Category: अपराध

  • ऑनलाइन फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाली ट्रैवल एजेंसी का संचालक  गिरफ्तार

    ऑनलाइन फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाली ट्रैवल एजेंसी का संचालक गिरफ्तार

    चारधाम यात्रा के नाम पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कर श्रद्धालुओं को बनाते थे अपना शिकार

    हैदराबाद से आये 11 सदस्यीय टीम का Online Registration मिला था फर्जी

    ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाली ट्रैवल एजेंसी के संचालक को देहरादून पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल चैकिंग के दौरान चारधाम यात्रा पर हैदराबाद से आये 11 सदस्यीय दल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फर्जी मिला था। दल से पूछताछ के बाद दिल्ली की ट्रवेल एजेंसी पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर ट्रेवल एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंची थी जहां ट्रैवल एजेंसी के संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दरअसल क्खांड गांव में बनाये गये रजिस्ट्रेशन चैकिंग सेन्टर का एसएसपी देहरादून ने जब निरीक्षण किया तो चारधाम यात्रा पर आये यात्रियों के एक दल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला। यह दल हैदराबाद से चारधाम यात्रा पर आया था जिनमें कुल 11 सदस्य थे। दल की सदस्यों ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए उन्होंने कुल 11 लोगों का legend India holidays, address 823 jaina tower 2 district centre, Janakpuri Delhi से ऑनलाइन पैकेज बुक किया थाजिसके लिए उन्होंने कंपनी के कर्मचारी कुमकुम वर्मा और डायरेक्टर ऋषि राज से फोन पर बातचीत की थी।

    ट्रैवल एजेंसी के लोगों ने उनके 11 सदस्यीय दल का चारधाम यात्रा के लिये रजिस्ट्रेशन और ठहरने आदि की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था और उसके एवज में उनसे 02 लाख 33 हजार रूपये लिये थे और बताया था कि चारधाम यात्रा के लिये उन सभी का दिनांक 25 मई 2024 से 30 मई 2024 के बीच का रजिस्ट्रेशन वे कराएंगे।

    जिसके बाद उन्हें कुमकुम वर्मा ने व्हाट्सएप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की पीडीएफ भेजी थी, जिसे लेकर वे सभी चारधाम यात्रा के लिये ऋषिकेश आये थे। लेकिन यात्रियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन चैक करने पर उनके रजिस्ट्रेशन की वास्तविक दिनांक 01-06-2024 से 10-06-2024 के बीच होनी पायी गई। यात्रियों के साथ हुई धोखधडी के सम्बंध में एसएसपी देहरादून ने तत्काल उस ट्रैवल एजेंसी संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिया और जिस पर दल की सदस्य मुक्कावली साई भ्रमर मधुरिया, निवासी श्रीनिवासा नगर बैंक कॉलोनी, विजयवाडा आंध्र प्रदेश ने धोखाधडी के सम्बंध में एफआईआर दर्ज करवाई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादूनने लोगों का फर्जी रजिस्ट्रेशन कर उनके साथ धोखाधड़ी करने वाले लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिएऔर तत्काल कोतवाली ऋषिकेश की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हुई। पुलिस ने ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी legend India holidays को ऑनलाइन फर्जी रजिस्ट्रेशन कर धनराशि ठगी करने के मामले में जनकपुरी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी का नाम ऋषि राज पुत्र सुरेश कुमार (निवासी K10 गली नंबर 13 कृष्णा पार्क दिल्ली उम्र 35 वर्ष) बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के पास से ऑनलाइन फर्जी रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल की जाने वाले फोन को भी बरामद कर लिया है।

  • अधिशासी अभियंता को विजिलेंस ने  50 हजार की रिश्वत लेते दबोचा

    अधिशासी अभियंता को विजिलेंस ने 50 हजार की रिश्वत लेते दबोचा

    ईई ने कन्याल ने ठेकेदार से 1 लाख 60 हजार की रिश्वत मांगी थी

    हल्द्वानी। विजिलेंस ने लघु सिंचाई विभाग, खण्ड नैनीताल के अधिशासी अभियन्ता कृष्ण सिंह कन्याल को 50 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया। मिली जानकारी के मुताबिक डी श्रेणी के ठेकेदार ने 20 मई को एक शिकायती पत्र सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी, नैनीताल कार्यालय में दिया।

    पत्र में कहा कि उसके द्वारा विकास खण्ड कोटाबाग के ग्राम सेलसिया में लघु सिंचाई खण्ड नैनीताल की योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग 450 मीटर के दस लाख रूपये लागत के गूल के निर्माण का ठेका लिया था।

    निर्माण कार्य पूर्ण होने पर भुगतान करने के एवज में कृष्ण सिंह कन्याल ने भुगतान की जाने वाली आठ लाख के 20 प्रतिशत के रूप में 1,60,000/- रू. रिश्वत की मांग की।

    विजिलेंस की टीम ने बुधवार को कृष्ण सिंह कन्याल को सीजन रिजार्ट कालाढूंगी परिसर से 50 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त से पूछताछ जारी है।

  • भारी मात्रा में नशीले कैप्सूलो के साथ 01 अभियुक्त आया दून पुलिस की गिरफ्त में

    भारी मात्रा में नशीले कैप्सूलो के साथ 01 अभियुक्त आया दून पुलिस की गिरफ्त में

    नशा तस्करो के विरुद्ध दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही

    भारी मात्रा में नशीले कैप्सूलो के साथ 01 अभियुक्त आया दून पुलिस की गिरफ्त में

    अभियुक्त के कब्जे से 4440 नशीले कैप्सूल हुऐ बरामद, तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को किया सीज

    अभियुक्त द्वारा सहारनपुर के डीलर से खरीदी थी नशीले कैप्सूल की खेप

    स्कूल/कॉलेज के छात्र तथा फैक्ट्रियों में मजदूरों को करता था नशीले कैप्सूल की सप्लाई

    कोतवाली ऋषिकेश

    एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाते हुए लगातार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, इसी क्रम में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस द्वारा दिनांक 12 मई 2024 को मुखबिर की सूचना पर मुर्गी फार्म, आईडीपीएल, हरिद्वार रोड के पास से एक अभियुक्त को सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन नंबर यू0के0 14 सी 4370 पर नशीले कैप्सूल की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली ऋषिकेश में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

    पूछताछ विवरण-

    पूछताछ में अभियुक्त द्वारा उक्त नशीले कैप्सूलों को सहारनपुर के डीलर से खरीदकर लाना बताया गया, जिसे अभियुक्त द्वारा स्कूल, कॉलेज के छात्रों तथा फैक्ट्रीयों में काम करने वाले मजदूरो को उंचे दामो में बेचकर मुनाफा कमाया जाता है। अभियुक्त से पूछताछ में कुछ अन्य नशा तस्करों के सम्बंध में जानकारी प्राप्त हुई है, जिसके सम्बंध में जानकारी की जा रही है।

    नाम पता अभियुक्त-

    1-जितेंद्र कुमार वर्मा पुत्र स्वर्गीय मलखान निवासी गली नंबर 1 हनुमान मंदिर कॉलोनी ऋषिकेश उम्र 54 वर्ष

    बरामदगी

    1- कुल 4440 नशीले कैप्सूल spasmo promose plus
    2-सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन नंबर यू0के0 14 सी 4370

    पुलिस टीम

    1-उ0नि0 ज्योति प्रसाद उनियाल, चौकी प्रभारी आईडीपीएल
    2- का0 विकास,
    3- का0 कुलदीप,
    4- का0 दिनेश मेहर,
    5- का0 दुष्यंत,
    6- का0 अभिषेक

  • अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 9 लोगों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

    अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 9 लोगों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

    दुबई से संचालित हो रहा था यह ऑनलाइन सटटा गिरोह

    देहरादून। देहरादून पुलिस ने एक अर्न्तराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भांडाफोड़ करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक यह सट्टा गिरोह राजपुर के ब्रहामणवाला गांव में स्थित एक फ्लैट चलाया जा रहा था। यहां आई0पी0एल0 मैचो में ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। यह ऑनलाइन सटटा गिरोह दुबई से संचालित किया जा रहा था । पुलिस ने सट्टेबाजो के के कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में 8 लैपटॉप, 50 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद की है।

    जानकारी के मुताबिक इस गिरोह के सदस्यों के खातो में करोडो रुपये के ट्रान्जैक्शन हुई जो ऑनलाइन सट्टे में प्रयोग किये जा रहे थे। पुलिस ने बैंक खातो को सीज करते हुए उसमें जमा कुल 925000/-रूपये की धनराशि को फ्रीज करा दिया है।

    कैसे पकड़े गए आरोपी
    दरअसल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को आई0पी0एल0 मैचो में ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले अर्न्तराष्ट्रीय गिरोह की सूचना मिली थी जिसके बाद एसएसपी देहरादून ने क्षेत्राधिकारी मसूरी के नेतृत्व में थाना राजपुर पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठित की और पुरूकुल रोड के किनारे स्थित एक फ्लैट में दबिश दी जिसके बाद आई0पी0एल0 मैचो में ऑनलाईन सट्टा लगा रहे 9 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपियों के नाम सिराज मेमन (पुत्र अब्दुल फरीद निवासी सिविल लाइन निकट साई मंदिर जिला दुर्ग थाना सिविल लाइन छत्तीसगढ़ उम्र- 26 वर्ष), सौरभ (पुत्र जानकी राम निवासी आसाराम बापू के आश्रम के सामने गली नंबर 2 जिला चिलवाड़ा उम्र- 23 वर्ष), विवेक अधिकारी (पुत्र इंद्र अधिकारी निवासी कोरबा थाना एक्सल जनपद कोरबा छत्तीसगढ़ उम्र- 20 वर्ष), लोकेश गुप्ता (पुत्र सीताराम निवासी पीपल चौराहा थाना करोड़ मध्य प्रदेश उम्र- 29 वर्ष), सोनू कुमार (पुत्र उपेंद्र सिंह निवासी मिन्ह कॉलेज थाना औरंगाबाद जनपद औरंगाबाद बिहार उम्र 23 वर्ष), मोनू (पुत्र हरीश निवासी अंबिकापुर थाना माली जनपद सरगुआ छत्तीसगढ़ उम्र- 24), विकास कुमार (पुत्र हरेंद्र निवासी क़र्ज़ा जनपद मुजफ्फरपुर बिहार उम्र 33 वर्ष), शिवम (पुत्र अरुण निवासी थाना टिकरापारा जनपद रायपुर छत्तीसगढ़ उम्र 23 वर्ष), शत्रुघन कुमार (पुत्र राजकुमार निवासी जीवन नाथ थाना सरैया जनपद मुजफ्फरपुर बिहार उम्र 21 वर्ष) बताया गया है। मौके पर पुलिस टीम ने उनके कब्जे से आनलाईन सट्टा लगाने में इस्तेमाल किये जा रहे कुल 8 लैपटॉप, 50 मोबाइल फोन और अन्य इलैक्ट्रॉनिक समान बरामद किए है।

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ऑनलाइन सट्टे का पूरा नेटवर्क दुबई से शुभम नाम का व्यक्ति चलाता है और देहरादून में सट्टे का काम सिराज मेनन देखता था। आरोपी मोबाईल फोन के जरिये ऑनलाइन सट्टे की साइट, लेजर, टाइगर तथा ऑल पैनल पर जाकर आँनलाईन सट्टा खिलवाते है और लोगों से पैसे लेकर बुकी का काम करते है। आनलाईन सटटे की साइटों की आई0डी0 एंव लिंक अभियुक्तों को शुभम, निवासी छत्तीसगढ़ के द्वारा मोबाइल फोन के जरिये उपलब्ध करायी जाती है। शुभम द्वारा पैसे लेकर अभियुक्तों को सटटे के ऑनलाइन प्वांइन्टस उपलब्ध कराये जाते है, जिन्हें आरोपियों ने आगे लोगो को ऑनलाइन बेचकर उनसे पैसे लेकर सट्टा खिलवाते थे। जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो जाता है। सटटे की सारी धनराशि ऑनलाईन गूगल पे के माध्यम से ली जाती है।

    अपराध करने का तरीका
    आरोपी ऑनलाईन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों को एक लिंक भेजते जिसे क्लिक करते ही उन्हें एक नंबर मिल जाता फिर उस नंबर को व्हाट्सएप से लिंक करके ग्राहक से संपर्क करते और सटटा खिलाने में तीनो ग्लोबल साइटों में से ग्राहक द्वारा चयनित की गई साइट के माध्यम से उसे व्हाट्सएप के जरिए डिपाजिट स्लिप उपलब्ध कराते हैं जिसमें बैंक की डिटेल दी जाती है और बैंक खातों मे ही पैसो का लेनदेन होता है। पेमेंट साइट के बाद ग्राहक की आईडी जेनरेट होती हैं और पासवर्ड ग्राहक को उपलब्ध कराया जाता हैं तथा उसके बाद ग्राहक द्वारा गूगल क्रोम के माध्यम से ग्लोबल साइट को खोलकर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता है। धनराशि जीतने पर ग्राहक व्हाटसएप के माध्यम से आरोपी से सम्पर्क करते फिर एक ऑनलाइन विड्रॉल फार्म भरवाकर पैसे उनके खाते में ट्रांसफर किये जाते थे।

    बता दें कि एसएसपी देहरादून ने इस गिरोह को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ₹10000/- के पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

  • गारमेंट्स की दुकान में आग लगाने वाला आरोपी गिरफ्तार

    गारमेंट्स की दुकान में आग लगाने वाला आरोपी गिरफ्तार

    देहरादून। देहरादून पुलिस ने पलटन बाजार में गारमेंट्स की दुकान में आग लगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल 24 अप्रैल बुधवार को देर रात्री पलटन बाजार के ’’ओमजी गारमेंटस’’ की दुकान पर आग लग गई थी जिसके बाद मौके पर अफरा- तफरी मच गई थी। दुकान के मालिक नवनीत राजवंशी (निवासी 49 पल्टन बाजार कोतवाली) ने कोतवाली नगर में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफी रिपोर्ट दर्ज कराई थी और कहा था कि उनकी दुकान में किसी ने पेट्रोल छिडककर आग लगा थी।
    जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरो को जांचा तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेजों के मुताबिक पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसकी तलाश शुरू की। जिसके बाद आज पुलिस ने आग लगाने वाले आरोपी को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम अरूण कालरा(58 वर्ष) बताया जा रहा है जो गोविंद गढ , थाना कैन्ट, देहरादून (राजपुर रोड में रेस्ट्रोरेंट है) का निवासी है।

  • उत्तराखंड एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग–तस्कर को किया गिरफ्तार

    उत्तराखंड एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग–तस्कर को किया गिरफ्तार

    तस्कर के पास से बरामद किए 1 किलो 362 ग्राम चरस

    बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपए कीमत

    देहरादून। उत्तराखंड एस टी एफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जनपद चंपावत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग–तस्कर पकड़ा गया जिसके पास से टीएम ने भारी मात्रा में चरस बरामद किए है। एएनटीएफ ने ड्रग–तस्कर के कब्जे से 1 किलो 362 ग्राम चरस बरामद की है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपए कीमत बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी कई वर्षो से चरस की तस्करी में संलिप्त था।
    एएनटीएफ ने तस्कर को जनपद चंपावत के थाना लोहाघाट क्षेत्रअंतर्गत मन्नार बैंड खेतीखान के पास से गिरफ्तार किया है। जिसका नाम मुकेश चंद्र सेल्ला (पुत्र कृष्णानंद सेल्ला उम्र 43 वर्ष) और वह गढ़कोट थाना चंपावत का निवासी है। टीम ने आरोपी मुकेश चंद्र सेल्ला के कब्जे से करीब 1 किलो 362 ग्राम अवैध चरस बरामद किए है।

    आरोपी पिछले कई सालों से उत्तराखंड में चरस की सप्लाई कर रहा था। उसने पूछताछ में बताया कि वह यह चरस अपने गांव के आसपास से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खरीद कर काठगोदाम/ हल्द्वानी आदि मैदानी क्षेत्र में बेचने जा रहा था। तभी उसे पकड़ लिया गया।
    बता दें कि ANTF कुमाऊं यूनिट ने वर्ष 2024 में अब तक 9 किलो 703 ग्राम चरस बरामद कर चुकी है।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड ने अपने ऑफिस नंबर जारी करते हुए जनता से अपील की है कि नशे से दूर रहे, किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी ना करें, नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या एसटीएफ उत्तराखंड से संपर्क करें।
    एसटीएफ – 0135-2656202, 9412029536

  • उत्तराखण्ड  एसटीएफ  ने “साईबर ठगों के गिरोह का सरगना” को किया  गिरफ्तार

    उत्तराखण्ड एसटीएफ ने “साईबर ठगों के गिरोह का सरगना” को किया गिरफ्तार

    पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर लोगों को बनाता था अपना शिकार

    सिक्योरिटी गार्ड से बना साईबर ठग गिरोह का संचालक

    देहरादून। उत्तराखण्ड की एसटीएफ टीम ने पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले “साईबर ठगों के गिरोह के सरगना” को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ टीम ने गिरोह के सरगना के पास से 13 मोबाईल, 07 बैंक के एटीएम कार्डस, 07 सिम कार्डस और आधार कार्डस व कई लाखों रूपये के हिसाब किताब की 10 डायरियां भी बरामद कर लिया है।

    इस गिरोह से अब तक 01 लाख 31 हजार रूपये नगद, 23 मोबाईल फोन, 18 एटीएम कार्डस, 71 सिम कार्डस, 02 बैंक पास बुक व कई लाखों रूपये के हिसाब किताब की 14 डायरियां बरामद हुयी है।

    मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि पिछले कई दिनों एसटीएफ ने प्रधानमन्त्री मुद्रा लोन योजना के नाम पर थाना प्रेमनगर जनपद देहरादून क्षेत्र में रहकर ऑनलाईन ठगी करने वाले साईबरों ठगों के गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जो तेलंगना, आन्ध्रा और महाराष्ट्र राज्य के निवासियों के अलावा देशभर में कई लोगों के साथ कई लाखो रूपये की धोखाधड़ी करते थे। लेकिन इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक दीपक राज शर्मा तभी से फरार चल रहा था। उसकी तलाश में एसटीएफ जगह जगह तलाश कर रही थी। काफी प्रयास के बाद 13 अप्रैल शनिवार को फरार दीपक राज शर्मा को एसटीएफ की टीम ने वृन्दावन मथुरा से गिरप्तार कर लिया।

    आरोपी दीपक ने अपने अन्य साथियों के नाम भी बता दिए है। आरोपी दीपक राज शर्मा (30 वर्ष)ग्राम विशुनपुर, छोटेपट्टी, थाना दोस्तपुर, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

    दीपक राज शर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने गांव के चुन्नीलाल इंटर कॉलेज सुल्तानपुर से 12वीं परीक्षा पास की है और वर्ष 2015 से देहरादून के वसंत विहार में हॉक कमाण्डो सिक्योरिटी सर्विस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसके बाद वह एक कॉल सेंटर में काम करने लगा। वह कॉल सेंटर लोगों से भिन्न-भिन्न कंपनियों के टॉवर लगाने के नाम पर ठगी करता था और वहीं से उसने काम सीख कर साईबर ठगी का काम शुरू किया।

    वर्ष 2015 में वह इसी साईबर ठगी के मामले में थाना सेलाकुई से जेल गया और उसके बाद उसने अपना कॉल सेन्टर 2022 में बसंत विहार में अनुराग चौक के पास खोला जहां से फिर मुद्रा लोन के नाम पर साईबर ऑन लाइन ठगी शुरू कर दी लेकिन वहां पर भी साइबर थाना देहरादून वर्ष 2022 में वह फिर जेल चला गया।

    उसके बाद में वर्ष 2023 जून से वह प्रेम नगर क्षेत्र में दोबारा से एक कॉल सेंटर खोला और प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के नाम से ठगी शुरू कर दी इस काम के लिये उसने अपने साथ कुल 09 से लेकर 10 लड़को को रखा था। इस काम के लिये हजार रुपए प्रति सिम खरीदा गया था फर्जी बैंक खाते बिहार से 25 से 30 हजार रूपये में खरीदता था। मुद्रा लोन का मैसेज-एड के लिये दिल्ली के एक लड़के के जरिये करवाता था जिससे ग्राहक झांसे में आ जायें। मुद्रा लोन को लेकर फर्जी कॉल से धोखाधड़ी करके पर प्रति सप्ताह 6 से 7 लाख रुपए कमाये थे। जिसमें से 50 प्रतिशत हिस्सा अपनी टीम को तथा 50 प्रतिशत इसका होता था। ठगी की कमाई से सिद्धवाला, प्रेमनगर में दो प्लॉट लगभग 32 लाख रूपये में खरीदे हैं तथा 05-05 लाख की तीन कमेटियों में अपना धोखाधड़ी की रकम लगायी गयी है। ठाकुर पुर में नित्या गारमेन्टस के नाम से दुकान में भी ये ही रकम प्रयोग करता था।

  • डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में शामिल एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, दूसरा फरार

    डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में शामिल एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, दूसरा फरार

    हरिद्वार के भगवानपुर में शार्प शूटर अमरजीत को मार गिराया

    हरिद्वार/ उधमसिंह नगर। बीते 28 मार्च को नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के एक आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया गया है। दूसरा आरोपी फरार हो गया। देर रात उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अमरजीत को मार गिराया। हरिद्वार के एसएसपी परमिंदर डोभाल ने कहा कि एसटीएफ-पुलिस और शार्पशूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू के बीच हरिद्वार के भगवानपुर में मुठभेड़ हुई। अमरजीत के खिलाफ 16 से अधिक मामले दर्ज थे।

    गौरतलब है कि 28 मार्च की सुबह बाबा तरसेम की हत्या के बाद आरोपी फरार चल रहे थे। जबकि पुलिस आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में ऐसे जघन्य अपराध करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।

  • पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर ठगी करने वाले ठगों का भण्डाफोड़, एसटीएफ ने 2 दो को किया गिरफ्तार

    पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर ठगी करने वाले ठगों का भण्डाफोड़, एसटीएफ ने 2 दो को किया गिरफ्तार

     

    ठगो के पास से बरामद हुए 1,31,100/- रूपये, 64 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 10 मोबाईल फोन, 2पासबुक और 7 बैंकों की चैक बुक

    उत्तराखण्ड की एसटीएफ टीम ने पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर ठगी करने वाले साईबर गिरोह का भण्डाफोड़ करते हुए गिरोह के 2 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है।
    एसटीएफ टीम ने ठगो के पास से 1,31,100/- रूपये, 64 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 10 मोबाईल फोन, 2पासबुक और 7 बैंकों की चैक बुक भी बरामद कर लिया है।

    मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि प्रधानमन्त्री मुद्रा लोन योजना के नाम से देश भर में कई राज्यों के लोगों के साथ उन्हे लोन दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे है।
    एसटीएफ उत्तराखण्ड ने गृह मंत्रालय के 14C के विभिन्न वेब पोर्टलों की तो मुद्रा लोन योजना के नाम पर ऑनलाईन ठगी करने वाले कुछ संदिग्धों की जानकारी मिली और उनके मोबाईल नम्बर थाना प्रेमनगर जनपद देहरादून क्षेत्र में सक्रिय मिले।

    इसके बाद एसटीएफ की टीम ने अलग अलग मोबाईल नम्बरों के डेटा की जानकारी निकाल कर उनके बैंक एकाउंटस और लेन देन का विवरण चेक किया। पुलिस ने देखा कि उनके पास प्रतिदिन 25 से 30 हजार रूपये की किस्तों में लाखों रूपये जमा किये जा रहे हैं।
    पुलिस ने पाया कि 3बैंक खातों में ही पिछले दो माह में करीब 1.5 करोड रूपये जमा किये गये और निकाले गये थे। इन खातों में देशभर के लगभग सभी राज्यों से पैसें जमा किये गये थे विशेषकर भारत के दक्षिणी राज्य तेलंगना, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र कर्नाटक राज्य शामिल थे।

    पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि सबसे ज्यादा दक्षिण राज्य में मुद्रा लोन योजना के नाम पर ठगी की जा रही है। जिनमें से अभी तक हमें 35 शिकायतें तेलंगना, आन्ध्रा और महाराष्ट्र राज्य में दर्ज पायी गयी हैं। ठगी की इन घटनाओं में सम्बन्धित गिरोह प्रेमनगर देहरादून में रहकर इसका संचालन कर रहा था।

    लेकिन पुलिस को यह पता नही चल पा रहा था कि यह गिरोह प्रेमनगर क्षेत्र में रह रहा है परन्तु यह गिरोह कहां से संचालित हो रहा है। क्योंकि साइबर ठगो का गिरोह केवल फर्जी सिम को इस्तेमाल करता और टेक्नॉलॉजी के माध्यम से लोकेशन को भी हाइड कर रखा था।

    जिसके बाद एसटीएफ टीम ने ठगो की गिरफ्तारी के लिए विधिवत प्लान किया और 15 दिनों तक प्रेमनगर क्षेत्र में ही रहकर इस गिरोह के बारे में जानकारी ली जिसके बाद दो सदस्यों को थाना प्रेमनगर क्षेत्र से गिरप्तार कर लिया साथ ही उनके कब्जे से 1,31,100/- रूपये, 64 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 10 मोबाईल फोन, 02 पासबुक, 07 बैंकों की चैक बुक भी बरामद कर लिए।

    इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में एसटीएफ पूछताछ कर रही है। इस गिरोह का सरगना दीपक राज शर्मा बताया जा रहा है जो ग्राम विशुनपुर, छोटेपट्टी, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश का निवासी है।

    पुलिस ने राहुल चौधरी उर्फ राहुल कनौजिया(उम्र 30 निवासी ग्राम करहेटा गोसरपुर, तहसील कादीपुर, थाना दोस्तपुर, जिला सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश) और सिद्धान्त चौहान उर्फ सिद्ध चौहान (निवासी ग्राम जलूलपुर खेडा, जिला बदांयू हाल निवासी लेन नम्बर-1, 13/7 दशहरा मैदान थाना प्रेमनगर, जनपद देहरादून उम्र-22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है

  • नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाला आरोपी को पौड़ी पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाला आरोपी को पौड़ी पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नाबालिग को बहला फुसला कर अपने साथ भानियावाला ले गया था आरोपी

    पौड़ी। नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पौड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है साथ ही नाबालिग को भी उसके परिजनों को सौंप दिया।

    दरअसल 4 अप्रैल को यमकेश्वर के स्थानीय निवासी ने थाना यमकेश्वर पर अपने नाबालिग पुत्री रवीना (17 वर्ष नाम काल्पनिक) की गुमशुदगी की रिपोर्ट की दर्ज करवाई थी। बताया था कि एक दिन पहले ही नाबालिग घर से बिना बताए कहीं चली गयी है।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने थानाध्यक्ष यमकेश्वर को टीम गठित कर गुमशुदा को सकुशल बरामद करने का निर्देश दिया। जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग की तलाश शुरू की और 5 अप्रैल को भानियावाला से सकुशल बरामद कर लिया।

    बताया जा रहा है कि आरोपी विजय कुमार ने नाबालिग को बहला फुसला कर अपने साथ भानियावाला ले गया जहां वह किराए के मकान में रह रहा था। आऱोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी विजय कुमार के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

    आरोपी का नाम विजय कुमार (उम्र-59 वर्ष) है जो ग्राम-फेडवा, थाना-यमकेश्वर पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है।