Category: ताजा खबर

  • सीएसडी कैंटीन एवं सैनिक मिलन केंद्र का शुभारंभ

    सीएसडी कैंटीन एवं सैनिक मिलन केंद्र का शुभारंभ

    रोड शो में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया

    खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

    इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया।
    उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है।
    उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया।
    उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

    कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की माताजी श्रीमती विशना देवी, एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • तेल कंपनियों को बैकलॉग खत्म करने के लिए कड़े निर्देश जारी

    तेल कंपनियों को बैकलॉग खत्म करने के लिए कड़े निर्देश जारी

    सचिव खाद्य हर दिन करेंगे गैस आपूर्ति की समीक्षा

    देहरादून। वर्तमान में उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों के बीच आगामी चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में घरेलू एवं व्यवसायिक एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव ने राज्य में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब सचिव खाद्य द्वारा प्रत्येक दिन आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।

    प्रमुख सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्य सचिव महोदय ने एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू एवं कमर्शियल गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न होने दी जाए तथा दैनिक आधार पर तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए स्थिति की निगरानी की जाए।

    बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि प्रदेश में गैस की मांग को देखते हुए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में आपूर्ति को बढ़ाते हुए लगभग 60 हजार घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा छह हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बैकलॉग को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक रिपोर्टिंग करने को कहा गया।

    तेल कंपनियों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 07 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 65,944 घरेलू सिलेंडरों तथा 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। इसमें आईओसीएल द्वारा 48,218 घरेलू एवं 2,340 कमर्शियल सिलेंडर, बीपीसीएल द्वारा 11,731 घरेलू एवं 698 कमर्शियल सिलेंडर तथा एचपीसीएल द्वारा 5,995 घरेलू एवं 826 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। पिछले दिनों की तुलना में आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है।

    प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए गैस आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने हेतु आवश्य कदम उठाएं तथा डीलर स्तर पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।

    उन्होंने निर्देश दिए कि अब प्रतिदिन सायं 05.00 बजे सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिसमें तेल कंपनियों के प्रतिनिधि पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करें, जिससे आपूर्ति की स्थिति की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

    सचिव, खाद्य आनंद स्वरूप ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री का देहरादून भ्रमण प्रस्तावित है तथा 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग के अनुरूप अग्रिम योजना बनाते हुए आपूर्ति बढ़ाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा किसी भी प्रकार का बैकलॉग न रहने दिया जाए।

    बैठक में पीएस पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड, स्वर्ण सिंह, डिविजनल हेड, आईओसीएल, उत्तराखण्ड, पंकज अंबलढगे, चीफ रीजनल मैनेजर, एचपीसीएल, उत्तराखण्ड, अश्वनी कुमार, मैनेजर, बीपीसीएल उपस्थित रहे।

    अनियमितताओं पर सख्ती से निपटें अधिकारी-स्वरूप

    सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन से संबंधित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन एवं कड़ा प्रवर्तन अभियान जारी है। अभी तक अभियान के दौरान कुल 6280 निरीक्षण एवं 423 छापेमारी की गई। इसके अतिरिक्त 19 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 07 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेशभर में कुल 1118 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 946 घरेलू एवं 172 व्यवसायिक सिलेंडर शामिल हैं।

    इसके अतिरिक्त 01 वाहन, 03 फिलिंग किट एवं 01 कांटा भी जब्त किया गया। देहरादून में सर्वाधिक 288 गैस सिलेंडर एवं 139 किलोग्राम गैस जब्त की गई, जबकि हरिद्वार में 202 गैस सिलेंडर, नैनीताल में 34 घरेलू एवं 28 व्यवसायिक सिलेंडर के साथ एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। इसी प्रकार उधमसिंहनगर में 98 गैस सिलेंडर एवं 05 व्यवसायिक सिलेंडर, तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, बागेश्वर एवं अन्य जनपदों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत कुल ₹1,31,900 का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया।

    सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमित निरीक्षण, सघन छापेमारी एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • स्कूल से गायब शिक्षक पर गिरी गाज, तत्काल निलंबन

    स्कूल से गायब शिक्षक पर गिरी गाज, तत्काल निलंबन

    उप शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया पाये गये दोषी

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का शिक्षा मंत्री डा. रावत ने लिया संज्ञान

    देहरादून। जनपद के चकराता विकासखण्ड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय डिरनाड़ में तैनात सहायक अध्यापक हरपाल सिंह के खिलाफ विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत पर उप शिक्षा अधिकारी चकराता द्वारा की गई जांच में उक्त शिक्षक बिना कोई अवकाश स्वीकृत कराये विद्यालय से अनुपस्थित पाये गये साथ ही पूर्व से ही उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के भी दोषी पाये गये। जिसके आधार जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर बीईओ कार्यालय चकराता में सम्बद्ध कर दिया है।

    विद्यालयी शिक्षा विभाग में कतिपय कर्मचारी अनुशासन को ताक पर रखकर विभाग की छवि धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अब सरकार आरोपी कार्मिकों को किसी भी सूरत में बख्शने के मूड़ में नहीं है। इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुये सूबे के शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने विद्यालय से गायब शिक्षक प्रकरण की तत्काल जांच के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उप शिक्षा अधिकारी चकराता द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया सहायक अध्यापक हरपाल सिंह दोषी पाये गये। जांच रिपोर्ट में 06 एवं 07 अप्रैल 2026 को हरपाल सिंह बिना किसी पूर्व अनुमति के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो एवं स्थानीय ग्रामवासियों की शिकायतों सही पाई गई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि उक्त शिक्षक द्वारा पूर्व में ही उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर दर्ज किये और विद्यालय से गयाब रहे। उक्त आरोपों को लेकर शिक्षक से स्पष्टीकरण लिया गया, किन्तु उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। उप शिक्षा अधिकारी की संस्तुति के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) द्वारा हरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही डीईओ बेसिक ने खंड शिक्षा अधिकारी चकराता को जांच अधिकारी नियुक्ति प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिये। साथ ही सभी पक्षों की सुनवाई कर 30 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा।

    शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेगा या विभाग की छवि को धूमिल करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में नियमित निरीक्षण के लिये सभी जनपदों के सीईओ को निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनी रहे। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

  • पुस्तकों से जुड़ना मतलब बेहतर विचार और मजबूत संस्कार — त्रिवेन्द्र

    पुस्तकों से जुड़ना मतलब बेहतर विचार और मजबूत संस्कार — त्रिवेन्द्र

    देहरादून। सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दून बुक फेस्टिवल में विभिन्न विभागों एवं प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।

    इस अवसर पर सांसद रावत ने कहा कि यह उत्सव ज्ञान, साहित्य और विचारों के आदान-प्रदान का एक प्रेरणादायी मंच है, जहाँ समाज के सभी वर्गों को पुस्तकों के माध्यम से नए दृष्टिकोण और विचारों से परिचित होने का अवसर मिलता है।

    इस अवसर पर वहाँ पधारे भारत के गौरव, अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का सांसद रावत द्वारा पुस्तक भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
    उन्होंने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का साहस, समण और राष्ट्र सेवा की भावना हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

    सांसद रावत ने कहा कि पुस्तकें हमारे विचारों को दिशा देने और व्यक्तित्व को समृद्ध करने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे पुस्तक उत्सव विशेष रूप से युवाओं को साहित्य, इतिहास, विज्ञान और समसामयिक विषयों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से ऐसे आयोजनों से जुड़कर ज्ञान के प्रसार के इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

  • दिल्ली–दून इकोनॉमिक कॉरिडोर को 14 अप्रैल को पीएम दिखाएंगे हरी झंडी

    दिल्ली–दून इकोनॉमिक कॉरिडोर को 14 अप्रैल को पीएम दिखाएंगे हरी झंडी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

    कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति

    राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश

    रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील

    इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

    मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

    दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

    बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।

  • ऋषिकेश में सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग, हवाई पर्यटन को मिलेगा नया पंख

    ऋषिकेश में सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग, हवाई पर्यटन को मिलेगा नया पंख

    पर्यटन और कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत

    ऋषिकेश। गंगा बैराज पर उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब एक प्राइवेट कंपनी द्वारा सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार लगातार राज्य में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है। सीएम धामी की दूरदर्शी सोच और प्रयासों का ही परिणाम है कि आज ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में सी-प्लेन सेवा की संभावनाएं साकार होती नजर आ रही हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बूस्ट मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    सरकार की योजना है कि भविष्य में इस सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक भी विस्तार दिया जाए, जिससे उत्तराखंड देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बन सके।

    यह ट्रायल न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

  • डॉ. महेश कुड़ियाल आईएमए के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित

    डॉ. महेश कुड़ियाल आईएमए के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित

    देहरादून। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)
    के सोमवार को हुए चुनाव में वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ महेश कुड़ियाल को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। वहीं अन्य पदों पर मतदान के माध्यम से चयन किया गया, जिनमें प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ प्रवीन जिंदल, वाइस प्रेसिडेंट डॉ राजीव दीक्षित, मानद सचिव  डॉ अंकित पाराशर,कोषाध्यक्ष डॉ राहुल अवस्थी, संयुक्त सचिव डॉ सिद्धांत खन्ना आदि शामिल हैं।

    इस चुनाव में संस्था की वर्किंग कमेटी के पदाधिकारियों का चयन किया गया, साथ ही 28 सामान्य सदस्यों का भी चुनाव संपन्न हुआ।
    प्रतिष्ठित संस्था IMA के इस चुनाव को चुनाव अधिकारी डॉ. किरण कुमार कालरा की निगरानी में शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराया गया। देहरादून IMA में लगभग 600 सदस्य पंजीकृत हैं, जिनकी सक्रिय भागीदारी इस चुनाव में देखने को मिली।
    नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ महेश कुड़ियाल ने अपने निर्विरोध चयन पर IMA के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है, और वे पूरी निष्ठा से सभी सदस्यों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

    IMA देशभर के चिकित्सकों का एक प्रमुख संगठन है, जो डॉक्टरों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सरकार का सहयोग करता है।
    यह संस्था स्वास्थ्य नीतियों पर सुझाव देती है, जन-जागरूकता अभियान चलाती है। गरीब व जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती है और आपदा या महामारी के समय सरकार के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाती है।

  • गैस की कमी से चारधाम और पर्यटन पर बड़ा असर

    गैस की कमी से चारधाम और पर्यटन पर बड़ा असर

    पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे पर गैस संकट पर घेरेगी कांग्रेस

    कांग्रेस ने गैस की किल्लत व कालाबाजारी पर आक्रोश जताया

    गैस आपूर्ति में कोताही राज्य के पर्यटन के लिए घातक – गोदियाल

    देहरादून। चारधाम यात्रा अप्रैल माह में शुरू होने वाली है। और आसन्न रसोई गैस संकट ने कई नई परेशानी खड़ी कर दी है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सैलाब उत्तराखण्ड की ओर उमड़ेगा।

    ऐसे में सरकारी मशीनरी के लिए चारधाम यात्रा रूट व पर्यटक स्थलों में गैस ईंधन आपूर्ति को जारी रखना कठिन चुनौती बन गयी है।

    कई शहरों में गैस के लिए लम्बी लाइन लगी है। और बैकलॉग ने जनता व होटल कारोबारी की धड़कनें बढ़ा दी है।

    मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकारी दावों को खारिज करते हुए गैस की किल्लत व कालाबाजारी पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से पूर्व केंद्र व राज्य सरकार से गैस संकट के ठोस हल की अपील की है।

    सोमवार को प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों सेउत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से गैस की किल्लत एवं कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यदि वास्तव में राज्य में गैस की कोई कमी नहीं है, तो सरकार को इस पर स्पष्ट स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए।

    गणेश गोदियाल ने चार धाम यात्रा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन निरस्त होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिससे हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है।

    उन्होंने कुमाऊँ मंडल में भी पर्यटन गतिविधियों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि होटल व्यवसाय और अन्य पर्यटन से जुड़े कार्यों को समय पर गैस आपूर्ति नहीं मिलती है, तो इसका व्यापक असर पूरे राज्य के पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन पर पड़ेगा।

    उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए गैस आपूर्ति को सुचारु बनाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करे।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे के दौरान उन्हें भी राज्य की जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि देश में घरेलू गैस एवं ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    हालांकि, शासन-प्रशासन गैस के बढ़ रहे संकट के हल का दावा भी कर रहा है। लेकिन कई दिनों की बुकिंग के बाद भी उपभोक्ता को गैस सिलिंडर लेने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पीएम के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर कांग्रेस गैस संकट पर प्रदर्शन की भी रूपरेखा बना रही है।

  • बड़ी राहत: अप्रैल में मिलेगा तीन महीने का राशन

    बड़ी राहत: अप्रैल में मिलेगा तीन महीने का राशन

    खाद्य विभाग की अपील

    ई-पॉस मशीन से होगा ऑनलाइन वितरण

    तीन बार कराना होगा बायोमेट्रिक सत्यापन

    देहरादून। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन कार्ड धारकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के लाभार्थियों से समय पर राशन उठान की अपील की है।

    जारी आदेश के अनुसार, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में राज्य में अप्रैल, मई और जून 2026 का खाद्यान्न अग्रिम रूप से अप्रैल 2026 में ही वितरित किया जाएगा। इसके लिए सभी उचित दर दुकानों पर ई-पॉस मशीनों के माध्यम से ऑनलाइन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।

    विभाग ने बताया कि तीनों महीनों का खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड धारकों को अलग-अलग तीन बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

    इसके अलावा, जो लाभार्थी मार्च 2026 में राशन प्राप्त नहीं कर सके थे, वे 15 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

    खाद्य विभाग ने सभी पात्र परिवारों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी उचित दर दुकान से निर्धारित अवधि में अप्रैल, मई और जून का राशन प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
    यह निर्देश खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप की ओर से जारी किए गए हैं।

  • वरिष्ठ पत्रकार नितेश जोशी का निधन, मीडिया जगत में शोक

    वरिष्ठ पत्रकार नितेश जोशी का निधन, मीडिया जगत में शोक

    पत्रकारिता जगत में शोक

    मुख्यमंत्री धामी समेत कई संगठनों ने जताया दुख

    रामनगर। कॉर्बेट हलचल/तूफान एक्सप्रेस के संपादक नितेश जोशी का दिल्ली स्थित फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले तीन महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उपचाराधीन थे।

    उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। नितेश जोशी अपने सरल स्वभाव, सहज व्यक्तित्व और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उनके असामयिक निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

    इस दुखद घड़ी में ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की जा रही है।
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर निवासी पत्रकार नितेश जोशी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में संबल देने की कामना की है।

    सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    विभिन्न पत्रकार संगठनों ने भी नितेश जोशी के निधन पर गहरा दुख जताते हुए इसे पत्रकारिता जगत की बड़ी क्षति बताया है।