लाडली हत्याकांडः एक फोन ने हरे किए हैवा‌नियत के जख्म

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justice-for-laadli-547626e1e46a8_exlstहल्‍द्वानी में घटित हुए दर्दनाक लाडली रेप और हत्याकांड प्रकरण में लाडली के पिता को जेल में बंद एक अभियुक्त को बचाने के लिए किसी व्यक्ति का धमकी भरा फोन आने से मामला एक बार फिर गरमा गया है।

परिजनों ने अब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित न होने पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि 19 नवंबर 2014 को हल्द्वानी में नन्हीं लाडली की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई थी।

लाडली के परिजनों ने रविवार को पत्रकारों को जानकारी दी कि 31 मार्च को लाडली के पिता को जेल में बंद एक अभियुक्त को बचाने के लिए किसी ने फोन किया।

फोन करने वाले ने मामले में अधिक सक्रियता दिखाने पर अंजाम भुगत लेने की धमकी दी। हालांकि परिजनों ने धमकी भरा फोन आने की सूचना पुलिस, प्रशासन को नहीं दी है।

परिजनों का कहना है कि घटना के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द से जल्द फैसला किया जाएगा, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं किया गया है।

जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना करने के आदेश दिए हैं। चेतावनी दी कि सरकार शीघ्र फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं करती है तो परिजन आंदोलनकारी संगठनों को साथ लेकर न्याय के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

बता दें कि 20 नवंबर 2014 को शीशमहल रामलीला मैदान हल्द्वानी में आयोजित विवाह समारोह से लाडली लापता हो गई थी। 21 को मामले की प्राथमिकी भी दर्ज की गई।

25 नवंबर को खून से लथपथ बच्ची का शव बरामद हुआ। 27 नवंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी डंपर चालक अली अख्तर उर्फ शमीम उर्फ राज पुत्र मकसूद आलम निवासी बिहार को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद 29 नवंबर को प्रेमपाल वर्मा निवासी जहानाबाद पीलीभीत और जूनियर मसीह उर्फ पोक्सी निवासी फंटोका रुद्रपुर को गिरफ्तार किया गया।

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