लोनिवि सचिव पंकज पांडे ने जारी किए सेवा विस्तार के आदेश
देहरादून। दीपक कुमार यादव, प्रमुख अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग उत्तराखण्ड, जो दिनांक 30.11.2023 को अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं, द्वारा वर्तमान में श्री बद्रीनाथ-श्री केदारनाथ धाम के निर्माण एवं पुर्ननिर्माण कार्यों के साथ-साथ मानस खण्ड के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों को आरम्भ किये जाने जैसे राज्य की अतिमहत्वपूर्ण परियोजनाओं के नियंत्रक अधिकारी के रूप में अर्न्तविभागीय समन्वय एवं अनुश्रवण किया जा रहा है, जिन्हें समयान्तर्गत पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
उक्त के अतिरिक्त प्रमुख अभियन्ता के पद पर पदोन्नति हेतु पोषक संवर्ग अर्थात मुख्य अभियन्ता, स्तर-1 के पद पर दिनांक 30.06.2023 से कार्यरत अभियन्ताओं के 06 माह की परिवीक्षा अवधि के अधीन होने की स्थिति के दृष्टिगत व्यापक जनहित में, दीपक कुमार यादव को लोक निर्माण विभाग में उनके कार्यानुभव एवं तकनीकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए, विशेष परिस्थितियों में प्रमुख अभियन्ता के पद पर स्थायी नियुक्ति होने अथवा 06 माह, जो भी पहले हो तक के लिए, सेवा विस्तार दिये जाने की राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2- दीपक कुमार यादव का सेवा विस्तार विशेष परिस्थितियों में अपवादस्वरूप किया जा रहा है, इसको भविष्य के लिए किसी अन्य प्रकरण में दृष्टान्त नहीं माना जायेगा।
3- दीपक कुमार यादव को प्रदत्त उक्त सेवा विस्तार को सरकार 06 माह से अन्यून कर सकती है, या 01 माह की लिखित सूचना देकर या ऐसी सूचना के बदले में वेतन और भत्ते देकर ऐसे दिये गये सेवा विस्तार की अवधि के पूर्ण होने के पूर्व उसे समाप्त कर सकती है।
डीजीपी अशोक कुमार की विदाई बेला पर भव्य रैतिक परेड का आयोजन
डीजीपी अशोक सर को कभी विचलित नहीं देखा, उनकी कार्यप्रणाली से सभी को सीख लेनी चाहिए- अभिनव कुमार, नये डीजीपी
देहरादून। डीजीपी अशोक कुमार ने अपनी विदाई बेला को भावुक क्षण बताते हुए पुलिस महकमे के आभार जताया। टीम को लेकर कई चुनौतियों का सामना किया। गुरुवार को पुलिस लाइन्स देहरादून में भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया। परेड का नेतृत्व सर्वेश पंवार, पुलिस अधीक्षक यातायात देहरादून ने द्वितीय कमाण्ड आशीष भारद्वाज, पुलिस उपाधीक्षक, प्रेमनगर व परेड एडज्यूटेन्ट सुश्री निहारिका सेमवाल, पुलिस उपाधीक्षक, हरिद्वार के साथ किया।
परेड में उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न शाखाओं, ट्रेफिक पुलिस, नागरिक पुलिस, पी0ए0सी0, महिला पीएसी, कमाण्डो दस्ता, तथा ए0टी0एस0 आदि सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन फायरमैन मनीष पंत ने किया। रैतिक परेड का पुलिस महानिदेशक द्वारा मानप्रणाम ग्रहण करने के उपरांत परेड का निरीक्षण किया गया। अशोक कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि भव्य और शानदार परेड के लिए सभी जवानों को बधाई। मैं इस परेड में सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद तथा शुभकामनाएं देना चाहता हूँ। मेरा सौभाग्य है कि मुझे तीन वर्ष तक आप सबका नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला। 34 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा के बाद आज पुलिस सेवा का अंतिम दिन है, काफी भावुक क्षण हैं। वर्दी ने सेवा के हजारों मौके दिए। टीम के बिना कुछ भी संभव नहीं है। आप मेरे साथ खड़े रहे। जान जोखिम में डालकर खड़े रहे।
मैं अपने पुलिस के सभी साथियों का धन्यवाद करता हूँ। हमने मिलकर कई बड़ी चुनौतियों जैसे कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर, रैंणी आपदा, कोरोना महामारी के बीच महाकुम्भ का आयोजन, और कुमाऊं परिक्षेत्र में अतिवृष्टि, आदि का धैर्य और दृढ़ता के साथ डटकर सामना किया और देशभर के लोगों का विश्वास जीता। मेरा मानना है कि पुलिस जनता के लिए बनी है। ऐसी पुलिस व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, जिसमें अपराधियों में पुलिस का भय और जनता पुलिस को देखकर सुरक्षित महसूस करे।
आप सभी के सहयोग से यह एक विस्मरणीय यात्रा रही। हम सभी ने उत्तराखण्ड पुलिस को People Friendly, संवेदनशील और पीड़ित केन्द्रित बनाने के लिए काम किया, ताकि हम देश की सर्वोत्तम पुलिस बन सके। इस दौरान उत्तराखण्ड पुलिस ने ऑपरेशनल, प्रशासनिक, वेलफेयर, मॉर्डनाइजेशन, टैक्नीकल आदि क्षेत्रों में वृहद एवं फोकस्ड रूप से कार्य किया। हम सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री द्वारा दी गयी SMART पुलिसिंग की अवधारणा को साकार करने के लिए कार्य किया। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी नए नेतृत्व के साथ मिलकर लगन, अनुशासन, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और जोश के साथ राज्य व आम जनता की सेवा एवं सुरक्षा करते रहेंगे तथा उनका विश्वास जीतने में सफल होंगे।
नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि साथियों सरकारी सेवा में रिटायरमेंट शाश्वत सत्य होता है और रिटायरमेंट के बाद जिन्दगीं की एक नई पारी शुरू होती है। आज सांय को हमारे बीच से हमारे पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार सर 34 वर्ष से भी अधिक की भारतीय पुलिस सेवा में अपना योगदान देकर सेवानिवृत हो रहे हैं। राज्य गठन के साथ ही उत्तराखण्ड पुलिस को भी 23 वर्ष पूर्ण हुए हैं, जिसमें अशोक कुमार ने पुलिस सेवा में अपना विशेष योगदान दिया है।
उत्तराखण्ड पुलिस के ढांचा निर्माण में डीजीपी सर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मैं सर को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि उत्तराखण्ड पुलिस सदैव उनका परिवार रहेगा साथ ही भविष्य में हमें आपका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। व्यक्तिगत रूप से मैने सर के साथ कार्य किया है जिसमें सर से बहुत कुछ सीखने को मिला है। सबसे महत्वपूर्ण है उनका स्वभाव मैने कभी भी उन्हें किसी परिस्थिति में विचलित होते नहीं देखा है। उनकी कार्यप्रणाली से हम सभी पुलिस अफसर को सीख लेनी चाहिए। मेरा यह प्रयास रहेगा हम सब मिलकर उत्तराखण्ड पुलिस को नयी ऊंचाई पर ले जायेंगे।
पुलिस महानिदेशक ने उत्कृष्ट कार्यो के लिए मुख्य आरक्षी 44 ना0पु0 मनोज कुमार और महिला कान्स0 378 ना0पु0 विद्या मेहता को ’सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह’ प्रदान किया गया। मुख्य आरक्षी 44 ना0पु0 मनोज कुमार द्वारा वर्ष 2021 तथा वर्ष 2023 में ऑपरेशन स्माईल अभियान के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल में बड़ी लगन व मेहनत से कार्य किया गया है जिसमें वर्ष 2021 में कुल 58 गुमशुदाओं तथा वर्ष 2023 में कुल 88 गुमशुदाओं इस प्रकार कुल 146 गुमशुदाओं को तलाश कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है। महिला कान्स0 378 ना0पु0 विद्या मेहता, जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा ऑपरेशन स्माईल/ऑपरेशन मुक्ति के अन्तर्गत वर्ष 2021 से 2023 तक कुल 74 गुमशुदा को तलाश कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया हैं । विभिन्न शिक्षण संस्थाओं/गोष्ठी/रैली/ नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से उत्तराखण्ड पुलिस ऐप/ गौरा शक्ति ऐप / महिला सुरक्षाओं के सम्बन्ध में समय-समय पर जनता को जागरूक करते हुये ऑपरेशन स्माइल/ऑपरेशन मुक्ति में विशेष सहयोग किया गया है।
इस अवसर पर पीवीके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी, अभिसूचना एवं सुरक्षा, अमित सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, ए पी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, समस्त पुलिस महानिरीक्षक, समस्त पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। सुरंग से बाहर आए श्रमिकों के परिजनों संग सीएम धामी खेला भैलो। उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल से श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के बाद देहरादून स्थित सीएम आवास में ईगास यानी बूढ़ी दीपावली का उत्सव मनाया गया। वैसे तो दिवाली के 11वें दिन यानी एकादशी को उत्तराखंड में ईगास मनाने का रिवाज है, लेकिन मजदूरों के सुरंग में फंसे होने के चलते सीएम धामी ने आवास पर आयोजित कार्यक्रम स्थगित कर दिया था। वहीं, जब मजदूर सुरक्षित वापस आए हैं तो उन्होंने बुधवार को ही उत्सव मनाया। सीएम धामी भैलो खेलकर लोकगीतों पर जमकर थिरके। इस अवसर पर सीएम आवास में श्रमिकों के परिजन भी मौजूद थे। सीएम ने इन सभी का माल्यार्पण कर और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक दलों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
बता दें कि उत्तराखंड के गढ़वाल में सदियों से दिवाली को बग्वाल के रूप में मनाया जाता है। कुमाऊं के क्षेत्र में इसे बूढ़ी दीपावली कहा जाता है। इस पर्व के दिन सुबह मीठे पकवान बनाए जाते हैं।रात में स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के बाद भैला जलाकर उसे घुमाया जाता है और ढोल नगाड़ों के साथ आग के चारों ओर लोक नृत्य किया जाता है। मान्यता है कि जब भगवान राम 14 वर्ष बाद लंका विजय कर अयोध्या पहुंचे तो लोगों ने दिए जलाकर उनका स्वागत किया और उसे दीपावली के त्योहार के रूप में मनाया।
कहा जाता है कि गढ़वाल क्षेत्र में लोगों को इसकी जानकारी 11 दिन बाद मिली। इसलिए यहां पर दिवाली के 11 दिन बाद यह ईगास मनाई जाती है। खास बात ये है कि यह पर्व भैलो खेलकर मनाया जाता है।तिल, भंगजीरे, हिसर और चीड़ की सूखी लकड़ी के छोटे-छोटे गठ्ठर बनाकर इन्हें विशेष रस्सी से बांधकर भैलो तैयार किया जाता है। बग्वाल के दिन पूजा अर्चना कर भैलो का तिलक किया जाता है।
फिर ग्रामीण एक स्थान पर एकत्रित होकर भैलो खेलते हैं।भैलो पर आग लगाकर इसे चारों ओर घुमाया जाता है। कई ग्रामीण भैलो से करतब भी दिखाते हैं। पारंपरिक लोकनृत्य चांछड़ी और झुमेलों के साथ भैलो रे भैलो, काखड़ी को रैलू, उज्यालू आलो अंधेरो भगलू आदि लोकगीतों के साथ मांगल व देवी-देवताओं की जागर गाई जाती हैं।
देखें, 1455 नर्सिंग अधिकारी के पदों पर भर्ती के नियम व शर्तें
नर्सिंग अधिकारी (महिला/पुरुष) परीक्षा – 2023 (चिकित्सा शिक्षा विभागान्तर्गत) चिकित्सा शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं स्टेट कैंसर इन्स्टीट्यूट, हल्द्वानी में नर्सिंग अधिकारी के रिक्त 1455 पदों पर सीधी भर्ती द्वारा चयन हेतु
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उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं स्टेट कैंसर इन्स्टीट्यूट, हल्द्वानी में समूह ‘ग’ के अंतर्गत नर्सिंग अधिकारी (महिला/पुरुष) डिप्लोमाधारक / डिग्रीधारक के कुल रिक्त 1455 पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से चयन हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाइट www.ukmssb.org पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से निम्नानुसार आवेदन कर सकते हैं:-
वेतनमान: ₹ 44,900-₹ 1,42,400 (लेवल 7) 04. पद का स्वरूपः- अराजपत्रित; अंशदायी पेंशन युक्त। 05. शैक्षिक अर्हताः- सेवा में सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी के पास निम्न अर्हताएं होनी आवश्यक है:- (1)- अनिवार्य अर्हताः- (क) अभ्यर्थी के पास भारतीय नर्सिंग परिषद् से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा संस्थान से नर्सिंग में बी०एस०सी० (ऑनर्स), अथवा भारतीय नर्सिंग परिषद् से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा संस्थान से बी०एस०सी० नर्सिंग में नियमित पाठ्यक्रम, अथवा भारतीय नर्सिंग परिषद् से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा संस्थान से पोस्ट बेसिक बी०एस०सी० नर्सिंग अथवा भारतीय नर्सिंग परिषद् से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से जनरल नर्सिंग एवं मिडवाइफरी / मनोरोग विज्ञान का डिप्लोमा हो। (ख) उत्तराखण्ड / भारतीय नर्सिंग तथा धात्री परिषद् से बी०एस०सी० (ऑनर्स) अथवा बी०एस०सी० नर्सिंग अथवा पोस्ट बेसिक बी०एस०सी० नर्सिंग अथवा जनरल नर्सिंग एवं मिडवाईफरी/मनोरोग विज्ञान के रूप में पंजीकरण का प्रमाण-पत्र हो । (ग) हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान हो। (11)- अधिमानी अर्हताएं: प्रादेशिक सेना में कम से कम 02 वर्ष की सेवा की हो, या राष्ट्रीय कैडेट कोर का “बी” अथवा “सी” प्रमाण-पत्र प्राप्त किया हो। अभ्यर्थी के पास उत्तराखण्ड नर्सिंग तथा धात्री परिषद् में ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने की अन्तिम तिथि 06. तक स्थाई पंजीकरण प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। यदि अभ्यर्थी का पंजीकरण आवेदन-पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि तक वैध/नवीनीकृत नहीं होगा तो उसे अपात्र घोषित कर दिया जायेगा। एन०यू०आई०डी० कार्ड पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं होता है। यदि अभ्यर्थी एन०यू०आई०डी० कार्ड का अंकन करता है तो वह मान्य नहीं होगा। उत्तराखण्ड नर्सिंग तथा धात्री परिषद् में पंजीकरण करने हेतु आवेदन की रसीद भी मान्य नहीं होगी। आयुः- आयु गणना की निश्चायक तिथि 01 जुलाई 2023 है। अभ्यर्थी की आयु 01 जुलाई, 2023 को न्यूनतम 21 वर्ष हो तथा अधिकतम 42 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त न की हो। परन्तु उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों व अन्य ऐसी श्रेणियों, जो कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित की जाय, को उच्चतर आयु सीमा उतने वर्ष अधिक होगी, जितनी नियमों में विर्निदिष्ट की गयी हो। अधिकतम आयु सीमा में छूट:- उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु शासनादेश संख्याः 1399/XXX(2)/2005, दिनांक 21 मई, 2005 द्वारा अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट अनुमन्य है। उत्तराखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम सैनानी के आश्रित अभ्यर्थियों के लिए शासनादेश संख्याः 1244/XXX(2)/2005, दिनांक 21 मई, 2005 द्वारा अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट अनुमन्य है। उत्तराखण्ड के दिव्यांगजन अभ्यर्थियों के लिए शासनादेश संख्याः 1244/XXX(2)/2005, दिनांक 21 मई, 2005 द्वारा अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट अनुमन्य है। अधिसूचना संख्या- 6/1/72 कार्मिक-2, दिनांक 25 अप्रैल, 1977 के अनुसार उत्तराखण्ड के पूर्व सैनिकों को अपनी वास्तविक आयु में से सशस्त्र सेना मे अपनी सेवा की अवधि कम करने की अनुमति दी जायेगी और यदि परिणामजन्य आयु इस पद / सेवा के निमित्त जिनके लिए वह नियुक्ति का इच्छुक हो विहित अधिकतम आयु सीमा से 03 वर्ष से अधिक न हो तो यह समझा जायेगा की वह उच्च आयु सीमा से सम्बन्धित शर्त को पूरा करता है। शासनादेश संख्याः 406/XXX(2)2021-55(41)/2004, दिनांक 18 जनवरी, 2021 में यह उल्लिखित है कि शासनादेश संख्याः 124/XXX(2)2020-35(1)2001, दिनांक 22 मई, 2020 द्वारा भूतपूर्व सैनिकों को राज्याधीन सेवाओं में सेवायोजन के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत हैं। भारत सरकार के O.M. No. 36034/6/90-Estt. (SCT) दिनांक 02 अप्रैल, 1992 के संदर्भ में शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि “The ex-servicemen candidates who have already secured employment under the State Govt. in Groups C & D will be permitted the benefit of age relaxation as prescribed for ex-servicemen for securing another employment in a Page 3 of 13 9:27
higher grade or cadre in Group C/D under the State Govt. However, such candidates will not be eligible for the benefit of reservation for ex-servicemen in State Govt. jobs.”
उत्तराखण्ड शासन के पत्र संख्याः 11/XXΧΙ(2)/2022-30(2)2019, दिनांक 16 फरवरी, 2022 के क्रम में अनाथ बच्चों को आवेदन पत्र में दावित ऊर्ध्वाधर श्रेणी के सापेक्ष आयु संबंधी छूट हेतु प्राविधान अनुमन्य है।
09.
अनिवार्य /वांछनीय अर्हताः- अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि तक उत्तराखण्ड राज्य का स्थाई निवास प्रमाण पत्र (Domicile) धारित करता हो,
परन्तु यह कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह ‘ग’ के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य / वांछनीय अर्हता नियमावली, 2010 (समय-समय पर यथा संशोधित) के अनुसार निम्नवत है:- शासन की अधिसूचना सं०: 164/XXX-2/19-01(17)/2012, दि0 28 जून, 2019 द्वारा ‘उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के पदों पर भर्ती हेतु आवेदन करने के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होगा, जिसने अपनी हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट अथवा इनके समकक्ष स्तर की शिक्षा उत्तराखण्ड राज्य में स्थित मान्यता प्राप्त संस्थानों से उत्तीर्ण की हो,
परन्तु यह कि सैनिक/अर्द्ध सैनिक बलों में कार्यरत तथा राज्य सरकार अथवा उसके अधीन स्थापित किसी राजकीय / स्वायत्तशासी संस्था में नियमित पदों पर नियमित रूप से नियुक्त कार्मिकों एवं केन्द्र सरकार अथवा केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों में नियमित पदों पर नियमित रूप से उत्तराखण्ड में कार्यरत ऐसे कर्मी, जिनकी सेवाएं उत्तराखण्ड से बाहर स्थानांतरित नहीं हो सकती हों, स्वयं अथवा उनके पति/पत्नी, जैसी भी स्थिति हो, तथा उनके पुत्र/पुत्री, राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के पदों पर चयन हेतु आवेदन के पात्र होंगे।
परन्तु यह और कि राज्य के स्थायी निवासी जो आजीविका / अध्ययन हेतु उत्तराखण्ड के बाहर निवासरत हैं, के स्वयं अथवा उनके पति/पत्नी, जैसी भी स्थिति हो तथा उनके पुत्र/पुत्री भी समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के पदों पर आवेदन हेतु पात्र होंगे।
अनापत्ति प्रमाण पत्रः- जो अभ्यर्थी आवेदन करने की तिथि को केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन सरकारी सेवा में नियमित रूप से कार्यरत हो, उन्हें सम्बन्धित विभाग का विभागीय अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
आरक्षण
a. लम्बवत् आरक्षण – उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये आरक्षण के लिये आरक्षण भर्ती के समय प्रवृत्त राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार किया जायेगा।
b. क्षैतिज आरक्षण – उत्तराखण्ड महिला, उत्तराखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित, उत्तराखण्ड के पूर्व सैनिकों, उत्तराखण्ड राज्य के अनाथ बच्चे तथा एवं दिव्यांग अभ्यर्थी को क्षैतिज आरक्षण उत्तराखण्ड शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुसार देय होगा।
c. आरक्षण के लाभ का दावा करने वाले अभ्यर्थियों के पास अपनी श्रेणी / उपश्रेणी के समर्थन में सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की छाया प्रति ऑनलाईन आवेदन करने के समय आवेदन पत्र के निर्धारित स्थान पर अपलोड किया जाना आवश्यक होगा।
d. शासन द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 29/XXXVI(3)/2019/03(1)/2019 दिनांक 05 फरवरी, 2019 के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण का लाभ मात्र उत्तराखण्ड राज्य के स्थायी निवासी अभ्यर्थियों को ही अनुमन्य होगा। इस श्रेणी के अन्तर्गत ऑनलाईन करने वाले अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में किसी भी प्रकार की छूट अनुमन्य नहीं है। ‘आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग’ हेतु शासनादेश संख्या 51/XXX(2)/2021-53(01)/2001 दिनाक 09 फरवरी, 2021 में दी गई व्यवस्था के अनुसार यदि आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के पद पर पात्र अभ्यर्थी न मिलने की दशा में ऐसे पद को अनारक्षित श्रेणी में समायोजित
सीएम धामी ने टनल में फंसे 41 श्रमिकों को ₹ 1 लाख की प्रोत्साहन राशि भेंट की
चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी। सीएम धामी ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में प्रारंभिक जांच हेतु भर्ती सिलक्यारा टनल से रेस्क्यू किए गए श्रमिकों का हाल-चाल जानने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने टनल से रेस्क्यू किए प्रत्येक श्रमिक को ₹ 1- 1 लाख की सहायता राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम दौर में पाइप पुशिंग हेतु रैट माइनिंग तकनीक से मैन्युअल खुदाई करने वाले श्रमिकों को भी 50-50 हज़ार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
सीएम धामी ने अस्पताल में भर्ती प्रत्येक श्रमिक से उनका कुशलक्षेम जाना । उन्होंने डॉक्टरों से श्रमिकों के स्वास्थ लाभ, चिकित्सा उपचार के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का भी जायज़ा लिया। उन्होंने श्रमिकों के हौसलो की सराहना की।सीएम धामी ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों में से टनकपुर, चंपावत के पुष्कर की माता से मोबाइल पर बात कर, पुष्कर के बारे में जानकारी दी और कहा कि सभी श्रमिकों को कुशल बचाकर राज्य सरकार ने अपना वचन निभाया है। सीएम ने पुष्कर की माता को बताया कि पुष्कर के साथ ही सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। जल्द ही हायर सेंटर में जांच करवाने के उपरांत पुष्कर सहित अन्य श्रमिकों को उनके घर भेज दिया जाएगा।
सीएम धामी ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने श्रमिकों के साहस, मनोबल और परिजनों के धैर्य के साथ ही रेसक्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों व कार्मिकों की अनथक मेहनत को इस अभियान की सफलता का आधार बताया। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के अभियान पर निरंतर नजर रखे हुए थे और वह श्रमिकों की कुशलता को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों के अनमोल जीवन को बचाने की सरकार की वचनवद्धता और परिजनों के साथ ही जनता द्वारा जताए गए अटूट विश्वास ने इस बेहद जटिल , चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे बचाव अभियान को कामयाब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीएम ने कहा कि सुरंग हादसे के चलते हम सब इस बार दीपावली नही मना पाए थे, अब सभी श्रमिको को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिए जाने के बाद आज दिवाली का जश्न मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के परिजनों को देहरादून मुख्यमंत्री आवास में दिवाली मनाने हेतु आमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर बताया गया कि प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच में सभी श्रमिक ठीक पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर उच्च चिकित्सकीय परीक्षण हेतु इन श्रमिको हायर सेंटर भेजा जाएगा। इस दौरान कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
अहम सवाल- हादसे ने खोल दी सुरंग निर्माण के मानकों की पोल, नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी की तय होगी जवाबदेही
आस्ट्रेलिया के टनल एक्सपर्ट अर्नाल्ड ड्रिक्स यह कहकर इशारा कर ही चुके हैं कि हिमालय नाराज है
सुरंग में फंसे फोरमैन गबर सिंह बने मजदूरों के अभिभावक
देखें सूची- 17 दिन बाद ली मजदूरों ने खुली हवा में सांस
सिलक्यारा। साँसों को रोक देने वाले रोमांचकारी व थकाऊ सिलक्यारा बचाव अभियान मंगलवार की रात अपनी मंजिल पर पहुंच गया। विभिन्न राज्यों के 17 दिन से फंसे 41 मजदूर एक एक कर बाहर निकाल लिए गए। और यह मंगलकारी समाचार जंगल में आग की तरह कई देशों की सरहदों तक पहुंच गया।
बहरहाल सिलक्यारा हादसे ने सुरंग के निर्माण के मानकों की पोल भी खोल दी है। नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी व निर्माणदायी संस्था NHIDCL की जवाबदेही तय करने की सुगबुगाहट भी तेज हो गयी है।
बहरहाल, मंगलवार की सांय रैट माइनर हाथों से खुदाई करते करते 57 मीटर तक पहुंचे। और फंसे मजदूरों तक जिंदगी ने दस्तक दी। रात 7.45 के बाद NDRF और SDRF ने दीवाली की सुबह से फंसे मजदूरों को एक एक कर बाहर निकालना शुरू किया। और लगभग 8.30 बजे सभी मजदूर बाहर निकल आये।
मजदूर बाहर आते गए और तालियॉँ बजती रही..गले लगाने और स्वंय के बच के आने की खुशी ने सिलक्यारा की ठंडी रात में गर्मी का अहसास करा दिया।
सीएम धामी, केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह समेत मौजूद कई अन्य अधिकारी मजदूरों का हाल चाल लेते नजर आए। गले में मालाएं भी पड़ी।
मजदूरों के बाहर निकलने से पहले सुरंग के अंदर एंबुलेंस, गद्दे और स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई थी। मजदूरों के बाहर निकलने पर उनके स्वास्थ्य की जांच की गई।
17 दिन से जिंदगी और मौत की जंग में उलझे मजदूरों ने भी अपना हौसला कायम रखा। आखिरकार बुलंद इरादों और हौसलों की जीत हुई। और एक एक कर 41 मजदूर मंगलवार की रात बाहर आ गए।
परिजनों और बचाव टीम के लिए यह पल आंखों को नम कर देने वाला रहा। 17 दिन से बेचैनी.. हताशा..निराशा के बीच उम्मीद की लौ ने मौजूद सैकड़ों चेहरों पर मुस्कुराहट बिखेर दी।
मंगलवार की दोपहर बचाव टीम को 57 मीटर पर ब्रेक थ्रू मिला था।
एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान सुरंग के अंदर श्रमिकों को निकालने में लगे रहे।
एक मजदूर को निकालने में लगभग 2 मिनट का समय लगा।
सीएम धामी व पीएमओ रहा मुस्तैद
दीवाली के दिन हुई इस टनल दुर्घटना के बाद सीएम धामी ने कई बार सिलक्यारा का दौरा किया। आखिरी पांच दिन कैम्प कार्यालय तक स्थापित किया। पीएम मोदी समय समय पर हालात का पता करते नजर आए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वीके सिंह, पीएमओ में प्रधान सचिव पी के मिश्रा, गृह सचिव भल्ला, पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे, उप सचिव मंगेश घिल्डियाल समेत प्रदेश सरकार के कई अफसर सिलक्यारा में मौजूद रहे। और पूरे बचाव अभियान पर नजरें बनाये रहे।
सुरंग में फंसे गबर सिंह बने मजदूरों के बड़े भाई
गबर सिंह ने दीवाली की सुबह से फंसे मजदूरों का हौसला बढ़ाया। गबर सिंह ही सीएम धामी, पीएमओ के प्रधान सचिव पी के मिश्र व अन्य एक्सपर्ट्स के सम्पर्क में रह। और मजदूरों की समस्या आदि पर सुरंग के बाहर फीडबैक देते रहे।
आगर समेत अन्य मशीनों के खराब होने के बाद सभी को निराशा भी हुई। लेकिन मजदूरों और बचाव अभियान की टीम ने हौसला नहीं छोड़ा। 17 दिन तक चले इस अभियान का सुखद अंत माहौल को खुशनुमा बना गया…
विपक्ष का हमला और सुरंग निर्माण में लापरवाही
इन 17 दिनों में नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी की लापरवाही पर विपक्ष ने खूब हमला बोला। सुरंग निर्माण के दौरान एस्केप टनल।का निर्माण नहीं होना व लगभग 1 महीने पूर्व निकासी पाइप को हटा लिए जाने पर भी खूब बवाल मचा।
पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी इलाके में सुरंगों के निर्माण में कोताही बरतने का मसला अब नये सिरे से गर्मायगा।
इतनी बड़ी दुर्घटना व सबक मिलने के बाद 4.5 किमी लंबी व लगभग 865 करोड़ की लागत से बन रही सिलक्यारा सुरंग का निर्माण जारी रहेगा? यह भी बड़ा सवाल है। इस सुरंग के निर्माण मानकों की कलई भी खुली और कमजोर पहाड़ी चट्टानों की झलक भी दिखी।
इस पूरे मामले में आस्ट्रेलिया के टनल एक्सपर्ट अर्नाल्ड ड्रिक्स की टिप्पणी भी काबिलेगौर होगी कि हिमालय नाराज है..अब नये वैज्ञानिक व सम्पूर्ण सर्वे पर ही सिलक्यारा सुरंग का भविष्य टिका है..
श्रमिकों और उनके परिजनों के चेहरे की खुशी ही मेरी ईगास-बगवाल-धामी
प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर दी मुख्यमंत्री धामी को बधाई
दीवाली 12 नवंबर को विभिन्न राज्यों के 41 मजदूर फंस गए थे सुरंग में
देहरादून। मंगलवार को पूरे देश के लिए मंगलमयी खबर सामने आई । डबल इंजन सरकार के सशक्त नेतृत्व और रेस्क्यू टीमों के अथक परिश्रम से ऑपरेशन सिलक्यारा फतह कर लिया गया है। सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिक 17वें दिन सकुशल बाहर आ गए हैं।
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में 12 नवंबर को भूधंसाव होने से 41 श्रमिक सुरंग में ही फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। देहरादून से पहुंचे एसडीआरएफ के जवान स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ तत्काल रेस्क्यू में जुट गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके का जायजा लेने पहुंचे। सीएम के दौरे के साथ ही रेस्क्यू अभियान जोर पकड़ गया। राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गईं।
सुरंग में मलबा हटाने के लिए सबसे पहले जेसीबी लगाई गई, लेकिन ऊपर से मलबा गिरने पर सफलता नहीं मिल पाई तो देहरादून से ऑगर मशीन मंगाकर सुरंग में ड्रिलिंग शुरू की गई। ऑगर मशीन जवाब दे गई। फिर दिल्ली से अमेरिकन ऑगर मशीन मौके पर पहुंचाई गई। इसके लिए वायुसेना के हरक्यूलिस विमानों की मदद ली गई। इन विमानों ने मशीन के पुर्जों को चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर पहुंचाया और यहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सिलक्यारा पहुंचाया गया।
सुरंग में लगभग 50 मीटर ड्रिलिंग के बाद सरिया सामने आने के कारण इस मशीन में भी खराबी आ गई। फिर हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगाया गया। कटर से ऑगर को काटने के बाद 16वें दिन मैनुअल ड्रिलिंग शुरू की गई और आज 17वें दिन जिंदगी का पाइप श्रमिकों तक पहुंचा दिया गया। यही नहीं सरकार तीन अन्य मोर्चों पर भी काम कर रही थी। इसमें वर्टिकल ड्रिलिंग का काम भी 50 मीटर तक पहुंच चुका था।
रेस्क्यू टीमों को सैल्यूट
राज्य और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां, अधिकारी और कर्मचारी आज 17वें दिन तक पूरी तन्मयता और मनोयोग से रेस्क्यू में जुटी रही। मुख्यमंत्री धामी निरंतर स्थलीय निरीक्षण करने साथ ही रेस्क्यू टीमों की हौसला-अफजाई करते रहे। इसी का फल रहा है कि आज यह मिशन सफल हुआ। रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, आईटीबीपी, एनएचएआईडीसीएल, टीएचडीसी, उत्तराखंड राज्य शासन, जिला प्रशासन, भारतीय थल सेना, वायुसेना समेत तमाम संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।
‘आस्था’ और ‘विज्ञान’ से अंजाम तक पहुंचा ‘मिशन सिलक्यारा’
सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू, विज्ञान और भगवान दोनों की बदौलत सफल हो पाया। कहीं न कहीं इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी देखने को मिला, जिससे एक आस बंधी कि सब कुछ ठीक होगा। दरअसल, टनल में फंसे श्रमिकों का तो ईश्वर पर अटल विश्वास था ही बचाव अभियान दल ने भी हर रोज देव आराधना के बाद ही रेस्क्यू की शुरुआत की। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और ‘इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स भी टनल के मुहाने पर बनाए गए बौखनाग मंदिर में सिर झुकाकर श्रमिकों को सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।
मुख्यमंत्री ने बचाव दल की पूरी टीम को दी बधाई, कहा-श्रमिकों और उनके परिजनों के चेहरे की खुशी ही मेरी ईगास-बगवाल
मुख्यमंत्री बोले-बचाव दल की तत्परता, टेक्नोलॉजी का सहयोग, अंदर फंसे श्रमिक बंधुओं की जीवटता, प्रधानमंत्री जी द्वारा की जा रही पल- पल निगरानी और बौख नाग देवता की कृपा से सफल हुआ अभियान
बौख नाग देवता का मुख्यमंत्री ने किया आभार प्रकट, बोले भरोसा था लोकदेवता अभियान को सफल जरूर बनाएंगे
सिलकयारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों के सकुशल बाहर निकलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान में जुटे समस्त बचाव दल को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा की श्रमिकों और उनके परिजनों के चेहरों की खुशी ही मेरे लिए इगास बग्वाल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बचाव दल की तत्परता, टेक्नोलॉजी के सहयोग, सुरंग के अंदर फंसे श्रमिक बंधुओं की जीवटता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जा रही पल- पल निगरानी और बौखनाग देवता की कृपा से यह अभियान सफल हुआ। मुख्यमंत्री ने जरुरी होने पर श्रमिकों को उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधा देने के उन्होंने आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए बड़ी खुशी का दिन है। जितनी प्रसन्नता श्रमिक बंधुओं और उनके परिजनों को है, उतनी ही प्रसन्नता आज मुझे भी हो रही है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान से जुड़े एक-एक सदस्य का मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूं। जिन्होंने देवदूत बनकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि सही मायनों में हमें आज ईगास पर्व की खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान बौख नाग देवता पर हमें विश्वास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्तरीय टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञ इस अभियान में लगे थे। प्रधानमंत्री ने पल-पल इस अभियान की निगरानी की। उनके मार्गदर्शन में बेहतरीन समन्वय ने असंभव को संभव में बदला। उन्होंने अभियान से जुड़े एक-एक सदस्य के प्रति भी आभार प्रकट किया।
प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद की गई व्यवस्थाओं की ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ रेस्क्यू अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलकयारा में 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाले जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर अपनी शुभकामनाएं दी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान श्रमिकों के बारे में मुख्यमंत्री से जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री से जाना कि सुरंग से निकालने के बाद श्रमिकों के स्वास्थ्य देखभाल, घर छोड़ने व परिजनों आदि के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि सभी श्रमिकों को सुरंग से निकलने के बाद सीधे चिन्यालीसौड़ स्थित अस्पताल ले जाया गया है जहां उनकी जरूरी स्वास्थ्य जांच आदि की जाएंगी। साथ ही अवगत कराया कि श्रमिकों के परिजनों को भी फिलहाल चिन्यालीसौड़ ले जाया गया जहां से उनकी सुविधा के अनुसार राज्य सरकार उनको घर छोड़ने की पूरी व्यवस्था करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन के चलते ही यह रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक सफल हो सका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तमाम एजेंसियों व राज्य सरकार के समन्वय से हम 41 श्रमिकों को सकुशल सुरक्षित निकालने में कामयाब रहे हैं।
देहरादून। सोमवार को मौसम का मिजाज बदल गया। पहाड़ से लेकर मैदान तक दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहे। बादलों के साथ ही हल्की ठंडी हवाओं से ठंड में इजाफा हो गया। कई शहरों में तापमान में कमी दर्ज की गई। दो दिन के भीतर तापमान पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक गिरा है।
सर्दी बढ़ने से लोग मोटे गर्म कपड़े पहने नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।देहरादून में जहां शनिवार को दिन का तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं सोमवार को 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
रुद्रप्रयाग में दिन में बादल छाए रहे। केदारनाथ और ऊंचे क्षेत्रों में रात को हिमपात होने की उम्मीद है। पर्यटक स्थल चोपता में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। हवाएं चलने से ठंडक रही। मैदानी जिलों हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में सुबह के वक्त कोहरा छा रहा है। सोमवार को भी सुबह के वक्त कोहरा दिखाई दिया। जिसका असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ रहा है।
आगर मशीन को निकालने की जद्दोजहद जारी, ब्लेड व साफ्ट काटा
मैनुअली विकल्प पर भी काम करेंगे एक्सपर्ट
सिलक्यारा। पंद्रह दिन से फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग 30 मीटर तक हो चुकी है। सोमवार की सांय तक हुई वर्टिकल ड्रिलिंग का अपडेट मीडिया को दिया गया। इसके अलावा, लोहे के जाल से सुरंग में क्षतिग्रस्त हुई आगर मशीन को निकालने की जद्दोजहद जारी है। ब्लेड व साफ्ट काट दिया गया। सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में प्रेस ब्रीफिंग की गई। सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि पाइप में फंसे ऑगर मशीन की ब्लेड एवं साफ्ट को काटने का कार्य पूरा कर लिया गया है । और ऑगर मशीन के हेड को निकालने का कार्य जारी है। जिसके लिए 1 मीटर पाइप भी काटा का चुका है। आगे का कार्य मैन्युअली किया जाएगा।
अपर सचिव (सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) एवं एम.डी (एनएचआईडीसीएल) महमूद अहमद ने बताया कि वर्टिकल ड्रिलिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया अब तक 30 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग कर ली गई है। आगे का कार्य भी पूरी तेज़ी एवं सावधानी से किया जा रहा है। इस दौरान सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा मौजूद रहे।
अग्निवीर बनने को दिखा उत्साह, भर्ती रैली में दूसरे दिन 1030 युवाओं ने दिखाया दमखमभर्ती रैली के दूसरे दिन चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी के युवा शामिल हुए। भर्ती के लिए काशीरामपुर तल्ला में बनाए गए प्रवेश द्वार पर रात तीन बजे से युवाओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी।कोटद्वार में सेना के कौड़िया स्थित विक्टोरिया क्राॅस गबर सिंह कैंप में चल रही गढ़वाल के सात जिलों की अग्निवीर भर्ती रैली के दूसरे दिन पंजीकृत 1319 युवाओं में से 1030 युवाओं ने दमखम दिखाया। दौड़ में सफल युवाओं को अगले चरण की जांच के लिए आगे बढ़ा दिया गया। देर शाम तक इन युवाओं की फिजिकल और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की गईसोमवार को भर्ती रैली के दूसरे दिन चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी के युवा शामिल हुए। भर्ती के लिए काशीरामपुर तल्ला में बनाए गए प्रवेश द्वार पर रात तीन बजे से युवाओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। सबसे पहले युवाओं के प्रवेश पत्र, आधार कार्ड की जांच की गई। इसके बाद प्रारंभिक ऊंचाई की जांच हुई। ऊंचाई में सही पाए जाने वाले युवा गबर सिंह कैंप के बलवीर सिंह स्टेडियम में 1600 मीटर दौड़ के लिए पहुंचे।
रक्षा मंत्रालय के उत्तराखंड के जनसंपर्क अधिकारी ले. कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि दूसरे दिन अग्निवीर जीडी की भर्ती आयोजित हुई, जिसमें चमोली जनपद के 280, हरिद्वार के 177, रुद्रप्रयाग के 199, टिहरी गढ़वाल के 232, उत्तरकाशी के 142 युवा कुल 1030 युवा शामिल हुए।
मंगलवार की रैली में शामिल होंगे 1287 युवा
मंगलवार को देहरादून के 568 व पौड़ी जिले के 719 युवा कुल 1287 युवा रैली में प्रतिभाग करेंगे। देर शाम तक इन जिलों के युवाओं का कोटद्वार पहुंचना शुरू हो गया था।