Category: अपराध

  • एक फरार इनामी अपराधी को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

    एक फरार इनामी अपराधी को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

    पुरकाजी मुजफ्फरनगर में पहचान छिपाकर रहता था फरार इनामी अपराधी

    हरिद्वार। एसटीएफ टीम ने पुरकाजी मुजफ्फरनगर में पहचान छिपाकर रहने वाले एक फरार इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है जो हरिद्वार का रहने वाला है।
    पकड़ा गया अपराधी शातिर हिस्ट्रीशीटर भी है जिस पर जनपद कई मुकदमें दर्ज है औऱ उस पर 25हजार का इनाम भी घोषित था।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने गिरफ्तार किए गए इनामी अपराधी के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि आरोपी रोहित राणा के खिलाफ जनपद हरिद्वार के थाना भगवानपुर व गंगनहर में कई मामले दर्ज है। रोहित राणा के खिलाफ करीब 07 एफआईआर दर्ज है और वह थाना भगवानपुर से शातिर हिस्ट्रीशीटर भी है।
    रोहित ने अपने साथियों के साथ मिलकर 11 मार्च को दूसरे पक्ष पर कई फायर किये गये थे जिसमें गौतम नाम का युवक घायल हो गया था जिस सम्बन्ध में थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार में एफआईआर दर्ज है। हिस्टीशीटर रोहित राणा अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये लगातार फरार चल रहा था जिसके बाद हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उस पर 25000 रूपये का ईनाम भी घोषित किया था।

    एसटीएफ उत्तराखण्ड लगातार इसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही थी जिसके बाद रोहित को 3 अप्रैल की शाम को थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर यूपी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।

  • मुख्यमंत्री के पूर्व प्रमुख निजी सचिव पीसी उपाध्याय गिरफ्तार

    मुख्यमंत्री के पूर्व प्रमुख निजी सचिव पीसी उपाध्याय गिरफ्तार

    टेंडर के नाम पर करोड़ों की ठगी का था आरोपी

    देहरादून। दवा कंपनी के मालिक से दवाओं के टेंडर के नाम पर करीब 52 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में मुख्यमंत्री के पूर्व प्रमुख निजी सचिव पीसी उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के सहयोगी सौरभ वत्स उर्फ सौरभ शर्मा को भी राजस्थान के प्रतापनगर भीलवाड़ा में दर्ज मुकदमे में राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सिडकुल हरिद्वार स्थिति जेआर फर्मास्यूटिकल के मालिक रामकेवल ने नगर कोतवाली में 09 मार्च 2024 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उनके पूर्व परिचित पटियाला निवासी धीरज ऋषि ने उनकी मुलाकात सौरभ वत्स उर्फ सौरभ शर्मा निवासी अठूरवाला डोईवाला से कराई थी। पुलिस ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

    सौरभ ने खुद को उत्तराखंड सचिवालय में विशेष कार्याधिकारी पद पर कार्यरत बताया था। सौरभ वत्स ने एक दिन उसकी मुलाकात प्रकाश चंद्र उपाध्याय निवासी सुभाष रोड वर्तमान निवासी लेन-4 कलिंगा विहार माजरी माफी देहरादून से मुख्यमंत्री कार्यालय में करवाई। सौरभ ने बताया कि प्रकाश चंद्र उपाध्याय उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का प्रमुख निजी सचिव है। बताया कि उसके बाद एक दिन सौरभ ने उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रकाश चंद्र उपाध्याय के पास बुलवाया और उत्तराखंड चिकित्सा विभाग में दवाओं के सप्लाई की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने को कहा। जब उन्होंने ऑनलाइन टेंडर की बात की तो दोनों ने कहा कि वह उसे बिना ई-टेंडर के टेंडर दिला देंगे। उन्होंने पांच करोड़ का टेंडर दिलाने पर 10 प्रतिशत यानी पचास लाख रुपये पहले खर्च करने को कहा। बताया कि इसके बाद उन्होंने उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलवाया जिससे कंपनी मालिक उनके झांसे में आ गया।

    शिकायत में बताया कि फिर उन्होंने टेंडर के नाम पर उनकी कंपनी के नाम से कई टेंडर फॉर्म भरवाए। बताया कि सबसे पहले सौरभ वत्स, प्रकाश चंद्र उपाध्याय, महेश माहरिया एवं सोनक माहरिया ने 10 लाख रुपये एनईएफटी के माध्यम से खर्च के नाम पर महेश माहरिया के खाते में डलवाए। फिर सौरभ वत्स व नंदिनी वत्स उनकी फैक्टरी सिडकुल हरिद्वार आए। फैक्टरी में सौरभ वत्स ने 10 लाख रुपये लिए। फिर देहरादून सचिवालय बुलाकर टेंडर फीस के नाम पर 2,20,800 रुपये नकद प्रकाश चंद्र उपाध्याय और सौरभ ने लिए। फिर कुछ दिनों बाद इन्होंने अपने ड्राइवर शाहरुख खान निवासी डोईवाला को हरिद्वार भेजा जिसे उसने कुल 9,76,640 रुपये नकद टेंडर फॉर्म फीस के नाम पर दिए। बताया कि उन्होंने अलग-अलग उनसे 51,71,440 रुपये ले लिए। एसएसपी ने बताया कि शिकायत के बाद नगर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। जांच के बाद बुधवार रात को प्रकाश चंद उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

    मामले में आरोपियों ने फर्जी सूचना मेमो उपलब्ध कराए थे जो आरोपी सौरभ वत्स के हस्ताक्षर से जारी किए गए थे। पीड़ित को आरोपियों ने 51,74,440 रुपये की राशि का फर्जी बिल बनाकर दिया था। जिसको देखकर पीड़ित को यकीन हो गया कि टेंडर उनके नाम पर जारी हो गया। धोखाधड़ी में प्रकाश में आए सौरभ वत्स राजस्थान में एक मामले में गिरफ्तार हुए हैं। जबकि, अन्य आरोपियों की गिरफ्तार के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    बॉक्स

    पीसी उपाध्याय के गिरफ्तार होते ही उनके और कारनामे भी सामने आने लगे। गिरफ्तारी के तत्काल बाद उनके रंगीन मिजाजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। प्रसारित होने वाले वीडियो में वह एक कमरे में नग्न अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ एक महिला अश्लील हरकत करती नजर आ रही है। वीडियो और फोटो किसी होटल की है।

    (साभार)

  • साइबर क्राइम पुलिस ने 1 लाख 95 हजार रुपये के फर्जी सिमकार्ड बरामद किए

    साइबर क्राइम पुलिस ने 1 लाख 95 हजार रुपये के फर्जी सिमकार्ड बरामद किए

    धोखाधडी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

    एक अपराधी दिल्ली से किया गिरफ्तार

    देहरादून। साइबर क्राइम पुलिस ने 1 लाख 95 हजार रुपये के फर्जी सिमकार्ड बरामद करते हुए दिल्ली से ठग को गिरफ्तार किया। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि देहरादून निवासी ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक पीडि़त को एक वह्ट्सएप ग्रुप “T Rowe Price stock pull up group A82” में जोड़ा गया है जहां स्टॉक ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी जा रही थी उसी ग्रुप के माध्यम से कुछ लोगों ने पीड़ित से सम्पर्क कर स्वंय को Indira Securities कम्पनी से बताकर ट्रेडिंग के लिए उसका खाता खुलवाया और एक दूसरे वह्ट्सएप ग्रुप “INDIRA Customer care- A303” में एड कर एप डाउनलोड करने के लिए लिंक दिया।

    यही पर स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर पीड़ित से लगभग 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे जिन मोबाइल नम्बरों से पीड़ित को व्हाट्सएप कॉलिंग की गयी थी उनकी डिटेल्स निकालनी शुरू की। तब पुलिस को पता चला कि वह नंबर XENO TECHNOLOGY के नाम से है। जो मुदस्सिर मिर्जा पुत्र जुबैर मिर्जा( निवासी तुर्कमान गेट चाँदनी महल दिल्ली) का है। तब एक एस0टी0एफ0 टीम को दिल्ली रवाना हुई और मुदस्सिर मिर्जा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके लगभग 3000 सिम बरामद किए।

    मुदस्सिर मिर्जा ने पूछताछ में बताया कि वह कोरपोरेट आईड़ी के नाम पर हजारों की संख्या में एम2एम सिम कार्ड्स ISSUE करा चुका है। जिनका प्रयोग व्हाटसएप पर अपने बिजनेस की मार्केटिंग के लिए करता है। इसके लिए उसने मुम्बई, बोरीवली में एक ऑफिस भी लिया है और अपने कोरपोरेट आईड़ी पर एयरटेल से कुल 29,000 सिम, वोडाफोन-आईडिया के 16000 सिम कार्ड खरीदे जिसे उसने अपने एजेण्टों को वितरित किया है।

    एम2एम संचार क्या है?
    एम2एम संचार आमतौर पर मशीनों के बीच होता है, जहां नेटवर्क डिवाइस बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। यह रेगुलर सिम से अलग है जिसे एक फोन से दूसरे फोन में ट्रांसफर किया जा सकता है। डेबिट/क्रेडिट कार्ड स्वाइपिंग मशीन, पीओएस (प्वाइंट-ऑफ-सेल) डिवाइस जैसे उपकरण एम2एम संचार में शामिल हैं। इस प्रकार के संचार का उपयोग गोदाम प्रबंधन, रोबोटिक्स, यातायात नियंत्रण, रसद सेवाओं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, बेड़े प्रबंधन, रिमोट कंट्रोल और बहुत कुछ में भी किया जाता है। इसके अलावा, इसका उपयोग उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरणों के लिए किया जा रहा है।

  • नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    लगातार महीनों तक ठिकानों को बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था आरोपी

    देहरादून। देहरादून के थाना सहसपुर का एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट देहरादून ने एक नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने वाले शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है साथ ही नाबालिग को भी उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया है। दरअसल पीड़ित सहसपुर के रहने वाले है। पीड़ित ने 12 जून 2023 को एक एफआईआर दर्ज कराया जिसके मुताबिक उनकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को सौरभ नाम के व्यक्ति ने बहला फुसलाकर अपहरण कर लिया था। जिसके बाद पुलिस ने सौरभ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए नाबालिग की सकुशल बरामद के लिए पुलिस अधीक्षक देहरादून ने मामलें को एण्टी हयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंप दिया।

    जिसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में जुट गई। पुलिस ने आने जाने वाले रास्तो पर लगे सीसीटीवी फुटेजो को खंगाला।
    इसी बीच आरोपी सौरभ भी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। जिसके बाद पुलिस ने गैर जमानती वारंट निकलवा कर सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की तलाश तेज कर दी। फिर पुलिस को आरोपी के अलवर राजस्थान में होने की बात पता चली। फिर एण्टी हयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम तत्काल अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए रवाना हुई। आखिरकर पुलिस ने सौरभ को उसके निवास स्थान ग्राम खानपुर, पो0- खिजूरीवास थाना भिवाड़ी फूलबाग जिल खेरतल (अलवर) राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नाबालिग बालिका को भी बरामद कर लिया है।

  • एसटीएफ ने  करोड़ों की ठगी करने वाला इनामी पकड़ा

    एसटीएफ ने करोड़ों की ठगी करने वाला इनामी पकड़ा

    ऑनलाइन झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपियों को एसटीएफ उत्तराखंड ने अपनी गिरफ्त में लिया है। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर दो आरोपियों को कर्नाटक व केरल से गिरफ्तार किया गया था, जबकि तीसरे आरोपी को महाबलेश्वर महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। इसके संबंध में बताते हुए एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ देशभर में 3200 से अधिक शिकायतें दर्ज थी। जिसमें इन्होंने 21 करोड़ की ठगी लोगों से करी थी।

  • विजिलेंस टीम ने संग्रह अमीन व अनुसेवक को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

    विजिलेंस टीम ने संग्रह अमीन व अनुसेवक को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

    लक्सर तहसील के संग्रह अमीन ने मांगी थी दस हजार की रिश्वत

    हरिद्वार। विजिलेंस तहसील लक्सर जनपद हरिद्वार के संग्रह अमीन व अनुसेवक दस हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।विजिलेंस के एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपने नाम के टेम्पो ट्रेवलर व अपनी पत्नी नाम से मिनी बस को करीब 03-04 साल पहले बेच दिया था।

    बेचने सम्बन्धी कागजात गलती से आग में जल जाने के कारण नष्ट हो गये थे। नतीजतन, वाहन किसको बेचा जिसकी जानकारी उसे नहीं थी।दोनों वाहनों की वसूली के सम्बन्ध में जारी आरसी को परिवहन विभाग को वापस करने व जेल भेजने से बचाने के एवज में संग्रह अमीन रवि पाल ने रिश्वत की माँग की।

    शिकायत मिलने पर विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को को रवि पाल संग्रह अमीन तहसील लक्सर व पदम प्रकाश अनुसेवक को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुये बालावाली तिराहा कस्बा लक्सर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया । ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी। सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हैल्पलाईन न0 1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नं. 9456592300पर 24×7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें।

  • विजिलेंस ने  हॉकी के सहायक कोच को दस हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

    विजिलेंस ने  हॉकी के सहायक कोच को दस हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

    रिश्वत मामले में कोटद्वार से की गई हॉकी कोच की गिरफ्तारी

    कोटद्वार। विजिलेंस ने  हॉकी के सहायक कोच को दस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। हॉकी के सरकारी कोच की गिरफ्तारी कोटद्वार के खेल स्टेडियम से की गई।

    शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी कि जनपद पौड़ी गढवाल की अण्डर 19 पुरुष हाँकी टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद पिथौरागढ ले जाने के लिये जिला क्रीड़ा अधिकारी पौड़ी गढवाल ने उसके भाई को प्राइवेट कोच/मैनेजर नियुक्त किया था।

    प्राइवेट कोच 6 नवंबर को पौड़ी जिले की 14 सदस्यीय हाँकी टीम को लेकर पिथौरागढ गया था। टीम का खाने का कुल व्यय 40 हजार हुआ। यह खर्चा उसके द्वारा स्वयं वहन किया गया। खेल विभाग ने  27 नवंबर को नियमानुसार भुगतान भी कर दिया ।

    इस बीच, जनपद पौड़ी के खेल विभाग में नियुक्त सरकारी हॉकी कोच महेश्वर सिंह नेगी ने प्राइवेट कोच से 40 हजार में से 17 हजार की मांगी। नहीं देने पर कहा कि अगर वह  रिश्वत नही देंगे तो उसे  भविष्य में हॉकी टीम ले जाने का मौका नहीं दिया जाएगा।

    लिहाजा, इस मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून में की गयी।  विजिलेंस की ट्रैप टीम ने टीम ने बुधवार को  खेल विभाग में तैनात हाँकी के सरकारी कोच महेश्वर सिंह नेगी निवासी (रतनपुर कुम्भीचौड निकट एसबीआई बैंक थाना कोटद्वार) को दस हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    यह गिरफ्तारी शशिधर स्टेडियम गाड़ीघाट कोटद्वार से की गई। निदेशक सतर्कता डॉ0 वी0 मरूगेसन ने ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की ।

    सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नं. 9456592300पर 24×7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें।

  • रिश्वत लेते पीआरडी जवान गिरफ्तार मास्टरमाइंड दारोगा जी हुए फरार

    रिश्वत लेते पीआरडी जवान गिरफ्तार मास्टरमाइंड दारोगा जी हुए फरार

    विजिलेंस ने एसआई व पीआरडी जवान पर भ्र्ष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया

    हरिद्वार। विजिलेंस ने झगड़े के मुकदमे में गम्भीर धाराओं का भय दिखाने वाले सब इंस्पेक्टर व पीआरडी जवान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। तीस हजार की रिश्वत लेते पीआरडी जवान को गिरफ्तार कर लिया। जबकि सब इंस्पेक्टर मौके से फरार हो गया। थाना बहादराबाद में दारोगा व पीआरडी जवान कर खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

    यह है पूरा मामला

    9 जनवरी 2024 को शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्प लाईन न0 1064 पर शिकायत दर्ज कराई कि उसके गाँव की रहने वाली महिला ने 2 जनवरी को थाना बहादराबाद जनपद हरिद्वार में उसके व 13 अन्य लोगो के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच शांतरशाह चौकी में तैनात एसआई पंकज कुमार कर रहे थे। दारोगा ने मुकदमे में बड़ी धारा लगा कर जेल भेजने का डर दिखाकर बार-बार सेवा करने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे। कुछ समय पहले जरूरी खर्च बताकर 20 हजार रुपए ले भी चुके है।

    इसके अलावा मुकदमा खत्म करने के एवज में 30-40 हजार रुपये की और मांग कर रहे। शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून ने ट्रैप टीम का गठन किया । टीम ने 10 जनवरी को पीआरडी जवान सुरेन्द्र कुमार को शिकायतकर्ता से 30 हजार की घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। जबकि एसआई पंकज कुमार लोगों की आवाजाही का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया ।

    तत्पश्चात दोनों अभियुक्तों पीआरडी जवान सुरेन्द्र कुमार एवं एसआई पंकज कुमार चौकी शांतरशाह थाना बहादराबाद जनपद हरिद्वार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना जारी है। सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हैल्पलाईन न0 1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नं. 9456592300 पर 24×7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें ।

  • विजिलेंस ने आरटीओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी को 4000 रुपये की घूस लेते किया गिरफ्तार

    विजिलेंस ने आरटीओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी को 4000 रुपये की घूस लेते किया गिरफ्तार

    आरसी कागजात के ट्रान्सफर कार्यो के एवज में 4 हजार की रिश्वत मांगी

    रुद्रपुर। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को आरटीओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी को आरसी कागजात के ट्रान्सफर कार्यो के एवज में 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार। किया। मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत में कहा गया कि थाना हल्द्वानी की नीलामी में उसने मोटर साइकिल खरीदी। वाहन के आरसी0ल एवं कागजात के ट्रान्सफर कार्यों के एवज में आरटीओ रूद्रपुर कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी भास्करानन्द जोशी ने 4 हजार रूपये की रिश्वत मांगी।

    शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने मंगलवार को आरटीओ रूद्रपुर कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी भास्करानन्द जोशी (निवासी फेज -3 ढहेरिया मुखानी हल्द्वानी जनपद नैनीताल ) को 4 हजार रूपये (चार हजार रूपये) की रिश्वत लेते हुए देवल चौढ, चौक हल्द्वानी से गिरफ्तार किया गया है। निदेशक सतर्कता डॉ० वी० मुरूगेसन ने ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी।

    सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हेल्पलाइन न0 1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नं. 9456592300 पर 24×7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें ।

  • जमीनों की धोखाधड़ी करने वाली फरार महिला  गिरफ्तार

    जमीनों की धोखाधड़ी करने वाली फरार महिला गिरफ्तार

    फर्जी दस्तावेज तैयार कर नकली भू स्वामी को असली भू स्वामी बनाकर करते थे धोखाधड़ी

    पूर्व में महिला के तीन साथियों को पौड़ी पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार

    पौड़ी। कोटद्वार भाबर में जमीनों की धोखाधड़ी करने वाली फरार महिला अभियुक्ता को पौड़ी पुलिस गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में तीन अभियुक्त अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किए गए थे।

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त 2023 में अमित जोशी पुत्र हरीश चन्द्र जोशी ने कोतवाली कोटद्वार पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया कि उनके जीजाजी स्व. श्री बद्रीविशाल पुत्र स्व. उमाकान्त निवासी कालाबड़ के नाम पर ग्राम दुर्गापुरी मोटाढाक में स्थित भूमि को अभियुक्ता अनामिका मैठाणी एवं उसकी साथी कुसुम उर्फ कौशर व निधि बिंजोला फर्जी दस्तावेज तैयार कर किरण देवी निवासी कोटद्वार को 23 लाख में बेच दिया है।

    इस शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0स0-173/2023, धारा-406/419/420/467/468/471/120(बी) भा0द0वि पंजीकृत किया गया।

    पुलिस ने 21 अक्टूबर 2023 को अभियुक्त 1. कौशर पत्नी मकबूल अहमद, निवासी कोटद्वार, जनपद पौडी गढवाल, 2. भूपेन्द्र पुत्र गोपीचन्द्र, निवासी-ध्रुवपुर कोटद्वार, जनपद पौडी गढवाल, 3. गजेन्द्र चौधरी पुत्र जगदीश चौधरी, निवासी-ध्रुवपुर कोटद्वार, जनपद पौडी गढवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

    लेकिन मुख्य अभियुक्ता अनामिका मैठाणी काफी समय से फरार चल रही थी। फरार अभियुक्ता की गिरफ्तारी हेतु सम्भावित ठिकानों पर लगातार दबिशें दी जा रही थी ।

    नतीजतन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने द
    फरार अभियुक्ता अनामिका मैठाणी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार को टीम गठित करने के निर्देश दिए।

    गठित टीम ने 5 जनवरी को अभियुक्ता अनामिका मैठाणी को कोटद्वार से गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तारशुदा अभियुक्ता का नाम पताः-
    1. श्रीमती अनामिका मैठाणी पत्नी धनीष मैठाणी, निवासी वार्ड न0-11 गोनियाल मार्केट देवी रोड सिताबपुर, थाना कोटद्वार जनपद पौडी गढवाल

    पंजीकृत अभियोग
    1- मु0अ0स0 173/2023 धारा 406/419/420/467/468/471/120(बी) भादवि

    पुलिस टीम
    1- प्रभारी निरीक्षक श्री मनीभूषण श्रीवास्तव
    2- व0उ0नि0 जयपाल सिंह चौहान
    3- उ0नि0 विनोद कुमार
    4- आरक्षी सतीश शर्मा
    5- महिला आरक्षी भावना शर्मा