Category: रोजगार

  • UKSSSC ने 257 पदों पर भर्ती की जारी की UPDATE

    UKSSSC ने 257 पदों पर भर्ती की जारी की UPDATE

    उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के विज्ञापन संख्या-61/ उ०अ० से०च०आ०/2024 दिनांक 17 सितंबर, 2024 के क्रम में विभिन्न विभागों के अंतर्गत विज्ञापित आशुलिपिक/ वैयक्तिक सहायक के कुल 257 रिक्त पदों हेतु आयोग द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम संख्या 1157/2024-25 दिनांकः 17 सितंबर, 2024 के अनुसार लिखित प्रतियोगी परीक्षा दिनांकः 08 दिसंबर, 2024 को प्रस्तावित की गयी थी।

    अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि उक्त पदों हेतु लिखित प्रतियोगी परीक्षा दिनांकः 08 दिसंबर, 2024 को एकल पाली में प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 01:00 बजे तक निर्धारित की जाती है। अभ्यर्थी परीक्षा तिथि से एक सप्ताह पूर्व अपने प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in से डाउनलोड कर सकेंगे।

  • पिथौरागढ़: भीड़ कम होने से प्रशासन ने ली राहत की सांस, हालात सामान्य

    पिथौरागढ़: भीड़ कम होने से प्रशासन ने ली राहत की सांस, हालात सामान्य

    सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रादेशिक सेना भर्ती में उमड़ी युवाओं की भीड़ के बाद उपजे हालात सामान्य होने लगे हैं। भर्ती में शामिल होकर 18 हजार से अधिक युवा वापस अपने घर लौटे हैं। भीड़ कम होने से प्रशासन के साथ ही आम जन ने भी राहत की सांस ली। 10 वें दिन यूपी के युवाओं की भर्ती प्रक्रिया हुई। चार हजार से अधिक युवा भर्ती में शामिल हुए।

    सीमांत जनपद में 12 से 27 नवंबर तक प्रादेशिक सेना भर्ती आयोजित हो रही है। नौं वें दिन बीते बुधवार को यूपी के 20 हजार से अधिक युवा भर्ती में शामिल होने पहुंचे तो हालात बिगड़ गए। प्रशासन को उनके लिए वाहनों और रहने-खाने की व्यवस्था करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। भर्ती स्थल में भी भीड़ अधिक होने से भगदड़ मच गई और भीड़ नियंत्रित करने के लिए सेना को युवाओं पर लाठियां फटकानी पड़ी।

    भर्ती के बाद युवाओं के वापस लौटने का सिलसिला शुरू हुआ। दो दिनों के भीतर 18,000 युवाओं की वापसी हुई तो हालात सामान्य हुए हैं। भीड़ कम होने से प्रशासन और सेना में राहत है। 80 से अधिक बस, 150 से अधिक टैक्सी युवाओं को वापस लेकर रवाना हुईं।

    एपीएस के पास बने अस्थाई बस स्टैंड में युवाओं की खासी भीड़ जुटी रही। भीड़ अधिक होने से बस में सीट पाने के लिए मारामारी रही। हालांकि पूरे दिन बस और टैक्सी की आवाजाही से युवाओं को खासी राहत मिली।

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

  • भारत सरकार के विभिन्न विभागों के 255 नव चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंप गए

    भारत सरकार के विभिन्न विभागों के 255 नव चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंप गए

    भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा रोजगार मेले के फेज 2 के प्रथम संस्करण का जिम्मा भारतीय डाक विभाग को सौंपा गया था। जिसका आयोजन दिनांक 29 अक्टूबर 2024 को भारतीय डाक विभाग उत्तराखंड परिमंडल द्वारा भारतीय सर्वेक्षण विभाग के प्रेक्षागृह में किया गया। इस रोजगार मेले में भारत सरकार के विभिन्न विभागों के 255 नव चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंप गए

    जिनमें से 25 नव चयनितों को नियुक्ति पत्र मुख्य अतिथि श्री अजय टम्टा माननीय परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री भारत सरकार के द्वारा दिए गए। इस रोजगार मेले में भारतीय डाक विभाग के अतिरिक्त सशस्त्र सीमा बल,भारतीय खाद्य निगम, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड सहित विभिन्न बैंकों के नव चयनितों को नियुक्ति पत्र दिए गए।

  • उत्तराखंड: नायब तहसीलदारों को फिर पास करनी होगी परीक्षा, पोस्टिंग से वापस ट्रेनिंग पर लौटेंगे

    उत्तराखंड: नायब तहसीलदारों को फिर पास करनी होगी परीक्षा, पोस्टिंग से वापस ट्रेनिंग पर लौटेंगे

    उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार तैनाती के बाद फिर से नायब तहसीलदारों को वापस ट्रेनिंग पर लौटना होगा. इतना ही नहीं ट्रेनिंग के उपरांत नायब तहसीलदारों की परीक्षा भी होगी. इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद ही इन्हें 2 महीने बाद पोस्टिंग दी जा सकेगी.

    उत्तराखंड में अजीब तमाशा:दरअसल पूर्व में हुई ट्रेनिंग के बाद कई प्रशिक्षु नायब तहसीलदार परीक्षा में फेल हो गए थे. बावजूद इसके तब इन्हें तैनाती दे दी गई थी. मामला राजस्व परिषद तक पहुंचा, तो न केवल नायब तहसीलदारों को प्रशिक्षण के लिए वापस लौटने के आदेश हुए हैं, बल्कि मामले के कुछ समय बाद ही ट्रेनिंग सेंटर के कार्यकारी निदेशक को भी यहां से हटाकर बाध्य प्रतीक्षा में रख दिया गया.

    उत्तराखंड में नायब तहसीलदारों के प्रशिक्षण के दौरान फेल होने का मामला हर किसी को हैरान कर रहा है. दरअसल अल्मोड़ा स्थित राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षु नायब तहसीलदारों के फेल होने के बावजूद इन्हें विभिन्न जिलों में तैनाती दी गई थी. हालांकि प्रशिक्षण संस्थान के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक श्रीश कुमार ने राजस्व परिषद को प्रशिक्षु नायब तहसीलदारों के फेल होने की जानकारी दी थी. साथ ही ऐसी कई गंभीर बातें भी इस पत्र में लिखी थीं, जो प्रशिक्षु नायब तहसीलदारों के प्रशिक्षण पर ही सवाल खड़ा कर रही थी.नायब तहसीलदारों को फिर प्रशिक्षण पर लौटना होगा:मामले में राजस्व परिषद ने निर्णय लेते हुए जिलों में तैनात नायब तहसीलदारों को वापस ट्रेनिंग पर लौटने के निर्देश दे दिए हैं. प्रशिक्षण संस्थान में अब एक बार फिर इन नायब तहसीलदारों को 2 महीने का प्रशिक्षण लेना होगा. साथ ही प्रशिक्षण संस्थान की प्रक्रिया के अनुसार विभिन्न परीक्षाओं को पास भी करना होगा. अब नायब तहसीलदार 1 दिसम्बर से फिर प्रशिक्षण संस्थान में दो महीने तक प्रशिक्षण लेते हुए दिखाई देंगे.

    संबंधित नायब तहसीलदारों के प्रशिक्षण को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं. परीक्षा में फेल होने वाले प्रशिक्षु नायब तहसीलदारों को फिर से 2 महीने का प्रशिक्षण लेना होगा. -चंद्रेश कुमार यादव, आयुक्त, राजस्व परिषद

  • Job: सरकारी नौकरियों में राज्य के युवाओं को ही मिलेगा आरक्षण

    Job: सरकारी नौकरियों में राज्य के युवाओं को ही मिलेगा आरक्षण

    सरकारी नौकरियों में उत्तराखंड के युवाओं को ही मिलेगा आरक्षण, दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी इस श्रेणी में शामिल
    उत्तराखंड के अलावा किसी दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थी को राज्याधीन सेवाओं में एससी-एसटी के लिए मान्य आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। सूत्रों के अनुसार, मामले में कार्मिक व समाज कल्याण विभाग के बाद शिक्षा सचिव रविनाथ

    उत्तराखंड की नौकरियों में दूसरे राज्य के व्यक्ति को समान श्रेणी में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। उत्तराखंड की बेसिक शिक्षक भर्ती में शामिल दूसरे राज्य के अभ्यर्थियों की वजह से उठे विवाद को लेकर कार्मिक विभाग ने आरक्षण पर स्पष्ट राय दे दी है।

    कार्मिक विभाग का कहना है कि पूर्व में 10 अक्टूबर 2002 में भी यह स्पष्ट किया जा चुका है।दरअसल, पुनर्गठन अधिनियम की पांचवीं-छठीं अनुसूची में उत्तराखंड की अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति अलग से चिन्हित हो चुकी है।

    ऐेसे में उत्तराखंड के अलावा किसी दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थी को राज्याधीन सेवाओं में एससी-एसटी के लिए मान्य आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। सूत्रों के अनुसार, मामले में कार्मिक व समाज कल्याण विभाग के बाद शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने न्याय विभाग से भी परामर्श मांगा था।

    न्याय विभाग की राय भी कार्मिक के अनुसार ही आई। अब शिक्षा विभाग को तीनों महकमों की राय को मद्देनजर रखते हुए निर्णय लेना है। शिक्षा सचिव मामले में जल्द आदेश दे सकते हैं। उधर, बेसिक शिक्षा निदेशक रामकृष्ण उनियाल ने कहा कि मामले में शासन से दिशानिर्देश मांगे हैं। निर्देश मिलने पर आगे कार्यवाही होगी।

  • उत्तराखंड: सीएम ने अधीनस्थ सेवा परीक्षा से पास अभ्यर्थियों को सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    उत्तराखंड: सीएम ने अधीनस्थ सेवा परीक्षा से पास अभ्यर्थियों को सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    उत्तराखंड को मिले 10 डिप्टी कलेक्टर और 10 डीएसपी समेत 19 विभागों के 289 नए अधिकारी, सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 के तहत चयनित 19 विभागों के 289 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा. साथ ही सीएम ने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी.

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में पिछले तीन सालों के भीतर 17,500 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में इन युवाओं का योगदान काफी महत्वपूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के तमाम विभागों में इन अधिकारियों की नियुक्ति होने से न सिर्फ जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि व्यवस्था को नई गति और दिशा भी मिलेगी.

    सीएम धामी ने कहा कि सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही निर्णय लिया था कि राज्य के सरकारी विभागों में खाली पड़े 24 हजार पदों को भरा जाएगा. वर्तमान में तमाम पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है. मंगलवार को जिन 289 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है, उसमें 10 डिप्टी कलेक्टर, 10 डिप्टी एसपी, 18 वित्त अधिकारी, 16 सहायक आयुक्त राज्य कर, 3 कारागार अधीक्षक, 11 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ), 28 खंड विकास अधिकारी, 4 कार्य अधिकारी जिला पंचायत, 7 सहायक निबंधक सहकारिता, 4 जिलापूर्ति अधिकारी, 3 उप संभागीय विपणन अधिकारी, 5 जिला समाज कल्याण अधिकारी शामिल हैं.

    इसके साथ ही 17 सहायक निदेशक उद्योग, 2 सहायक श्रम आयुक्त, 3 सहायक निदेशक कारखाना, 32 उप शिक्षा अधिकारी, 11 सूचना अधिकारी, 3 सहायक निदेशक मत्स्य, 1 सहायक गन्ना आयुक्त, 19 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 2 जिला परिवीक्षा अधिकारी, 2 जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, 28 राज्य कर अधिकारी, 12 उप निबंधक श्रेणी-2, 1 अधीक्षक राजकीय प्रमाणित संस्था, 1 प्रचार अधिकारी पर्यटन, 3 केस वर्कर, 10 सहायक निदेशक कृषि एवं उद्यान, 20 उद्यान विकास अधिकारी, 1 मशरूम विकास अधिकारी, 1 पौध सुरक्षा अधिकारी और 1 खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी शामिल हैं.

    UKPSC संयुक्त उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा- 2021 के तहत 19 विभागों के लिए 289 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था. चयनित सभी अधिकारियों का वेतनमान 15,600-39,100 रुपए है. इनका ग्रेड पे- 5400 होता है. इस सैलरी के अलावा अधिकारियों को यात्रा भत्ता, अर्न लीव अलाउंस, हाउस रेंट और प्रतिपूरक भत्ता, सामान्य महंगाई भत्ता समेत अन्य भत्ते और प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाता है.

  • साहसिक पर्यटन का प्रशिक्षण देगी ITBP, बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका

    साहसिक पर्यटन का प्रशिक्षण देगी ITBP, बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका

    ITBP Adventure Tourism Training उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। इंडो तिब्बतन बार्डर पुलिस (ITBP) युवाओं को साहसिक पर्यटन का प्रशिक्षण देगी। पैराग्लाइडिंग वाटर स्पोर्ट्स राक क्लाइंबिंग और वॉल क्लाइंबिंग जैसे रोमांचक खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी। दो सप्ताह के इस प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। आइटीबीपी ने अपना प्रस्ताव शासन को सौंप दिया है।

    ITBP Adventure Tourism Training: इंडो तिब्बतन बार्डर पुलिस (आइटीबीपी) अब प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में आइटीबीपी ने युवाओं को पैरा ग्लाइडिंग और वाटर स्पोट्र्स की विभिन्न विधाओं जैसे क्याकिंग, कनोइंग, रोइंग, राफ्टिंग के साथ ही राक क्लाईंबिंग और वाल क्लाईंबिंग का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव शासन को सौंपा है। शासन जल्द ही इस पर निर्णय लेगा।

    प्रदेश में साहसिक पर्यटन तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऋषिकेश, मसूरी, देवप्रयाग, मुक्तेश्वर समेत प्रदेश के कई पर्यटन व धार्मिक स्थलों में साहसिक खेलों से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ती ही जा रही है। इसके लिए शासन स्तर से आइटीबीपी से इस संबंध में पूछा गया था। अब आइटीबीपी ने अपना प्रस्ताव शासन को सौंप दिया है।

    आइटीबीपी ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स में 183 युवाओं और 57 युवतियों, कुल 240 व्यक्तियों का समूह बनाकर प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इस प्रशिक्षण की अवधि दो सप्ताह की होगी। इसी प्रकार 434 युवाओं और 87 युवतियों का 521 व्यक्तियों का समूह बनाकर इन्हें प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इस दौरान उन्हें नदी की जानकारी, बचाव व नदी पार करने की जानकारी राफ्टिंग की जानकारी व प्राथमिक शिक्षा की जानकारी दी जाएगी।

    आइटीबीपी के प्रशिक्षित जवान इन्हें प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद इन्हें प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। यद्यपि, इसके लिए आइटीबीपी ने प्रशिक्षुओं के रहने व खाने के लिए एक अनुमानित व्यय का हिसाब भी शासन को प्रेषित किया है।

    अब शासन स्तर से इस पर निर्णय लिया जाना है। पुलिस महानिरीक्षक आइटीबीपी संजय गुंज्याल ने प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आइटीबीपी के पास प्रशिक्षित जवान हैं, जो युवाओं को प्रशिक्षण देने में सक्षम हैं।

  • नई भर्तियों में क्षैतिज आरक्षण पर विधिक राय ले रही सरकार, हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला

    नई भर्तियों में क्षैतिज आरक्षण पर विधिक राय ले रही सरकार, हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला

    राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने नई भर्तियों के विज्ञापन भी जारी कर दिए थे। इस बीच आरक्षण के विरोध में कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए।

    प्रदेश में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व अन्य भर्ती संस्थाओं की नई भर्तियों में 10 प्रतिशत राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण पर पेच फंस गया है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। अब इस पर 22 अक्तूबर को अगली सुनवाई होनी है। इससे पहले अब तक हाईकोर्ट से आए निर्देशों पर सरकार विधिक राय ले रही है।

    दरअसल, सरकार ने प्रदेश में सभी भर्तियों में राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का एक्ट लागू किया था। इस आधार पर राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने नई भर्तियों के विज्ञापन भी जारी कर दिए थे। इस बीच आरक्षण के विरोध में कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए।

    प्रार्थनापत्र पर सुनवाई
    हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रितु बाहरी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए 19 सितंबर को सरकार से पूछा था कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण किस आधार पर तय किया, जवाब दाखिल करने के लिए सरकार को छह हफ्ते का समय देते हुए डाटा भी तलब किया था।

    इसके बाद पांच अक्तूबर को हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने देहरादून निवासी भुवन सिंह व अन्य के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए कहा था कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने की जानकारी दी जाए।

    याचिकाकर्ता ने आयोग के विज्ञापनों को लेकर यह प्रार्थना पत्र दिया था। अब हाईकोर्ट के निर्देशों के चलते फिलहाल भर्तियां लटक गई हैं। सरकार इस पर विधिक राय ले रही है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक आनंद बर्द्धन का कहना है कि मामले में विधिक राय लेने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

  • पुलिस कांस्टेबल के दो हजार से अधिक पदों की भर्ती पर UKSSSC जल्द जारी करेगा कार्यक्रम

    पुलिस कांस्टेबल के दो हजार से अधिक पदों की भर्ती पर UKSSSC जल्द जारी करेगा कार्यक्रम

    UKSSSC Constable Recruitment:यदि आप पुलिस में भर्ती होने के इच्छुक हैं तो तैयार हो जाएं। उत्तराखंड पुलिस भर्ती का कैलेंडर इसी माह जारी होने जा रहा है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पुलिस विभाग में कांस्टेबल के

    यदि आप पुलिस में भर्ती होने के इच्छुक हैं तो तैयार हो जाएं। उत्तराखंड पुलिस भर्ती का कैलेंडर इसी माह जारी होने जा रहा है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पुलिस विभाग में कांस्टेबल के दो हजार पदों पर इसी माह भर्ती का कार्यक्रम जारी करने वाला है। इसके लिए आयोग की ओर से तैयारियों को पूरा किया जा रहा है।

    पुलिस भर्ती के अलावा वन विभाग में आरक्षी के 600 पदों और विभिन्न विभागों 200 से अधिक अन्य पदों पर भर्ती का कैलेंडर इस माह जारी किया जा सकता है। यूकेएसएसएससी पहले समूह ग के विभिन्न विभागों में कनिष्ठ सहायक के 465 रिक्त पदों सहित कुल 751 रिक्त पदों पर भर्ती का कार्यक्रम जारी कर चुका है।

    आयोग की ओर से आगामी दिनों में होनी वाली भर्तियों का परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा आगामी वर्ष 2025 में एक जनवरी को शारीरिक दक्षता परीक्षा और 15 जून को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि भर्ती परीक्षा का कार्यक्रम इसी माह जारी किया जाएगा। तैयारियों पूरी कर दी गई हैं।

    आयोग की ओर से आगामी दिनों में होने वाली भर्तियां
    जनजाति कल्याण विभाग में प्राथमिक शिक्षकों के 21 पदों पर भर्ती की प्रस्तावित परीक्षा तिथि 23 फरवरी 2025 निर्धारित की गई है। इसके अलावा सहकारिता विभाग में सहायक विकास अधिकारियों के 38 पदों पर अगले साल नौ मार्च को परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं विभिन्न विभागों में लाइब्रेरी साइंस योग्यता वाले छह पदों पर अगले साल 23 मार्च, वन दरोगा के 200 पदों पर अगले साल 20 अप्रैल को परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन भर्तियों का परीक्षा कार्यक्रम आने वाले दिनों में जारी किया जाएगा।

  • उत्तराखंड: सीएम धामी ने चयनित कनिष्ठ अभियन्ताओं को प्रदान किये गये नियुक्ति पत्र

    उत्तराखंड: सीएम धामी ने चयनित कनिष्ठ अभियन्ताओं को प्रदान किये गये नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की वर्चुअल उपस्थिति में उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य कनिष्ठ अभियन्ता सेवा परीक्षा, 2023 के अन्तर्गत विभिन्न विभागों में चयनित 1094 कनिष्ठ अभियन्ताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। नींबूवाला, गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचन्द अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं विधायक सविता कपूर उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कनिष्ठ अभियन्ता पद के लिए चयनित हुए अभ्यर्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया। योगेश कड़ाकोटी ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आयी है। यह भर्ती प्रक्रिया काफी कम समय में पूर्ण हुई है। उन्होंने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को संदेश दिया कि कड़ी मेहनत और खुद पर विश्वास रखें। राज्य सरकार द्वारा जिस तेजी से भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं, इससे युवाओं में नई आशा जगी है। संदीप उनियाल ने कहा कि उन्होंने 2014 में डिप्लोमा किया था और वे 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद और भर्ती परीक्षाओं में तेजी आने से युवाओं का सरकारी नौकरियों के प्रति रूझान और बढ़ा है। रूड़की की महजबी ने कहा कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया एक साल से कम समय में पूरी हुई, अभी जिस तेजी से राज्य में भर्तियां आ रही हैं, सभी लोग तैयारी करने के लिए उत्साहित हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित सभी कनिष्ठ अभियन्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि आज आपके जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अपने माता-पिता गुरूओं और ईश्वर की कृपा से सभी को देवभूमि उत्तराखण्ड में सेवा करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज जिन 1094 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है, इनसे विभागों को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि ज्ञान, विज्ञान और तकनीक का जिस तेजी से विस्तार हो रहा है, उस हिसाब से नियमित अपडेट रहें। उन्होंने कहा कि सभी पूर्ण निष्ठा और समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, इसके लिए कार्यक्षेत्र में नियमित दिनचर्या बनाना जरूरी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले तीन सालों में राज्य में सरकारी विभागों में 17 हजार से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि 04 जुलाई 2021 को शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट में हमने निर्णय लिया कि राज्य के सभी रिक्त पदों पर भर्ती की जायेगी। अभी अनेक भर्ती परीक्षाएं गतिमान हैं। राज्य में भर्ती परीक्षाओं के अधियाचन से नियुक्ति पत्र प्रदान करने तक की पूरी समयावधि को कम किया गया है। पूरे साल के लिए भर्ती परीक्षाओं के लिए कलेण्डर बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद से सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई है। आज योग्य युवा हर भर्ती परीक्षा में सफल हो रहे हैं। नकल विरोधी कानून में सख्त सजा के प्राविधान किये गये हैं। इसमें उम्रकैद और सारी सम्पति जब्त करने तक का प्राविधान किया गया है। राज्य में नकल को जड़ से समाप्त करने के लिए नकल माफियाओं पर सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश नया वर्क कल्चर शुरू हुआ है। उत्तराखण्ड में भी राज्य सरकार द्वारा नया वर्क कल्चर लाने की दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों के इंडिकेटर में राज्य को देश में प्रथम स्थान मिला है। उत्तराखण्ड देश में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों की श्रेणी में दूसरे स्थान पर है।

    कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य में 1094 नये कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति होने से कार्यों में और तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान अनेक लोगों से मिलने का मौका मिलेगा, उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी बड़ी सकुशलता से जन समस्याओं का समाधान करेंगे और उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नये कनिष्ठ अभियंताओं के आने से प्रदेश के विकास और आवश्यकता के लिए एक कड़ी और जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास और आवास विभाग में कनिष्ठ अभियंताओं की बड़ी कमी थी। नये कनिष्ठ अभियंताओं के आने से कार्यों में तेजी आयेगी। अब विकास कार्यों को गति मिलेगी।

    आज जिन 1094 कनिष्ठ अभियन्ताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये उनमें लोक निर्माण विभाग में 252, ग्रामीण निर्माण विभाग में 201, सिंचाई विभाग में 137, लघु सिंचाई विभाग में 46, पंचायती राज विभाग में 41, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलसंस्थान में 91, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पेयजल निगम में 50, आवास विभाग में 134, शहरी विकास विभाग में 32, पॉवर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड में 5, उत्तराखंड जल विद्युत लिमिटेड में 49, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में 37, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(उरेडा) में 10, ऊर्जा विकास में 9 पद शामिल है।