Category: उत्तराखंड

  • खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत

    खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत

    चमोली। कर्णप्रयाग -गैरसैण मार्ग पर एक वाहन आदि बद्री के निकट खाई में उतर गया। दुर्घटना में 44 साल के युवक की मृत्यु हो गयी। SDRF रेस्क्यू टीम में उप-निरीक्षक मनमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने खाई में उतरकर घायल व्यक्ति को बाहर निकाला। जिसकी बाद में मृत्यु हो गयी।

    गौरतलब है कि वाहन चालक कर्णप्रयाग से गैरसैंण मार्ग पर जा रहा था। अचानक आदि बद्री मार्ग पर वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा।

    वाहन संख्या :- UK07TB5679

    मृतक का नाम :- बीरेंद्र सिंह रावत, उम्र 44 वर्ष

    निवासी :- ग्राम गैरसैंण, चमोली।

  • धामी सरकार दे सकती हैं उपनल कर्मियों क़ो बड़ा तोहफा

    धामी सरकार दे सकती हैं उपनल कर्मियों क़ो बड़ा तोहफा

    देहरादून।  उपनल कर्मचारी के मानदेय में एक और बढोतरी हो सकती है सरकार के निर्देश पर उपनल प्रबंधन ने वर्तमान मानदेय मे 10 प्रतिशत तक बढोतरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। अकुशल से अधिकारी स्तर तक पांचों श्रेणियों में 10 प्रतिशत वृद्धि से हर साल 40.62 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा। उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि) ने प्रस्ताव भेजने की पुष्टि की।दरअसल उपनल कर्मियों के मानदेय में 21 अगस्त 2020 को 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि की गई थी। उसके बाद अगले साल 21 अक्टूबर 2021 को त्रैमासिक प्रोत्साहन राशि को सेवा अवधि के अनुसार दोगुने तक बढ़ाया गया है। इसमें 10 फीसदी वृद्धि का स्लैबवार ब्योरा दिया गया है। इस पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होगा। ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि ) एमडी उपनल साल से कम सेवा वाले कार्मिकों को 2800 के बजाए 4800 और 10 साल से अधिक सेवा पूरी कर चुके कार्मिकों को 2800 के बजाए 5800 रुपये कर दिया गया था। यह प्रोत्साहन राशि सामान्य मानदेय से अलग दी जा रही है।

  • सीएम धामी ने किया उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का लोगो और वेबसाइट लांच

    सीएम धामी ने किया उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का लोगो और वेबसाइट लांच

    दिसंबर मे देहरादून में होगा उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट

    2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य: सीएम

    राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच किया। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच करते हुए कहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में सुधार भी किये हैं और नई नीतियों को भी लागू किया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिये 27 नीतियां प्रख्यापित की गई हैं। राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट देहरादून में दिसम्बर माह में होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं।

    उद्योग जगत से लगातार संवाद कर रही सरकार

    उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाईट के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार सम्पर्क में है। इसी क्रम में 17 अगस्त को देहरादून में और 21 अगस्त को दिल्ली में प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद किया गया। उद्योग जगत से मिल रहे सुझावों को बहुत ही प्रमुखता से लिया गया है। उसी आधार पर एमएसएमई नीति, सेवा क्षेत्र नीति, लॉजिस्टिक नीति, सोलर नीति, आदि में सुधार किया गया है।

    पीस डेस्टिनेशन के साथ इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना उत्तराखंड

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और

    निवेश के अनुकूल बने माहौल से उद्योगपतियों में बहुत उत्साह है। देवभूमि उत्तराखण्ड में सदियों से लोग शांति के लिए आते रहे हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, अब निवेशक भी यहां आने के लिये उत्साहित हैं। शांति और पर्यटन के डेस्टीनेशन के साथ ही उत्तराखण्ड प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन भी बना है। देश विदेश के लोग यहां से जुड़ना चाहते हैं। यहां के प्राकृतिक वातावरण, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश अनुकूल नीतियों, राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखण्ड निवेश के लिये प्रमुख केंद्र बन रहा है। ईज आफॅ डूंईंग बिजनेस में उत्तराखण्ड एचीवर्स श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यो प्रथम स्थान पर जबकि सम्पूर्ण देश में 9 वें स्थान पर है।

    इंवेस्टमेंट सम्मिट पूरे उत्तराखंड का

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखण्ड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है। इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं। वस्तुतः यह समिट उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों का है। राज्य में निवेश से रोजगार सृजन होगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी और देश के विकास में उत्तराखण्ड प्रभावी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए बहुत से सुधार किये गये हैं। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आए इसके लिये हम ठोस तरीके से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने बाबा केदार की भूमि से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इन्वेस्टर्स समिट इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

    मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधु ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो में उत्तराखण्ड की विशिष्टताओं को प्रदर्शित किया गया है।

    किया गया है। पहले लोग यहां शांति के लिए आते थे, अब पर्यटन और निवेश के लिये आ रहे हैं। पर्यटन, योग, वैलनेस, सर्विस सेक्टर, कृषि और हॉर्टीकल्चर पर राज्य सरकार फोकस कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिये निवेश महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों की क्वालिटी ऑफ लाईफ में सुधार करने का प्रयास कर रही है। कृषि और हॉर्टीकल्चर को प्रमुखता दी जा रही है। प्रदेश की जीडीपी में 40 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिये भी नई नीति बनाई गई है।

    अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने स्वागत सम्बोधन और सचिव विनय शंकर पाण्डे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    विशेषः

    डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड- ग्लोबल समिट 2023 का लोगो राज्य की भावनाओं का प्रतिबिम्ब है। लोगो में दो पर्वत श्रृंखलाएं निरंतरता के साथ प्रगति के परिचायक तीर का सृजन करता है, जो न केवल असीमित प्रगति का प्रतीक है, बल्कि विकास और सतत विकास की निरंतरता का द्योतक है। दोनों पर्वत श्रृंखलाएं दो महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रदर्शित करती है- उत्तराखण्ड के प्रकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल श्रम शक्ति की अनवरत श्रृंखला।

    लोगो में हरा रंग राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता और प्रकृति के साथ सामन्जस्य का प्रतीक है। नीला रंग अवसरों, आकांक्षाओं और नये विचारों के लिये असीमित आकाश का प्रतिनिधित्व करता है।

    समिट की टैग लाईन पीस टू प्रोस्पेरिटी है

    निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति के लिये राज्य में ऑनलाईन सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in बनाई गई है।

  • सीएम धामी ने  उत्तराखण्ड  राज्य आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    सीएम धामी ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    राज्य आन्दोलन के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मसूरी में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोनकारियों ने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी, उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मसूरी शहीद स्थल पर शेड का निर्माण किया जायेगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हित प्रमाण पत्र बनाने के लिए 06 माह का अतिरिक्त समय दिया गया था। बहुत जिलों में इस पर कार्य हुआ। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की गई है कि इसका दुबारा आंकलन कर व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाय। जनपद देहरादून में चिन्ह्ति सभी 4164 राज्य आन्दोलनकारियों को पहचान पत्र निर्गत किये गये है। राज्य आन्दोलनकारियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। राज्य आन्दोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा सुविधा प्रदान की गयी है। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन सुविधा प्रदान की गई है। शहीद आन्दोलनकारी के पिता को और पिता के जीवित न होने पर माता को और आश्रित को प्रतिमाह पंेशन की सुविधा प्रदान की गयी है। राज्य आन्दोलन के दौरान 172 घायल राज्य आन्दोलनकारियों को 06 हजार रूपये प्रतिमाह तथा 2414 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों को 4500 रूपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। 06 घायल एवं 26 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को भीप्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 सितम्बर 1994 में मसूरी गोलीकांड की घटना हमेशा हमारे स्मरण में रहेगी। पुलिस की तानाशाही एवं हटधर्मिता को सबने देखा, जो उस समय की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से करवाया। इस गोलीकाण्ड में हमारे 06 आन्दोलनकारी शहीद हो गये और दर्जनों घायल हो गये। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में हमारी मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों को पूरा करने के लिए हम सबको प्रदेश के विकास में मिलकर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं सड़कों का नाम संबंधित क्षेत्रों के शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका परिषद् के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मसूरी नगर पालिका परिषद् के पूर्व अध्यक्ष मन्नू मल, सिद्धार्थ अग्रवाल, मोहन पेटवाल आदि मौजूद थे।

  • जिलाधिकारी उत्तरकाशी को  महाराज ने दिए शीघ्र वेतन भुगतान के निर्देश

    जिलाधिकारी उत्तरकाशी को महाराज ने दिए शीघ्र वेतन भुगतान के निर्देश

    देहरादून। जिला पंचायत उत्तरकाशी में कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य निर्माण कार्यों के भुगतान न होने पर पंचायत मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि उक्त भुगतान जिला पंचायत स्तर पर लम्बित हैं। पंचायत मंत्री महाराज ने कहा कि उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर प्रमाणित न करने के कारण कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।

    उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को निर्देशित करते हुए तत्काल अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर प्रमाणित करवा कर कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य निर्माण कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को शीघ्रता से आगे बढ़ाना को कहा है।

  • उच्च शिक्षा में अवस्थापन विकास के लिये 159 करोड़ स्वीकृत

    उच्च शिक्षा में अवस्थापन विकास के लिये 159 करोड़ स्वीकृत

    आधुनिक आईटी लैब व छात्रावास से लैस होंगे मॉडल कॉलेज

    6 महाविद्यालयों में कला व विज्ञान संकाय के बनेंगे पीजी ब्लॉक

    सूबे में उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिये राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 20 राजकीय महाविद्यालयों का कायाकल्प कर उन्हें शोध आधारित मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित किया जायेगा। इसी प्रकार 6 राजकीय महाविद्यालयों में कला व विज्ञान संकाय के लिये नये पीजी ब्लॉक बनाये जायेंगे। इसके लिये राज्य सरकार ने रूपये 159 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर दी है।

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शोध आधारित मॉडल कॉलेज विकसित करने में जुटी है। इसके लिये प्रदेश के 20 राजकीय महाविद्यालयों का चयन कर उनमें आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिये रूपये 129 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसी तरह राज्य के 6 राजकीय महाविद्यालयों में कला एवं विज्ञान संकाय के पृथक पीजी ब्लॉकों के निर्माण के लिये रूपये 30 करोड़ मंजूर कर कुल 159 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर दी है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत धनराशि से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रूद्रपुर, काशीपुर, चम्पावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, रानीखेत, कोटद्वार, नरेन्द्रनगर, नई टिहरी, उत्तरकाशी, थलीसैंण, गैरसैंण, लक्सर, गोपेश्वर, डाकपत्थर, रायपुर, अगस्त्यमुनि सहित कुमाऊं विश्वविद्यालय का डीबीएस परिसर तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में जरूरी संसाधन जुटाकर मॉडल कॉलेज बनाये जायेंगे। इन महाविद्यालयों में महिला एवं पुरूष छात्रावास सहित अति आधुनिक आई.टी. लैब तथा ई-लर्निंग कक्षों का निर्माण किया जायेगा। डॉ. रावत ने बताया कि महिला व पुरूष छात्रावासों में तमाम सुविधाओं के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किये जायेंगे। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिये पार्किंग, डाईनिंग हाल, किचन, दिव्यांग कक्ष एवं रैम्प तथा वार्डन ऑफिस भी बनाये जायेंगे। विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश के 6 राजकीय महाविद्यालयों राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्याल्दे, बेरीनाग एवं कपकोट में कला संकाय भवन तथा राजकीय महाविद्यालय टनकपुर, थत्युड एवं सोमेश्वर में विज्ञान संकाय के भवनों का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मॉडल कॉलेजों एवं पीजी कॉलेजों में निर्माण कार्यों को शीघ्र शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं ताकि तय समय निर्माण कार्यों को पूरा किया जा सके और छात्र-छात्राओं का इसका लाभ मिल सके।

    राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के लिये रूपये 159 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। जिसके तहत प्रदेश के 20 मॉडल कॉलेजों में अति आधुनिक आईटी लैब एवं छात्रावास का निर्माण किया जायेगा जबकि 6 राजकीय महाविद्यालयों में कला एवं विज्ञान संकाय के लिये भवन बनाये जायेंगे। हमारा ध्येय प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता, रोजगार एवं शोधपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है- डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

     

  • हरिद्वार सांसद डॉ निशंक ने किया  स्पीक मैके के स्टेट कन्वेंशन का शुभारंभ

    हरिद्वार सांसद डॉ निशंक ने किया स्पीक मैके के स्टेट कन्वेंशन का शुभारंभ

    देहरादून । स्पीक मैके देहरादून संभाग द्वारा आयोजित राजपुर रोड़ स्थित स्पीक मैके के राज्य स्तरीय कन्वेंशन में डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने बतौर मुख्य अतिथि सिरकत की ,उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों से आये छात्र छात्राओं ने कार्यक्रम में अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया ,निशंक ने कहा कि नयी शिक्षा नीति 2020 छात्र छात्राओ को हर क्षेत्र में श्रेष्ठ और शीर्ष पर पहुँचने के तमाम अवसर प्रदान करती है ,नयी शिक्षा नीति में वह सभी प्रावधान हैं जिसमें छात्र अपनी इच्छा अनुसार अपनी शिक्षा और जीवन की उड़ान का रास्ता तय कर सकता है , कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति ने छात्र छात्राओ सहित हॉल में उपस्थित हर एक दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया

    निशंक ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, कार्यक्रम में स्पीक मैके के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर० एम० तिवारी ,यूनिसन् स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ० मोना खन्ना स्पीक मैके की उत्तराखण्ड चैपटर की अध्य्क्ष रूपी मेंहद्रू , विद्या श्रीनिवासन सहित कई स्कूलो शिक्षक और छात्र मौजूद थे ।

  • धामी कैबिनेट की बैठक में ये हुए फैसले

    धामी कैबिनेट की बैठक में ये हुए फैसले

    कैबिनेट मीटिग ख़त्म 20 से अधिक प्रस्तावों पर लगी मुहर

    विधानसभा सेशन में आएगा सप्लीमेंट्री बजट रीब 11 हजार करोड़ का होगा बजट

    राज्य आंदोलनकारियों की मुराद भी हुई पूरी आंदोलन कारी और उनके एक आश्रित को मिलेगा आरक्षणसरकारी नौकरी में 10 फीसदी मिलेगा क्षैतिज आरक्षण

    संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को भी मिला तोहफाचाइल्ड केयर लीव की मिलेगी सुविध

  • 5 सितम्बर से आरम्भ होगा उत्तराखण्ड विधानसभा का सत्र

    5 सितम्बर से आरम्भ होगा उत्तराखण्ड विधानसभा का सत्र

    देहरादून। 5 सितंबर से शुरू हो रहे पंचम विधानसभा के मानसून सत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज विधान सभा भवन में शासन, पुलिस प्रशासन एवं विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विधानसभा सचिवालय और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्र के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को भी जल्द पूरा करने को कहा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने बैठक में समय पर ना पहुंचने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई और अनुपस्थित अधिकारियों से जवाब तलप करने को कहा।

    विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सत्र के दौरान आम जनमानस को यातायात से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या ना हो एवं यातायात रूट डायवर्ट के संबंध में पहले से ही मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दर्शक दीर्घा हेतु माननीय सदस्यों की संस्तुति पर एक प्रवेश पत्र तथा मंत्रियो की संस्तुति पर दो प्रवेश पत्र ही जारी की जायेंगे। मीडिया को सदन की कार्यवाही के लिए पत्रकार दीर्घा के प्रवेश पत्र सूचना विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। विधानसभा सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग एवं वेबकास्टिंग सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा की जाएगी। विधायकों एवं मंत्रियों के वाहन ही परिसर में पार्क किए जाएंगे एवं अन्य सभी वाहन सत्र के दौरान चिन्हित स्थानों पर ही पार्क किए जाएंगे। पुलिस प्रशासन द्वारा वाहन चालकों हेतु पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। सत्र के दौरान अग्निशमन दल के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा विभाग आवश्यक चिकित्सा दल, दवाइयां एवं एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल एवं सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। गैर सरकारी व्यक्तियों का विधानसभा परिसर में प्रवेश मान्य नहीं होगा।

     

    विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि अभी तक विधानसभा के पास माननीय सदस्यों के कुल 614 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों को सत्र शांतिपूर्वक एवं सुचारु रुप से चलाए जाने के लिए सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार का व्यवस्थाओं में व्यवधान ना हो इसके लिए अधिकारी चौक चौबंद व्यवस्था बनाकर रखें एवं किसी भी प्रकार की शिकायत का मौका ना दें। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी को आपसी समन्वय के साथ सत्र को सुचारू रूप से चलाना है जिससे कि सत्र के दौरान जनमानस एवं उत्तराखंड के विकास से संबंधित विषयों पर सदन में चिंतन मंथन हो सके। इस दौरान अधिकारियों ने भी विधानसभा अध्यक्ष को सत्र शांतिपूर्वक चलाए जाने के लिए अपने पूर्ण सहयोग की बात कही।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, रावत,महानिदेशक सूचना बंसीधर तिवारी, आईजी गढ़वाल के एस नगन्याल, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे,स्वास्थ्य सचिव आर राजकुमार,सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन,जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, डीजी हेल्थ विनिता शाह, डीआईजी/एसएसपी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, विधानसभा सचिव एस एम डी दानिश, उप,संयुक्त सचिव विधानसभा सीएम गोस्वामी,उप सचिव विधानसभा नरेंद्र रावत , उपसचिव हेम पंत ,सुरक्षाधिकारी प्रदीप गुणवंत आदि आधिकारी मौजूद थे।

  • उत्तराखंड कैडर के 6 सीनियर पीसीएस अफसर बने IAS देखिए LIST

    उत्तराखंड कैडर के 6 सीनियर पीसीएस अफसर बने IAS देखिए LIST

    देखें सूची, केंद्र सरकार ने जारी किए आदेश

     

    देहरादून। उत्तराखंड पीसीएस कैडर के 6 अधिकारियों को आईएएस कैडर मिल गया। केंद्र सरकार में अंडर सेक्रेटरी पंकज कुमार ने शुक्रवार को इस आशय के आदेश जारी।किए।

    पीसीएस अधिकारी रवनीत चीमा, विनोद गिरी गोस्वामी, प्रशांत आर्य, दीप्ति सिंह, आशीष भटगई व प्रकाश चन्द्र को आईएएस कैडर मिला

    NOTIFICATION

    No…………. In exercise of the powers conferred by Rule 8(1) of the Indian Administrative Service (Recruitment) Rules, 1954 read with Regulation 9(1) of the Indian Administrative Service (Appointment by Promotion) Regulations, 1955 and Rule 3 of the Indian Administrative Service (Probation) Rules, 1954, the President is pleased to appoint the following members of the State Civil Service of Uttarakhand to the Indian Administrative Service against the vacancies determined by Government of India under Regulation 5(1) of the said Regulations in consultation with the State Government for the Select List of 2021 on probation until further orders and to allocate them to the Uttarakhand Cadre, under Rule 5(1) of the Indian Administrative Service (Cadre) Rules, 1954:-