Category: ताजा खबर

  • इन्वेस्टर्स समिट से पहले 55 हजार करोड़ के करार

    इन्वेस्टर्स समिट से पहले 55 हजार करोड़ के करार

    लंदन, दुबई और आबू धाबी में हजारों करोड़ के करार

    यूएई दौर के बाद दिल्ली पहुंचे सीएम धामी ने मीडिया को दी जानकारी

    नई दिल्ली। यूएई दौर के बाद दिल्ली पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत पहले लंदन, बर्मिंघम, दिल्ली में तथा अभी दुबई और अबू धाबी में विभिन्न निवेशक समूहों के साथ बैठकें हुई। पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, फार्मा, कृषि, एग्रो के क्षेत्र में निवेशकों से काफी करार हुए हैं। निवेशकों का उत्तराखण्ड आने के लिए और निवेश के लिए मन में आकर्षण है। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ के निवेश पर दुबई और आबू धाबी में करार हुआ है। इसके अलावा काफी प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। देश के अन्य शहरों में भी निवेशकों के साथ संवाद और रोड शो किये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि 8-9 दिसम्बर 2023 को देहरादून में प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट तक अभी तक हुए सभी करारों को धरातल पर उतारने का कार्य हो। उन्होंने कहा कि विभिन्न बैठकों में जो भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उन सुझावों पर भी अमल किया जायेगा। जो भी करार हुए हैं और प्रस्ताव आये हैं, राज्य के लिए कौन से उपयोगी हैं और भविष्य में फायदेमंद हो सकते हैं, उनका पूरा आंकलन कर आगे कार्य किये जायेंगे।

    निवेश के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले और प्राथमिक सेक्टर को मजबूत बनाने वाले प्रस्तावों एवं करारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोत्साहित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जो भी नीतियां बनाई हैं, निवेशकों, उद्योगों एवं उत्तराखण्ड के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि दो दिवसीय यूएई दौरे के दौरान कुल मिलाकर पंद्रह हजार चार सौ पच्चहत्तर करोड़ (15475 करोड) के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए। जिसके तहत पहले दिन दुबई में 11925 करोड़ एवं दूसरे दिन अबू धाबी में 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू शामिल हैं।

    अबतक 54 हजार करोड से अधिक के एमओयू

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन एवं दिल्ली में कुल मिलाकर अब तक चौवन हजार पांच सौ पचास करोड़ (54550 करोड) के इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन किए जा चुके हैं। जिसमें यूएई में 15475 करोड, ब्रिटेन में 12500 करोड़ एवं ब्रिटेन में 12 हज़ार 500 करोड़ एवं दिल्ली में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों में 26,575 करोड़ के एमओयू (4 सितंबर को 7600 करोड़ एवं 4 अक्टूबर को दिल्ली रोड शो के दौरान 18975 हजार करोड़ रूपये ) किये जा चुके हैं।

  • यूएई दौरे के दूसरे दिन ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट पत्र पर हस्ताक्षर

    यूएई दौरे के दूसरे दिन ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट पत्र पर हस्ताक्षर

    मुख्यमंत्री व टीम ने ICAI के कार्यक्रम में उत्तराखंड में निवेश के गिनाए लाभ

    यूएई दौरे में ₹15 हजार 475 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मिली मंजूरी

     

    अबू धाबी। उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 हेतु संयुक्त राज्य अमीरात (यूएई) दौरे के दूसरे दिन उत्तराखण्ड सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने आज अबू धाबी में विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में विभिन्न समूहों के साथ राज्य सरकार की ओर से यूएई दौरे के दूसरे दिन 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी उद्योग घरानों को आगामी 8 एवं 9 दिसम्बर माह में देहरादून में आयोजित होने वाले समिट हेतु निमत्रण भी दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी के साथ कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत भी मौजूद रहे।

    बुधवार को अबू धाबी में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किए गए ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू में क्रमशः लूलू ग्रुप के साथ रियल एस्टेट सेक्टर हेतु 1000 करोड़, हायपर मार्केट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में निवेश हेतु 500 करोड़ एवं फूड पार्क हेतु 250 करोड़, एसीटी फैसिलिटिज मिडिल ईस्ट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में 1500 करोड़ एवं रिजेन्ट ग्लोबल के साथ फार्मा सेक्टर में निवेश हेतु 300 करोड़ के एमओयू शामिल हैं। इससे पूर्व यूएई दौरे के पहले दिन दुबई सीएम धामी की उपस्थिति में 11925 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए थे। कुल मिलाकर संयुक्त अरब अमीरात में 15 हजार 475 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए।

    मुख्यमंत्री ने किया आईसीएआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

    मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को अबु धाबी में इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउन्टेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व में चाटर्ड एकाउन्टेंट्स के सबसे बड़े संगठन के मेघावी सदस्यों के बीच आना अपने आप में गौवर का क्षण है। उन्होंने कहा कि देश दुनियां में उत्तराखण्ड की पहचान देवभूमि के रूप में है जहां एक ओर केदारनाथ, बदरीनाथ धाम, जागेश्वर आदि मंदिर स्थित हैं, वहीं हमारा प्रदेश गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों का उद्गम स्थल भी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बचाये रखते हुए प्रदेश के विकास का मार्ग चुना है। इसके लिए हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि को अपना मूलमंत्र माना है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म, वेलनेस और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के साथ-साथ उत्तराखण्ड में अनेक नए एवं गैर परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से एक ओर जहां राज्य में पिछले पांच वर्षों में करीब 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, वहीं दूसरी ओर 20 हजार करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं पर कार्य गतिमान है। उत्तराखण्ड भी अपनी अवस्थापना परियोजनाओं, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि के क्षेत्र में आपके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ लेने हेतु तत्पर है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रियल स्टेट क्षेत्र में यूएई ने अत्यंत प्रगति की है, यहाँ की प्रसिद्ध इमारतें विश्व में अपना प्रतिमान स्थापित कर चुकी हैं। उत्तराखण्ड भी अपने शहरों का सुनियोजित विकास एवं नये शहरों की स्थापना करने हेतु आपके साथ सहयोग करने का इच्छुक है, जिससे इस क्षेत्र में आपकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार निवेशकों को राज्य में सभी प्राथमिक आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु सदैव तत्पर है और विशेष रूप से गत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सुनियोजित प्रयास किये हैं। लन्दन एवं बर्मिंघम और उसके बाद दिल्ली के रोड शो के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से 40 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, उससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी उद्यमी, उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।

    कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी अपना सम्बोधन दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव मुख्यमंत्री डा. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव उद्योग विनय शंकर पांड्य, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा समेत प्रतिनिधि मंडल के अन्य सदस्य एवं आईसीएआई के सदस्य मौजूद रहे।

  • तराई केन्द्रीय फॉरेस्ट डिवीजन के टांडा रेंज में गुज्जरों के अवैध कब्जों पर चली जेसीबी

    तराई केन्द्रीय फॉरेस्ट डिवीजन के टांडा रेंज में गुज्जरों के अवैध कब्जों पर चली जेसीबी

    अवैध बसे बाहरी गुज्जरों ने मदरसे भी बना लिए थे-वन विभाग

    उधमसिंहनगर/ देहरादून। तराई केन्द्रीय फॉरेस्ट डिवीजन के टांडा रेंज में बुधवार की शाम को वन विभाग के बुलडोजरों ने गुज्जरों के अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। वन विभाग को सुचना मिली थी कि जंगलों में अवैध रूप से बाहरी प्रदेशों से आए गुज्जर अवैध रूप से बस गए है और वहां उन्होंने अवैध रूप से मदरसे भी बना लिए है।

    उत्तराखंड फॉरेस्ट के अतिक्रमण हटाओ अभियान के नोडल अधिकारी डा पराग मधुकर धकाते ने बताया कि तराई क्षेत्र के टांडा रेंज में अतिक्रमण को लेकर मीडिया में आई खबरों को मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग ने गंभीरता से लिया और जिला प्रशासन उधमसिंह नगर और तराई सेंट्रल फॉरेस्ट डिवीज़न के अधिकारियों की संयुक्त कारवाई में उक्त अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है और एक एकड़ वनभूमि पर बने धार्मिक अतिक्रमण को हटा दिया गया, यहां अवैध रूप से मदरसे बनाया गया था और इसके लिए प्रशासन से अनुमति नही ली गई थी।

    डा धकाते ने बताया कि पूर्व में भी यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिए गए थे परंतु इनके द्वारा नियमानुसार जंगल की जमीन को खाली नहीं किया गया था इस लिए आज सख्त कारवाई को बाध्य होना पड़ा। उन्होंने बताया कि जंगल में किसी भी प्रकार की धार्मिक स्थल बनाए जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती और यदि कोई बनाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कारवाई की जाएगी साथ ही विभागीय अधिकारियों पर भी कारवाई की जाएगी।

    डा धकाते ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय राज मार्गो के किनारे फॉरेस्ट लैंड से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करके ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा और कोई भी धार्मिक चिन्ह जंगल में नही बनने दिया जाएगा।

  • उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में  आजीविका व रोजगार के अवसर बढ़ाए जाय

    उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका व रोजगार के अवसर बढ़ाए जाय

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश के ग्रामीण इलाके की समस्या पर किया मंथन

    देहरादून। दिनांक 18 अक्टूबर 2023 को शैलेश कुमार सिंह, सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक सचिवालय परिसर स्थित मुख्य सचिव सभागार में की गयी। विभाग का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों एवं रोजगार में वृद्धि, बुनियादी ढांचे एवं गरिमापूर्ण आवासीय सुविधा के विकास द्वारा गरीबी उन्मूलन हेतु बहुआयामी रणनीति के माध्यम से समग्र सत्त एवं समावेशी विकास करना है। विभागान्तर्गत केन्द्र पोषित योजनायें राज्य पोषित एवं वाह्य सहायतित परियोजना संचालित हैं, जिन पर विस्तृत चर्चा की गयी तथा प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया गया।

    महात्मा गाँधी नरेगा की समीक्षा में मिशन अमृत सरोवर में लक्ष्य के सापेक्ष 129 प्रतिशत की प्रगति पर राज्य को बधाई दी गयी। सचिव महोदय द्वारा सोशल ऑडिट को अधिक विस्तारित किये जाने और उसकी गुणवत्ता बढ़ाये जाने की अपेक्षा की गई। निदेशक सोशल ऑडिट द्वारा फण्ड समय पर निर्गत न हो पाने की समस्या बताई, जिस पर सचिव भारत सरकार द्वारा सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया। एरिया ऑफिसर मॉनिटरिंग के अंतर्गत राज्य में 66 प्रतिशत निरीक्षण किये गये हैं जिसे बढ़ाये जाने के निर्देश दिये गये। राज्य में श्रमिकों के खातों को आधार आधारित भुगतान प्रक्रिया से जोड़े जाने का प्रतिशत 86 है। सचिव भारत सरकार द्वारा निर्देशित किया गया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि माह दिसम्बर 2023 है। अतः इस तिथि तक अनिवार्य रूप से प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाये। राज्य द्वारा उठाये गए प्रशासनिक मद की राशि को निर्धारित सीमा 6 प्रतिशत के अनुसार ही जारी करने के अनुरोध पर सचिव महोदय द्वारा आश्वस्त किया गया कि इस पर उचित कार्यवाही की जाएगी। राज्य द्वारा प्रारम्भ नवाचारों यथा अमृत सरोवर एवं मत्स्य पालन, मेरा गांव मेरी सड़क, आजीविका पैकेज मॉडल आदि की सचिव महोदय द्वारा सराहना की गयी।

    उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण मिशन के अन्तर्गत राज्य में वर्तमान समय तक 5.04 लाख महिलाओं को संगठित कर 65355 समूहों का गठन कर उनको उच्च स्तरीय संगठन के रूप में 6705 ग्राम संगठनों एवं 414 कलस्टर स्तरीय संगठनों का गठन किया गया है। 48211 समूहों को रू० 5499.70 लाख का रिवाल्विंग फण्ड, 303147 समूहों को रू0 18761.65 लाख सामुदायिक निवेश निधि एवं वर्तमान समय तक 60274 समूहों को रू0 496.41 करोड़ का बैंक लिंकेज (सी०सी०एल०) / ऋण उपलब्ध करवाकर विभिन्न आजीविका सम्बर्द्धन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। फार्म लाइवलीहुड घटक के अन्तर्गत राज्य में 2.05 लाख महिला किसानों का क्षमता विकास कर 1.33 लाख एग्री न्यूट्री गार्डन, 260 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना एवं 108 उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) के तहत 2193 उद्यमों की स्थापना की गयी है। समूहों के उत्पादों के प्रसंस्करण एवं बाजारीकरण हेतु 24 ग्रोथ सेन्टर, 19 सरस सेन्टर, 04 राज्य स्तरीय, 60 कलस्टर स्तरीय 110 यात्रा आउटलेटों की स्थापना की गयी है। सचिव महोदय को अवगत कराया गया कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना का संचालन किया जा रहा है।

    ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना ( REAP) के माध्यम से एन०आर०एल०एम० योजना में गठित समूहों का वैल्यू चैन एवं इन्टरप्राईजेस मोड में विकसित किया जायेगा । यू०एस०आर०एल०एम० / रीप एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वयन कर वर्ष 2025 तक राज्य में 1.25 लाख दीदीयों को लखपति दीदी के रूप में विकसित किये जाने का लक्ष्य है जिसमें वर्तमान समय तक 40270 सदस्यों को लखपति दीदी के रूप में तैयार किया गया है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत नये स्वीकृत आवासों हेतु भारत सरकार से अवमुक्त की जा चुकी है। तत्काल प्रथम किश्त निर्गत करते हुए निर्माणाधीन आवासों को धनराशि पूर्ण करा लिया जाये। देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सचिव, ग्रमीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सराहना करते हुए इसको बरकार रखने के निर्देश दिये गये। उत्तराखण्ड राज्य को प्रतीक्षा सूची में उपलब्ध समस्त पात्र लाभार्थियों हेतु आवास आवंटित किये जा चुके हैं।

    प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अन्तर्गत बैठक में PMGSY-I & II के समस्त कार्यों को मार्च, 2024 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। बैठक में यह भी निर्देश दिये गये कि अनुरक्षणाधीन कार्यों में RI (Routine Inspection) को अनिवार्य एवं समयबद्ध रूप से करते हुए गुणवत्तापरक कार्य कराये जायें तथा मार्गों के निर्माण में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाये।

    सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान विकासखण्ड रायपुर में मिलेट्स बेकरी का अवलोकन किया गया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का उत्साह वर्द्धन करते हुए जानकारी प्राप्त की गयी एवं उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पाद का टेस्ट लिया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत देहरादून के रायपुर विकासखण्ड में निर्मित धारकोट से तलाई मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, लम्बाई 4.01 किमी0 लागत रू0 201.73 लाख एवं धारकोट से उपरीतलाई मोटर मार्ग स्टेज-2 लम्बाई 1.50 किमी०, लागत रू0 77.04 लाख का निरीक्षण किया गया। उपरोक्त दोनों मार्ग वर्ष 2021 में पूर्ण हो गये थे, जिन पर तृतीय वर्ष में अनुरक्षण का कार्य किया जा रहा है। डोईवाला विकासखण्ड के न्याय पंचायत रानीपोखरी में एन०आर०एल०एम० के अर्न्तगत गठित स्वाभिमान कलस्टर फैडरेशन की अध्यक्षा द्वारा अवगत कराया गया कि 14 ग्राम संगठनों को मिलाकर 1000 महिलाओं का संगठन तैयार किया गया, संगठन में समूहों को शतप्रतिशत आर०एफ० एवं सी०आई०एफ० से लाभान्वित किया गया है। कलस्टर समूहों की महिलायें बैंक ऋण लेकर विभिन्न आजीविका संवर्द्धन गतिविधियां का संचालन कर रही है, जिससे उनकी वार्षिक आय एक लाख से अधिक होकर लखपति दीदी की अग्रसर हो रही हैं। उत्तरास्टेट इम्पोरियम एवं चक जोगीवाला में महात्मा गांधी नरेगा के अन्तर्गत निर्मित अमृत सरोवर एवं पी०एम०ए०वाई०-जी० योजना से निर्मित आवास का अवलोकन करते हुए उक्त योजनाओं के अन्तर्गत निर्मित कार्यों की सराहना की गई।

    बैठक में गया प्रसाद, उप महानिदेशक (आर.एच.). ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, श्रीमती राधिका झा, सचिव ग्राम्य विकास, बृजेश कुमार संत सचिव समाज कल्याण, आनन्द स्वरूप, अपर सचिव / आयुक्त श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास, नरेन्द्र कुमार जोशी, निदेशक, उसाटा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • अवैध पशु कटान में 3 अभियुक्त गिरफ्तार

    अवैध पशु कटान में 3 अभियुक्त गिरफ्तार

    बिना लाइसेंस के कर रहे थे पशु कटान

    पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत

     

    देहरादून। पुलिस ने अवैध पशु कटान में तीन अभियुक्त गिरफ्तार किये। थानाध्यक्ष सहसपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम खुशहालपुर में साजिद पुत्र सादिक की दुकान पर छापा मारकर बिना लाइसेंस अवैध रूप से पशुओं का कटान कर मांस का विक्रय करने पर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। मौके से पुलिस टीम ने 304 किलोग्राम मांस बरामद किया। दुकान स्वामी साजिद पुत्र सद्दीक को फरार हो गया। चारों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम में अभियोग पंजीकृत किया गया है। कब्जे में लिये गये कुल 304 कि०ग्रा० अवैध मांस को गढ्ढा खोदकर दबाया गया है। गौकशी, अवैध पशु कटान,बिक्री जैसे अपराधों को किसी भी दशा में नहीं किया जाएगा बर्दाश्त, ऐसे सभी अपराधी जाएंगे सलाखों के पीछे,होगी कड़ी कार्यवाही : अजय सिंह, एसएसपी।

    गिरफ्तार अभियुक्त

    1.  दिलशाद पुत्र जिंदा हसन निवासी ग्राम खुशहालपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून, उम्र 40 वर्ष
    2.  साजिद पुत्र हसन निवासी ग्राम खुशहालपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून, उम्र 38 वर्ष
    3. कुर्बान पुत्र फैयाज निवासी ग्राम संसारपुर थाना बेहट, जनपद सहारनपुर, उम्र 40 वर्ष

    वांछित अभियुक्त

    1.  साजिद पुत्र सद्दीक नि0 – ग्राम खुशहालपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून
  • राष्ट्रपति ने ‘पाताल ती’ शार्ट फिल्म के लिए सतीश कुमार ‘बिट्टू’ व ‘एक था गांव’ के लिए सृष्टि को किया सम्मानित

    राष्ट्रपति ने ‘पाताल ती’ शार्ट फिल्म के लिए सतीश कुमार ‘बिट्टू’ व ‘एक था गांव’ के लिए सृष्टि को किया सम्मानित

    देहरादून। दिल्ली के विज्ञान भवन में 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें उत्तराखंड की शॉर्ट फिल्म ‘पाताल ती’ को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवॉर्ड दिया गया। इसके अलावा ‘एक था गांव’ को अंतिम मिश्रित ट्रैक का री- रिकॉर्डिस्ट के तहत बेस्ट ऑडियोग्राफी के पुरस्कार से नवाजा गया। लघु फिल्म ‘पाताल ती’ को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी में शामिल किया गया था।

    इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक संतोष रावत है। जबकि, सिनेमेटोग्राफर बिटू रावत हैं. वहीं, बेस्ट नॉन फीचर फिल्म के लिए सृष्टि लखेड़ा की ‘एक था गांव को चुना गया था, जिन्हें विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कृत किया है।

    ‘पाताल ती’ फिल्म 39वें बुसान अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल कोरिया के लिए भी सिलेक्ट हुई थी। ‘पाताल ती’ एक शॉर्ट फिल्म है, जो भोटिया जनजाति की लोक कथा पर बेस्ड है। इस फिल्म के निर्माण के लिए पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की है। टीम ने पहाड़ों पर पैदल चलकर कई ऐसे दृश्य फिल्माए हैं, जो देखने में अकल्पनीय और बेहतरीन हैं। इस शॉर्ट फिल्म का बिट्टू रावत और दिव्यांशु रौतेला ने फिल्मांकन किया है।

    बेस्ट नॉन फीचर फिल्म के लिए उत्तराखंड की ‘एक था गांव’ फिल्म का चयन किया गया था। ‘एक था गांव’ फिल्म खाली होते पहाड़ों की पृष्ठभूमि पर बनाई गई है। उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा को देखते हुए सृष्टि ने यह फिल्म बनाई। बताया, पहले उनके गांव में 40 परिवार रहते थे और अब पांच से सात लोग ही बचे हैं। लोगों को किसी न किसी मजबूरी से गांव छोड़ना पड़ा। इसी उलझन को उन्होंने एक घंटे की फिल्म के रूप में पेश किया है। फिल्म के दो मुख्य पात्र हैं। 80 वर्षीय लीला देवी और 19 वर्षीय किशोरी गोलू।

  • किडनी देकर मां ने बेटे की बचाई जान

    किडनी देकर मां ने बेटे की बचाई जान

    एम्स ऋषिकेश में गुर्दा प्रत्यारोपण का दूसरा मामला

     

    ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट कर एक ऐसे व्यक्ति का जीवन बचाया गया है, जिसका हेमोडायलिसिस फेल हो चुका था और वह क्षय रोग की बीमारी से जूझ रहा था। गुर्दा प्रत्यारोपण के इस नए मामले में बेटे का जीवन बचाने के लिए मां ने ही बेटे को अपनी किडनी दान दी है। एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट का यह दूसरा मामला है, जो पूरी तरह से सफल रहा।

    मूलरूप से दिल्ली के नंगला गांव का रहने वाला 32 वर्षीय सचिन वर्तमान में देहरादून स्थित सीमा सड़क संगठन कार्यालय में तैनात है। पिछले 3 वर्षों से किडनी की समस्या से परेशान सचिन का लंबे समय से डायलिसिस चल रहा था। रोगी ने मई 2022 में एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग से संपर्क किया और विशेषज्ञ चिकित्सकों को अपनी बीमारी के बारे में बताया। मरीज को न केवल किडनी की समस्या थी बल्कि उसके हार्ट में भी संक्रमण की शिकायत थी। नेफ्रोलॉजी विभाग की डॉ. शेरोन कंडारी ने बताया कि रोगी का पहले 4 महीने तक क्षय रोग का इलाज किया गया। हालांकि इस दौरान उसका डायलिसिस भी जारी था। समस्या तब ज्यादा गंभीर हो गई, जब रोगी का शरीर कमजोर होने के कारण हेमोडालिसिस करने में दिक्कत आ गई। ऐसे में विकल्प के तौर पर अगले 3 महीनों तक रोगी को पेरिटोनियल डायलिसिस (प्रत्यक्ष रूप से पेट के निचले हिस्से में सर्जरी करके एक नली डालकर शरीर के बेकार पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया) से गुजरना पड़ा।

    उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2023 में एम्स ऋषिकेश में पहला किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। उस दौरान नैनीताल निवासी एक 27 वर्षीय युवक की किडनी प्रत्यारोपित की गई थी। टीम में शामिल रहे एम्स के यूरोलॉजिस्ट और यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. अंकुर मित्तल के अनुसार किसी व्यक्ति के शरीर की जब दोनों किडनियां काम करना बंद कर देती हैं तो उसे किडनी ट्रांसप्लांट ( गुर्दा प्रत्यारोपण ) की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में शरीर के किसी ऑर्गन ( अंग ) ट्रांसप्लांट तकनीक की यह प्रक्रिया अत्यन्त जटिल होती है। हाल ही में सफलतापूर्वक किए गए किडनी प्रत्यारोपण मामले बाबत डॉ. मित्तल ने बताया कि मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य होने पर दिल्ली से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के मार्गदर्शन में 16 सितंबर को पेशेंट सचिन के शरीर में गुर्दा प्रत्यारोपित कर दिया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 4 घंटे का समय लगा।

    संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने गुर्दा प्रत्यारोपण करने वाले डॉक्टरों की टीम को बधाई दी और कहा कि हमारे विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रयास से किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित प्रक्रियाएं अब रूटीन स्तर पर होने लगी हैं। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने भी ट्रांसप्लांट करने वाली टीम की प्रशंसा की है।

    इंसेट- 1
    एम्स दिल्ली के चिकित्सकों का मिला सहयोग
    ट्रांसप्लांट के लिए एम्स दिल्ली की ट्रांसप्लांट टीम के विशेषज्ञ चिकित्सकों को बतौर मार्गदर्शन के लिए बुलाया गया था। इस टीम में एम्स दिल्ली की ट्रांसप्लांट टीम के प्रो. वीरेन्द्र कुमार बंसल, प्रो. संदीप महाजन, प्रो. लोकेश कश्यप, डॉ. असुरी कृष्णा, डॉ. ओम प्रकाश प्रजापति और डॉ. साई कौस्तुभ आदि शामिल थे।

    इंसेट- 2
    टीम में यह विशेषज्ञ चिकित्सक रहे शामिल-
    एम्स यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर मित्तल, डॉ. विकास पंवार और डॉ. पीयूष गुप्ता, डॉ. कर्मवीर, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव शेखर, डॉ. शेरोन कण्डारी और डॉ. संदीप सैनी, ऐनेस्थेसिया विभाग के डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. वाई.एस. पयाल और डॉ. प्रवीण तलवार आदि शामिल थे।

  • इन जिलों  में आज भी बारिश-बर्फबारी होने के आसार,  अलर्ट जारी

    इन जिलों में आज भी बारिश-बर्फबारी होने के आसार, अलर्ट जारी

    देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के 3500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। अन्य सभी जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि कल यानी बुधवार से अगले कुछ दिन राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से पर्वतीय समेत मैदानी इलाकों में 17 अक्तूबर को बिजली चमकने और हवा चलने के साथ बर्फबारी व बारिश होने की संभावना जताई है। जबकि 18 से 20 तक प्रदेश भर का मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • शिक्षा विभाग के स्टिंग मामले में एक कर्मचारी गिरफ्तार

    शिक्षा विभाग के स्टिंग मामले में एक कर्मचारी गिरफ्तार

    तत्कालीन सीईओ एम एस रावत व डीईओ हरेराम यादव पर भी दर्ज हो चुका है मुकदमा

    पौड़ी। चर्चित स्टिंग प्रकरण में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है, पौड़ी की एसएसपी श्वेता चौबे द्वारा गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। शिक्षा विभाग के पटल सहायक दिनेश गैरोला को आखिरकार पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। आपको बता दें कि पौड़ी निवासी आशुतोष नेगी ने पुलिस को शिकायत पत्र सहित स्टिंग का वीडियो दिया था। जिसमें शिक्षा महकमे के अफसर का पैसों का लेन- देन करते हुए देखा गया था, वहीं इस मामले में पटल सहायक सहित पौड़ी के एक तत्कालीन सीईओ और डीईओ को आरोपी बनाया गया था।

    पुलिस ने इस मामले की जांच सीओ स्तर के अफसर को सौंपी थी। शासन की परमिशन मिलने के बाद पौड़ी कोतवाली में 7 दिसंबर 2022 को पौड़ी के तत्कालीन सीईओ एमएस रावत, तत्कालीन डीईओ माध्यमिक हरेराम यादव और पटल सहायक दिनेश गैरोला के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।

    इस बीच आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय की भी शरण ली थी, लेकिन कोर्ट ने अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने छह सप्ताह का समय देते हुए कहा कि कोर्ट में सरेंडर करते हुए रेगुलर बेल मांगे। अब पौड़ी पुलिस ने इस चर्चित मामले में पहली गिरफ्तारी शिक्षा विभाग के पटल सहायक दिनेश गैरोला की कर ली है।

  • सूबे में पांच नवम्बर तक होंगे छात्रसंघ चुनाव

    सूबे में पांच नवम्बर तक होंगे छात्रसंघ चुनाव

    विश्वविद्यालय परिसरों व महाविद्यालयों में एक ही दिन होंगे चुनाव

    छात्र संघ चुनाव में लागू होगी लिंगदोह समिति की सिफारिशें

    देहरादून। प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में आगामी पांच नवम्बर तक एक ही तिथि पर छात्रसंघ चुनाव सम्पन्न कराये जायेंगे। छात्र संघ चुनावों में लिंगदोह समिति की सिफारिशों का अनुपालन किया जायेगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपतियों एवं निदेशक उच्च शिक्षा को सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

    सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में उच्च शिक्षा के सत्र को नियमति करने के लिये सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। जिसके अंतर्गत एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम, एक चुनाव व एक दीक्षांत शामिल है। इसी क्रम में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपंरात पांच नवम्बर से पहले गत वर्ष की भांति एक ही तिथि में छात्रसंघ चुनाव आयोजन करने का निर्णय लिया गया है ताकि छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन में होने वाले अनावश्यक व्यवधान को रोका जा सके। इस संबंध में राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व निदेशक उच्च शिक्षा को छात्र संघ चुनाव संबंधी सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू करने के निर्देश दे दिये गये हैं। जिसके तहत कोई भी छात्र छात्रसंघ पदाधिकारी का चुनाव केवल एक बार व कार्यकारिणी सदस्य का चुनाव दो बार लड़ सकता है।

    इसी प्रकार छात्रसंघ प्रत्याशियों द्वारा प्रचार-प्रसार महाविद्यालय व विश्वविद्यालय परिसर में ही किया जा सकता है। जिसका अधिकतम खर्चा रूपये पांच हजार नियत है। छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों को अपने चुनाव व्यय का ब्योरा चुनाव परिणाम घोषित होने के दो माह के भीतर देना होगा। प्रत्याशियों के लिये चुनाव अवधि में सर्वाजनिक व निजी परिसर, भवनों, प्रतिष्ठानों आदि की दीवारों व बोर्डों पर पोस्टर, पम्पलेट, बैनर, नारेबाजी आदि पर प्रतिबंध रहेगा। इसी प्रकार कॉलेज परिसर में किसी भी तरह के हथियार ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा सभी प्रत्याशियों को लिंगदोह समिति की अन्य सिफारिशों का भी पालन करना होगा। यदि कोई प्रत्याशी छात्रसंघ चुनाव के दौरान लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरूद्ध विश्वविद्यालय व कॉलेज प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जायेगी।