पीएमजीएसवाई सड़कों के रख-रखाव के लिए बनेगी समन्वय समिति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट और बागेश्वर से संबंधित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं पर अब तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें अधिकतम 20 दिनों के भीतर जारी किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान किया जाए और विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर दूर किया जाए।
वन भूमि स्थानांतरण से जुड़े मामलों की समीक्षा पर मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रक्रियाओं में तेजी लाकर विकास कार्यों में बाधाएं दूर की जाएं।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह समिति सड़कों के मेंटिनेंस कार्यों की नियमित निगरानी करेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।
बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों के पैच वर्क को वर्षाकाल से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही खेल अवसंरचना के विकास पर जोर देते हुए कहा कि जहां खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध है, वहां 15 दिनों के भीतर धनराशि जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कनालीछीना से पिपली बगड़ीगांव तक मोटर मार्ग के चौड़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कपकोट में राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित करने तथा बागेश्वर जिला अस्पताल में मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, विधायक बागेश्वर श्रीमती पार्वती दास, वर्चुअल माध्यम से विधायक गंगोलीहाट फकीर राम, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, एस.एन.पाण्डेय, संबंधित विभागीय सचिव, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई, जिलाधिकारी बागेश्वर आकांक्षा कोण्डे मौजूद थे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 अप्रैल से संसद में प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र से पहले एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य के सभी सांसदों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों को पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने और संसद में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक विशेष विमर्श हेतु एक विशेष सत्र आयोजित होने जा रहा है। यह अवसर हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश की आधी आबादी को निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी रूप से शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रस्तुत करता है।
एक समावेशी समाज का निर्माण तभी संभव है जब उसकी महिलाएँ समान अवसरों के साथ आगे बढ़ें और नेतृत्व की भूमिकाएँ निभाएँ। आज देश की बेटियाँ स्पेस से लेकर स्पोर्ट्स तक, सशस्त्र बलों से लेकर स्टार्ट-अप्स तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं और अपनी मेहनत व संकल्प से नए मानक स्थापित कर रही हैं। सार्वजनिक जीवन में उनकी बढ़ती भागीदारी हमारे समाज में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 2023 में सभी दलों के सांसदों ने एकजुट होकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया था, जो भारतीय लोकतंत्र की एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज है। इसके क्रियान्वयन को लेकर संसद में विचार हुआ था और सभी दलों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की थी कि इसके प्रावधानों को यथाशीघ्र लागू किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों, संवैधानिक विद्वानों और राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों के आधार पर यह स्पष्ट हो चुका है कि अब इस अधिनियम को उसकी पूर्ण भावना के साथ लागू करने का समय आ गया है। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव तथा आगामी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने के बाद ही संपन्न हों, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और शासन व्यवस्था में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के संदर्भ में यह कदम इसलिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारा राज्य सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से सदैव मातृशक्ति को सम्मान देने की परम्परा का पालन करता आया है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएँ परिवार, आजीविका और सामुदायिक जीवन की मुख्य आधारशिला रही हैं, और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच वे निरंतर जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम उत्तराखण्ड की उन बेटियों के लिए नए अवसर खोलेगा जो राजनीति, समाज सेवा, शिक्षा, उद्यमिता और सार्वजनिक जीवन में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
राज्य में पंचायती राज संस्थाओं, नगर निकायों और सहकारी संस्थाओं में महिला आरक्षण के सफल क्रियान्वयन ने सक्षम महिला नेतृत्व की एक सशक्त पंक्ति तैयार की है, जो अब राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर भी अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करेगी, बल्कि समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को और अधिक संवेदनशीलता से समझने और संबोधित करने में भी सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने सभी से इस विषय पर व्यापक सहमति स्थापित करने का प्रयास करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह मुद्दा किसी दल या व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि देश की माताओं-बहनों बेटियों के सम्मान तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक परिवर्तन को साकार करेंगे और देश की नारी शक्ति को वह सम्मान और अवसर प्रदान करेंगे जिसकी वे हकदार हैं।
दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बने एलिवेटेड कारिडोर की हैं तमाम खासियत
12 किलोमीटर लंबा है वाइल्ड लाइफ एलिवेटेड कारिडोर
20 किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल है एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट में
40 करोड़ के अतिरिक्त बजट से हो रहे हैं महत्वपूर्ण कार्य
19 प्रतिशत ईंधन की बचत का लगाया गया है अनुमान
देहरादून। दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बना एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कारिडोर वन्य जीवों का सुरक्षा कवच बनेगा। यही नहीं, इसके निर्माण से मानव-वन्य जीव संघर्ष में कमी की प्रबल संभावना है। इस 12 किलोमीटर लंबे एशिया के संबसे लंबे एलिवेटेड कारिडोर को विकास और पारिस्थितिकी के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे और उससे जुडे़ वन और वन्य जीवों के विषय को लेकर सोमवार को वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस कान्फ्रेंस की। वन मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस कॉरिडोर से वन एवं वन्य जीवों को होने वाले लाभों के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का आखिरी 20 किलोमीटर भाग उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन प्रभाग एवं उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व व देहरादून वन प्रभाग के घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है। यह परियोजना विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
वन मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में इस परियोजना के अंतर्गत वन भूमि के हस्तांतरण के सापेक्ष व्यापक स्तर पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण किया गया है। कुल 165.5 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रतिपूरक वृक्षारोपण कार्य किया गया है, जिसमें 1.95 लाख पेड़ लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देशन में 40 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि से वन एवं वन्य जीव सरंक्षण हेतु इको रेस्टोरेशन के विभिन्न कार्य भी संपादित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में एशिया का सबसे लंबा लगभग 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर निर्मित किया गया है, जो विशेष रूप से वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन हेतु विकसित किया गया है। इसमें हाथी अंडरपास एवं अन्य वन्यजीवों पास का भी निर्माण किया गया है, जिससे वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि परियोजना के निर्माण के दौरान वन्य जीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाए गए हैं। इसके अंतर्गत साउंड बैरियर एवं लाइट बैरियर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे वन्यजीवों पर शोर एवं प्रकाश प्रदूषण का न्यूनतम प्रभाव ही पडे़।
वन मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी तथा वन्यजीवों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। इससे विभिन्न प्रजातियों के बीच बेहतर आनुवंशिक आदान-प्रदान संभव होगा, जो जैव विविधता के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि कॉरिडोर के निर्माण से अगले 20 वर्षों में 240 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो कि लगभग 60-68 लाख पेड़ों के द्वारा किए जाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण के समान है। साथ ही 19 प्रतिशत ईंधन की बचत भी होगी।
वन मंत्री ने कहा कि यह परियोजना वन्य जीवों के लिए सुरक्षित प्रवास के साथ समय में कमी लाएगी। साथ ही, पर्यटन, व्यापार एवं स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी । प्रेस कान्फ्रेंस में वन विभाग के पीसीसीएफ ( हॉफ ) आर के मिश्रा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
तकनीक ने बचा लिए 33,840 पेड़
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माण के दौरान पहले 45 हजार पेड़ काटने की आवश्यकता बताई गई थी, लेकिन वैज्ञानिकों की कुशलता और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से 33,840 पेड़ कटने से बच गए। वन मंत्री के अनुसार-इस परियोजना के निर्माण 11,160 पेड़ों को काटना पड़ा, जबकि पूर्व में 45 हजार पेड़ काटे जाने की बात थी।
समान नागरिक संहिता और धार्मिक कॉरिडोर विकास को बताया सरकार की प्राथमिकता
देहरादून/हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन एवं बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए सामाजिक एकता, समरसता और मानवता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाते हैं। सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्यों को उन्होंने प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है। कोरोना काल में वैक्सीन सहायता, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा आपदाओं के समय सहयोग देना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार हैं और इसी दिशा में केंद्र व राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करना सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के विकास कार्य प्राथमिकता में हैं। साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को और मजबूत करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे। उन्होंने आयोजन के लिए “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं दीं।
देहरादून। बल्लूपुर चौक में आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेकर जनभागीदारी का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए आमजन को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाना रहा। अभियान के तहत विभिन्न वार्डों में सफाई, कूड़ा निस्तारण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए और जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से इसमें योगदान नहीं देगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम, देहरादून के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता लगातार बनी रहे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, महामंत्री संगठन अजेय कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पूर्व न्यायाधीश स्वर्गीय केशव चंद्र धूलिया की स्मृति में आयोजित व्याख्यान
देहरादून। उत्तराखंड के जाने माने और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश स्वर्गीय केशव चंद्र धूलिया की स्मृति में आयोजित तृतीय व्याख्यान समारोह का आयोजन भारतीय वन अनुसंधान देहरादून में आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस अवसर पर कहा कि दुरस्त क्षेत्रों में कानूनी साक्षर शिविरों का आयोजन कर जनता को सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान किया जाए।
इसके लिए उन्होंने वकील,और कानूनी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का आहवान किया कि न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर न्याय व्यवस्था के प्रति आम जन में विश्वास को बढाया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कहना था कि डिजिटल और कानूनी साक्षरता के शिविरों के माध्यम से वादी को साक्षर बनाकर न्याय प्रणाली के प्रति आस्था और विश्वास की बहाली लोकतंत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कर्मभूमि फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में धूलिया परिवार के पुत्रों हिमांशु, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सुधांशु धूलिया,और अभिनेता और निर्देशक तिग्मांशु धूलिया और उनकी माताश्री सुमित्रा धूलिया के प्रयास से अनुशासित और व्यवस्थित कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने केशव धूलिया को एक सच्चा जनसेवी और फरियादी के हितों का चितेरा बताते हुए एक आदर्श न्यायाधीश बताया।
मुख्य वक्ता न्यायाधीश सूर्यकांत ने केशव धूलिया परिवार को एक राष्ट्र सेवा का सेनानी बताते हुए केशव धूलिया की पत्नी सुमित्रा धूलिया के संघर्ष को भी याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री लोक गायिका डॉ माधुरी बड़थ्वाल के मंगल गीत से किया गया।
कार्यक्रम के सफ़ल आयोजन व संचालन हिमांशु धूलिया व तिग्मांशु धूलिया ने किया।
मासूम के चक्कर में ‘गैंगेस्टर’ दून में और ‘मासूम’ पुलिस
कौन गैंगेस्टर दून आया था, गायक ने पुलिस को क्यों नहीं की खबर?
हरियाणवी गायक के खिलाफ तहरीर, दून पुलिस ने भेजा नोटिस
देहरादून। देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्र संघ सप्ताह के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की धाराप्रवाह गालियों और कथित गैंगेस्टर के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार की देर रात दून पुलिस ने सिंगर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की मौजूदगी में 11 अप्रैल को डीएवी महाविद्यालय के कार्यकम में सिंगर मासूम शर्मा ने मां-बहन की गलियों का खुलकर प्रयोग किया।
मासूम शर्मा ने यह भो खुलासा किया कि हयात होटल के बाहर संदिग्ध गैंगेस्टर उन पर हमला करने की फिराक में थे। यह पता लगते हो वो रात भर अलर्ट रहे। यह भी कहा कि एक गैंगेस्टर ने अमेरिका में रह रहे उनके भाई से बात भी की।
लगातार कानून व्यवस्था के सवाल से जूझ रहे दून में हरियाणा के गैंगेस्टर के आने की खबर पुलिस में न देकर मासूम शर्मा ने अगली सुबह डीएवी महाविद्यालय के मंच से कथित बदमाशों को भद्दी भद्दी गालियां देकर अपनी भड़ास निकाल दी। सिंगर के मंच से भद्दी गालियां सुनकर हर कोई हतप्रभ रह गया।
ताज्जुब की बात यह रही कि बलात्कार समेत अन्य संगीन धाराओं के मुकदमे से सुर्खियों में आये निर्दलीय विधायक उमेश कुमार भी बेकाबू सिंगर की हौसला अफजाई करता दिखा।
यही नहीं, उमेश कुमार ने यह कहा कि ‘वह जहां खड़े, सरकार से बड़े’ । इसके अलावा उमेश कुमार ने कथित बदमाशों को चुनौती देते हुए कहा कि ‘देखते हैं कौन गोली चलाता है। दून में बदमाश आते हैं लेकिन वापस नहीं जाते।’
सिंगर मासूम शर्मा और निर्दलीय विधायक खानपुर की बड़े बोल व गालियों से सुसज्जित वीडियो सोशल मीडिया में जबरदस्त ढंग से वायरल हो रहे हैं।
हालांकि, 12 अप्रैल को खानपुर विधायक ने वीडियो जारी कर कहा कि एक सप्ताह से कोई गैंगेस्टर मासूम को परेशान कर रहा था। इसी तनाव में सिंगर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
चूंकि, इस कार्यक्रम में सीएम धामी व मंत्री खजान दास भी गए थे। अन्य जनप्रतिनिधियों में निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ही मंच पर नजर आया। ऐसे में हरियाणा के गैंगेस्टर के दून पहुंचने की खबर से पुलिस व खुफिया तंत्र भी अनजान रहा। जबकि आजकल पुलिस देर रात तक चेकिंग अभियान में जुटी है। रात में ही पुलिस को गैंगेस्टर के बाबत सूचना न देना भी कई सवाल खड़े करता है।
यहां यह भी काबिलेगौर है कि न तो सिंगर ने गैंगेस्टर के नाम का उल्लेख किया। और न ही विधायक उमेश कुमार ने। वो कथित गैंगेस्टर दून से कहाँ रफ्फूचक्कर हो गया,यह भी पहेली बनी हुई है। उमेश-मासूम के गैंगेस्टर सम्बन्धी वक्तव्यों ने तो पहले से ही कई मामलों में उलझी दून पुलिस और सुरक्षा तंत्र को भी आईना दिखा दिया ।
प्रदेश में घनघोर प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर समूचे प्रदेश में गहरी प्रतिक्रिया हो रही है। सिंगर की गालियों के वॉयरल होते ही सुराज दल ने शनिवार की रात ही प्रदर्शन कर पुलिस को कार्रवाई के लिए बाध्य कर दिया था। यही नहीं,डालनवाला पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात कही है।
रविवार को उत्तराखंड क्रांति दल के अलावा कई संगठनों ने भी विरोध जताया। और मासूम शर्मा व निर्दलीय विधायक की भूमिका की निंदा की। सोशल मीडिया में आम ओ खास की कड़ी प्रतिक्रियाएं भी जनता के मूड का इशारा कर रहा है।
इधर, कार्यक्रम में कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही देहरादून पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। घटना के बाद गायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने शब्दों के लिए माफी भी मांगी है।
गौरतलब है कि देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में शनिवार को छात्र संघ सप्ताह के समापन समारोह के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया था।
कार्यक्रम में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा और अजय हुड्डा प्रस्तुति देने पहुंचे थे। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से रवाना होने के बाद मंच पर प्रस्तुति के दौरान मासूम शर्मा ने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी, कॉलेज प्रशासन और असहज हो गए। बाद में छात्र गुटों के बीच मारपीट व चाकूबाजी की घटना भी हुई।
सुराज दल उतरा सड़कों पर
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से अभद्र भाषा के प्रयोग का मामला पुलिस के संज्ञान में आया है। डालनवाला थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। गायक को नोटिस भेजा गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विवाद बढऩे के बाद गायक मासूम शर्मा ने रविवार को कहा कि पिछले कुछ समय से एक संदिग्ध व्यक्ति उन्हें परेशान कर रहा था और उसी तनाव के कारण मंच पर उनका व्यवहार असंतुलित हो गया। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए क्षमा चाहते हैं।
हरियाणवी गायक के खिलाफ तहरीर
देहरादून। डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग को लेकर गायक मासूम शर्मा के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है।
अधिवक्ता सेवा मंच के अध्यक्ष संदीप मोहन चमोली सहित कई अधिवक्ताओं ने थाना डालनवाला में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। तहरीर में कहा गया है कि 11 अप्रैल 2026 को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित एक सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच से अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और आम लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के मंच को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खानपुर के विधायक उमेश कुमार द्वारा साझा किया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान से शहर का माहौल भी प्रभावित हुआ है।
अधिवक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में पुलिस से उचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं मासूम शर्मा
– हरियाणवी गायक मासूम शर्मा का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है।
– साल 2024 में एक महिला ने उन पर मारपीट और छेडख़ानी का आरोप लगाया था।
– साल 2025 में हरियाणा सरकार ने गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में उनके कुछ गानों को यूट्यूब से हटाने का आदेश दिया था।
– फरवरी 2026 में जिंद में एक लाइव शो के दौरान पूर्व सरपंच के साथ कथित बदसलूकी और मंच से अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद हुआ था।
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड दौरे की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक ने डाट काली मंदिर से महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट तक तैयारियों को परखा। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को पीएम दौरे के दौरान सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही।
मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने से एक ओर दिल्ली – एनसीआर से देहरादून पहुँचने का समय कम होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बूस्ट मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल एवं नगर आयुक्त नमामि बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उनकी ऊर्जा, संकल्प और नवाचार की सोच ही भारत के विकास की दिशा निर्धारित करती है। उन्होंने छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास, संगठन क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता, शिक्षा संस्थानों से लेकर देश की सीमाओं तक राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें शामिल हैं, जिन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसे परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना, 20 मॉडल कॉलेजों का निर्माण, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने डीएवी पीजी कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शैक्षणिक ब्लॉक की छत पर दो अतिरिक्त तल (प्रथम एवं द्वितीय) के निर्माण की घोषणा भी की।
इस अवसर पर प्राचार्य डी.ए.वी पीजी कॉलेज प्रो. कौशल कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा, महामंत्री करन नेगी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की जीवनरेखा चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सरकार ने इस बार सख्त और व्यापक तैयारी का खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में सुनिश्चित की जाए।
हेली सेवाओं के संचालन में सख्ती बरतते हुए नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। ओवरलोडिंग से बचने और संचालन को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया। भीड़ नियंत्रण के लिए स्लॉट सिस्टम और रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग लागू करने के साथ यात्रा मार्गों पर CCTV और AI आधारित निगरानी प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा।
ग्रीन- क्लीन अभियान, ओवररेटिंग पर सख्ती और अफवाह पर FIR मुख्यमंत्री ने ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यात्रा मार्गों पर कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे और प्लास्टिक के उपयोग पर सख्त नियंत्रण किया जाएगा।
यात्रा को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ओवररेटिंग रोकने के लिए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए मेडिकल यूनिट, अस्थायी अस्पताल, पेयजल, शौचालय और शेल्टर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सख्त ट्रैफिक प्लान और वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन के तहत SDRF और NDRF को अलर्ट मोड में रखते हुए 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित किया जाएगा।