Category: राजनीति

  • मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री संग ऊर्जा योजनाओं पर की चर्चा

    मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री संग ऊर्जा योजनाओं पर की चर्चा

    कुंभ 2027 और आवास योजनाओं पर सहयोग का अनुरोध

    नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश, हरिद्वार और अन्य तीर्थ क्षेत्रों में आगामी कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास तथा आवास योजनाओं से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।

    मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में HT/LT विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और स्वचालन से संबंधित ₹547.83 करोड़ की डीपीआर को RDSS योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने हेतु केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। साथ ही हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के लिए ₹315 करोड़ के समान प्रस्ताव को भी RDSS योजना में सम्मिलित करते हुए शीघ्र अनुमोदन का अनुरोध किया।

    उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में Whitelisting और Redeemable वाउचर प्रणाली के कारण निजी डेवलपर्स की रुचि घटने पर चिंता जताते हुए पूर्ववर्ती 40:40:20 भुगतान प्रणाली को पुनः लागू करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकेगी।

    धामी

    उन्होंने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत एएचपी घटक में 15,960 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से 15,281 इकाइयां लाभार्थियों को आवंटित की जा चुकी हैं, परंतु ईडब्ल्यूएस वर्ग के लाभार्थियों की असंगठित आय और कम CIBIL स्कोर के कारण बैंकों से ऋण सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस पर उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया कि बैंकों, एनबीएफसी, एसएलबीसी और आरबीआई को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऋषिकेश-गंगा, हरिद्वार-गंगा और टनकपुर स्थित शारदा रिवरफ्रंट को विश्व स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए उन्होंने टीएचडीसी की सीएसआर निधि से ₹100 करोड़ सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल “नमामि गंगे” कार्यक्रम को बल देगा, बल्कि सतत पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा देगा।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग मिलने पर उत्तराखंड आगामी कुंभ के भव्य, सुरक्षित और पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील आयोजन के साथ-साथ आवास एवं आधारभूत संरचना विकास में नई ऊँचाई प्राप्त करेगा।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हर सम्भव सहयोग का आश्वासन दिया।

  • भराड़ीसेंण में सीएम धामी ने जाना महिलाओं से योजनाओं का हाल

    भराड़ीसेंण में सीएम धामी ने जाना महिलाओं से योजनाओं का हाल

    भराड़ीसेंण में सीएम धामी ने महिला समूहों से लिया योजनाओं पर फीडबैक
    मानसून सत्र से पूर्व आजीविका मिशन समूह से की मुलाकात

    भराड़ीसेंण। विधानसभा परिसर में सोमवार प्रातः भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत कार्यरत महिला स्वयं सहायता समूहों से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद स्थापित किया और उनसे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

    मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं से यह भी जाना कि वे किस प्रकार से इन योजनाओं से लाभान्वित हो रही हैं तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जमीनी स्तर पर कैसी है। उन्होंने महिला समूहों से उनके अनुभव और सुझाव भी प्राप्त किए, ताकि इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन इसके लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

    विदित हो कि आज से आरंभ हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को ही भराड़ीसेंण-गैरसैंण पहुंच गए थे। सत्र की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री का महिला समूहों से मिलना इस बात का प्रतीक है कि सरकार न केवल नीति निर्माण में व्यस्त है बल्कि जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनता की राय और सुझाव को भी उतना ही महत्व देती है।

    भराड़ीसेंण
  • चौबट्टाखाल में भाजपा को करारा झटका, तीनों ब्लॉक प्रमुख पद गंवाए

    चौबट्टाखाल में भाजपा को करारा झटका, तीनों ब्लॉक प्रमुख पद गंवाए

    पंचायत मंत्री की विधानसभा में भाजपा को झटका, तीनों ब्लॉक प्रमुख पद हारे

    बीरोंखाल/कोटद्वार। सांगठनिक जनपद कोटद्वार की दो विधानसभा यमकेश्वर और लैंसडौन में पड़ने वाले छह विकासखंडों में भाजपा ने रिखणीखाल को छोड़कर पांचों ब्लॉकों में जीत दर्ज कर परचम लहराया है। वहीं, सांगठनिक जनपद पौड़ी की चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां के तीनों विकासखंडों में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया, जिसे पंचायत मंत्री व स्थानीय विधायक सतपाल महाराज के लिए करारी हार माना जा रहा है।

    चौबट्टाखाल में लगातार हार की कड़ी
    त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के एकेश्वर, पोखड़ा और बीरोंखाल ब्लॉकों में भाजपा प्रत्याशी प्रमुख पदों पर हार गए। इसकी शुरुआत छह महीने पहले ही नगर पंचायत सतपुली से हो गई थी, जहां भाजपा की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अंजना वर्मा को कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र नेगी ने हराया था।

    • एकेश्वर ब्लॉक: पिछली बार भाजपा के नीरज पांथरी ब्लॉक प्रमुख थे। इस बार कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी पंकज सिंह ने भाजपा प्रत्याशी सीमा सजवाण को मात दी।

    • पोखड़ा ब्लॉक: पहले भाजपा की प्रीति देवी प्रमुख थीं, लेकिन इस बार कांग्रेस प्रत्याशी संजय गुसाईं ने जीत दर्ज की।

    • बीरोंखाल ब्लॉक: पिछली बार भाजपा से राजेश कंडारी जीते थे, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। इस बार कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी नेहा नेगी ने भाजपा को शिकस्त दी।

    भाजपा के लिए राहत की खबर
    वहीं, कोटद्वार सांगठनिक जनपद में भाजपा ने रिखणीखाल को छोड़कर यमकेश्वर, द्वारीखाल, दुगड्डा, जयहरीखाल और नैनीडांडा ब्लॉकों में प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल ने इन विजयों पर खुशी जताई है।

    निष्कर्ष
    चौबट्टाखाल विधानसभा में तीनों ब्लॉक प्रमुख पदों पर भाजपा की हार ने कार्यकर्ताओं को हताश कर दिया है और इसे पंचायत मंत्री सतपाल महाराज के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

  • नैनीताल जिला पंचायत चुनाव में अपहरण विवाद, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

    नैनीताल जिला पंचायत चुनाव में अपहरण विवाद, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

    नैनीताल जिला पंचायत चुनाव: कांग्रेस के “अपहरण” आरोप पर नया मोड़, सदस्यों ने कहा- हम स्वेच्छा से गए थे

    नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। गुरुवार को मतदान के दौरान कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाया था कि उनके 5 जिला पंचायत सदस्यों का हथियारों के बल पर अपहरण किया गया। लेकिन शुक्रवार को इस प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया।

    दरअसल, लापता बताए जा रहे पांचों सदस्यों ने एक वीडियो जारी कर साफ किया कि उनका अपहरण नहीं हुआ, बल्कि वे खुद अपनी इच्छा से बाहर गए हैं। वीडियो में सदस्य डिकर सिंह मेवाड़ी ने बाकी साथियों का परिचय देते हुए कहा— “हम सभी अपनी मर्जी से घूमने निकले हैं, हमारा किसी ने अपहरण नहीं किया। अफवाहें फैलाना निंदनीय है। हम सब सुरक्षित हैं और जल्द ही लौटकर क्षेत्र के विकास में सहयोग करेंगे।”

    कांग्रेस ने लगाया था खुलेआम गुंडागर्दी का आरोप

    कांग्रेस ने दावा किया था कि मतदान स्थल के पास से पुलिस की मौजूदगी में उनके सदस्यों को जबरन उठा लिया गया। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस पर हमला कर कांग्रेस सदस्यों को अगवा कर लिया ताकि चुनाव परिणाम को प्रभावित किया जा सके। इसके विरोध में कांग्रेस ने चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया और हाईकोर्ट तक पहुंची।

    मुकदमा दर्ज, भाजपा नेता नामजद

    तल्लीताल पुलिस ने कांग्रेस नेताओं की तहरीर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रत्याशी पुष्पा नेगी के पति आनंद दर्मवाल समेत 11 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।

    एसओ रमेश सिंह बोरा ने बताया कि आरोपियों पर धारा 191(2), 140(3), 115(2), 352, 351(3), 74, 62 के तहत मुकदमा हुआ है।

    अब सवाल और गहरे

    जहां कांग्रेस इसे “जबरन अपहरण” बता रही है, वहीं लापता सदस्य खुद वीडियो में कह रहे हैं कि वे “स्वेच्छा से गए”। ऐसे में यह मामला अब और पेचीदा हो गया है और राजनीतिक गलियारों में बहस का नया विषय बन गया है।

  • पंचायत चुनाव: मतदाताओं के अपहरण पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

    पंचायत चुनाव: मतदाताओं के अपहरण पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

    देखें वीडियो, मतदाताओं के अपहरण को लेकर माहौल गरमाया
    बेतालघाट में चली गोली,तनाव जारी
    नतीजे आने से पहले ही मैदान छोड़ गई कांग्रेस-भाजपा

    नैनीताल। शुरू से ही चर्चा में रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदान के दिन भी खूब बखेड़े की खबर से हड़कंप मच गया।

    नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के मतदान में कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर मतदाता के अपहरण के आरोप लगाए। कहा कि, नेता विपक्ष यशपाल आर्य से मारपीट व छीना झपटी भी की गई।
    भाजपा ने कहा कि कांग्रेस हार देख नौटंकी पर उतर आई है।
    मतदान स्थल पर मतदाताओं की खींच तान का वीडियो भी वॉयरल हो रहे हैं।

    गुरुवार को जारी बारिश के बीच नेता विपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित ह्रदयेश, भुवन कापड़ी व पूर्व विधायक संजीव आर्य ने फेसबुक लाइव करके भाजपा पर कांग्रेसी सदस्यों के खुलेआम अपहरण का आरोप लगाया।

    बेहद ही उत्तेजना से युक्त माहौल में कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस व भाजपा नेताओं पर उत्तराखण्ड को बिहार बना देने का आरोप लगाया।

    कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि भाजपा नेता दर्मवाल व अन्य ने नेता विपक्ष आर्य व पार्टी नेताओं के साथ छीना झपटी की।

    उधर, नैनीताल से भाजपा विधायक सरिता आर्य ने कहा कि कांग्रेस के नेता झूठे आरोप लगा रहे हैं।
    कांग्रेस नेत्री दीपा दर्मवाल ने पुलिस को दी गयी रिपोर्ट में कांग्रेसी नेताओं पर मतदाताओं के अपहरण का आरोप लगाया।

    नैनीताल में जिलापंचायत चुनाव को लेकर है वॉल्टेज ड्रामा जारी, कांग्रेस ने 7 सदस्यों की किडनैपिंग का लगाया आरोप नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया हल्द्वानी से विधायक सुमित ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप,विधायक ने गालियों की बौछार की सब कुछ फेसबुक लाइव पर जारी है

    नैनीताल जिले के बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मतदान के दौरान गोलीबारी से हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के मुताबिक
    फायरिंग में एक व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गया।

    भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि

    जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनावों में जीत का दावा करने वाली कांग्रेस, नतीजे आने से पहले ही ऐसे पीछे हट गई मानो मैदान में आई ही न हो।
    जिला पंचायत की 12 सीटों में से सिर्फ 4 पर और ब्लॉक प्रमुख के 89 पदों में से सिर्फ 7 पर उम्मीदवार उतारना… ये किस तरह का चुनावी जोश है? बाक़ी जगह पर हार-जीत तो भाजपा और निर्दलीयों के बीच ही होनी है, कांग्रेस का नाम-ओ-निशान भी नहीं।

    फिर भी कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा दल-बल का इस्तेमाल कर रही है। जोशी ने कहा कि असल में, सीएम धामी के विकास कार्यों से घबराई कांग्रेस को शायद पहले ही पता था कि जनता के फैसले का सामना करना मुश्किल होगा। इसलिए मैदान छोड़कर अब दूर से तीर चलाने की कोशिश हो रही है।

    गौरतलब है कि भाजपा पांच जिपं अध्यक्ष व 11 ब्लाक प्रमुख निर्विरोध जीत चुकी है। गुरुवार को ही मतदान के बाद नतीजे घोषित किये जायेंगे।

  • कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को संसदीय कार्यमंत्री की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

    कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को संसदीय कार्यमंत्री की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

    कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को संसदीय कार्यमंत्री की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विधानसभा के आगामी द्वितीय सत्र के दौरान संबंधित विभागों से जुड़े सभी सवालों के उत्तर देने के लिए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को अधिकृत किया है। यह निर्णय विधानसभा में कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने और मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों के सभी प्रश्नों का समयबद्ध एवं संतोषजनक उत्तर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

    मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का वर्ष 2025 का द्वितीय सत्र 19 अगस्त (मंगलवार) से शुरू होगा। इस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के विभागों से संबंधित सभी विधायी और संसदीय प्रश्नों का उत्तर देने की जिम्मेदारी मंत्री सुबोध उनियाल निभाएंगे। साथ ही, उनसे अपेक्षा की गई है कि वे विधानसभा के पटल पर आने वाले सभी विषयों और प्रस्तावों पर प्रभावी ढंग से सरकार का पक्ष रखें तथा सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों का उचित समाधान प्रस्तुत करें।

    आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मंत्री सुबोध उनियाल को इस अवधि में मुख्यमंत्री की ओर से सदन में आवश्यक विधायी कार्य, चर्चाएं, और अन्य संसदीय प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए पूर्ण रूप से अधिकृत किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें विधानसभा सत्र की पूरी अवधि के लिए सौंपी गई है, जिससे सरकार के कार्यों में निरंतरता बनी रहे और सदन में होने वाली बहसों व चर्चाओं में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।

  • टिहरी जिपं की निर्विरोध अध्यक्ष बनी इशिता सजवाण, राजनीतिक हलकों में मचाया धमाका

    टिहरी जिपं की निर्विरोध अध्यक्ष बनी इशिता सजवाण, राजनीतिक हलकों में मचाया धमाका

    राजनीति– युवा इशिता सजवाण निर्विरोध बनीं अध्यक्ष,भाजपा ने सोना का टिकट बदला

    भाजपा पांच जिपं अध्यक्ष व 16 ब्लाक प्रमुख निर्विरोध जीती

    टिहरी । जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा ने पूर्व घोषित प्रत्याशी सोना सजवाण को बदलते हुए युवा नेत्री इशिता सजवाण को टिकट थमा दिया। और राजनीति का खेल देखिए कि युवा इशिता टिहरी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध अध्यक्ष चुन ली गयी।

    इशिता ने बतौर निर्दलीय जिपं अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया था। संख्या बल के हिसाब से इशिता का पलड़ा सोना सजवाण से भारी माना जा रहा था। हालांकि, इशिता भी भाजपा से जुड़ी थी।

    अध्यक्ष

    यहां भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी सोना सजवाण की कमजोर स्थिति देखते हुए भाजपा ने इशिता को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। और सोना सजवाण ने नाम वापस ले लिया।

    पूर्व में भाजपा ने सोना सजवाण को प्रत्याशी बनाया था। नाटकीय घटनाक्रम के तहत भाजपा ने मंगलवार 12 अगस्त को टिकट बदल दिया।
    और इशिता सजवाण को भाजपा का उम्मीदवार घोषित कर दिया।

    अध्यक्ष

    भाजपा के इस फैसले के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। गौरतलब है कि टिहरी जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में इशिता चंबा ब्लाक के कोट वार्ड से भारी बहुमत से एकतरफा चुनाव जीती थीं।
    वर्तमान समय में जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित सदस्यों की संख्या 14, भाजपा समर्थित 13, और निर्दलीय सदस्यों की संख्या 18 है।

    अध्यक्ष

    इनमें अधिकतर सदस्य इशिता के साथ खड़े हो गए थे। टिहरी जिपं अध्यक्ष निर्विरोध चयन के बाद भाजपा ने पांच जिलों पर कब्जा जमा लिया।

    इसके अलावा मंगलवार को भाजपा के पांच ब्लाक प्रमुख भी निर्विरोध निर्वाचित हुए। सोमवार को 11 ब्लाक प्रमुख निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं।

    अध्यक्ष

    दिल्ली विवि से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद इशिता ने टिहरी जिले में संस्था गठित कर सामाजिक कार्य शुरू किए थे। भाजपा की युवा राजनीति में इशिता ने पहले ही प्रयास में धमाकेदार जीत दर्ज की।

  • प्रदेश के 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय, सीटों में बरकरार रहेगा पुराना ढांचा

    प्रदेश के 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय, सीटों में बरकरार रहेगा पुराना ढांचा

    12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का आरक्षण जारी, सीटों में नहीं हुआ कोई बदलाव

    ओबीसी आरक्षण के लिए गठित आयोग की सिफारिशें पहली बार लागू, 42 आपत्तियों का निपटारा कर जारी की गई अंतिम अधिसूचना

    उत्तराखंड पंचायती राज विभाग ने राज्य के 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की अंतिम अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी है। खास बात यह रही कि अंतिम सूची में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी कि पहले जारी अनंतिम अधिसूचना के अनुसार ही सभी पद आरक्षित रहेंगे।

    यह पहला अवसर है जब प्रदेश सरकार ने पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण को लेकर गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की सिफारिशों को लागू किया है। इस आयोग द्वारा ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक सभी पदों के लिए आरक्षण तय किया गया था।

    पहले मांगी गई थीं आपत्तियां

    1 अगस्त को पंचायती राज विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार द्वारा अनंतिम आरक्षण अधिसूचना जारी की गई थी, जिस पर दो से पांच अगस्त तक प्रदेशभर से आपत्तियां मांगी गई थीं।
    इन चार दिनों में कुल 42 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें देहरादून जिले से सर्वाधिक आपत्तियां दर्ज की गईं। इन सभी आपत्तियों की जांच और निपटारा मंगलवार को संबंधित समिति द्वारा कर दिया गया।

    अब इस आधार पर होंगे चुनाव

    आपत्तियों के निस्तारण के बाद 7 अगस्त को पंचायती राज विभाग ने आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी। अब राज्य निर्वाचन आयोग इन्हीं आरक्षित पदों के अनुसार आगामी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव कराएगा।

    जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए जारी आरक्षण सूची के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और चंपावत जिलों की सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। वहीं टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, देहरादून और अल्मोड़ा जिलों की सीटें महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। ऊधमसिंह नगर जिले की सीट को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किया गया है। बागेश्वर जिले की सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए और पिथौरागढ़ जिले की सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित की गई है।

    इस निर्णय के साथ राज्य में पंचायती व्यवस्था में सामाजिक न्याय और आरक्षण की दिशा में एक नई पहल हुई है। ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने के लिए गठित आयोग की सिफारिशों का लागू होना पंचायत चुनावों में प्रतिनिधित्व की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • चमोली में पूर्व फौजी की बड़ी जीत, पूर्व मंत्री की पत्नी चुनाव में परास्त

    चमोली में पूर्व फौजी की बड़ी जीत, पूर्व मंत्री की पत्नी चुनाव में परास्त

    उत्तराखंड: चमोली में पूर्व फौजी ने किया बड़ा उलटफेर, पूर्व मंत्री की पत्नी को दी करारी शिकस्त

    चमोली, उत्तराखंड। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के नतीजों ने उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ ला दिया है। चमोली जिले की बहुचर्चित रानों जिला पंचायत सीट से सामने आए परिणाम ने न केवल स्थानीय राजनीतिक समीकरण बदल दिए, बल्कि प्रदेश भर में चर्चा का विषय भी बना दिया है।

    इस सीट पर पूर्व फौजी लक्ष्मण खत्री ने सभी राजनीतिक गणनाओं को धता बताते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी की पत्नी और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को 479 मतों के अंतर से परास्त कर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत को राजनीतिक गलियारों में “बड़ा उलटफेर” बताया जा रहा है।

    बीजेपी जिलाध्यक्ष भी पिछड़े

    इस चुनाव में चौंकाने वाला एक और पहलू यह रहा कि बीजेपी के चमोली जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल भी मैदान में उतरने के बावजूद अच्छी स्थिति हासिल नहीं कर सके और चौथे स्थान पर रहे। यह नतीजा बीजेपी की स्थानीय संगठनात्मक पकड़ पर भी सवाल खड़े करता है।

    भंडारी परिवार के लिए लगातार दूसरा झटका

    रजनी भंडारी की यह हार केवल व्यक्तिगत स्तर पर झटका नहीं है, बल्कि इसे उनके पति राजेंद्र भंडारी के राजनीतिक भविष्य से भी सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है। राजेंद्र भंडारी ने हाल ही में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद हुए बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी लखपत बुटोला से हार का सामना करना पड़ा था। अब पंचायत चुनाव में उनकी पत्नी की हार ने भंडारी परिवार की राजनीतिक साख को एक और गहरा आघात पहुंचाया है।

    जिले की राजनीति पर दूरगामी असर

    स्थानीय जानकार मानते हैं कि यह नतीजा केवल पंचायत स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। भंडारी परिवार लंबे समय से चमोली जिले की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम रहा है। ऐसे में इस हार को आने वाले समय में जिले के राजनीतिक नेतृत्व में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नतीजे से स्थानीय राजनीति में नए नेतृत्व और समीकरण उभर सकते हैं, जिनका असर आगामी विधानसभा चुनावों तक पड़ सकता है।

    पूर्व फौजी की लोकप्रियता का प्रभाव

    लक्ष्मण खत्री की जीत यह भी दर्शाती है कि मतदाता अब केवल पारंपरिक राजनीतिक परिवारों तक सीमित नहीं रह गए हैं। पूर्व फौजी होने के नाते खत्री को स्थानीय जनता के बीच एक ईमानदार, अनुशासित और सेवा-भाव से जुड़ी छवि का लाभ मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में उनका सीधा संपर्क और जमीनी मुद्दों पर काम करने का वादा चुनावी मैदान में उनके लिए निर्णायक साबित हुआ।

    राजनीतिक संदेश

    यह परिणाम चमोली की राजनीति में इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि जनता अब बदलाव चाहती है और पारंपरिक नेतृत्व को चुनौती देने के लिए तैयार है। साथ ही, यह नतीजा बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए संकेत है कि अगर स्थानीय स्तर पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया गया, तो परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं।

  • कांग्रेस का दावा—गढ़वाल-कुमाऊं में पंचायत चुनाव में पार्टी को बड़ी बढ़त

    कांग्रेस का दावा—गढ़वाल-कुमाऊं में पंचायत चुनाव में पार्टी को बड़ी बढ़त

    उत्तराखंड पंचायत चुनावों में कांग्रेस की लहर
    गढ़वाल व कुमाऊं दोनों मंडलों में भारी बढ़त का दावा
    सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा की विदाई का किया दावा

    देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों की मतगणना के नतीजे कांग्रेस खेमे के लिए बड़ी राहत और उत्साह लेकर आए हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस बार पंचायत चुनावों में गढ़वाल और कुमाऊं, दोनों मंडलों में पार्टी को भारी बढ़त मिल रही है।
    उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने मतगणना के बाद प्रेस से बातचीत में कहा कि अब तक प्राप्त परिणाम भाजपा के लिए स्पष्ट संदेश हैं कि जनता ने उसे पंचायतों से विदा करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों से प्राप्त रुझान और परिणाम कांग्रेस के पक्ष में मजबूती से जा रहे हैं।

    देहरादून में शानदार प्रदर्शन

    श्री धस्माना ने जानकारी दी कि राजधानी देहरादून में पार्टी द्वारा अधिकृत 16 उम्मीदवारों में से अब तक 12 उम्मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं। इन विजेताओं में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और चकराता के विधायक प्रीतम सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह भी शामिल हैं, जिन्होंने बर्नाड वात्सिल सीट से जीत दर्ज की है।
    इसके अलावा मंगरोली से वीरेंद्र सिंह, राएगी से श्याम सिंह, बायला से प्रवीण रावत, मोहना से केशर सिंह, लाखामंडल से अमिता वर्मा, आरा से दिवान सिंह तोमर, चंद्रोटी पुंडीर से अज्ञात विजेता, एटनबाग से पिंकी रोहिला, केदारवाला से हेमलता आज़ाद, नवाबगढ़ से संजय किशोर और माजरी ग्रांट से सुखविंदर कौर ने भी शानदार जीत दर्ज की है।

    चमोली समेत अन्य जिलों से भी जीत की खबरें

    धस्माना ने बताया कि अब तक चमोली से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गोपेश्वर के पिलांग से विपिन फर्स्वाण, सिमली से विक्रम सिंह कठैत, देवड़खदौरा से जयप्रकाश पंवार, कोठली से साक्षी नेगी, मालसी से कामेश्वरी नेगी और चौंडा से कलावती देवी ने जीत हासिल की है।
    उन्होंने कहा कि टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी में भी कांग्रेस प्रत्याशी मजबूती से आगे चल रहे हैं और यही स्थिति कुमाऊं मंडल के जिलों में भी देखने को मिल रही है।

    आठ जिलों में जिला पंचायत बोर्ड पर कांग्रेस का कब्ज़ा

    धस्माना ने दावा किया कि पंचायत चुनावों के नतीजों के आधार पर बारह में से कम से कम आठ जिलों में कांग्रेस पार्टी जिला पंचायत बोर्ड का गठन करने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि इन नतीजों से यह साफ है कि कांग्रेस के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और भाजपा के लिए यह बड़ा राजनीतिक संदेश है।

    भाजपा को क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत में भी झटका

    कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि केवल जिला पंचायत ही नहीं, बल्कि क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर भी भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में क्षेत्र पंचायत प्रमुख गैर-भाजपाई चुने जा रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि जनता ने भाजपा की नीतियों को नकारते हुए बदलाव को चुना है।

    धस्माना ने अंत में कहा कि यह परिणाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की एकजुटता और जनता के भरोसे का परिणाम है। आने वाले समय में कांग्रेस इस जनसमर्थन को और मजबूत करेगी और पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक एक सशक्त विकल्प के रूप में सामने आएगी।