Blog

  • बीकेटीसी अध्यक्ष ने पैदल मार्ग का किया निरीक्षण, यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    बीकेटीसी अध्यक्ष ने पैदल मार्ग का किया निरीक्षण, यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    श्री केदारनाथ धाम । श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी )अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पैदल मार्ग से श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्था का जायजा लिया।

    केदारनाथ में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्वेदी ने मंदिर परिसर, कार्यालय, दर्शन पंक्ति तथा अन्य यात्रा संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिये । तीर्थयात्रियों से बातचीत कर व्यवस्था के बाबत फीडबैक लिया।
    अध्यक्ष ने बताया कि अभी तक साढ़े चौदह लाख श्रद्धालुओं ने भगवान केदारनाथ के दर्शन कर लिए है । श्रावण के पवित्र माह में बड़ी संख्या में कांवड़ी श्री केदारनाथ धाम में जलाभिषेक को पहुंच रहे है । मानसून के बाद यात्रा के दूसरे चरण हेतु तैयारियां गतिमान है।

    भगवान केदारनाथ के दर्शन, जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा श्री केदार सभा तथा बीकेटीसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिवमहापुराण कथा श्रवण की।
    इस अवसर पर केदारसभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष का स्वागत किया इस इस दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय भी मौजूद रहे।

    बीकेटीसी अध्यक्ष ने शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ में भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया। व्यास पीठ से आचार्य शिवराम भट्ट से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा केदारसभा सहित सभी भक्तों दानीदाताओं का भी आभार जताया।शिव महापुराण की नवें दिन की कथा के अवसर पर आचार्य व्यास ने भगवान शिव की महिमा एवं महात्म्य पर प्रकाश डाला कहा कि भगवान भोलेशंकर जलाभिषेक मात्र से प्रसन्न हो जाते है।

    इस अवसर पर श्री केदार सभा अध्यक्ष पं राजकुमार तिवारी, केदारनाथ प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, केदार सभा उपाध्यक्ष राजेंद्र तिवारी मंत्री अंकित सेमवाल, कोषाध्यक्ष प्रवीण तिवारी,पंकज शुक्ला, तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी, कुंवर शुक्ला, संजय तिवारी, प्रदीप तिनसोला,रोशन तिवारी आदि मौजूद रहे।

  • विदुषी निशंक को प्रथम ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से नवाजा गया

    विदुषी निशंक को प्रथम ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से नवाजा गया

    शिक्षा, न्याय, साहित्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुईं सम्मानित

    नई दिल्ली। उत्तराखंड की बेटी विदुषी निशंक को शिक्षा, न्याय, साहित्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रथम ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। संस्कृति युवा संस्था एवं इंडियन ग्लोबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार आयोजित यह सम्मान समारोह नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।

    समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  कलराज मिश्र, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने विदुषी निशंक को ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ प्रदान कर सम्मानित किया।

    पेशे से अधिवक्ता विदुषी निशंक भारत के प्रथम ‘लेखक गाँव’ (Writers’ Village) की निदेशक हैं तथा सामाजिक क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। वे अपनी स्वर्गीय माता की स्मृति में स्थापित ‘कुसुम कांता फाउंडेशन’ के माध्यम से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सेवा के कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। शैक्षणिक रूप से वे विधि में स्वर्ण पदक विजेता हैं तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से एलएलएम हैं। साथ ही वे यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के लिए कॉमनवेल्थ स्कॉलर रही हैं। शिक्षा, विधि और सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रिय भागीदारी महिला सशक्तिकरण एवं युवा नेतृत्व के प्रेरक उदाहरण के रूप में उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रही है।

    समारोह में विदुषी निशंक के साथ प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना  शोवना नारायण, भारतीय फिल्म एवं मीडिया जगत के श्री संदीप मारवाह, लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज सिन्हा, स्वामी प्रेम अन्वेष जी महाराज,  स्वाति गर्ग सहित देशभर से विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित विभूतियों को भी ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।

  • उत्तराखंड के युवा रवि ने रचा इतिहास, बनाया उड़ने वाला ई-व्हीकल

    उत्तराखंड के युवा रवि ने रचा इतिहास, बनाया उड़ने वाला ई-व्हीकल

    देखें वीडियो,अल्मोड़ा में तकनीकी परीक्षण

    उम्मीदों की उड़ान…

    कई वर्षों के शोध के बाद तैयार किया हापिडा स्काईनेक्स का प्रोटोटाइप

    अल्मोड़ा। पहाड़ के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का प्रोटोटाइप तैयार किया है। उनका दावा है कि यह वाहन हवा में उड़ान भरने के साथ ही इलेक्ट्रिक ऊर्जा से संचालित होगा। कई वर्षों के शोध, डिजाइन और तकनीकी परीक्षण के बाद तैयार किए गए इस प्रोटोटाइप का परीक्षण भी किया जा चुका है।

    रवि टम्टा के अनुसार, हवा में उड़ान भरकर परीक्षण करने के बाद अब प्रोटोटाइप को और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। इस दौरान डिजाइन, शोध और तकनीकी परीक्षणों के कई चरण पूरे किए गए। उनका उद्देश्य ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन विकसित करना है, जो भविष्य में परिवहन के वैकल्पिक साधन के रूप में उपयोग किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि प्रोटोटाइप का परीक्षण परियोजना के लिए महत्वपूर्ण चरण है। इसे व्यावहारिक और सुरक्षित परिवहन साधन बनाने के लिए अभी कई स्तरों पर परीक्षण किए जाने बाकी हैं। वाहन की सुरक्षा, स्थिरता, क्षमता और प्रदर्शन को लेकर आगे भी परीक्षण किए जाएंगे।

     

    रवि का कहना है कि इस तरह के इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का उपयोग भविष्य में शहरों में यातायात की समस्या कम करने के साथ ही पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। आपात स्थिति में ऐसे वाहनों के जरिए दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

    पहले भी तैयार कर चुके हैं कई उपकरण

    रवि टम्टा इससे पहले भी कई उपयोगी उपकरण तैयार कर चुके हैं। उनके अनुसार, उन्होंने विभिन्न जरूरतों के लिए स्वचालित उपकरणों के साथ दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए भी कई उपयोगी उपकरण विकसित किए हैं।

    भारत में हवाई परिवहन को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य

    रवि का लक्ष्य भारत में हवाई परिवहन के क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करना और इसे सुरक्षित व व्यावहारिक बनाना है। प्रोटोटाइप के परीक्षण के बाद अब परियोजना को अगले चरण में ले जाने की तैयारी की जा रही है।

    सीएम धामी ने रवि को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

    “हैपिडा स्काइनेक्स” की उड़ान- अल्मोड़ा में किया प्रदर्शन

    अल्मोड़ा निवासी रवि टम्टा ने अपने नवाचार और तकनीकी कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए “हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)” नामक स्वयं निर्मित सिंगल सीटेड फ्लाइंग व्हीकल डिवाइस से सफल ट्रायल उड़ान भरकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
    यह विशेष डिवाइस पूर्णतः इलेक्ट्रिक पावर से संचालित है, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण बनाता है। सीमित संसाधनों में तैयार किए गए इस फ्लाइंग व्हीकल ने पूरे देश में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल पैदा किया है।

    स्थानीय हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में आयोजित ट्रायल उड़ान के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में रवि टम्टा ने “हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)” को सफलतापूर्वक उड़ान भराते हुए अपने नवाचार को साकार रूप दिया। इस दौरान सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का ध्यान रखा गया तथा प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

    “हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)” की डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इलेक्ट्रिक पावर (Electric Power) आधारित यह डिवाइस भविष्य की स्वच्छ एवं सतत तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उनकी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह नवाचार प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देता है। मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

    जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने इस उपलब्धि को जनपद के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि ऐसे नवाचार स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं और युवाओं को नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से भी नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु हर संभव सहायता दी जाएगी।

  • तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेशभर में आयोजित करेगा रोजगार मेले

    तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेशभर में आयोजित करेगा रोजगार मेले

    विभागीय मंत्री डा. रावत ने बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश

    कहा, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में देंगे 10 हजार युवाओं को रोजगार

    देहरादून । प्रदेशभर के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को देशभर की विभिन्न बहु राष्ट्रीय कम्पनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिये तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेशभर में विशेष रोजगार मेलों का आयोजन करेगा। जिसके तहत गढ़वाल व कुमाऊं मण्डल में दो-दो मेलों का आयोजन किया जायेगा। जिसमें विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास विभाग की भी भागीदारी रहेगी।

    सूबे के विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने सभी लम्बित कार्यों को नियत समय पर पूर्ण करने के आदेश विभागीय अधिकारियों को दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देना है। जिसके तहत अभी तक 42 हजार युवाओं को रोजगार दे चुकी है। जिसमें स्थाई कार्मिकों के अलावा संविदा व आउटसोर्स कार्मिक भी शामिल है। डाॅ. रावत ने कहा कि आगामी चार माह के भीतर तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेशभर के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से चार रोजगार मेलों का आयेाजन करेगा, जिसमें से गढ़वाल मंडल में श्रीनगर व देहरादून तथा कुमाऊं मण्डल में काशीपुर व अल्मोड़ा में मेलों का आयोजन किया जायेगा। जिसमें पाॅलीटेक्निक, आईटीआई व राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज से पास आउट एवं अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के अलावा विद्यालयी शिक्षा के तहत व्यावसायिक कोर्स कर चुके छात्र-छात्राओं को भी रोजगार का अवसर दिया जायेगा। इसके अलावा उच्च ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं व ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को भी निजी कम्पनियों में रोजगार पाने का मौका मिल सकेगा। इसके लिये तकनीकी शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर निःशुल्क आॅनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं। डाॅ. रावत ने बताया कि रोजगार मेलों के आयोजन में विद्यालयी शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा के साथ ही सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग की भी भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। जिसके लिये शीघ्र ही एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक बुलाई जायेगी। जिसमें रोजगार मेलों के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जायेगा।

    बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, सचिव तकनीकी शिक्षा डाॅ. रंजीत सिन्हा, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, उप सचिव तकनीकी शिक्षा ब्योमकेश दुबे, संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा देवेन्द्र गिरी, संयुक्त सचिव आईआरडीटी मुकेश पाण्डेय, उप निदेशक एस.के.वर्मा, महेन्द्र सिंह कन्याल, अभिषेक कुमार सिंह व सचिन कुमार सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

    बाॅक्स

    विभागों में होगा मीडिया सेल का गठन
    बैठक में कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को अपने मुख्यालय में एक मीडिया सेल गठन करने के निर्देश दिये। जिसका मुख्य कार्य विभागीय वेबसाइट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नियमित रूप से अपडेट करने के साथ ही सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों, विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी विभिन्न संचार माध्यमों से आमजन तक पहुंचाना होगा। मीडिया सेल में आईटी एवं तकनीकी रूप से दक्ष तीन कार्मिकों को शामिल कर यह जिम्मेदारी दी जायेगी।

  • एक सितंबर से होगा मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का भव्य आगाज

    एक सितंबर से होगा मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का भव्य आगाज

    खेल महाकुंभ 2026ः

    न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होगा प्रतिभा का प्रदर्शन

    जिलाधिकारी ने दिए समयबद्ध तैयारियों के निर्देश, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगे मुकाबले;

    देहरादून ने पिछले वर्ष 318 पदक के साथ राज्य में हासिल किया था प्रथम स्थान

    देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से आगामी 1 सितंबर से ‘खेल महाकुंभ 2026-मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी’ का भव्य शुभारंभ होगा। न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए सभी जनपदों में समितियों का गठन कर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

    इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें खेल महाकुंभ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

    जिलाधिकारी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीम भावना, धैर्य और संघर्षशीलता जैसे जीवन-मूल्यों के विकास का सशक्त आधार हैं। उन्होंने अधिकारियों से ‘खेल महाकुंभ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी‘ का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कर अधिकाधिक युवाओं को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करने को कहा।

    उन्होंने निर्देश दिए कि विगत वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की प्रगति का विश्लेषण कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री के उत्तराखंड को ‘खेल भूमि’ बनाने के संकल्प को साकार किया जा सके।

    बैठक में बताया गया कि 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर, 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा स्तर तथा 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद 1 अक्टूबर से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं संपन्न कराई जाएंगी। प्रतियोगिताओं में अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाएं प्रतिभाग करेंगे।

    खेल महाकुंभ के लिए ‘क्यूआर कोड’ तथा ‘खेलोयूके’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही पंचायत भवन, शिक्षण संस्थानों, नगर निकायों, ब्लॉक, तहसील, जिला मुख्यालय तथा संबंधित विभागीय कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन भी जमा किए जा सकेंगे।

    प्रतियोगिताओं में खो-खो, बॉक्सिंग, जूडो, ताइक्वांडो, कराटे, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और शतरंज सहित अनेक खेल शामिल किए गए हैं।

    बैठक में विधायक उमेश शर्मा (काऊ) तथा ऋषिकेश नगर निगम के मेयर शंभू पासवान ने कहा कि खेल महाकुंभ राज्य के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का प्रभावी मंच है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

    जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, खेल, पेयजल, विद्युत, सूचना, पुलिस तथा पीआरडी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ खेल महाकुंभ के सफल एवं भव्य आयोजन के निर्देश दिए।

    जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि न्याय पंचायत, विधानसभा एवं संसदीय क्षेत्र स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र, पदक एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए क्रमशः 300, 200 और 150 रुपये, विधानसभा स्तर पर 500, 400 और 300 रुपये, जबकि संसदीय क्षेत्र स्तर पर 800, 600 और 400 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

    उन्होंने बताया कि खेल महाकुंभ में प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में 12,383, 2024-25 में 34,570 तथा 2025-26 में 53,550 खिलाड़ियों ने भाग लिया। पिछले वर्ष देहरादून ने 146 स्वर्ण, 92 रजत और 80 कांस्य सहित कुल 318 पदक जीतकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

  • चारधाम रूट की पार्किंग व्यवस्था होगी मजबूत

    चारधाम रूट की पार्किंग व्यवस्था होगी मजबूत

    कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग प्रोजेक्ट की समीक्षा

    सचिव आवास ने की परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा

    देहरादून। चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

    इसी कड़ी में गुरुवार को आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में कर्णप्रयाग एवं सिमली पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत वित्तीय समिति (डीएफसी) की बैठक आयोजित हुई।
    बैठक में दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के वित्तीय, तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    चारधाम यात्रा के लिए तैयार होगा मजबूत पार्किंग नेटवर्क

    आवास विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली के अधिकारियों ने परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर जिलाधिकारी एवं सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी जुड़े। बैठक में परियोजनाओं के उद्देश्य, स्थल चयन, यातायात सर्वेक्षण, पार्किंग क्षमता, निर्माण लागत, डिजाइन और तकनीकी मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों परियोजनाएं भविष्य में चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    कर्णप्रयाग में बाजार को मिलेगी बड़ी राहत

    बैठक में बताया गया कि कर्णप्रयाग पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 373.75 लाख रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना के पूरा होने पर यहां 22 चारपहिया वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। पार्किंग के प्रथम तल पर एक आधुनिक कमर्शियल हॉल भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा तथा परियोजना के संचालन से राजस्व सृजन भी होगा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। विशेषकर चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। नई पार्किंग सुविधा बनने से बाजार क्षेत्र में यातायात अधिक व्यवस्थित होगा और यात्रियों को भी सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध हो सकेगी।

    सिमली बनेगा ट्रैफिक प्रबंधन का नया केंद्र

    बैठक में सिमली पार्किंग परियोजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 398.85 लाख रुपये है तथा इसमें 30 चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां से चारधाम यात्रा मार्ग, श्री नंदा देवी राजजात यात्रा तथा गैरसैंण की ओर जाने वाला मार्ग जुड़ता है। यात्रा सीजन और विशेष अवसरों पर यहां भारी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। नई पार्किंग सुविधा विकसित होने के बाद सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग में कमी आएगी तथा यातायात संचालन अधिक सुचारु और सुरक्षित हो सकेगा।

    बैठक के दौरान सचिव आवास ने परियोजनाओं के वित्तीय एवं तकनीकी पहलुओं पर आवश्यक सुझाव दिए और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इन पार्किंग परियोजनाओं को राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत चारधाम यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन, यात्री सुविधाओं और शहरी आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

    सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक एवं टिकाऊ आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग परियोजनाएं केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये बेहतर यातायात प्रबंधन, यात्रियों की सुविधा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं से जुड़ी वित्तीय, तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करें। गुणवत्ता के साथ शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • 459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ

    459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ

    उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

    एनआईटी श्रीनगर के विकास और उच्च शिक्षा के विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

    नई दिल्ली/देहरादून । सूबे के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने एचएनबी गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण सहित उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

    मीडिया को जारी बयान में डाॅ. रावत ने बताया कि नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से हुई शिष्टाचार बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री के साथ हेफा (उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी) के तहत एचएनबी गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। यह परियोजना उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियां, अनुसंधान व नवाचार को नई गति प्रदान करेगी साथ ही विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के विकास में अहम साबित होगी, जिसका लाभ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के साथ ही आम जनमानस को मिलेगा।

    इस अवसर पर डाॅ. रावत ने एनआईटी श्रीनगर (गढ़वाल) के नवनिर्मित परिसर के लोकार्पण हेतु आमंत्रित करते हुये समय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि परिसर में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों शीघ्र लाभ मिल सके। इसके अलावा डाॅ. रावत ने संस्थान के सुचारू संचालन को केन्द्रीय मंत्री से स्थाई निदेशक की शीघ्र नियुक्ति की मांग की, साथ ही उन्होंने एनआईटी परिसर में हो रहे जलभराव से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया और 6 परिवारों के समुचित विस्थापन व पुनर्वास के लिये आवश्यक सहयोग करने का अग्रह किया। जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।

    मुलाकात के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर डॉ. धन सिंह रावत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की। खासकर उन्होंने उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने व यूनेस्को एआई फॉर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग वर्ग में उत्तराखण्ड एससीईआरटी की परियोजना के विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल होने पर खुशी जताई।

  • उत्तराखण्ड में एनसीसी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर मंथन

    उत्तराखण्ड में एनसीसी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर मंथन

    मुख्यमंत्री से महानिदेशक एनसीसी ने की शिष्टाचार भेंट

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स, YSM, SM, VSM ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार, सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों तक एनसीसी की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा संगठन की आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान महानिदेशक एनसीसी ने राज्य के अधिकाधिक युवाओं को एनसीसी से जोड़ने के उद्देश्य से सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में नई एनसीसी इकाइयों के गठन एवं विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
    उन्होंने राज्य में आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना के विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना सहित विभिन्न भावी योजनाओं की रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सेवा-भाव को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर युवाओं में राष्ट्रीय चरित्र, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने वाला देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसकी राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य में एनसीसी के विस्तार तथा प्रस्तावित आधारभूत संरचना विकास से संबंधित सभी पहलों के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से राज्य के युवाओं को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण एवं राष्ट्र सेवा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

  • दिसंबर से पहले 2,500 से अधिक पदों पर भर्ती, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

    दिसंबर से पहले 2,500 से अधिक पदों पर भर्ती, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

    चुनावी साल में भर्ती का पिटारा खोलने जा रही है धामी सरकार

    34 हजार रिकॉर्ड भर्तियों के बाद सरकार का एक और बड़ा दांव

    देहरादून। विधानसभा चुनाव से पहले पुष्कर सिंह धामी सरकार एक बार फिर से सरकारी नौकरियों का पिटारा खोलने की तैयारी में है। इसी क्रम में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, दिसंबर से पहले विभिन्न विभागों में करीब 2500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही जिन पदों के लिए पहले ही आवेदन लिए जा चुके हैं, उनकी लिखित परीक्षाएं भी दिसंबर तक कराने की तैयारी है। इन पदों की संख्या भी लगभग 1500 है। इस तरह वर्ष के अंत तक करीब चार हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंच जाएगी।

    उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि दिसंबर से पहले करीब 2477 पदों पर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इनमें स्केलर, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, स्नातक स्तरीय विज्ञान वर्ग के पद, पुलिस, आबकारी और परिवहन विभाग के वर्दीधारी पद, संस्कृत विभाग में सहायक अध्यापक तथा सहायक विकास अधिकारी जैसे पद शामिल हैं। इसके समानांतर जिन रिक्त पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनकी परीक्षा भी दिसंबर तक करा ली जाएगी। इनमें व्यैक्तिक सहायक, पशुधन प्रसार अधिकारी, विभिन्न सेवाओं के तकनीकी पद, सहायक लेखाकार, कृषि विभाग के इंटरमीडिएट स्तर के पद तथा विभिन्न विभागों के स्नातक स्तरीय पद सहित कुल 1470 पद शामिल हैं।

    34 हजार भर्तियां, रोजगार बड़ी उपलब्धि
    धामी सरकार अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर चुकी है। प्रदेश में वर्ष 2024 से सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया ना सिर्फ पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हो रही है, बल्कि निर्बाध भर्ती होने से आवेदन से लेकर नियुक्ति तक का औसत समय भी घट गया है। इस तरह सरकार चुनाव में रोजगार को बड़ी उपलब्धि की तरह पेश करने की तैयारी कर रही है।

    हमारी सरकार, पहले दिन से ही बेरोजगारी की समस्या को खत्म करने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में हमने सरकारी विभागों में रिक्त पदों को अभियान चलाकर भरने का काम किया है, जिसके फलस्वरूप विगत साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। आने वाले महीनों में भी विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि योग्य युवाओं को अधिक अवसर मिल सकें और राज्य की विकास यात्रा को नई गति मिले।
    पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

  • वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

    वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

    कई आईएफएस पर गिरी ट्रांसफर की रिमझिम

    देहरादून। प्रदेश के वन विभाग में भारी पैमाने पर तबादले किये गए हैं।

    उत्तराखंड शासन ने भारतीय वन सेवा (उत्तराखंड संवर्ग) के अधिकारियों के बीच व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तबादला एवं नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।

    सचिव सी रविशंकर की ओर से जारी आदेश के तहत प्रमुख वन संरक्षक, अपर प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक तथा वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि कई को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिले में भी नयी तैनाती की गई है।

    हॉफ कपिल लाल से कैम्पा व वित्तीय प्रबंधन का अतिरिक्त कार्य वापस लिया गया।

    आईएफएस नीना ग्रेवाल को मुख्य वन्य जंतु प्रतिपालक व वन निगम की एमडी की जिम्मेदारी भी दी गयी है।

    सीएम कार्यालय में विशेष सचिव मधुकर धकाते से वन विभाग से जुड़ी जिम्मेदारी वापस लेते हुए उनके पास सीएम के विशेष सचिव व अल्पसंख्यक विभाग कार्य पूर्ववत रहेगा।