Category: ताजा खबर

  • स्मार्ट सिटी के कई काम पूरे तो कई अधूरे, शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने की समीक्षा बैठक

    स्मार्ट सिटी के कई काम पूरे तो कई अधूरे, शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने की समीक्षा बैठक

    देहरादून। विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विकास कार्यों के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विकास कार्यों में से अधिकतर कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं जिनमें वाटर एटीएम, स्मार्ट बस, पलटन बाजार का सौन्दर्यीकरण तथा ड्रेनेज का कार्य, सीसीटीवी कैमरे, सड़क निर्माण एवं सीवरेज प्रमुख हैं। उन्होंने सड़क निर्माण, सीवरेज तथा ड्रेनेज के शेष कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। मंत्री ने कहा कि सीवरेज कार्यों के अन्तर्गत लैंसडाउन चौक पर सीवरेज का कार्य पूर्ण हो चुका है। अग्रवाल धर्मशाला से पथरीबाग तक के सीवरेज का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत शहर भर में लगभग 24 वाटर एटीएम कार्य कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि शहर में 30 स्मार्ट बसों का संचालन किया जा रहा है जिससे लगभग 5.63 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से देहरादून शहर के बीच चलने वाली इलेक्ट्रिक बस का राजस्व अपेक्षाकृत कम रहा है जिसको बढ़ाने के लिए स्टापेज की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगली बोर्ड बैठक में उपरोक्त के संबंध में निर्णय लिया जायेगा।

    मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दिसम्बर माह में आयोजित होने वाली इन्वेसटर्स समिट से पूर्व स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत अवशेष कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत हो रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने तथा कार्यों में गुणवत्तापरख तेजी लाने के निर्देश दिये।

    इस अवसर पर डीएम/सीइओ, स्मार्ट सिटी सोनिका तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • डीएवी कॉलेज की दीवार गिरने से युवती की मौत पर मुकदमा दर्ज

    डीएवी कॉलेज की दीवार गिरने से युवती की मौत पर मुकदमा दर्ज

    वती की मौत से उबाल, NSUI व ABVP कार्यकर्ता सड़क पर उतरे

    सरकारी नौकरी मिलने के बाद कोचिंग सेंटर में मिठाई बांटकर लौट रही थी चकराता की युवती, घायल भाई का इलाज जारी

    डीएवी प्राचार्य व वन विभाग ने लगाए एक दूसरे पर आरोप

    देहरादून। डीएवी पीजी कॉलेज में हुए दर्दनाक हादसे से लोगों के मन में रोष उत्पन्न हो रखा है, कॉलेज में चारों तरफ बवाल देखने को मिल रहा है। गुस्साए छात्र संगठनों ने बीते दिन कॉलेज में जमकर हंगामा काटा, वहीं पुलिस ने डीएवी कालेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी अजय सिंह द्वारा बताया गया कि मृतका के भाई ने तहरीर में इस घटना के लिए कालेज प्रबंधन को जिम्मेदार बताया है। आपको बता दें कि डीएवी कालेज की दीवार ढहने से कालेज की पूर्व छात्रा सुष्मिता तोमर की मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साएं छात्रों ने डीएवी कालेज परिसर, करनपुर व कालेज प्राचार्य के सेवक आश्रम रोड स्थित आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्राचार्य का पुतला दहन भी किया गया। पुतला जलाने को लेकर छात्रों की पुलिस के साथ काफी झड़प भी हुई।

    दूसरी ओर बीते गुरुवार देर शाम को डीबीएस कालेज मार्ग पर हुए इस हादसे के बाद छात्र संगठनों ने देर रात तक विरोध-प्रदर्शन किया और डीएवी कालेज प्रबंधन को इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रबंधन ने शुक्रवार को कालेज में अवकाश घोषित किया था, जिससे छात्र-छात्राएं परिसर में तो नहीं थे, लेकिन छात्र नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए कालेज में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि जिस पेड़ की बात प्राचार्य कर रहे हैं, इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई थी, उसके बावजूद पेड़ नहीं काटा गया।

    सिस्टम की लापरवाही से छात्रा की मौत

    उधर, डीएवी कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष दयाल बिष्ट ने कहा कि सुष्मिता तोमर ने एक माह पूर्व ही कनिष्ठ सहायक पद पर डिग्री कालेज पुरोला में ज्वाइनिंग दी थी, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के कारण सुष्मिता आज हमारे बीच नहीं है। उनका भाई रघुवीर गंभीर रूप से घायल है। पूर्व में कई बार डीएवी कालेज को लिखित व मौखिक रूप से जर्जर दीवार के पुनर्निर्माण को कहा था, लेकिन अनदेखा किया गया।

    अभाविप के महानगर मंत्री उज्ज्वल सेमवाल ने कहा कि अभाविप कार्यकर्ता गुरुवार रात से कालेज गेट पर तालेबंदी कर धरना दे रहे हैं। वह प्राचार्य डा. केआर जैन के इस्तीफे और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

    छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा मामला

    इस दौरान सुमित कुमार, यशवंत पंवार, ऋषभ मल्होत्रा, विपिन भट्ट, सागर तोमर, नवदीप राणा, अमन जोशी, विकास टम्टा आदि उपस्थित रहे। उधर, सत्यम शिवम छात्र संगठन के संरक्षक आकिब अहमद ने कहा कि जब वन विभाग नहीं सुन रहा था तो डीएवी कालेज प्रबंधन को जिलाधिकारी से शिकायत करनी चाहिए थी, आखिर यह छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला था।

    पढ़िए पूरा मामला

    गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे ग्राम व पोस्ट कोटा तपलाड, चकराता निवासी सुष्मिता अपने भाई रघुबीर तोमर के साथ नौकरी लगने की खुशी में कोचिंग संचालक को मिठाई खिलाने के लिए गए थे। वापसी में डीएवी पीजी कालेज के पीछे की दीवार डीबीएस मार्ग पर ढह गई। दीवार की चपेट में आने से दोनों भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने सुष्मिता को मृत घोषित कर दिया।

  • सीएम धामी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल का सिल्वर बटन आया

    सीएम धामी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल का सिल्वर बटन आया

    जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु सोशल मीडिया बेहतर प्लेफ़ार्म- मुख्यमंत्री

    विभाग पारंपरिक प्रचार के तरीक़ों के साथ ही सोशल मीडिया का भी उपयोग करें- मुख्यमंत्री

    यूट्यूब द्वारा सीएम पुष्कर सिंह धामी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल को सिल्वर बटन प्रदान किया गया

    देहरादून। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल को सिल्वर बटन प्रदान किया गया है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मुख्यमंत्री धामी को यूट्यूब से प्राप्त उनके ऑफिसियल यूट्यूब चैनल का प्रमाणपत्र भेंट किया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म सूचनाओं के आदान- प्रदान के साथ ही प्रचार- प्रसार का सबसे बेहतर माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक तक योजनाओं को पहुँचाया जाए इसके लिए उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार- प्रसार हेतु सोशल मीडिया का बेहतर प्रयोग किया जा सकता है, सभी विभाग जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को आम जन तक पहुँचाने के लिए पारंपरिक प्रचार के तरीक़ों के साथ ही सोशल मीडिया का भी उपयोग करें।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री सोशल मीडिया टीम के सदस्य एवं सूचना विभाग के अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

  • लोकसेवा आयोग ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निकाली फोरमैन की भर्ती, विरोध शुरू

    लोकसेवा आयोग ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निकाली फोरमैन की भर्ती, विरोध शुरू

    विरोध- सीधी भर्ती निरस्त कर पदों को विभागीय पदोन्नति भरे जाने की मांग उठी

    देहरादून। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में फोरमैन के पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा निकाली गई भर्ती का उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आर पी जोशी ने कड़ा विरोध किया है । संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जोशी के अनुसार आईटीआई में तैनात अनुदेशक संवर्ग विगत कई वर्षों से फोरमैन के पदों को 100% विभागीय पदोन्नति से ही भरने की मांग करते आ रहे हैं। अगस्त 2021 में तत्कालीन निदेशक एवं वर्तमान में सचिव विजय कुमार यादव से सहमति भी बनी थी और इसका लिखित कार्यवृत्त भी जारी हुआ था।

    इसके बाद नवनियुक्त निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने भी सितंबर 2021 को 100% विभागीय पदोन्नति पर अपनी सहमति प्रदान की थी। किंतु विभाग के अधिकारियों ने नियमावली को बनाने में हीला हवाली की। नतीजतन, विभाग के 20% फोरमैन के पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने की विज्ञप्ति जारी कर दी गई है ।

    जोशी के अनुसार विभाग में लगभग 400 नियमित अनुदेशक तैनात हैं, और अगला पदोन्नति का पद कार्यदेशक है। जिसके लगभग 80% पदों अर्थात 153 पदों को ही पदोन्नति से भरा जाता है । इसका दुष्परिणाम यह होता है कि विभाग के आधे से अधिक अनुदेशक बगैर एक भी पदोन्नति प्राप्त किए ही अपने मूल पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

    जोशी ने कहा कि उक्त विज्ञप्ति के जारी होने से विभाग में कार्यरत अनुदेशकों के मनोबल पर गहरा प्रभाव पड़ेगा । जोशी ने विभाग एवं शासन से कार्यदेशक के पदों पर आयोग से हो रही सीधी भर्ती को तत्काल निरस्त करने एवं उक्त पदों को 100% विभागीय पदोन्नति से ही भरे जाने की पुरजोर मांग की है ।

  • 26 नवंबर से कोटद्वार में शुरू होगी अग्निवीर भर्ती

    26 नवंबर से कोटद्वार में शुरू होगी अग्निवीर भर्ती

    पौड़ी।  कोटद्वार में सात जिलों की 61 तहसीलों के अग्निवीरों की भर्ती होगी। अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा अप्रैल माह में हो चुकी है।कोटद्वार के विक्टोरिया क्रॉस गबर सिंह कैंप में 26 नवंबर से एक दिसंबर तक आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। बृहस्पतिवार को एसडीएम की अध्यक्षता में भर्ती से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें सेना के भर्ती अधिकारी परितोष मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों को भर्ती से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

    एसडीएम ने सभी अधिकारियों को उचित व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए। बताया कि कोटद्वार में सात जिलों की 61 तहसीलों के अग्निवीरों की भर्ती होगी। अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा अप्रैल माह में हो चुकी है।कोटद्वार तहसील सभागार में आयोजित बैठक में लैंसडौन सेना भर्ती अधिकारी कर्नल परितोष मिश्रा ने कहा कि कौड़िया स्थित गबर सिंह कैंप में 26 नवंबर से एक दिसंबर तक प्रदेश की दूसरी अग्निवीर सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाना है।

    पहले यह भर्ती सितंबर में होनी थी, लेकिन भारी बरसात व आपदा के दृष्टिगत इसे स्थगित करना पड़ा। कहा कि भर्ती रैली के सफलतापूर्वक संचालन के लिए सिविल विभागों की भूमिका अहम रहेगी।बताया कि सात जिलों के 61 तहसीलों के युवाओं की भर्ती के लिए काशीरामपुर तल्ला में इंट्री प्वाइंट बनाया जाएगा। कैंप के बाहर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन की होगी, जबकि कैंप के भीतर की सभी व्यवस्थाएं आर्मी के जवान संभालेंगे। उन्होंने दौड़ का ट्रैक बनाने, भर्ती रैली में शामिल होने वाले युवाओं के लिए चिकित्सा, खाने, ठहरने, यातायात आदि की उचित व्यवस्था करने का आग्रह किया।बैठक के बाद कर्नल परितोष मिश्रा के नेतृत्व में एसडीएम समेत सभी अधिकारी कौड़िया कैंप पहुंचे।

    उन्होंने भर्ती स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को भर्ती के लिए व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीओ विभव सैनी, गबर सिंह कैंप के सूबेदार मेजर अशोक कुमार, लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    ऐसे होगा भर्ती रैली का आयोजन
    26 नवंबर को पहले दिन चमोली के 115, देहरादून के 126, हरिद्वार के 62, पौड़ी के 246, रुद्रप्रयाग के 61, टिहरी के 75 और उत्तरकाशी के 29 युवा, कुल 714 युवा भर्ती रैली में शामिल होंगे।

    27 नवंबर को चमोली जनपद के 353, हरिद्वार के 228, रुद्रप्रयाग के 251, टिहरी के 290, उत्तरकाशी के 197 युवा, कुल 1319 युवा प्रतिभाग करेंगे।
    28 नवंबर को देहरादून के 568 व पौड़ी जिले के 719 युवा, कुल 1287 युवा रैली में प्रतिभाग करेंगे।
    29 व 30 नवंबर को छूटे हुए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र, मेडिकल, फिजिकल आदि की जांच होगी।

  • उत्तराखंड के 8 IAS अधिकारियों की लगी चुनावी ड्यूटी

    उत्तराखंड के 8 IAS अधिकारियों की लगी चुनावी ड्यूटी

    देहरादून। उत्तराखंड के 8 IAS अधिकारियों की लगी चुनावी ड्यूटी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विधानसभा चुनाव में करेंगे ड्यूटीआर राजेश कुमार, देव कृष्ण तिवारी, विनीत कुमार, नितिन सिंह भदोरिया, मनुज गोयल, दीपेंद्र चौधरी, उमेश नारायण पांडे, हरीश चंद्र कांडपाल की विधानसभा चुनाव में लगी ड्यूटी नितिन सिंह भदोरिया, मनुज गोयल छत्तीसगढ़ में ऑब्जर्वर बनाए गएआर राजेश कुमार, देव कृष्ण तिवारी, विनीत कुमार, दीपेंद्र चौधरी, उमेश नारायण पांडे, हरीश चंद्र कांडपाल मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त।

  • देहरादून : डी ए वी कॉलेज की दीवार गिरने से एक युवती की मौत, एक युवक घायल

    देहरादून : डी ए वी कॉलेज की दीवार गिरने से एक युवती की मौत, एक युवक घायल

    देहरादून।  देहरादून के करणपुर इलाके में डी ए वी कॉलेज की दीवार गिरने से एक युवती की मौत हो गई जबकि एक युवक घायल है जानकारी के मुताबिक कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा मैं जॉब मिलने के बाद अपने टीचर को मिठाई खिलाने के बाद घर जा रही सुष्मिता तोमर पर यह दीवार गिरने से हुई मृत्यु जबकि उनके साथ लौट रहा भाई घायल हुआ हैं। इस सूचना पर आक्रोशित होकर छात्र सेवक आश्रम रोड पर धरने पर बैठ गए हैं जबकि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात कर दिया गया है। गुरुवार रात्रि लगभग 8.30 बजे डी ए वी महाविद्यालय की दीवार गिरने के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो गई तथा एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस घटना पर शोक व्यक्त करती है एवम इस दुख की घड़ी में उन छात्रों के परिजनों के साथ खड़ी है ।पूर्व में विद्यार्थी परिषद द्वारा कॉलेज में जीर्ण शीर्ण भवनों कक्षों दीवारों के संबंध में अनेकों बार प्राचार्य को ज्ञापन दिए गए किंतु कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार नजरंदाज किया गया इस लापरवाही के कारण ही आज एक होनहार बेटी काल का ग्रास बनी विद्यार्थी परिषद मांग करती है की दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएं । तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो ऐसे भवनों कक्षों एवं दीवारों को यथाशीघ्र ठीक करवाया जाए इस मौके छात्र संघ अध्यक्ष दयाल बिष्ट सुमित कुमार ऋषभ मल्होत्रा ऋतिक नौटियाल विपिन नवदीप करन आदि उपस्थित रहे ।

  • फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मुख्य किरदार केपी सिंह की जेल में मौत

    फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मुख्य किरदार केपी सिंह की जेल में मौत

    केपी सिंह कई सफेदपोशों का था राजदार, पुलिस- प्रशासन में हलचल कई सफेदपोशों के राजदार केपी की मौत से पुलिस जांच को भी लगा झटका देहरादून के फर्जी रजिस्ट्री घोटाले से सुर्खियों में आया था केपी सिंह

     

    सहारनपुर/देहरादून। फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मुख्य किरदार केपी सिंह की सहारनपुर जेल में मौत हो गयी। सूत्रों के मुताबिक केपी सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। 51 वर्षीय केपी सिंह को 19 अक्टूबर,गुरुवार की सुबह जेल में ही दिल का दौरा पड़ा। पहले उसे जेल के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। कंवरपाल उर्फ केपी सिंह को जबरदस्त हार्ट अटैक, हाइपर टेंशन व बेहोशी की वजह से एसबीडी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दून के एसएसपी अजय सिंह ने सहारनपुर जेल में केपी सिंह की मौत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि केपी सिंह की हार्ट अटैक से मौत हुई।

    देहरादून में जमीनो की फर्जी रजिस्ट्री मामले से सुर्खियों में आये सहारनपुर निवासी केपी सिंह से दून पुलिस ने सितम्बर में पूछताछ की थी। केपी सिंह एक अन्य मामले में अगस्त के दूसरे पखवाड़े में सहारनपुर जेल में बंद हुआ था। सितम्बर महीने में बी वारंट के तहत दून पुलिस ने केपी सिंह से पूछताछ में कई राज उगलवाये थे। इसके बाद दून के वकील विरमानी, इमरान, केपी की पत्नी समेत कई लोग जेल में डाले गए।

    इधर, केपी की मौत के बाद पुलिस भी सकते में है। इस मौत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।पुलिस की जांच के लिए केपी सिंह एक बहुत खास कड़ी था। दून पुलिस /एसआईटी ने शुरू से ही इस प्रकरण पर बेहतर कार्य करते हुए नामवर लोगों को गिरफ्तार कर सभी को चौंका दिया था। गिरफ्तारियों पर वकीलों ने विरोध भी जताया था।

    क्या केपी की मौत नेचुरल है या सबूत मिटाने के लिए केपी किसी बड़ी साजिश का शिकार तो नहीं हुआ। अगर इस मौत से पर्दा उठ गया तो कई नई कहानियों के सामने आने में देर नहीं लगेगी। केपी सिंह पूरे मामले में कई सफेदपोशों का राजदार था। चर्चा यह भी आम थी कि केपी सिंह का मुंह खुलने पर कई अन्य रसूखदार चेहरों से भी पर्दा हटता। लेकिन इस मौत के बाद अब कई सवालों का उत्तर मिलना एक टेढ़ी खीर हो गया है।

    उल्लेखनीय है कि सहारनपुर निवासी केपी सिंह अन्य मामले में सहारनपुर जेल में बंद था। दून का मामला उजागर होते ही केपी सिंह पुराने मामले में जमानत तुड़वा कर सहारनपुर जेल में दाखिल हो गया था।

    सितम्बर महीने में दून पुलिस पूछताछ के लिए केपी सिंह को यहां लायी थी। केपी सिंह ने ही सबसे पहले बैनामों में छेड़छाड़ करने का खेल शुरू किया था। केपी सिंह सहारनपुर में रखे देहरादून के रिकॉर्ड में अधिवक्ता विरमानी व इमरान के साथ मिलकर घपला करता था। और फिर वास्तविक दस्तावेज को जलाकर नष्ट कर देता था। इस गैंग ने फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों के वारे न्यारे किये। वकील विरमानी व इमरान समेटेक दर्जन से अधिक लोग जेल में बंद है। केपी सिंह की पत्नी भी जेल में बंद है।

    गौरतलब है कि सितम्बर के दूसरे पखवाड़े में पुलिस केपी सिंह को बी वारंट पर देहरादून लेकर आई थी। केपी सिंह ने कोर्ट को गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने कोर्ट के सामने कहा कि वह इस फर्जीवाड़े के बारे में कुछ नहीं जानता है। वह केवल पांचवी तक पढ़ा है। बैनामा क्या होता है उसे इसकी भी जानकारी नहीं है। इस अभियोजन की ओर से तमाम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें उसका इस फर्जीवाड़े से संबंध होना दर्शाया गया।

    बहरहाल, करोड़ों के फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मास्टरमाइंड केपी सिंह की जेल में हुई मौत से पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। इस बड़े घोटाले में कई सफेदपोश भी शक के दायरे में हैं। उम्मीद थी कि दून पुलिस के हाथ उनके कॉलर तक भी पहुंचेंगे। लेकिन अचानक केपी सिंह की संदिग्ध मौत ने फर्जी रजिस्ट्री की कहानी को नये मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

  • धोखाधड़ी कर फरार चल रहे अभियुक्त की संपत्ति कुर्की, ढोल नगाड़े के साथ घर पहुँची दून पुलिस

    धोखाधड़ी कर फरार चल रहे अभियुक्त की संपत्ति कुर्की, ढोल नगाड़े के साथ घर पहुँची दून पुलिस

    देहरादून। दून पुलिस ने ढोल नगाड़े के साथ रिटायर कर्नल जेएस राणा को जमीन बेचने के एवज में 85 लाख रुपए हड़पने वाले अभियुक्त के घर की कुर्की की घोषणा की। अभियुक्त के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही अभियुक्त लगातार फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध पूर्व में न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर गिरफ्तारी के प्रयास किए गए थे।

    इधर, अभियुक्त के लगातार फरार रहने पर पुलिस ने न्यायालय से आदेश प्राप्त करते हुए गुरुवार को अभियुक्त जसजीत सिंह पुत्र परमजीत सिंह निवासी सी- 156 सेक्टर 3 डिफेंस कॉलोनी, देहरादून के आवास पर नोटिस तामील की कार्यवाही की । इस दौरान दो गवाहों के समक्ष अभियुक्त के मोहल्ले डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में मुनादी कराई गई। अभियुक्त के मकान के मुख्य गेट सहित मोहल्ले के मुख्य-मुख्य स्थानों व चौराहों पर धारा 82 सीआरपीसी की उद्घोषणा चस्पा की गई।

    अभियुक्त जसजीत सिंह को 26 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने तथा ऐसा न करने पर न्यायालय के आदेशानुसार भविष्य में की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई संबंधी उद्घोषणा भी की गई।

  • हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

    हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

    कलाशन में काश्तकारों से मिले, सेब बागानों का किया भ्रमण

    शिमला में पीएम विश्वकर्मा योजना की कार्यशाला में लेंगे हिस्सा

    देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय भ्रमण पर हैं। अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान डॉ. रावत आज करसोग तहसील के कलाशन पहुंचे। जहां उन्होंने उत्तराखंड में एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा देने के दृष्टिगत वहां के सेब बागानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेब काश्तकारों से भी मुलाकात की। डॉ. रावत अपने भ्रमण के दौरान शिमला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में आयोजित कार्यशाला में भी प्रतिभाग करेंगे। इससे पहले हिमाचल प्रदेश पहुंचने पर डॉ. रावत का वहां के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास से लौटने के उपंरात सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत दिल्ली से सीधे हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर निकले हैं। मीडिया को जारी बयान में डॉ. रावत ने बताया कि वह गुरूवार 19 अक्टूबर एवं शुक्रवार 20 अक्टूबर को देवभूमि हिमाचल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि वह शुक्रवार को शिमला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में आयोजित विशेष कार्यशाला में प्रतिभाग करेंगे। इस अवसर पर वह लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा योजना से होने वाला फायदों से अवगत करायेंगे। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसकी घोषण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती की। इस योजना का उद्देश्य देश के करोड़ों कारीगरों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत 18 पारंपरिक पेशों से जुड़े कारीगरों का चयन किया जायेगा और उन्हें पांच से सात दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान पांच सौ रुपये प्रतिदिन भत्ता, प्रशिक्षण के बाद टूलकिट की खरीद के लिए पंद्रह हजार रुपये और पांच प्रतिशत की ब्याज दर पर दो किश्तों में तीन लाख रुपये का गारंटी मुक्त ऋण दिया जाएगा।

    इससे पहले गुरूवार (आज) को शिमला पहुंचने पर डॉ. रावत का हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। शिमला पहुंचने के उपरांत डॉ. रावत हिमालच प्रदेश के कलाशन पहुंचे। जहां उन्होंने कलाशन सेब बागान का भ्रमण किया और सेब की खेती से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सेब काश्तकारों से भी मुलाकात की और सेब उत्पादन को लेकर उनके अनुभवों को जाना। डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है और सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के पर्वतीय जनपदों उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों एवं काश्ताकरों को सेब की खेती का प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सेब उत्पादन की असीम सम्भावनाएं हैं और राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को औद्यानिकी की ओर आकर्षित कर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।