Category: पर्यटन

  • गंगोत्री धाम: कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू, छह महीने यहां होगी पूजा

    गंगोत्री धाम: कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू, छह महीने यहां होगी पूजा

    चारधामों में प्रमुख गंगोत्री धाम के कपाट शनिवार को अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए दोपहर 12.14 बजे बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित गंगा मंदिर में होंगे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को भैयादूज पर्व पर दोपहर 12.05 बजे पर बंद होंगे।

    श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार को दीपोत्सव के साथ मां भगवती गंगा के गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया कि कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव मूर्ति को डोली यात्रा के साथ शीतकालीन पड़ाव मुखबा लाया जाएगा।

    उधर, यमुनोत्री धाम में भी कपाट बंदी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कल रविवार को यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव के लिए रवाना होगी।

    जहां स्थित मां यमुना मंदिर में शीतकाल के दौरान श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन व पूजा अर्चना कर सकेंगे। दोनों धामों के साथ शीतकालीन पड़ावों को फूलों से सजाया संवारा जा रहा है। इधर, यात्राकाल में दोनों धामों में शुक्रवार शाम तक 15 लाख 21 हजार 752 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं, जिसमें यमुनोत्री धाम में 7.10 लाख और गंगोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 8.11 लाख है।

  • Uttarakhand: दीयों की रोशनी से जगमग हुए चारधाम, हुई विशेष पूजा-अर्चना

    Uttarakhand: दीयों की रोशनी से जगमग हुए चारधाम, हुई विशेष पूजा-अर्चना

    चारधाम में शुक्रवार को दीपावली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर को फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भी भीड़ लगी रही।

    गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीप जलाए। बदरीनाथ धाम में विधि विधान के साथ महालक्ष्मी, कुबेर जी और फिर भगवान बदरीनाथ के खजाने की पूजा की गई।मंदिर को फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भी भीड़ लगी रही। बदरीनाथ धाम में अपराह्न पांच बजे के बाद प्रदोष काल में पूजाएं संपन्न कराई गई। धाम में गणेश जी और फिर महालक्ष्मी पूजन शुरू हुआ। उसके बाद कुबेर जी व भगवान के खजाने की पूजा की गईबदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने धाम में पूजाएं संपन्न कराई।

    इसमें धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता सहित हक हकूकधारी आदि भी शामिल रहे। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि धाम में दीपावली सदियों से चली परंपराओं के अनुसार मनाया गया।

    गोपीनाथ मंदिर में दीये जलाने के साथ की पूजा अर्चना
    गोपेश्वर स्थिति गोपीनाथ मंदिर में भी शुक्रवार को दीपावली पर्व मनाया गया। मंदिर परिसर में भक्तों ने दीये जलाए। अपराह्न मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

    केदारनाथ: महालक्ष्मी पूजन के लिए 10 क्विंटल फूल व 1100 दीयों से सजा मंदिर
    पंचकेदार में प्रमुख केदारनाथ धाम में महालक्ष्मी पूजन के लिए 10 क्विंटल फूलों के साथ ही 1100 दीयों से सजाया गया है। मंदिर परिसर के चारों तरफ दीये जलाए गए। बाबा केदार की सांयकालीन पूजा व आरती के बाद महालक्ष्मी पूजन शुरू हुआ।

  • केदारनाथ: हेलिकॉप्टर के इंजन से अचानक निकलने लगा धुआं, कराई इमरजेंसी लैंडिंग

    केदारनाथ: हेलिकॉप्टर के इंजन से अचानक निकलने लगा धुआं, कराई इमरजेंसी लैंडिंग

    शेरसी हेलिपैड से हिमालयन हेली का हेलिकॉप्टर यात्रियों को लेकर केदारनाथ के लिए रवाना हुआ। हेलिकॉप्टर जैसे ही एमआई-26 हेलिपैड के नजदीक पहुंचा, उसके इंजन से धुंआ निकलने लगा। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।

    केदारनाथ में हिमालयन हेली के एक हेलिकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। हेलिकॉप्टर केदारघाटी से यात्रियों को लेकर केदारनाथ पहुंचा था, लेकिन लैंड करने से पहले ही इंजन के पास से धुआं निकलने लगा। इस कारण पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं

    मंंगलवार दोपहर 12.40 बजे शेरसी हेलिपैड से हिमालयन हेली का हेलिकॉप्टर यात्रियों को लेकर केदारनाथ के लिए रवाना हुआ। हेलिकॉप्टर जैसे ही एमआई-26 हेलिपैड के नजदीक पहुंचा, उसके इंजन से धुंआ निकलने लगा। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। इसके बाद हेलिकॉप्टर पर सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    इधर, हेलिकॉप्टर सेवा के नोडल अधिकारी व जिला पर्यटन व साहसिक खेल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि घटना के बारे डीजीसीए और यूकाडा को जानकारी दे दी दी गई है। बुधवार को संभवत: तकनीकी दल केदारनाथ पहुंचकर हेलिकॉप्टर का निरीक्षण करेगा।

    मई में भी हुई थी हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
    बता दें कि गत 24 मई को भी केदारनाथ में क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। बीते 30 अगस्त को इस खराब हेलिकॉप्टर को सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर मरम्मत के लिए लटका कर ले जा रहा था।

    थारु कैंप के समीप एमआई-17 का संतुलन गड़बड़ाने पर पायलट ने इसे खाली स्थान पर गिरा दिया था। इससे पूर्व वर्ष 2022 में कपाट बंद होने से कुछ दिन पूर्व केदारनाथ में क्रिस्टल कंपनी का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।

  • केदारनाथ: श्रद्धालुओं का आंकड़ा 15 लाख पार, धाम में आस्था और भक्ति का सैलाब

    केदारनाथ: श्रद्धालुओं का आंकड़ा 15 लाख पार, धाम में आस्था और भक्ति का सैलाब

    बरसात खत्म होते ही यात्रा ने पहले चरण जैसी रफ्तार पकड़ ली है। अक्तूबर के 25 दिनों में ही 2.70 लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। इससे केदारघाटी में रौनक बनी हुई है।

    केदारनाथ यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। सर्द हवाओं के बीच धाम में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ रहा है। इस माह 2.70 लाख शिवभक्त बाबा के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, कुल दर्शनार्थियों की संख्या 15 लाख के पार हो गई है।

    बरसात खत्म होते ही यात्रा ने पहले चरण जैसी रफ्तार पकड़ ली है। अक्तूबर के 25 दिनों में ही 2.70 लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। इससे केदारघाटी में रौनक बनी हुई है। घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेलिकॉप्टर के लिए यात्रियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। धाम में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

    बीते दो दिनों में 28 हजार शिवभक्तों ने धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। इस वर्ष 10 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में मई व जून माह में ही दर्शनार्थियों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई थी।

    अतिवृष्टि से अगस्त में 24 दिन यात्रा प्रभावित रही। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया, यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण केदारपुरी में इन दिनों, मई-जून की तरह नजारे दिख रहे हैं। बाबा केदार की सायंकालीन आरती में भी हजारों भक्त शामिल हो रहे हैं।

  • यात्रीगण ध्यान दें… सभी ट्रेनों में छठ तक सीट फुल, बुकिंग मिलना मुश्किल

    यात्रीगण ध्यान दें… सभी ट्रेनों में छठ तक सीट फुल, बुकिंग मिलना मुश्किल

    दिवाली और छठ पर देहरादून से ट्रेन में सफर करने वालों के लिए बुरी खबर है। नवंबर के दूसरे सप्ताह तक सभी ट्रेनों में सीटें फुल हैं। लखनऊ काठगोदाम और वाराणसी जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा वेटिंग है। यात्रियों को राहत देने के लिए इस बार दून से कोई स्पेशल ट्रेन भी नहीं चलाई गई है।

    अगर आप दीपावली और छठ पर्व पर ट्रेन से घर जाने की सोच रहे हैं, लेकिन अब तक सीट बुक नहीं की है तो किसी अन्य विकल्प पर ध्यान केंद्रित कर लीजिए।

    इस बार दून से कोई स्पेशल ट्रेन भी नहीं चलाई गई
    देहरादून से जाने वाली सभी ट्रेनों में नवंबर दूसरे सप्ताह तक सीट मिल पाना मुश्किल है। खासकर दीपावली और छठ पर सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है। यात्रियों को राहत देने के लिए इस बार दून से कोई स्पेशल ट्रेन भी नहीं चलाई गई है।

    उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से युवा पढ़ाई और करियर बनाने के लिए देहरादून आते हैं। काम की तलाश में देशभर से आए श्रमिक भी बड़ी संख्या में राजधानी में रह रहे हैं। दीपावली और छठ पर अधिकतर लोग घर लौटने की योजना बनाए हुए हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने ट्रेन में सीट भी बुक कर ली है।

    स्लीपर से लेकर एसी तक किसी भी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है। जिन लोगों ने अभी तक टिकट बुक नहीं की है, अब उन्हें सीट मिल पाना मुश्किल है। सबसे अधिक वेटिंग दून से लखनऊ, काठगोदाम, वाराणसी, हावड़ा जाने वाली ट्रेनों में है। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी अब ट्रेनों में सीट मिल पाना मुश्किल है।

    ट्रेन में वेटिंग की स्थिति
    ट्रेन, वेटिंग
    उपासना एक्सप्रेस (दून-लखनऊ-हावड़ा), 119
    जनता एक्सप्रेस (देहरादून-वाराणसी), 138
    काठगोदाम एक्सप्रेस (दून-काठगोदाम), 96
    जनशताब्दी एक्सप्रेस (दून-काठगोदाम), 68
    देहरादून कोटा एक्सप्रेस (दून-दिल्ली), 44
    मसूरी एक्सप्रेस (दून-दिल्ली), 29
    जनशताब्दी (दून-दिल्ली), 15
    वंदे भारत एक्सप्रेस (दून-लखनऊ), 89
    वंदे भारत एक्सप्रेस (दून-दिल्ली), 7

  • दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे: दिसंबर से यात्रियों के लिए इस महीने होगा शुरू

    दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे: दिसंबर से यात्रियों के लिए इस महीने होगा शुरू

    देहरादून- दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां फर्राटा भरने को तैयार है. एक्सप्रेसवे की 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनकर तैयार हो गई है. इस हाईवे के खुलने के बाद देहरादून से दिल्ली की दूरी केवल ढाई घंटे रह जाएगी। बता दें इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे वाहनों की आवाजाही के लिए दिसंबर में खोल दिया जायेगा. एलिवेटेड का सफर इसलिए भी खास होगा क्योंकि यह राजाजी हिगेर रिज़र्व और शिवालिक वन प्रभाग के जंगल के बीच से गुजर रहा है. अंतिम चरण के कुछ काम पूरा होने के बाद राजमार्ग को वाहनों के लिए दिसंबर 2024 में खोल दिया जायेगा. एनएचएआई एलिवेटेड रोड को चौक चौबंद बनाने में जुटा हुआ है।

    बता दें वर्तमान में हाईवे पर साइनेज के साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत कैमरे और इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाने का काम हो रहा है। वहीं एलिवेटेड रोड पर स्लैब डालने के बाद सड़क पर पेंटिंग से संबंधी काम पूरे हो चुके हैं. बता दें हाईवे पर आवाजाही शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी 236 किमी से घटकर 213 किमी हो जाएगी. जिसके बाद ये सफर कुल ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

    बता दें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) परियोजना की में लगभग 13,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेसवे खुलने के बाद अधिकारियों को उम्मीद है कि इस मार्ग का इस्तेमाल करने वालों वाहनों की संख्या रोजाना 20,000 से 30,000 तक हो जाएगी. ये एक्सप्रेसवे दिल्ली को सहारनपुर, बागपत, बड़ौत और शामली के माध्यम से देहरादून से जोड़ेगा

  • विंटर शेड्यूल में कुल 33 उड़ानों को मंजूरी, 27 अक्तूबर से होगा लागू, यहां देखें पूरी लिस्ट

    विंटर शेड्यूल में कुल 33 उड़ानों को मंजूरी, 27 अक्तूबर से होगा लागू, यहां देखें पूरी लिस्ट

    देहरादून एयरपोर्ट पर आगामी 27 अक्तूबर से विंटर शेड्यूल लागू किया जाएगा। विंटर शेड्यूल में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कुल 33 उड़ानों को मंजूरी दी है। यह शेड्यूल मार्च के आखिर तक लागू रहेगा।

    देहरादून एयरपोर्ट को प्राप्त विंटर शेड्यूल में विमानन कंपनी इंडिगो को कुल 15 उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी गई है। जिसमें जयपुर तीन, अहमदाबाद एक, दिल्ली चार, मुंबई एक, हैदराबाद दो, पुणे एक, कोलकाता एक, लखनऊ एक और बंगलूरू की एक फ्लाइट शामिल है। विस्तारा की कुल तीन फ्लाइट मुंबई, दिल्ली, और बंगलूरू के लिए उड़ान भरेंगी।

    एलायंस एयर की कुल आठ उड़ानें (दिल्ली की चार, अयोध्या एक, कुल्लू एक, पंतनगर एक और अमृतसर की एक) संचालित की जाएंगी। फ्लाईबिग की कुल दो उड़ानें मुरादाबाद और पिथौरागढ़ के लिए संचालित की जाएगी। वहीं नई विमानन कंपनी अकाशा एयरलाइंस की कुल दों उडाने मुंबई और बंगलूरू के लिए उड़ान भरेंगी।

    देहरादून एयरपोर्ट के लिए यह है विंटर शेड्यूल
    इंडिगो : 16 दिसंबर से सप्ताह में सभी दिन जयपुर से 7:25 बजे आएगी। पौने आठ बजे वापस जयपुर जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन अहमदाबाद से सुबह 7:55 बजे आएगी। साढे आठ बजे अहमदाबाद वापस जाएगी।
    एलायंस एयर : 28 अक्तूबर से सोम, बुध, शुक्र को अयोध्या से सुबह 8:05 बजे आएगी। 8:25 वापस अयोध्या जाएगी।
    एलायंस एयर : 29 अक्तूबर से मंगल, बृहस्पतिवार व शुक्रवार को दिल्ली से सुबह 8:15 बजे आकर 8:40 बजे कुल्लू जाएगी।
    इंडिगो : सप्ताह में सभी दिन 27 अक्तूबर से सुबह 8:55 बजे दिल्ली से आकर वापस 9:35 बजे दिल्ली जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन जयपुर से सुबह 9:20 बजे आकर वापस जयपुर 9:40 बजे जाएगी।
    इंडिगो : सप्ताह में सभी दिन जयपुर से अगले साल एक फरवरी से सुबह 9:20 बजे आकर वापस जयपुर 9:40 बजे जाएगी।
    अकाशा एयरलाइंस : 27 अक्तूबर से सभी दिन बंगलूरू से सुबह साढे़ नौ बजे आकर वापस मुंबई सवा दस बजे जाएगी।
    एलायंस एयर : 29 अक्तूबर से मंगल, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पंतनगर से सुबह सवा दस बजे आकर वापस 10:40 बजे पंतनगर जाएगी।
    एलायंस एयर : 29 अक्तूबर से मंगल, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कुल्लू से सुबह 11 बजे आकर 11:25 बजे वापस अमृतसर जाएगी।
    इंडिगो : हैदराबाद से 29 अक्तूबर से शुक्रवार को सुबह 11:15 बजे आकर 12 बजे वापस हैदराबाद जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन सुबह 11.15 बजे हैदराबाद से आकर 12 बजे पुणे वापस जाएगी।
    फ्लाईबिग : 27 अक्तूबर से सभी दिन मुरादाबाद से 11:40 बजे आकर नौ बजे वापस मुरादाबाद जाएगी।
    फ्लाईबिग : 27 अक्तूबर से सभी दिन शाम 5:25 बजे मुरादाबाद से आकर 12:05 बजे वापस मुरादाबाद जाएगी।

    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सोम, मंगल, बृहस्पति, शनिवार को कोलकाता से 12:10 बजे आकर वापस 1:05 बजे जाएगी।
    इंडिगो : 16 दिसंबर से सोम, मंगल, बृहस्पति, शनिवार कोलकाता से 12:10 बजे आकर दोपहर 1:05 बजे वापस जाएगी।
    इंडिगो : दो फरवरी से सोम, मंगल, बृहस्पति, शनिवार कोलकाता से 12:10 बजे आकर दोपहर 1:05 बजे वापस जाएगी।
    एलायंस एयर : 28 अक्तूबर से सोम, मंगल, बृहस्पतिवार अयोध्या से 12:20 बजे आकर पौने एक बजे दिल्ली जाएगी।
    विस्तारा : 28 अक्तूबर से सभी दिन मुंबई से 2:20 बजे आकर वापस मुंबई 2:55 बजे जाएगी।
    एलायंस एयर : 29 अक्तूबर से मंगल, बृहस्पति, शुक्र को अमृतसर से ढाई बजे आकर 2:50 बजे दिल्ली जाएगी।
    विस्तारा : 27 अक्तूबर से सभी दिन दिल्ली से पौने तीन बजे आकर वापस दिल्ली 3:20 में जाएगी।
    विस्तारा : 27 अक्तूबर से सभी दिन बंगलूरू से 2:55 बजे आकर वापस 3.20 में बंगलूरू जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन दिल्ली से 3:20 आकर वापस दिल्ली 3:55 में जाएगी।
    अकाशा : 27 अक्तूबर से सभी दिन 3:40 मुंबई से आकर शाम 4:20 बंगलूरू जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन लखनऊ से 3:55 बजे आकर वापस साढे चार बजे लखनऊ जाएगी।
    एलायंस एयर : 27 अक्तूबर से सिर्फ शनिवार को दिल्ली से शाम साढ़े चार बजे आकर 4:55 बजे वापस दिल्ली जाएगी।
    एलायंस एयर : 28 अक्तूबर से सभी दिन दिल्ली से शाम साढे़ चार बजे आकर 4:55 बजे वापस दिल्ली जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन बंगलूरू से शाम पांच बजे आकर वापस 5:40 बजे बंगलूरू जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन शाम सवा छह बजे पुणे से आकर 6:50 बजे हैदराबाद जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन मुंबई से शाम छह बजे आकर वापस 6:35 बजे मुंबई जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन दिल्ली से 6:10 आकर वापस 6:45 बजे दिल्ली जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से सभी दिन जयपुर से शाम 7:10 बजे आकर वापस 7:30 बजे जयपुर जाएगी।
    इंडिगो : 27 अक्तूबर से दिल्ली से सभी दिन शाम सवा सात बजे आकर वापस 7:50 बजे दिल्ली जाएगी।

  • Kedarnath Dham: प्रतिदिन औसतन पहुंच रहे 10 हजार श्रद्धालु, धाम में बनी है रौनक

    Kedarnath Dham: प्रतिदिन औसतन पहुंच रहे 10 हजार श्रद्धालु, धाम में बनी है रौनक

    केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने में अब सिर्फ 12 दिन रह गए हैं। धाम में प्रतिदिन औसतन 10 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे केदारघाटी के बाजारों के साथ ही पैदल मार्ग और धाम में रौनक बनी है।

    केदारनाथ में इस माह के 22 दिनों में दो लाख 19 हजार 263 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मई, जून के बाद यह तीसरा मौका है, जब एक माह में इतने अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।

    अब धाम में दर्शनार्थियों की संख्या 14 लाख 60 हजार के पार हो गई है। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने में अब सिर्फ 12 दिन रह गए हैं। धाम में प्रतिदिन औसतन 10 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे केदारघाटी के बाजारों के साथ ही पैदल मार्ग और धाम में रौनक बनी है।

    साथ ही केदारनाथ में तड़के से देर रात्रि तक बाबा केदार के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश चंद्र गौड़ ने कहा, यात्रियों की संख्या को देखते हुए कपाट बंद होने तक धाम में दर्शनार्थियों का आंकड़ा 16 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है

  • तुंगनाथ मंदिर: चार नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे तृतीय केदार के कपाट

    तुंगनाथ मंदिर: चार नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे तृतीय केदार के कपाट

    तृतीय केदार तुंगनाथ की यात्रा इस वर्ष 10 मई को शुरू हुई थी। यहां अभी तक 1.20 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

    तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट आगामी चार नवंबर को बंद होंगे। भगवान तुंगनाथ की डोली सात नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर मर्कटेश्वर मंदिर में विराजमान होगी।

    श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि तृतीय केदार तुंगनाथ की यात्रा इस वर्ष 10 मई को शुरू हुई थी। यहां अभी तक 1.20 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि तृतीय केदार के कपाट शीतकाल के लिए आगामी चार नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे।

     

    इसी दिन भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी। पांच नवंबर को डोली चोपता से भनकुन गुफा पहुंचेंगी, जहां अगले दिन का विश्राम होगा।

    इसके बाद सात नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी। यहां पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद भगवान की भोगमूर्तियों को छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए मर्कटेश्वर मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कर दिया जाएगा।

  • चमोली: 100 वर्ष के बाद आयोजित हो रही देवरा यात्रा को लेकर भक्तों में उल्लास

    चमोली: 100 वर्ष के बाद आयोजित हो रही देवरा यात्रा को लेकर भक्तों में उल्लास

    100 वर्ष के बाद आयोजित हो रही चमोली-गोपेश्वर के सगर गांव की आराध्य मां राजराजेश्वरी चंडिका देवी की देवरा यात्रा पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची। स्थानीय लोगों ने देवरा यात्रा का भव्य स्वागत किया। साथ ही देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हुए अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। देवरा यात्रा के समिति पदाधिकारियों के अनुसार, इससे पूर्व 1924 में देवी की देवरा यात्रा हुई थी। इस बार 12 अक्तूबर को विजयदशी पर्व पर सगर गांव से मां राजराजेश्वरी चंडिका देवी की देवरा यात्रा गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर होते हुए चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के दर्शन के उपरांत 20 अक्तूबर रविवार को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंची

    देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि मां राजराजेश्वरी चंडिका देवी की देवरा यात्रा नौ माह तक चलेगी। इस दौरान यात्रा जनपद चमोली, रुद्रप्रयाग सहित अन्य कई जनपदों के गांवों का भ्रमण करेगी। बताया कि सगर के गांव के ग्रामीणों ने सकलेश्वर मंदिर में स्थित चंडिका मां की पूजा-अर्चना के साथ देवरा यात्रा शुरू की है। देवरा यात्रा के ब्रह्मगुरु व मुख्य पुजारी हरिबल्लभ सती ने बताया कि यह देवरा यात्रा विशेष यात्रा है, इसमें मां की डोली सगर गांव की ध्याणियों (विवाहिता बेटी व बहिनों) के ससुराल में जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछकर उन्हें आशीर्वाद देती है।

    यात्रा के सचिव सतेंद्र सिंह रावत का कहना है कि इस धार्मिक यात्रा को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। इस बार, यह देवरा यात्रा 100 वर्ष बाद आयोजित हो रही है। उन्होंने बताया कि नौ माह तक देवरा यात्रा पंचकेदार, पंचबदरी और पंच प्रयाग का भ्रमण करेगी।