Category: अपराध

  • रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया काशीपुर मंडी समिति का प्रभारी सचिव

    रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया काशीपुर मंडी समिति का प्रभारी सचिव

    सतर्कता टीम ने 1.20 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

    भ्र्ष्टाचार में लिप्त कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी-सीएम धामी

    सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने मंगलवार को मंडी समिति कार्यालय, काशीपुर में कार्यरत प्रभारी मंडी सचिव पूरन सैनी, पुत्र हरी सिंह को ₹1,20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

    शिकायत के अनुसार, पूरन सैनी मंडी समिति में लाइसेंस जारी करने के एवज में प्रति लाइसेंस ₹60,000 की अवैध धनराशि की मांग कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर सतर्कता टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते समय पकड़ लिया।

    आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जो भी व्यक्ति भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उत्तराखंड में ईमानदार शासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

  • शराब के नशे में बेटे का कहर, कुल्हाड़ी से पिता की ली जान

    शराब के नशे में बेटे का कहर, कुल्हाड़ी से पिता की ली जान

    शराब के नशे में पिता-पुत्र के बीच हुआ विवाद बना खूनी संघर्ष, बेटे ने कुल्हाड़ी से कर दी पिता की हत्या

    उधम सिंह नगर (दिनेशपुर)। जिले के दिनेशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर नंबर एक गांव में बुधवार देर रात एक घरेलू विवाद ने भयावह रूप ले लिया। शराब के नशे में धुत पिता और बेटे के बीच शुरू हुआ मामूली झगड़ा इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते वह एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। गुस्से और नशे की हालत में बेटे ने अपने ही पिता को कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

    घटना बुधवार रात की है। गांव मोहनपुर नंबर एक निवासी गुरपद विश्वास (उम्र लगभग 55 वर्ष) का अपने मझले बेटे कन्हई विश्वास के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों ने शराब पी रखी थी, जिससे झगड़ा जल्द ही उग्र हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि गुरपद ने आवेश में आकर घर में रखी कुल्हाड़ी से बेटे कन्हई पर वार कर दिया।

    कुल्हाड़ी का वार झेलने के बाद कन्हई ने पिता के हाथ से कुल्हाड़ी छीन ली और पलटवार करते हुए उनके सिर और पीठ पर कई बार हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गुरपद को परिजनों और ग्रामीणों ने पहले गदरपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।

    सूचना मिलते ही दिनेशपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने आरोपी बेटे कन्हई विश्वास को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    गांव में इस घटना के बाद मातम का माहौल है। परिजनों और पड़ोसियों का कहना है कि दोनों में पहले भी झगड़े होते रहे थे, लेकिन किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन यह झगड़ा जानलेवा साबित होगा।

    पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, आरोपी बेटे से पूछताछ जारी है।

  • दिल्ली की युवती को हरिद्वार बुलाकर किया दुष्कर्म, फेसबुक पर हुई थी पहचान

    दिल्ली की युवती को हरिद्वार बुलाकर किया दुष्कर्म, फेसबुक पर हुई थी पहचान

    दिल्ली की युवती से फेसबुक पर दोस्ती कर शादी का झांसा देकर हरिद्वार बुलाया, नशीला पदार्थ पिला कर किया दुष्कर्म

    हरिद्वार/दिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से हुई दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर दिल्ली की एक 23 वर्षीय युवती को हरिद्वार बुलाकर नशीला पदार्थ पिला कर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने बाद में शादी से साफ इनकार कर दिया और पीड़िता का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर सम्पर्क तोड़ लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को हरिद्वार पुलिस को ट्रांसफर किया है, जहां पर अब मामले की गहन जांच जारी है।

    पड़ताल में सामने आई सनसनीखेज घटना

    पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि बीते 16 मार्च को फेसबुक पर अनुज नाम के युवक से उनकी बातचीत शुरू हुई। दोनों के बीच धीरे-धीरे फोन पर भी संपर्क होने लगा और अनुज ने शादी का वादा किया। 19 अप्रैल को अनुज ने हरिद्वार घूमने के बहाने मिलने के लिए बुलाया। पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां अनुज और उसका चचेरे भाई अंकुश उनसे मिले। दोनों आरोपियों ने पीड़िता और उसकी बहन को कार में बैठाकर हरिद्वार ले आए।

    हरिद्वार पहुंचने के बाद आरोप है कि दोनों आरोपियों ने दो कमरे बुक किए। रात करीब 11:30 बजे हरिदर्शन होटल में रहने के दौरान अंकुश ने पीड़िता की छोटी बहन को बहला-फुसलाकर अलग कमरे में भेज दिया। इस बीच अनुज ने पीड़िता को नशीला पदार्थ मिलाकर पानी पिलाया, जिसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

    मामले का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई

    अगले दिन आरोपियों ने पीड़िता और उसकी बहन को वापस मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन छोड़ दिया। इसके बाद अनुज ने शादी से इंकार करते हुए पीड़िता का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर सम्पर्क तोड़ लिया। पीड़िता ने इस कृत्य के खिलाफ दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी। शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें यौन शोषण की पुष्टि हुई।

    चूंकि घटना हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र की है, दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर केस हरिद्वार को स्थानांतरित कर दिया। कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

    पुलिस ने दी सुरक्षा और सहायता की गारंटी

    प्रभारी अधिकारी ने कहा कि पीड़िता को हर प्रकार की सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। सोशल मीडिया पर युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि वे ऐसे अपराधों का शिकार न बनें। पुलिस जनता से अपील करती है कि इस तरह की किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें।

  • पंचायत चुनाव से पहले विस्फोटक बरामद, तीन युवक दबोचे गए

    पंचायत चुनाव से पहले विस्फोटक बरामद, तीन युवक दबोचे गए

    पंचायत चुनाव से पहले सुरक्षा कामयाबी, 125 किलो डायनामाइट के साथ तीन युवक गिरफ्तार

    देहरादून। पंचायत चुनावों के मद्देनज़र दून पुलिस की सक्रियता रंग ला रही है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में 125 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। यह बरामदगी थाना त्यूणी क्षेत्र में देर रात चेकिंग अभियान के दौरान हुई, जिसने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

    पुलिस के मुताबिक, 10 जुलाई की रात त्यूणी पुलिस द्वारा रूटीन चेकिंग के तहत हिमाचल प्रदेश नंबर की एक ऑल्टो कार (HP 09C 9788) को रोका गया। तलाशी के दौरान कार में पांच पेटियों में भरा 125 किलोग्राम डायनामाइट, दो डिब्बे डिटोनेटर, लाल रंग की तार का रोल और आसमानी रंग की बत्ती का बंडल बरामद हुआ।

    पूछताछ में वाहन सवार युवक डायनामाइट और विस्फोटक सामग्री ले जाने संबंधी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इस पर पुलिस ने तीनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। बाद में उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत थाना त्यूणी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

    गिरफ्तार आरोपी:
    • रिंकू (37 वर्ष) – ग्राम बलंग, थाना ठियोग, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश

    • रोहित (19 वर्ष) – ग्राम रोणाहाट, थाना सिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

    • सुनील (38 वर्ष) – ग्राम सैडोली, थाना कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश

    बरामद सामग्री:
    • डायनामाइट – 125 किलोग्राम (5 पेटियां)

    • डिटोनेटर – 2 डिब्बे

    • लाल रंग की तार का रोल

    • आसमानी रंग की बत्ती का बंडल

    थाना त्यूणी प्रभारी विनय मित्तल, एसओजी देहात के जवान और अन्य पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल रहे। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार युवकों से पूछताछ कर रही है कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक कहां और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस विस्फोटक का इस्तेमाल पंचायत चुनाव के दौरान किसी असामाजिक गतिविधि या अवैध खनन कार्यों में तो नहीं होना था। उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश से आने-जाने वाले वाहनों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।

    पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कहा कि जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त और चेकिंग अभियान और अधिक सख्ती से जारी रहेंगे। इस बरामदगी को चुनावी माहौल में पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

  • गैंगवार की बड़ी साजिश नाकाम, चीनू पंडित के गुर्गे असलहे के साथ STF के हत्थे चढ़े

    गैंगवार की बड़ी साजिश नाकाम, चीनू पंडित के गुर्गे असलहे के साथ STF के हत्थे चढ़े

    गैंगवार की साजिश नाकाम: चीनू पंडित के गिरोह के दो शूटर हथियारों समेत गिरफ्तार, सुनील राठी से चल रही पुरानी दुश्मनी

    देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर विनीत शर्मा उर्फ चीनू पंडित के गैंग की गैंगवार की साजिश को विफल कर दिया है। चीनू पंडित गैंग के लिए अवैध हथियार जुटा रहे दो शूटरों को प्रेमनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से तीन पिस्टल, एक देसी तमंचा, 12 जिंदा कारतूस और 70 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह की उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैली गतिविधियों का खुलासा हुआ है।

    एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समर्थ पंवार उर्फ सागर (26 वर्ष), मूल निवासी हकीकत नगर थाना सदर, सहारनपुर (वर्तमान में किरायेदार, लेन-3, अलकनंदा एनक्लेव, ठाकुरपुर रोड, प्रेमनगर) और संजय नेगी, निवासी जाखनीधार, थाना लंबगांव, टिहरी गढ़वाल (वर्तमान में भूत्तोवाला, चंद्रबनी) के रूप में हुई है। प्रेमनगर थाने में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

    जेल जाकर रची साजिश

    एसटीएफ के अनुसार, समर्थ पंवार देहरादून के बिधौली क्षेत्र में किराये पर ‘निर्वाणा रिजॉर्ट’ संचालित करता है। उसने एक जुलाई को रुड़की जेल जाकर चीनू पंडित से मुलाकात की थी। चीनू पंडित ने जेल में ही गैंगवार के लिए हथियारों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से समर्थ और संजय लगातार असलहे जुटाने में लगे थे। दोनों पिछले छह माह से सक्रिय रूप से गिरोह के लिए हथियारों का नेटवर्क तैयार कर रहे थे।

    हथियारों की डिलीवरी का नेटवर्क

    गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में संजय नेगी ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि उसने हाल ही में कोटद्वार निवासी आकाश रावत को एक पिस्टल, हरिद्वार निवासी हरदीप को दो दिन पहले एक पिस्टल, और कोटद्वार निवासी प्रदीप बिष्ट उर्फ पिंकू को लगभग एक वर्ष पहले एक पिस्टल सप्लाई की थी। इसके अलावा हरिद्वार जिले के ज्वालापुर, बहादराबाद और रुड़की क्षेत्र में अब तक कुल सात हथियार डिलीवर किए जा चुके हैं। गिरफ्तारी के समय संजय नेगी समर्थ पंवार को दो पिस्टल और एक देसी तमंचा सौंपने ही वाला था, तभी एसटीएफ की टीम ने बाइक समेत दोनों को धर दबोचा। एसटीएफ के मुताबिक, ये हथियार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शस्त्र तस्करों के माध्यम से उत्तराखंड पहुंचाए जा रहे थे।

    सुनील राठी गैंग से पुरानी दुश्मनी

    एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, चीनू पंडित सीधे तौर पर कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के गैंग से दुश्मनी रखता है। सुनील राठी फिलहाल पौड़ी जेल में बंद है। पुलिस को सूचना मिली है कि हाल ही में पैरोल पर बाहर आए चीनू पंडित ने सुनील राठी गैंग पर हमले की पूरी योजना बना ली थी। इसका कारण वर्ष 2014 की वह खूनी गैंगवार है, जब रुड़की उपकारागार के बाहर सुनील राठी के गुर्गों ने चीनू गैंग के तीन सदस्यों की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से चीनू पंडित बदले की आग में जल रहा है और जेल के भीतर से ही अपने गैंग को संचालित कर रहा था।

    गौरतलब है कि बुधवार को ही चीनू पंडित की पैरोल पर हाईकोर्ट में सुनवाई की तारीख तय थी। एसटीएफ की कार्रवाई से अंदेशा है कि अगर ये हथियार गिरोह तक पहुंच जाते, तो राज्य में एक बार फिर गैंगवार की बड़ी घटना हो सकती थी।

    गिरोह पर कसेगा और शिकंजा

    एसटीएफ का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर अब अन्य सहयोगियों और शस्त्र तस्करों की तलाश की जा रही है। गिरोह के नेटवर्क और फंडिंग सोर्स को लेकर भी एसटीएफ विस्तार से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उत्तराखंड में संगठित अपराध पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

  • बेटों ने बैट से पीटकर की पिता की हत्या, अस्पताल की जगह शव ले गए श्मशान घाट

    बेटों ने बैट से पीटकर की पिता की हत्या, अस्पताल की जगह शव ले गए श्मशान घाट

    हरिद्वार में खौफनाक वारदात: बेटों ने बैट से पीटकर की पिता की हत्या, शव को चोरी-छिपे गांव ले जाकर किया अंतिम संस्कार

    हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद इलाके में रविवार देर रात दो बेटों ने कथित तौर पर मामूली पारिवारिक विवाद के चलते अपने ही पिता अशोक कुमार (उम्र करीब 50 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों बेटे शव को अस्पताल ले जाने के बहाने घर से ले गए और चोरी-छिपे बिजनौर स्थित अपने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया।

    झगड़े से शुरू हुआ खून-खराबा

    पुलिस जांच के अनुसार अशोक कुमार मूल रूप से बिजनौर के रहने वाले थे और पिछले कुछ समय से रावली महदूद में किराए पर रहकर मजदूरी करते थे। रविवार देर रात उनके बेटों सचिन और शिवम के साथ किसी घरेलू विवाद को लेकर तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि अशोक अक्सर बेटों को पढ़ाई-लिखाई और गलत संगत से दूर रहने के लिए समझाते रहते थे, जिससे घर में माहौल अक्सर तनावपूर्ण रहता था।

    इसी बीच रविवार रात विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों बेटों ने आपा खो दिया। आरोप है कि दोनों ने पास ही रखे क्रिकेट के बैट से पिता के सिर और शरीर पर कई बार वार किए। हमले में अशोक कुमार को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    अस्पताल की जगह सीधे श्मशान

    हत्या के बाद दोनों आरोपी घबराए और वारदात छिपाने की कोशिश में जुट गए। मकान मालिक सुनील धनगर को उन्होंने यह कहकर गुमराह किया कि उनके पिता घायल हैं और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाना है। परंतु अस्पताल ले जाने के बजाय दोनों बेटों ने शव को वाहन में रखा और रात में ही बिजनौर के लिए रवाना हो गए। सोमवार तड़के अपने गांव पहुंचते ही उन्होंने चोरी-छिपे अंतिम संस्कार कर डाला।

    पुलिस के अनुसार, अंतिम संस्कार के समय गांव के कुछ चुनिंदा लोगों को ही बुलाया गया और पूरे कार्यक्रम को जल्दबाजी में निपटाया गया। इससे संदेह और गहरा गया कि आरोपी हत्या को छिपाना चाह रहे थे।

    कंट्रोल रूम पर आई गुप्त सूचना

    इस वारदात की भनक सोमवार सुबह पुलिस को तब लगी जब किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सिडकुल पुलिस मौके पर पहुंची और अशोक कुमार के किराए के कमरे की तलाशी ली। जांच के दौरान कमरे में खून के कई धब्बे मिले, जिससे पुलिस को हत्या की पुष्टि हुई। इसके अलावा, हत्या में प्रयुक्त क्रिकेट बैट भी बरामद कर लिया गया है, जिस पर खून के निशान पाए गए।

    पड़ोसियों और मकान मालिक के बयान अहम

    पुलिस ने घटना के बाद मकान मालिक और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ शुरू की। मकान मालिक सुनील धनगर ने बताया कि अशोक कुमार और उनके बेटों के बीच झगड़े पहले भी होते रहे थे। कई बार मोहल्ले के लोगों ने बीच-बचाव किया था। रविवार रात भी अशोक के बेटों के साथ तीखी बहस की आवाजें सुनाई दी थीं, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि बात हत्या तक पहुंच जाएगी।

    सुनील धनगर की तहरीर पर पुलिस ने सचिन और शिवम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    पुलिस की जांच कई पहलुओं पर केंद्रित

    एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि यह मामला हत्या का ही प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, “आरोपियों ने वारदात को छिपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार किया। हत्या की वजह स्पष्ट रूप से घरेलू विवाद ही सामने आ रही है, लेकिन अन्य एंगल भी खंगाले जा रहे हैं। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि किसी ने आरोपियों की मदद तो नहीं की।”

    पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से खून के नमूने और बैट सहित अन्य सबूत इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बिजनौर पुलिस को भी सूचना दे दी गई है और एक टीम को आरोपियों की तलाश में बिजनौर रवाना कर दिया गया है।

    कानूनी पेंच भी उलझाएंगे मामला

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, चोरी-छिपे किए गए अंतिम संस्कार के चलते हत्या के मामले में जांच और भी पेचीदा हो सकती है। शव का पोस्टमार्टम न हो पाने से हत्या की पुष्टि और सबूतों की कड़ी अदालत में कमजोर हो सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी सबूतों के जरिए मामले को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

    फिलहाल दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

  • हरिद्वार में दिल दहला देने वाली हत्या, लिव-इन पार्टनर ने सड़क पर ही युवती का गला रेता

    हरिद्वार में दिल दहला देने वाली हत्या, लिव-इन पार्टनर ने सड़क पर ही युवती का गला रेता

    हरिद्वार में सनसनीखेज हत्याकांड

    नवोदय नगर में युवती की सड़क पर चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या

    हरिद्वार के नवोदय नगर में सोमवार दोपहर को एक भयावह हत्याकांड की घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक ने युवती को बीच सड़क पर चाकू से गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पुष्टि की है कि हत्या का यह मामला घरेलू विवाद का नतीजा है और मृतका व आरोपी एक महीने पहले तक लिव-इन रिलेशनशिप में थे।

    हरिद्वार के नवोदय नगर कालोनी, जो जिला मुख्यालय रोशनाबाद के समीप स्थित है, में दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या ने स्थानीय लोगों को भयभीत कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी प्रदीप कुमार ने युवती हंसिका यादव को मिलने बुलाया था। दोनों के बीच बातचीत के दौरान विवाद उत्पन्न हो गया, जो झगड़े में तब्दील हो गया। गुस्से में आकर प्रदीप ने अपनी जेब से चाकू निकालकर हंसिका का गला रेत दिया और मौके से फरार हो गया।

    पुलिस ने बताया कि हंसिका लगभग आधे घंटे तक सड़क पर घायल अवस्था में तड़पती रही, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

    मृतिका व आरोपी का पारिवारिक व सामाजिक पृष्ठभूमि

    हत्या की शिकार हंसिका यादव उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की रहने वाली थी और हरिद्वार के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी में नौकरी करती थी। उसका प्रेम प्रसंग प्रदीप कुमार के साथ था, जो कि हरिद्वार में उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था।

    हंसिका के भाई वरुण यादव ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि करीब एक माह पूर्व दोनों के बीच कुछ कारणों से विवाद हुआ और वे अलग हो गए। इसके बाद हंसिका रोशनाबाद में अपनी एक सहेली के पास रहने लगी, जबकि प्रदीप अपने गांव हेतमपुर में रह रहा था।

    वरुण ने आगे कहा कि प्रदीप को शक था कि हंसिका किसी अन्य युवक के संपर्क में है, जिसके चलते उसने हंसिका को मिलने बुलाया था।

    पुलिस की कार्रवाई व जांच

    एसपी सिटी पंकज गैरोला ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस, एसटीएफ और अन्य संबंधित विभाग मिलकर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

    पुलिस का मानना है कि यह हत्या प्रेम विवाद का नतीजा है, लेकिन पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि कोई अन्य पहलू सामने न छूटे।

    हत्या की इस कड़क घटना से स्थानीय समाज में चिंता और आक्रोश व्याप्त है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवाओं के अधिकार व सुरक्षा पर भी चर्चा शुरू कर दी है।

  • दहेज की खातिर महिला की जान ली, घर में फंदे पर मिला शव; मामला दर्ज

    दहेज की खातिर महिला की जान ली, घर में फंदे पर मिला शव; मामला दर्ज

    दहेज की मांग न पूरी होने पर विवाहिता को ससुरालियों ने फंदे पर लटकाया

    पति, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज

    सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)। जिले के शक्तिफार्म क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष द्वारा विवाहिता को फंदे पर लटकाकर मारने का प्रयास करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता के मायके वालों की तत्परता से उसकी जान बच पाई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने विवाहिता के पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।

    प्रेम विवाह के बाद से शुरू हुआ उत्पीड़न

    जानकारी के मुताबिक शक्तिफार्म के अरविंदनगर गांव निवासी रतन मिस्त्री ने बताया कि उनकी पुत्री रोशनी ने तीन जनवरी 2023 को गांव के ही सूरज विश्वास के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती कुछ दिनों तक सबकुछ सामान्य रहा। लेकिन इसके बाद सूरज विश्वास, उसकी मां सीमा विश्वास और पिता भरत विश्वास ने रोशनी पर दहेज लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। ससुराल पक्ष ने रोशनी से दहेज में एक बाइक और दो लाख रुपये की मांग की।

    रोशनी ने कई बार ससुराल वालों को समझाया कि उसके मायकेवाले आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इतनी बड़ी रकम और बाइक देना संभव नहीं है। लेकिन ससुराल पक्ष ने उसकी एक न सुनी और उस पर लगातार मानसिक और शारीरिक अत्याचार बढ़ा दिए।

    बच्चे के जन्म के बाद भी नहीं रुका अत्याचार

    रतन मिस्त्री ने बताया कि 19 सितंबर 2023 को रोशनी ने एक बेटे को जन्म दिया। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि बच्चे के जन्म के बाद उत्पीड़न कम होगा, लेकिन इसके उलट ससुराल वालों का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया। रोशनी पर अक्सर दहेज के लिए दबाव बनाया जाने लगा और उसके साथ मारपीट की जाती रही।

    हत्या की कोशिश का आरोप, पड़ोसियों ने दी सूचना

    रतन मिस्त्री के अनुसार 22 अगस्त 2024 को ससुराल पक्ष ने रोशनी को बुरी तरह पीटने के बाद उसे फंदे पर लटका दिया। पड़ोस की महिलाओं ने यह देखा और तुरंत रोशनी के मायकेवालों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पिता और ग्रामीणों ने रोशनी को फंदे से नीचे उतारा और उसकी जान बचाई।

    पीड़िता रोशनी ने होश में आने पर अपने परिजनों को बताया कि ससुराल पक्ष ने दहेज न मिलने पर उसकी हत्या की कोशिश की। उसने आरोप लगाया कि सास, ससुर और पति तीनों ने मिलकर उसे जान से मारने की साजिश रची।

    गले और शरीर पर मिले चोटों के निशान

    रतन मिस्त्री ने बताया कि घटना के बाद रोशनी के गले पर फांसी के गहरे लाल निशान थे। साथ ही उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर भी चोट और मारपीट के निशान पाए गए। परिवार ने तुरंत न्यायालय की शरण ली और अदालत के आदेश पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

    पुलिस जांच में जुटी, जल्द गिरफ्तारी की तैयारी

    सीओ बीएस धौनी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर शक्तिफार्म पुलिस ने पति सूरज विश्वास, सास सीमा विश्वास और ससुर भरत विश्वास के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है और उन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

    पुलिस का कहना है कि घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए जा रहे हैं। वहीं, पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग

    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की समस्या है। दहेज की वजह से महिलाओं के साथ हो रही हिंसा और अत्याचार पर अब चुप रहना ठीक नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ न सिर्फ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, बल्कि इस तरह के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज में डर का माहौल बने और कोई भी परिवार ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।

    ग्रामीणों ने यह भी कहा कि दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए सरकार को जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने चाहिए। गांव की कई महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि अक्सर ऐसी घटनाएं सामने नहीं आ पातीं क्योंकि महिलाएं डर और सामाजिक दबाव के चलते चुप रहती हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रशासन को गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए ताकि महिलाएं अपनी आवाज उठा सकें और उन्हें कानूनी सहायता और सुरक्षा का भरोसा मिल सके।

    ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो समाज में अपराधियों का हौसला और बढ़ेगा। उनका कहना है कि पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा दी जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार हर संभव मदद करे।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि दहेज के नाम पर हो रही हत्याएं और उत्पीड़न समाज पर कलंक हैं और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • भारत में अर्जेंटीना की महिला के साथ होटल में यौन उत्पीड़न, आरोपी को सजा

    भारत में अर्जेंटीना की महिला के साथ होटल में यौन उत्पीड़न, आरोपी को सजा

    अर्जेंटीना की महिला को भारत में मिला इंसाफ, होटल में हुआ था यौन उत्पीड़न; आरोपी दोषी करार

    ऋषिकेश/नरेंद्रनगर। भारत में न्यायिक व्यवस्था ने एक विदेशी महिला को इंसाफ दिलाते हुए यह संदेश दिया है कि कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता, चाहे मामला कितना भी संवेदनशील या अंतरराष्ट्रीय क्यों न हो। वर्ष 2020 में टिहरी जिले के ऋषिकेश स्थित तपोवन क्षेत्र के एक होटल में अर्जेंटीना की 27 वर्षीय महिला के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में नरेंद्रनगर की अदालत ने आरोपी निखिल अरोड़ा को दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

    ऐसे सामने आया था मामला

    यह मामला नवंबर 2020 का है। अर्जेंटीना की यह महिला ई-टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी और ऋषिकेश के तपोवन क्षेत्र में एक होटल में ठहरी हुई थी। उस दौरान निखिल अरोड़ा नाम का एक युवक, जो स्थानीय निवासी है और होटल व्यवसाय से जुड़ा बताया जाता है, महिला के संपर्क में आया। जानकारी के अनुसार, होटल में एक पार्टी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और अरोड़ा ने महिला को अपने कमरे में आराम करने के लिए आमंत्रित किया।

    पीड़िता के मुताबिक, रात के वक्त अरोड़ा ने उसके साथ जबरदस्ती की और यौन उत्पीड़न किया। घटना के बाद महिला मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई और कुछ ही दिनों के भीतर भारत छोड़कर अपने देश लौट गई। शुरुआत में महिला इस घटना को लेकर असमंजस में थी और काफी डरी हुई थी। लेकिन कुछ समय बाद उसने ठान लिया कि वह आरोपी को सजा दिलाकर ही रहेगी।

    हिम्मत जुटाकर दर्ज कराया मुकदमा

    लगभग छह महीने तक मानसिक संघर्ष और सोच-विचार के बाद, पीड़िता ने आखिरकार 15 मई 2021 को उत्तराखंड के मुनिकीरेती थाने में निखिल अरोड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच तेज गति से शुरू की। महिला उपनिरीक्षक हिमानी पंवार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। पुलिस की ओर से पीड़िता के बयान, होटल के सीसीटीवी फुटेज, होटल कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।

    पुलिस ने जांच पूरी कर 18 अगस्त 2021 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई। 15 जून 2022 को अदालत ने निखिल अरोड़ा के खिलाफ आरोप तय कर दिए और मुकदमे की बाकायदा सुनवाई शुरू हो गई।

    न्याय पाने के लिए भारत लौटी पीड़िता

    चार साल तक चली सुनवाई के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब मामला कमजोर होता नजर आ रहा था, क्योंकि मुख्य गवाह खुद पीड़िता भारत में मौजूद नहीं थी। लेकिन अभियोजन अधिकारी सहायक अभियोजन अधिकारी अनुराग वरुण ने पीड़िता से फोन पर संपर्क साधा और उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत की न्याय प्रणाली उन पर अन्याय नहीं होने देगी।

    इस विश्वास के चलते अर्जेंटीना की महिला विशेष तौर पर भारत लौटी और 20 जुलाई 2024 को नरेंद्रनगर की अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया। अदालत में उसकी गवाही बेहद अहम रही, जिसमें उसने विस्तार से घटना का पूरा ब्यौरा दिया। अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाह पेश किए, लेकिन सबसे निर्णायक गवाही पीड़िता की रही।

    न्यायालय का फैसला

    सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रेया गुप्ता ने आरोपी निखिल अरोड़ा को दोषी मानते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि पीड़िता का बयान विश्वसनीय और सुसंगत है तथा घटना के अन्य साक्ष्यों से मेल खाता है। अदालत ने कहा कि यौन अपराध के मामलों में पीड़िता की गवाही ही पर्याप्त साक्ष्य मानी जा सकती है, जब तक कि उसे खारिज करने के ठोस आधार न हों।

    क्या बोले अभियोजन अधिकारी

    सहायक अभियोजन अधिकारी अनुराग वरुण ने कहा कि यह फैसला न्याय और महिला सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “विदेशी महिला ने जिस हिम्मत के साथ अदालत आकर गवाही दी, वह काबिल-ए-तारीफ है। इस फैसले से यह संदेश गया है कि भारत में न्याय की उम्मीद की जा सकती है, चाहे आरोपी कोई भी हो।’’

    यह मामला सिर्फ एक महिला के इंसाफ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन तमाम महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने में डरती हैं। अर्जेंटीना की महिला की दृढ़ता और भारतीय न्यायिक व्यवस्था का फैसला यह साबित करता है कि अपराध कहीं भी हो, कानून और न्याय से बचा नहीं जा सकता।

  • दून पुलिस के शिकंजे में 4 तस्कर, लाखों के अवैध मादक पदार्थ बरामद

    दून पुलिस के शिकंजे में 4 तस्कर, लाखों के अवैध मादक पदार्थ बरामद

    दून पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार नशा तस्कर गिरफ्तार, आठ लाख की स्मैक-चरस बरामद

    पुलिस

    देहरादून। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने की दिशा में देहरादून पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटेलनगर पुलिस ने अपने क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग के दौरान चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से करीब आठ लाख रुपये कीमत की स्मैक और चरस बरामद की है। तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी सीज कर ली गई है।

    पुलिस

    वरिष्ठ अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून अजय सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” विजन के तहत पूरे जिले में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान थाना पटेलनगर पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ बड़ा झटका माना जा रहा है।

    अलग-अलग स्थानों पर की गई गिरफ्तारी

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार चारों अभियुक्त अलग-अलग स्थानों से पकड़े गए। चेकिंग के दौरान संदिग्ध दिखने पर पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास भारी मात्रा में स्मैक और चरस बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन मादक पदार्थों को देहरादून और आसपास के इलाकों में बेचने की फिराक में थे।

    एसएसपी ने बताया कि इन तस्करों के नेटवर्क की भी गहनता से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनका जुड़ाव किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है। पुलिस आरोपियों के बैंक अकाउंट और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि सप्लाई चैन और अन्य सहयोगियों का भी पता लगाया जा सके।

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    गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और बरामदगी –
    1. उमेश पुत्र स्व. नाथीराम, निवासी ब्राह्मणवाला, निकट रिलायंस टावर, पटेलनगर, देहरादून

      • बरामद: 21.05 ग्राम अवैध स्मैक

      • तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (डिस्कवर), नंबर UK-07-U–864

    2. मोहम्मद साजिद पुत्र शेरा, निवासी टावर वाली गली, ब्राह्मणवाला, पटेलनगर, देहरादून

      • बरामद: 5.37 ग्राम अवैध स्मैक

    3. अजय कुमार पुत्र पप्पू राम, निवासी खेड़ी शिखोपुर, थाना भगवानपुर, जिला हरिद्वार, हाल निवासी दीप कॉलोनी, बड़ोवाला, पटेलनगर, देहरादून, उम्र 27 वर्ष

      • बरामद: 190 ग्राम अवैध चरस

    4. विकास पुत्र धर्म सिंह, निवासी खेड़ी शिखोपुर, थाना भगवानपुर, हरिद्वार, उम्र 27 वर्ष

      • बरामद: 160 ग्राम अवैध चरस

    बरामदगी का कुल मूल्य

    बरामद कुल 26.10 ग्राम स्मैक और 350 ग्राम चरस की अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार कीमत करीब आठ लाख रुपये बताई जा रही है। स्मैक की कीमत प्रति ग्राम हजारों रुपये तक होती है, जिसे तस्कर छोटे-छोटे पाउच में पैक कर बेचते हैं। पुलिस का कहना है कि इतनी मात्रा में स्मैक और चरस बरामद होना इस बात का संकेत है कि नशा कारोबारियों का नेटवर्क काफी बड़ा है और इनकी जड़ें प्रदेश के बाहर तक फैली हो सकती हैं।

    तस्करी में प्रयुक्त वाहन सीज

    पुलिस ने उमेश नामक अभियुक्त के कब्जे से बरामद डिस्कवर मोटरसाइकिल को भी सीज कर लिया है, जिसका इस्तेमाल स्मैक की तस्करी में किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि मोटरसाइकिल का इस्तेमाल छोटे पैकेट्स की डिलीवरी में किया जाता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।

    एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा कि जिले में किसी भी कीमत पर नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी को नशा तस्करी या इस धंधे में लिप्त व्यक्तियों के बारे में कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

    एसएसपी ने बताया कि ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एसओजी, एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।