्थी, करुण दत्ता, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, राजेंद्र ढिल्लो, जगमोहन चंद, समेत अनेक पार्टी पदाधिकारी शामिल थे ।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विधानसभा में बागेश्वर विधानसभा से निर्वाचित प्रत्याशी श्रीमती पार्वती दास के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण ने श्रीमती पार्वती दास को विधायक पद की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा की नव निर्वाचित सदस्य श्रीमती पार्वती दास को शुभकामनाएं दी और बागेश्वर की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बागेश्वर के इतिहास में पहली बार बागेश्वर की जनता ने महिला प्रत्याशी को अपना विधायक चुना है। बागेश्वर के विकास के लिए स्व. चंदनराम दास द्वारा जिन कार्यों को आगे बढ़ाया गया था, अब इन कार्यों को श्रीमती पार्वती दास तेजी से आगे बढ़ाएंगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सौरभ बहुगुणा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट उपस्थित थे।
सोमवार को सीएम धामी के सम्मान में श्री गंगानगर राजस्थान के मानकसर गांव में क्षेत्रवासियों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सीएम ने कहा कि गुरु जंभेश्वर भगवान की पूण्यभूमि में आकर वे अविभूत है। उन्होंने कहा कि गुरु जंभेश्वर जी ने जीवन में 29 नियम अपनाने के लिए कहा था। उनके द्वारा दिये गए नियमों को आत्मसात कर आज विश्नोई समाज, वाणी परसंयम रखने के साथ ही अन्य नियमों का पालन कर रहा है।
सीएम धामी ने राजस्थान में वन एवं पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाली अमृता देवी विश्नोई की शहादत को नमन करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड जैसे हिमालय क्षेत्र में वन संरक्षण को लेकर हुए चिपको आंदोलन से तो काफी लोग वाकिफ हैं। परंतु इससे सैकड़ों वर्ष पहले राजस्थान में भी अमृता देवी जी के नेतृत्व मैं चिपको जैसा आंदोलन हो चुका है,जिसमें पेड़ों को बचाने के लिए 363 लोगों ने अमृता देवी जी के नेतृत्व में अपना बलिदान दिया। इस प्रकार हम पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक रहे हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है।
सीएम ने कहा कि हमारे पुरखों ने प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व पर एक समृद्ध विचारधारा को पोषित किया और आज सदियों बाद भी, हम उस विचार का, उतनी ही निष्ठा से अनुसरण करते आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण दोनों का ही एक वैभवशाली और अनुसरणीय इतिहास रहा है। अमृता देवी जी और उनके साथियों के बलिदान की गाथा को कोई नहीं भूल सकता। इस महिला सत्याग्रही ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया।
देहरादून। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक को राजस्थान चुनाव में पार्टी संगठन ने जिम्मेदारी सौंपी हैं। उन्हें पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजस्थान के करौली जिले की कमान सौंपी गई है। इस जिले में 4 विधानसभा क्षेत्र हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग की ओर से उन्हें इसकी सूचना दी गई कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के मार्गदर्शन में वह भाजपा के विजय संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान देंगे। डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है और कहा कि पार्टी की ओर से दी गई जिम्मेदारी निभाते हुए भाजपा के विजय संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान देंगे।
जीत के बावजूद भाजपा के लिए खतरों की लहरें पैदा कर गया बागेश्वर का चुनाव परिणाम
हार कर भी जीत गए कांग्रेस के बसंत कुमार
सीएम धामी व पार्वती दास ने बागेश्वर की जनता का आभार जताया
बागेश्वर। उत्तराखण्ड के बागेश्वर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी पार्वती दास ने कांग्रेस प्रत्याशी बसंत कुमार को 2321 मतों के अंतर से हरा दिया। 14 राउंड की गिनती के बाद पार्वती देवी कुल 2321 मतों से विजयी हुई।
दूसरी ओर, कांग्रेस कड़ी टक्कर देते हुए हार कर भी जीत गयी। कम अंतर वाला बागेश्वर का चुनावी परिणाम भाजपा के लिए खतरे की घण्टी भी बजा गया।
गौरतलब है कि अप्रैल 2023 में भाजपा मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद भाजपा ने पार्वती दास ने बागेश्वर से उपचुनाव में टिकट दिया। इससे पूर्व, 2022 के विधानसभा चुनाव में चंदन रामदास ने लगभग 11 हजार मतों से जीत हासिल की थी। चंदन रामदास ने कांग्रेस के रंजीत दास को हराया था। इस उपचुनाव के दौरान रंजीत दास कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए।
इस झटके के बाद कांग्रेस ने आप पार्टी के नेता बसंत कुमार को तोड़ कर नुकसान के भरपाई की कोशिश की। बसंत कुमार 2022 के चुनाव में 15768 मत ले गए थे।
इस चुनाव में भाजपा के अंदर भितरघात के भी चर्चा रही। तीन सितम्बर को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के केंद्रीय पर्यवेक्षक के आचरण के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखने से साफ जाहिर हो गया था कि मुकाबला कांटे का होने जा रहा है। और तीन हजार से कम अंतर की जीत ने इस आशंका को और भी पुख्ता कर दिया।
सहानुभूति लहर के बावजूद भाजपा की जीत का अंतर घटना नये राजनीतिक हालात की ओर इशारा कर रहा है। बेशक, कांग्रेस प्रत्याशी बागेश्वर में चुनाव हार गए लेकिन टक्कर ठीक ठाक दे गए। 2022 के जीत के अंतर को दोहरा नहीं पाने वाली भाजपा को 2024 के लिए नये सिरे से मशक्कत करनी पड़ेगी।
2024 में 2019 का इतिहास दोहराने का सपना देख रही भाजपा नेतृत्व को प्रदेश सरकार से लेकर संगठन तक एक दमदार टीम को मैदान में उतारना होगा। सीएम धामी को भी कैबिनेट विस्तार व दायित्व वितरण में जुझारू व स्वच्छ छवि के नेता कार्यकर्ताओं को जगह देनी होगी । नहीं तो टुकड़ों में बंटी होने के बावजूद कांग्रेस 2024 में भाजपा को नाकों चने चबवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
2022 विधानसभा चुनाव का परिणाम
भाजपा-कांग्रेस के अलावा यूकेडी से अर्जुन कुमार देव, सपा से भगवती प्रसाद व उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के भगवत कोहली भी चुनावी मैदान में खड़े थे।
पांच सितंबर को हुए चुनाव में लगभग 56 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया।
मतगणना से दो दिन पहले 3 सितम्बर को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त से केंद्रीय पर्यवेक्षक राजेश की लिखित में शिकायत की थी (देखें पत्र)।पत्र में कांग्रेस के सक्रिय सदस्य के तौर पर काम करने का आरोप लगाया।
इसके अलावा बागेश्वर की डीएम की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने जांच के आदेश भी दिए।
भाजपा मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद भाजपा ने उनकी पत्नी पार्वती देवी को उपचुनाव में टिकट दिया।
सेवा में,
मुख्य चुनाव आयुक्त
भारत निर्वाचन आयोग, भारत सरकार,
महोदय, वर्तमान में उत्तराखंड में विधानसभा नंबर 47 (बागेश्वर) में उपचुनाव प्रगति पर है और दिनाक 5 सितंबर 2023 को वोटिंग निश्चित है।
महोदय, अवगत कराना है कि श्री राजेश कुमार जी जो इस चुनाव में चुनाव आयोग की ओर से सेंट्रल आब्जर्वर बनाए गए हैं, उनका आचरण संदेहास्पद तथा अत्यंत अशोभनीय है, वे एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों पर भी इसके लिए अनुचित दवाब बना रहे हैं। साथ ही वे कांग्रेस पार्टी के सक्रिय सदस्य के समान कार्य करते हुए, कांग्रेस प्रत्याशी को परोक्ष तथा अपरोक्ष लाभ पहुंचा रहे
हैं।
जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
महोदय, इसका संज्ञान लेकर त्वरित एवम् उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।
धन्यवाद,
महेंद्र भट्ट
अध्यक्ष, भाजपा (उत्तराखंड)