Category: स्वास्थ्य

  • 70 साल से ऊपर बुजुर्गों के आधार से बनेंगे नए आयुष्मान कार्ड

    70 साल से ऊपर बुजुर्गों के आधार से बनेंगे नए आयुष्मान कार्ड

    प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में 70 साल व उससे ऊपर के बुजुर्गों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड आधार नंबर से बनेंगे। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    जन सेवा केंद्रों व सरकारी अस्पतालों में बुजुर्ग अपना कार्ड बना सकते हैं। इस कार्ड पर प्रत्येक बुजुर्ग को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार ने 70 साल व उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया है।

    इस योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा लेने के लिए उत्तराखंड में लगभग छह लाख बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। अब तक दो हजार बुजुर्गों के कार्ड बन चुके हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. वाईएस टोलिया ने बताया कि जिन वरिष्ठ नागरिकों के पूर्व में आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। उन्हें भी दोबारा से नया कार्ड बनाना होगा।

    इस कार्ड को बनाने के लिए राशन कार्ड अनिवार्य नहीं है। आधार नंबर और उससे लिंक मोबाइल नंबर से किसी भी जन सेवा केंद्र और सरकारी अस्पतालों में कार्ड बना सकते हैं। बताया, प्रदेश में अब तक दो हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के नई योजना के तहत आयुष्मान वया वंदना कार्ड बन चुके हैं। योजना में प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

  • एम्स ऋषिकेश : पहली बार हुई सफल बेंटल सर्जरी

    एम्स ऋषिकेश : पहली बार हुई सफल बेंटल सर्जरी

    19 वर्षीय युवक को मिली नई जिंदगी

    एम्स ऋषिकेश। जन्म से ही ’बाइकेस्पिड एओर्टिक वाल्व’ और ’एओर्टा में कोक्र्टेेशन’ नाम की बीमारी से जूझ रहे एक 19 वर्षीय युवक का जीवन बचाने में एम्स के चिकित्सकों ने सफलता पायी है। यह उपचार बेंटाल सर्जरी के माध्यम से किया गया जो बहुत ही जटिल प्रकार की सर्जरी है।

    सीटीवीएस विभाग के शल्य चिकित्सक डाॅ. अनीश गुप्ता ने बताया कि रोगी की दिल्ली के एक अस्पताल में कोक्र्टेशन ऑफ एओर्टा की सफल स्टेंटिंग हो चुकी थी। रोगी के दिल में जन्म से ही बाइकेस्पिड एओर्टिक वाल्व यानि 3 पत्तो की जगह 2 पत्ते वाला हार्ट वाल्व थे। उम्र बढ़ने पर धीरे-धीरे एओर्टा का नाप बढ़ता रहा और कई सालों बाद जब वह 18 वर्ष का हुआ तो वह एओर्टिक अनुरिस्म बीमारी से ग्रसित हो गए। बिहार का रहने वाला यह रोगी एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र है। जिसका वजन 103 किलोग्राम है। डाॅ. अनीश ने बताया कि आम तौर पर आरोही महाधमनी (एओर्टा) का आकार 5-8 सेमी लंबी और 3-4 सेमी चैड़ी होती है। महाधमनी के 5.5 सेमी आकार के बाद फटने का खतरा बन जाता है।

    हालत बिगड़ने पर रोगी को एम्स ऋषिकेश भेजा गया। जहां डॉक्टर अनीश गुप्ता के नेतृत्व में सीटीवीएस विभाग की टीम द्वारा मरीज की बेंटाल सर्जरी की गयी। उन्होंने बताया कि बेंटल ऑपरेशन में दिल से निकलने वाली महा धमनी एओर्टा को बदल दिया जाता है और एओर्टिक वाल्व भी बदला जाता है। सफल सर्जरी के बाद रोगी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 20 दिनों के भीतर उन्होंने बिहार लौटकर फिर से कॉलेज जॉइन किया। यह पहला मामला है जब किसी 103 किलोग्राम वजन वाले मरीज की राज्य के किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में बेंटाल सर्जरी को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया है।

    सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. अनीश गुप्ता के अलावा डाॅ. दानेश्वर मीणा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अबीशो, डॉ. ईशान, डॉ सावन आदि शामिल थे। जबकि एनेस्थेसिया विभाग के डाॅ. अजय कुमार, कार्डियोलाॅजी की डाॅ. भानु दुग्गल, डाॅ. यश श्रीवास्तव और नर्सिंग टीम का भी इसमें विशेष सहयोग रहा।

    संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल, सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष डाॅ. अंशुमान दरबारी और यूनिट इंचार्ज डॉ. नम्रता गौड़ ने सर्जरी करने वाली टीम की प्रशंसा की है।

  • स्वास्थ्य विभाग को मिले 352 एएनएम

    स्वास्थ्य विभाग को मिले 352 एएनएम

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिये निर्देश

    कहा, नवनियुक्त एएनएम को चिकित्सा इकाइयों में शीघ्र दे तैनाती

    देहरादून। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) के रिक्त 391 पदों पर अंतिम परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत चयन बोर्ड द्वारा कुल 352 योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जबकि 31 पदों पर चयन परिणाम हाई कोर्ट में दायर रिट के चलते रोक दिया है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।

    डॉ रावत ने बताया कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 18 जनवरी 2024 को चयन बोर्ड को 391 रिक्त पदों को भरने के लिए अधियाचन उपलब्ध कराया था। इसके क्रम में बोर्ड ने 1 फरवरी 2024 को विज्ञापन जारी किया। प्राप्त आवेदनों के आधार पर 18 सितंबर से 30 सितंबर 2024 तक अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके उपरांत बोर्ड ने आज अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। डॉ रावत ने बताया कि चयनित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सभी तेरह जनपदों में तैनाती दी गई है। जिसमे अल्मोड़ा जनपद में 37, बागेश्वर 13, चमोली 29, चम्पावत 13, देहरादून 51, हरिद्वार 8, नैनीताल 38, पौडी 57, पिथौरागढ़ 23, रुद्रप्रयाग 6, टिहरी 27, ऊधमसिंह नगर 36 तथा उत्तरकाशी में 14 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तैनाती दी गई है, शीघ्र ही इन्हें जनपद स्तर पर विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात किया जाएगा।

    उन्होंने चयनित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नवनियुक्त एएनएम को जल्द से जल्द राज्य के विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। डॉ रावत ने कहा कि एएनएम की नियुक्ति से राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

  • प्रदेश सरकार ने इगास पर्व पर 124 डॉक्टरों को वेतन बढ़ोतरी की दी सौगात

    प्रदेश सरकार ने इगास पर्व पर 124 डॉक्टरों को वेतन बढ़ोतरी की दी सौगात

    प्रदेश सरकार ने इगास पर्व पर 124 डॉक्टरों को वेतन बढ़ोतरी की सौगात दी है। पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों में निर्धारित सेवा पूरी करने वाले डॉक्टरों को स्पेशल डायनमिक एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (एसडीएसीपी) का लाभ दिया गया। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी किए। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, सरकार सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है…

    सचिव स्वास्थ्य ने कहा, हर न्यायोचित मांग का समाधान किया जाएगा। एसडीएसीपी का लाभ प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के उन डॉक्टरों को मिलेगा, जिन्होंने पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों में अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर ली है। कई साल से डॉक्टर एसडीएसीपी की मांग कर रहे थे। स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर 124 डॉक्टरों को वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिया गया।

    सचिव स्वास्थ्य ने कहा, हाल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग की मांग पर अपर निदेशक व संयुक्त निदेशक के पदों पर प्रमोशन के आदेश जारी किए गए। डाक्टरों की अन्य मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के सभी चिकित्सकों से आग्रह किया कि पूरे मनोयोग व निष्ठा के साथ कार्य करें। उनकी मांगों का समाधान और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।

    इनको मिलेगा लाभ

    स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि चार वर्ष की कुल सेवा व दो वर्ष की दुर्गम सेवा पूर्ण करने वाले 73 डॉक्टरों को पे मैट्रिक्स लेवल-11 वेतनमान का लाभ दिया गया। नौ वर्ष की कुल सेवा व पांच वर्ष दुर्गम सेवा पूरी करने वाले तीन डॉक्टर, 13 वर्ष की कुल सेवा व सात वर्ष की दुर्गम सेवा पूर्ण करने वाले तीन डॉक्टर, 20 वर्ष की कुल सेवा व नौ वर्ष की दुर्गम सेवा पूरी करने वाले 45 डॉक्टरों को एसडीएसीपी का लाभ दिया गया

  • रामनगर संयुक्त चिकित्सालय पीपीपी मोड से होगा बाहर

    रामनगर संयुक्त चिकित्सालय पीपीपी मोड से होगा बाहर

    मंत्री ने अधिकारियों को दिये निर्देश

    देहरादून। हालिया बस दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने भारी विरोध को देखते हुए रामनगर संयुक्त चिकित्सालय को पीपीपी मोड से हटाने का फैसला किया है।

    उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत पीपीपी मोड (लोक निजी सहभागित़) में संचालित रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय रामनगर सहित आधा दर्जन चिकित्सा इकाईयों का अनुबंध समाप्त कर सरकार शीघ्र ही अपने नियंत्रण में लेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई के निर्देश दे दिये गये हैं।

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार ने विश्व बैंक द्वारा पोषित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत पीपीपी मोड़ में संचालित सभी नौ चिकित्सा इकाईयों को वापस लेने का निर्णय लिया है। जिसके क्रम में जनपद टिहरी गढ़वाल में संचालित जिला चिकित्सालय बौराड़ी सहित दो अन्य चिकित्सा इकाईयों बिलकेश्वर व देवप्रयाग को हाल ही में वापस ले लिया गया है। जबकि जिला चिकित्सालय पौड़ी तथा संयुक्त चिकित्सालय पाबौं, घिण्डियाल के साथ ही रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय रामनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भिकियासैंण व बीरोंखाल को भी पीपीपी मोड़ से हटाकर सरकार अपने नियंत्रण में लेने जा रही है। उन्होंने बताया इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने कहा कि पीपीपी मोड़ में संचालित अस्पतालों को लेकर स्थानीय जनता द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थी जिसके आधार पर राज्य सरकार ने पीपीपी मोड़ में संचालित समस्त चिकित्सा इकाईयों को वापस लेकर स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने मीडिया में जारी बयान में बताया कि पीपीपी मोड़ में संचालित सभी चिकित्सालयों को वापस लेने से पूर्व परियोजना के तहत उपलब्ध सभी चिकित्सकीय उपकरणों एवं ढ़ांचागत व्यवस्था को परखते हुये हस्तांतरण की कार्रवाही सम्पन्न करनी होती है जिसके तहत परियोजना के दौरान उपलब्ध सभी उपकरण एवं अन्य आवश्यक सामग्री चिकित्सा इकाई के पास ही रखी जायेगी। जिसकी सूची तैयार करने के निर्देश संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं प्रभारी अधिकारियों को दे दिये गये हैं। हस्तांतरण की कार्रवाई पूर्ण होते ही राज्य सरकार इन चिकित्सा इकाईयों को माह दिसम्बर तक अपने नियंत्रण में लेकर चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी जायेगी। जिसके लिये विभागीय अधिकारियों को कार्रवाही के निर्देश दे दिये गये हैं।

  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को मिली तीन और फैकल्टी

    श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को मिली तीन और फैकल्टी

    वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से हुआ संकाय सदस्यों का चयन

    राजकीय मेडिकल कॉलेजों में दूर होगी फैकल्टी की कमी

    देहरादून । उत्तराखंड सरकार ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, श्रीनगर में फैकल्टी की कमी को दूर करने के उद्देश्य से विभिन्न संकायों में तीन नई फैकल्टी नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। इन नई नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा, और इसके साथ ही सम्बद्ध चिकित्सालय में मरीजों को भी उचित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से फैकल्टी नियुक्ति की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। इसी क्रम में, सरकार ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में तीन और फैकल्टी नियुक्त करने की मंजूरी दी है, जिसमें नेत्र रोग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर डॉ. दिनेश सिंह, आब्स एंड गायनी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. नेहा ककरन, और माइक्रोबायोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. अनिल कुमार को नियुक्ति प्रदान की गई है। इन सभी नियुक्तियों का चयन हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से किया गया है। यह सभी नियुक्तियां संविदा के आधार पर आगामी तीन वर्षों या फिर नियमित नियुक्ति होने तक के लिए की गई हैं।

    विगत समय में भी वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न संकायों में रिक्त पदों पर फैकल्टी की नियुक्ति की गई है, जिससे कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों में वृद्धि और सम्बद्ध अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देखने को मिली हैं।

    बयान
    “श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में तीन और फैकल्टी की नियुक्ति को सरकार ने मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य राज्य के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि शिक्षण कार्य और अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। शीघ्र ही सभी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी पदों को भरा जाएगा।”- डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार

     

  • स्वास्थ्य विभाग में 276 चिकित्सकों की जल्द होगी भर्तीः डॉ. धन सिंह रावत

    स्वास्थ्य विभाग में 276 चिकित्सकों की जल्द होगी भर्तीः डॉ. धन सिंह रावत

    चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा बैकलॉग पद भरने का अधियाचन

    कहा, चिकित्सकों की कमी होगी दूर, पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवा होगी सदृढ़

    देहरादून । चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत चिकित्साधिकारियों के बैकलॉग के 276 पदों को शीघ्र भरा जायेगा। विभाग की ओर से बैकलॉग के इन पदों की भर्ती हेतु राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेज दिया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश में चिकित्सकों की कमी दूर होगी और पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन िंसंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को दूर कर आम लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना है। इसी उद्देश्य के दृष्टिगत सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में लम्बे समय से रिक्त पड़े चिकित्सकों के बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने निर्णय लिया। जिसके क्रम में विभाग ने बैकलॉग के 276 पदों को भरने के लिये राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेज दिया है।
    डा. रावत ने बताया कि इस भर्ती से प्रदेशभर में चिकित्सकों की कमी दूर होगी और चिकित्सा इकाईयों में नियमित डॉक्टर आने से स्थानीय स्तर पर लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि राजकीय चिकित्सालयों में रोगियों को किसी भी तरह की कठिनाई न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। चिकित्सा इकाईयों में दवाओं के साथ-साथ मरीजों को अच्छा इलाज मिले इसके लिये निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है। साथ ही चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ, फार्मासिस्टों की उपस्थिति पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है सरकार यह सुनिश्चित करने के लिये भी प्रयासरत है कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम लोगों को आसानी से मिल सके।

    *बॉक्स*
    दून मेडिकल कॉलेज को मिली सात और फैकल्टी

    राज्य सरकार ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में सात और फैकल्टी की नियुक्ति को मंजूरी दी है। हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से इन फैकल्टी का चयन किया गया है। जिसमें दो एसोसिएट प्रोफेसर और पांच असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है, जिन्हें संविदा के आधार पर नियुक्ति दी गई है। चयनित संकाय सदस्यों में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में डॉ. प्रियंका डोभाल व डेन्टिस्ट्री विभाग में डॉ. पल्लवी पाण्डेय को एसोसिएट प्रोफेसर के पद नियुक्ति दी गई है। इसी प्रकार असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर माइक्रोबायोलॉजी में डॉ. शिवांग पटवाल व डॉ मनीष कुमार, पैथोलॉजी विभाग में डॉ. अर्शी खान, ऑब्स एण्ड गायनी में डॉ. जूही चॉदना तथा न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉ. अमित कुमार को नियुक्ति प्रदान की गई है। नई फैकल्टी के आने से मेडिकल कॉलेज में जहां शैक्षणिक गतिविधियों को बल मिलेगा वहीं बेस टीचिंग चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर उपचार भी सुलभ होगा।

  • 70 साल से ऊपर के छह लाख बुजुर्गों को मिलेगा मुफ्त इलाज, पीएम मोदी कल करेंगे योजना का शुभारंभ

    70 साल से ऊपर के छह लाख बुजुर्गों को मिलेगा मुफ्त इलाज, पीएम मोदी कल करेंगे योजना का शुभारंभ

    प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत के तहत 70 साल से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार ने पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

    उत्तराखंड में 70 साल से ऊपर के छह लाख बुजुर्गों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इस सुविधा के लिए सभी बुजुर्गों का नये सिरे से कार्ड बनेगा। जो आयुष्मान योजना से अलग होगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का शुरुआत करेंगे।

    प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत के तहत 70 साल से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार ने पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड में इस आयु वर्ग छह लाख बुजुर्ग हैं। जिन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अभी तक प्रदेश सरकार आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही थी। लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से इलाज का खर्चा उठाने से प्रदेश सरकार पर आर्थिक बोझ कम होगा।

    राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक वाईएस टोलिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस योजना का शुभारंभ करेंगे। जिसके बाद ही केंद्र सरकार के दिशानिर्देश पर बुजुर्गों के लिए अलग से कार्ड बनाए जाएंगे। आयुष्मान योजना में पूरे परिवार को सालाना पांच लाख का मुफ्त इलाज दिया जाता है। लेकिन 70 साल से अधिक आयु के प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को पांच लाख का इलाज की सुविधा होगी।

  • देहरादून: सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष्य ओपन रन फॉर यूनिटी क्रॉस कंट्री दौड़

    देहरादून: सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष्य ओपन रन फॉर यूनिटी क्रॉस कंट्री दौड़

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में पवेलियन ग्राउंड देहरादून के ओपन रन फॉर यूनिटी क्रॉस कंट्री दौड़ में प्रतिभाग किया।

    मुख्यमंत्री ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करने वाले, राष्ट्र के महानायक, लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित कर दिया, उनका संपूर्ण जीवन हमें राष्ट्र सेवा की प्रेरणा प्रदान करता है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जी की जयंती पर ही होता है। इस वर्ष उनकी जयंती के साथ दीपावली का संयोग होने के कारण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में यह घोषणा की थी कि इस बार ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन 29 अक्टूबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता, और अटूट समर्पण के माध्यम से अखंड भारत का सपना साकार किया। 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाया, और हमें एक ऐसा भारत दिया जिसमें विविधता के बावजूद एकता की भावना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तृत एवं एकीकृत भारत के निर्माण में देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल की कूटनीति व दूरदर्शिता का स्वतंत्र भारत के इतिहास में भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। अपने अद्वितीय संकल्पशक्ति और दूरदर्शिता से आधुनिक भारत का निर्माण करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी द्वारा देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए किए गए महान योगदान के लिए देश का प्रत्येक नागरिक सदैव उनका ऋणी रहेगा। इस ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है कि प्रत्येक नागरिक के भीतर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जागृत हो। युनिटी और इंटेग्रीटी की भावना केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय का परम कर्तव्य है। यह एक सामान्य दौड़ नहीं, बल्कि यह हमारे देश की एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करने का एक माध्यम भी है।

  • दून मेडिकल कॉलेज में एमडी की सीटों का बढ़ा दायरा

    दून मेडिकल कॉलेज में एमडी की सीटों का बढ़ा दायरा

    एनएमसी ने पीडियाट्रिक्स में सात सीटों की दी स्वीकृति

    प्रत्येक कॉलेज में पीजी की सौ-सौ सीटों का लक्ष्य निर्धारित

    विभागीय मंत्री डॉ रावत ने जताया पीएम व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार

    देहरादून । राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमडी पीडियाट्रिक्स कोर्स के लिये सात नई सीटों की स्वीकृति प्रदान की है। यह पहली बार है जब दून मेडिकल कॉलेज को पीडियाट्रिक्स में एमडी कोर्स की मान्यता मिली है। इन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया शीघ्र ही नीट के माध्यम से शुरू की जायेगी। सूबे के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने एनएमसी द्वारा प्राप्त इन स्वीकृति के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का आभार जताया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में आगामी शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिये एमडी कोर्स के अंतर्गत 100-100 सीटें प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि प्रदेश में सुपर स्पेसिलिस्ट चिकित्सकों की कमी को दूर किया जा सके।

    सूबे के चिकत्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का व्यापक विस्तार कर सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टरों की कमी को दूर करना है। इसके लिये प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाओं के संचालन के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक संख्या में सुपर स्पेशिलिस्ट मिल सके। उन्होंने बताया कि एमडी कोर्स में अधिक से अधिक सीटों की स्वीकृति के लिये चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा एनएमसी से अपील की गई है। जिसके तहत एनएमसी द्वारा दून मेडिकल कॉलेज में एमडी पीडियाट्रिक्स कोर्स के लिये सात सीटों की मंजूरी दी गई है। विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य की आवश्यकता को देखते हुये प्रत्येक मेडिकल कॉलेज को शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिये सभी पाठ्यक्रमों में 100-100 सीटों की मान्यता का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को एनएमसी की गाइडलाइन के अनुरूप आवेदन करने के निर्देश दिये गये हैं।

    विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून, श्रीनगर और हल्द्वानी में पीजी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। जिनमें एनएमसी द्वारा 19 पाठ्यक्रमों में कुल 174 सीटों की स्वीकृति मिली है। जिसमें दून मेडिकल कॉलेज में 53, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज 52 तथा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 69 सीटें शामिल है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रम के तहत 4 सीट, एनाटोमी, माइक्रोबायोलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी, फॉरेसिक मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स व जनरल मेडिसिन में 3-3, पैथोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन व ईएनटी में 2-2, फिजियोलॉजी, एनास्थेसियोलॉजी व सर्जरी में 5-5, ओबीजी 9 तथा बायोकैमिस्ट्री पाठ्यक्रम में 1 सीट शामिल है। डा. रावत ने कहा कि सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।