Category: राजनीति

  • कैबिनेट में शामिल नए मंत्रियों का स्वागत

    कैबिनेट में शामिल नए मंत्रियों का स्वागत

    देहरादून। सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक शुरू हुई।
    बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और राज्य के विकास कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्राप्त शुभकामना संदेश के संबंध में मंत्रिमंडल को अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री के संदेश का विधिवत वाचन किया।

    प्रधानमंत्री के शुभकामना संदेश पर राज्य मंत्रिमंडल ने आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य सरकार के लिए प्रेरणादायक बताया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने कहा कि यह संदेश राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक गति देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

    बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा जारी है।

  • धामी सरकार का विस्तार, कैबिनेट में शामिल हुए पांच नए मंत्री

    धामी सरकार का विस्तार, कैबिनेट में शामिल हुए पांच नए मंत्री

    खजान, राम सिंह, प्रदीप , मदन व भरत ने ली शपथ

    धामी के नेतृत्व में भाजपा ने विस चुनाव के लिए कसी कमर

    देहरादून। आखिरकार विधानसभा चुनाव से पहले धामी कैबिबेट की बरसों से खाली पड़ी कुर्सियों पर भाजपा विधायकों की ताजपोशी कर दी गयी।
    शुक्रवार को लोकभावन में राज्यपाल ने भाजपा विधायकों खजान दास, राम सिंह कैढा, प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक व भरत चौधरी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गयी।

    नये कैबिनेट विस्तार में देहरादून, नैनीताल,हरिद्वार व रुद्रप्रयाग जिले को मौका दिया गया है। राज्यपाल व सीएम ने सभी नये मंत्रियों को बधाई दी। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन मुख्य सचिव आंनद

    मंत्री खजानदास

    दरअसल, लम्बे समय से धामी सरकार में कैबिनेट की खाली कुर्सियों की संख्या पांच तक पहुंच गई थी। इन पदों को भरे जाने के लिए लम्बे समय से मशककत चल रही थी।
    हालांकि, मार्च 2022 में सरकार गठन के समय से सोची समझी रणनीति के तहत तीन मंत्रीपद खाली रखे गए थे।
    बाद में कैबिनेट मंत्री चन्दन रामदास की अप्रैल 2023  में हुई मृत्यु व प्रेमचंद 17 मार्च 2025 को दिए गए इस्तीफे के बाद खाली कैबिनेट मंत्रीपद बढ़कर पांच हो गए।

    शुक्रवार, 20 मार्च को कैबिनेट विस्तार के बाद वंचित जिलों के मध्य संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। अभी तक जिन जिलों का प्रतिनिधित्व नहीं था। उन्हें मौका देकर भाजपा को चुनावी रणनीति के तहत मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
    अभी तक धामी कैबिनेट में सतपाल महाराज, धन सिंह,सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य व सौरभ बहुगुणा शामिल थे। अब कुल मंत्रियों की संख्या 11 हो गयी है।

    मंत्री मदन कौशिक

    गौरतलब है कि नये मंत्रियों के केबिनेट में शामिल होने के बाद भाजपा के अंदर कई प्रकार की चर्चाओं व अफवाहों पर भी विराम लगता नजर आ रहा है। कैबिनेट विस्तारण होना पार्टी के अंदर व बाहर कई प्रकार की अफवाहों को बल दे रहा था। हालांकि, सीएम धामी हल्के फुल्के अंदाज में इसे मात्र एक शिगूफा ही करार देते रहे।
    इस बीच,गैरसैंण सत्र के बाद सीएम धामी ने कैबिनेट विस्तार व दायित्वधारियों की सूची पर लगातार होमवर्क किया। इस दौरान कई विधायकों ने भी सीएम से मुलाकात कर सरगर्मी व धड़कनें बढ़ाई रखी।

    मंत्री प्रदीप बत्रा

    सीएम धामी के नेतृत्व में पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। तमाम अंतर्विरोध के बावजूद मंत्रिमंडल विस्तार धामी की जीत मानी जा रही है।

    मंत्री भरत चौधरी
    मंत्री रामसिंह कैढा
  • गैरसैंण में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’, सियासत में मचा घमासान

    गैरसैंण में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’, सियासत में मचा घमासान

    विधानसभा कूच पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता

    स्थायी राजधानी, स्वास्थ्य सेवाएं और बेरोजगारी के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन

    गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने गैरसैंण में जोरदार प्रदर्शन किया। स्थायी राजधानी गैरसैंण, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, बेरोजगारी, महिला अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया।

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने दिवालीखाल बैरियर पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद नाराज कार्यकर्ता वहीं सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कुछ समय के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष करन माहरा और विधायक ललित फस्र्वाण,पूर्व विधायक रणजीत रावत सहित कई नेताओं ने किया।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का सहारा लिया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण का स्वास्थ्य केंद्र केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे कई बार गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है।

    गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग फिर तेज

    कांग्रेस ने एक बार फिर गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को जोर-शोर से उठाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग होती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार गैरसैंण को केवल औपचारिक रूप से ग्रीष्मकालीन राजधानी तक सीमित रखे हुए है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए इसे स्थायी राजधानी बनाया जाना जरूरी है।

    स्वास्थ्य केंद्र पर उठे सवाल
    गैरसैंण क्षेत्र से आई महिलाओं ने बताया कि यहां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर्याप्त सुविधाओं से वंचित है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकतर मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है। उनका कहना था कि गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच का प्रयास किया
    • दिवालीखाल बैरियर पर पुलिस ने रोका
    • पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
    • पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया
    • कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की

    कांग्रेस के प्रमुख मांग

    • गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग
    • स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली
    • बढ़ती बेरोजगारी और पलायन
    • महिला अपराध और कानून व्यवस्था पर सवाल
    • अंकिता भंडारी प्रकरण पर कार्रवाई की मांग
  • “प्रशासन खुद जनता के द्वार पहुंचे” — सीएम धामी

    “प्रशासन खुद जनता के द्वार पहुंचे” — सीएम धामी

    ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम’

    सरकार जनता के द्वार: रोजगार, किसानों और पारदर्शिता पर विशेष जोर

    हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ में  ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुनिश्चित किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में काम कर रही है।

    उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी प्रार्थना-पत्रों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। इसका उद्देश्य है कि प्रशासन स्वयं जनता तक पहुंचे और लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर दिया जा चुका है।

    किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं।
    सरकार पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

  • सियासी रण की पहली परीक्षा में उत्तराखण्ड कांग्रेस ने झटके पूरे अंक

    सियासी रण की पहली परीक्षा में उत्तराखण्ड कांग्रेस ने झटके पूरे अंक

    वरिष्ठ नेताओं के बीच जमी बर्फ पिघली

    राजभवन कूच में उमड़े हजारों कांग्रेसियों ने भाजपा को दिखाई ताकत

    जोशीले नारों के बीच 2027 की जीत का लिया संकल्प

    देहरादून। प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और महंगाई के मुद्दे को लेकर हजारों उत्साही कांग्रेसियों के राजभवन कूच से राजनीतिक तापमान कई गुना बढ़ गया।

    सोमवार की सुबह ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में उमड़े कांग्रेसियों के सैलाब ने 2027 के विधानसभा चुनाव की ठोस तैयारी पर भी मुहर लगा दी। सोमवार के राजभवन कूच में कांग्रेस की मेहनत सड़कों पर खूब झलकी।

    आज के राजभवन कूच में प्रभारी शैलजा की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ नेता एकसाथ खड़े नजर आए। और जोशीले अंदाज में भाजपा की कमियों को गिनाते हुए 2027 में विजयश्री हासिल करने का संकल्प लिया।

    प्रदेश के 13 जिलों से परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने लगभग 4 किमी लम्बे कूच के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

    कांग्रेस की चुनावी टीम बनने के बाद गोदियाल के नेतृत्व में यह पहला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम था। इस कूच में वक्ताओं ने कानून व्यवस्था, भ्र्ष्टाचार व महंगाई के अलावा अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पर भी खूब सवाल उठाए।

    16 फरवरी के राजभवन कूच से कांग्रेस कर नेताओं के बीच ऊपरी तौर पर एकजुटता की विशेष छाया नजर आयी। इसी एकजुटता के संकल्प के साथ कांग्रेस अगला बड़ा प्रदर्शन कुमाऊं में करेगी।

    गौरतलब है कि लगभग तीन महीने पहले नवंबर माह में कांग्रेस हाईकमान ने गणेश गोदियाल-हरक व प्रीतम सिंह को विधानसभा चुनाव की कमान सौंपते हुए भाजपा को सचेत कर दिया था।

    इधऱ, गोदियाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद पार्टी खेमे में विशेष उत्साह भो देखा जा रहा है। कूच के बाद शैलजा ने सभी नेताओं को बधाई देते हुए पीठ भी थपथपाई।

    लंबे समय बाद वरिष्ठ नेताओं के बीच पिघली बर्फ से उभरे संदेशों ने भाजपा खेमे को भी चिंता में डाल दिया है। अब केंद्रीय भाजपा नेतृत्व के सामने प्रदेश नेताओं के बीच समन्वय बनाना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप

    सोमवार की सुबह से ही परेड ग्राउंड में हजारों कार्यकर्ता जुटने लगे और सभा के बाद जुलूस निकालते हुए राजभवन देहरादून की ओर कूच किया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

    हाथीबड़कला के समीप बैरिकेडिंग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ काफी देर तक धक्का मुक्की होती रही। बाद में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। बाद में सभी गिरफ्तार कांग्रेसियों को रिहा कर दिया गया।

    इससे पूर्व, परेड ग्राउंड में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकले मार्च में अलका लांबा, प्रभारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, विधायक प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला समेत पार्टी विधायक, पूर्व मंत्री व विधायक मौजूद रहे।

    नेताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही हत्या, लूट, महिलाओं पर अपराध और नशे के बढ़ते मामलों से आम जनता में भय का माहौल है। गणेश गोदियाल एवं प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जिस उत्साह से हजारों की संख्या में भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड में एकजुट हुए उससे आने वाले समय में पार्टी संगठन को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी तथा हम और अधिक ताकत से भाजपा सरकारों की जन विरोधी नीतियों तथा अलोकतांत्रिक हिटलरशाही का जवाब देने के लिए तत्पर रहेंगे।

    प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की सुख्या में पहुंचकर ऐतिहासिक राजभवन घेराव कर भाजपा की धामी सरकार के ताबूत में अंतिम कील ठोकी है।

    गणेश गोदियाल ने राजभवन घेराव कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में आये कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की जड़ों को हिलाने का काम कर दिया है और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में निश्चित रूप से इसका लाभ कांग्रेस पार्टी को मिलेगा और जनता भाजपा सरकार की तानाशाही, जनविरोधी नीतियों और कुशासन से निजात पायेगी।

    सभा को संबोधित करते हुए करन माहरा ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, भर्ती परीक्षाओं में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं और महंगाई से आम जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया तो कांग्रेस जिला और ब्लॉक स्तर पर आंदोलन तेज करेगी। हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में विकास की गति थम गई है और युवाओं का पलायन बढ़ रहा है।
    उन्होंने कहा कि किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा, छोटे व्यापारी मंदी से जूझ रहे हैं और पर्यटन उद्योग भी अपेक्षित सहयोग न मिलने से प्रभावित है। यशपाल आर्य ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय है और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

    जुलूस जब हाथी बड़कला क्षेत्र में पहुंचा तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। बाद में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आगे बढऩे की अनुमति दी गई और उन्होंने राजभवन में ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के लिए कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

    कांग्रेस की प्रमुख मांगें

    • गंभीर अपराधों की समयबद्ध जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
    • भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
    • बेरोजगार युवाओं के लिए विशेष रोजगार पैकेज
    • महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान
    • महंगाई नियंत्रण और किसानों के लिए राहत पैकेज

    प्रदर्शन की झलक

    सुबह से गढ़वाल और कुमाऊं के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता बसों और निजी वाहनों से पहुंचे। महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस की भी बड़ी भागीदारी रही। हाथों में बैनर और झंडे लेकर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और सरकार से जवाब मांगा।

    राजनीतिक मायने

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजधानी में कांग्रेस का यह बड़ा शक्ति प्रदर्शन आगामी चुनावी रणनीति का संकेत है। पार्टी पिछले कुछ समय से कानून-व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे को प्रमुख एजेंडा बनाकर सरकार को घेर रही है। आने वाले महीनों में कांग्रेस जिला स्तर पर जनसभाएं और आंदोलन करने की तैयारी में है।

  • चुनावी जंग में भाजपा-कांग्रेस का आक्रामक अंदाज, बढ़ी हलचल

    चुनावी जंग में भाजपा-कांग्रेस का आक्रामक अंदाज, बढ़ी हलचल

    राजनीतिक डायरी- भाजपा नेताओं की  ‘गुफ्तगू’ और कांग्रेस का लोकभवन कूच

    कागजों में कांग्रेस ‘एकजुट’,भाजपा में ‘बिखराव’इंदिरा गांधी की प्रतिमा हटाने का का विरोध

    देहरादून। फिलहाल भाजपा व कांग्रेस के नक्शे में बिखराव व एकजुटता की रेखाएं घनी होती जा रही है। चुनावी साल में कांग्रेस के नेता छत्तीस का आंकड़ा होने के बाद ऊपरी तौर पर एक नजर आ रहे हैं। जबकि चौतरफा चुनौतियों से घिरी भाजपा अंदरूनी और बाहरी हमलों से उबरने की कोशिश में जुटी हुई है।
    सीएम के लगातार प्रदेशव्यापी दौरों के बीच पार्टी की अंदरूनी गहमागहमी भी साफ दिखाई दे रही है।

    बीते हफ्ते भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने वरिष्ठ नेताओं को मूल मंत्र दिया। कोर ग्रुप की बैठक के बाद भाजपा के एल गुट ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से अकेले बन्द कमरे में ‘चर्चा’ की। यह वार्तालाप सत्ता के गलियारे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
    सूत्रों का कहना है कि भाजपा के इस वरिष्ठ ग्रुप ने दायित्वधारियों की अपनी सूची के नाम कटने पर महेंद्र भट्ट से खुलकर नाराजगी जताई। चर्चा यह रही कि जो सूची दिल्ली भेजी गई। उनमें इन वरिष्ठ नेताओं की पसंद के नाम नहीं थे। लिहाजा, इस मुद्दे पर नाराज ग्रुप ने प्रदेश संगठन अध्यक्ष को अपना ‘स्टैंड’ भी क्लियर कर दिया।
    सूत्रों का कहना है कि यह सब कुछ नड्डा व सीएम के कोर ग्रुप की बैठक से जाने के बाद हुआ।
    भाजपा विधायक अरविंद पांडे के बयानों के बाद बिगड़े हालातों के बीच भाजपा के एक गुट का लगातार किसी न किसी मुद्दे पर अंदरखाने जारी खेल से यह साफ हो गया है कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
    उधर, मंत्रिमंडल विस्तार व दायित्वधारियों के मुद्दे पर पार्टी के कई विधायक व नेता सीएम धामी से भी लगातार मिल रहे हैं। कुछ नेता कैबिनेट में आने के लिए सीएम धामी की।परिक्रमा भी कर रहे हैं।  कोर ग्रुप की बैठक के सरकार-संगठन के समन्वय बनाने के अलावा भाजपा के अंदर धामी सरकार के चार साल पूरा होने पर 23 मार्च को विशाल रैली के आयोजन पर सहमति बनी।
    इस रैली के जरिये भाजपा पीएम मोदी या अमित शाह की मौजूदगी में चुनावी अभियान का श्री गणेश करेगी।

    इधऱ, कांग्रेस पार्टी बिगड़ी कानून व्यवस्था, भ्र्ष्टाचार समेत अन्य मुद्दों को लेकर 16 फरवरी,सोमवार को लोकभवन/राजभवन का घेराव करने जा रही है। कांग्रेस का आज का राजभवन कूच पार्टी की एकजुटता और भाजपा सरकार पर हमले की एक नई इबारत भी लिखेगा।
    प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल,प्रीतम सिंह व हरक सिंह रावत के कमान सम्भालने के बाद यह कांग्रेस का एक बड़ा राजनीतिक अभियान माना जा रहा है। राजभवन घेराव के लिए सभी पार्टी नेताओं ने पूरी ताकत झोंकी हुई है।

    इससे पूर्व, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हत्याओं का सिलसिला बढ़ने पर एकजुटता दिखाते हुए पुलिज़ मुख्यालय का घेराव भी किया।
    कांग्रेस के हालिया धरना-प्रदर्शन में यशपाल आर्य- गोदियाल,हरीश-हरक-प्रीतम सिंह व करण माहरा कदमताल करते दिख रहे हैं। ये सभी वरिष्ठ नेता अपने-अपने हिसाब से भी मुद्दे उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश में जुटे हैं।

    इंदिरा चौक से प्रतिमा हटाने पर कांग्रेस का विरोध

    रुद्रपुर। रुद्रपुर के इंदिरा चौक से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा हटाए जाने पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने इसे लोकतांत्रिक इतिहास और महिला नेतृत्व के सम्मान पर आघात बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रतिमा हटाने के कारण स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि इतिहास मिटाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।

    बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस ने घेरा

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य में बढ़ती हत्याओं, महिला अपराधों और आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देहरादून समेत कई क्षेत्रों में लगातार आपराधिक घटनाएं कानून व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाती हैं। गोदियाल के अनुसार एनसीआरबी आंकड़ों में बच्चों के लापता होने के मामले भी गंभीर हैं, जिससे जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

    लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर श्रेय लेने की राजनीति का आरोप

    कांग्रेस ने लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग को सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वीकृति का स्वागत किया, लेकिन भाजपा पर श्रेय लेने का आरोप लगाया। गणेश गोदियाल ने कहा कि इस मार्ग के लिए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने लगातार प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनता के संघर्ष का परिणाम है, न कि सरकार की नई उपलब्धि।

    धर्म के नाम पर अराजकता का विरोध

    युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी ने धर्म के नाम पर हिंसा और अराजकता के आरोपों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल की आपराधिक घटनाओं से राजधानी में असुरक्षा बढ़ी है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि निर्दोष लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ यूथ कांग्रेस आवाज उठाएगी।

  • महापंचायत की तैयारी तेज़, इंडिया गठबंधन ने रणनीति पर किया मंथन

    महापंचायत की तैयारी तेज़, इंडिया गठबंधन ने रणनीति पर किया मंथन

    अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच को बताया वीआईपी बचाने की कोशिश

    देहरादून। इंडिया गठबंधन की बैठक में 8 फरवरी को प्रस्तावित महापंचायत की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण में घोषित सीबीआई जांच को वीआईपी को बचाने की एक और कोशिश करार दिया।

    वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता की शिकायत के बजाय ऐसे व्यक्ति की एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच कराना, जिसका इस प्रकरण से कोई सीधा संबंध नहीं है, सरकार की मंशा को उजागर करता है। यह पूरे मामले में एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है।

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि सीबीआई जांच अंकिता भंडारी के माता-पिता की शिकायत के आधार पर होनी चाहिए और यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

    पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दल आपसी विचार-विमर्श के साथ अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

    इस अवसर पर एस एन सचान, भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य कामरेड समर भंडारी, कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार, माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड सुरेंद्र सजवाण, भाकपा (माले) के राज्य सचिव कामरेड इंद्रेश मैखूरी, उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, निर्मला बिष्ट, जी.डी. डंगवाल, डॉ. रवि चोपड़ा, सर्वोदय मंडल से हरवीर सिंह कुशवाहा, पूर्व सैनिक पी.सी. थपलियाल, कामरेड एस.एस. रजवार, अतुल शर्मा, संजय शर्मा, प्रीतम सिंह आर्य, डॉ. आर.पी. भारद्वाज, सईद अहमद, पदमा गुप्ता, अशोक शर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।

  • चुनावी साल में सीएम धामी की ‘अन्न भेंट डिप्लोमेसी’ सुर्खियों में

    चुनावी साल में सीएम धामी की ‘अन्न भेंट डिप्लोमेसी’ सुर्खियों में

    …अब हरदा की रसोई में उड़ेगी धामी के चावलों की खुशबू

    सीएम धामी का घर आना सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का सुंदर उदाहरण-हरदा

    सीएम धामी ने अपने खेत के चावल  हरीश रावत को भेंट किए

    देहरादून। एक ओर कांग्रेस के नेता 2027 के चुनाव के लिए कमर कस रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सीएम धामी आत्मीयता से भरी अन्न डिप्लोमेसी का संदेश दे रहे हैं।
    शुक्रवार की रात सीएम धामी कांग्रेस नेता हरीश रावत को मिलने पहुंच गए। और चावल भेंट कर   पूर्व सीएम को आश्चर्यचकित व आह्लादित भी कर दिया।

    दो दिन पूर्व ही कांग्रेस के दिग्गजों ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर राजनीति को गर्मा दिया। यूं तो हरीश रावत को सीधे तौर पर चुनाव की कोई जिम्मेदारी नहीं दी गयी है। लेकिन हरदा की सक्रियता कई सीटों को प्रभावित करेगी। यह तथ्य कांग्रेस के अलावा भाजपा भी बेहतर ढंग से समझ रही है।

    इसी गणित को समझते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता  हरीश रावत  से उनके डिफेंस कॉलोनी  स्थित आवास पर  भेंट किये। यही नहीं, अकेले में गुफ्तगू भी की।

    भेंट के दौरान मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपनी ओर से एक आत्मीय प्रतीक के रूप में अपने खेत में उत्पादित चावल हरीश रावत को भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भेंट उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

    हरीश रावत  ने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के इस स्नेहिल व्यवहार एवं आत्मीय भेंट के लिए आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की यह भेंट राजनीतिक परंपराओं में आपसी सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का एक सुन्दर उदाहरण है।

    गौरतलब है कि सीएम धामी का विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने जुलने की खबरें भी सुर्खियां बनती रहती हैं।
    सीएम धामी के इन चावलों की खुशबू अब हरीश रावत की रसोई में बिखरेगी। चावल भेंट कर सीएम धामी ने कांग्रेस हाईकमान को भी विशेष चुनावी सन्देश देने की कोशिश की है। अन्न भेंट करना नितांत पारिवारिक व आत्मीय क्षणों में गिने जाते हैं। उत्तराखण्ड के शुभ अवसरों विवाह,मुंडन आदि में अनाज भेंट करने का लंबा इतिहास रहा है।

    बहरहाल, हरदा की रसोई से उड़ने वाली धामी के चावलों की खुशबू कांग्रेस के किले में कितनी दूर तक फैलेगी, यह देखना और महसूस करना भी कम रोचक नहीं होगा।

  • कांग्रेस का ऐलान: 16 फरवरी को लोकभवन घेराव

    कांग्रेस का ऐलान: 16 फरवरी को लोकभवन घेराव

    भ्रष्टाचार, अपराध और बेरोज़गारी के मुद्दे पर जन जागरण करेगी कांग्रेस

    तीन महीने तक चलेगा का जन-जागरण

    रुद्रपुर के सामूहिक बलात्कार पर पुलिस- प्रशासन को घेरा

    देहरादून। चुनावी मोड में उतरी कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक जंग का बिगुल फूंक दिया है। 16 फरवरी को लोकभवन का घेराव किया जाएगा। और अगले तीन महीने तक विभिन्न मुद्दों पर जन जागरण अभियान चलाया जाएगा।
    दो दिन पहले दिल्ली में राहुल गांधी और खड़गे के साथ हुई बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज दून में एकसाथ बैठे।

    गुरुवार को उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव की महत्वपूर्ण बैठक हुई । बैठक के उपरांत उपरोक्त सभी नेताओं द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया।

    प्रेस वार्ता में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेरोज़गारी और प्रशासनिक अराजकता के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।
    राज्य की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार, अन्याय, अत्याचार, अव्यवस्था, उत्पीड़न, महिला अपराधों में बेतहाशा वृद्धि और नौकरियों की खुली बंदरबांट को ही अपनी पहचान बना लिया है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटी है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते, इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाएगी, जिसमें हर वर्ग—युवा, महिला, किसान, कर्मचारी और बेरोज़गार—को जोड़ा जाएगा।
    गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने सत्ता को लूट, झूठ और दमन का औज़ार बना दिया है।
    राज्य आज भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला, महिला असुरक्षा की राजधानी, बेरोज़गारी का गढ़ और अन्याय-अत्याचार का केंद्र बन चुका है। सरकार का हर विभाग भ्रष्टाचार में डूबा है और मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं।

    नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी अब हर घर तक पहुंच चुकी है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं सरकार मूक दर्शक बनी हुई है ,कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाएगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।
    आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों, दलालों और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन चुकी है।
    अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर नौकरियों की बंदरबांट तक—हर मामले में सरकार का चेहरा बेनकाब हुआ है। भाजपा का “डबल इंजन” उत्तराखंड के लिए डबल अत्याचार बन चुका है।

    पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की अस्मिता, संसाधनों और नौजवानों के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। अगले तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाकर भाजपा सरकार की एक-एक नाकामी को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
    पार्टी के वर्तमान “चतुर्भुज नेतृत्व” की खुलकर सराहना करते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह नेतृत्व साहस, संवेदनशीलता और संघर्ष की भावना का प्रतीक है।
    उन्होंने आगामी सभी कार्यक्रमों के लिए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं तथा अंकिता भंडारी हत्याकांड को जिस प्रभावशाली और निरंतर तरीके से उठाया जा रहा है, उसके लिए प्रदेश नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है जो पीड़ितों के साथ खड़ी रहती है और न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ती है।

    चुनाव अभियान  समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि जन-जागरण अभियान की कड़ी में 16 फरवरी को प्रदेशभर के मुद्दों को लेकर लोकभावन/ राजभवन का घेराव किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से कांग्रेसजन और आम नागरिक भाग लेंगे।
    प्रीतम ने कहा कि यह सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जनता के हक़ की निर्णायक लड़ाई है। संगठन पूरी तरह तैयार है और भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरा जाएगा।
    चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और जन आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से गांव-गांव, शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा।हरक ने कहा कि 16 फरवरी का राजभवन घेराव सरकार की नाकामी, अन्याय और अहंकार के खिलाफ जनता का सशक्त संदेश होगा।

    सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के जनविरोधी शासन के खिलाफ संघर्ष अब और तेज़ होगा तथा जनता के हक़ की लड़ाई हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी।
    सह प्रभारियों ने जानकारी दी कि 16 फरवरी के लोकभवन घेराव कार्यक्रम के संयोजक चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह होंगे ।

    रुद्रपुर के सामूहिक बलात्कार पर पुलिस- प्रशासन को घेरा

    पूर्व अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि रुद्रपुर में फैक्ट्री में काम करने वाली एक बहन के साथ हुई दरिंदगी सिर्फ़ एक अपराध नहीं है, यह पूरे सिस्टम के मुँह पर तमाचा है। लिफ्ट देने के नाम पर गाड़ी में बैठाकर सामूहिक बलात्कार करना और फिर उसे सड़क पर फेंक देना..यह किसी एक व्यक्ति की हैवानियत नहीं, बल्कि उस शासन की असफलता है जो दिन-रात “सुशासन” और “कानून-व्यवस्था” का ढोल पीटता है।

    सवाल यह है कि अगर एक मेहनतकश महिला अपने काम से लौटते समय सुरक्षित नहीं है, तो फिर यह सरकार किसके लिए है?
    भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड महिलाओं के लिए लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। देहरादून पहले ही सवालों के घेरे में है, अब रुद्रपुर, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ तक अपराध की घटनाएं आम होती जा रही हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में न तो महिला सुरक्षा है, न ही अपराधियों के भीतर कानून का डर। नतीजा यह है कि अपराधी बेखौफ हैं और बेटियाँ डरी हुई।
    सबसे शर्मनाक बात यह है कि हर घटना के बाद वही रटा-रटाया बयान आता है कि “जांच होगी”, “कड़ी कार्रवाई की जाएगी”, “कानून अपना काम करेगा”। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि न तो पुलिस व्यवस्था मजबूत हुई, न ही अपराधियों को समय पर सज़ा मिली। सत्ता के संरक्षण में अपराध पनप रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
    यह भी सच है कि उत्तराखंड को कभी देवभूमि कहा जाता था, जहाँ नारी को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना जाता था। आज उसी देवभूमि में बेटियाँ सड़क पर फेंकी जा रही हैं और सरकार कुर्सी बचाने की राजनीति में व्यस्त है। यह सिर्फ़ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं, यह पहाड़ की अस्मिता, सम्मान और सामाजिक ताने-बाने पर सीधा हमला है।
    अब बहुत हो चुका। अगर आज भी सरकार नहीं जागी, तो आने वाले समय में उत्तराखंड महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में गिना जाएगा। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर कब तक बहनों-बेटियों की इज्ज़त की कीमत पर यह सत्ता चलती रहेगी? जनता सब देख रही है, और यह अन्याय ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने रेखा आर्या के पति के बयान पर जताई आपत्ति

    केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने रेखा आर्या के पति के बयान पर जताई आपत्ति

    कहा, न वो भाजपा के हैं, न ही उत्तराखंड से उनका कोई लेना-देना

    बिहार कोर्ट का नोटिस, कानूनी शिकंजा कसता

    अल्मोड़ा। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। एक ओर कांग्रेस, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने इस बयान से साफ तौर पर दूरी बनाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अल्मोड़ा पहुंचे अजय टम्टा ने न सिर्फ बयान की निंदा की, बल्कि इसे देवभूमि उत्तराखंड और भाजपा से जोड़कर देखने से भी इनकार कर दिया।

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि गिरधारी लाल साहू के बयान को उन्होंने वीडियो में देखा है और उसमें कही गई बातें अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और समाज को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे संस्कारी और सांस्कृतिक प्रदेश से ऐसी सोच और भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे बयान प्रदेश की छवि को धूमिल करने का काम करते हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    “न भाजपा के, न उत्तराखंड के”

    अजय टम्टा ने दो टूक कहा कि गिरधारी लाल साहू न तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और न ही उनका उत्तराखंड से कोई संबंध है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति न पार्टी से जुड़ा है और न ही प्रदेश से, तो उसके बयान को देवभूमि उत्तराखंड की सोच और संस्कृति से जोड़कर देखना गलत होगा। टम्टा ने कहा कि व्यक्ति की सोच जैसी होती है, वही उसकी भाषा में झलकती है और इस तरह के बयान समाज को बदनाम करने का काम करते हैं।

    बिहार कोर्ट का नोटिस, कानूनी शिकंजा कसता

    विवादित बयान का मामला अब कानूनी स्तर पर भी पहुंच गया है। बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट की ओर से गिरधारी लाल साहू को नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब तलब किया गया है। एडीजे प्रथम की अदालत में उनके खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक और कानूनी बहस का भी विषय बन गया है। फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं।

    23 दिसंबर के बयान से भड़का सियासी तूफान

    गौरतलब है कि 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाधात में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू ने महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने शादी के संदर्भ में बिहार की लड़कियों को लेकर जो बयान दिया, उसका वीडियो सामने आते ही प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया। कांग्रेस, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए मंत्री रेखा आर्या और उनके पति के खिलाफ प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर पुतला दहन भी किया गया।