28 जून तक भारी बारिश के आसार, आज कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

जून

उत्तराखंड में 28 जून तक भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून-नैनीताल में ऑरेंज

प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई, नदी-नालों से दूर रहने की अपील

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में 28 जून तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेषकर 23 जून को देहरादून और नैनीताल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है, जो संभावित भारी वर्षा की ओर संकेत करता है।

सतर्कता के निर्देश, खतरे की आशंका

मौसम विभाग ने राज्य के नागरिकों, पर्यटकों और प्रशासनिक इकाइयों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों के अवरुद्ध होने और निचले क्षेत्रों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को पहले से ही अलर्ट मोड पर रखा है। सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की जा रही हैं।

स्थानीय प्रशासन की अपील

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। नदी-नालों के पास ना जाएं और मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे अपडेट्स पर ध्यान दें। यात्रियों और पर्यटकों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

इस दौरान राज्य में चल रही चारधाम यात्रा पर भी मौसम का प्रभाव पड़ सकता है। संबंधित जिलों के प्रशासन को तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को मौसम की जानकारी के बिना यात्रा पर न निकलने की सलाह दी गई है।

निगरानी और पूर्व चेतावनी व्यवस्था सक्रिय

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला आपदा प्रबंधन केंद्रों (DDMC) को अलर्ट पर रखा गया है। मौसम से जुड़े हर अपडेट की मॉनिटरिंग की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बर्फबारी वाले क्षेत्रों में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।