पूर्व में भी एक अभियुक्त की गुजरात से हो चुकी है गिरफ्तारी
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ ने लाखों की साइबर धोखाधडी के एक अभियुक्त को मध्यप्रदेश के इन्दौर से गिरफ्तार किया।
साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम आदि पर विज्ञापन के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग एवं IPO में निवेश करके अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि जनपद हरिद्वार (रुडकी) निवासी पीड़ित द्वारा माह जून 2024 में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर अभियोग पंजीकृत कराया ।
पीड़ित ने बताया कि एक दिन उसके इंस्टाग्राम आईडी पर स्टॉक ट्रेडिंग की जानकारी सम्बन्धी एक विज्ञापन आया व उसे व्हाटसेप ग्रुप Fortune Alliance 701 एवं SVIP-2717 से भी जोड दिया गया जिसमें उसे स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करके अच्छा खासा मुनाफा कमाने का प्रलोभन दिया ।
इसके बाद कम निवेश करके अधिक मुनाफा कमाने के दिये जा रहे प्रलोभनों के जाल में फंसाते हुए ग्रुप में दी गई जानकारी के तहत एक वेबसाइट https://gpc.boutique/#/pages/login/login उपलब्ध कराई गई व उसके आधार कार्ड व पेन कार्ड आदि की प्रतियां ली गई।
वेबसाइट पर ही प्रार्थी का एक खाता खोला गया व बताया कि आपके द्वारा किये गये निवेश का जितना भी मुनाफा होगा, वह आपके खाते जमा होगा और आप उक्त खाते की डीटेल भी उक्त वेबसाइट पर ही देख सकते हो ।
विश्वास दिलाया गया कि स्टॉक मार्केट सोमवार से शुक्रवार चलता है, जिसमें सोमवार से शुक्रवार में सुबह 9:00 से दोपहर 3:30 तक आप अपना पैसा अपने खाते से निकाल सकते हैं।
फिर अपनी मुनाफा रकम में से मु० 2,000/- निकाले का आग्रह किया तो उक्त लोगों के द्वारा प्रार्थी को मु० 2,000/- अदा कर दिये गये। जिसके बाद उक्त लोगों के द्वारा उसे विश्वास में लेकर तथा अपने प्रलोभन के जाल में फंसा कर मेरठ, गुजरात, पश्चिम बंगाल स्थित विभिन्न बैंक खातों में पैसा जमा करवाया गया जिस पर उक्त वेबसाइट पर स्टॉक ट्रेडिंग निवेश से प्रार्थी के खाते में 1,80,56,050/- मुनाफा रकम दर्शायी गई ।
23-05-2024 को 2,26,25,365/- मुनाफा रकम दर्शायी गई जिससे उसे विश्वास हो गया कि उक्त स्टॉक ट्रेडिंग से काफी मुनाफा हो रहा है।
इसके बाद साइबर ठगों ने कहा कि AWFI IPO लांच हो रहा है और आप अपनी रकम इसमें निवेश करो, जिसमें निवेश कराने के बाद जब उसने उक्त रकम निकालने को कहा तो ठगों ने कहा कि आपका IPO ओवरवेट हो गया है, आप रकम नहीं निकाल सकते।
आपका खाता माइनस में चला गया है, उसके बाद आपको 98 लाख रूपये जमा कराने पड़ेंगे। पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने से साफ तौर से इंकार कर दिया गया ।
ठगों ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि आपके किसी भी नुकसान की सारी जिम्मेदारी हम लेते हैं। आप सिर्फ 9। लाख जमा करा दो बाकि रकम हम भरेंगे। 9 लाख रुपये जमा कराने के बाद भी ठगों ने रकम व मुनाफा रकम देने से साफ तौर से इंकार कर दिया। साइबर ठगों ने 43,11,000/- रूपये धोखाधडी कर पीड़ित को ठग लिया।
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने अभियुक्त को इन्दौर मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बैंक खाते का एसएमएस एलर्ट नं0 सहित मोबाइल फोन, पास बुक व चेक बुक बरामद हुई।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता-
1-सोनू (काल्पनिक नाम) निवासी शीतल नगर, थाना विजयनगर, इंदौर, मध्य प्रदेश उम्र-41 वर्ष।
बरामदगी-
घटना में प्रयुक्त बैंक खाते का एसएमएस एलर्ट नं0 सहित एक मोबाइल फोन, बैंक पास बुक व चैक बुक
बाहरी राज्यो से शराब की तस्करी कर उत्तराखंड के अलग अलग जनपदों में सप्लाई करने वाले 03 शराब तस्करो को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
अभियुक्तों के कब्जे से 30 पेट्टी अग्रेजी शराब (MD NO-1), उतराखण्ड की शराब के विभिन्न ब्रान्डों के हजारों स्टिकर, मोनोग्राम तथा तस्करी में प्रयुक्त यूटिलिटी वाहन हुआ बरामद
अभियुक्त बाहरी प्रदेशों से अवैध शराब की तस्करी कर उस पर उतराखण्ड प्रदेश के स्टीकर व मोनोग्राम लगाकर कर उतराखण्ड सरकार को लगा रहे थे राजस्व का चूना।
देहरादून। मुख्यमंत्री उतराखण्ड के ”ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025″ के विजन को साकार करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध मादक प्रदार्थों की तस्करी तथा नशे के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुये उनके विरूद्व कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गये है। उक्त निर्दशों के क्रम में थाना नेहरू कालोनी पर थानाध्यक्ष नेहरू कालोनी के नेतृत्व में अवैध मादक प्रदार्थो की तस्करी की रोकथाम हेतु अभियान चलाते हुये टीमें गठित की गयी है।
दिनांक 19-09-2024 को थाना नेहरू कालोनी पुलिस को मुखबीर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुयी की साकेत काँलोनी अजबपुर से एक यूटीलिटी वाहन से अवैध शराब की तस्करी की जा रही है, उक्त सूचना पर पुलिस टीम द्वारा चैकिंग अभियान चलाया गया, चैकिग के दौरान पुलिस टीम द्वारा एक यूटीलिटी वाहन संख्या UK08CB5296 को रोककर चैक किया गया तो उक्त वाहन से 15 पेटी अवैध शराब मकडोवल बरामद हुई।
बरामद शराब के सम्बन्ध में वाहन चालक से सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि उक्त शराब की पेटियो को वह साकेत काँलोनी स्थित एक मकान से लाया है, जिस पर पुलिस टीम ने अभियुक्त द्वारा बताये गये मकान की घेराबन्दी कर छापेमारी की गयी तो मकान में मौजूद 02 व्यक्ति पुलिस को देख कर भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हे पुलिस द्वारा मौके पर पकड़ लिया गया। मकान की तलाशी में पुलिस टीम को मौके से 15 पेटी अवैध शराब मैकडोवल , शराब की अलग –अलग ब्रान्डो के उत्तराखंड के स्टीकर, उत्तराखण्ड शासन के मोनोग्राम व अन्य सामाग्री बरामद हुई, जिस पर अभियुक्तो के विरुद्ध थाना नेहरू कालोनी पर मु0अ0सं0 302/2024 धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम एवं 3(5) 318(4),347(1) बीएनएस अभियोग पंजीकृत किया गया।
पूछताछ विवरण :-
अभियुक्तगणो के द्धारा पूछताछ मे बताया कि उनके द्वारा साहिल नाम के व्यक्ति के लिए काम किया जाता है, वे सभी उक्त अवैध शराब को साहिल द्वारा बताए स्थानों पर सप्लाई करते है। साहिल द्वारा हरियाणा/ चंडीगढ़ से सस्ते दामों पर अलग –अलग ब्रान्डों की अवैध शराब को खरीदकर देहरादून लाया जाता है तथा उनके द्वारा उन शराब की बोतलों पर लगे अलग-अलग ब्रान्डों के स्टीकर व मोनोग्राम हटाकर उतराखण्ड राज्य के स्टीकर व मोनोग्राम लगाये जाते है, जिससे वे उक्त शराब को आसानी से उत्तराखंड में बेच सके। उक्त शराब को उनके द्वारा सब्जी की खाली कैरेट में रखकर यूटीलिटी के माध्यम से देहरादून व अन्य जनपदों में ऊचे दामों पर बेचा जाता है, जिससे उन्हे अच्छा मुनाफा हो जाता है।
नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त :-
1- फईम पुत्र फुरकान निवासी- बुड्ढी, थाना मण्ड़ावली, जिला बिजनोर, उ0प्र0, उम्र 20 वर्ष
2- अहसान पुत्र शाबिर निवासी टीप, थाना मण्डावर, जिला बिजनोर, उ0प्र0, उम्र 25 वर्ष
3- मोसिन पुत्र लियाकत निवासी नया गांव, थाना मण्डावली, जिला बिजनोर, उ0प्र0, उम्र 32 वर्ष।
वांछित अभियुक्त
साहिल
बरामद माल :-
1- 30 पेटी मैकडोवल न0 1
2- रायल स्टैग के कुल 4340 स्लीप
3 – इम्पीरियल ब्लू के कुल 3063 स्लीप
4- मैकडोवेल्स के कुल 420 स्लीप
5- 100 पाईपर के 100 स्लीप
6- ओल्ड मोंक के 2550 स्लीप ,
7- UTK के 700 स्लीप
8- उतराखण्ड शासन के मोनोग्राम 2625 स्लीप
9- 02 बोतल पेंट , स्ट्रीपर
10- 01 हाँटगन मशीन
11- 03 किचन चाकू
12- 01 खुरपी
13- एक यूटीलिटी अशोका लीलेन्ड वाहन संख्या UK08CB5296
पार्षद पति ने नगर निगम की जमीन बेचकर लाखों की धोखाधड़ी की
पार्षद पति राकेश तिनका पूर्व में हो चुका है जिला बदर
देहरादून। नगर निगम की भूमि का सौदा करने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले पार्षद पति के विरूद्व थाना रायपुर में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कुणाल वालिया पुत्र प्रदीप वालिया निवासी -48 बी रेसकोर्स ने थाना रायपुर में प्रार्थना पत्र दिया गया कि आमवाला तरला की पार्षद के पति राकेश तिनका (पुत्र बीरबल, निवासी ऋषि नगर सहस्त्रधारा रोड, रायपुर) ने उनसे सहस्त्रधारा रोड स्थित एक भूखण्ड को अपना बताकर सौदा किया । और इसके एवज में उनसे 94 लाख रुपये लिए।
तहरीर में बताया कि उक्त भूखण्ड के सम्बंध में जानकारी करने पर पता चला कि उक्त भूमि नगर निगम की है। इसके बाद राकेश तिनका बात की तो उन्हें 14 लाख रूपये वापस किये गये।
शेष 80 लाख रूपये के गलत चेक उन्हें दिए। वह पैसे देने में आना-कानी करते हुए तरह-तरह के बहाने बनाने लगा।
नतीजतन, लिखित तहरीर के आधार पर थाना रायपुर में अंतर्गत धारा 420 भारतीय दंड संहिता में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
अभियोग में नामजद अभियुक्त राकेश तिनका एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके विरुद्ध जनपद के विभिन्न थानों में पूर्व में भी धोखाधड़ी व अन्य अपराधों के कई अभियोग पंजीकृत हैं। अभियुक्त को पूर्व में गुंडा अधिनियम में भी जिला बदर किया जा चुका है।
आपराधिक इतिहास राकेश उर्फ तिनका पुत्र वीरबल नि0 ऋषिनगर, सहस्रधारा रोड, थाना रायपुर देहरादून
1- मु0अ0सं0 180/2015 धारा 323/504/506/336, बनाम राकेश उर्फ तिनका आदि चालानी थाना रायपुर
2- मु0अ0सं0 44/2019 धारा 420/120 बी बनाम राकेश उर्फ तिनका आदि चालानी थाना रायपुर 3- मु0अ0सं0 241/2020 धारा 147/323/325 भादवि बनाम राकेश उर्फ तिनका आदि चालानी थाना रायपुर
4- मु0अ0सं0 241/2022 धारा 420/406 भादवि बनाम राकेश उर्फ तिनका चालानी थाना रायपुर
5- मु0अ0सं0 262/2018 धारा 13 जुआ अधि0 बनाम राकेश उर्फ तिनका चालानी थाना पटेलनगर
6- मु0अ0सं0 403/2012 धारा 2/3 गैंगस्टर अधि0 चालानी थाना कोतवाली नगर देहरादून
7- मु0अ0सं0 274/2024 धारा 420 भादवि बनाम राकेश तिनका आदि चालानी थाना रायपुर देहरादून
देहरादून। ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के क्रम मे स्पेशल टास्क फ़ोर्स की एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स की टीम को तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही मे बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टीम के द्वारा देहरादून के डोईवाला क्षेत्र से एक समैक तस्कर को 1 किलो 200 ग्राम समैक के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद की गयी समैक की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार मे एक करोड़ से ऊपर बताई जा रही है। बताया जा रहा है पकड़ा गया आरोपी मूलरूप से बिजनौर का रहने वाला है वहीँ पिछले दो वर्षो से देहरादून के पोंटा मे रहकर नशा तस्करी का गोरख धंधा चला रहा था। बरामद की गयी समैक बरेली से लायी गयी है ऐसा फिलहाल stf को अपडेट मिला है, सभी पहुंलुओं को देखते हुए stf द्वारा फिलहाल इस मामले की जड़ तक़ पहुँचने की कोशिश की जा रही है।
नए कानून न्याय की अवधारणा को करेंगे मजबूत : मुख्यमंत्री।
अनुशासन, निष्पक्षता और न्याय हमारे देश की पुरानी परंपरा ।
देश को नई दिशा दिखाने का कार्य करेंगे नए कानून: सीएम धामी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों का राज्य में औपचारिक शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि संपूर्ण देश में आज से तीन नए अपराधिक कानून – भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023″ लागू हो गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीन नए कानूनों पर आधारित I.O एप्लीकेशन का शुभारंभ एवं विवेचक पुलिसकर्मियों को टैबलेट वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय न्याय व्यवस्था में तीन नए कानून के लागू होने पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक दिन है। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे विभिन्न पुराने और गैरजरूरी कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थिति के हिसाब से नए आपराधिक कानून लागू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नए कानून न्याय की अवधारणा को मजबूत करेंगे और न्याय मिलने की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाने में पुलिस और न्यायालयों की वृहद स्तर पर मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासन, निष्पक्षता और न्याय हमारे देश की पुरानी परंपरा रही है। ये तीनों कानून देश के हर नागरिक की स्वतंत्रता, मानव अधिकार और सबके साथ समान व्यवहार को सुनिश्चित करेंगे। ये कानून गुलामी की मानसिकता को मिटाने और औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति दिलाने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नए कानून आजादी के अमृत महोत्सव के बाद के कालखंड में देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य करेगा। अब हमारी न्याय प्रणाली पूरी तरह से स्वदेशी होगी जो भारत द्वारा, भारत के लिए और भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार संचालित होगी। नए कानून नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ कानून व्यवस्था को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में ई- एफ.आई.आर की सुविधा शुरू की गई है। अब न्यायालय पीड़ित को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुकदमा वापस लेने की सहमति नहीं देगा। नए कानूनों में टेक्नोलॉजी के प्रयोग और फॉरेंसिंक विज्ञान को बढ़ावा दिया गया है। नई न्याय प्रणाली सभी को पारदर्शी और त्वरित न्याय देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। नए कानूनों में ऑनलाइन व्यवस्था पर भी बल दिया गया है। नए कानूनों में सबकुछ स्पष्ठता और सरलीकरण के साथ समाहित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हमारे कानून आतंकवाद, संगठित अपराधों और आर्थिक अपराधों को पूरी तरह परिभाषित करेंगे। नए कानूनों में मॉब लिंचिंग को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, भगोड़ों की गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। साथ ही बहुत छोटे अपराधों के लिये सजा के रूप में सामुदायिक सेवा की शुरुआत एक क्रांतिकारी कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की जनता को न्याय दिलाने एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। नए कानूनों को लागू किये जाने हेतु राज्य सरकार ने पृथक रूप से 20 करोड़ रूपए की धनराशि का प्राविधान किया है। उन्होंने कहा आगे भी इन कानूनों के क्रियान्वयन कर्ता विभागों को इसके लिए राज्य सरकार से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा निश्चित ही तीनों कानूनों को उत्तराखंड पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने भी तीन नए कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगौली, सचिव गृह दिलीप जावलकर, निदेशक अभियोजन डॉ पीवीके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक डा. वी मुरुगेशन, अमित सिन्हा, अपर महानिदेशक कानून व्यवस्था एपी अंशुमन, आईजी स्तर के अधिकारियों के अलावा वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों के एसएसपी, एसपी अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
कोटद्वार, पौड़ी। विगत 10 अप्रैल को ग्राम कुल्लू भंवारी, पोस्ट चौपड़ियूं जिला पौड़ी निवासी श्रीमती सुनीता ने कोतवाली पौड़ी में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन द्वारा उसे कम ब्याज दर पर लोन देने और लोन की धनराशि को दुगुना करने के नाम पर 11 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा आम जनमानस के साथ हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष पौड़ी को टीम गठित करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि लोन दिलाने वाली ये गैंग बिहार और राजस्थान से संचालित हो रही है।
पुलिस टीम द्वारा अलग अलग प्रदेशों में दबिश देकर अथक प्रयासों के बाद अभियुक्त हथिया, तहसील छाता, थाना बरसाना, जनपद मथुरा उप्र निवासी हरून पुत्र सपत को आज मथुरा से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि हम लोग उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश के नम्बरों पर व्हाट्सएप व काल के माध्यम से सस्ती ब्याज दरों पर लोगों को लोन दिलाने का लालच देते हैं। साथ ही लोन की धनराशि को बिना प्रोसेसिंग शुल्क के दुगुना लोन के लिये भी लालच देते हैं, जिसमें लोग लालच में आ जाते हैं।
शुरुआत में प्रोसेसिंग फीस दो हजार से शुरुआत करते-करते हम लोगों को तरह-तरह का लालच देकर लोगों का माइंड बातों ही बातों में वाश करते हुये उनसे लाखों रुपये गूगल पे, फोन पे के माध्यम से अपने खातों में डलवाते हैं। जब हमें विश्वास होता है कि इसने पुलिस में हमारी रिपोर्ट दर्ज करवा दी है तो हम मोबाईल नम्बरों को बन्द कर उन सिमों को तोड़ देते हैं। पुलिस टीम उपनिरीक्षक मुकेश गैरोला, मुख्य आरक्षी धीरज सिंह, आरक्षी अमरजीत सिंह साईबर सैल कोटद्वार शामिल थे।
दुधमुंही बच्ची को देख भी दिल नहीं पसीजा कातिल प्रेमी का
बिजनौर से प्रेमिका के आते ही बना दी थी मर्डर की योजना
देहरादून। दून के तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। प्रेमी ने ही पीछा छुड़ाने के लिए महिला व उसकी दोनों लड़कियों की गला दबाकर हत्या की थी। लड़कियों की उम्र 15 साल व 8 माह की थी। दोनों ही बिजनौर जिले के नहटौर के रहने वाले थे। प्रेमिका के बच्चों के साथ नहटौर से अचानक दून आने व साथ रखने की जिद ने हसीन को दुधमुंही बच्ची समेत तीन हत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाने पर विवश होना पड़ा।
जघन्य हत्याकांड के खुलासे पर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की। जबकि पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम को 25 हजार नगद पुरुस्कार की घोषणा की है।
एसएसपी अजय सिंह ने तिहरे हत्याकांड से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए बताया कि 25 जून को थाना पटेलनगर को बडोवाला क्षेत्र में पेट्रोल पम्प से आगे सूखे नाले से बदबू आने की सूचना प्राप्त हुई।
थाना पटेलनगर से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। मौके पर सूखे नाले में दो शव कूडे में पडे हुये थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया गया।
उन्होंने बताया कि आसपास जंगल व जंगली जानवरों का खतरा होने की वजह से सर्च अभियान नही चलाया जा सका । एक पुलिस टीम को निगरानी हेतु घटना स्थल पर नियुक्त किया गया। अगले दिन प्रातः आस-पास के जंगल में काम्बिंग/सर्च अभियान चलाया गया।
सर्च अभियान के दौरान पूर्व में शव बरामद होने के स्थान से कुछ दूरी पर कूडे का ढेर से तेज दुर्गन्ध आने पर कूड़े को हटाकर देखा गया तो एक महिला का सडा-गला शव ढेर के नीचे दबा हुआ मिला।
घटना स्थल से एक अन्य महिला का शव मिलने से साफ हुआ कि उक्त सभी शव एक ही परिवार के सदस्यों के हैं।
हत्याकांड के खुलासे के लिए गठित टीमों ने जनपद के सभी थानों व आस पास के जनपदों मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर आदि स्थानो पर विगत कुछ दिनों में किसी महिला व उसके बच्चियों की गुमशुदगी के सम्बन्ध में जानकारी की गई। लेकिन परन्तु देहरादून, मुजफ्फरनगर तथा सहारनपुर के किसी थाने में ऐसे किसी गुमशुदगी का दर्ज होना नहीं पाया गया।
हालांकि, बिजनौर में एक दो थाना क्षेत्रों में महिला व उसकी बच्चियों की गुमशुदगी दर्ज होने की जानकारी अवश्य मिली। तत्काल एक टीम को बिजनौर रवाना किया गया।
एसएसपी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास सर्च अभियान के दौरान कुछ दूरी पर पुलिस को एक ब्लू डार्ट कम्पनी का नीले रंग का बैग मिला। जिसमें महिला व बच्चों के कपडे व अन्य सामग्री रखी हुई थी।
पास ही एक पर्पल कलर का बैग भी पुलिस टीम को मिला। घटना स्थल के पास मौजूद टिम्बर लाइन फैक्ट्री के आसपास एक रोडवेज बस का टिक्ट नेहटौर से देहरादून का बरामद हुआ। जो एक बालिग व एक नाबालिग का था।
फैक्ट्री के अन्दर चेक करने पर पुलिस टीम को ब्लू डार्ट कम्पनी के वैसे ही नीले रंग के थैले बरामद हुए। नतीजतन, पुलिस टीम द्वारा फैक्ट्री में कार्यरत कर्मियों के सम्बंध में जानकारी हासिल की गई।
पुलिस टीम को मौके पर नहटौर का ही रहने वाला एक फैक्ट्री कर्मी मिला । शक होने पर पुलिस टीम ने उक्त व्यक्ति हसीन पुत्र नसीम को पूछताछ के लिए चौकी पर लाया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा अवैध सम्बन्धों के चलते उक्त महिला व उसके बच्चों की हत्या करना स्वीकार किया गया। अभियुक्त को पुलिस टीम द्वारा मौके से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के विवरण
पूछताछ में अभियुक्त हसीन द्वारा बताया गया कि वह बिजनौर का रहने वाला है । और बढोवाला में टिम्बर ली फर्नीचर फैक्ट्री में कार्य करता है। वह तलाकशुदा है और मृतका रेश्मा से पिछले दो वर्षो से उसका प्रेमप्रसंग चल रहा था ।
रेश्मा द्वारा अभियुक्त पर लगातार शादी करने तथा साथ रहने का दबाव बनाया जा रहा था। रेशमा समय-समय पर अभियुक्त पर खर्चो के लिये पैसों की भी मांग करती रहती थी ।
परेशान होकर हसीन उससे पीछा छुडाने की जुगत में लग गया। परन्तु वह लगातार उसे फोन तथा मैसेज के माध्यम से अपने साथ रखने की जिद कर रही थी। आखिरकार, अभियुक्त ने उसे देहरादून में कमरा ढूंढने तथा उसके बाद बुलाने की बात कहकर टाल दिया। लेकिन 23 जून की शाम रेशमा अपनी पुत्री आयत(उम्र 15 ) तथा आयशा (8 माह) के साथ आईएसबीटी देहरादून आ गयी । और अभियुक्त को फोन कर अपने देहरादून आने की जानकारी दी।
दबाव में चल रहे हसीन ने उससे पीछा छुडाने और रास्ते से हटाने की योजना बनाई । और अपनी मोटर साइकिल ( यूपी020 बीई 9915 ) से उसे लेने आईएसबीटी पहुंचा ।
इसके बाद रेशमा व उसके दोनो बच्चोँ को लेकर सीधे टिम्बर ली फैक्ट्री में गया। रात में सोते वक्त हसीन ने पहले मृतका रेश्मा का गला दबाकर हत्या। और उसके बाद दोनों बच्चियों की मुंह व नाक दबाकर उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया।
इसके बाद हसीन ने तीनों के शवों को टिम्बर ली फैक्ट्री के पीछ कूड़े के ढेर में फेंक दिया । साथ ही मृतकों के कपड़े ब्लू डार्ट कम्पनी के नीले थैले में डालकर फेंक दिये ।
मृतका रेशमा का बैग भी कूड़े के ढेर से कुछ दूरी पर फेंक दिया । मृतका का मोबाइल व उसके घर की चाबी अपने पास छुपा दी थी। अभियुक्त के मृतकों के शवों को फॉम के गद्दों आदि से लपेटकर रखा था जिस कारण मृतकों के शव फूल गये थे।
नाम पता अभियुक्त-
1- हसीन पुत्र नसीम निवासी फरीदपुर थाना व पोस्ट नहटौर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश हाल निवासी ब्रहमपुरी पटेलनगर जनपद देहरादून उम्र 36 वर्ष ।
अभियुक्त से बरामदगी का विवरण
1-एक मोटर साइकिल सं0- यूपी020 बीई 9915 गलैमर
2- एक नीला थैला ब्लू डार्ट कम्पनी
3- एक पर्पल कलर का बैग
4- मृतकों के कपडे, बच्चे के निप्पल वाली दूध की बोतल
5- मृतका का मोबाइल व घर की चाबी
6- आर्टी फिशियल ज्वैलरी आदि
पुलिस टीमः—
1- निरीक्षक कमल कुमार लुन्ठी, प्रभारी कोतवाली पटेलनगर
2-व0उ0नि0 मनमोहन सिह नेगी, कोतवाली पटेलनगर
3- निरीक्षक चन्द्रभान सिंह अधिकारी, प्रभारी एसओजी सिटी
4-उ0नि0 दीपक धारीवाल, थानाध्यक्ष क्लेमनटाउन
4-उ0नि0 विजय प्रताप राही, चौकी प्रभारी आईएसबीटी
5-उ0नि0 दीनदयाल सिह
6-उ0नि0 धनीराम पुरोहित
7-हेड कानि0 अनूप मिश्रा
8-हेड कानि0 मनोज कुमार
9-हेड कानि0 सुनीत कुमार
10-कानि0 पंकज मलासी
11-कानि0 हितेश कुमार
12-कानि0 विनोद बचकोटी
13-कानि0 सूर्यप्रकाश
14-कानि0 आबिद अली
15-कानि0 रवि शंकर झा
पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज, श्रीनगर निवासी गिरफ्तार
पौड़ी। अस्पताल का कर्मचारी बताकर जॉच के बहाने नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 24 घँटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया।
बीते मंगलवार को स्थानीय निवासी ने कोतवाली श्रीनगर पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया । कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने वादी की नाबालिग पुत्र उम्र-12 वर्ष के साथ अस्पताल का कर्मचारी बताकर जाँच के बहाने गलत हरकत व छेड़छाड़ की है।
इस शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली श्रीनगर पर मु0अ0सं0 41/2024, धारा 354 क भादवि व 7/8 पोक्सो अधिनियम पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह नेतत्काल प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर को टीम गठित करने एवं अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी करने को कहा।
जांच में पता चला कि यह व्यक्ति अस्पताल का कर्मचारी न होकर कोई बाहरी व्यक्ति है लेकिन सीसीटीवी फुटेज में भी उस व्यक्ति की स्पष्ट रूप से पहचान नहीं हो पा रही थी।
कई सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद आरोपी के हुलिये के आधार पर बुधवार को अभियुक्त मंयक गैरोला को बाँसवाड़ा श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त का नाम पताः
मंयक गैरोला पुत्र संजय गैरोला, निवासी एजेन्सी मौहल्ला, निकट एल0आई0सी0 कार्यालय बाँसवाड़ा, श्रीनगर पौड़ी गढवाल।
पुलिस टीमः-
1. प्रभारी निरीक्षक होशियार सिंह
2. व0उ0नि0 सुनील सिंह रावत
3. उ0नि0 रमेश जयाड़ा
4. म0उ0नि0 प्रेमा काण्डपाल
5. का0 377 मुकेश आर्या
6. का0 397 दीपक कुमार
घर की नौकरानी और उसके पति ने ही दिया घटना को अंजाम
देहरादून। देहरादून के रायपुर में आठ लाख के आभूषण की चोरी का दून पुलिस ने 24 घण्टे के अन्दर खुलासा कर चोरो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दरअसल घर की नौकरानी और उसके पति ने ही इस चोरी की घटना को अंजाम दिया था। और चोरी वाले दिन 6 मिनट के अन्दर चोरी कर नौकरानी का पति फरार हो गया था। बताया जडा रहा है कि नौकरानी ने विडियो कॉल कर घर की पूरी जानकारी अपने पति को दी थी। रायपुर पुलिस ने पति पत्नी को चोरी के आभूषण सहित दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दरअसल 29 मई को पीडित पल्लव शर्मा पुत्र अनूप शर्मा (निवासी 159 MDDA कालोनी थाना रायपुर जनपद देहरादून) ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज करायी कि आज दिन में किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर के आलमारी के लॉकर को तोड़कर उसमें रखी लगभग 8,00,000 (आठ लाख) रू/- के रखे कीमती सोने चांदी के आभूषण को चोरी कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने थानाध्यक्ष रायपुर को चोरों की तलाश के लिए निर्देश दिए। पुलिस ने दो टीम बनाकर मामले की छानबीन शुरू की।
गठित पुलिस टीमो में से प्रथम टीम ने घटना से पहले और घटना के बाद विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटैज लगभग 01 किलो मीटर के रेडियस में चैक किया।
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस-पास रह रहे बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया तो वही दूसरी पुलिस टीम ने चोरी के अपराधों में पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तो का सत्यापन कर उनकी जानकारी एकत्रित की।
जनपद में चोरी, लूट, नकबजनी के अपराधों में घटना से पूर्व सुद्धोवाला जेल से जमानत व सजा से रिहा हुए अपराधियों व साक्ष्य में न्यायालय उपस्थित हुए अपराधियों की जानकारी की गयी। पुलिस टीम ने जानकारी करने पर पाया गया कि वादी के घर में एक महिला काम करती है जिसका पति वर्तमान में दिल्ली में रहता है। जिससे पूछताछ करने पर कोई भी संतोषजनक जबाब नहीं मिला और नौकरानी ने अपने पति का काफी समय से दिल्ली में होना बताया।
पुलिस टीम द्वारा चैक किये गये सीसीटीवी कैमरो में आरोपी द्वारा मुंह पर कपड़ा लपेटकर आना व जाना पाया गया था और एक सफेद रंग की टी-शर्ट पहनी पायी गयी जिसमें एक फूल व कुछ लिखा हुआ था। यह चोरी की घटना मात्र 06 मिनट में हुई थी जिसमें किसी बाहरी के व्यक्ति के शामिल होने की संभावना नही नजर आ रही थी। घरवालों से नौकरानी से और अन्य जानकार लोगों से लगातार पूछताछ की गयी। पुलिस टीम ने नौकरानी के मोबाईल को अच्छे से चैक करने पर पाया कि चोरी से पहले उसने अपने पति को व्हाटसप काल किया है जिसका नौकरानी संतोष जनक जबाब नहीं दे पायी इसके अलावा पुलिस ने नौकरानी के मोबाईल में उसके पति की एक ऐसी फोटो मिली जिसमें हुबहु वैसी ही टी-शर्ट पायी गयी जिसे घटना में लिप्त व्यक्ति ने पहनी थी।
उसके बाद नौकरानी के पति की लोकेशन चेक किया गया तो पुलिस ने पाया कि चोरी के समय भी नौकरानी का पति घटनास्थल पर ही मौजूद था। जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई तब नौकरानी ने अपने पति के साथ चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार ली। और बताया कि चोरी के बाद वह पति के साथ भागकर दिल्ली जाने की योजना बना रही थी।
पुलिस ने नौकरानी के पति को दिल्ली में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से शत प्रतिशत आभूषणों को भी बरामद को भी बरामद कर लिया।
आत्महत्या मामले में पुलिस ने गुप्ता ब्रदर्स को भेजा जेल
बिल्डर साहनी ने सहस्त्रधारा रोड स्थित पैसिफिक गोल्फ की आठवीं मंजिल से कूदकर जान दी
पढ़ें, सुसाइड नोट व FIR- दो प्रोजेक्ट्स को लेकर चल रहा था विवाद
बिल्डर साहनी ने सुसाइड नोट में व्यक्त की थी अपनी पीड़ा
देहरादून। नामी बिल्डर सतेंद्र साहनी आत्महत्या मामले में दून पुलिस ने अजय गुप्ता व अनिल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
रेसकोर्स निवासी सतेंद्र सिंह साहनी बाबा ने शुक्रवार को लगभग 11.30 बजे सहस्त्रधारा रोड स्थित पैसिफिक गोल्फ की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
52 साल के सतेंद्र साहनी के सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने गुप्ता ब्रदर्स को गिरफ्तार कर लिया। सतेंद्र सिंह साहनी(बाबा) के पुत्र रणवीर ने राजपुर थाने में ब्लैकमेल,उत्पीड़न, धमकी व आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर 7 नेहरु रोड,डालनवाला निवासी अजय गुप्ता व अनिल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
सतेंद्र साहनी ने सुसाइड नोट पीएम मोदी व सीएम धामी को सम्बोधित कर लिखा है। शुरुआत में अपने पुराने व नये विभिन्न प्रोजेक्ट्स का जिक् किया। इसके बाद गुप्ता ब्रदर्स से मुलाकात व प्रोजेक्ट्स में साझेदारी का जिक्र कर पूरी कहानी बयां की।
सुसाइड नोट में साहनी ने गुप्ता ब्रदर्स के साथ मिलकर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। साहनी ने यह भी लिखा कि बलजीत सोनी ने अच्छे माहौल में उनकी मुलाकात गुप्ता बंधुओं से कराई थी। गौरतलब है कि बलजीत सोनी का दून के प्रसिद्ध उद्योगपति विंडलास से भी विवाद सामने आया था। एक जमीन के घपले में विंडलास को जेल भी हुई।
सतेंद्र साहनी
इधर,प्रोजेक्ट पर काम करने के दौरान हुए झगड़े के बाद गुप्ता ब्रदर्स ने साहनी के खिलाफ सहारनपुर में मुकदमा दर्ज करवा दिया। गुप्ता ब्रदर्स दोनों प्रोजेक्ट अपने नाम करने का दबाव बना रहे थे।
16 मई को सतेंद्र साहनी ने स्थानीय पुलिस को अनिल कुमार गुप्ता और अजय कुमार गुप्ता द्वारा किये जा रहे कृत्यों, धमकियों उत्पीडन और ब्लैकमेलिंग के सम्बन्ध में सूचित किया था।
इधर, सहारनपुर पुलिस ने शुक्रवार को साहनी को थाने में बुलाया था। इसी के बाद घबराकर साहनी ने आत्महत्या कर ली। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि गुप्ता ब्रदर्स ने साहनी के बेटे व दामाद को भो फंसाने की धमकी दी थी। इसी से परेशान होकर सतेंद्र साहनी ने आज आत्महत्याकर ली।
गौरतलब है कि गुप्ता ब्रदर्स का दक्षिण अफ्रीका में भी लंबा कारोबार रहा है। और वहां भी अन्य गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ भ्र्ष्टाचार के मामले चल रहे हैं।
देखें-प्रथम सूचना रिपोर्ट
First Information contents (प्रथम सूचना तथ्य):
नकल तहरीर हिन्दी वादी सेवा में, थाना प्रभारी महोदय थाना राजपुर देहरादून । 24/5/24 प्रार्थी रणबीर सिंह साहनी पुत्र सतेन्द्र सिंह साहनी निवासी 119-D रेसकोर्स नम्रता पूर्ण निवेदन करता हूं कि प्रार्थी के पिता श्री सतेन्द्र सिंह साहनी को एक श्री अजय कुमार गुप्ता पुत्र श्री शिव गुप्ता निवासी 7 नहेरु रोड़ डालनवाला देहरादून व श्री अनिल कुमार गुप्ता पुत्र श्री श्यामलाल गुप्ता निवासी 7 नेहरु रोड़ डालनवाला देहरादून द्वारा निरन्तर ब्लैक मेल व डराया धमकाया जा रहा था। प्रार्थी के पिता द्वारा इस क्रम में एक विस्तृत शिकायत दिनांक 16.05.23 को स्थानीय पुलिस को दिया था जिसमें उपरोक्त श्री अनिल कुमार गुप्ता और श्री अजय कुमार गुप्ता द्वारा किये जा रहे कृत्यों, धमकियों उत्पीडन और ब्लैकमेलिंग के सम्बन्ध में पुलिस को सूचित किया था। उपरोक्त अनिल कुमार गुप्ता व अजय कुमार गुप्ता पर मेरे पिता पर उनके दोनो प्रोजेक्ट उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे और अपनी व अपने परिवार की जान माल के खतरे की आंशका व्यक्त की थी।
इस क्रम में श्री अनिल कुमार गुप्ता व श्री अजय कुमार गुप्ता ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुये अपना झूठा पता और कूट रचित प्रपत्रों के आधार पर बिना क्षेत्र अधिकार के सहरानपुर में झूठी शिकायत पुलिस में दी गई थी। जिसके क्रम में पुलिस द्वारा बार बार मेरे पिता को वहां बुलाया जा रहा था और पुलिस ने आज सुबह तक पेश होने का समय दिया था जिसकी वजह से वह बहुत ज्यादा घबराये हुये थे। इस दौरान उन्होने निरन्तर गुप्ता बंधुओं से धमकियां मिल रही थी वह कल सुबह तक दोनो कम्पनियाँ मेरे नाम करो नहीं तो तुम तुम्हारा दामाद भी जेल जाने के लिये तैयार रहो या ऐसी नौबत ला देंगे के तुम खुद ही आत्महत्या कर लोगे । तुमने हमारा प्रभाव तो देख ही लिया है। वह रोज रोज के हो रहे उत्पीड़न बेइज्जती व धमकियों से अत्यंत परेशान थे और बेटे व दामाद का नाम भी झूठे रुप से फंसाये जाने के कारण बहुत घबराये हुये थे।
आज सुबह मेरे पिता घर से करीब 9 बजे बिना बताए निकल गए और कुछ देर बाद मुझे पता चला उनके द्वारा सहस्रधारा रोड़ पैसेफिक गोल्फ की आठवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी है। उनकी जेब से एक सुसाईड नोट मिला है। सुसाइड नोट में भी मेरे पिता द्वारा उनके प्रति अनिल कुमार गुप्ता व अजय गुप्ता द्वारा दी जा रही धमकीयों, भयादोहन, अपकर्षण का उल्लेख है । उप्रोक्त व्यक्तियों द्वारा मेरे पिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित किया गया है। अतः महोदय से विनम्र निवेदन है कि कृपा कर मेरी रिपोर्ट दर्ज कर मुझे न्याय दिलाने की कृपा की जाए वह हमारे परिवार की सुरक्षा प्रदान करने की कृपा की जाए । दिनांक 24/5/24 Sd अंग्रेजी अपठित प्रर्थी श्री रनबीर सिंह साहनी पुत्र सतेन्द्र सिंह साहनी निवासी, 119-D रेसकोर्स देहरादून पूर्ब में दी गई शिकायत दिनांक 16/5/24 को के प्रति संलग्न है। जेब से मिला ओरिजनल सुसाईट नोट जो कि इंगलिश में लिखा गया है संलग्न है। Sd अंग्रेजी । नोट – मै का० प्रमाणित करता हूँ कि तहरीर कि नकल शब्द ब शब्द टाईप की गयी कोई भी शब्द घटाया बढाया नही
गया है। का0 1732 मोहन सिंह थाना राजपुर देहरादून दिनांक- 24.05.2024
देखें- सतेंद्र साहनी की ओर से अंग्रेजी में लिखा गया सुसाइड नोट
24/may/2024
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