Category: ताजा खबर

  • धामी सरकार का नया मिशन: कम ईंधन खर्च, ज्यादा ऊर्जा बचत

    धामी सरकार का नया मिशन: कम ईंधन खर्च, ज्यादा ऊर्जा बचत

    सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’

    सरकारी वाहनों में 50 फीसदी ईवी अनिवार्य

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
    इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

    वर्क फ्रॉम होम

    सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    नो व्हीकल डे

    मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
    सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

    एक अधिकारी, एक वाहन

    परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

    ईवी पॉलिसी

    इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

    सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी

    सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
    “Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
    राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

    मेरा भारत, मेरा योगदान

    “मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
    नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

    खाद्य तेल की खपत घटाना

    आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

    प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

    किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

    स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

    PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

    PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।

    Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

  • उत्तरकाशी की  पूजा परमार राणा को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

    उत्तरकाशी की पूजा परमार राणा को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

    अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए गए।

    मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौगांव, जनपद उत्तरकाशी में ऑग्जीलियरी नर्स मिडवाइफ के पद पर कार्यरत सुश्री पूजा परमार राणा को हिमालयी अंचल के संवेदनशील एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से दी जा रही समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

    सुश्री राणा ने कोविड-19 महामारी के दौरान यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्र में पहली वैक्सीनेटर के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित हुई।

    उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय नेतृत्व प्रदान किया। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा समुदाय के समग्र कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय रही है।

    उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें पूर्व में राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ ऑग्जीलियरी नर्स मिडवाइफ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित होना न केवल उनके समर्पण एवं कार्यकुशलता का प्रतीक है, बल्कि यह उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी गौरव का विषय है।

  • सैनिक सम्मेलन में राज्यपाल का प्रेरक संबोधन, जवानों का बढ़ाया मनोबल

    सैनिक सम्मेलन में राज्यपाल का प्रेरक संबोधन, जवानों का बढ़ाया मनोबल

    लैंसडाउन में विकास कार्यों की समीक्षा

    लैंसडाउन। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान लैंसडाउन में विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर सैनिकों का उत्साहवर्धन किया तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा भी की।

    राज्यपाल ने कार्यक्रम की शुरुआत वॉर मेमोरियल पहुंचकर की, जहां उन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत वे सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के साथ आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वीर माताओं, वीर नारियों एवं सैन्य परिवारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं गौरवपूर्ण स्वरूप प्रदान किया।

    राज्यपाल द्वारा गढ़वाल राइफल्स केंद्र को उत्कृष्ट योगदान एवं गौरवशाली सैन्य परंपराओं के सम्मान स्वरूप विशेष ट्रॉफी प्रदान की गयी। इस अवसर पर राज्यपाल ने गढ़वाल राइफल्स की वीरता, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह रेजिमेंट देश की सुरक्षा, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स ने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और समर्पण का परिचय देते हुए राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल राइफल्स की ओर से राष्ट्र रक्षा में सर्वस्व बलिदान करने वाले वीर शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। जैसे ही वीर नारियां मंच पर पहुंचीं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा, जिसने सभी को राष्ट्र सेवा और बलिदान की भावना से अभिभूत कर दिया।

    राज्यपाल ने वीर नारियों को राष्ट्र की शक्ति और सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान के पीछे उनके परिवारों, विशेष रूप से वीर नारियों का अद्वितीय साहस और धैर्य होता है। उन्होंने कहा कि देश सदैव शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा।

    सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यंत आत्मिक एवं सौभाग्यपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि सेना में बिताए उनके 40 वर्षों का अनुभव भगवान बद्री विशाल की कृपा एवं आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है और भारतीय सेना सदैव देश की सुरक्षा एवं गौरव की प्रतीक रही है।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है, जहां लगभग प्रत्येक परिवार का सेना से जुड़ाव रहा है। यहां के युवाओं के भीतर राष्ट्र सेवा की भावना जन्मजात होती है और उनका हृदय सदैव राष्ट्र सुरक्षा के लिए धड़कता है। उन्होंने कहा कि 139 वर्ष पूर्ण कर चुकी गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट देश के लिए गौरव का विषय है तथा इस सैन्य केंद्र ने देश के चरित्र निर्माण, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

    सम्मेलन के दौरान सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए उनके स्नेह, आशीर्वाद एवं गढ़वाल राइफल्स के प्रति विशेष लगाव के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का सैनिकों एवं सैन्य परिवारों के प्रति आत्मीय जुड़ाव जवानों के मनोबल को और अधिक मजबूत करता है। उनके प्रेरणादायी शब्दों एवं मार्गदर्शन से सैनिकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। ब्रिगेडियर नेगी ने कहा कि राज्यपाल के स्नेह एवं प्रोत्साहन से जवान और अधिक समर्पण, अनुशासन एवं पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, सेंटर सूबेदार मेजर नंद किशोर सहित सेवारत सैनिक, भूतपूर्व सैनिक, वीर माताएं तथा वीर नारियां एवं समीक्षा बैठक में डीएफओ कालागढ़ एस तरुण, एएसपी मनोज कुमार ठाकुर, सीओ कोटद्वार निहारिका सेमवाल, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, बीडीओ रवि सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सीएम घोषणाओं से गड्ढा मुक्त सड़कों तक, हर कार्य का होगा सत्यापन

    सीएम घोषणाओं से गड्ढा मुक्त सड़कों तक, हर कार्य का होगा सत्यापन

    ‘विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे अधिकारी’

    भीमताल में 25 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक

    देहरादून। सचिव, संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार की अध्यक्षता में रविवार को विकास भवन भीमताल में विभागीय अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में सचिव द्वारा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर जमीनी हकीकत परखने के निर्देश दिए ।
    सचिव ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में योजनाओं का भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थी सत्यापन, अवसंरचना निरीक्षण एवं सेवा वितरण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देने को कहा।

    *बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
    मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए लंबित घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
    सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों का रैन्डम वेरिफिकेशन कर गुणवत्ता के साथ निस्तारण के निर्देश दिए । सचिव ने स्वरोजगार को बढ़ावा दिए जाने सहित महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए स्वयं सहायता समूह एनआरएलएम/एनयूएलएम के तहत गठित समूहों को और अधिक आर्थिक मजबूती हेतु आय के स्रोतों पर बल देने की बात कही। साथ ही दस उच्चतम एवं दस निम्नतम समूहों की सूची बनाकर अन्य जिलों से प्रतिस्पर्धा कर आगे बढ़ने के निर्देश दिये. साथ ही कुल समूहों में से शतप्रतिशत लखपति दीदी समूहों की छंटनी कर, अन्य समूहों को इसमें लाने के भी निर्देश दिये.
    सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए राजकीय एवं लघु सिंचाई की अवसंरचना सुविधाओं, नहर, गूलों, हाइड्रम योजनाओं को मरम्मत सुधारीकरण का कार्य समय पर पूर्ण करते हुए किसानों को सिंचाई योजना का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए।
    पीएम आवास योजना की समीक्षा के दौरान सचिव ने ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में निर्मित आवासों का लाभार्थीवार सत्यापन सहित अन्य निर्देश दिए।
    जल जीवन मिशन योजनांतर्गत हर घर नल से जल के तहत संचालित योजनाओं व कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए गए संयोजनों का समय समय पर सत्यापन के निर्देश दिए।
    पीएमजीएसवाई निर्मित सड़कों की समीक्षा के दौरान। सचिव ने विभागीय अधिकारियों को सड़कों को गढ्ढामुक्त रखने सड़कों की गुणवत्ता रखते हुए उनका समय समय पर सत्यापन के निर्देश दिए।
    बैठक में सचिव द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान करने सहित स्थलीय सत्यापन के निर्देश दिए।

    बैठक में सचिव द्वारा जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित प्रमुख योजनाओं, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, पीएम कौशल विकास केंद्र संचालन की स्थिति एवं इन केन्द्रों में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं के बारे में आवश्यक जानकारी,
    जिले में सरकारी अस्पतालों में दी रही स्वास्थ्य सेवाओं,
    चिकित्सकों की तैनाती एवं आमजन को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
    इसके अलावा विद्यालयों में पठन पाठन व्यवस्था,बालक बालिकाओं हेतु विद्यालय में पृथक से शौचालयों की व्यवस्था,पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए शिक्षा के उन्नयन पर विशेष बल दिया।
    कृषि व उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान सचिव ने किसानों को अधिक वर्षा,अंधड़ एवं ओलों से क्षेति खेती के बीमा का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषिबीज, कृषि यंत्र, खाद समय पर वितरण किया जाय।
    बैठक में सचिव दीपक कुमार द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा अपनाई जा रही नवाचारों की भी जानकारी ली गई।
    इसके अतिरिक्त उन्होंने मत्स्य पालन,पीएम मातृत्व वंदना योजना,गड्ढा मुक्त सड़क की स्थिति, राष्ट्रीय पोषण मिशन, कुपोषण उन्मूलन हेतु चल रहे कार्य,
    पीएम कृषि सिंचाई योजना की प्रगति, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं क्रियान्वयन की स्थिति जिले में कानून व्यवस्था, अपराधों की विवेचना, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड की रोकथाम व साइबर सिक्योरिटी केलिए किए जा रहे उपायों, ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड के अंतर्गत नशा उन्मूलन हेतु उठाए गए कदमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    बैठक में सचिव ने उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह फील्ड में जाकर योजनाओं का सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए। 

    सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को NRLM के सहयोग से उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता इत्यादि संबंधित विभागों के साथ मिलकर प्रत्येक विकासखंड में एक फार्मिंग मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए.

    सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के अन्तर्गत अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार गांवों में रात्रि विश्राम हेतु निर्देशित किया.

    साथ ही समस्त विभागों को द्वितीय राजभाषा के उत्थान हेतु कार्यालयों के बोर्ड एवं कक्षों के नाम- पदनाम पट्टिका संस्कृत भाषा में भी लिखने हेतु निर्देशित किया.

    जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए कुछ क्षेत्रों में कार्य शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए कार्यों को समय से पूर्व सम्पन्न करने के निर्देश दिये.

    बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल, सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ मुकेश नेगी सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • कुंभ मेला सहित विभिन्न विकास योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत

    कुंभ मेला सहित विभिन्न विकास योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत

    मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 256 करोड की वित्तीय स्वीकृति

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की विभिन्न विकास योेजनाओं के साथ ही कुम्भ मेला-2027 से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए ₹ 256 करोड की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई हैं।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि से प्रत्येक जनपद को राहत एवं बचाव मद में ₹ 3.00 करोड, पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में ₹ 5.00 करोड़ तथा तैयारी एवं क्षमता विकास मद में ₹ 2.00 करोड़,  प्रति जनपद ₹ 10.00 करोड़, कुल धनराशि ₹ 130 करोड़ जारी किए।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में उत्तराखण्ड राज्य में समस्त जिलाधिकारियों को नोन एसडीआरएफ (जिलाधिकारियों हेतु आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के पुनर्निर्माण) में प्राविधानित धनराशि ₹ 39.00 करोड़ के सापेक्ष प्रति जनपद धनराशि ₹ 2.00 करोड़, कुल धनराशि ₹ 26.00 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 से औद्योगिक क्षेत्र तक चार लेन मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹ 2.72 करोड, पथुलोक बैराज मार्ग के किमी0 0.00 से 5.00 तक बी०सी० द्वारा सुधार कार्य हेतु ₹ 2.13 करोड तथा बहादराबाद-रोहाल्की तिराहे से अलीपुर-सुकरासा-पथरी अम्बूवाला मार्ग के नवीनीकरण कार्य हेतु ₹ 1.36 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून की पित्थूवाला शाखा में कमला पैलेस एवं जी०एम०एस० रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, राईजिंग मेन और वितरण प्रणाली एवं तत्संबंधी कार्यों हेतु ₹ 20.37 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा SASCI कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद रुद्रप्रयाग के तिलवाडा नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹ 39.86 करोड, जनपद चमोली की पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹ 24.38 करोड तथा जनपद टिहरी गढ़वाल की हिण्डोलाखाल पम्पिंग पेयजल योजना हेतु ₹ 9.73 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने सुनहरा मार्ग चौराहा, रुड़की का नाम शहीद चौक रखे जाने का किया अनुमोदन

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी द्वारा रुड़की नगर निगम में सुनहरा मार्ग चौराहे का नाम शहीद चौक रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  • एनआईसी अपग्रेड से प्रशासनिक कार्य होंगे तेज़ : डीएम

    एनआईसी अपग्रेड से प्रशासनिक कार्य होंगे तेज़ : डीएम

    डिजिटल सेवाओं को मिलेगी नई गति, ई-गवर्नेंस व्यवस्था होगी और मजबूत

    डिजिटल इंडिया की दिशा में जिला प्रशासन की प्रभावी पहल

    देहरादून । जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) कार्यालय के नव-नवीनीकृत परिसर का उद्घाटन किया। जिलाधिकारी के विशेष प्रयासों से कार्यालय का आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप रिनोवेशन कराया गया है, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित, तकनीक-सक्षम एवं प्रभावी बन सकेगी।

    नवीनीकरण कार्य के अंतर्गत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सहित समस्त तकनीकी एवं स्टाफ ऑपरेटरों के लिए बेहतर कार्यस्थल, आधुनिक संसाधन तथा आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। कार्यालय परिसर को तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाने से कर्मचारियों को कार्य निष्पादन में अधिक सहूलियत मिलेगी और डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

    जिलाधिकारी ने कहा कि एनआईसी शासन और प्रशासन की डिजिटल व्यवस्थाओं की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। कार्यालय के सुदृढ़ीकरण से ई-गवर्नेंस से जुड़ी गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा विभिन्न विभागों के कार्यों का संचालन और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के सफल एवं सुचारु संचालन में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

    इस अवसर पर एनआईसी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नवीन सुविधाओं से कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा कार्य निष्पादन में सरलता और गति आएगी। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने कहा कि शासन की विभिन्न डिजिटल सेवाएं अब अधिक सुगमता, पारदर्शिता और दक्षता के साथ आम जनता तक पहुंच सकेंगी, जिससे इस पहल का प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों को मिलेगा।

    कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम सदर कुमकुम जोशी, सचिवालय एनआईसी राज्य इकाई प्रमुख (उप महानिदेशक) अरविंद कुमार दधीचि, अपर राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी राजीव जोशी, वरिष्ठ निदेशक आईटी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पाण्डे, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दीप्ति चमोली तथा अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कांत गिरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की ऐतिहासिक जीत, शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री

    पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की ऐतिहासिक जीत, शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री

    शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

    प्रधानमंत्री मोदी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन हो गया। भाजपा विधायक दल के नेता शुभेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों ने भी शपथ ग्रहण की।
    शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी,केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नई सरकार को बधाई देते हुए कहा कि यह जनविश्वास और विकास की राजनीति की जीत है।

    समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा।

    नई सरकार के गठन के बाद राज्य में विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं

  • चम्पावत दुष्कर्म केस : साजिश के आरोप में दो गिरफ्तार, जांच में बड़े खुलासे

    चम्पावत दुष्कर्म केस : साजिश के आरोप में दो गिरफ्तार, जांच में बड़े खुलासे

    नाबालिग से दुष्कर्म की कहानी निकली झूठी

    चम्पावत। जिले में चर्चित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण की जांच में पुलिस को बड़ा खुलासा हाथ लगा है। एसआईटी जांच में मामला सुनियोजित साजिश का निकला, जिसके बाद पुलिस ने कथित षड़यंत्रकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र अर्जिता राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार बदले की भावना से पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया था।

    जांच में सामने आया कि कमल सिंह रावत ने अपनी महिला मित्र अर्जिता राय के साथ मिलकर बदले की भावना से यह साजिश रची थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कमल सिंह रावत के खिलाफ पहले से महिला अपराध और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

    इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत विभिन्न संगठन सड़क।पर उतर आए हैं। मामले में भाजपा से जुड़े नेताओं का नाम आने से विरोधी दलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

    पुलिस के मुताबिक छह मई को कोतवाली चम्पावत में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी 16 वर्षीय पुत्री के साथ तीन लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल 10 सदस्यीय एसआईटी गठित कर जांच शुरू की गई।
    जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, मेडिकल परीक्षण, एफएसएल रिपोर्ट, सीडब्ल्यूसी काउंसिलिंग और न्यायालय में बयान समेत सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

    तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि नामजद तीनों आरोपी कथित घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।
    पुलिस के अनुसार न्यायालय में नाबालिग ने भी किसी प्रकार की दुष्कर्म की घटना से इंकार करते हुए पूरे मामले को मनगढ़ंत बताया।

    चम्पावत पुलिस ने कहा है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही कानून का दुरुपयोग कर झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि केवल सत्यापित तथ्यों का ही प्रसारण करें तथा पोक्सो एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी जाए।

    अपडेट-चंपावत दुष्कर्म प्रकरण

    शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे एक भयानक अपराध बताया गया था, लेकिन हालिया वीडियो बयानों ने मामले को पूरी तरह पलट दिया है।

    आरोप

    10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन युवकों (विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत) ने चाकू की नोक पर उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

    पुलिस कार्रवाई-

    पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 70(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसओजी (SOG) की टीमें तैनात की गई थीं।

    बड़ा खुलासा (ताजा मोड़)

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक नए वीडियो में नाबालिग पीड़िता ने दुष्कर्म के आरोपों से इनकार किया है। उसने बताया कि यह सब एक षड्यंत्र के तहत किया गया था और तीनों युवकों ने उसके साथ कुछ गलत नहीं किया।

    परिजनों की माफी-

    पीड़िता के भाई ने भी एक वीडियो जारी कर एसपी और जनता से माफी मांगी है। उसने स्वीकार किया कि उसने किसी और के कहने पर पुलिस को गलत पत्र भेजा था।

  • क्रिकेट मैदान का भव्य लोकार्पण, खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरे सीएम धामी

    क्रिकेट मैदान का भव्य लोकार्पण, खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरे सीएम धामी

    धामी ने खेल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    जिला अस्पताल पहुंच मरीजों से भी मिले

    पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ दौरे के दौरान खेल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कई कार्यक्रमों में भाग लिया। एक ओर उन्होंने सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम में उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण कर खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी खेलकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

    मुख्यमंत्री ने सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान को जनपदवासियों को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट पिच पर बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री खिलाड़ियों के साथ मैदान में काफी आत्मीय अंदाज में नजर आए और फुटबॉल, हॉकी समेत अन्य खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।

    उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए राज्य में चल रहे नशा विरोधी अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नौ खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री ने क्रिकेट मैदान में फ्लड लाइट लगाने की घोषणा भी की।
    दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री जिला अस्पताल बी.डी. पांडेय पहुंचे, जहां उन्होंने इमरजेंसी और चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा अधिकारियों को बेहतर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है और किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने परिजनों से कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से अपनी बात सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं।

    इस दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी, खेल प्रेमी और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

  • योगी और धामी ने विकास व आध्यात्मिकता के समन्वय का दिया संदेश

    योगी और धामी ने विकास व आध्यात्मिकता के समन्वय का दिया संदेश

    पंचूर में महायज्ञ

    बिथ्याणी महाविद्यालय में एआई तकनीक और ओपन जिम का लोकार्पण

    देहरादून। योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को यमकेश्वर क्षेत्र का दौरा कर धार्मिक, शैक्षिक और विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

    दोनों मुख्यमंत्रियों ने प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही बिथ्याणी महाविद्यालय में आधुनिक शिक्षा, एआई तकनीक और खेल सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
    कार्यक्रम की शुरुआत यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दोनों मुख्यमंत्रियों का स्वागत किया।

     

    इसके बाद योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे, जहां उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में भाग लिया और ग्रामीणों के साथ धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीन वर्ष पहले जहां केवल श्रद्धा का भाव था, आज वहां भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने और आध्यात्मिकता को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर भक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण से ही जीवन में सफलता और संतुलन प्राप्त किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री धामी ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए क्षेत्र के विकास को नई गति देने की घोषणा की। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय को आदर्श कॉलेज के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण जल्द शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    महाविद्यालय परिसर में छात्राओं ने पारंपरिक अंदाज में दोनों मुख्यमंत्रियों का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन किया। एआई तकनीक का प्रदर्शन करते हुए योगी आदित्यनाथ ने एआई बॉट से परीक्षा प्रणाली और परिणामों की जानकारी ली, जबकि धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

    कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के नए भवन और सेमिनार हॉल का उद्घाटन किया गया तथा ‘विकसित भारत : एक संकल्प’ पुस्तक का विमोचन भी हुआ। युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिसर में स्थापित ओपन जिम का भी लोकार्पण किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं व्यायाम कर फिटनेस का संदेश दिया।
    प्रस्तावित स्टेडियम की भूमि का निरीक्षण करते हुए दोनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि निर्माण कार्य जल्द पूरा कर इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।

    इस अवसर पर सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक रेनू बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।