वरिष्ठ सपा नेता विनोद बड़थ्वाल का निधन !

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vinod barthwalउत्तराखंड में समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता विनोद बड़थ्वाल का गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। 

बताया गया कि विनोद बड़थ्वाल डायबटीज से पीड़ित थे और कई महीनों से उनका वजन लगातार गिर रहा था।  मंगलवार की सुबह मल्टीपल ऑगर्न फेल्योर के कारण गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में उनका निधन हो गया। 

दोपहर बाद उनका शव देहरादून लाया जाएगा।  विनोद बड़थ्वाल सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के करीबियों में शुमार किया जाता था।  उनके निधन से सपा कार्यकर्ताओं में शौक की लहर है। 

विनोद बड़थ्वाल को उत्तर प्रदेश सरकार का सलाहकार नियुक्त किया गया था।  वह उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड राज्य पुनर्गठन समन्वयक के तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार में अहम भूमिका निभा रहे थे। 

उत्तराखंड आंदोलन के दौरान तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी सपा का परचम थामे रहे विनोद बड़थ्वाल को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के करीबियों में शुमार किया जाता था। 

गौरतलब है कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान अविभाजित राज्य उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी।  आंदोलन के दौरान कई बड़ी घटनाएं भी हुई थी।  उस दौरान सपा नेता विनोद बड़थ्वाल को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा मगर उन्होंने कभी पार्टी का दामन नहीं छोड़ा।  वे हमेशा प्रदेश के विकास को लेकर संघर्ष करते रहे। 

प्रदेश में चाहे जिस पार्टी की सरकार रही हो।  जब कभी वे मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के पास गए उनकी बातों को काफी गंभीरता के साथ सुना जाता है।  उत्तराखंड विभाजन के पहले सपा सरकार ने कौशिक कमेटी का गठन किया था, जिसके वे सदस्य थे।  उन्होंने उत्तराखंड गठन के लिए कई सुझाव भी दिए थे। 

गौरतलब है कि यूपी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ भी उनके काफी मुधर रिश्ते रहे है।  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हमेशा उनसे बड़े अदब से साथ मिलते रहे हैं।  इसके चलते यूपी सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की परिसंपत्तियों के बंटवारे की जिम्मेदारी उन्हें दी थी। 

विनोद बड़थ्वाल हमेशा आम आदमी की आवाज को उठाते रहे।  2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें रायपुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे चुनाव जीत नहीं पाए। 

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