ठेली-खोमचे से लेकर छात्रों तक, सहकारिता का दायरा होगा और व्यापक

ठेली-खोमचे से लेकर छात्रों तक, सहकारिता का दायरा होगा और व्यापक
“एनपीए 5% से नीचे लाएं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई”
सहकारिता को जनसहभागिता से जोड़ने की व्यापक योजना

 

देहरादून। प्रदेश के ठेली-खोमचे व्यवसायियों को सहकारी बैंक से जोड़कर खाते खोले जाएंगे औऱ सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि एनपीए को हर हाल में 5% से नीचे लाने के लिए समयबद्ध रणनीति तैयार की जाए, जिसकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर जिम्मेदार कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बहुउद्देशीय समितियों के गठन, ऑडिट पारदर्शिता, पैक्स कम्प्यूटरीकरण की गति बढ़ाने और बिजनेस प्लान निर्माण सहित कई बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए गए।
“सहकार मंथन” विषय पर अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती और गुजरात भ्रमण कार्यक्रम पर प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की प्रबंध निदेशक श्रीमती मंगला त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया।

डॉ. रावत ने कहा कि अब वे स्वयं सभी जनपदों में जाकर डीएम, सीडीओ, निबंधक व सचिव की उपस्थिति में समीक्षा करेंगे। इसकी शुरुआत हरिद्वार जनपद से होगी और इसके लिए विस्तृत समीक्षा कैलेंडर तैयार किया जा रहा है।

सहकारिता को जनसहभागिता से जोड़ने के लिए मंत्री ने कहा–

ठेली-खोमचे व्यवसायियों को सहकारी बैंक से जोड़कर खाते खोलना व सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराना

प्रदेश के 17,000 स्कूलों के खाते सहकारी बैंकों में स्थानांतरित कराना

25,000 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके बैंक खाते खुलवाना

3 लाख डिग्री कॉलेज छात्रों को सहकारिता से जोड़ना

शीघ्र ही थीम आधारित सहकारिता मेले, डिजिटल सुझाव पोर्टल व मासिक पत्रिका की शुरुआत

उन्होंने वीर माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि प्रदर्शन खराब होने पर जबरन सेवानिवृत्ति जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

सचिव सहकारिता डॉ. बीवीआर पुरुषोत्तम ने निर्देश दिया कि जनपदों के नोडल अधिकारी मंत्री के निर्देशों की साप्ताहिक समीक्षा करें।
निबंधक डॉ. मेहरबान बिष्ट ने चौपालों के माध्यम से सहकारी जागरूकता अभियान चलाने, नए खाते खोलने, और गुजरात भ्रमण से जुड़े बिंदुओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

मियांवाला स्थित निबंधक कार्यालय सभागार में में हुई राज्य स्तरीय सहकारिता समीक्षा बैठक में प13 जनपदों के जिला सहायक निबंधक, सहकारी बैंकों के सचिव एवं महाप्रबंधक वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, श्रीमती उप्रेती, श्रीमती त्रिपाठी, श्रीमती मंदरवाल, श् राजेश चौहान व श्रीमती मोनिका चुनेरा सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।