उत्तरकाशी: वरुणावत से पत्थरों की बरसात, मची अफरातफरी

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वरुणावत पर्वत से बुधवार देर शाम इंदिरा कालोनी वाले हिस्से में भारी बोल्डर गिरने से अफरातफरी मच गई। बोल्डर बस्ती से होते हुए गंगोत्री हाईवे तक पहुंचा, जिससे यहां तीन लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन ने भूस्खलन के खतरे की जद में आई बस्ती को खाली करा दिया है। इसके साथ ही गंगोत्री हाईवे पर तांबाखानी सुरंग के पास यातायात भी रोक दिया गया है। मौके पर पहुंचे गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने हालात का जायजा लिया और बस्ती से हटाए जा रहे लोगों के लिए सुरक्षित स्थान पर ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।  बुधवार शाम करीब पौने सात बजे वरुणावत पर्वत से इंदिरा कालोनी के तांबाखानी वाले छोर पर भूस्खलन सक्रिय हो गया। पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डर बस्ती को लांघते हुए गंगोत्री हाईवे तक पहुंचने से यहां भगदड़ मच गई। बोल्डर की चपेट में आने से राजेश कुमार, सचिन पश्चिमी एवं करण घायल हुए, जबकि कुछ निर्माण भी क्षतिग्रस्त हुए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शी राहुल ने बताया कि पहाड़ी से पहले बोल्डर के गिरने से हुई आवाज से घबराकर गंगोत्री हाईवे से लगी दुकानों से लोग जैसे ही बाहर निकले, तब तक दूसरा बोल्डर भी आ गिरा। जिससे उक्त तीनों लोग घायल हो गए। पहाड़ी से गिरा एक और बोल्डर पेट्रोल पंप की ओर गिरने से वहां एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। बोल्डर गिरने से हुई आवाज इतनी तेज थी कि गंगा भागीरथी के दूसरे छोर पर जोशियाड़ा तक लोगों को सुनाई दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भूस्खलन के खतरे को देखते हुए तांबाखानी सुरंग के पास गंगोत्री हाईवे पर यातायात रोक दिया है। एसडीआरएफ और राजस्व विभाग की टीम ने भूस्खलन से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए इंदिरा कालोनी का निरीक्षण किया। एसडीएम देवेंद्र नेगी, पुलिस उपाधीक्षक मनोज ठाकुर, एसओ महादेव उनियाल एवं आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर रखे हुए है। भारी बोल्डर गिरने के बाद फिलहाल भूस्खलन थमा हुआ है, लेकिन पूर्व में वरुणावत भूस्खलन से मची तबाही को देखते हुए लोगों में दहशत व्याप्त है।  सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंचे गंगोत्री विधायक गोपाल रावत एवं डीएम डा.अ ाशीष चौहान ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने खतरे की जद में आई बस्ती को तत्काल खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विधायक ने कहा कि नगर के सिरहाने खड़ा वरुणावत पर्वत काफी संवेदनशील है। शीघ्र इसकी पड़ताल कराकर आबादी की सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। बता दें कि सितंबर 2003 में बिना बारिश के करीब एक माह तक जारी रहे वरुणावत भूस्खलन से उत्तरकाशी नगर में भारी तबाही मचाई थी। इसके बाद भी इंदिरा कालोनी वाले हिस्से में कई बार बोल्डर गिरने से अफरातफरी मच चुकी है। बीते वर्षों में वरुणावत के तांबाखानी वाले छोर पर भूस्खलन का दायरा बढ़ने से शीर्ष पर हुए करोड़ों के ट्रीटमेंट कार्य को भी क्षति पहुंची, जिसके ट्रीटमेंट के लिए लोनिवि द्वारा यहां करीब साढ़े छह करोड़ रुपये लागत से ट्रीटमेंट कार्य स्वीकृत है। हालांकि अब भी वरुणावत के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए सुरक्षा के ठोस इंतजाम की जरूरत बताई जा रही है।