शिक्षा विभाग के आगे सीएम की बोलती बंद

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देहरादून।मनमानी पर उतारू शिक्षा विभाग के अफसरों के आगे तो मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के निर्देश भी बेबस हैं। किच्छा (ऊधमसिंह नगर) के कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की सीएम की घोषणा के मामले में तो कुछ यही बात साबित हो रही है।

संबंधित स्कूलों में शिक्षक बढ़े नहीं, जो तैनात थे उनके भी तबादले कर दिए गए। इससे स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि हैरान हैं। मुख्यमंत्री बहुगुणा ने 30 मई को ऊधमसिंह नगर में जनता दरबार के दौरान यह घोषणा की थी। जीजीआईसी किच्छा में 2807 छात्राएं अध्ययनरत हैं।

प्रवक्ताओं के नौ पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से हिंदी, जीवविज्ञान, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। सीएम की घोषणा के बाद ये शिक्षक तो आए नहीं, एक प्रवक्ता और एक सहायक अध्यापक और हटा दिए गए। वहीं जीजीआईसी पंतनगर में 1279 छात्राएं अध्ययनरत हैं, कालेज में प्रवक्ताओं के दस पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनात हैं छह।

हिंदी, गणित, जीवविज्ञान और अर्थशास्त्र के पद खाली है। अब गणित और विज्ञान के सहायक अध्यापक को भी हटा दिया गया है। जबकि टिहरी के भरवाकाटल स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल के उच्चीकरण की मांग ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से की थी।

सामाजिक कार्यकर्ता जयकृष्ण उनियाल की मांग पर सीएम ने 16 जनवरी 2013 को उच्चीकरण की कार्रवाई के लिए शिक्षा सचिव को पत्र लिखा। सीएम के अनुसचिव कुंवर सिंह बिष्ट ने यह जानकारी ग्राम प्रधान को दी थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अभिभावकों ने अन्न जल त्यागा
नई टिहरी के राजकीय इंटर कालेज नकोट में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को अब अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित छह प्रवक्ता नहीं हैं। इससे पढ़ाई चौपट हो गई है। शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर अभिभावकों ने शुक्रवार से अन्न-जल त्याग दिया है।

अभिभावक विद्यालय परिसर में अनशन पर बैठ गए हैं। शिक्षकों की तैनाती होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

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