Category: उत्तराखंड

  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगेंगी स्वास्थ्य चौपालः डॉ धन सिंह रावत

    प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगेंगी स्वास्थ्य चौपालः डॉ धन सिंह रावत

     

    आयुष्मान भवः अभियान के तहत होंगे स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न कार्यक्रम

    17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाया जायेगा सेवा पखवाड़ा

    स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयुष्मान भवः अभियान के तहत प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य चौपाल का आयोजन किया जायेगा। जिसमें आयुष्मान कार्ड, डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने के साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्रदान करने के लिये आयुष्मान सभाओं का आयोजन किया जायेगा।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देश पर प्रदेशभर में 17 सितम्बर से 31 दिसम्बर तक आयुष्मान भवः अभियान चलाया जायेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाडे़ का आयोजन किया जायेगा। जिसके तहत ग्रामीण एवं ंशहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के साथ-साथ अंग दान एवं रक्तदान के लिये पंजीकरण तथा स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया जायेगा। सेवा पखवाड प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में स्वैच्छिक रक्तदान हेतु ंएक लाख लोगों का पंजीकरण कराया जायेगा, जिसमें सभी सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी मौजूद रहेगी। डॉ. रावत ने बताया कि आयुष्मान भवः अभियान के तहत गांव एवं कस्बों में आयोजित स्वास्थ्य चौपाल में अधिक से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड एवं आभा कार्ड (डिजीटल हेल्थ आईडी) बनाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि शत-प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड व आभा कार्ड बनाये जाने पर ग्राम पंचायत तथा शहरी वार्ड को आयुष्मान ग्राम व आयुष्मान शहरी वार्ड का दर्जा प्रदान किया जायेगा। विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि अभियान के दौरान आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप जिला चिकित्सालयों में आयुष्मान मेलों का आयोजन कर आम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 10 संचारी रोगों की निः शुल्क जांच की जायेगी साथ ही इस अवसर पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया जायेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों, पंचायतों, शहरी वार्डों और निक्षय मित्रों को राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों में सम्मानित भी किया जायेगा। आयुष्मान भवः अभियान के सफल आयोजन के लिये विभागीय अधिकारियों को स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश के क्रम में सम्पूर्ण कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

     

  • स्वास्थ्य सचिव ने प्लेटलेट्स के उचित प्रबंधन के लिए आईएमए अध्यक्ष को लिखा पत्र

    स्वास्थ्य सचिव ने प्लेटलेट्स के उचित प्रबंधन के लिए आईएमए अध्यक्ष को लिखा पत्र

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने पत्र में लिखा – रैंडम डोनर प्लेटलेट (RDP) भी डेंगू रोगियों के लिए सुविधाजनकदे

    देहरादून। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने इन्डियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर डेंगू रोग के इलाज के लिए प्लेटलेट्स के समुचित प्रबंधन करने की बात कही है।

    स्वास्थ्य सचिव ने आईएमए अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि वर्तमान में उत्तराखंड राज्य के मैदानी क्षेत्रों में डेंगू रोग प्रसारित हो रहा है। डेंगू रोग विगत कुछ वर्षों से एक प्रमुख जन स्वास्थ्य समस्या के रूप में नजर आ रहा है।

    डेंगू रोग के अधिकांश मामले स्वतः ही मामूली लक्षणों के साथ ठीक हो जाते हैं। हालांकि, कुछ ही मामले गंभीर होते हैं जिनमें प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ती है।

    वर्तमान में यह देखा जा रहा है कि प्लेटलेट्स की आवश्यकता वाले डेंगू रोगियों में सिंगल डोनर प्लेटलेट (SOP) को लेकर अत्यधिक मांग है जिस कारण प्लेटलेट्स उपलब्धता पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है।

    आप विदित ही है कि रैंडम डोनर प्लेटलेट (RDP) भी डेंगू रोगियों के लिए उतना ही सुविधाजनक है एवं सुगमता से उपलब्ध हो जाता है तथा रोगियों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव भी नहीं पड़ता है। जिन मामलों में शीघ्र ही अधिक मात्रा में प्लेटलेट्स की आवश्यकता है उन मामलों में सिंगल डोनर प्लेटलेट (SDP) प्रिसक्राइब किया जाना उचित होगा।

    अतः आपसे अनुरोध है कि आप अपने स्तर से राजकीय एवं निजी चिकित्सकों को RDP एवं SDP हेतु आवश्यकता अनुसार उचित रूप से प्रिस्क्रिपशन देने के लिए प्रोत्साहित करने का कष्ट करें ताकि प्लेटलेट्स की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार के अनावश्यक दबाव को रोका जा सके।

    डेंगू रोगियों के उपचार के लिये प्लेटलेट्स के उचित प्रिस्क्रिप्शन तथा मानकानुसार उपचार के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय डेंगू रोग चिकित्सा उपचार दिशानिर्देश भी प्रेषित किये गए।

  • डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए : सीएम धामी

    डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए : सीएम धामी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सचिव मुख्यमंत्री/गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय को निर्देश दिये कि शीघ्र सचिव स्वास्थ्य एवं नगर निगम के अधिकारियों साथ बैठक कर डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि फॉगिंग की समुचित व्यवस्थाएं की जाए। अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्वच्छता का विषेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये हैं कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे क्षेत्रों में लगातार सतर्कता अभियान चलाया जाए।

  • शिक्षक दिवस पर विशेष- स्टूडेंट्स का करियर बनाने में जुटे हैं शिक्षक महेंद्र रौतेला

    शिक्षक दिवस पर विशेष- स्टूडेंट्स का करियर बनाने में जुटे हैं शिक्षक महेंद्र रौतेला

    पौड़ी। गढ़वाल के विकासखंड एकेश्वर के अंतर्गत राजकीय अटल उत्कृष्ट इंटरमीडिएट कॉलेज नौगांवखाल में कार्यरत जीव विज्ञान प्रवक्ता महेंद्र रौतेला के समर्पण व साधना से क्षेत्र के कई विधार्थियों का भविष्य संवर रहा है। महेंद्र रौतेला की इस विद्यालय लोक सेवा आयोग के माध्यम से जीव विज्ञान प्रवक्ता के रूप प्रथम नियुक्ति 2006 में हुई।

    इन 17 सालों के दौरान उन्होंने विद्यालय में नवाचारी शिक्षा, प्रयोगशाला की स्थिति को बेहतर बनाकर, बच्चों को रोजगारमूलक शिक्षा की तैयारी, विद्यालय में भूगोल विषय का अध्यापक का पद रिक्त होने पर छात्र -छात्रों को विषय को पढ़ाने के साथ -साथ विकासखंड विज्ञान समन्वयक रहते हुए उत्तर भारत स्तर, राज्य स्तर व जिला स्तर पर विशेष स्थान प्राप्त किया है।

    नवाचारी शिक्षा में छात्र -छात्राओं को गूगल मेट, पेनटैब के माध्यम से बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा देने के साथ -साथ रविवार व छुट्टी को अतिरिक्त कक्षायें चलाने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराते है।

    महेंद्र रौतेला ने बताया कि वो अध्यापन को ही अपनी साधना मानते है और उनका लक्ष्य पहाड़ी क्षेत्र के दुर्गम क्षेत्र के संसाधनविहीन बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देकर उनका भविष्य संवारना है। शिक्षक रौतेला गरीब बच्चों की फीस व किताबों की व्यवस्था अपनी जेब से करते है। स्कूल के समय के बाद भी उनके घर के दरवाजे विद्यार्थियों के लिए हर समय खुले रहते हैं। विज्ञान व अन्य विषयों में अपनी समस्या के समाधान हेतु विद्यार्थी उनके घर भी हर समय पहुँच जाते है।

    आज उनके द्वारा पढ़ाये गए चार छात्र -छात्राएँ फार्मेसी व छात्राएं नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे है। उन्हीं के निर्देशन में विज्ञान ड्रामा में उत्तराखण्ड राज्य को उत्तर- भारत स्तर पर द्वितीय स्थान मिला।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने डेंगू के बढ़ते मामले पर अधिकारियों को लगाई फटकार

    स्वास्थ्य मंत्री ने डेंगू के बढ़ते मामले पर अधिकारियों को लगाई फटकार

    जिलाधिकारी को दिये अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश

    कहा, जल्द राहत न मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

    देहरादून। लगातर बढ़ रहे डेंगू  के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने डेंगू के बढ़ते केसों पर नाराजगी जताते हुये अधिकारियों से शीघ्र इस पर नियंत्रण पाने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को कहा।  उन्होंने  जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलने के निर्देश दिए हैं। डॉ. रावत ने नगर निगम को शहर में फोगिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने डेंगू पर शीघ्र नियंत्रण न पाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई अमल में लाये जाने की बात कही।

    सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने देहरादून जिला मुख्यालय के ऋषिपर्णा सभागार  में डेंगू के बढते मामले की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु की जा रही कार्यवाही को लेकर समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने देहरादून जनपद में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मामलों पर अधिकारियों जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि अकेले देहरादून जनपद में डेंगू के केस सबसे ज्यादा सामने आए हैं। विभागीय मंत्री ने कहा कि जनपद में डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण को लेकर जिलाधिकारी को अधिकरियों कीजिम्मेदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि इसके बाद भी डेंगू के मामलों में नियंत्रण नहीं पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डॉ रावत ने बैठक में डेंगू पर नियंत्रण पाने के लिये आंगनबाड़ी, स्कूली बच्चों से लेकर

    आमजनमास में डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही डेंगू से बचाव हेतु 10 दिन के लिए माइक्रो प्लान बनाकर आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, एवं प्रधानाचार्य दून मेडिकल कालेज के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यों में सक्रियता बनाये रखने की हिदायत दी। कहा कि किसी भी प्रकार के रोगियों को असुविधा न हो इस बात को गंभीरता से लेना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों मेें उपलब्ध व्यवस्था एवं डेंगू से बचाव एवं जन जागरूकता हेतु सम्पादित कार्यों की प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चिकित्सालयों में लापरवाही बरतने तथा नियमित फॉगिंग न होने की शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी को व्यवस्था सुधारने को कहा।

    उन्होंने निर्देश दिए जनमानस को डेंगू के प्रति जागरूक किया जाए ताकि कोई अनावश्यक न घबराए (पैनिक न करे), इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को कांउसिलिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वाथ्य विभाग को प्रतिदिन हेल्थ बुलेटिन जारी करने के निर्देश दिए। माननीय स्वास्थ्य ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम एवं प्रशासन युद्धस्तर पर कार्यवाही करें, जिससे नये मामलें न बढें। मंत्री ने निर्देश दिए कि  स्कूलों एवं आंगबाड़ी केन्द्रों में प्रार्थना सभा बच्चों को जागरूक करें इसके लिए चिकित्सक/कांउसलर स्कूलों में भेजे जाएं, नगर निगम एवं नगर निकायों को सभी वार्डों में, जिला पंचायत विभाग एवं पंचायतीराज अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन फॉगिंग एवं जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए फॉगिंग चार्ट बनाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के माध्यम से सर्वे कराते हुए सोर्स रैडिक्शन को चिन्हित करते हुए लार्वा को नष्ट करने के निर्देश दिए।

    विभागीय मंत्री डॉ रावत ने  जिलाधिकारी एवं मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम को सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से प्रतिदिन राहत बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक/ मॉनिटिरिंग  करने के निर्देश दिए। उन्होेंने रक्तदान हेतु कैम्प आयोजित करते हुए जनमानस की भागीदारी बढाने तथा इस कार्य में एनजीओ का सहयोग लेने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि लोगों को रक्तदान करने हेतु प्रेरित हुए प्रत्येक वार्ड में पूर्व सूचना देकर रक्तदान करने हेतु अभियान चलाया जाए।  उन्होंने आईएमए के अधिकारियों को चिकित्सकों के साथ बैठक करने एवं कांउसलर बिठाने के भी निर्देश दिए।

    बैठक में मेयर नगर निगम देहरादून सुनील उनियाल गामा, सचिव स्वास्थ्य डॉ0 आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम मनुज गोयल, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ0 बिनीता शाह, प्रधानाध्यापक दून मेडिकल कालेज डॉ आशुतोष सयाना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजय जैन, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ शिखा जंगपांगी, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत सहित, बाल विकास, पंचायतीराज, जिला पंचायत, बाल विकास आदि सम्बन्धित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहभागी बनेंगे स्काउट्स एंड गाइड्सः डॉ. धन सिंह रावत

    राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहभागी बनेंगे स्काउट्स एंड गाइड्सः डॉ. धन सिंह रावत

    प्रादेशिक परिषद की विशेष बैठक में पारित हुये कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव

    मेडिकल शिक्षा से लेकर संस्कृत स्कूलों व मदरसों में भी खुलेगी इकाई

    प्रदेश में स्काउट्स एंड गाइड्स का दायरा बढ़ाया जायेगा। जिसके लिये संस्कृत विद्यालयों से लेकर विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा व मदरसों में भी स्काउट्स एवं गाइड्स की इकाईयों की स्थापना की जायेगी ताकि वर्ष 2025 तक प्रदेश में स्काउट्स एंड गाइड्स तथा रोवर रेंजर्स के रूप में एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया जा सके। स्काउट्स एंड गाइड्स अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ राष्ट्रीय कार्यक्रमों भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों वार्षिक कार्ययोजना तैयार करेंगे।

    भारत स्काउट्स एंड गाइड्स उत्तराखंड के प्रादेशिक अध्यक्ष एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आज देहरादून स्थित राज्य मुख्यालय में प्रादेशिक परिषद की विशेष बैठक आहूत की गई। जिसमें परिषद द्वारा स्काउट्स एंड गाइड्स को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में स्काउट्स एंड गाइड्स का दायरा बढ़ाया जायेगा, जिसके लिये विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा से लेकर संस्कृत विद्यालयों एवं मरदसों में स्काउट्स एंड गाइड्स की इकाईयां स्थापित की जायेंगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती बना रहा होगा तबतक प्रदेशभर में एक लाख से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स तथा रोवर रेंजर्स पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा स्काउट्स गाइड्स तथा रोवर रेंजर्स को समय-समय पर प्रदेशभर में चलाये जाने वाले नशा मुक्ति अभियान, रक्तदान एवं रक्तदाता पंजीकरण अभियान, सड़क सुरक्षा अभियान, नये मतदाता अभियान एवं साक्षरता आदि अभियानों से भी जोड़ा जायेगा ताकि सभी स्काउट्स गाइड्स अपने जीवन में पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ राष्ट्रीय दायित्वों का भी निर्वहन कर सकें। डा. रावत ने बताया कि उत्तराखंड आपदा के दृष्टिगत एक संवेदनशील प्रदेश है जिसको देखते हुये 10 हजार स्काउट्स गाइड्स तथा रोवर्स रेंजर्स को आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जायेगा ताकि आपदा के दौरान इन स्वयं सेवकों से आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सहयोग लिया जा सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि अप्रैल 2024 में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 11वीं एशिया-पैसेफिक रिजनल स्काउट लीडर्स समिट के अयोजन हेतु लगने वाली बिड़ में प्रतिभाग किया जायेगा यदि इस आयोजन का मौका उत्तराखंड को मिलता है तो यह राज्य के लिये बड़ी उपलब्धि होगी। बैठक में स्काउट गाइड के प्रादेशिक भवन निर्माण, वाहन एवं अन्य ढ़ाचागत सुविधाओं का प्रस्ताव आगामी वित्तीय वर्ष हेतु शासन को भेजे जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्काउट्स गाइड्स की गतिविधियों के संचालन के लिये वर्षिक कार्ययोजना तैयार की जायेगी ताकि प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में समयबद्धता व एकरूपता बनी रही।

    बैठक में प्रादेशिक मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एंड गाइड उत्तराखंड एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, प्रादेशिक आयुक्त वंदना गर्ब्याल, रघुनाथ लाल आर्य, राज्य सचिव आर.एम. काला, मुख्य आयुक्त डी.आर.एन. भारती, उपाध्यक्ष प्रो. ए.एस. उनियाल, डॉ. अनीता चमोला, डॉ. सांई किरन तोमर सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    बेहतर प्रदर्शन करने वाले यूनिट लीडर्स किये सम्मानित
    भारत स्काउट्स एंड गाइड्स उत्तराखंड के प्रादेशिक अध्यक्ष एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि जनवरी 2023 में राजस्थान में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय जम्बूरी में स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा सभी 16 प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया और नेशनल कमिशनर शील्ड प्राप्त की। इसी प्रकार उच्च शिक्षा के अंतर्गत महाविद्यालयों ने सामुहिक सामुदायिक कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति शील्ड प्रतियोगिता अपने नाम की। अंतराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले ओलिव अवार्ड में भी राज्य की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एशिया पैसिफिक क्षेत्र में देश व राज्य का नाम रोशन किया। इस अवसर पर डॉ. रावत ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्काउट्स एंड गाइड्स के विभिन्न जनपदों के यूनिट लीडर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

     

  • जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए उत्तराखंड का लाल

    जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए उत्तराखंड का लाल

    देहरादून। नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र निवासी भारतीय सेना के जवान दीपक पाण्डेय ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए है। जवान की शहादत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ रही है। दीपक पाण्डेय जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात थे।

    जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र के मल्ला गहना सुपाकोट निवासी दीपक पाण्डेय जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में शहीद हुए है। वह वर्ष 2017 में भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की बंगाल इंजीनियरिंग में भर्ती हुए थे। रविवार को सेना के अधिकारियों की ओर से शहीद दीपक के परिजनों को उनकी शहादत की जानकारी दी गई।

    बताया कि वह ड्यूटी के दौरान हादसे में शहीद हो गए हैं। शहीद दीपक अपने पीछे माता-पिता एवं छोटी बहन तथा बड़े भाई समेत पूरे परिवार को रोते बिलखते छोड़ गए हैं। वह स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत बतौर इलेक्ट्रिशियन सेना में भर्ती हुए थे। उनका पार्थिव शरीर आज शाम तक उनके पैतृक गांव पहुंच सकता है।

  • बड़ी खबर : भर्ती घोटाले का मास्टमाइंड  हाकम सिंह समेत तीन को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

    बड़ी खबर : भर्ती घोटाले का मास्टमाइंड हाकम सिंह समेत तीन को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

    देहरादून। उत्तराखण्ड के पेपर लीक मामले में एक साल से जेल में बंद हाकम सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गयी।विद्वान जज ए एस बोपन्ना और प्रशान्त कुमार मिश्रा ने बहस सुनने के बाद जमानत मंजूर की। सुप्रीम कोर्ट के वकील ऋतुपर्ण उनियाल ने बताया कि हाकम सिंह के साथ विपिन बिहारी और शशिकांत को भी जमानत मिली है।

    एक साल से जेल में बंद ये तीनों अब बाहर आ जाएंगे। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई बहस में राज्य सरकार ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ये लोग केस को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। जबकि हाकम सिंह के वकील ने कहा कि ट्रायल में देरी और एक साल तक जेल में रखा गया। लिहाजा, जमानत की कोर्ट से अपील की गई।

    दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाकम सिंह समेत तीन को जमानत दे दी। बीते साल हाकम सिंह को थाईलैंड से लौटने के बाद उत्तरकाशी जिले से गिरफ्तार किया गया था। इस भर्ती घोटाले में एसटीएफ 80 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी।

    हाकम सिंह के कई बड़े नेताओं और अधिकारियों से करीब के रिश्ते रहे। भाजपा से जिला पंचायत सदस्य बने हाकम सिंह के उत्तरकाशी जिले में स्थित रिसॉर्ट भी तोड़ दिए गए थे।

  • उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी

    उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी

    उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी, कुछ का वेतन रोका शासन ने विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष और बिना पद स्वीकृति के आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मामले में विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं।

    उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 25 हजार से अधिक कर्मचारियों में से सात हजार कर्मचारियों को हटाए जाने की तैयारी है।

    कुछ कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। वन और अन्य विभागों की ओर से सफाई, सुरक्षा, बागवानी सहित विभिन्न कार्यों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।शासन ने विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष और बिना पद स्वीकृति के आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मामले में विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से जारी आदेश के बाद वन विभाग की ओर से कुछ कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

    जबकि समस्त आहरण वितरण अधिकारियों से कर्मचारियों का वेतन भुगतान संबंधी ब्योरा तलब किया गया है। इसी तरह अन्य विभागों की ओर से भी उपनल कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।आदेश में कहा गया है कि मानक मद आठ के तहत संविदा, अनुबंध या बाह्य सेवा प्रदाता एजेंसी जैसे उपनल, पीआरडी के माध्यम से स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत कर्मचारियों को ही पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था है। जबकि मानक मद 27 के तहत स्वीकृत पदों के सापेक्ष आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों को पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था नहीं है। इस मद से केवल सफाई व्यवस्था, सुरक्षा या बागवानी संबंधी सेवाओं के लिए भुगतान किया जाएगा।

    आदेश में कहा गया है व्यवस्था के विपरीत कुछ विभागों की ओर से व्यय का गलत वर्गीकरण किया जा रहा है। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न विभागों में बिना स्वीकृत पद के बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। इस आदेश के बाद वन विभाग ने 250 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। इस आदेश से विभिन्न विभागों में उपनल के सात हजार से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो रही हैं। जिसमें अधिकतर कर्मचारी वन विभाग, राज्य कर, कृषि, ग्राम्य विकास एवं स्वास्थ्य विभाग से हैं।

    जीएस पांडे अपर प्रमुख वन संरक्षक नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन ने बताया कि उपनल के माध्यम से वन विभाग में पद के सापेक्ष एवं विपरीत काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सूचना मांगी गई है। कुछ कर्मचारियों का वेतन रुका है। ट्रैजरी ने कहा है कि कितने कर्मचारी पद के सापेक्ष हैं इसका प्रमाण दें तभी वेतन मिलेगा। सभी कर्मचारियों की सूचना मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।

    ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि.), प्रबंध निदेशक, उपनल ने बताया कि वन एवं कुछ अन्य विभाग उपनल से कर्मचारियों को रख लेते हैं फिर बाद में बजट न होने की बात कहकर उन्हें हटा देते हैं, जो ठीक नहीं है। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश अभी मुझे नहीं मिला, हालांकि इसके बारे में मुझे किसी से सूचना मिली है।

  • गांधी शताब्दी अस्पताल में  होगा शुरू  100 बैड का डेंगू वार्ड

    गांधी शताब्दी अस्पताल में होगा शुरू 100 बैड का डेंगू वार्ड

    ब्लड बैंक की भी होगी स्थापना- डॉ आर राजेश कुमार

    स्वास्थ्य सचिव ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को फटकार

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अपील, मैने भी किया आप भी करें डेंगू पीड़ितों के लिए स्वैच्छिक रक्तदान

     

    देहरादून। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने ग्रांउड जीरो पर जाकर अस्पतालों जे हालातों का जायजा लिया। रविवार को छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य सचिव ने कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी के बंद हाने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पैथोलॉजी को व्यवस्थित तरीके से प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रात्रि 8 बजे तक मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट ली जाये।

    वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं को लेकर भी बात की। इलाज को लेकर मरीजों की विभिन्न शिकायत पर उन्होंने संबधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य सचिव में औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन, सहायक निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ मंयक बडोला, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ महेन्द्र पंत, डॉ अजय नागरकर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना मौजूद रहे।

    गांधी अस्पताल में शुरू होगा 100 बैड का डेंगू वार्ड
    इसके बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का काफिला गंाधी अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के पाया कि यहां लगभग 100 बैड का डेंगू वार्ड शुरू किया जा सकता है। जिसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 24 घंटे में गांधी शताब्दी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डेंगू वार्ड शुरू किया जाये। स्वास्थ्य सचिव ने गांधी अस्पताल में खुल ब्लड स्टोरेज सेंटर को पूर्णकालिक ब्लड बैंक में तब्दील करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि मरीजों को रक्त की कमी न हो।

    कंट्रोल रूम का 104 के साथ होगा समन्वय
    कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के बाद स्वास्थ्य सचिव अपनी टीम के साथ सहस्रधारा आईटीडीए में स्थापित डेंगू कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा राज्य के सभी जिलों से सूचाओं को आदना प्रदान हो सके इसकेक लिए डेंगू कंट्रोल रूम और 104 सेवा का आपसी समन्वय होगा। जिसके बाद राज्य में डेंगू मरीजों के प्रतिदिन का आंकड़ा जारी किया जायेगा। हम सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिले इस पर कार्य कर रहे हैं।

    फागिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्दश
    स्वास्थ्य सचिव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्दश दिये कि फोगिंग को पहले की अपेक्षा और अधिक प्रभावी बनाया जाये। नोटिफिएड इलाकों में बार-बार फोगिंग की जाये। इसके साथ ही घरों में डेंगू का लार्वा जमा न हो इसको लेकर जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाये।

    अधिक पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
    राज्य में डेंगू मरीजों को समुचित इलाज मिले इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव राज्य के सभी अस्पतालों से लगातार फीड बैक ले रहे हैं। अस्पतालों में दवाईयों व अन्य किसी प्रकार के उपकरणों की कोई कमी न हो इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी के साथ निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। डेंगू मरीजों को आयुष्मान के तहत इलाज न देने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

    ई-रक्तकोश पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश
    स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए कहा हर दिन सुबह शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डेटा एकत्र किया जायेगा। इसके होने से अगले दिन हमें रक्त की पूरी जानकारी मिल जायेगी। कितनी कमी है किस ब्लड ग्रुप के रक्त की ज्यादा डिमांड है। उसके अनुरूम हमें व्यवस्थाओं को बनाने में मदद मिलेगी।

    डेंगू पीड़ितों के लिए करें रक्तदान
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं।ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा उन्होंने खुद एक मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पूर्व रक्तदान किया था। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें।