Category: उत्तराखंड

  • राज्य सरकार पीएम-उषा में भेजेगी 585 करोड़ के प्रस्तावः डॉ. धन सिंह रावत

    राज्य सरकार पीएम-उषा में भेजेगी 585 करोड़ के प्रस्तावः डॉ. धन सिंह रावत

    केन्द्र व राज्य सरकार के बीच पीएम उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत हुआ अनुबंध

    पांच कम्पोनेंट के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों का होगा कायाकल्प

    प्रदेश में उच्च शिक्षा के कायाकल्प के लिये राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के साथ हाल ही में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के अंतर्गत पांच कम्पोनेंट के क्रियान्वयन को लेकर अनुबंध किया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ढ़ांचागत संसाधनों का विकास, छात्रों के कौशल आधारित शिक्षा, प्रौद्योगिकी का उपयोग, नैक में सुधार के लिये गुणवत्ता को बढ़ावा देना, ई-लर्निंग एवं वर्चुअल लर्निंग के आउट पुट पर नजर रखने सहित अनेक कार्य किये जायेंगे। इसके लिये राज्य सरकार शीघ्र ही भारत सरकार को 585 करोड़ का प्रस्ताव भेजेगी।

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पीएम-उषा योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) योजना को राज्य में लागू करने के लिये हाल ही में राज्य सरकार व केन्द्र सरकार के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किये गये हैं। जिसके तहत उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को लगभग रूपये 585 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किये गये हैं। इन प्रस्तावों पर आने वाले लागत का 90 फीसदी धनराशि केन्द्र सरकार व 10 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी। पीएम-उषा योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा पांच कम्पोनेंट के अंतर्गत ही धनराशि स्वीकृत की जायेगी जिनमें मेरू रूपानंतरण, मॉडल कॉलेज, विश्वविद्यालयों का संवर्द्धन, सुदूर एवं आकांक्षी क्षेत्रों पर फोकस, लैंगिक समावेशन और समानता के लिये समर्थन शामिल है। पीएम उषा योजना के तहत किये गये अनुबंध के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक विश्वविद्यालय को मेरू रूपानंतरण के तहत 100 करोड़, विश्वविद्यालय संवर्द्धन 20 करोड़, मॉडल महाविद्यालय हेतु 15 करोड़, लैंगिक समावेशन और समानता के लिये 10 करोड़ तथा सुदूर एवं आकांक्षी क्षेत्रों पर फोकस के लिये 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की भौगोलिक परिस्थितियों, उपलब्ध भूमि एवं सांसाधनों की उपलब्धता के आधार पर लगभग 585 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किये गये हैं जिनको शीघ्र ही भारत सरकार को भेजा जायेगा। इस योजना के अंतर्गत जो भी धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत की जायेगी उसको अनुबंध की शर्तों के तहत वर्ष 2026 तक व्यय करना अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने उम्मीद जताई की पीएम-उषा के अंतर्गत करोड़ की धनराशि मिलने से प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की दशा व दिशा सुधारने में मदद मिलेगी।

    बैठक में रूसा सलाहकार प्रो.एम.एस.एम. रावत, राज्य नोडल अधिकारी रूसा एवं अपर निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. ए.एस. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ऋषिकेश में जल भराव वाले क्षेत्र का डीएम ने किया दौरा

    ऋषिकेश में जल भराव वाले क्षेत्र का डीएम ने किया दौरा

    कीटनाशकों के छिड़काव के दिये निर्देश

    देहरादून। जिलाधिकारी  सोनिका ने ऋषिकेश में जल भराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पानी की निकासी करने के साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि युद्धस्तर  पर राहत कार्य सम्पादित किये जाएं काार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

    जिलाधिकारी ने ऋषिकेश के हनुमंतपुर गंगा विहार, आमबाग, गुमानीवाला के जलभराव क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग एवं लोनिवि के अधिकारियों को जल निकासी हेतु पानी को चौनलाइज करने तथा नगर निगम को सफाई के साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव करने के निर्देश दिए।   ऋषिकेश आमवाला क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने हेतु त्वरित कार्यवाही करने तथा नाले का पानी रिहासी क्षेत्र में न आए इसके लिए चैनलाईज करने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी के निकासी के साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव, फॉगिंग कराने के भी निर्देश दिए।

    उन्होंने जलभराव से निजात दिलाने के लिए स्थाई समाधान करने के निर्देश दिए तथा फौरी  राहत के तौर पर क्षेत्र से जल निकासी करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश एवं उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए युद्धस्तर पर कार्य  करने के निर्देश दिए।

    अमावाला, गुमानीवाला में निरीक्षण के दौरान लोंगो ने जिलाधिकारी को बताया कि क्षेत्र में नहरों एवं नालों को पाट दिया गया है, जिस कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की नदी नालों पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित करने, नदी नालों के पुराने रूटों एवं नालों को पाटकर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित करने तथा अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त ऋषिकेश एवं उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आपसी समन्वय करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश राहुल गोयल, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  सिंचाई, लोनिवि, राजस्व, आदि संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दें उद्यमी-सीएम

    श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दें उद्यमी-सीएम

    कोटद्वार व खटीमा में ईएसआई हॉस्पिटल खुलेंगे, केंद्र राजी-सीएम

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में उद्यमियों से बेहतर सम्बन्ध तथा श्रमिकों का उनके हित में संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिये जाने पर ध्यान देने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों एवं श्रमिकों के अच्छे संबंधों से राज्य में औद्योगिक वातावरण के सृजन तथा व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने श्रम सहिंताओं के व्यवहारिक क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड@25 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए श्रम विभाग द्वारा तैयार की गई अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा करते हुए व्यापार के सरलीकरण हेतु अनावश्यक रूप से निरीक्षण की व्यवस्था को कम करने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कार्य करने वालो को पूरा संरक्षण दिया जाए।

    26,36,240 है। योजना 06 जनपदों में 34 औषधालयों के माध्यम से प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है जबकि 64 अनुबन्धित चिकित्सालयों डायग्नोस्टिक पैथॉलोजी सेन्टर के द्वारा बीमांकित व उनके आश्रितों का नगद रहित चिकित्सा उपचार की व्यवस्था है। प्रदेश में ई-श्रम पोर्टल आरम्भ किया गया है तथा राज्य में 31,50,240 कामगारों के पंजीकरण का लक्ष्य है। जबकि राज्य में दिनांक 22 अगस्त, 2023 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कामगारों की संख्या 29,89,969 है।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव  राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्रमायुक्त  दीप्ति सिंह, अपर श्रमायुक्त अनिल पेटवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • चंद्रयान 3 की सफलता पर सीएम धामी ने  पीएम मोदी व वैज्ञानिकों को दी बधाई

    चंद्रयान 3 की सफलता पर सीएम धामी ने पीएम मोदी व वैज्ञानिकों को दी बधाई

    सचिवालय में छात्रों के साथ देखा लाइव प्रसारण

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में शासन के उच्चाधिकारियों, विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों व स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक सफल लैंडिंग का सजीव प्रसारण को देखा। सभी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्बोधन सुना व देखा। मुख्यमंत्री ने भारत की इस ऐतिहासिक सफलता के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, इसरो की टीम, वैज्ञानिकों व देश-प्रदेश की जनता को बधाई व शुभकामनाएं भी दी।

    कार्यक्रम में उपस्थित राजीव गांधी आवासीय नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा, रायपुर तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय, बनियावाला के छात्रों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंद्रयान-3 की चन्द्रमा पर सफल लैंडिंग के साथ आज भारत विश्व का पहला देश बन गया है जिसके हम सभी साथी बने है। आज भारत दुनिया के हर क्षेत्र में नंबर एक बनने की दिशा में अग्रसर है। एक समय हमारे देश को सपेरो का देश कहा जाता था आज विज्ञान के क्षेत्र में देश नंबर 01 बना है। देश आज 11वीं से 5वीं अर्थव्यवस्था बन गया है। 2027-28 तक देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के साथ 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दुनिया का नेतृत्व करने वाला शक्तिशाली व समर्थ देश बनेगा। इसकी जिम्मेदारी हमारे युवा छात्रों की है। हमारे आज के युवा छात्र देश का भविष्य है। हमारे युवा छात्र भविष्य में जिस क्षेत्र में जाए उसका नेतृत्व करे तथा देश के सपने एवं अपेक्षाओं को पूरा करने में अपना योगदान देने का प्रयास करें।

    मुख्यमंत्री ने इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब चंद्रयान-2 सफल नही हो पाया तो प्रधानमंत्री ने हमारे वैज्ञानिकों को गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया तथा दुगनी ताकत से इस अभियान को पूर्ण करने की शुभकामनायें दी। आज प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन तथा हमारे वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों से देश ने दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों से बातचीत कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने भी इस अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी। सचिव शिक्षा रविनाथ रमन ने आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, महानिदेशक शिक्षा  बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी मौजूद थे।

  • एनएचएम की वर्ष 2026 तक की कार्ययोजना होगी तैयार

    एनएचएम की वर्ष 2026 तक की कार्ययोजना होगी तैयार

    विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिये निर्देश

    कहा, एनएचएम के तहत संचालित परियोजनाओं में तेजी लायें अधिकारी

    सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की वर्ष 2026 तक की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र भारत सरकार को भेजी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को विभागीय आवश्यकताओं एवं प्रदेश के भौगोलिक परिवेश को ध्यान में रखते हुये कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त जिन परियोजनाओं की प्रगति धीमी चल रही है उनमें तेजी लाने को कहा गया है।

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति एवं अन्य राज्यों के साथ तुलनात्मक समीक्षा की। डा. रावत ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वाधान में गत माह प्रदेश में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी ने सभी राज्यों से एनएचएम के अंतर्गत वर्ष 2026 तक की विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा। जिसके तहत राज्य सरकार ने प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को देखते हुये राज्य में संचालित लगभग दो दर्जन परियोजनाओं का विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया है ताकि आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर एवं लोक प्रिय बनाया जा सके। इसी क्रम में एनएचएम के अधिकारियों को प्रत्येक जनपद से स्वास्थ्य विभाग की आवश्यकताओं का विवरण मंगवाकर वर्ष 2026 तक का रोड़मैप तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। वर्तमान में संचालित कतिपय योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुये विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने व योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये। डा. रावत ने कहा कि राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय होना जरूरी है तभी योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से किया जा सकता है।

    समीक्षा बैठक में डॉ. मुकेश राय, डॉ. फरीद व डॉ. अर्चना के द्वारा एनएचएम के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं मैटरनल हेल्थ चाइल्ड हेल्थ, फेमिली प्लानिंग, पीसीएनडीटी, टीबी उन्मूलन, एनपीएनसीडी, पीएमएनडीपी, टेली कांस्लटेशन, फुटफॉल सहित डेढ़ दर्जन परियोजनाओं का पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया गया।

    बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक एनएचएम रोहित मीना, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, नमामि बंसल, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सायना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, वित्त अधिकारी दीपाली भरणे, डॉ. अजीत जौहरी, डॉ. अमित शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    स्वास्थ्य मंत्री ने सौंपे मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र
    स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभाग के तहत 9 मृतक आश्रितों एवं 2 सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों नियुक्ति पत्र वितरित कर उन्हें सरकारी सेवा में आने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कार्मिकों को राज्य के विभिन्न जनपदों में तैनाती दी गई है। अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले मृतक आश्रितों अरुण कुमार, अखिलेश कुमार बिंद, आकाश कुमार, अमित शर्मा, अश्विनी कुमार, पीयूष जोशी, सुहैल, नीतू रानी एवं वंदना सिंह को विभाग के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कनिष्ट सहायक पद पर नियुक्ति प्रदान की गई जबकि सीधी भर्ती के तहत चयनित मनोज सिंह एवं प्रिया रावत को वैयक्तिक सहायक पद पर तैनाती दी गई है। विभागीय मंत्री ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभिन्न रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

  • कल होगी धामी कैबिनेट की  महत्वपूर्ण बैठक, इन मुद्दों पर लग सकती है मोहर

    कल होगी धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, इन मुद्दों पर लग सकती है मोहर

    धामी कैबिनेट की बैठक में मानसून सत्र आहूत करने समेत कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है। विधानसभा का मानसून सत्र छह सितंबर से हो सकता है। प्रदेश सरकार ने 24 अगस्त को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। मंत्रिमंडल की बैठक में विस सत्र आहूत करने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मार्च में बजट सत्र हुआ था। उसके बाद अभी तक विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया गया है। कायदे से छह माह के भीतर सत्र अवश्य आहूत होना चाहिए। सितंबर में पिछला सत्र आहूत हुए छह माह का समय होने जा रहा है। माना जा रहा कि विधायी विभाग छह से 12 सितंबर तक मानसून सत्र आहूत करने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा सकता है कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, गृह, वन समेत अन्य विभागों से संबंधित विषयों पर प्रस्ताव लाए जा सकते हैं। स्कूलों में प्रिंसिपल को प्रति पीरियड के हिसाब से शिक्षक रखे जाने का अधिकार देने का प्रस्ताव भीकैबिनेट में आ सकता है। इसके अलावा विधानसभा में रखे जाने वाले प्रतिवेदन और अध्यादेश व विधेयकों केप्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।