Category: अपराध

  • फर्जी रजिस्ट्री मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार

    फर्जी रजिस्ट्री मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार

    गुरुद्वारा डेरा संत मेहर सिंह की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का आरोप

    देहरादून। गुरुद्वारा डेरा संत की संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर अपने नाम करने के आरोप में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

    चार अभियुक्तों में दो देहरादून व एक- एक अभियुक्त यूपी व हरियाणा के हैं।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को अभियुक्त जयपाल सिंह व अभियुक्त विशाल कुमार धीमान को तेगबहादुर रोड से और अभियुक्त निरंकार व संदीप कुमार को मोदीनगर से गिरफ्तार किया गया।
    इन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

    गौरतलब है कि थाना डालनवाला पर शिकायतकर्ता सन्दीप श्रीवास्तव नामित अधिकारी-स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग उत्तराखण्ड देहरादून/ सहायक महानिरीक्षक निबन्धन देहरादून ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा था कि वर्ष 1979 में डालनवाला में एक भूमि संत मेहर सिंह ने खरीदी ।

    वर्ष 1982 में संत मेहर सिंह के गायब होने के बाद अप्रैल 2022 में अभियुक्त निरंकार व अभियुक्त संदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर कूटचरित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से संत मेहर सिंह के नाम से अपने नाम रजिस्ट्री करवायी।

    यह भूमि जयपाल सिंह ने जून 2022 में अपने पुत्र विशाल धीमान को फर्जी तरीके से उपहार पत्र कर दिया।

    इस मामले में प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना डालनवाला पर अन्तर्गत धारा- 419/420/467/468/471 भादवि में अभियोग पंजीकृत किया गया।

    विवेचना सब इंस्पेक्टर सुरेन्द्र सिंह राणा ने की।

    नाम पता अभियुक्त गण
    (1) जयपाल सिंह पुत्र श्री तेलू राम निवासी- म0नं0- 22/3/2 तेग बहादुर रोड, जिला- देहरादून उम्र 72 वर्ष,
    (2) विशाल कुमार धीमान पुत्र जयपाल सिंह निवासी- 22/3/2 तेग बहादुर रोड, जिला- देहरादून उम्र 39 वर्ष,
    (3) निरंकार पुत्र श्री गजेन्द्र सिंह निवासी- सी-80, देवेन्द्रपुरी, मोदीनगर, गाजियाबाद, उ0प्र0 उम्र 65 वर्ष,
    (4) संदीप कुमार पुत्र श्री सुभाष चंद निवासी कुलां, कुल्लन, फतेहाबाद, हरियाणा उम्र 35 वर्ष

  • महिला पर्यटक से छेड़खानी में होटलकर्मी गिरफ्तार

    महिला पर्यटक से छेड़खानी में होटलकर्मी गिरफ्तार

    पौड़ी पुलिस ने पाबौ से गायब दो नाबालिग लड़कियों को चंद घंटों में हरिद्वार से सकुशल बरामद किया

    क्षेत्रीय जनता ने तत्काल एक्शन पर पौड़ी पुलिस का आभार जताया.

    राजस्व पुलिस का कुछ हिस्सा रेगुलर पुलिस को देने के भी उभरे स्वर

     

    पौड़ी। स्पेन की महिला द्वारा छेड़खानी की शिकायत पर एसएसपी ने तत्काल करवाई करते हुये आरोपी को गिफ्तार कर जेल भेज दिया है। दूसरी ओर, पौड़ी पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए दूरस्थ इलाके पाबौ से गायब हुई दो नाबालिग लड़कियों को चंद घंटों में हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया।

    एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि घटना का पता चलते ही कोटद्वार पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए गए। मोबाइल सर्विलांस से दोनों नाबालिग लड़कियों की लोकेशन हरिद्वार में मिली। पुलिस टीम ने तत्काल हरिद्वार पहुंचकर बच्चियों को बरामद कर लिया।

    दोनों नाबालिग लड़कियां शुक्रवार को मार्केट जाने की बात कहकर घर से निकली थी। घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने दोनों को तलाशा। लड़कियों के गायब होने से इलाके में हलचल मच गई। नहीं मिलने पर रविवार को पाबौ पुलिस को सूचना दी गयी।

    जानकारी मिलते ही पुलिस ने दोनों की लोकेशन पता कर हरिद्वार के बस अड्डे और रेल स्टेशन पर तलाश किया। और सोमवार की सुबह दोनों नाबालिग लड़कियों को बरामद कर लिया। तत्काल कार्रवाई से पाबौ क्षेत्र की जनता ने पुलिस का आभार जताते हुए राहत की सांस ली। साथ ही इलाके की बेहतर कानून व्यवस्था के मद्देनजर राजस्व पुलिस का कुछ हिस्सा रेगुलर पुलिस को देने की मांग की।

    विदेशी महिला से छेड़छाड़ में होटलकर्मी गिरफ्तार

    मिली जानकारी के मुताबिक बार्सिलोना निवासी महिला ने थाना लक्ष्मणझूला पर शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए बताया था कि रामझूला पुल के पास एक व्यक्ति ने उसके साथ अभ्रदता की ।

    शिकायत के आधार पर थाना लक्ष्मणझूला थाने पर तत्काल मामला दर्ज करते हुए कार्यवाही की गई ।मामला विदेशी महिला से संबंधित होने के चलते घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी श्वेता चौबे ने तत्काल अभियुक्त की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस टीम गठित की।

    इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार जया बलूनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित करवाई करते हुऐ सीसीटीवी कैमरों की मदद से अभियुक्त का पता लगाया।

    मामले में संलिप्त अभियुक्त अंकित को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गयी। अभियुक्त अंकित मुनिकीरेती, ऋषिकेश में एक होटल काम करता था।

  • 35 लाख की धोखाधड़ी में राजस्थान से एसटीएफ ने किया फ्रॉड को गिरफ्तार

    35 लाख की धोखाधड़ी में राजस्थान से एसटीएफ ने किया फ्रॉड को गिरफ्तार

    देहरादून। दुबई/सऊदी अरब और पाकिस्तान में रह रहे लोगो की तनख्वाह/वेतन (रियाल) को भारतीय मुद्रा में कन्वर्ट करवाने हेतु भारतीय खातों को उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी करने के आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एस०टी०एफ० टीम ने कनाडा में रह रहे व्यक्ति का दोस्त बताकर भारत में उनके माता- पिता से जमीन खरीदने का झांसा देकर धोखाधड़ी के मामले में एक अभियुक्त को राजस्थान से गिरफ्तार किया।

    हाल ही में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ जिसमें अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शिकायतकर्ता देहरादून निवासी को फोन कॉल द्वारा धोखा धड़ी करके 9,40,000/- रु० ठगे गये हैं। शिकायतकर्ता की पत्नी को दिनांक 09.06.2023 को एक नंबर से फोन कॉल आया कि मैं आपके बेटे हरप्रीत का दोस्त सरब बोल रहा हू जो कि कनाडा रहता है। जिससे कि परिवार के लोग परिचित हैं उससे बात की तो सरब के द्वारा कहा गया कि वह एक जमीन लेना चाहता है ओर उसका बजट 80,00,000/- रु० तक हैं और उसने 15,00,000/- रु० की ट्रांसफर रसीद भेजी परंतु खाते में रकम नहीं आयी।

    फिर कुछ समय बाद अभियुक्त का फोन आता है कि आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, में 2,50,000/- रु० ट्रैवल एजेन्ट गुरू चरण सिंह निवासी कीर्तीनगर, दिल्ली मो० नं०- 8264494746 को दे दो उसकी मां बहुत बीमार है। शिकायतकर्ता विश्वास करते हुये दिनांक 09.06.2023 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पटेलनगर देहरादून की एटीएम मशीन में ट्रैवल एजेन्ट द्वारा दिये गये खाते मे नगद जमा करा दिये। इसी प्रकार से भिन्न-भिन्न ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 9,40,000/- रु0 की धोखाधडी कर लेने सम्बन्धी शिकायत के आधार पर पटेल नगर पुलिस स्टेशन, देहरादून पर मु0अ0स0 307/23 धारा 420,120 बी भादवि बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साइबर क्राईम थाने के अ0उ0नि0 सुनिल भट्ट के सुपुर्द की गयी।

    अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु गठित टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर, तथा अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता से प्राप्त धनराशि की जानकारी प्राप्त की गयी तो प्रकाश में आया कि अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता से कनाडा में रह रहे बेटे का दोस्त बताकर भारत में जमीन खरीदने का झांसा देकर लाखो रूपये ट्रांसफर के फर्जी मैसेज भेजकर व यकीन दिलाकर विभिन्न खातो में रूपये मंगाकर लाखो की धोखाधडी की गयी ।तकनीकी विश्लेषण के बाद प्रकाश में आया कि संदिग्ध अभियुक्त का राजस्थान से सम्बन्ध होना पाया गया जिसमें टीम को सम्बन्धित स्थानों को रवाना किया गया।

    पुलिस टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से अभियुक्तो द्वारा वादी मुकदमा को जो खाता संख्या व मोबाईल नम्बर दिये थे व धोखाधडी से प्राप्त की गयी धनराशि फर्जी आईडी पर खोले गये बैक खातो में प्राप्त की गयी थी उक्त खातों के खाताधारक की जानकारी प्राप्त की गयी व उक्त खाते का खाताधारक के सम्बन्ध में साक्ष्य एकत्रित करते हुये अभियोग में अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार पुत्र सियोजीराम निवासी वार्ड न0 04, लोसेल, तहसील दतारामगढ़, जिला सीकर, राजस्थान को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाईल फोन रियलमी मय सिम कार्ड, 03 पासबुक बरामद किये गये ।

    अपराध का तरीका –
    अभियुक्तगण द्वारा वादी को विदेशी नंबर से फोन आना तथा स्वंय को उनका रिश्तेदार अथवा दोस्त बताते हुए जमीन खरीदने के नाम पर 9,40,000 की धोखाधड़ी करना दौराने विवेचना प्रकाश में आया है कि कुछ अभियुक्त द्वारा दुबई/सऊदी अरब में रहते हुए वहां पर कार्य करने वाले भारतीय लोगों की तनख्वाह/ फंड के रूप में प्राप्त होने वाले विदेशी मुद्रा (रियाल) को भारतीय मुद्रा में बदलने के नाम पर उनसे रियाल प्राप्त करना व विदेशो में जॉब कर रहे लोगो के रिश्तेदारो को उनका दोस्त बताकर लाखों रूपये की धोखाधड़ी से भिन्न-भिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि का प्रयोग करते है । अभियुक्तगणो द्वारा उक्त कार्य हेतु फर्जी सिम, आईडी कार्ड तथा फर्जी खातों का प्रयोग कर अपराध कारित किया जाता है ।

    आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने दुबई सहयोगियों के साथ मिलकर पाकिस्तान के एजेंटों के साथ मिलकर भारतीय को ठगने का काम करता है। अधिक तकनीकी विश्लेषण से यह साबित हुआ है कि पाकिस्तान और दुबई से जुड़े शुरुआती लिंक हैं जो गिरफ्तार आरोपियों के साथ काम कर रहे हैं।

    गिरफ्तार अभियुक्त का नाम

    1- धर्मेन्द्र कुमार पुत्र सियोजीराम निवासी वार्ड न0 04, लोसेल, तहसील दतारामगढ़, जिला सीकर, राजस्थान। उम्र – 28 वर्ष

    बरामदगी-
    1. 01 मोबाईल फोन रियल मी
    2. 03 पासबुक

    पुलिस टीम- (थाना साईबर क्राईम)
    1- उ0नि0 राजीव सेमवाल
    2- अ0उ0नि0 सुनिल भट्ट
    3 – कानि0 महेश उनियाल
    4- कानि0 शादाब अली

    तकनीकी सहयोग
    1- है0का0 प्रमोद कुमार (STF)
    2- कानि0 अनिल कुमार (STF)

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड आयुष अग्रवाल महोदय द्वारा जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन जॉब हेतु एप्लाई कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें।

    वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें । इसके अतिरिक्त गिरफ्तारी के साथ-साथ साईबर पुलिस द्वारा जन जागरुकता हेतु अभियान के अन्तर्गत हैलीसेवा वीडियो साइबर पेज पर प्रेषित किया गया है। जिसको वर्तमान समय तक काफी लोगो द्वारा देख कर शेयर किया गया है।

  • दून पुलिस ने मर्डर व डकैती के मामले में 11 वर्षो से फरार बदमाश को जालंधर से किया गिरफ्तार

    दून पुलिस ने मर्डर व डकैती के मामले में 11 वर्षो से फरार बदमाश को जालंधर से किया गिरफ्तार

    दून पुलिस ने 3 दिन जालंधर में डेरा डाल किया गिरफ्तार

    अभियुक्त के गैर जमानती वारंट व कुर्की के आदेश भी हुए थे

    देहरादून। दून पुलिस ने मर्डर व डकैती के मामले में 11 वर्षो से फरार बदमाश को जालंधर से गिरफ्तार किया। दून पुलिस ने 3 दिन जालंधर में डेरा डालने के बाद बदमाश को गिरफ्तार किया। अभियुक्त के गैर जमानती वारंट व कुर्की के आदेश भी हुए थे। मिली जानकारी के मुताबिक 2012 से लगातार फरार चल रहे अभियुक्त मनजीत पुत्र अमरीक सिंह निवासी गांव काहनपुर, थाना मकसूदा, जनपद जालंधर (पंजाब) उम्र 44 वर्ष की गिरफ्तारी हेतु माननीय न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट तथा धारा 82 व 83 की कार्रवाई के नोटिस जारी किए गए थे।

    अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए राजपुर पुलिस ने पूर्व में कई बार अभियुक्त के घर तथा अन्य संभावित स्थानों पर दबिशें से दी गई परंतु अभियुक्त पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलकर फरार चल रहा था। गोपनीय रूप से जानकारी मिली कि अभियुक्त जालंधर में एक फैक्ट्री में काम कर रहा है, जिस पर पुलिस टीम को तत्काल जालंधर रवाना किया गया।

    टीम ने 3 दिन तक जालंधर में गोपनीय रूप से अभियुक्त के संबंध में जानकारियां एकत्रित करते हुए 27 अक्टूबर को फैक्ट्री के बाहर गिरफ्तार कीट। अपराधी पुलिस से बचने के चाहे कितने भी घर बदल लें, दून पुलिस उन्हें उनके असली घर जेल पहुँचा कर ही रहेगी :- एसएसपी देहरादून

    नाम पता अभियुक्त :-
    मनजीत पुत्र अमरीक सिंह निवासी गांव काहनपुर, थाना मकसूदा, जनपद जालंधर (पंजाब) ), उम्र 44 वर्ष

    पुलिस टीम :-
    1- उ0नि0 विकेंद्र चौधरी चौकी प्रभारी जाखन
    2- कांस्टेबल सुरेंद्र
    3- कांस्टेबल मुकेश

  • नकली हर्बल दवाइयाँ बनाने वाले गैंग का एसटीएफ ने  किया पर्दाफाश

    नकली हर्बल दवाइयाँ बनाने वाले गैंग का एसटीएफ ने किया पर्दाफाश

    उत्तराखण्ड एसटीएफ ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ ज्वांइट ऑप्रेशन में सितारगंज के एक मकान में नकली हर्बल दवाइयाँ बनाने वाले गैंग का किया पर्दाफाश। छापेमारी में हर्बल के नाम पर विभिन्न बीमारियों के इलाज के नाम पर ऑनलाइन बेची जा रही थी दवाइयाँ, मौके से हर्बल लिखा चूर्ण, कैप्सूल, ड्राप, मुर्गा दाना लिखा कट्टे व कुछ मशीनें बरामद। मौके पर भारी मात्रा में मिली दवाइयों व रॉ-मैटेरियल को सील कर सैंपल लिये गये।

  • फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मुख्य किरदार केपी सिंह की जेल में मौत

    फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मुख्य किरदार केपी सिंह की जेल में मौत

    केपी सिंह कई सफेदपोशों का था राजदार, पुलिस- प्रशासन में हलचल कई सफेदपोशों के राजदार केपी की मौत से पुलिस जांच को भी लगा झटका देहरादून के फर्जी रजिस्ट्री घोटाले से सुर्खियों में आया था केपी सिंह

     

    सहारनपुर/देहरादून। फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मुख्य किरदार केपी सिंह की सहारनपुर जेल में मौत हो गयी। सूत्रों के मुताबिक केपी सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। 51 वर्षीय केपी सिंह को 19 अक्टूबर,गुरुवार की सुबह जेल में ही दिल का दौरा पड़ा। पहले उसे जेल के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। कंवरपाल उर्फ केपी सिंह को जबरदस्त हार्ट अटैक, हाइपर टेंशन व बेहोशी की वजह से एसबीडी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दून के एसएसपी अजय सिंह ने सहारनपुर जेल में केपी सिंह की मौत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि केपी सिंह की हार्ट अटैक से मौत हुई।

    देहरादून में जमीनो की फर्जी रजिस्ट्री मामले से सुर्खियों में आये सहारनपुर निवासी केपी सिंह से दून पुलिस ने सितम्बर में पूछताछ की थी। केपी सिंह एक अन्य मामले में अगस्त के दूसरे पखवाड़े में सहारनपुर जेल में बंद हुआ था। सितम्बर महीने में बी वारंट के तहत दून पुलिस ने केपी सिंह से पूछताछ में कई राज उगलवाये थे। इसके बाद दून के वकील विरमानी, इमरान, केपी की पत्नी समेत कई लोग जेल में डाले गए।

    इधर, केपी की मौत के बाद पुलिस भी सकते में है। इस मौत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।पुलिस की जांच के लिए केपी सिंह एक बहुत खास कड़ी था। दून पुलिस /एसआईटी ने शुरू से ही इस प्रकरण पर बेहतर कार्य करते हुए नामवर लोगों को गिरफ्तार कर सभी को चौंका दिया था। गिरफ्तारियों पर वकीलों ने विरोध भी जताया था।

    क्या केपी की मौत नेचुरल है या सबूत मिटाने के लिए केपी किसी बड़ी साजिश का शिकार तो नहीं हुआ। अगर इस मौत से पर्दा उठ गया तो कई नई कहानियों के सामने आने में देर नहीं लगेगी। केपी सिंह पूरे मामले में कई सफेदपोशों का राजदार था। चर्चा यह भी आम थी कि केपी सिंह का मुंह खुलने पर कई अन्य रसूखदार चेहरों से भी पर्दा हटता। लेकिन इस मौत के बाद अब कई सवालों का उत्तर मिलना एक टेढ़ी खीर हो गया है।

    उल्लेखनीय है कि सहारनपुर निवासी केपी सिंह अन्य मामले में सहारनपुर जेल में बंद था। दून का मामला उजागर होते ही केपी सिंह पुराने मामले में जमानत तुड़वा कर सहारनपुर जेल में दाखिल हो गया था।

    सितम्बर महीने में दून पुलिस पूछताछ के लिए केपी सिंह को यहां लायी थी। केपी सिंह ने ही सबसे पहले बैनामों में छेड़छाड़ करने का खेल शुरू किया था। केपी सिंह सहारनपुर में रखे देहरादून के रिकॉर्ड में अधिवक्ता विरमानी व इमरान के साथ मिलकर घपला करता था। और फिर वास्तविक दस्तावेज को जलाकर नष्ट कर देता था। इस गैंग ने फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों के वारे न्यारे किये। वकील विरमानी व इमरान समेटेक दर्जन से अधिक लोग जेल में बंद है। केपी सिंह की पत्नी भी जेल में बंद है।

    गौरतलब है कि सितम्बर के दूसरे पखवाड़े में पुलिस केपी सिंह को बी वारंट पर देहरादून लेकर आई थी। केपी सिंह ने कोर्ट को गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने कोर्ट के सामने कहा कि वह इस फर्जीवाड़े के बारे में कुछ नहीं जानता है। वह केवल पांचवी तक पढ़ा है। बैनामा क्या होता है उसे इसकी भी जानकारी नहीं है। इस अभियोजन की ओर से तमाम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें उसका इस फर्जीवाड़े से संबंध होना दर्शाया गया।

    बहरहाल, करोड़ों के फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मास्टरमाइंड केपी सिंह की जेल में हुई मौत से पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। इस बड़े घोटाले में कई सफेदपोश भी शक के दायरे में हैं। उम्मीद थी कि दून पुलिस के हाथ उनके कॉलर तक भी पहुंचेंगे। लेकिन अचानक केपी सिंह की संदिग्ध मौत ने फर्जी रजिस्ट्री की कहानी को नये मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

  • धोखाधड़ी कर फरार चल रहे अभियुक्त की संपत्ति कुर्की, ढोल नगाड़े के साथ घर पहुँची दून पुलिस

    धोखाधड़ी कर फरार चल रहे अभियुक्त की संपत्ति कुर्की, ढोल नगाड़े के साथ घर पहुँची दून पुलिस

    देहरादून। दून पुलिस ने ढोल नगाड़े के साथ रिटायर कर्नल जेएस राणा को जमीन बेचने के एवज में 85 लाख रुपए हड़पने वाले अभियुक्त के घर की कुर्की की घोषणा की। अभियुक्त के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही अभियुक्त लगातार फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध पूर्व में न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर गिरफ्तारी के प्रयास किए गए थे।

    इधर, अभियुक्त के लगातार फरार रहने पर पुलिस ने न्यायालय से आदेश प्राप्त करते हुए गुरुवार को अभियुक्त जसजीत सिंह पुत्र परमजीत सिंह निवासी सी- 156 सेक्टर 3 डिफेंस कॉलोनी, देहरादून के आवास पर नोटिस तामील की कार्यवाही की । इस दौरान दो गवाहों के समक्ष अभियुक्त के मोहल्ले डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में मुनादी कराई गई। अभियुक्त के मकान के मुख्य गेट सहित मोहल्ले के मुख्य-मुख्य स्थानों व चौराहों पर धारा 82 सीआरपीसी की उद्घोषणा चस्पा की गई।

    अभियुक्त जसजीत सिंह को 26 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने तथा ऐसा न करने पर न्यायालय के आदेशानुसार भविष्य में की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई संबंधी उद्घोषणा भी की गई।

  • रजिस्ट्री घोटाला :  मास्टरमाइंड केपी सिंह व पत्नी लाखों की धोखाधड़ी में फंसे

    रजिस्ट्री घोटाला : मास्टरमाइंड केपी सिंह व पत्नी लाखों की धोखाधड़ी में फंसे

    फर्जीवाड़ा कर दून में आवासीय प्लाट बेचकर 80 लाख का चूना लगाया

    केपी सिंह, पूनम चौधरी, मनोज वर्मा व कासिफ सिद्दीकी पर धारा 420,504 व 506 का मुकदमा दर्ज

     

    देहरादून। जमीनों के फर्जी कागजात के जरिये खरीद फरोख्त के मामले में जेल में बंद कुंवर पाल सिंहव उसकी पत्नी पूनम चौधरी समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है।

    कैंट थाने में दर्ज मामले में पीड़िता विधु जिंदल ने 80 लाख हड़पने का आरोप लगाया। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया कि राजेंद्र नगर के एक आवसीय प्लाट के फर्जी कागजात तैयार कर कुंवर पाल व उसकी पत्नी ने उनके साथ जमीन का सौदा कर 80 लाख रुपए लिए। 27 अप्रैल2023 को कुंवर पाल को समझौते के तहत रकम दी गयी। और धीरे धीरे 80 लाख रुपए दे दिये।

    पीड़िता विधु जिंदल ने पुलिस को बताया कि जब उन्हें कुंवरपाल की गिरफ्तारी का पता चला तो पैसे वापस मांगे। लेकिन कासिफ सिद्दीकी, मनोज वर्मा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

    विधु जिंदल की तहरीर पर कुंवर पाल सिंह, पूनम चौधरी, मनोज वर्मा और कासिफ सिद्दीकी के खिलाफ 420,504 व 506 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

     

    कुंवरपाल सिंह की पत्नी पूनम समेत चार पर फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज, देखें FIR

    पहिला वादिनी सेवा मे श्रीमान थानाअध्यक्ष देहरादून महोदय, निर्धन इस प्रकार से है कि प्रार्थन जिंदल पत्नी स्व० विनोद कुमार जिदेव निकली 161/86 लेन नंबर पॉकेट 3 विवेक विहार, जीएमएस रोड देहरादून की निवासी है एंव प्राचिनी एक वरिष्ठ नागरिक है। यह की पानी पानी का पुत्र समिति जिंदल अपने निवास हेतु राजेन्द्र नगर देहरादून के आसपास में जमीन कर रहे प्रार्थी की मनोज वर्मा पुत्र श्री रमेश चन्द्र वर्मा (हनुमान रानी बाजार सहारनपुर से हुई जिसने यह बताया कि उनका और मेरा मित्र काशिफ सिविकी पुत्री अभी उन सिविकी निवासी के नाम मदन पुरी, सहारनपुर जमीन खरीद सम्बंधित करते हैं। और हमारा एक मित्र कुंवर पाल सिंह निवासी सुजातपुर जिला सहारनपुर की पत्नी पूनम चौधरी के नाम का एक प्लॉट आवासीय संपत्ति संख्या 1081 ( नया नं0 548/525) स्ट्रॉट नं0 2 राजेन्द्र नगर कीसगढ़ रोड देहरादून जिसका निर्मित क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर व भू-क्षेत्रफल 45788 वर्ग मीटर है जो कि बेचना चाहते है। यह कि प्रार्थिनी उपरोक्त व्यक्तियों की में आकर दिनांक 04.04.2023 को मनोज वर्मा एवं सिविकीनी की दिखाया, जिस पर पार्थिनी को प्लॉट पसंद आ गया एवं उपरोक्त संपत्ति 54.000 गज के हिसाब से खरीदना लग पाया गया। यह कि दिनांक 27.04.2023 को मेरे पुत्र शोभित जिटल द्वारा वर्मा को उक्त संपत्ति की बाबत अंकन 5,00,000/- रू चेक नंबर 123442 आई.डी. बी. आई बैंक जीएमएस रोड देहरादून दिया गया, जाज वर्मा द्वारा लिखित स्वीकृति प्रदान की गई एच उसी लिखित स्वीकृति में उपरोक्त संपत्ति के बावत 6 मई 2023 को लिखित विक्रय अनुबंध पत्र तय किया गया। यह की दिनांक 2 मई 20023 को पूनम चौधरी पत्नी कुवर पाल सिंह कुवर पाल सिंह, मनोज वर्मा, काशिफ सिविकी ने मिलकर के साथ लिखित अनुबंध पर किया। जिसमें पारा पूनम एवं सुवर को 32,00,000/- रू 684754 दिनांक 02.05 2023 पीएनबी कांवली देहरादून से अदा किया प्रार्थिनी द्वारा अपने रिश्तेदारों एवं अपने पुत्र से 50,00,000/- रूपए नगद लेकर उपयोक्तों को नगद अदा किए एवं हमके अतिरिक्ति जो पूर्व में के पुत्र द्वारा जो अंग्रेजी में अपठित विधु जिंदन 5.00,000/ 30 का चेक दिया गया था उसको प्रार्थिनी द्वारा वापस लिया गया । एवं उसके बदले 5,00,000/- 50 नगद अदा किए। एंव प्रार्थिनी द्वारा कुल 80,00,000/- रूपए उपरोक्त को अदा किए गए है। या की 1 हफ्ते पहले प्रार्थिनी द्वारा अखबार देखा गया तो पार्थिनी को पता पता की कुवर पान सिंह को पुलिस दद्वारा जमीन फर्जीवाडा सम्बन्धित मामलों में गिरफ्तार किया गया जिसे देखकर काफी भी हो गई एंव प्रायनी को शक हुआ कि उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा प्रार्थिनी के साथ छल कपट का एंव उपरोक्त संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रायिनी से उपरोक्त धनराशि जी गई है। जिसके पश्चात पाव द्वारा मनोज वर्मा एवं सिद्दिकी से संपर्क किया गया और उन से निवेदन किया गया कि ये प्रायिनी का पैसा वापस अदा कर दे, जिस पर मनोज वर्मा एवं काशिफ सिविक द्वारा प्रार्थिनी के पुत्र के साथ गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी गई और कहा कि हम आपका पैसा वापस नहीं करेंगे और अब तक तो तुमने अखबार में पढ़ भी लिया होगा। एव प्रार्थी को धमकी दी गई कि वह जो जहां वहा सकती है हमें किसी चीज का डर नहीं है । महोदय इस घटना से पार्थिनी काफी भयभीत है कि उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा गुट बनाकर और भी कई लोगो के साथ धोखाधड़ी की गई है एवं प्रार्थिनी के साथ भी कर पानी की महनत की कई पी गई है। अतः माननीय महोदय से निवेदन है कि उपरोक्त तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए उक्त व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज कर पानी का पैसा वापस दिलाने की कृपा करे प्रार्थिनी अग्रेजी में अपठित विधु जितनी विनोद कुमार जिंदल निवासी [161/86 नंबर 1 पॉकेट विवेक विहार जीएमएस रोड देहरादून 9997231700 Deled 18.09 21123 संलग्न 1. विक्रय अनुबंध पत्र दिनांक 02.05.2025 2. रसौद दिनांक 27.04.20233 उपहार विलेख दिनांकित 10.09.2021 4 उपहार विलेख दिनांकित 06.04.2018 5. विक्रय पत्र दिनांक 13.12.1989 6 विक्रय पत्र दिनांकित 25.07.1978 नोट में सौसी बानि0 172 ना०पू० गिरीश कुमार प्रमाणित करता हूँ फर्द बरामदगी की शब्द व शब्द अकित है कोई औ शब्द घटाया व माया नहीं गया है। नए 172 गिरीश कुमारकोतवाली ट देहरादून दिनांक 05/10/20723

  • दून पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में शामिल एक और अभियुक्त को  सहारनपुर से किया गिरफ्तार

    दून पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में शामिल एक और अभियुक्त को सहारनपुर से किया गिरफ्तार

    अभी तक 12 अभियुक्तों की पुलिस द्वारा की जा चुकी है गिरफ्तारी

    संगठित अपराध और इसमें शामिल सभी को कानून के दायरे में लाकर रहेंगे- एसएसपी देहरादून

     

    देहरादून। फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में शामिल एक और अभियुक्त को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों के बयानों/साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश में आया कि मूल विलेखों की हूबहू नकल कर फर्जी विलेख तैयार करने का काम के०पी० द्वारा महेश चन्द उर्फ छोटा पण्डित पुत्र स्व0 कैलाश चन्द्र निवासी पुष्पाजली बिहार जनता रोड सहारनपुर उ0प्र0 से कराया जाता था। पुलिस टीम ने 3 अक्टूबर को सहारनपुर से अभियुक्त महेश चन्द उर्फ छोटा पण्डित को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान धाना कोतवाली नगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 107/23 धारा 420/467/468 471/120बी भादवि0 के अपराध में भी सम्मिलित होना पाया गया। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

    अभियुक्त से पूछताछ का विवरण- अभियुक्त द्वारा पूछताछ में यह बात प्रकाश में आयी कि अभियुक्त महेश चन्द उर्फ छोटा पण्डित वर्ष 2014 तक कंवरपाल सिंह उर्फ केपी के यहाँ हल्दी व जड़ी – बूटी के कारोबार में मुंशी का काम करता था। के0पी0 ने महेश चन्द को बताया कि वह विवादित जमीन खरीदने बेचने का काम करना चाहता है। जिसमें उसे काफी मुनाफा होने के आसार हैं। इसी काम के लिए केपी कई-कई दिन बाहर रहने लगा। केपी के पुराने खाली कागज व पुराने स्टाम्प मेरठ, दिल्ली से लाना बताकर कुछ लिखे लिखाये बैनामा व अभिलेखों की नकल उन खाली कागजों व स्टाम्पों पर अभियुक्त महेश चन्द उर्फ छोटा पण्डित व स्व० मांगे राम से करवाता था।

    केपी के कहने पर लिखे हुए दस्तावेजों की नकल हूबहू उसी लेख में पुराने स्टाम्प व खाली कागजों पर कर फर्जी विलेख तैयार करते थे । और के०पी० द्वारा लाये गये लिखे लिखाये दस्तावेज की नकल अपनी नेचुरल लिखावट में न कर हूबहू असली विलेख व बेनामा की लिखावट में उतारी जाती थी। पुरानी लिखे कागजों को फाड़ कर केपी जला देता था । अभियुक्त महेश चन्द्र व स्व. मांगे राम द्वारा तैयार किये गये फर्जी कागजों को लेकर देहरादून आता था । और अभियुक्त कमल विरमानी व अन्य के साथ मिलकर फर्जी तैयार किये गये अभिलेखों को जिल्द में असली के रूप में चस्पा करा देते थे।

    पूछताछ में बताया कि के०पी० द्वारा एक बार अभियुक्त महेश चन्द व स्व० मांगे राम को एक बही जैसा रजिस्टर लाकर दिया, जिसकी हूबहू नकल करने को कहा गया जो नवादा में मित्तल, रायपुर में इन्द्रावती तथा जाखन में स्वरूप रानी आदि की जमीनों से सम्बन्धित लेख थे, अभि0 महेश चन्द व स्व0 मांगे राम द्वारा के०पी० की बतायी गयी विषय वस्तु लिखकर फर्जी विलेख तैयार किये गये, जिसे लिखने में करीब एक-डेढ महीना लगा था। इसी प्रकार करीब 4-5 बैनामे देहरादून स्थित भूमि सम्बन्धी तैयार किये गये थे जो नकुड स्थित के0पी0 के घर पर रहकर तैयार किये जाते थे।

    यह था मामला

    गौरतलब है कि को वादी संदीप श्रीवास्तव सहायक महानिरीक्षक निबंधन देहरादून व जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति की जांच रिपोर्ट बाबत अज्ञात अभियुक्तगणों की मिलीभगत से धोखाधड़ी की नियत से आपराधिक षडयन्त्र रचकर उप निबंधक कार्यालय प्रथम द्वितीय जनपद देहरादून में भिन्न-भिन्न भूमि विक्रय विलेख से सम्बन्धित धारित जिल्दों के क्रमशः (विलेख सं0 2719/2720 वर्ष 1972, विलेख सं0 3193, विलेख सं0 3192, विलेख सं0 545 वर्ष 1969, विलेख सं0: 10802/10803 ) के साथ छेडछाड कर अभिलेखो की कूटरचना करना के सम्बन्ध में दी गयी, तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर देहरादून पर मु0अ0स0 281/2023 धारा 420/120बी/467/468/471 भादवि बनाम अज्ञात अभियुक्तगण पंजीकृत किया गया। प्रकरण की विवेचना के लिये पुलिस अधीक्षक यातायात सर्वेश कुमार की अध्यक्षता में एस0आई0टी0 टीम का गठन किया गया।

    टीम द्वारा रजिस्ट्रार ऑफिस से जानकारी करते हुए रिंग रोड से सम्बन्धित 30 से अधिक रजिस्ट्रियों का अध्ययन कर सभी लोगों से पूछताछ की तथा पूछताछ में कुछ प्रोपटी डीलर के नाम प्रकाश में आये जिनसे गहन पूछताछ में उक्त फर्जीवाड़े में कई लोगों के नाम प्रकाश में आये गठित टीम द्वारा कई संदिग्धों के विभिन्न बैंक अकाउण्ट का भी अवलोकन किया गया जिसमें करोड़ो रूपयों का लेन-देन होना पाया गया। इन लोगो द्वारा बनाये गये दस्तावेजों को रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त करने पर कई फर्जीवाड़े का होना भी पाया गया।

    उक्त प्रकरण में पूर्व में अभियुक्तगणों:- 1- सन्तोष अग्रवाल, 2-दीप चन्द अग्रवाल, 3- मक्खन सिंह 4- डालचन्द, 5- वकील इमरान अहमद 6- अजय सिंह क्षेत्री, 7- रोहताश सिंह, 8- विकास पाण्डे, 9- कुंवर पाल उर्फ के0पी0, 10- कमल विरमानी 11- विशाल कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में निरुद्ध है। इन लोगों से विस्तृत पूछताछ में कई अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आये थे, जिनके विरूद्ध विवेचना में साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की जा रही है।

    गिरफ्तार अभियुक्त गण के नाम पते-

    1- महेश चन्द्र उर्फ छोटा पण्डित पुत्र स्व0 कैलाश चन्द्र निवासी पुष्पाजली विहार, जनता रोड सहारनपुर, उम्र 55 वर्ष

    पुलिस टीम-

    1- राकेश कुमार गुसांई (प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर)
    2- नवीन चन्द्र जुराल (उ0नि0/विवेचक)
    3- हर्ष अरोडा (उ0नि0 एसओजी)
    4- कानि0 पंकज (एसओजी)
    5- कानि0 ललित (एसओजी)

  • गैंगस्टर कपिल देव की 50 लाख की प्रॉपर्टी सीज

    गैंगस्टर कपिल देव की 50 लाख की प्रॉपर्टी सीज

    अभियुक्त पर गैंगस्टर एक्ट के साथ विभिन्न थानों में दर्ज है मुकदमे

    देहरादून। बीते मंगलवार की रात थाना रायपुर पुलिस ने गैंगस्टर कपिलदेव के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए उसकी 50 लाख कीमत के मकान को सीज कर दिया। गैंगलीडर कपिलदेव ने संगठित गिरोह बनाकर मादक पदार्थ की अवैध बिक्री, लूटपाट, बंद मकानों में चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं से अवैध लाभ अर्जित कर संपति को जोड़ा था।

    गैंगस्टर कपिलदेव पर मादक पदार्थो की तस्करी, मारपीट, हत्या का प्रयास, चोरी व लूट की घटनाओं के 5 अभियोग थाना रायपुर में तथा 01 अभियोग कोतवाली डालनवाला में दर्ज है।

    बीते 7 जुलाई 2022 को थानाध्यक्ष रायपुर द्धारा उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधि0 1986 के अन्तर्गत गैंगलीडर कपिलदेव ( पुत्र कमल सिंह निवासी राजीव नगर तरली कंडौली थाना रायपुर देहरादून उम्र 29 वर्ष) व सहअभियुक्त प्रखर द्विवेदी ( पुत्र विनय द्विवेदी नि0 राजीव नगर तरली कंडौली थाना रायपुर देहरादून उम्र 23 वर्ष ) के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था।

    गैंगलीडर कपिलदेव द्धारा अपने गैंग सदस्य प्रखर द्धिवेदी के साथ मिलकर एक सुसंगठित गिरोह बनाकर क्षेत्र मे लूटपाट, मारपीट, मादक पदार्थो की अवैध बिक्री एंव बंद मकानों की रेकी कर चोरी के माल से अवैध लाभ लेना अंकित किया गया था। दोनों अभियुक्तों को पूर्व में ही गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया गया था।

    कपिलदेव की थाना रायपुर क्षेत्रान्तर्गत चीडोवाली मे एक 50 लाख कीमत का आवसीय भवन का होना पाया गया, जिसकी रिपोर्ट न्यायलय जिला मजिस्ट्रेट देहरादून को प्रेषित की गयी। पुलिस द्धारा की गयी कुशल पैरवी के परिणाम स्वरुप जिला मजिस्ट्रेट देहरादून द्धारा कपिलदेव के उक्त मकान को कुर्क करने के आदेश दिये गये।

    आपराधिक इतिहास अभियुक्त कपिलदेव

    थाना रायपुर मे पंजीकृत अभियोगो का विवरण

    1. मु0अ0सं0 347/19 धारा 8/21/60 NDPS Act
    2. मु0अ0सं0 37/21 धारा 452,323,504,506भा0द0वि0
    3. मु0अ0सं0 50/21 धारा 307,452 भा0द0वि0
    4. मु0अ0सं0 141/19 धारा 380,411 भा0द0वि0
    5. मु0अ0सं0 296/18 धारा 341,324,357,504,506,351 भा0द0वि0

    थाना डालनवाला पर पंजीकृत अभियोग
    1. मु0अ0सं0 269/17 धारा 392,356 भा0द0वि0