देहरादून। छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा के स्टार प्रचारक रहे वरिष्ठ भाजपा नेता और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रचंड जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने “मोदी की गारंटी” को इस जीत का एक बड़ा आधार बताया है।
प्रदेश के केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश के सिरमौर, प्रसवाडा, धरमपुरी, घोडाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र और छत्तीसगढ के प्रतापपुर, भटगांव, भरतपुर सोनहट, कुनकुरी, बिल्हा, अभनपुर, साजा, लोरमी और डौण्डीलोहार विधानसभा क्षेत्र में जब वह बतौर भाजपा के स्टार प्रचारक शिरकत कर रहे थे तो उस दौरान जनसभाओं में जो जन सैलाव उमड़ा उसे देखकर पूर्व में ही यह तय हो गया था कि भारतीय जनता पार्टी प्रचंड जीत के साथ सत्ता में आयेगी।
महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा को जो प्रचंड जनादेश मिला है और तेलंगाना में पहले से अधिक सीटें देकर जनता ने पार्टी पर जो विश्वास जताया है उसके पीछे कांग्रेस सरकारों का भ्रष्टाचार, इण्डिया गठबंधन में शामिल दलों द्वारा सनातन धर्म का अपमान एक बड़ा कारण रहा है।
उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों में घमंडिया गठबंधन की करारी इस बात का प्रमाण है कि 2024 की चुनावी दौड़ से अब वह पूरी तरह बाहर हो चुका है। मोदी मैजिक और केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” जैसे ध्येय वाक्य पर चलकर भाजपा ने देश की जनता के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना ली है। इसलिए इसमें दोराय नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में फिर से 2024 में पहले से भी अधिक सीटों से केंद्र में भाजपा की सरकार सत्तारूढ़ होगी।
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने राज्य के इंरमीडिएट कॉलेजों में खाली पड़े पदों को सीधी भर्ती से भरने का निर्णय लिया है। इन कॉलेजों में वर्षों से रिक्त पड़े प्रधानाचार्यों के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। इस संबंध में शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा विगत दो-तीन वर्षों में एल.टी. एवं प्रवक्ता संवर्ग के हजारों रिक्त पदों को भरा जा चुका है। इसी क्रम में इंटरमीडिएट कॉलेजों में वर्षों से रिक्त प्रधानाचार्य एवं प्रधानाचार्या के 1024 रिक्त पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती व 50 फीसदी पद विभागीय पदोन्नति से भरे जाने हैं। शिक्षकों की वरिष्ठता का विवाद उच्च न्यायलय में विचाराधीन होने के कारण विभागीय पदोन्नति के पद नहीं भरे जा सके हैं, जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने विगत वर्ष 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती से भरने का फैसला कैबिनेट में लिया था।
इसके बाद विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा प्रधानाचार्यों के कुल रिक्त 1024 पदों में से 692 पदों को सीधी भर्ती से भरने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराया गया, जिसका अधियाचन शासन द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।
उत्तरकाशी। सिलक्यारा में चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे की राज्य सरकार अब विस्तृत जांच कराएगी। इस सिलसिले में पूर्व में गठित जांच समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट लौटाते हुए उसे दोबारा सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
सचिव आपदा प्रबंधन डा रंजीत कुमार सिन्हा ने इसकी पुष्टि की।उत्तराखंड का उत्तरकाशी कई दिनों तक चर्चा में रहा। उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में हुए हादसे ने करीब 41 जिंदगियों को मुश्किल में डाल दिया था। ये सुरंग प्रदेश के विकास का अहम भाग है, लेकिन इस हादसे के बाद अब कई सवाल उठ रहे हैं। इन सभी सवालों के जवाब और हादसे को देखते हुए अब उत्तराखंड सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। खुशियों के बाद अब इस मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत सिलक्यारा में चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे की राज्य सरकार अब विस्तृत जांच कराएगी।
इस सिलसिले में पूर्व में गठित जांच समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट लौटाते हुए उसे दोबारा सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन डा रंजीत कुमार सिन्हा ने इसकी पुष्टि की।सुरंग में भूस्खलन के कारण श्रमिकों के फंसने की घटना 12 नवंबर की सुबह हुई थी। तब सरकार ने भूस्खलन के अध्ययन एवं कारणों की जांच के लिए उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के निदेशक डा शांतनु सरकार की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। समिति में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के प्रतिनिधि और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के भू-वैज्ञानिक शामिल थे।इस सात सदस्यीय समिति को सिलक्यारा जाकर घटना से जुड़े विविध पहलुओं के अलावा मलबे की मिट्टी, पत्थर के सैंपल की जांच के साथ ही सुरंग में भूस्खलन जोन के लंबवत ठीक ऊपरी सतह पर पहाड़ की स्थिति का परीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। समिति ने 13 नवंबर को सिलक्यारा जाकर जांच-पड़ताल शुरू की।
साथ ही प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी।सचिव आपदा प्रबंधन डा रंजीत कुमार सिन्हा के अनुसार समिति ने जो प्रारंभिक रिपोर्ट दी है, उसमें कई बिंदुओं पर स्पष्टता नहीं है। इसे देखते हुए समिति को दोबारा सिलक्यारा सुरंग हादसे के संबंध में विस्तृत जांच करने को कहा गया है।
उत्तराखंड देश का सर्वाधिक सुरक्षित राज्य और निवेश के लिए मुफीद- सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने सभी इंफ्लुएंसर्स का किया आह्वान, अपने-अपने माध्यम से करें डेस्टिनेशन उत्तराखंड और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रचार- प्रसार
देहरादून। आगामी 8-9 दिसंबर को देहरादून में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक होटल में आयोजित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मीट को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी इंफ्लुएंसर्स का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में आप सबकी बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से एक उभरता हुआ डेस्टिनेशन देश-दुनिया के लोगों के लिए बन रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां चारधामों से लेकर अनेक देवस्थान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था के लिहाज से उत्तराखंड देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है और निवेश के लिए सर्वाधिक मुफीद है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट को लेकर हम देश व विदेश में कई स्थानों पर गए जहां से बहुत अच्छा रिस्पांस इसे लेकर मिला है। अब तक 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ज्यादा से ज्यादा फोकस रोजगार सृजन पर है। इसी के मद्देनजर आगामी 8-9 दिसंबर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट में अभी लगभग एक सप्ताह का समय हैं।
उन्होंने सभी का आह्वान किया कि अपने माध्यम से वे देश-दुनिया में इस आयोजन का प्रचार प्रसार करें ताकि डेस्टिनेशन उत्तराखंड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सब जगह ट्रेंड हो जाए। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग पूरे मनोयोग के साथ यहां आए हैं और शायद यह प्रभु ने ही तय किया होगा कि आप सभी लोग यहां आएं। उन्होंने कहा कि मेरा ऐसा मानना है कि इस दुनिया में जो कुछ होता है वह प्रभु की इच्छा से होता है और किसी न किसी माध्यम से हम सब जुड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप लोग उत्तराखंड की बात, उत्तराखंड की विशेषता को प्रमुखता से रखेंगे। यहां की तमाम विशेषताएं आप सभी के माध्यम से दुनिया को पता लगेगी।
इससे पहले सभी इंफ्लुएंसर्स के साथ मुख्यमंत्री का एक इंटरैक्टिव सेशन भी रखा गया जिसमें मुख्यमंत्री ने सभी इंफ्लुएंसर्स के सवालों के एक-एक कर जवाब दिए। इस मीट में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अमित भड़ाना सहित प्रीती गांधी, रवि भदौरिया, अरविंद अरोड़ा, अनुभव दुबे, ऋषि बागरी, गौरव ठाकुर, अभिजीत जमलोकी, संदीप गुंसाईं, रोशन सिन्हा, मधुसूदन पाटीदार, प्रकाश भारद्वाज, सौरभ रावत, गौतम खट्टर, प्रशांत उमराव, रमेश सोलंकी, किरण कुमार, निखिल चतुर्वेदी, आरुषि, आदि ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पांडेय, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।
विश्व एड्स दिवस पर उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने किया विचार गोष्ठी का आयोजन
एड्स जागरूकता में युवा वर्ग निभाये अहम भूमिका – कर्नल आलोक गुप्ता
देहरादून। विश्व एड्स दिवस पर उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक राज्य स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। दून मेडिकल कॉलेज अस्तपाल ओ०पी०डी० बिल्डिंग सभागार में आयोजित गोष्ठी में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि एड्स संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए एड्स संक्रमित व्यक्तियों को सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें प्रेम व सम्मान देना चाहिए। इस साल विश्व एड्स दिवस की थीम ष्लैट कम्युनिटी लीडष् है। राज्य स्तरीय गोष्ठी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एस०एच०ओ० कैन्ट, देहरादून, थे। उक्त कार्यक्रम में विषिष्ठ अतिथि के तौर पर डा० अनुराग अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, डा० नारायण जीत, एच०ओ०डी० मेडिसिन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, पवन कुमार कोठारी जेलर, डिस्ट्रिक जेल देहरादून, डा० विशाल धीमान एडिशनल प्रोफेसर एम्स ऋषिकेश एवं डा० अजय कुमार, अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद मंच पर आसीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अपर परियोजना निदेशक, यूसैक्स डॉ अजय कुमार द्वारा मुख्य अतिथि तथा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा संचालित गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी गयी। अपर परियोजना निदेशक द्वारा कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले प्रतिभागियों की उपलब्धियां के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता ने कहा कि एड्स पीड़ितों को प्यार और सम्मान देना चाहिए, जिससे वह खुद को अलग-थलग न समझें। उन्होंने बताया कि किसी के साथ खाना खाने, छूने आदि से एड्स नहीं होता है। इसलिए इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को रक्तदान के लिए भी प्रेरित किया। उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एस०एच०ओ० कैन्ट, देहरादून, द्वारा एच०आई०वी०/एड्स पर उत्कृष्ठ कार्य कर रही संस्थाओं एवं टी०आई० संस्थाओं, को सम्मानित किया गया। डा० अनुराग अग्रवाल चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, डा० नारायणा एच०ओ०डी० मेडिसिन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, पवन कुमार कोठारी जेलर, डिस्ट्रिक जेल देहरादून, डा० विशाल धीमान एडिशनल प्रोफेसर एम्स ऋषिकेश द्वारा सम्बोधन दिया गया।
इस मौके पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, के छात्र छात्राओं एवं हंसा नृत्य नाटक कला सोसाइटी के ग्रुप मैम्बर्स द्वारा एच०आई०यी०/एड्स विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुति की गयी, कार्यक्रम में मंच का सफल संचालन अनिल वर्मा, चैयरमेन यूथ रेडक्रास सोसाईटी, उत्तराखण्ड शाखा द्वारा किया गया।
उक्त कार्यक्रम में मेजर प्रेमलता वर्मा यूथ रेडक्रास समिति विहान नेटवर्क से दो एच०आई०वी० पॉसिटिव महिला स्पीकर द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये, महाराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज से स्पोटर्स टीचर लोकेश, साथी ग्रुप देहरादून से गालिब, एवं अनिल रावत, हरीश चन्द्र शर्मा उप सचिव, रेडक्रास सोसाइटी, डा० नवीन सिंघल एच०ओ०डी० डी०आई०टी० यूनिवर्सटी, देहरादून, डा० अमन शुक्ला कॉर्डिनेटर ग्राफिक एरा, यूनिवर्सटी, देहरादून, नारायण सिंह राणा उत्तरकाशी द्वारा प्रतिभाग किया गया, तथा देहरादून में कार्यरत विभिन्न टी०आई० संस्थायें-एग्नेस कुंज सोसाइटी (होप), बालाजी सेवा संस्थान, पी०ई० जे०के०एस०, चौखम्बा, रूद्रा, टी०आई० संस्थान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर/प्रोग्राम मैनेजर एवं प्रतिनिधियों, डी०ए०वी० पी०जी० कॉलेज, (रोवर्स एंड रैजर्स), एन०एस०एस० के छात्र-छात्राओं एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं अन्य विभागों के विभिन्न प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
निकाय चुनाव टले, उत्तराखण्ड के समस्त नगर निकाय 2 दिसंबर से प्रशासकों के सुपुर्द
हार के डर से भाजपा ने निकाय चुनाव टाले-यशपाल आर्य, नेता विपक्ष
देहरादून। उत्तराखण्ड में लोकसभा चुनाव के बाद ही निकाय चुनाव की रणभेरी बजेगी। तय समय पर निकाय चुनाव नहीं कराने पर उत्तराखण्ड के समस्त निकाय 2 दिसंबर से प्रशासकों के हवाले हो जाएंगे। शासन ने प्रशासकों की नियुक्ति सम्बंधित आदेश भी जारी कर दिया। उल्लेखनीय है कि 97 स्थानीय निकायों में चुनाव नवंबर 2023 में प्रस्तावित थे। लेकिन पिछड़ा वर्ग का आरक्षण का कार्य पूरा नहीं होने से निकाय चुनाव टालने पड़े। कांग्रेस ने निकाय चुनाव टलने पर भाजपा सरकार पर कड़े प्रहार किए। उत्तराखण्ड के 97 नगर निकायों का पांच वर्षीय कार्यकाल आज 1 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। प्रदेश में 97 नगर निकायों के चुनाव 2018 में हुए थे। प्रदेश में 8 नगर निगम हैं।
नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन पहले अथवा बाद में निकायों के चुनाव कराए जाने चाहिए। इधर, सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 (उत्तराखण्ड राज्य में यथा-प्रवृत्त एवं यथा-संशोधित) की धारा 8 की उपधारा (4) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 2 दिसंबर से अग्रिम आदेशों तक प्रदेश के समस्त निकाय में जिलाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया है। गौरतलब है कि सिर्फ दो निकायों नगर निगम रुड़की व नगर पालिका परिषद बाजपुर का कार्यकाल अगले साल खत्म होना है। यहां चुनाव 2019 में हुए थे। इसके अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री नगर पंचायतों में चुनाव नहीं होते।
कांग्रेस ने विरोध किया
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने हार के डर से निकाय चुनाव टाले हैं। और निकायों में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब निकायों में होने वाले विकास कार्यों में मनमानी बढ़ जाएगी। आर्य ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पांचों सीट जीतेगी। और फिर निकाय चुनाव भी जीतेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बूंदाबांदी संग बर्फबारी के अलावा मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पहाड़ में पाला और मैदानी इलाकों में कोहरे का प्रकोप बढ़ने से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी जिसके चलते ठंड में इजाफा होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्य के हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर जनपदों में आज घना कोहरा छाए होने की संभावना जताई है। जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। कहीं कहीं बूंदाबांदी होने आसार हैं।
मैदानी क्षेत्रों में कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि मैदानी इलाकों में लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ों में पाला पड़ने से लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी। इससे तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। पर्वतीय क्षेत्र में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक अगले कुछ दिनों में कोहरा और पाला बढ़ने से ठंड में बढ़ोतरी होने की संभावना है
स्वास्थ्य मंत्री श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे प्रतिभाग
देहरादून। सूबे में विश्व एड्स दिवस के मौके पर उत्तराखंड एड्स नियंत्रण समिति के माध्यम से लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक किया जायेगा। इसके लिये प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में उप जिला चिकित्सालय में आयोजित एड्स जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।
डॉ धन सिंह
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि विश्व एड्स दिवस के अवसर पर उत्तराखंड एड्स नियंत्रण समिति के माध्यम से प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार को अल्मोड़ा भ्रमण से लौटने के उपरांत सीधे श्रीनगर गढ़वाल पहुंचेंगे, जहां वह उप जिला चिकित्सालय में आयोजित एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। डॉ. रावत ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को एचआईवी एड्स के प्रति जागरूक किया जायेगा। जिनके सफल आयोजन के लिये सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य में एचआईवी एड्स की जानकारी एवं बचाव के लिये 483 आईसीटीसी केन्द्र स्थापित किये गये हैं। जिसमें स्टेंड एलेन आईसीटीसी 49, मोबाइल आईसीटीसी 01, फैसिलिटी आईसीटीसी 433 हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से एचआईवी संबंधी निःशुल्क जांच की सुविधा लोगों को दी जा रही है। डॉ. रावत ने बताया कि वर्तमान में 9 एआरटी केन्द्रों के माध्यम से एचआईवी से ग्रसित 6229 व्यक्तियों को निःशुल्क परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3,15,740 लोगों की एचआईवी टेस्टिंग की गई, जिसमें 602 लोग एचआईवी पॉजिटिव मिले। इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में 3,53,524 लोगों की जांच हुई जिसमें 877 लोग संक्रमित पायं गये।
वर्ष 2022-23 में 5,38,958 जांच की गई जिसमें 1,250 लोग एचआईसी पॉजिटिव मिले। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में अबतक 3,44,024 लोगों की जांच हो चुकी है जिसमें से 866 लोग इस बीमारी से संक्रमित मिले। डॉ. रावत ने बताया कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं जांच संबंधी कार्यक्रम लगातार संचालित किये जा रहे हैं। इसके अलावा औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत कार्मिकों, दूर-दराज क्षेत्र में रह रहे प्रवासियों, उच्च जोखिम व्यवहार वाले समूहों, दूरस्त मार्गों के वाहन चालकों, स्लम क्षेत्रों एवं कारागार में निरूद्ध कैदियों की जांच एवं परामर्श दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह का जताया आभार
देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति ने आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए ₹1658.17 करोड़ की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री का आभार प्रकट किया है।
योजना के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन विंडो से ₹1079.96 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार राहत के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से ₹126.41करोड़ और राज्य के बजट से ₹451.80 करोड़ देगी। इसमें पुनर्वास के लिए ₹91.82 करोड़ भूमि अधिग्रहण की लागत शामिल है।
देहरादून। नव नियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि शांत प्रदेश उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था के मोर्चे पर कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।अपराधियों के लिए हम हमेशा काल बनके रहेंगे।
गुरुवार की सांय पदभार ग्रहण करने के बाद नये डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का ध्येय है मित्रता, सेवा, सुरक्षा। मित्रता केवल सभ्य नागरिकों के लिए है।
डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि बढ़ते साइबर क्राइम पर रोकथाम लगाएंगे। महिला संबंधी अपराधों के सम्बन्ध में संवेदनशीलता बढ़ायी जाएगी। इसके लिए हर स्तर के अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि ट्रेडिशनल पुलिसिंग के सिद्धांतों एवं सिखलाई को बरकरार रखते हुए नई चुनौतियों से डटकर सामना करेंगे।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स के विरूद्ध कार्यवाही को और अधिक प्रभावी ढंग से अमल में लाया जाएगा।
आपदा की दृष्टि से संवदेनशील राज्य में प्रदेश की।पुलिस अग्रिम मोर्चे पर कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता के साथ ही उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों के साथ मित्रवत व्यवहार करके उनके लिए सुगम व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जाएगा।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी जोर रहेगा। उनके हाउसिंग, स्वास्थ्य, बच्चों की अच्छे शिक्षा सभी मेरी प्राथमिकताएं रहेंगी।