Category: रोजगार

  • उत्तराखंड ड्रग विभाग में बड़ी भर्ती : 18 नए औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति

    उत्तराखंड ड्रग विभाग में बड़ी भर्ती : 18 नए औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति

    औषधि नियंत्रण व्यवस्था होगी और अधिक प्रभावी :- डॉ आर राजेश कुमार

    देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में उत्तराखंड ड्रग विभाग में औषधि निरीक्षक ग्रेड–2 के 18 नए पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के प्रमुख डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि यह नियुक्तियां चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड के माध्यम से की गई हैं। नव-नियुक्त अधिकारियों को दो वर्षों की परिवीक्षा अवधि पर तैनात किया गया है और सभी को तत्काल अपने तैनाती स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा यह कदम राज्य में औषधि प्रशासन को मजबूत करने और जनता तक गुणवत्तापूर्ण दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इन नियुक्तियों से राज्य की फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन की मॉनिटरिंग मजबूत होगी और औषधि नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी नव-नियुक्त औषधि निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए जनहित में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने की अपील की।

    नकली दवा माफिया पर लगेगी लगाम, औषधि निरीक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ी

    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि नए औषधि निरीक्षकों की तैनाती से उत्तराखंड में नकली और अवैध दवा माफिया पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में गैर-कानूनी रूप से बिकने वाली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की रोकथाम करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि औषधि निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में औषधि विक्रेताओं और दवा कंपनियों की नियमित जांच करें और किसी भी अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    डॉ. राजेश कुमार ने आगे बताया कि औषधि निरीक्षकों को आधुनिक तकनीकों और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे बाजार में उपलब्ध सभी दवाओं की गुणवत्ता पर बारीकी से नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध रूप से बिकने वाली एंटीबायोटिक्स, पेन किलर्स और अन्य नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए औषधि निरीक्षकों को सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या अवैध बिक्री की घटनाओं को जड़ से समाप्त किया जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावित करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने औषधि निरीक्षकों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि प्रदेश में दवा नियंत्रण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही औषधि निरीक्षकों को अत्याधुनिक परीक्षण उपकरण और मोबाइल लैब भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे मौके पर ही दवाओं की शुद्धता जांच सकें। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा, जिस पर आम नागरिक नकली या संदिग्ध दवाओं की शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

    सरकार का मानना है कि जब तक दवा नियंत्रण प्रणाली को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक नकली दवा माफिया पर पूरी तरह से लगाम लगाना संभव नहीं होगा। इसलिए औषधि निरीक्षकों की तैनाती के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता को भी बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे वे न केवल तकनीकी रूप से अधिक दक्ष बनेंगे, बल्कि बाजार में मौजूद नई दवाओं और उनकी गुणवत्ता मानकों को लेकर भी अधिक सतर्कता से काम कर सकेंगे।

    प्रदेश में हाल के वर्षों में नकली और अवैध दवाओं के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिससे सरकार की चिंता बढ़ी है। इसे देखते हुए अब औषधि निरीक्षकों को विशेष टास्क फोर्स के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दवा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके। सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

    नव-नियुक्त औषधि निरीक्षकों की तैनाती सूची

    उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी तैनाती सूची के अनुसार:

    निधि शर्मा (उधमसिंह नगर), विनोद पंवार (देहरादून), शुभम कोटलाला (उधमसिंह नगर)

    हार्दिक भट्ट (चमोली), गौरव कुकरेती (एफडीए मुख्यालय), अनुजा उप्पल (नैनीताल)

    निधि रतूड़ी (देहरादून), सीमा बिष्ट चौहान (पौड़ी), नेहा (हरिद्वार)

    निशा रावत (एफडीए मुख्यालय), अमित कुमार आजाद (रुद्रप्रयाग), रिशभ धामा (टिहरी)

    हरिओम सिंह (हरिद्वार), पंकज पंत (पिथौरागढ़), पूजा रानी (बागेश्वर)

    पूजा जोशी (अल्मोड़ा), हरिता (चम्पावत), मो. ताजिन (उत्तरकाशी)

    डॉ आर राजेश कुमार ने कहा सरकार ने सभी नव-नियुक्त औषधि निरीक्षकों से जल्द से जल्द अपने कार्यभार को ग्रहण करने की अपील की है, जिससे प्रदेश में औषधि निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

  • कैंसर संस्थान और पांच मेडिकल कॉलेजों को मिले नए नर्सिंग अधिकारी

    कैंसर संस्थान और पांच मेडिकल कॉलेजों को मिले नए नर्सिंग अधिकारी

    मेडिकल कॉलेजों में मिलेगी बेहतर सुविधाएं: डॉ. रावत 

    चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वेबसाइट पर अपलोड कर जारी की तैनाती सूची

    देहरादून। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 1238 नर्सिंग अधिकारियों को तैनाती स्थल आंवटित कर दिये गये हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसकी सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। नवनियुक्ति नर्सिंग अधिकारियों को संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे, इसके साथ ही अभ्यर्थियों को संस्थान में योगदान देना होगा।

    सूबे के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आज उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 1238 नर्सिंग अधिकारियों नियुक्ति संस्थान आवंटित कर दिये हैं। जिसकी सूची विभाग ने अपनी आधिकारिक ववेबसाइट medicaleducation.uk.gov.in पर अपलोड कर जारी कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के पांच विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों के साथ ही स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी गई है। जिसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 248, अल्मोडा 189, हल्द्वानी 221, देहरादून 271, रूद्रपुर 245 और स्टेट कैंसर संस्थान हल्द्वानी में 64 नर्सिंग अधिकारी शामिल है। उन्होंने बताया कि नवनियुक्ति नर्सिंग अधिकारियों को संबंधित कॉलेजों के प्राचार्य नियुक्त पत्र वितरित करेंगे, इसके लिये नियुक्ति संस्थान आंवटन सूची विभागीय स्तर से सभी प्राचार्यों को भेज दी गई है। डॉ. सयाना ने बताया कि सभी नर्सिंग अधिकारी को अपने समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ आंवटित संस्थान में जाना होगा। जहां पर कॉलेज प्रशासन के द्वारा उनके मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जायेगा। इसके उपरांत उन्हें प्राचार्य द्वारा नियुक्ति पत्र देकर तैनाती दी जायेगी। यदि किसी अभ्यर्थी के सत्यापन में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।

    बयान

    प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज तथा स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी में नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती दे दी गई है। इन नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा साथ ही यहां आने वाले मरीजों की बेहतर देखभाल हो सकेगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

  • सहकारिता विभाग को मिले आधा दर्जन सहायक निबंधक

    सहकारिता विभाग को मिले आधा दर्जन सहायक निबंधक

    प्रशिक्षण के उपरांत पर्वतीय जनपदों में दी गई पहली तैनाती

    देहरादून। सूबे के सहकारिता विभाग को आधा दर्जन सहायक निबन्धक मिल गये हैं। राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित इन अधिकारियों को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में प्रथम तैनाती दी गई है। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नव नियुक्त सहायक निबन्धकों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नये अधिकारियों के आने से विभागीय कार्यों में जहां तेजी आयेगी वहीं प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार होगा, साथ ही सहकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सकेगा।

    सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता को नये आयाम देने के लिये राज्य सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इसके साथ ही सरकार प्रशासनिक ढ़ाचे को मजबूत कर योजनाओं को धरातल पर उतराने में जुटी है ताकि सहकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश अधिक से अधिक काश्तकारों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिल सके। इसी कड़ी में राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित आधा दर्जन सहायक निबंधकों को प्रदेश के विभिन्न पर्वतीय जनपदों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें सौरभ कुमार को पौड़ी गढ़वाल, रोहित कुमार को अल्मोड़ा, प्रियंका घनसेला को उत्तरकाशी, आशीष को बागेश्वर, प्रवीण रावत को चंपावत और अंकित कुमार को पिथौरागढ़ जनपद में नियुक्ति दी गई है। डा. रावत ने बताया कि नव नियुक्त सहायक निबंधकों को डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल में 12 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया गया। इसके उपरांत इन्हें विभागीय जनकारी व अनुभव प्रदान करने के लिये सहकारी प्रबंध संस्थान देहरादून में 43 दिन का इन्डक्शन एंड ओरिएंटेशन ट्रेंनिग दी गई। विभागीय मंत्री ने कहा कि नव नियुक्त सहायक निबंधकों की तैनाती से सहकारिता के कार्यों में तेजी आयेगी। साथ ही विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ आम जनता को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग के अंतर्गत काश्तकारों, किसानों, स्वयं सहायकता समूहों एवं युवा उद्यमियों को ऋण वितरण में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सहकार से समृद्धि के मूल मंत्र को पर्वतीय क्षेत्रों में प्रभावी बनाने में नव नियुक्त अधिकारियों का अहम भूमिका रहेगी।

    बयान
    नव नियुक्त जिला सहायक निबन्धकों की तैनाती से विभागीय कार्यों में तेजी आने के साथ ही राज्य में सहकारिता आंदोलन के उद्देश्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी, साथ विभागीय योजनाओं की मॉनिटरिंग भी हो पाएगी। – डॉ धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड

  • मुख्यमंत्री ने सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री ने सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री ने सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद के नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को परिवहन विभाग के अंतर्गत सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त आठ नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन में एक नई और महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवचयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे और परिवहन विभाग में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड एक विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है, जहाँ परिवहन क्षेत्र में अनेक प्रकार की चुनौतियाँ मौजूद हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, और वाहन फिटनेस जैसी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नव नियुक्त अभ्यर्थियों से अपेक्षा की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इस कारण सड़क परिवहन की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, और वाहनों की फिटनेस जाँच की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाना है, ताकि आम जनता को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल तकनीक को परिवहन विभाग में व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वाहनों की फिटनेस जाँच को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सड़कों पर केवल सुरक्षित और फिट वाहनों का संचालन हो। इसके साथ ही, चालान प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से जोड़ा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।

    मुख्यमंत्री धामी ने नव नियुक्त अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करें। उन्होंने कहा कि उनका कार्य केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नवचयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार लाने का प्रयास करेंगे और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे।

    इस महत्वपूर्ण अवसर पर परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत, अपर सचिव परिवहन एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखंड परिवहन निगम रीना जोशी तथा परिवहन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने नव नियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये नव नियुक्त अधिकारी अपनी नई भूमिका में पूरी तत्परता के साथ कार्य करेंगे और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान देंगे।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, स्वास्थ्य विभाग में 1300 पदों पर जल्द होगी भर्ती

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, स्वास्थ्य विभाग में 1300 पदों पर जल्द होगी भर्ती

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग में 1300 पदों पर होगी जल्द भर्ती

    देहरादून। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से रिक्त पड़े चतुर्थ श्रेणी के 1300 पदों को जल्द भरा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

    शुक्रवार को यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास में हुई विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं।

    जिलावार रिक्त पदों का विवरण:

    • देहरादून – 98
    • हरिद्वार – 110
    • चमोली – 190
    • टिहरी – 78
    • पौड़ी – 49
    • पिथौरागढ़ – 137
    • ऊधमसिंह नगर – 76
    • नैनीताल – 356
    • अल्मोड़ा – 30
    • उत्तरकाशी – 46
    • रुद्रप्रयाग – 85
    • चंपावत – 42
    • बागेश्वर – 02

    स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन भर्तियों से राजकीय चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और टीबी मुक्त भारत व एनीमिया मुक्त भारत अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मंत्री ने दिए अहम निर्देश

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए जिला और उप-जिला अस्पतालों का गैप एनालिसिस किया जाए, ताकि जरूरतों के अनुसार आवश्यक संसाधनों की पूर्ति की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे मरीजों को संक्रमण से बचाया जा सके।

    मंत्री ने यह भी कहा कि हर भर्ती मरीज के बेड की चादर प्रतिदिन बदली जाए, जिससे अस्पतालों में स्वच्छता बनी रहे। इसके अलावा, अस्पताल परिसरों में जागरूकता बढ़ाने के लिए होर्डिंग लगाए जाएं, ताकि लोग स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।

    108 एंबुलेंस सेवा और कैंटीन संचालन में सुधार के निर्देश

    आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्री ने 108 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम न्यूनतम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है, इसलिए एंबुलेंस सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाए।

    साथ ही, अस्पतालों में संचालित कैंटीनों की व्यवस्था को सुधारने के लिए भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

    चिकित्सकों के लिए आवासीय सुविधाओं की व्यवस्था

    स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर कार्य-परिस्थितियां देने के लिए आवासीय सुविधाओं में सुधार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिकित्सकों के लिए सरकारी आवासों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे वे सहजता से अपनी सेवाएं दे सकें।

    स्वास्थ्य अभियानों को मिलेगी नई गति

    मंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान और एनीमिया मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों को सफल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इनसे लाभान्वित हो सकें।

    इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम स्वाति भदौरिया, अपर स्वास्थ्य निदेशक आनंद श्रीवास्तव, प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया, अपर स्वास्थ्य निदेशक आनंद श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी अनुराधा पाल, प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा और डॉ. अजीत मोहन जौहरी समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य उच्चाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • उच्च शिक्षा में 55 नये असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिली नियुक्ति

    उच्च शिक्षा में 55 नये असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिली नियुक्ति

    हिन्दी में 29 व रसायन विज्ञान में 26 असिस्टेंट प्रोफेसर किये तैनात

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने कहा, शिक्षकों की नियुक्ति से पठन-पाठन की गुणवत्ता में होगा सुधार

    देहरादून। सूबे के उच्च शिक्षा विभाग में राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 55 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें हिन्दी विषय में 29 और रसायन विज्ञान में 26 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। इनमें से 46 नवनियुक्त प्रोफेसरों को पर्वतीय एवं दुर्गम महाविद्यालयों में प्रथम नियुक्ति दी गई है जबकि रसायन विज्ञान के 11 असिस्टेंट प्रोफेसरों को पर्वतीय क्षेत्र के महाविद्यालयों में रिक्त पद न होने के चलते उच्च शिक्षा निदेशालय, हल्द्वानी में तैनानी दी गई है। इनकी नियुक्ति से दूरस्थ क्षेत्रों के महाविद्यालयों में जहां स्थाई शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

    राज्य सरकार द्वारा राजकीय महाविद्यालयों में ढ़ांचागत सुविधाओं के साथ ही लगातार रिक्त पदों पर स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है। इसी कड़ी में राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 55 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रथम तैनाती दी गई है। जिसमें हिन्दी विषय में 29 व रसायन विज्ञान में 26 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। इन सभी नवनियुक्ति असिस्टेंट प्रोफेसरों को दुर्गम एवं अति दुर्गम क्षेत्र के महाविद्यालयों में तैनाती दी गई है, हालांकि रसायन विज्ञान के 11 असिस्टेंट प्रोफेसर को पर्वतीय क्षेत्र के महाविद्यालयों में पद रिक्त न होने पर उच्च शिक्षा निदेशालय में तैनाती दी है, इन असिस्टेंट प्रोफसरों को कुछ समय उपरांत पद रिक्त होने पर पर्वतीय महाविद्यालयों में तैनात किया जायेगा।

    हिन्दी विषय में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर में शिवानी कर्नाटक को पीजी कॉलेज बेरीनाग में प्रथम तैनाती दी गई है। इसी प्रकार पंकज पाण्डेय व कपिल को पीजी कॉलेज कपकोट, सपना को राजकीय महाविद्यालय पाटी, ममता को गंगोलीहाट, प्रियंका यादव को गुरूड़, चन्द्रकांत तिवारी को बलुवाकोट, खेमकरण को तलवाड़ी, सुमन को पीजी कॉलेज जयहरीखाल, हरीश को स्याल्दे, चंचल गोस्वामी व चन्द्रावती जोशी को पीजी कॉलेज टिहरी, पूनम मियान को गणाई गंगोली, संजीता देवी को पतलोट, हेमंती को कांडा, नीना शर्मा को कमांद, रीता आर्य व रीतु को मुनस्यारी, अंकित कुमार सिंह को मजरा महादेव, प्रीती शाह को चौखुटिया, भारती नौटियाल को थत्यूड, मीना को देवाल, धर्मेन्द्र और जूली को थलीसैंण, भारती नौटियाल को लम्बगांव, भागीरथी राणा को मोरी, नरेश लाल को मानिला, मनोज कुमार आर्य को नारायण नगर और सूरज कुमार को राजकीय महाविद्यालय नन्दासैण चमोली में प्रथम तैनाती दी गई है।

    इसी प्रकार रसायन विज्ञान में देवकी नंदन व पंकज कुमार को पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में प्रथम तैनाती दी गई है। जबकि गरीश सिंह बिष्ट को उत्तरकाशी, संजय दत्त को अगस्तमुनि, जोगेन्द्र कुमार को गोपेश्वर, वैशाली सिंह को पुरोला, लीलावती नित्वाल बड़कोट, महेश कुमार मानिला, किरण चौहान को नागनाथ पोखरी, पिंकी को बलुवाकोट, कुलदीप सिंह को स्याल्दे, अंशु टम्टा को अगरोडा धारमंडल, पूजा को बेदीखाली, गीता सैनी को टिहरी तथा नवीन चन्द्र को राजकीय महाविद्यालय चकराता में प्रथम तैनाती दी गई। जबकि नरेन्द्र सिंह, कमल आर्य, गरीमा टम्टा, राजेश कुमार, गम्भीर सिंह, कुंदन प्रसाद, रीना, प्रवीण कुमार, मोनिका, नीरज कुमार और निधी शर्मा को उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी में तैनाती दी गई है। जिन्हें पद रिक्त होने पर पर्वतीय महाविद्यालयों में भेजा जायेगा। नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से जहां महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं शैक्षणिक गतिविधियों में भी सुधार होगा। इसके साथ ही इनकी नियुक्ति से महाविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग में भी सुधार देखने को मिलेंगे।

    दुर्गम क्षेत्रों के महाविद्यालयों में 55 और असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती कर दी गई है। जिसमें हिन्दी विषय में 29 तथा रसायन विज्ञान में 26 सहायक प्राध्यापक शामिल है। राजकीय महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकताओं में है ताकि प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।– डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

  • उत्तराखंड -आयोग ने 46 पदों पर आवेदन मांगे

    उत्तराखंड -आयोग ने 46 पदों पर आवेदन मांगे

    हरिद्वार। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक वन संरक्षक, लैंगिंग अधिकारी और वन क्षेत्राधिकारी संयुक्त परीक्षा 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इस भर्ती परीक्षा के तहत कुल रिक्त 46 पदों पर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

    उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत की ओर से सहायक वन संरक्षक, लैंगिंग अधिकारी एवं वन क्षेत्राधिकारी संयुक्त परीक्षा 2025 की का विज्ञापन जारी किया गया है। अभ्यर्थी रिक्त 46 पदों पर 19 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 19 फरवरी ही निर्धारित की गई है।

  • फर्जी शैक्षिक दस्तावेज लगाकर आईआईटी में ड्राइवर की सरकारी नौकरी पा गया युवक

    फर्जी शैक्षिक दस्तावेज लगाकर आईआईटी में ड्राइवर की सरकारी नौकरी पा गया युवक

    गोपनीय शिकायत पर सीबीआई ने आरोपी का फर्जीवाड़ा पकड़ लिया। उसके खिलाफ सीबीआई देहरादून शाखा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसकी जांच की जा रही है। आरोपी इससे पहले आईआईटी रुड़की में आउटसोर्स के जरिए ड्राइवर की एक नवंबर 2016 से नौकरी कर रहा था।

    सीबीआई देहरादून शाखा में दर्ज हुई एफआईआर के अनुसार सचिन राठी निवासी जवाहर नवोदय विद्यालय के पास मुजफ्फरनगर ने आईआईटी रुड़की में ग्रुप सी के अंतर्गत ग्रेड-दो चालक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। उसने मार्कंडेय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुर से खुद को वर्ष 2013 में दसवीं पास दिखाया। जिसमें जन्मतिथि 25 नवंबर 1996 दर्ज थी। सीबीआई ने शिकायत पर जांच की तो पता लगा कि सचिन राठी ने वर्ष 2005 में जनता इंटर कॉलेज हरसोली, मुजफ्फरनगर से दसवीं पास की। जिसमें उनकी जन्मतिथि 25 नवंबर 1988 दर्ज है। जांच में सामने आया कि ड्राइवर पद पर नौकरी के लिए तय आयु से आरोपी की आयु अधिक थी। इसलिए उसने दूसरा प्रमाण पत्र कम उम्र का बनाया। जिससे नौकरी मिल गई। सरकारी नौकरी के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में सचिन राठी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जहां से दूसरा प्रमाण पत्र जारी किया, उस संस्थान की सीबीआई जांच करेगी।

  • रुड़की: युवाओं के लिए लगाई जाएंगी रोडवेज की 35 बसें, 11 से 21 दिसंबर तक अग्निवीर भर्ती परीक्षा

    रुड़की: युवाओं के लिए लगाई जाएंगी रोडवेज की 35 बसें, 11 से 21 दिसंबर तक अग्निवीर भर्ती परीक्षा

    रुड़की में 11 से 21 दिसंबर तक अग्निवीर भर्ती परीक्षा होनी है। भर्ती को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। भर्ती के दौरान अन्य राज्यों से आने-जाने में युवाओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए हरिद्वार जिले से 35 रोडवेज बसों को लगाया जाएगा। इसके लिए परिवहन निगम ने तैयारी पूरी कर ली है।

    पिछले दिनों पिथौरागढ़ में अग्निवीर भर्ती परीक्षा में युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा था। युवाओं की भीड़ के आगे सारे इंतजाम धरे रह गए थे। युवाओं के रहने, खाने और आने-जाने के संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा था।

    पिथौरागढ़ के हालात को देखते हुए हरिद्वार के अधिकारी रुड़की में होने वाली भर्ती परीक्षा को लेकर सतर्क हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी और रुड़की ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट सभी विभागों की बैठक कर चुके हैं। साथ ही पूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

    पुलिस के ऊपर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाने का सबसे बड़ा जिम्मा है। दूसरे नंबर पर परिवहन निगम पर बड़ी जिम्मेदारी है। परिवहन निगम के ऊपर युवाओं को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी है। इसे देखते हुए हरिद्वार डिपो से भर्ती के दौरान 35 बसों को लगाया जाएगा। यह बसें अलग-अलग रूटों पर युवाओं लाने और ले जाने का काम करेंगे। अगर जरूरत पड़ी, तो बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

    बसों के बनाए जाएंगे अलग-अलग प्वॉइंट
    अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए रोडवेज बसों के अलग-अलग प्वाइंट बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इनमें रोडवेज डिपो का अहम रोल होगा। जबकि अभी संभावित अब्दुल कलाम चौक, ढंडेरा फाटक, सोलानी नदी पुल पार, सालियर हो सकते हैं।

    ढाबों और होटलों की होगी निगरानी
    परिवहन निगम की ओर से ढाबों और होटलों पर भी अलग-अलग टीम लगाकर निगरानी की जाएगी। दरअसल, भर्ती के दौरान आशंका है कि बस चालक और परिचालक भीड़ का लाभ उठाकर अधिकृत ढाबों और होटलों से हटकर अन्य ढाबों व होटलों पर बसें रास्ते में रोक सकते हैं। इसलिए टीम निगरानी करेगी और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी।

    बसों की निरंतर होगी चेकिंग
    अग्निवीर भर्ती परीक्षा में युवाओं की भारी भीड़ आने की आशंका है। ऐसे में बसों में भीड़ रहेगी। भीड़ के दौरान परिचालक टिकट बनाने में कोई गड़बड़ी न करे, इसको लेकर अलग-अलग टीमें कई रूटों पर बसों की निरंतर दस दिन चेकिंग करेंगी।

    लगेगी बैरिकेडिंग
    पुलिस की ओर से भर्ती के दौरान भर्ती स्थल के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। साथ ही भारी वाहनों के शहर के अंदर प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा टेंपो और ई-रिक्शा की एंट्री पर भी पाबंदी रहेगी।

    लगेगा अतिरिक्त पुलिस बल
    11 से 21 दिसंबर तक चलने वाली भर्ती को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने रुड़की में बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल लगाने का निर्णय लिया है। ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। अगर कोई गड़बड़ी होती है, तो उसे समय पर रोका जा सके।

    अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए 35 बसें लगाई जाएंगी। ताकि युवाओं को कोई परेशानी न हो सके। इसके अलावा ढाबों और होटलों पर भी चेकिंग की जाएगी। टिकट चेकिंग के लिए भी टीम लगाई जाएंगी
    – सुरेश सिंह चौहान, सहायक महाप्रबंधक, हरिद्वार डिपो

  • Uttarakhand: स्वास्थ्य विभाग को मिले 40 और नर्सिंग अधिकारी

    Uttarakhand: स्वास्थ्य विभाग को मिले 40 और नर्सिंग अधिकारी

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 40 और नर्सिंग अधिकारी मिले हैं। चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा जारी अंतिम चयन परिणाम के उपरांत प्रतीक्षा सूची में शामिल इन सभी अभ्यर्थियों को सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नियुक्ति पत्र सौंपे। डॉ. रावत ने सभी चयनित नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुये उन्हें प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में अपना अहम योगदान देने को कहा।

    स्वास्थ्य महानिदेशालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज 40 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन सभी चयनित नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेशभर के विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में तैनाती दे दी गई है। डॉ. रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से नर्सिंग अधिकारियों के 1564 पदों पर भर्ती की गई थी, जिसके सापेक्ष बोर्ड ने 1411 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन परिणाम जारी किया था। जिनमें से स्वास्थ्य विभाग ने 1394 नवनियुक्ति नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र निर्गत किये जबकि 1354 नर्सिंग अधिकारियों ने ही कार्यभार ग्रहण किया। इसके उपरांत बोडउर् ने कार्यभार ग्रहण न करने वाले अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन निरस्त कर प्रतीक्षा सूची में चयनित 40 अभ्यर्थियों की सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय को सौंपी। जिन्हें विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में तैनाती देते हुये नियुक्ति पत्र वितरित किये गये। जिसमें पिथौरागढ़ जनपद में 8, पौड़ी 6, अल्मोड़ा 5, टिहरी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग व नैनीताल में 4-4, देहरादून 2 तथा उत्तरकाशी, बागेश्वर व चम्पावत में 1-1 नर्सिंग अधिकारी को नियुक्त दी गई है।

    इससे पहले विभाग ने 1394 चयनित नर्सिंग अधिकारियों को विभिन्न जनपदों में तैनाती दी। जिसमें चमोली जनपद में 128, उत्तरकाशी 116, टिहरी 111, रूद्रप्रयाग 69, पौड़ी 231, हरिद्वार 73, देहरादून 59, ऊधम सिंह नगर 74, पिथौरागढ़ 97, नैनीताल 146, बागेश्वर 61, चम्पावत 76 तथा अल्मोड़ा में 153 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति प्रदान की गई।

    डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुधारीकरण की दिशा में लगातार प्रयासरत है, तेजी से हो रहे सुधारात्मक कार्यों के सुखद परिणाम भी सामने आने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा इकाईयों में उपचार मिलने से आम लोगों को खासी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि नये नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में और अधिक मदद मिलेगी साथ ही चिकित्सा इकाईयों में मरीजों के बेहतर उपचार एवं देखभाल भली-भांति हो सकेगा। वहीं नियुक्ति पत्र मिलने पर चयनित अभ्यर्थियों ने खुशी जाहिर करते हुये स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ कुलदीप मर्तोलिया ने किया।