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  • सरकार ने शुरू किया ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का दूसरा चरण

    सरकार ने शुरू किया ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का दूसरा चरण

    एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे – धामी

    212 महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित

    प्रथम चरण की 276 महिला लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की

    आज कुल 488 महिला लाभार्थियों को 2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत 212 नई महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये तथा योजना के प्रथम चरण की 276 महिला लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

    इस प्रकार आज कुल 488 महिला लाभार्थियों को 2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के प्रथम चरण में 10 फरवरी 2026 को 484 महिला लाभार्थियों को 03 करोड़ 45 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उत्तराखण्ड की माताएं और बहनें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक महिला को सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार उपलब्ध कराना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का उद्देश्य एकल, निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के साथ-साथ एसिड अटैक पीड़िताओं, अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत महिलाओं को उनके निवास स्थान अथवा स्थानीय क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जाती है, जिसमें 75 प्रतिशत तक अनुदान राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मानपूर्वक अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। महिला आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान तथा तीन तलाक जैसी कुप्रथा की समाप्ति जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी प्रदान की है। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार 15 हजार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों एवं लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा उपलब्ध करा रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन तथा 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व को सशक्त बना रहे हैं। वहीं, 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन के लिए भी सुदृढ़ व्यवस्था विकसित कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है। साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की हजारों महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी।

    महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की एकल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय लिख रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को सहायता की पात्र नहीं, बल्कि विकास की साझेदार मानते हुए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से एकल महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना की लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को आगे बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ‘ढोली’ के अभिनेता अब बनाएंगे डॉक्यूमेंट्री

    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ‘ढोली’ के अभिनेता अब बनाएंगे डॉक्यूमेंट्री

    तीर्थाटन प्रचार के लिए डॉक्यूमेंट्री बनाने पर चर्चा

    देहरादून। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ के अभिनेता एवं श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खोला निवासी मोहित घिल्डियाल ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मोहित घिल्डियाल को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्म ‘ढोली’ में उनके शानदार अभिनय के लिए बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर उत्तराखंड तथा श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र का नाम पूरे देश में गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि मोहित जैसे युवा कलाकार प्रदेश की संस्कृति और लोककला को नई पहचान दिलाने का कार्य कर रहे हैं।

    भेंट के दौरान क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन, फिल्म निर्माण एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
    डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्र राहु मंदिर (पैठाणी), बुंखाल मंदिर, मां धारी देवी मंदिर, बिनसर महादेव मंदिर, ताराकुंड तथा बुढ़ा भरसार सहित अन्य धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों की जानकारी देते हुए कहा कि इन स्थानों पर आधारित उच्च गुणवत्ता की डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण किया जाना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि यदि इन तीर्थस्थलों की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए तो तीर्थाटन को नई गति मिलेगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे।

    इस पर अभिनेता मोहित घिल्डियाल ने कहा कि वह शीघ्र ही श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख तीर्थस्थलों पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण का कार्य प्रारंभ करेंगे।
    उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि इन फिल्मों के माध्यम से क्षेत्र की धार्मिक आस्था, समृद्ध लोकसंस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले तथा देवभूमि उत्तराखंड में तीर्थाटन को और अधिक बढ़ावा मिले।

  • खराब मौसम के चलते स्थगित की गई चारधाम यात्रा फिर से शुरू

    खराब मौसम के चलते स्थगित की गई चारधाम यात्रा फिर से शुरू

    पौड़ी। बीते 20 जुलाई अस्थायी रूप से स्थगित चारधाम यात्रा पुनः सुचारु रूप से संचालित कर दी गई है।

    गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जनपदों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर यात्रा का संचालन किया जा रहा है। यात्रा मार्गों की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

    उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यदि किसी स्थान पर भारी वर्षा, भूस्खलन अथवा अन्य कारणों से यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बाधित होता है, तो वे प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों अथवा होल्डिंग एरिया में ही रुकें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णतः पालन करें। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा।

    गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को मौसम की स्थिति तथा यात्रा मार्गों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

    यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

    इधऱ, भारी बरसात से प्रदेश के कई हिस्सों में भू स्खलन व सड़कें टूट गयी है।

  • जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से भड़की उत्तराखण्ड कांग्रेस, सरकार पर बोला तीखा हमला

    जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से भड़की उत्तराखण्ड कांग्रेस, सरकार पर बोला तीखा हमला

    जंतर मंतर लाठीचार्ज को चुनावी मुद्दा बनाएगी  कांग्रेस

    रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर सरकार संवाद से निकाले समाधान

    नई दिल्ली। उत्तराखण्ड कांग्रेस ने जंतर मंतर पर युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। कांग्रेस चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार मंत्री का इस्तीफा लेने के बजाय दमन पर उतर आई है।

    उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने भविष्य, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया गया है।

    देश का युवा रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षाओं की अपेक्षा के साथ अपनी बात रख रहा है। पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के सपनों और व्यवस्था के प्रति उनके विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। ऐसे समय में उनकी आवाज़ को सुनने के बजाय बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

    कहा गया है कि सरकार को युवाओं की पीड़ा और उनकी जायज़ मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। संवाद और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालना ही लोकतंत्र की मूल भावना है। जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे न्यायपूर्ण और पारदर्शी निर्णयों के माध्यम से ही मजबूत बनाया जा सकता है।

    कांग्रेस नेता हरक सिंह का कहना है कि
    देश का युवा केवल रोजगार नहीं, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षा और समान अवसरों की मांग कर रहा है। उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय सम्मानपूर्वक सुना जाना समय की आवश्यकता है।
    लोकतंत्र में असहमति और अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक की मूल शक्ति है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।

    गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस का मुख्य फोकस युवाओं पर है। हाल ही में राहुल गांधी ने देहरादून में पेपर लीक के मुद्दे पर हजारों छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में उमड़ी युवाओं की संख्या को देख कर कांग्रेस की बांछे खिली हुई है।

    अब जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन में हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश के मतदाताओं के बीच जाने की भी रणनीति बनाई है।

    कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत का कहना है पेपर लीक से युवाओं में भारी निराशा है। युवा आत्महत्या कर रहे हैं। देहरादून में रिया थापा की आत्महत्या ने सभी को झकझोर दिया है। लिहाजा, कांग्रेस गांव-गांव भाजपा के युवा विरोधी चेहरे की असलियत बताएगी।

  • गोदियाल के बयान पर हेमंत का पलटवार, पूछा—आरोपी किसके निर्देश पर था?

    गोदियाल के बयान पर हेमंत का पलटवार, पूछा—आरोपी किसके निर्देश पर था?

    ‘गोदियाल ने समिति के संसाधनों और दान राशि का दुरुपयोग किया’

    ‘जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं गणेश गोदियाल ‘

    देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आरोपों को निराधार और जांच को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।
    उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की एसआईटी, विभागीय तथा उच्चस्तरीय जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
    भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने गणेश गोदियाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गिरफ्तार आरोपी ने किसी के निर्देश पर कार्य करने की बात कही है, तो गोदियाल को इसकी जानकारी कहां से मिली?
    उन्होंने पूछा कि क्या गोदियाल की आरोपी से बातचीत हुई है अथवा उन्हें जांच एजेंसियों से कोई गोपनीय जानकारी प्राप्त हुई है? उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों के इस तरह के बयान देकर कांग्रेस जांच को प्रभावित करने और दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

    उन्होंने गणेश गोदियाल के मंदिर समिति अध्यक्ष रहते हुए लिए गए निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि एक कर्मचारी को नियमों की अनदेखी कर इंटरनेट कोऑर्डिनेटर से व्यक्तिगत सहायक के पद पर पदोन्नत किया गया और इसके लिए निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित पद आज भी विभाग में रिक्त है।
    द्विवेदी ने दावा किया कि अपने 14 माह के कार्यकाल में उन्होंने मंदिर समिति का कोई भी कर्मचारी निजी उपयोग में नहीं रखा, जबकि पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में समिति के संसाधनों का निजी और राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
    उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर समिति की दान राशि और बजट का उपयोग अधीनस्थ मंदिरों, धर्मशालाओं और संस्कृत विद्यालयों के विकास के बजाय अन्य कार्यों में किया गया।
    उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की जांच रिपोर्ट में भी समिति के संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। उनका आरोप है कि मंदिर समिति के धन का उपयोग विवेकाधीन कोष की तरह कर विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों को लाभ पहुंचाने में किया गया।

    उन्होंने दोहराया कि जांच पूरी होने के बाद सत्य स्वयं सामने आएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • आरोपी के कथित बयान को कांग्रेस ने बनाया बड़ा मुद्दा

    आरोपी के कथित बयान को कांग्रेस ने बनाया बड़ा मुद्दा

    …ऊपर से प्रमोद नौटियाल को मिलते थे निर्देश…

    बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण में BKTC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग

    कांग्रेस ने सरकार को घेरा

    उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग, मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

    देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी प्रकरण में हुए नए खुलासो का हवाला देते हुए बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
    उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की कड़ियां मंदिर समिति के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच रही हैं और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक समिति का गठन किया जाना चाहिए।

    प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गणेश गोदियाल ने कहा कि मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी एवं पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान के कथित खुलासे से कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

    उनके अनुसार, जांच में चौहान ने बताया है कि उसे निर्देश प्रमोद नौटियाल से मिलते थे और नौटियाल को निर्देश BKTC अध्यक्ष से प्राप्त होते थे। उन्होंने कहा कि यदि जांच में ये तथ्य सही साबित होते हैं तो यह केवल व्यक्तिगत स्तर की चोरी नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का मामला है।
    गोदियाल ने कहा कि नैतिकता के आधार पर हेमंत द्विवेदी को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार को उन्हें पद से हटाना चाहिए, ताकि जांच प्रभावित न हो और साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका न रहे।

    उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे से जुड़े धन और राशन सामग्री का उपयोग यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक लाभ के लिए किए जाने की शिकायतें पहले भी उठाई गई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार उनके पुराने कार्यकाल से जुड़े आरोपों को उठाकर मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
    उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम से जुड़े इस पूरे प्रकरण की जांच किसी उच्चस्तरीय समिति से कराई जानी चाहिए, जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश द्वारा की जाए।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हेमंत द्विवेदी को बद्री-केदार मंदिर समिति जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थान का अध्यक्ष किन आधारों पर बनाया गया।

    गौरतलब है कि बदरीनाथ चढ़ावा चोरी में पुलिस प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मुद्दे पर बीकेटीसी अध्यक्ष ने गोदियाल को बदरी-केदार मंदिर के प्रांगण में खुली बहस को चुनौती दी है।।

  • रामनगर–देहरादून रेल सेवा से कनेक्टिविटी को मिली नई मजबूती

    रामनगर–देहरादून रेल सेवा से कनेक्टिविटी को मिली नई मजबूती

    ..और देहरादून व कोटद्वार के बीच कब चलेगी सीधी ट्रेन ?

    रामनगर/देहरादून। रामनगर से देहरादून के बीच बहुप्रतीक्षित सीधी रेल सेवा शुरू होने से गढ़वाल-कुमाऊं के बीच कनेक्टिविटी के मजबूत होने की उम्मीद है।

    इस नई रेल सेवा से आम यात्रियों के अलावा पर्यटकों को भी काफी सुविधा होगी।
    बीते दिनों केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था
    इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

    सीएम धामी ने कहा कि रामनगर क्षेत्र के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर लोगों में उत्साह का माहौल रहा। नई रेल सेवा के संचालन से दोनों शहरों के बीच आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

    पौड़ी सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि रेल सेवा शुरू होने से रामनगर आने वाले पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। यह रेल सेवा राज्य की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ उत्तराखंड के विकास को नई गति प्रदान करेगी।

    पूर्व सीएम व सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि इस पहल को उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। नई रेल सेवा को जनहित और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इधऱ, देहरादून और कोटद्वार के बीच सीधी रेल सेवा की मांग भी लम्बे समय से उठ रही है। राज्य गठन के इन 25 साल में पौड़ी गढ़वाल की जनता का नौकरी, स्वास्थ्य, समस्याओं समेत अन्य मुद्दों को लेकर दून आना जाना लगा रहता है।

    प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में देहरादून, हरिद्वार ऋषिकेश-,मसूरी आने वाली जनता को सरकारी बसों व टैक्सी के भरोसे रहना पड़ता है।
    अब यह डबल इंजन की सरकारें देहरादून व कोटद्वार को सीधे जोड़ने वाली ट्रेंन का मुहुर्त कब निकालते हैं।

  • भारी बारिश का असर: चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

    भारी बारिश का असर: चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

    गढ़वाल आयुक्त ने यात्रा कर बाबत दिए अहम निर्देश

    देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा, भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी रेड एवं ऑरेंज अलर्ट तथा चारधाम यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सोमवार को एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए रोकने का निर्णय लिया गया है।

    गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने संबंधित जिलाधिकारियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर मौजूद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए तथा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आगे की यात्रा कराई जाए। साथ ही मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनसामान्य और तीर्थयात्रियों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्तमान मौसम एवं मार्ग की स्थिति के मद्देनज़र एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। मार्ग सुरक्षित होने और परिस्थितियां सामान्य होने पर यात्रा का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा।

    तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा मौसम और मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक संबंधित जनपद प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें।

  • ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती: हरिद्वार में पुलिस ने उतारे दर्जनों लाउडस्पीकर

    ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती: हरिद्वार में पुलिस ने उतारे दर्जनों लाउडस्पीकर

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के  तहत  चला विशेष अभियान

    94 ध्वनि विस्तारक यंत्र हटाए गए

    नियम उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

    हरिद्वार। सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाए रखने संबंधी दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए हरिद्वार पुलिस ने जनपदभर में विशेष अभियान चलाया। एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक धार्मिक स्थलों पर लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निरीक्षण किया गया।

    अभियान के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित हो रहे कुल 94 लाउडस्पीकर धार्मिक स्थलों से हटवाए गए। इनमें शहर क्षेत्र के 31 तथा देहात क्षेत्र के 63 लाउडस्पीकर शामिल हैं।
    संबंधित व्यक्तियों, प्रबंधकों और समितियों को भविष्य में बिना सक्षम अनुमति तथा निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन किए बिना लाउडस्पीकर संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए।

    इस दौरान ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमों, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिनियमों और नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    हरिद्वार पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक शांति और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

  • यूपीसीएल के एमडी ने चंबा विद्युत उपकेंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    यूपीसीएल के एमडी ने चंबा विद्युत उपकेंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    उपभोक्ता हित, कर्मचारियों की सुरक्षा और समय पर वेतन भुगतान पर दिया जोर

    देहरादून। उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने शनिवार देर रात टिहरी गढ़वाल स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, चंबा का औचक निरीक्षण किया। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा तथा कार्यालयीय कार्यों के निस्तारण के बाद वह रात करीब नौ बजे चंबा विद्युत उपकेंद्र पहुंचे।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्युत उपकेंद्र की समस्त व्यवस्थाओं, विद्युत उपकरणों, नियंत्रण कक्ष, अनुरक्षण कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति प्रणाली का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने उपकेंद्र की कार्यप्रणाली और रखरखाव को संतोषजनक बताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की।
    प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी तकनीकी एवं आधारभूत समस्याओं की जानकारी ली और उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
    उन्होंने विद्युत कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को सेफ्टी किट और टूल किट वितरित की। साथ ही निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए ही कार्य करें।
    प्रबंध निदेशक ने ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत मीटर रीडरों और लाइन स्टाफ का वेतन प्रत्येक माह की सात तारीख तक बैंक खाते के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा विभागीय, संविदा और ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और लगन के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।

    उपखंड कार्यालय की मरम्मत और अतिरिक्त निर्माण कार्यों के लिए तत्काल निर्णय लेते हुए मुख्य अभियंता (जनपद) आशीष अरोड़ा को रविवार सुबह ही चंबा पहुंचकर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
    निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता गौरव शर्मा, अधिशासी अभियंता दीपक आर्य, उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, अवर अभियंता एस.पी. राणा सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे।