Category: अपराध

  • उत्तराखंड: क्रिकेटर ने नशीला पदार्थ देकर नाबालिग का किया था अपहरण, कोर्ट ने सुनाई सजा

    उत्तराखंड: क्रिकेटर ने नशीला पदार्थ देकर नाबालिग का किया था अपहरण, कोर्ट ने सुनाई सजा

    उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में एक युवक को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला यहां की एक पॉक्सो अदालत ने सुनाया। बताया जा रहा है कि आरोपी एक पेशेवर क्रिकेटर है और साल 2022 में कथित अपराध को अंजाम देने के समय उसकी उम्र 18 साल थी।

    यौन अपराधों के विरुद्ध बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अदालत की विशेष न्यायाधीश अर्चना सागर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण) के तहत आरोपी को दोषी करार दिया और जेल की सजा के साथ ही उस पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

    मामले में दोषी का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता शैलेंद्र नाथ ने बताया कि अदालत ने राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश भी दिया है। नाथ ने बताया कि वह एक सप्ताह में उत्तराखंड हाई कोर्ट के सामने फैसले को चुनौती देंगे।

    नाथ के अनुसार, अदालत ने 7 अक्टूबर, 2024 को अपना फैसला सुनाया था। अदालत के रिकॉर्ड में आया कि दोषी ने लड़की को नशीला पदार्थ दिया था, जिसके बाद में लड़की ने खुद को बस में उसके बगल में बैठा हुआ पाया था। उसे कथित तौर पर अगवा कर लिया गया और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश ले जाया गया, जहां उसे कथित तौर पर उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ दिनों तक रखा गया।

    अदालत ने बलात्कार की आशंका को खारिज करते हुए आरोपी को इस आरोप से बरी कर दिया और कहा कि पीड़िता की मेडिकल जांच से इस बात की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि अपहरण के मामले में कोर्ट ने आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

  • उत्तराखंड: साइबर हमले को लेकर SIT गठित, IG लॉ एंड ऑर्डर ने रखीं बातें

    उत्तराखंड: साइबर हमले को लेकर SIT गठित, IG लॉ एंड ऑर्डर ने रखीं बातें

    उत्तराखंड में साइबर हमले मामले में आईजी क़ानून व्यवस्था ने पत्रकारवार्ता की। उन्होंने कहा कि सारा डेटा सेफ है। सभी एप्लीकेशन चल रही है।

    उत्तराखंड में हुए साइबर हमले को लेकर आईजी क़ानून व्यवस्था निलेश आनंद भरणे ने पत्रकारवार्ता की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी साइबर की अगुआई में एसआइटी का गठान किया गया है।

    साइबर हमला है या ख़ुद से कोई वायरस आया है इसकी जांच की जा रही है। अभी तक कोई नुक़सान नहीं हुआ है। जहां तक फिरौती की मांग है तो उन्होंने रक़म खोली नहीं है। सारा डेटा सेफ है। सभी एप्लीकेशन चल रही है।

    उन्होंने बताया कि सभी मिशन को कई बार स्कैन किया गया है। 1400 मिशन चल रहे हैं। केवल सीसीटीएनएस पर हमला नहीं था। सीसीटीएनएस ने सबसे पहले मामला पकड़ा था। क्योंकि उस दिन छुट्टी की वजह से सभी कार्यालयों में काम बंद थे। जबकि सीसीटीएनएस पर काम हो रहा था।

  • चमोली: विजिलेंस ने 30000 हजार की रिश्वत लेते हुए आबकारी निरीक्षक को रंगे हाथ किया गिरफ्तार

    चमोली: विजिलेंस ने 30000 हजार की रिश्वत लेते हुए आबकारी निरीक्षक को रंगे हाथ किया गिरफ्तार

    चमोली में बिजनेस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी निरीक्षक को ₹30000 हजार की रिश्वत लेती हुई रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया , लगातार उत्तराखंड में बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हुए बिजलेंस टीम सतर्क नजर आ रही है ताजा मामला चमोली जनपद का है। यहां अंग्रेजी शराब की दुकान गैरसैण के मालिक की शिकायत पर विजलेंस ने कर्णप्रयाग क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक जयवीर सिंह को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया हैं।बताया जा रहा हैं कि आरोपी इंस्पेक्टर के द्वारा प्रतिमाह शराब की दुकान के मालिक से 30,000 रुपये की डिमांड की जाती थी।जिससे परेशान होकर दुकान मालिक ने उक्त इंस्पेक्टर की शिकायत विजलेंस से की थी।

    मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता द्वारा सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज की गई थी कि उसकी चमोली ज़िले के गैरसैण स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान,की सब दुकान बोईताल में हैं।जो उसके पार्टनर द्वारा चलायी जा रही है,जिसका नियमित रूप से राजस्व देने के बावजूद भी निकासी पास न होने का भय दिखाने के एवज में,आज कर्णप्रयाग क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक जयबीर सिंह को शिकायतकर्ता से 30000 रुपयों की रिश्वत लेते हुए निरीक्षक के किराये के आवास शक्ति नगर कर्णप्रयाग से सतर्कता सेक्टर देहरादून, की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है।आरोपी की गिरफ्तारी उपरान्त सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की टीम द्वारा अभियुक्त के आवास की तलाशी व अन्य स्थानों पर चल-अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में पूछताछ जारी है।निदेशक सतर्कता डॉ० बी० मुरूगेसन, द्वारा ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की हैं।

  • हरिद्वार: गौ हत्या के आरोपियों पर चला हरिद्वार पुलिस का हंटर

    हरिद्वार: गौ हत्या के आरोपियों पर चला हरिद्वार पुलिस का हंटर

    🔆 हरिद्वार पुलिस की कार्यवाही से गौ तस्करों में मची अफरा तफरी

    🔆 गौ तस्कर असलम व सन्नवर के घर की कुर्की कर दोनो को किया बेघर

    🔆 गौ तस्करी करके अर्जित की संपत्ति, हरिद्वार पुलिस ने घर के चौखट दरवाजे भी उखाड़े, अब हो गए पैदल

    🔆 दोनो आरोपी थाना भगवानपुर के हिस्ट्रीशीटर

    “गौ हत्या के आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नही जाएगा:: एसएसपी”

    गौ तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के साथ साथ गौ हत्या पर अंकुश लगाने हेतु एसएसपी हरिद्वार द्वारा कड़े दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

    जिसके अनुपालन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्रधिकारी मंगलौर के पर्यवेक्षण में थाना भगवानपुर में दर्ज मु0अ0सं0 85/2024 में वांछित आरोपी असलम उर्फ टांडा पुत्र सुल्तान व सनव्वर पुत्र सुल्तान निवासीगण ग्राम सिकरोड़ा के विरुद्ध माननीय न्यायालय से कुर्की के आदेश प्राप्त कर ग्राम सिकरोड़ा में अभियुक्तगणों के घरों की कुर्की गई और इनके घरों से तीन ट्रैक्टर, दो डीसीएम भर कर कुर्की का समान जब्त किया गया। खिड़की दरवाजों के चौखट भी उखाड़े गए।

    गौ-तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर हरिद्वार पुलिस द्वारा साफ तौर पर आगाह किया गया है कि गौ तस्करों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। पुलिस से बचकर भागने का कोई फायदा नहीं, आज नहीं तो कल, जेल जाना ही होगा।

    नाम पता आरोपी–
    1.असलम उर्फ टांडा पुत्र सुल्तान निवासी ग्राम सिकरोडा थाना भगवानपुर हरिद्वार।
    2.सनव्वर पुत्र सुल्तान निवासी ग्राम सिकरोडा थाना भगवानपुर हरिद्वार।

  • देहरादून: चिट फंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई, बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी

    देहरादून: चिट फंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई, बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी

    ED Raid प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून में एक बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी पर्ल एग्रो कॉर्पोरेशन लि. (पीएसीएल) से जुड़े करीब 60 हजार करोड़ रुपये के चिट फंड घोटाले के मामले में की गई है। ईडी की टीमें पंजाब और हरियाणा में भी इस घोटाले से जुड़े लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों की तलाशी ले रही हैं।

    पर्ल एग्रो कॉर्पोरेशन लि. (पीएसीएल) से जुड़े करीब 60 हजार करोड़ रुपये के चिट फंड (पौंजी स्कीम) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देहरादून शाखा की टीम ने दून में एक बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की। टीम ने बड़ी संख्या में जमीन, अन्य संपत्तियों के दस्तावेज और और इलेक्ट्रानिक डिवाइस कब्जे में लिए। ईडी की अलग-अलग टीमें पंजाब और हरियाणा आदि राज्यों में भी घोटाले से जुड़े तमाम व्यक्तियों के घरों और प्रतिष्ठानों की जांच में भी जुटी हैं।

    शुक्रवार सुबह ईडी की टीम देहरादून में बिल्डर मिकी अफजल के कैनाल रोड स्थित भवन/प्रतिष्ठान के अलावा इसी क्षेत्र में एक वेडिंग प्वाइंट/फार्म पर पहुंची। ईडी की कार्रवाई देर रात तक जारी रहने की उम्मीद है, जिस कारण अभी इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकी है कि ईडी ने छापेमारी में कितनी नकदी, आभूषण और अभिलेख कब्जे में लिए हैं।

  • रायपुर: गैंगरेप मामले में SSP देहरादून ने दिए ये निर्देश

    रायपुर: गैंगरेप मामले में SSP देहरादून ने दिए ये निर्देश

    रायपुर क्षेत्र में एक युवती के साथ गलत काम होने के संबंध में उसके परिजनों द्वारा विलंब से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर थाना रायपुर पर मु०अ०सं० – 373/23 धारा – 70(1) BNS पंजीकृत किया गया।

    घटना की प्राथमिक जांच में तथ्य प्रकाश में आए हैं कि उक्त युवती व अभियुक्त अभिषेक आपस में परिचित थे अभियुक्त जो रायपुर क्षेत्र में टाटा मैजिक चलाता है, आज करीब 12 बजे युवती व अभियुक्त 4 नंबर चक्की पर आए। अभियुक्त अभिषेक द्वारा युवती को अपने टाटा मैजिक वाहन से किद्दुवाला क्षेत्र में गया जहां अभियुक्त द्वारा उसके साथ गलत काम किया गया।

    रायपुर क्षेत्र में युवती के परिजन जो युवती की तलाश कर रहे थे अभियुक्त व उसके साथी जो मैजिक में आगे बैठे थे व युवती पीछे बैठी थी के मिलने पर सबको थाने लाया गया। युवती की तबियत खराब होने पर युवती को चिकित्सालय भेजा गया। युवती के परिजनों द्वारा थाने पर अभिषेक व उनके दो साथियों के विरुद्ध तहरीर दी गयी जिसपर अभियोग पंजीकृत किया गया है

    पुलिस द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालिक घटना के संबंध में अभियुक्तों कि सीसीटीवी फुटेज मोबाइल लोकेशन निकाली गई।

    पुलिस द्वारा घटना स्थल व उसके आसपास आने जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेजों तथा अभियुक्त व उसके साथियों के मोबाइल नंबरों की लोकेशन का अवलोकन करने पर अभियुक्त उक्त युवती को टाटा मैजिक वाहन से अकेले ले जाता हुआ दिखाई दिया तथा घटना के समय अभियुक्त के दोनों साथियों की किसी अन्य स्थान पर होने की पुलिस को प्राथमिक साक्ष प्राप्त हुए साथ ही उन दोनों के मोबाइल नंबर की लोकेशन भी घटनास्थल से भिन्न सीसीटीवी में दिख रहे स्थानों पर पाई गई है

    पुलिस द्वारा घटना की सम्वेदनशीलता को देखते हुए सभी साक्ष्य का परीक्षण किया जा रहा है और पूछताछ की जा रही है

    कुछ व्यक्तियों द्वारा उक्त घटना को सोशल मीडिया के माध्यम गलत तथ्यों के आधार पर प्रसारित करते हुए सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पुलिस घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य संकलित की कार्यवाही की जा रही है

  • उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम में की पहली गिरफ्तारी

    उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम में की पहली गिरफ्तारी

    उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम में पहली गिरफ्तारी की है। हरिद्वार के एक कंपनी के वाइस चेयरमैन को तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखकर उनसे 43 लाख रुपये ठगने वाले एक साइबर ठग को भिलाई (दुर्ग) छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ को ठग के अन्य प्रकरणों में संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं।

    तेजी से बढ़ रही डिजीटल अरेस्ट स्कैम में उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पहली गिरफ्तार की है। हरिद्वार के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र स्थित नोवेचर इलेक्ट्रिकल एंड डिजीटल सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वाइस चेयरमैन को तीन घंटे डिजीटल अरेस्ट रख उनसे 43 लाख रुपये ठगने वाले एक साइबर ठग को एसटीएफ ने भिलाई (दुर्ग), छत्तीसगढ से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ को ठग के अन्य प्रकरणों में संलिप्ता होने के साक्ष्य मिले हैं। उसके खाते से एक करोड़ 27 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया है।

    एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर के अनुसार जालंधर (पंजाब) निवासी सरनजीत सिंह ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में हरिद्वार के शिवालिक नगर में रहते हैं और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र स्थित नोवेचर इलेक्ट्रिकल एंड डिजीटल सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वाइस चेयरमैन हैं।

    ठगी से ऐसे बचें
    किसी भी अनजान नंबर से आए हुए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें।
    किसी भी अनजान फोन काल पर अपनी पर्सनल या बैंक संबंधी जानकारी न दें।
    पर्सनल डेटा और किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन प्लेटफार्म पर मजबूत पासवर्ड लगाकर रखें।
    कोई भी थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड ना करें, किसी भी अनाधिकारिक प्लेटफार्म से कुछ इंस्टाल न करें।
    अपने डिवाइस मसलन लैपटाप व मोबाइल समेत उनमें अपलोड एप को अपडेटेड रखें।

  • उत्तराखण्ड पुलिस व गृह मंत्रालय की टीम ने दक्षिण एशिया में सिम कार्ड भेजने वाले सिम कार्टेल का किया गया भंडाफोड़

    उत्तराखण्ड पुलिस व गृह मंत्रालय की टीम ने दक्षिण एशिया में सिम कार्ड भेजने वाले सिम कार्टेल का किया गया भंडाफोड़

    20 हजार से ज्यादा सिम कार्ड थाईलैण्ड, कम्बोडिया, म्यामांर भेजे

    अन्तर्राष्ट्रीय साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला मंगलौर क्षेत्र से गिरफ्तार

    देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस व गृह मंत्रालय की टीम ने दक्षिण एशिया में सिम कार्ड भेजने वाले सिम कार्टेल का भंडाफोड़ कर एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से 1816 सिम कार्डस, दो चेक बुक, 5 मोबाइल फोन व 2 बायोमैट्रिक डिवाइस बरामद की गई।

    गिरफ्तार अपराधी ने थाना मंगलौर क्षेत्र में घर घर जाकर कई महिलाओं को फर्जी सरकारी स्कीम अथवा कंपनी की ओर से कप का सेट देने का लालच देकर उनके आधार कार्ड आदि दस्तावेज व बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा निशानी लेकर फर्जी तरीके से हजारों सिम कार्डस को एक्टिवेट किया।

    अभियुक्त ने फर्जी तरीके से प्राप्त इन हजारों सिम कार्ड को चाइनीज व कम्बोडिया से संचालित व्हाट्सएप ओटीपी ग्रुप के माध्यम से साइबर ठगों को तीन रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति ओटीपी के हिसाब से बेचे ।

    चाइनीज व कम्बोडिया से संचालित उक्त व्हाट्सएप ओटीपी ग्रुप के माध्यम से सुदूर विदेशों में बैठे अन्य अभियुक्तों के द्वारा इन भारतीय सिमों पर व्हाट्सएप व अन्य एप्लिकेशन्स एक्टिवेट कर व्हाट्सएप कॉलिंग कर या इंस्टाग्राम पर मासूम लोगों को अपने जाल में फंसा कर ट्रेडिंग/इन्वेस्टमेंट के नाम पर व अन्य लालच देकर पूरे भारतवर्ष में की जा साइबर ठगी हो रही थी।

    पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश ने बताया कि माह अप्रैल-2024 में माजरी माफी मोहकमपुर देहरादून निवासी एक शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर थाना नेहरु कॉलोनी जनपद देहरादून पर दर्ज मुकदमे की विवेचना एस0टी0एफ0/साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुई थी ।

    पीडित ने बताया कि वह पिछले आठ महीने से फेसबुक पर कथित कल्याणी निवासी चेन्नई नामक फेसबुक फ्रेंड के सम्पर्क में था जिसके द्वारा Metal Advisor का कार्य करना बताया गया था । और वह किसी वेबसाइट पर लोगों को पैसा इन्वेस्ट कर तीनगुना मुनाफा कमाने को कहती थी। उसके द्वारा फेसबुक पर कई ऐसी चैट के स्क्रीनशॉट डाले गये थे जिसमें लोगों ने तीन गुना फायदा होने की बात स्वीकार की गयी थी। उसके द्वारा कई महीनों तक नोटिस करने के बाद खुद भी इन्वेस्टमेण्ट करने का फैसला किया।

    फिर उसे अपने व्हाट्सएप नम्बर दिये गये और फिर व्हाट्सएप पर एक website का link भेजकर बताया कि कैसे- कैसे उसे उस website पर अपना user ID बनाना है और भी क्या-क्या करना है। फिर एक प्रोग्रामर का व्हाट्सएप नम्बर दिया जिसके द्वारा बताना शुरू किया कि क्या करना है website पर कहा जाना है कौन सा link open करना है आदि आदि।

    उन पर विश्वास कर वह उनके बताये अनुसार वैसा-वैसा करता गया और सबसे पहले 10,000/- रुपये इन्वेस्ट किये जिसका मुनाफा दो दिन के अन्दर कुल रुपये 23,776/- उसके बैंक अकाउण्ट में आ गये। उसके बाद उसने 25,000/- रुपये इन्वेस्ट किये तो बताया कि Management के द्वारा limit Minimum 50,000 रूपये कर दिये हैं जिसके लिये आपको 25 हजार रुपये और इन्वेस्ट करने होंगे नहीं तो पहले के 25 हजार भी नहीं निकाल पाओगे। उसके द्वारा 25 हजार का नुकसान बचाने के लिये और 25 हजार रुपये उनके बताये गये खाते में इन्वेस्ट हेतु जमा कर दिये गये। और उन्हें पहले की तरह गाइड करने को कहा ताकि मैं पैसा निकाल सकूं। किन्तु उनके द्वारा पुनः पॉलिसी बदलने की बात कहकर और एक लाख रुपया जमा करने को कहा गया। शक होने पर जब उसके द्वारा साइबर क्राइम को रिपोर्ट करने की बात कही तो उसका नं0 ब्लॉक कर दिया गया और वह Website- td network.info एवं tdnetwork.top भी बन्द आ रहे हैं।

    प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 ने घटना के शीघ्र अनावरण हेतु पुलिस उपाधीक्षक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून की संयुक्त पुलिस टीम गठित की ।विवेचक निरीक्षक विकास भारद्वाज के नेतृत्व में गठित टीम ने घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/मोबाइल नम्बरों आदि की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनी तथा मेटा एवं गूगल आदि से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया और प्राप्त डेटा का गहनता से विश्लेषण करते हुये तकनीकी / डिजिटल साक्ष्य एकत्र किये गये।

    साथ ही विवेचना से यह तथ्य भी प्रकाश में आये कि घटना में प्रयुक्त कॉलिंग मोबाइल नम्बर धारक महिलाओं से घटना के मास्टर माइण्ड अभियुक्त द्वारा सरकारी स्कीम के तहत कप का सेट देने की बात कहकर उनका आधार कार्ड, फोटो व एक मशीन पर अंगूठे का निशान लिया था व उन्हें धोखे में रखकर व झूठ बोलकर उनकी आई0डी0 पर सिम कार्ड निकलवाया गया है।

    जांच टीम ने घटना में संलिप्त मुख्य अभियुक्त को चिन्ह्ति किया गया एवं तलाश जारी करते हुये कई स्थानों पर दबिश दी गयी ।
    आखिरकार साइबर पुलिस टीम ने मुख्य अभियुक्त सोहिल (काल्पनिक नाम) निवासी मंगलौर जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार किया गया। कब्जे से 1816 सिम कार्डस, दो चैक बुक, 05 मोबाइल फोन व 02 बायोमैट्रिक डिवाइस बरामद हुई।
    मामले की विवेचना इंस्पेक्टर विकास भारद्वाज ने की, जिनका सहयोग एडिशनल एसपी चंद्रमोहन सिंह एवं पुलिस उपाधीक्षक आरवी चमोला की देखरेख में एसटीएफ इंस्पेक्टर एनके भट्ट और उनकी टीम ने किया उन्होंने डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा को मामले की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया. डिप्टी एसपी मिश्रा ने मोबाइल नंबरों का विश्लेषण करने के लिए I4C, गृह मंत्रालय के साथ समन्वय किया और पूरे भारत में कई आपराधिक शिकायतें मिलीं।

    गृह मंत्रालय के I4C द्वारा उत्तराखंड पुलिस को सहायता प्रदान की गई। इसके लिए हम सीईओ I4C डॉ. राजेश कुमार, निदेशक I4C रूपा एम, उप निदेशक मुनीश दत्त, वरिष्ठ फोरेंसिक विश्लेषक रूशी मेहता को धन्यवाद देते हैं।

    गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता-
    सोहिल (काल्पनिक नाम) निवासी मंगलौर, जनपद हरिद्वार।

    गिरफ्तारी- 29.09.2024
    बरामदगी- 1816 सिमकार्ड, दो चैक बुक, 05 मोबाइल फोन व 02 बायोमैट्रिक डिवाइस*

    गिरफ्तारी पुलिस टीम-
    1-निरी0 विकास भारद्वाज
    2- निरी0 नन्द किशोर भट्ट
    3- उ0नि0 विपिन बहुगुणा
    4- उ0नि0 राजीव सेमवाल
    5- अपर उ0नि0 मनोज बेनीवाल
    6- अपर उ0नि0 देवेन्द्र भारती
    7- हे0का0 प्रमोद कुमार
    8- हे0कॉन्स0 देवेन्द्र मंमगाई
    9-हे0कॉन्स0 प्रमोद
    10-कॉन्स0 नितिन कुमार
    11-कानि0 शादाब अली
    12-कानि0 मोहित जोशी

  • 25000रु. के ईनामी आरोपी को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

    25000रु. के ईनामी आरोपी को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

    काफी समय से फरार चल रहा था आरोपी

    रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर जनता से करता था लाखों की ठगी

     

    देहरादून। रेलवे विभाग में नौकरी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी बिहार के चैनपुर थाना क्षेत्र से की गई है। बता दें कि आरोपी की गिरफ्तारी के ऊपर 25000रु. का ईनाम घोषित किया गया था। ईनाम घोषित होने के बाद से वह बिहार व पंजाब में छिपकर रहा था। एसटीएफ की इस कार्यवाही में मु0आरक्षी रियाज अख्तर की विशेष भूमिका रही।

    एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा पिछले कई दिनों से उक्त ईनामी अपराधी की गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे थे परन्तु ईनामी बार-बार अपनी लोकेशन चेंज कर रहा था और मोबाइल नम्बर भी बदल रहा था। लेकिन पिछले कई दिनों से उसकी लोकेशन बिहार के सिवान जिले में आने पर एक टीम गिरफ्तारी हेतु बिहार के लिए रवाना की गयी थी टीम द्वारा कल इस ईनामी अपराधी को सिवान जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया और उसे ट्रांजिट रिमांड के जरिये लाकर कोतवाली रुद्रपुर में दाखिल किया गया है। गिरफ्तार अपराधी एक पेशेवर व शातिर ठग है जिसके द्वारा वर्ष 2010 में रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने की एवज में कई लोगों के साथ लाखों रुपये की ठगी व धोखाधड़ी की थी जिस पर मुकदमा कोतवाली रुद्रपुर में पंजीकृत है। उक्त मामले की विवेचना राज्य की सीबीसीआईडी शाखा द्वारा की गयी थी। रुद्रपुर न्यायालय द्वारा उसकी गिरफ्तारी हेतु स्थायी वांरट जारी किया गया था जिसपर दिनाँक 02 फरवरी 2023 को जनपद ऊधमसिंह नगर से उसपर 25000 का ईनाम घोषित किया गया । उत्तराखण्ड एसटीएफ का ईनामी अपराधियों के खिलाफ गिरफ्तारी अभियान जारी है।

    गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-

    1.अक्षेश्वर तिवारी पुत्र भुवनेश्वर तिवारी निवासी मुबारकपुर थाना चैनपुर जनपद सिवान बिहार

    अभियुक्त के आपराधिक इतिहास का विवरण-
    मु0अ0सं0-435/2010, धारा 406/420 भा0द0वि0, थाना रूद्रपुर, जनपद उधमसिंह नगर।

    गिरफ्तारी करने वाली एसटीएफ उत्तराखण्ड टीमः-
    1. उ0नि0 बृजभूषण गुररानी
    2. अ0उ0नि0 प्रकाश भगत
    3. मु0आरक्षी रियाज अख्तर
    4. मु0 आरक्षी जगपाल सिंह
    5. मु0 आरक्षी चालक संजय कुमार

    टैक्नीकल कार्य एसटीएफः-
    1. उ0नि0 केजी मठपाल
    2. सर्विलांस एक्सपर्ट किशन चन्द्र
    3. आरक्षी दीपक भट्ट

  • 50 हजार की लूट के आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार

    50 हजार की लूट के आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार

    बदमाशों से मुठभेड़ में सिपाही भी घायल

     

    रुद्रपुर। कुछ दिन पूर्व एक व्यापारी से 50 हजार की लूट के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी बदमाश के पैर इन गोली लगी है। घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ में एक सिपाही भी घायल हुआ।

    मिली जानकारी के मुताबिक बीते 14 सितम्बर को संजीव कुमार वर्मा थाना जसपुर , उधम सिंह नगर ने सूचना दी कि जब वह रेहड़ (बिजनौर) से अपनी दुकान बंद करके जसपुर के लिए अपने पुत्र के साथ अपनी मोटरसाइकिल से आ रहा था। करीब शाम सात बजे जसपुर कट पर पहुंचा । पीछे से एक मोटरसाइकिल पर तीन नकाबपोश व्यक्तियों ने आकर उसे मोटरसाइकिल से नीचे गिरा कर तमंचे के बल पर उसका बैग छीन लिया बैग के अंदर करीब ₹50000 नगद व सोने चांदी का सामान था। जिसके संबंध में थाना जसपुर में FIR NO. 465/24 धारा 309(4) BNS बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।

    एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि आज बुधवार की सुबह चेकिंग के दौरान दो मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों चौकी सूतमिल व धर्मपुर चौकी के पुलिस कर्मियों पर फायर कर भागने लगे।

    पुलिस टीम ने पीछा कर मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों को गूलरगोजी रोड पर घेर लिया गया। बाइक सवार दोनों व्यक्ति बाइक छोड़कर झाड़ियों में घुस गए । बदमाशों ने पुलिस पर फायर किया । फायरिंग में कांस्टेबल अरुण कुमार घायल हुआ। जवाबी फायर में पुलिस ने तीन राउंड फायर किए। एक गोली अभियुक्त के पैर पर लगी, जिसे मौके पर पकड़ा गया ।

    पकड़े गए व्यक्ति से पूछने पर उसने अपना नाम दिलशाद पुत्र महमूद हसन ( निवासी ग्राम सरवरखेड़ा थाना कुंडा उम्र 32 वर्ष )बताया । बदमाश ने पूछताछ में बताया कि 14 सितम्बर को उसके द्वारा ही अपने साथियों के साथ जसपुर कट के पास लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया था। आज भी उसके द्वारा किसी वाहन लूट की घटना को अंजाम दिया जाना था। किंतु पुलिस को चेकिंग करता देख हवाई फायर कर भागने की कोशिश की।

    अभियुक्त दिलशाद को गोली लगने के पश्चात इलाज हेतु जसपुर अस्पताल ले जाया गया। बाद में वह सुशीला हॉस्पिटल हल्द्वानी के लिए रेफर हुआ।