Category: ताजा खबर

  • दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब एंडोस्कोपी की सुविधा

    दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब एंडोस्कोपी की सुविधा

    देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब एंडोस्कोपी की सुविधा मिलेगी। गणेश चतुर्थी के मौके पर प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष सायना ने एडवांस एंडोस्कोपी मशीन का शुभारंभ कर दिया। एंडोस्कोपी मशीन के चलने से सर्जरी विभाग में आने वाले मरीजों को अब निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष सायना ने बताया कि यह एंडोस्कोपी बहुत ही आधुनिक है और लेटेस्ट क्वालिटी का है। इसके बाद यहां पर आरसी भी शुरू किया जाएगा। जिन मरीजों को डायग्नोज किया जाएगा उसी के साथ उनका ट्रीटमेंट भी दिया जाएगा।

    पेट से जुड़े किसी भी बीमारी को लेकर आने वाले मरीजों को यहां बड़ी मदद मिलेगी निजी अस्पतालों में एंडोस्कोपी की जांच महंगी होने के चलते मरीजों पर भार पड़ता था, और डॉक्टर को यह सहूलियत होगी कि उनके यहां आने वाले मरीजों को उन्हें रेफर नहीं करना पड़ेगा। एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर प्रदीप शर्मा, डॉक्टर अभय कुमार, डॉक्टर नेहा महाजन, डॉक्टर दिनेश चौहान, डॉक्टर पुनीत त्यागी, सीपीआर रो महेंद्र भंडारी एवं दीपक राणा, समीर तमाम डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहा।

  • छात्राओं के लिए जल्द लगेगी वेंडिंग और सेनेटरी नैपकिन मशीन

    छात्राओं के लिए जल्द लगेगी वेंडिंग और सेनेटरी नैपकिन मशीन

    कैबिनेट मंत्री ने छात्रों से जीवन में अनुसाशन का पालन और लक्ष्य निर्धारित करने की कही बात

    बेरीनाग(पिथौरागढ़)। राजकीय पीजी कॉलेज में छात्राओं के लिए वेंडिंग मशीन और सेनेटरी नैपकिन लगाई जाएगी।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बेरीनाग राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में बोलते हुए यह घोषणा की। छात्रो को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में अनुसाशन का पालन करने और लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसपर काम करने की बात कही।साथ ही कैबिनेट मंत्री ने कॉलेज में छात्राओं के लिए वेंडिंग मशीन और सेनेटरी नैपकिन लगाने की घोषणा भी की। और सभी को आश्वस्त किया कि कॉलेज में अन्य जरूरी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं।जिन्हें देश व राज्य हित के लिए कार्य करना चाहिए।कहा कि आज केंद्र व राज्य सरकार छात्रों के लिए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए गंभीर है और लगातार कार्य कर रही है।आज जितनी जरूरी शिक्षा है उतना ही जरूरी खेल भी है।राज्य सरकार खेलो को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।हमारी कोशिश है कि आने वाले समय मे हम अपने प्रदेश को खेलो की भूमि बनाये।

    राज्य सरकार व उनका खेल विभाग लगातार इस दिशा में काम कर रहा है।

    कैबिनेट मंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया। विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।इस दौरान कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की।

    इस अवसर पर विधायक फकीर राम टम्टा ,जिला महामंत्री दीपक कार्की ,ब्लॉक प्रमुख श्रीमती विनीता बाफिला ,मंडल अध्यक्ष त्रिभुवन भंडारी ,मंडल अध्यक्ष जगदीश मेहता, जिला मंत्री नील कार्की ,अनुसूचित मोर्चा प्रदेश महामंत्री दर्पण कुमार ,प्राचार्य देवेश प्रसाद भट्ट, छात्रसंघ अध्यक्ष धीरज रौतेला, उपाध्यक्ष विक्की पंत , राहुल मेहरा ,सुश्री ज्योति धनिक ,सुश्री अंजली शाह ,सुश्री शिवानी धनिक सहित पार्टी पदाधिकारी ,विश्वविद्यालय पदाधिकारी एवं समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

  • ईको पार्क तैयार कर स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराएं- मुख्य सचिव

    ईको पार्क तैयार कर स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराएं- मुख्य सचिव

    ईको पार्क बनाने में कम से कम कंक्रीट और स्टील का उपयोग किया जाय- मुख्य सचिव

    देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने ईको पार्क के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों एवं डीएफओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का अधिकतम भूभाग वन क्षेत्र होने के कारण यह प्रदेश की आर्थिकी में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हमें ईकोलॉजी का ध्यान रखते हुए प्रदेश के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराना है। ईको पार्क तैयार कर स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकता है।

    मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से जनपदों के प्रस्तावों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। कहा कि सीजन में प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में क्षमता से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। आसपास के खूबसूरत स्थलों को ईको टूरिज्म की दृष्टि से विकसित कर पर्यटकों को इन पर्यटन स्थलों की ओर मोड़ने की आवश्यकता है। इससे इन नए पर्यटन स्थलों के आसपास रोजगार के अवसर बनेंगे। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग के आसपास अधिक से अधिक ईको पार्क विकसित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि उधमसिंह नगर कुमांऊ क्षेत्र का द्वार है, इसके आसपास बहुत सी वाटर बॉडीज हैं, जिन्हें बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए विकसित कर आर्थिकी से जोड़ा जा सकता है।

    मुख्य सचिव ने ईको पार्क विकसित करने में कम से कम कंक्रीट और स्टील का प्रयोग करने के निर्देश भी दिए। कहा कि अधिक से अधिक लकड़ी और बांस का प्रयोग किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए प्रत्येक स्तर की समय सीमा निर्धारित की जाए। प्रोजक्ट्स की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। वन विभाग से सम्बन्धित प्रस्तावों को वन विभाग को शीघ्र भेजे जाएं। सभी जिलाधिकारियों ने अपने अपने जनपदों के प्रस्तावों पर विस्तार से जानकारी दी। जिलाधिकारियों द्वारा बताया गया कि अधिकतर प्रस्तावों में डीपीआर तैयार हो चुकी है। कुछ योजनाओं में कार्य प्रारम्भ भी हो चुका है।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक एवं एसीईओ यूटीडीबी युगल किशोर पंत सहित सभी जनपदों से जिलाधिकारी एवं डीएफओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • मध्यप्रदेश में शिवराज-पुष्कर सिंह धामी के रोड-शो में उमड़ा जन सैलाब

    मध्यप्रदेश में शिवराज-पुष्कर सिंह धामी के रोड-शो में उमड़ा जन सैलाब

    देश के हर सनातनी को ‘ठगबन्धनों’ से सावधान रहने की जरूरत-धामी

    शिवराज ने कहा-धामी ने बदल दी देवभूमि की तकदीर और तस्वीर

     

    देहरादून। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए गए द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत किया गया। धामी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जब विधानसभा क्षेत्र खुरई में रोड-शो के लिए निकले तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    इस दौरान, धामी और शिवराज का बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जनसभा में सीएम शिवराज चौहान ने सीएम धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धामी ने देवभूमि की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल कर रख दी है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने इस देश पर राज किया, उन्होंने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की पहचान को खत्म करने का भरपूर प्रयास किया। कांग्रेस की सरकार ने जो हमें दिया, उसे हम और आप, कभी आपातकाल तो कभी विभिन्न घोटालों के नाम से जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विपक्ष के ये नौसिखिया नेता सनातन को खत्म करने जैसी बेतुकी बातें कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें यह नहीं मालूम कि जब बाबर और औरंगजेब जैसे क्रूर शासक सनातन को खत्म नहीं कर पाए तो फिर ये घमंडिया गठबंधन के घमंडिया नेता क्या चीज हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपील करूंगा कि आज देश के हर कोने-कोने में हर सनातनी को और देश की मिट्टी से प्यार करने वालों को इन ’’ठगबंधनों’’ से सतर्क रहने की आवश्यकता है और हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है, जो हमारे देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा है।

    सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। इस दौरान मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में दस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

    उत्तराखंड में किये कार्य गिनाए

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड में जल्द समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने जा रहे हैं। जिसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और दावे से कह सकता हूं कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद यहां भी समान नागरिक आचार संहिता लागू करने का कार्य अवश्य किया जाएगा। इसके अलावा हमने उत्तराखंड में लैंड जिहाद के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए 483 अवैध मजारों को ध्वस्त कर करीब 33 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है। साथ ही देवभूमि में जहां एक ओर धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है, वहीं परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए भी भारत का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लिए गए कई निर्णयों को अन्य प्रदेश भी अब अनुसरण कर रहे हैं, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के पश्चात यहां भी सामान नागरिक संहित सहित अन्य ठोस कदम जनता के हित में उठाएं जाएंगे।

    शिवराज हैं असली मामा

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 16 सितंबर को मेरा जन्मदिन था, उस दिन मैं, जब बच्चों के बीच कार्यक्रम मना रहा था, तो मुझे बच्चे धामी मामा कहकर संबोधित कर रहे थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि बच्चों मैं, असली मामा नहीं, असली मामा तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। वे सच में मामा के समान है, क्योंकि उन्होंने अपने भांजे-भांजियों के भविष्य को सुधारने के लिए जितना काम किया है, उतना काम एक मामा ही अपने भांजे-भांजियों के लिए कर सकता है।

  • महाराज की ओर से दसऊ मंदिर में हुआ भण्डारे का आयोजन

    महाराज की ओर से दसऊ मंदिर में हुआ भण्डारे का आयोजन

    संस्कृति मंत्री की पहल पर चालदा महाराज में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

    विकासनगर। प्रदेश के संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज ने हनोल स्थित महासू मंदिर में चल रहे जागडा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व के दूसरे दिन दसऊ स्थित चालदा महाराज में पूजा अर्चना करने के पश्चात अपनी ओर से भण्डारा आयोजित कर श्रृद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।

    सिद्धपीठ महासू देवता मंदिर हनोल में राजकीय जागरा मेला धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। जयकारों और पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की धुन पर झूमते हजारों श्रद्धालुओं ने सोमवार को महासू देवता के दर्शन कर पुण्य कमाया। इस दौरान आयोजित मेले में जौनसार बावर की लोक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। हजारों श्रद्धालुओं ने हनोल मंदिर में रात्रि जागरण कर लोक नृत्य की प्रस्तुति से आराध्य देवता की स्तुति की। मंगलवार को देवता के शाही स्नान के उपरांत देव चिह्नों को गाजे-बाजे के साथ वापस गर्भगृह में स्थापित किया गया।

    प्रदेश के संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज ने हनोल स्थित महासू मंदिर में चल रहे जागडा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व के दूसरे दिन मंगलवार को दसऊ स्थित चालदा महाराज में पूजा अर्चना करने के पश्चात अपनी ओर से भण्डारा आयोजित कर श्रृद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। दसऊ स्थित चालदा महाराज मंदिर में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं प्रतिभाग किया। ज्ञात हो कि  महाराज पिछले काफी समय से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने कहा है कि जल्दी ही हनोल स्थित महासू देवता मंदिर का मास्टर प्लान तैयार कर वहां का सुनियोजित विकास किया जायेगा।

    जौनसार बाबर के प्रमुख तीर्थ स्थल हनोल मंदिर में पूजा दर्शन के लिए हर वर्ष जांगड़े में हजारों श्रद्धालु आते हैं। इसे देखते हुए महाराज की पहल पर सरकार ने विकासखण्ड कालसी, चकराता, पुरोला और मोरी क्षेत्र के अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में 18 सितम्बर को एक दिन का अवकाश भी घोषित किया था ताकि अधिक से अधिक श्रृद्धालुओं जागड़े में प्रतिभाग कर सकें।

  • सीएम धामी 19 से मध्य प्रदेश व राजस्थान के दौरे पर

    सीएम धामी 19 से मध्य प्रदेश व राजस्थान के दौरे पर

    देहरादून। सीएम  धामी 19 से 21 सितम्बर को मध्य प्रदेश व राजस्थान के भ्रमण पर रहेंगे। मंगलवार 19 सितम्बर को 2 बजे मध्य प्रदेश के नवोदय विद्यालय मैदान, खुरई, तथा अपराह्न 4 बजे बीना में आयोजित जनसभा में हिस्सा लेंगे। रात्रि विश्राम सर्किट हाउस, सागर (म०प्र०) में करेंगे।

    सीएम धामी 20 सितम्बर को पूर्वाह्न 10.30 बजे सर्किट हाऊस, झालावाड़, राजस्थान में प्रेस कांफ्रेस कर यात्रा का शुभारम्भ करेंगे। 11.30 बजे पिपलिया डाग विधानसभा क्षेत्र डाग में, अपराह्न 12.30 बजे रामगंज मण्डी विधानसभा क्षेत्र रामगंज मण्डी में, 2.30 बजे मोडक विधानसभा क्षेत्र रामगंज मण्डी में, 3.00 बजे ढाबा डेह चौराहा विधानसभा क्षेत्र रामगंज मण्डी में, सांय 5.00 बजे कनवास वाया दर्रा विधानसभा क्षेत्र सांगोद में, 6.00 बजे सांगोद विधानसभा क्षेत्र सांगोद में, रात्रि 8.00 बजे देवली विधानसभा क्षेत्र सांगोद में और 9.00 बजे कैथून विधानसभा क्षेत्र लडपुरा में आयोजित जनसभा में हिस्सा लेंगे।

    सीएम डी०सी०एम० गेस्ट हाऊस, कोटा, राजस्थान में रात्रि विश्राम के पश्चात 21 सितम्बर को अपराह्न 1 बजे देहरादून वापस लौटेंगे।

  • राजभवन में ‘आत्मा के स्वर’ पुस्तक का विमोचन

    राजभवन में ‘आत्मा के स्वर’ पुस्तक का विमोचन

    आत्मा के स्वर’ पुस्तक में राज्यपाल के 108 प्रमुख सम्बोधनों का संकलन

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के अभिभाषणों के संकलन पर आधारित पुस्तक ‘आत्मा के स्वर’ का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) भी मौजूद रहे। ‘आत्मा के स्वर’ पुस्तक राज्यपाल द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों, दीक्षान्त समारोह आदि के 108 प्रमुख सम्बोधनों का संकलन है। इस दौरान राजभवन में विभिन्न क्रियाकलापों में अपनायी जाने वाली बेस्ट प्रेक्टिसेज पर आधारित लघु फिल्म ‘‘देवभूमि में कर्तव्य पथ पर दो वर्ष’ को प्रदर्शित किया गया। 10 मिनट की इस लघु फिल्म में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के दो वर्षों के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में हुई अभिनव पहलों और कार्यों को प्रदर्शित किया गया है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी कोई पुस्तक लिखता है तो समझा जा सकता है कि उसका हृदय भाव और भावनाओं से किस प्रकार भरा हुआ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने हमेशा आगे बढ़कर भारत माता की सेवा की और पिछले दो वर्ष से राज्यपाल के रूप में देवभूमि में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। “महान संकल्प ही महान फल का जनक होता है“, और उन्हें लगता है, ऐसा ही महान संकल्प अपनी पुस्तक ’’आत्मा के स्वर’’ लिखते समय हमारे राज्यपाल ने लिया होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस आत्मा-परमात्मा की चर्चा होती है, उस आत्मा का स्वर भी है, लेकिन उसे सुनने के लिए एक विशेष खूबी चाहिये। इस खूबी को सुनकर ही राज्यपाल महोदय द्वारा ’’आत्मा के स्वर’’ पुस्तक लिखी गई है। उन्होंने कहा कि हम आत्मा का स्वर सुनने की क्षमता अपने भीतर विकसित कर सकते हैं, क्योंकि इसका बीज सभी मनुष्यों में मौजूद होता है। उन्हें लगता है कि राज्यपाल ने इस पुस्तक का नाम यूं ही ’’आत्मा के स्वर’’ नहीं रखा होगा, आपने अपनी आत्मा के स्वर सुनने के पश्चात, गहन विचार करके, अपने जीवन के तजुर्बों की माला बनाने के लिए एक-एक शब्द के रूप में अपने अनुभवों को इस पुस्तक में पिरोया हैं। इसके लिये निश्चित रूप से वे साधुवाद के पात्र है।

    मुख्यमंत्री ने सभी से एक बार इस पुस्तक को पढ़ने और दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी इस पुस्तक को पढ़ेंगे। उन्हें विश्वास है कि राज्यपाल ने अपनी इस पुस्तक में बहुत कुछ ऐसा लिखा होगा जो हमें ज्ञान देगा और आगे बढ़ने के लिए एक नई राह दिखाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की कार्यशैली एवं अनुशासन हमें प्रेरणा देने का कार्य करती है। आत्मा के स्वर पुस्तक विकल्प रहित संकल्प के साथ हमें राज्य के विकास में निरंतर कार्यरत रहने की भी प्रेरणा प्रदान करेगा।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हमें अपने विचारों और अपने कार्यों को अंकित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेरी हार्दिक इच्छा थी कि बहुत सी पुस्तकें लिखुं और अपने अनुभव, विचार और चिंतन को समाज के सामने रखूं। दो वर्षों में उत्तराखण्ड और देश के दूसरे स्थानों में बहुत से कार्यक्रमों, उत्सवों, दीक्षांत समारोह और जन संवादों से जो आत्मा के स्वर प्रकट हुए हैं उन्हें उन्हीं भावों, विचारों से पुस्तक ने आकार लिया है। इस पुस्तक में 108 अभिभाषण शामिल किए हैं जो अपने आप में दिव्य अक्षर हैं।

    राज्यपाल ने दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया और कहा कि उत्तराखण्ड हेतु पांच मिशन निर्धारित किए हैं जो उत्तराखण्ड को देश में अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में मेरे अभिव्यक्त भावों में भारतीय सैन्य गौरव, राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक एकता, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चिंतन समाहित है। इसके अलावा पुस्तक में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, सैन्य साहस, वीरता, नारी शक्ति का योगदान, उत्तराखंड की बेटियों की उपलब्धियां, आदि भी समाहित हैं।

    इस दौरान कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया। संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय ने पुस्तक एवं लघु फिल्म के संबंध में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, आनंद वर्द्वन, डीजीपी अशोक कुमार, विधि परामर्शी अमित कुमार सिरोही, अपर सचिव श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • आयुष्मान भव के तहत शिक्षण संस्थानों चलेगा विशेष अभियान

    आयुष्मान भव के तहत शिक्षण संस्थानों चलेगा विशेष अभियान

    शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिये निर्देश

    बैठक में स्वास्थ्य एवं शिक्षा सहित एक दर्जन विभागों ने किया प्रतिभाग

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वाधान में प्रदेशभर में चलाया जा रहा आयुष्मान भव अभियान अब सूबे सभी शिक्षण संस्थानों में भी विशेष रूप से चलाया जायेगा। इसके लिये सभी सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। जनपद स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर तैनात अधिकारी अभियान नोडल अधिकारी रहेंगे। यह अभियान आगामी 23 सितम्बर से 30 सितम्बर तक सप्ताहभर चलाया जायेगा। जिनका शुभारम्भ देहरादून से प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा किया जायेगा।

    सूबे के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉॅ. धन सिंह रावत ने आज राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण देहरादून के सभागार में प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी बनाने के साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान व नशामुक्ति को लेकर जनजागरूता कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। डॉ. रावत ने बताया कि आयुष्मान भव अभियान के तहत प्रदेश के समस्त शिक्षण संस्थानों उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, जनजातीय आवसीय विद्यालयों व मदरसों में 23 सितम्बर से 30 सितम्बर तक विशेष अभियान चलाये जायेंगे। जिसमें शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं के आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिन शिक्षण संस्थानों में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउण्ट (आभा आईडी) बनाई जायेगी उनको आयुष्मान विद्यालय का दर्जा दिया जायेगा। इसके लिये संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों का सहयोग लिया जायेगा। इसके अतिरिक्त समस्त शिक्षण संस्थानों में एक सप्ताह तक प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं को नशा मुक्त अभियान, स्वैच्छिक रक्तदान, नेत्रदान एवं अंगदान तथा टीबी मुक्त अभियान के प्रति जागरूक किया जायेगा।

    बैठक में राज्य स्वास्थ्य प्रधिकरण के सीईओ आनंद श्रीवास्तव, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक यूसर्क प्रो. अनीता रावत, निदेशक विद्यालयी शिक्षा सीमा जौनसारी, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए.एस. उनियाल, यूसैक के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. उपाध्याय, सहित तकनीकी शिक्षा, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

    यूकॉस्ट, यूसर्क एवं यूसेक शिक्षण संस्थानों को देंगे सहयोग
    प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में विज्ञान प्रयोगशाल व वर्चुअल लैब की स्थापना के साथ ही विज्ञान शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण एवं छात्र-छात्राओं को विज्ञान प्रदर्शनी हेतु विज्ञान एवं तकनीकी से जुडे तीनों संस्थान उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) एवं उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) सहयोग करेंगे। यही नहीं विज्ञान विषयों से जुड़े विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं अपने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान यूकॉस्ट के अंतर्गत झाझरा देहरादून में स्थित विज्ञान धाम जाकर विज्ञान एवं तकनीकी की बारीकियां समझेंगे। इस संबंध में संबंधित संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों व शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों के बीच आपसी सहमती बनी है।

    जनजातीय क्षेत्र के बच्चों में होगी सिकल सेल की जांच
    राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण देहरादून के सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से प्रदेशभर के जनजाति क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों में सिकल सेल उन्मूलन अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इस अभियान के अंतर्गत जनजाति क्षेत्र के बच्चों को सिकल सेल के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्कूल एवं महाविद्यालय स्तर पर मेडिकल कैम्प लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जायेगा। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अल्पसंख्यक एवं जनजाति कल्याण विभाग शामिल रहेंगे।

     

  • सीएम धामी ने सहायक अभियोजन अधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र

    सीएम धामी ने सहायक अभियोजन अधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग से चयनित 57 सहायक अभियोजन अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    मुख्यमंत्री ने चयनित सभी सहायक अभियोजन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर ने आपको ऐसा कार्यक्षेत्र दिया है, जिसमें कार्य करने की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की सभी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ करेंगे। कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना जिम्मेदारी पूर्वक करेंगे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों में अभिभावको, गुरूजनों और मार्गदर्शकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के लिए इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थियों पर जन सेवा की अहम जिम्मेदारी है। अपने कार्यक्षेत्र में मन में पूर्णतः जिम्मेदारी का भाव होना जरूरी है। सच्चे और अच्छे मन से कार्य हों, तो इससे बड़ी आत्म संतुष्टि मिलती है। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपने कार्य क्षेत्र में नवाचार एवं तकनीकि के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हम सबको अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सराहनीय कार्य कर प्रदेश के समग्र विकास के लिए अपना योगदान देना है।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूलिस महानिदेशक अशोक कुमार, निदेशक अभियोजन  पी.वी.के प्रसाद, सचिव एस.एन पाण्डेय, डीआईजी जन्मेजय खण्डूड़ी, अपर सचिव अतर सिंह एवं चयनित सहायक अभियोजन अधिकारियों के परिवारजन उपस्थित थे।

  • अंकिता भंडारी की पुण्य तिथि – न्याय व लड़कियों के लिए सुरक्षित दुनिया के पक्ष में एक दिया जलाएं

    अंकिता भंडारी की पुण्य तिथि – न्याय व लड़कियों के लिए सुरक्षित दुनिया के पक्ष में एक दिया जलाएं

    देहरादून।  अंकिता भंडारी के साथ हुए जघन्य अपराध को एक वर्ष हो गया है । कानूनी लड़ाई के इतर इसने आम समाज मे जिन सवालों को सामने लाकर खड़ा किया है उसमें एक बड़ा सवाल महिला सुरक्षा व जेण्डर समानता का है और इस विषय पर समाज मे सार्वजनिक चेतना के अभाव का भी है।

    हमने पिछले वर्ष इन सवालों के साथ पोस्टर जारी किया था जिसमे से राज्य के सभी जिलों मे राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस थाने खोलने की माँग के अलावा अन्य सभी मांगे जस की तस है I

    आज उसकी बरसी पर हम पुनः उन सवालों को दोहरा रहे है। इस वर्ष अंकिता की बरसी पर हमने फिर उन्हीं मांगों के साथ पोस्टर जारी करनी की पहल की है I अगर आप भी अपना पोस्टर जारी कर इस मुहिम को समर्थन देना चाहते है तो अपनी फोटो और नाम दिए गए नंबर पर भेजे

    ◆ धाद ने #justiceforankitabhandari की मांगों के 1000 पोस्टर अभियान के साथ इस मुद्दे पर व्यापक चेतना जागृत करने के लिए पहल की और 1 अक्टूबर और दीपावली पर एक दिया अंकिता के निमित्त जलाने के लिए सामाजिक अभियान चलाया।

    ◆ अंकिता भंडारी के न्याय के लिए हो रहे जनसंघर्ष और कानूनी को समर्थन करते हुए धाद के साथियों ने अंकिता एक ज्योति नाम से एक पहल की है जिसमे गत वर्ष में सार्वजनिक और ऑनलाइन विमर्श और समझ बनाने के लिए सत्र आयोजित किये गए है.

    ◆ इसके साथ अंकिता एक ज्योति के नाम के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है जिसके साथ जुड़ कर आप अपने सुझाव देते हुए हुए इस अभियान में शामिल हो सकते है ग्रुप का लिंक https://chat.whatsapp.com/LKmeX4VNAbSJorC1KIe8BD