Category: अपराध

  • बेरोजगारों से ठगी करने वाली संस्था पर केस, बैंक खाते और दस्तावेज जब्त

    बेरोजगारों से ठगी करने वाली संस्था पर केस, बैंक खाते और दस्तावेज जब्त

    बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाली संस्था पर मुकदमा, दस्तावेज और खाते जब्त

    सरकारी योजनाओं के नाम पर दे रही थी झांसा, प्रशिक्षण का कोई प्रमाण नहीं

    देहरादून। प्रशिक्षण और रोजगार का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाली बिहार की संस्था सिडको (लघु उद्योग विकास परिषद) के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाना में मामला दर्ज किया गया है। संस्था पर प्रत्येक युवा से ₹6100 की वसूली करने और सरकारी योजनाओं के प्रचार का झूठा दावा करने का आरोप है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि सिडको बिहार के पटना में पंजीकृत है, लेकिन इसका संचालन देहरादून के अजबपुर क्षेत्र से किया जा रहा था। संस्था युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण देने का झांसा देकर न केवल पैसा वसूल रही थी, बल्कि हर नए सदस्य के बदले ₹400 देने का लालच भी दिया जा रहा था।

    न कोई मान्यता, न प्रशिक्षण की व्यवस्था

    पुलिस के अनुसार, संस्था के दस्तावेजों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रशिक्षण या मानदेय देने का कोई आधिकारिक प्रावधान मौजूद नहीं है। संस्था का पूरा ढांचा संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसका उद्देश्य केवल बेरोजगारों से धन वसूली करना था।

    एफआईआर दर्ज, खाते और उपकरण जब्त

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4)/61(2) के तहत एफआईआर संख्या 231/25 दर्ज कर ली है। छापेमारी के दौरान संस्था के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही संस्था के सभी बैंक खातों और एकाउंटेंट के खाते फ्रीज़ कर दिए गए हैं। उन अन्य खातों की भी पहचान की जा रही है, जिनमें अधिकतर लेन-देन हुए हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं की आड़ में ठगी करने वाले ऐसे फर्जी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • कुमाऊं में अपराधों में बढ़ोतरी, पांच माह में 2362 केस दर्ज

    कुमाऊं में अपराधों में बढ़ोतरी, पांच माह में 2362 केस दर्ज

    कुमाऊं में अपराधों में इजाफा, पांच माह में 2362 केस दर्ज

    डकैती, अपहरण, बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में बढ़ोतरी; 1840 आरोपी अब भी फरार

    काशीपुर। कुमाऊं क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। सूचना के अधिकार (RTI) से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 के पहले पांच महीनों (जनवरी से मई) में कुल 2362 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि इसी अवधि में 2024 में 2176 मामले ही दर्ज हुए थे।

    इनमें डकैती, लूट, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन अपराधों में खासा इजाफा हुआ है। कुल 1840 आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जबकि दर्ज मामलों में से 48 प्रतिशत पर ही कार्रवाई पूरी हो पाई है।

    आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता नदीम उद्दीन को यह जानकारी कुमाऊं क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय से प्राप्त हुई। लोक सूचना अधिकारी द्वारा भेजे गए उत्तर में यह विवरण दिया गया कि 2025 में दर्ज मामलों में से अब तक 1876 मामलों का अनावरण किया गया है, लेकिन सिर्फ 573 मामलों में ही चार्जशीट दाखिल की गई है। 1569 मामलों की जांच अभी जारी है।

    दर्ज मामलों की स्थिति:

    • डकैती: 2025 में 5, 2024 में 3

    • लूट: 2025 में 19, 2024 में 10

    • बलात्कार: 2025 में 170, 2024 में 142

    • महिला अपहरण: 2025 में 53, 2024 में 34

    • दहेज हत्या: 2025 में 7, 2024 में 6

    वहीं, वाहन चोरी और घर में सेंधमारी जैसे अपराधों में मामूली कमी आई है।

    गिरफ्तारी और जांच की स्थिति:

    कुल 4265 अभियुक्तों में से 924 गिरफ्तार किए गए हैं, 1049 को नोटिस देकर छोड़ा गया है, जबकि 1840 अभियुक्त अब भी फरार हैं। 268 लोगों को गलत आरोपी मानकर हटा दिया गया है।

    चोरी और बरामदगी:

    2025 में अब तक कुल ₹3.62 करोड़ की संपत्ति चोरी/लूटी गई, जिसमें से केवल ₹1.79 करोड़ की संपत्ति बरामद हो सकी है।

  • हरिद्वार भूमि घोटाले के खिलाफ जन संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग

    हरिद्वार भूमि घोटाले के खिलाफ जन संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग

    हरिद्वार भूमि घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग तेज

    विकासनगर में जन संघर्ष मोर्चा ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा

    विकासनगर।
    हरिद्वार नगर निगम में हुए बहुचर्चित भूमि खरीद घोटाले के खिलाफ जन संघर्ष मोर्चा ने सोमवार को विकासनगर तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जो उप जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में पेशकार सरिता जोशी को दिया गया।

    नेगी ने आरोप लगाया कि इस घोटाले के पीछे एक प्रभावशाली अधिकारी का हाथ है, जिसकी सरकार में मजबूत पकड़ है। उन्होंने कहा कि उसी के निर्देश और दबाव में यह पूरा घोटाला अंजाम दिया गया। हालाँकि कुछ अधिकारियों को निलंबित कर विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन असली मास्टरमाइंड अब भी जांच के दायरे से बाहर है।

    सूत्रों के अनुसार, उक्त अधिकारी की मोबाइल चैटिंग भी सार्वजनिक हो चुकी है, जिसमें वह अन्य अधिकारियों पर कार्य शीघ्र पूरा करने का दबाव डाल रहा है।

    नेगी ने बताया कि कूड़े के ढेर के पास स्थित लगभग 30 बीघा भूमि का लैंड यूज नियमों को ताक पर रखकर बदला गया और रातोंरात 14 करोड़ की जमीन 54 करोड़ रुपये में खरीद ली गई, जिससे राज्य सरकार को लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

    उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच आईएएस रणवीर सिंह चौहान द्वारा की गई थी, जिसकी रिपोर्ट के बाद 12 अधिकारियों को निलंबित किया गया या उनका सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया। इसके बावजूद, अब तक आर्थिक अपराध एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

    नेगी ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने ऊपरी दबाव में आकर काम किया, उन्हें दंड मिल रहा है, जबकि असली घोटालेबाज़ खुलेआम घूम रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सीबीआई जांच शुरू नहीं की गई और एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो मोर्चा न्यायालय की शरण लेगा।

    प्रमुख कार्यकर्ता रहे उपस्थित:

    प्रदर्शन में आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, सरदार सिंह चौहान, महिपाल सिंह रावत, हाजी असद, अनुपम कपिल, अकरम सलमानी, प्रमोद शर्मा, परवीन, प्रवीन शर्मा पिन्नी, बिल्लू गिल्बर्ट, विक्रम पाल, सुशील भारद्वाज, दरबार सिंह असवाल, भीम सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह नेगी, नाज़िर, दीपांशु अग्रवाल, दिनेश राणा, गफूर, सुंदरलाल गैरोला, नाहिद खान, सफीक पांडे, नसीम, वसीम, सायरा बानो, निशा खातून, महेंद्र सिंघल, मेहंदी हसन, कयूम, सुमन कश्यप, विनोद जैन, भगत सिंह, संध्या गुलरिया, सलीम मिर्जा, छोटी, आशीष खड़का, नाथीराम, देव सिंह चौधरी, अंकुर चौरसिया, जाबिर हसन, विनोद रावत, रईस, क्रिस्टीना, संजय पटेल, सुनील कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • खलंगा के हज़ारों साल पुराने पेड़ों पर संकट! संरक्षित जंगल में कैंपिंग साइट की तैयारी?

    खलंगा के हज़ारों साल पुराने पेड़ों पर संकट! संरक्षित जंगल में कैंपिंग साइट की तैयारी?

    खलंगा के हज़ारों साल पुराने पेड़ों पर संकट!

    चालीस बीघा संरक्षित वन क्षेत्र में कैंपिंग साइट की सुगबुगाहट, स्थानीयों में रोष

    देहरादून, नालापानी।
    इतिहास और जैव विविधता से भरपूर खलंगा के जंगल अब एक नए संकट की चपेट में आते दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में खलंगा मार्ग पर हल्दूआम के निकट 40 बीघा संरक्षित वन क्षेत्र में तारबाड़ और गेट लगने की गतिविधि से इलाके में हलचल मच गई है। यहां कैम्पिंग साइट बनाए जाने की चर्चा ने स्थानीयों की चिंता को और गहरा कर दिया है।

    एक वायरल वीडियो में एक स्थानीय महिला मौके पर मौजूद व्यक्ति से सवाल-जवाब करती नजर आ रही है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि जंगल के भीतर कुछ गतिविधियाँ छुपकर की जा रही हैं।

    चार से पांच हज़ार साल पुराने पेड़ों पर खतरा

    इस क्षेत्र में मौजूद हज़ारों साल पुराने साल और अन्य वृक्षों की जैविक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अहमियत है। यदि इन जंगलों में निर्माण कार्य होता है, तो इन दुर्लभ और पुरातन वृक्षों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

    कौन है पीछे?

    तारबाड़ करवा रहे हरियाणा निवासी अनिल शर्मा का कहना है कि यह भूमि उन्होंने ऋषिकेश निवासी अशोक अग्रवाल से लीज पर ली है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि घने जंगल में बिना पेड़ों को नुकसान पहुंचाए कैंपिंग कैसे की जाएगी, तो कोई स्पष्ट ब्लूप्रिंट उनके पास नहीं था।

    प्रशासन बेखबर?

    इस गंभीर मुद्दे पर जब डीएफओ अमित तंवर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि वह वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराएंगे।

  • रुड़की: स्पा सेंटर से गिरफ्तारियां, पुलिस को मिली आपत्तिजनक सामग्री

    रुड़की: स्पा सेंटर से गिरफ्तारियां, पुलिस को मिली आपत्तिजनक सामग्री

    देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, पुलिस ने स्पा सेंटर को किया सील
    स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियों का खुलासा, महिला समेत पांच गिरफ्त में

    रुड़की। रामनगर चौक स्थित एक स्पा सेंटर में अनैतिक कार्यों की सूचना पर पुलिस और मानव तस्कर विरोधी सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सेंटर में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। स्पा सेंटर को सील कर दिया गया है और संचालक सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

    गुरुवार को मानव तस्कर विरोधी सेल को सूचना मिली थी कि गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर में स्थित एक स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। इस सूचना पर सेल की टीम उपनिरीक्षक राखी रावत व देवेंद्र रावत के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। करीब 20-25 पुलिसकर्मियों की टीम ने स्पा सेंटर पर छापेमारी की।

    कार्रवाई के दौरान सेंटर में मौजूद चार महिलाएं और एक युवक आपत्तिजनक हालत में पाए गए। मौके से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। इस पूरी कार्रवाई से सेंटर में हड़कंप मच गया।

    गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आर.के. सकलानी ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान सौरभ सैनी निवासी ग्राम हलवान मस्त, थाना फतेहपुर (सहारनपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि स्पा सेंटर गुरमी मंगेतर नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो सहारनपुर का निवासी है।

    पुलिस ने स्पा संचालक और अन्य आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल स्पा सेंटर को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • महिला हिस्ट्रीशीटर तस्कर गिरफ्तार, 14 लाख की स्मैक और नकदी बरामद

    महिला हिस्ट्रीशीटर तस्कर गिरफ्तार, 14 लाख की स्मैक और नकदी बरामद

    48 ग्राम स्मैक और 55,600 नकद के साथ महिला हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

    देहरादून।

    डोईवाला पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक शातिर महिला को गिरफ्तार कर 48 ग्राम अवैध स्मैक (अनुमानित कीमत ₹14 लाख) और ₹55,600 नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार महिला सोनी, पत्नी स्व. प्रदीप कुमार, कोतवाली डोईवाला की हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ NDPS और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    गिरफ्तारी की कार्रवाई:

    11 जून की रात दूधली रोड स्थित नैन्सी स्कूल के पास चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने महिला को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से अवैध स्मैक और बिक्री से अर्जित नकदी बरामद हुई।

    बरामदगी का विवरण:

    • स्मैक: 48 ग्राम (अनुमानित बाजार मूल्य ₹14 लाख से अधिक)

    • नकदी: ₹55,600

    आपराधिक इतिहास:

    गिरफ्तार महिला के खिलाफ वर्ष 2016 से 2025 तक डोईवाला और बरेली (उ.प्र.) में NDPS और गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 11 मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से नशे की तस्करी में सक्रिय रही है।

    पुलिस टीम में शामिल अधिकारी:

    • व0उ0नि0 शिशुपाल राणा

    • उ0नि0 राजनारायण व्यास

    • हे0का0 देवेन्द्र नेगी

    • का0 रविन्द्र टम्टा

    • का0 वीर सिंह

    • का0 सोविन्दर कुमार

    • म0हे0का0 सम्पति राणा

    • म0का0 रचना रावत

  • हरिद्वार भूमि घोटाला: पर्दे के पीछे से चला मास्टरमाइंड का खेल, मोर्चा ने की CBI जांच की मांग

    हरिद्वार भूमि घोटाला: पर्दे के पीछे से चला मास्टरमाइंड का खेल, मोर्चा ने की CBI जांच की मांग

    हरिद्वार भूमि घोटाला: मास्टरमाइंड के इशारे पर रची गई करोड़ों की साज़िश – जन संघर्ष मोर्चा

    राज्यपाल से की सीबीआई जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग, कहा- असली गुनहगार अभी भी जांच से बाहर

    विकासनगर: हरिद्वार नगर निगम की भूमि में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह ने रविवार को प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि पूरे घोटाले की स्क्रिप्ट एक प्रभावशाली अधिकारी के इशारे पर तैयार की गई, लेकिन उसे अब तक जांच के दायरे में नहीं लाया गया है।

    नेगी ने कहा कि सरकार द्वारा विजिलेंस जांच की सिफारिश भले ही एक सकारात्मक कदम हो, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उनका आरोप है कि जिस मास्टरमाइंड ने इस पूरे घोटाले की योजना बनाई, वह अभी भी पर्दे के पीछे सुरक्षित बैठा है और सत्ता के गलियारों में उसकी गहरी पकड़ है।

    उन्होंने बताया कि इस मास्टरमाइंड के निर्देश पर ही अधिकारियों ने लैंड यूज (भूमि उपयोग) में बदलाव किया और लगभग 30 बीघा सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व में तब्दील कर दिया गया। इससे सरकार को करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

    भूमि

    अब तक इस मामले में 12 अधिकारियों को निलंबित या सेवा विस्तार समाप्त किया गया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इससे यह संदेह और गहरा होता है कि कहीं असली दोषी को जानबूझकर बचाया तो नहीं जा रहा?

    रघुनाथ सिंह ने यह भी कहा कि जन संघर्ष मोर्चा इन निलंबित अधिकारियों को यह भरोसा दिलाता है कि अगर वे उस मुख्य साजिशकर्ता का नाम उजागर करते हैं, तो मोर्चा उसे न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि असली दोषी को बख्शना केवल जनता ही नहीं, बल्कि न्याय की भी अवहेलना है। जनता इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रही है।

    जन संघर्ष मोर्चा ने राजभवन से इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मोर्चा ने कहा कि न्याय तभी संभव है जब असली गुनहगारों को बेनकाब कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

    पत्रकार वार्ता के दौरान विजयराम शर्मा और दिलबाग सिंह भी मौजूद रहे।

  • चार स्पा सेंटरों को नोटिस, 10-10 हजार का जुर्माना

    चार स्पा सेंटरों को नोटिस, 10-10 हजार का जुर्माना

    चार स्पा सेंटरों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना, अनियमितताओं पर पुलिस की सख़्ती

    कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र में संचालित स्पा सेंटरों में अनियमितताएं पाए जाने पर चार सेंटरों के संचालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि शनिवार को स्पा सेंटरों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान मुख्य मार्ग पर स्थित 20-20 स्पा, रिलेक्स स्पा सेंटर, बाबूगढ़ के हॉलीवुड स्पा और वेदांश चौक के पास स्थित शाइन स्पा एंड सैलून में गंभीर खामियां पाई गईं।

    इन स्पा सेंटरों में न तो ग्राहकों का नाम-पता रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा था, न ही गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। इसके अलावा महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार नहीं थे, प्रशिक्षित थेरेपिस्ट की नियुक्ति नहीं थी और मसाज करवाने वालों का कोई सत्यापन भी नहीं किया गया था।

    पुलिस ने सभी संचालकों को सुधार के निर्देश देते हुए 10-10 हजार रुपये के चालान जारी किए हैं।

  • रुड़की के व्यक्ति से 38 लाख की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग एप के जरिए जालसाजी

    रुड़की के व्यक्ति से 38 लाख की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग एप के जरिए जालसाजी

    शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर साइबर ठगों ने उड़ाए 38 लाख, रुड़की निवासी से धोखाधड़ी

    साइबर अपराधियों ने एक बार फिर शातिराना तरीके से शेयर ट्रेडिंग में मोटी कमाई का झांसा देकर रुड़की के एक व्यक्ति से करीब 38.37 लाख रुपये की ठगी कर डाली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना, देहरादून में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    सुभाषनगर, रुड़की निवासी पीड़ित ने बताया कि 26 अप्रैल को उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश से जुड़ी जानकारी और कमाई के टिप्स दिए जा रहे थे। कुछ ही घंटों बाद ग्रुप में बड़ी कमाई का झांसा देते हुए एक लिंक भेजा गया।

    लिंक के जरिए एक फर्जी एप डाउनलोड करवाई गई, जिसमें पीड़ित से अकाउंट बनवाकर पंजीकरण कराया गया। इसके बाद निवेश के नाम पर कई चरणों में 38.37 लाख रुपये बताए गए खातों में जमा कराए गए। जब पीड़ित ने अपने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो उससे और पैसे मांगे गए, जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ।

    डिप्टी एसपी साइबर क्राइम, अंकुश मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है।

  • हरिद्वार भूमि घोटाला: अब विजिलेंस जांच के साथ होगी रिकवरी की कार्रवाई

    हरिद्वार भूमि घोटाला: अब विजिलेंस जांच के साथ होगी रिकवरी की कार्रवाई

    उठे कदम- भूमि विक्रय पत्र निरस्त, आडिट होगा, FIR पर टिकी निगाहें
    लोकसेवा में “पद’ नहीं बल्कि ‘कर्तव्य’ और ‘जवाबदेही’ महत्वपूर्ण-सीएम
    यूपी के एक मामले में आईएएस को मिल चुकी है प्रतिकूल प्रविष्टि
    भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद 10 अधिकारी व कर्मी निलंबित
    तत्कालीन नगर आयुक्त के नगर निगम हरिद्वार में कार्यकाल के समस्त कार्यों की ऑडिट के निर्देश
    दो आईएएस, एक पीसीएस सहित 10 अधिकारी निलम्बित, दो का सेवा विस्तार समाप्त

     

    देहरादून- मुख्यमंत्री ने हरिद्वार भूमि घोटाले की विस्तृत जांच सतर्कता विभाग (Vigilance Department) से कराए जाने के निर्देश दिए हैं ।

    इसके अतिरिक्त करोड़ों के भूमि घोटाले से संबंधित विक्रय पत्र (Sale Deed) को निरस्त करते हुए भूस्वामियों को दिए गए धन की रिकवरी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए गए हैं। विजिलेंस जांच और रिकवरी के आदेश के बाद भ्र्ष्टाचार में शामिल ‘गैंग’ की धड़कनें बढ़ गयी है।

    गौरतलब है कि निलंबित किये गए हरिद्वार के डीएम कर्मेन्द्र सिंह को यूपी से जुड़े एक भूमि के मामले में प्रतिकूल प्रविष्टि मिल चुकी है।

    इस चर्चित मामले के बाद कर्मेन्द्र सिंह को समय पर तय प्रमोशन भी नहीं मिल पाए। यूपी के चर्चित मामले के बाद आईएएस कर्मेन्द्र सिंह को हरिद्वार का डीएम बनाना भो कई सवाल खड़े कर रहा है।

    आईएएस रणवीर सिंह चौहान की कड़ी जांच में दोषी पाए गए 10 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 2 कार्मिकों का सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया है।

    विजिलेंस जांच के फैसले के बाद भ्र्ष्टाचार से जुड़े सभी आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना बढ़ गयी है।

    मुख्यमंत्री ने तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के कार्यकाल के दौरान नगर निगम हरिद्वार में हुए सभी कार्यों का विशेष ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि वित्तीय अनियमितताओं की समुचित जांच की जा सके।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम हरिद्वार में हुए जमीन घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए, दो आईएएस, एक पीसीएस अधिकारी सहित सात अधिकारियों को निलंबन आदेश पकड़ा दिए गए हैं।

    इस मामले में तीन अधिकारी पूर्व में निलंबित हो चुके हैं, जबकि दो की पूर्व में सेवा समाप्त की जा चुकी है। इस तरह इस प्रकरण में अब तक 10 अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं।

    हरिद्वार नगर निगम द्यारा ग्राम सराय में कूड़े के ढेर के पास स्थित अनुपयुक्त 2.3070 हैक्टेयर भूमि को करोड़ों रुपये में खरीदने पर सवाल उठने के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे।
    सचिव रणवीर सिंह चौहान ने मामले की प्रारंभिक जांच कर, रिपोर्ट 29 मई को ही शासन को सौंपी थी।
    इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने कार्मिक विभाग को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिस पर कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने मंगलवार को सभी सात आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, कार्मिक विभाग ने मंगलवार को हरिद्वार नगर निगम के तत्कालीन प्रशासक और मौजूदा डीएम कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, हरिद्वार के तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह, वरिष्ठ वित्त अधिकारी निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक विक्की, रजिस्ट्रार कानूनगो राजेश कुमार, हरिद्वार तहसील के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कमलदास को निलंबित कर दिया है।

    अब तक हुई कार्रवाई

    कर्मेन्द्र सिंह – जिलाधिकारी और तत्कालीन प्रशासक नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
    वरुण चौधरी – तत्कालीन नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
    अजयवीर सिंह- तत्कालीन, उपजिलाधिकारी हरिद्वार (निलंबित)
    निकिता बिष्ट – वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
    विक्की – वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक (निलंबित)
    राजेश कुमार – रजिस्ट्रार कानूनगो, तहसील हरिद्वार (निलंबित)
    कमलदास –मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील हरिद्वार (निलंबित)

    पूर्व में हो चुकी कार्रवाई

    रविंद्र कुमार दयाल- प्रभारी सहायक नगर आयुक्त (सेवा समाप्त)
    आनंद सिंह मिश्रवाण- प्रभारी अधिशासी अभियंता (निलंबित)
    लक्ष्मी कांत भट्ट्- कर एवं राजस्व अधीक्षक (निलंबित)
    दिनेश चंद्र कांडपाल- अवर अभियंता (निलंबित)
    वेदपाल- सम्पत्ति लिपिक (सेवा विस्तार समाप्त)

    हमारी सरकार ने पहले ही दिन से स्पष्ट किया है कि लोकसेवा में “पद’ नहीं बल्कि ‘कर्तव्य’ और ‘जवाबदेही’ महत्वपूर्ण हैं। चाहे व्यक्ति कितना भी वरिष्ठ हो, अगर वह जनहित और नियमों की अवहेलना करेगा, तो कार्रवाई निश्चित है। हम उत्तराखंड में भ्रष्टाचार मुक्त नई कार्य संस्कृति विकसित करना चाहते हैं। सभी लोक सेवकों को इसके मानकों पर खरा उतरना होगा।