विधानसभा के सत्र की हंगामेदार शुरूआत, CM बोले मुद्दा विहीन है विपक्ष

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 gairsainगैरसैंण। मुख्यमंत्री के तत्कालीन सचिव के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले सीडी प्रकरण की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने तथा उस पर तत्काल चर्चा कराये जाने की मांग को लेकर मुख्य विपक्षी भाजपा के हंगामें के साथ  विधानसभा के सत्र की शुरूआत हुई जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पडी। वंदे मातरम के गायन के साथ जैसे ही सुबह 11 बजे सत्र की शुरूआत हुई, सदन में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने राज्य सरकार में तीन माह पहले एक महत्वपूर्ण पद पर आसीन अधिकारी के भष्ट्राचार से जुड़े सीडी प्रकरण की सीबीआई जांच कराने और उस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग उठायी। भट्ट ने भ्रष्टाचार के इस कथित प्रकरण को बहुत गंभीर बताते हुए सदन के सभी कार्यो को निलंबित कर सीडी प्रकरण पर तत्काल चर्चा करने की मांग उठायी। भट्ट के समर्थन में भाजपा के अन्य विधायक भी खडे हो गये और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से चर्चा को मंजूर करने पर दबाव देने लगे।

इसी दौरान कुछ भाजपा विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने भी आ गये। अध्यक्ष ने हालांकि, विपक्षी विधायकों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया लेकिन जब काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही तो उन्होंने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 45 मिनट तक के लिये स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही के दोबारा शुरू होते ही हंगामा फिर शुरू हो गया जिसके बाद अध्यक्ष कुंजवाल ने फिर कार्यवाही 12 बजकर 20 मिनट तक के लिये स्थगित कर दी। गौरतलब है कि जुलाई के आखिर में सामने आयी एक सीडी में मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व सचिव और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मोहम्मद शाहिद को निजी शराब व्यवसायियों के साथ कथित सौदेबाजी करते दिखाया गया था जिसे पूरे राज्य की सियायत में तूफान आ गया था। सीडी के सामने आने के बाद हांलांकि, राज्य सरकार ने मोहम्मद शाहिद को पद से हटा दिया गया था जबकि केंद्र सरकार ने प्रदेश में उनके प्रतिनियुक्ति काल को तुरंत प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें दिल्ली बुला लिया था। इससे पहले पूर्व राष्टपति एपीजे अब्दुल कलाम को श्रंद्वाजलि देते हुए सदन में दो मिनठ का मौन रखा गया।

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