Category: स्वास्थ्य

  • जनपदों में निजी पैथोलॉजी लैब्स की जांच करेंगे सीएमओ

    जनपदों में निजी पैथोलॉजी लैब्स की जांच करेंगे सीएमओ

    विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिये निर्देश

    कहा, जांच के नाम पर मरीजों के साथ नहीं होने देंगे खिलवाड़

    देहरादून। राज्य में अवैध ढंग से चल रहे पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दे दिये गये हैं। विशेष रूप से मैदानी जनपदों देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर में मानकों के विपरीत संचालित पैथोलॉजी सेंटरों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिये गये हैं।

    सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि पैथोलॉजी लैब में जांच के नाम पर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ न हो इसके लिये प्रदेशभर में निजी पैथोलॉजी लैब्स का सत्यापन किया जायेगा। डा. रावत ने कहा कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से अवैध पैथोलॉजी लैब संचालन की शिकायतें मिली हैं। शिकायतकर्ताओं ने जिन तथ्यों को सामने रखा है वह मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंताजनक है। डा. रावत ने बताया कि अनाधिकृत रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब व ब्लड कलेक्शन सेंटरों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। इस संबंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेशभर में सत्यापन अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने बताया कि विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जनपद में बड़ी संख्या में अवैध रूप से पैथोलॉजी लैब व सेंटरों के संचालन की शिकायतें मिली हैं। जिनमें मानकों के अनुरूप टेक्नीकल स्टॉफ व डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं ये निजी पैथोलॉजी लैब क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत भी पंजीकृत नहीं है। अवैध रूप से संचालित इन पैथोलॉजी लैब की जांच के लिये संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि अवैध पैथोलॉजी केन्द्रों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी ताकि मरीजों के रक्त जांच की प्रमाणिकता और गुणवत्ता को बनाये रखा जा सके।

    विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य में पैथोलॉजी लैब के संचालन के लिये क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण होना आवश्यक है, इसके साथ ही मेडिकल प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के दस्तावेज भी होने जरूरी है। उन्होंने बताया कि पैथोलॉजी लैब में कार्यरत डॉक्टरों का उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल तथा टेक्नीशियनों का रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड पैरामेडिकल काउंसिल में होना अनिवार्य है। डा. रावत ने कहा कि जो पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर मानकों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।

     

  • स्वास्थ्य विभाग में 48 फार्मेसी अधिकारी को पदोन्नति की सौगात

    स्वास्थ्य विभाग में 48 फार्मेसी अधिकारी को पदोन्नति की सौगात

    विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने दी मंजूरी, शीघ्र दी जाएगी तैनाती

    देहरादून। सूबे के स्वास्थ्य विभाग में कई वर्षों से एक ही पद पर सेवाएं दे रहे 48 फार्मेसी अधिकारियों को पदोन्नति की सौगात दी गई है। इन सभी पात्र फार्मेसी अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने फार्मेसी अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी देते हुये शासन को शीघ्र पदोन्नति आदेश निर्गत करने के निर्देश दिये हैं। जिस पर फार्मेसी एसोसिएशन ने खुशी जाहिर कर स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत का आभार जताया।

    सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि समय-समय पर आयोजित समीक्षा बैठकों में विभाग के अंतर्गत सभी संवर्गों के पात्र कार्मिकों की पदोन्नति को लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये थे। जिसके क्रम में विभाग द्वारा डीपीसी के माध्यम से 48 फार्मेसी अधिकारियों का चयन पदोन्नति के लिये किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी पात्र फार्मेसी अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर पदोन्नत की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जिनको शीघ्र ही नई तैनाती दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के इस फैसले के तहत वर्तमान चयन वर्ष के माह जून तक सेवानिवृत होने वाले चीफ फार्मेसी अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिये 2 फार्मेसी अधिकारियों की भी पदोन्नति की गई है। विभागीय मंत्री ने कहा कि इस संबंध में शासन को शीघ्र पदोन्नति आदेश जारी करने कहा गया है ताकि समय पर फार्मेसी अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके।

    डा. रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पात्र कार्मिकों को पदोन्नति के लाभ से वंचित नहीं रखा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर डीपीसी कर कार्मिकों को पदोन्नत करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलने से उनके मनोबल में वृद्धि होगी और विभागीय कार्यप्रणाली में भी सुधार आयेगा। फर्मेसी अधिकारियों की मुख्य फर्मेसी अधिकारी पद पर पदोन्नति किये जाने पर फर्मेसी एसोसिएशन के पदाधिकरियों एवं फर्मेसी अधिकारियों ने खुशी जाहिर कर स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत का आभार जताया।

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    इन्हें मिला पदोन्नति का लाभ
    स्वास्थ्य विभाग में जिन फार्मेसी अधिकारियों की मुख्य फार्मेसी अधिकारी पद पदोन्नति की गई उनमें तारा दत्त उप्रेती, प्रदीप कुमार उनियाल, हरि राम, ललित वर्मा, चन्दन सिंह चौहान, एस0एस0 जेठूडी, दर्शन सिंह पंवार, दिनेश चन्द्र नौटियाल, सी0पी0 रतूडी, टी0एस0 बंगारी, प्रकाश चन्द्र रतूडी, गणेश राम नौटियाल, विजेन्द्र सिंह कैंत्यूरा, जनार्द्धन प्रसाद टम्टा, हेम चन्द्र पंत, हरभजन सिंह, एच0एम0 सिद्दकी, श्याम लाल बिजल्वाण, वीरेन्द्र सिंह असवाल, जगदीश लाल शाह, पुनीता नेगी, चिरंजी प्रसाद, महावीर सिंह राणा, जी0एस0 बिष्ट, डी0एन0 भट्ट, लखपत सिंह, महिपाल सिंह, उपेन्द्र दत्त, रघुवीर सिंह पंवार, भाग सिंह, सुदर्शन मैठाणी, विशालमणि अन्थवाल, रमेश राम, गिरीश चन्द्र काण्डपाल, गोपाल सिंह राणा, भूपाल सिंह, विनोद नेगी, डी0एस0 कोश्यारी, कैलाश चन्द्र चमोली, आत्मा राम जगूडी, अरबिन्द जगूडी, नन्द किशोर जोशी, दिनेश चन्द्र पाठक, इंदु कुमार जोशी, आनंद सिंह चौहान, जे0पी0 उप्रेती, भुवन चन्द्र जोशी तथा आर0सी0 नौटियाल शामिल हैं।

     

  • योग मानव जीवन और मानवता का सार है –  डॉ0 निशंक

    योग मानव जीवन और मानवता का सार है – डॉ0 निशंक

    देहरादून । १० वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवम् हिमालयीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान एक साथ

    ५०० से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया जिसमें शिक्षक , छात्रों , स्टाफ एवम् स्थानीय लोग उपस्थित रहे पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि रहे जिन्होंने अपने संबोधन में सभी

    को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए आह्वान किया इस अवसर पर स्वस्थवृत्त एवम् योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ निशांत राय जैन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के विषय एवम् उसके आयोजन में संस्था द्वारा इस वर्ष की गई गतिविधियों के बारे बताया

    इस अवसर पर मात्र शक्ति को समर्पित योग दिवस पर संस्था की उपाध्यक्ष एडवोकेट विदुषी निशंक जी को सम्मानित किया गया कार्यक्रम में एडवोकेट आर्यन देव उनियाल जी भी उपस्थित रहे योगाभ्यास का संचालन डॉ आशीष डोभाल द्वारा कराया गया कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो काशीनाथ जेना सचिव बाल कृष्ण चमोली कुलसचिव अरविंद अरोरा डॉ विपिन डॉ ममता डॉ अंजना डॉ शिव चरण डॉ गजानंद आदि उपस्थित रहे ।

  • योग कार्यक्रम में जाते हुए मंत्री गणेश जोशी के काफिले के वाहन आपस में टकराए

    योग कार्यक्रम में जाते हुए मंत्री गणेश जोशी के काफिले के वाहन आपस में टकराए

    देहरादून।  योग कार्यक्रम में जाते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के काफिले के वाहन आपस में टकरा गए और जिस वाहन में मंत्री सवार थे, वह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, मंत्री जोशी सुरक्षित हैं। घटना देहरादून में राजपुर रोड के पास हुई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ।

    कैबिनेट मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी मनोज जोशी ने बताया कि बहल चौक पर अज्ञात वाहन के आगे आने से दुर्घटना हुई। वाहन को बचाने के लिए लगाए गए इमरजेंसी ब्रेक लगाया गया, जिससे काफिले में चल रहे वाहन आपस में टकरा गए।

    उन्होंने बताया कि मंत्री पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। हालाकि चिकित्सकों द्वारा मंत्री की गर्दन का एक्सरे करवाया गया। सभी प्रकार की जांच ठीक होने के बाद उन्हें चिकित्सकों द्वारा उनकी सामान्य जाँच के बाद घर भेज दिया है।

  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस :  सीएम धामी ने आदि कैलाश के दर्शन कर  किया  योग

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : सीएम धामी ने आदि कैलाश के दर्शन कर किया योग

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आदि कैलाश पर योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया इस आल्सो का केंद्रीय सड़क व परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा भी सीएम के साथ योग करते नजर आए सीएम के साथ आईटीबीपी के कई जवानों ने भी योग दिवस के इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ तौर पर कहा कि आदि योगी भगवान शिव की पवित्र भूमि आदि कैलाश पर ‘योग’ का सुखद अनुभव..

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार भगवान शिव की धरती आदि कैलास में योग किया। समुद्र सतह से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ज्योलिगकांग में शिव मंदिर से सटे पार्वती सरोवर क्षेत्र में भगवान शिव का वंदन करते हुए मुख्यमंत्री प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।
    वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी है। उन्होने कहा कि योग हमारी प्राचीन विरासत का बहुमूल्य उपहार है जो मनुष्य की मानसिक व शारीरिक शक्ति में वृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने में सहायता करता है। नियमित योग अभ्यास तनाव कम करने, जीवन को संतुलित बनाए रखने तथा असंभव लक्ष्य को पाने में विशेष भूमिका निभाता है।
    उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीनतम और समृद्ध परम्परा की एक पहचान है। पूरी मनुष्यता को हमारे ऋषि-मुनियों की यह महत्वपूर्ण देन है। योग साधना के द्वारा हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है।

    योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने मनुष्य की सुख शान्ति की राह प्रशस्त की है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। हर मनुष्य का परम लक्ष्य सुख और शांति की प्राप्ति है जिसमें योग की बड़ी भूमिका है।

     

  • योग का मानव जीवन में बहुत महत्व -ऋतु खंडूडी

    योग का मानव जीवन में बहुत महत्व -ऋतु खंडूडी

    कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष व विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस वर्ष अपने कोटद्वार विधानसभा वासियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मालवीय उद्यान कोटद्वार में भारत स्वाभिमान न्यास कोटद्वार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रतिभाग कर योगाभ्यास किया। विधानसभा अध्यक्ष ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व सभी प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दी।

    ऋतु खण्डूडी भूषण ने सभी को संबोधित करते हुए बताया की योग का मानव जीवन में बहुत महत्व है। क्योंकि इसका संबंध मनुष्य के शरीर और मन को स्वस्थ रखने से संबंधित है। प्राचीन काल से ही ऋषि मुनियों द्वारा योग किया जाता रहा है।

    ऋतु खण्डूडी ने आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में योग को

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। उन्होंने योग गुरु बाबा रामदेव को भी बधाई दी की उनकी इच्छा शक्ति से आज पूरे विश्व में योग का फिर से प्रचार-प्रसार हुआ है। उन्होंने कोटद्वार एवं प्रदेश में संचालित सभी योग शिक्षा केंद्र को बधाई देते हुए कहा की आपके माध्यम से लोगों को एक नई ऊर्जा मिलती है।

    साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने कैम्प कार्यालय पीडब्ल्यूडी में महिला मोर्चा भाजपा कोटद्वार द्वारा आयोजित योग शिविर में भी पहुंचकर योगाभ्यास किया ।

    इस अवसर पर अध्यक्ष गौ सेवा आयोग राजेंद्र अंथवाल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य भगवती प्रसाद जुयाल, जिला प्रभारी दिनेश चंद्र, योग शिक्षक ममता भंडारी, नगर अध्यक्ष भाजपा पंकज भाटिया, सुनीता कोटनाला, हरी सिंह पुंडीर, सिमरन बिष्ट, नीरू बाला खंतवाल, रामेश्वरी देवी, नीना बेंजवाल, विजय लखेड़ा आदि लोग उपस्थित रहे।

  • सिकल सेल एनिमिया रोकथाम के प्रति सरकार गंभीरः डॉ. धन सिंह रावत

    सिकल सेल एनिमिया रोकथाम के प्रति सरकार गंभीरः डॉ. धन सिंह रावत

    सूबे में आगामी 03 जुलाई तक चलाया जायेगा जनजागरूकता पखवाडा

    लोगों को सिकल सेल एनिमिया के प्रति किया जायेगा जागरूक

    श्रीनगर/देहरादून । विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आज से प्रदेशभर में सिकल सेल जनजागरूकता पखवाडा मनाया जायेगा, जिसका विधिवत शुभारम्भ सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से किया। इसके साथ ही प्रदेशभर के समस्त राजकीय चिकित्सा ईकाईयों एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाये गये, जिनमें 0-40 आयु वर्ग के लगभग दो हजार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें सिकल सेल एनिमिया रोग का उपचार व बचाव संबंधी जानकारी दी। इसके अलावा प्रदेशभर में सिकल सेल एनिमिया के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाये गये।

    राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में विश्व सिकल सेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में सिकल सेल रोग के उन्मूलन के प्रति राज्य सरकार खासी गंभीर है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल की रोकथाम हेतु माइक्रो प्लान तैयार कर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आगामी 03 जुलाई 2024 तक विश्व सिकल सेल जागरूकता पखवाड़ा मनाया जायेगा, जिसके सफल आयोजन के लिये स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि विश्व सिकल सेल जागरूकता पखवाड़ा के माध्यम से प्रदेशवासियों को सिकल सेल एनिमिया रोग के प्रति जागरूक किया जायेगा।

    डा. रावत ने बताया कि आगामी 3 जुलाई तक आयोजित सिकल सेल जागरूकता पखवाड़ा के तहत आशा कार्यकत्रियों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं आरकेएसके काउंसलर के माध्यम से जनजातीय समुदाय के 15 हजार लाभार्थियों की स्क्रीनिंग, 17 हजार काउंसिलिंग कार्ड का वितरण तथा 13 लाख से अधिक लोगों को सिकल सेल एनिमिया के प्रति जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके सापेक्ष प्रथम दिन आज प्रदेशभर में लगाये गये स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लगभग 1880 लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई साथ ही 569 लोगों को काउंसिलिंग कार्ड वितरित किये गये। जबकि जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से हजारों लोगों को सिकल सेल रोग के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल अभियान को धार देने के लिये समय-समय पर मॉनिटिरिंग के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं।

    2.59 लाख जनजातीय लोगों की जांच का लक्ष्य
    सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान के तहत प्रदेश में जन-जातीय समुदाय के 2,59,269 लोगों की सिकल सेल एनीमिया जांच का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 87,127 के सापेक्ष 81,545 लाभार्थियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की, जोकि कुल प्राप्त लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य 87,127 के सापेक्ष अब तक 12 हजार से अधिक लाभार्थियों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिकल सेल जांच का दायरा बढ़ाया गया है, और प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की जांच के लक्ष्य को प्राप्त किया जायेगा।

    सिकल सेल रोग की तोड़ेंगे चेन 
    स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने बताया कि राज्य में सिकल सेल एनिमिया रोकथाम के लिये प्रभावी कदम उठाये गये हैं। खास कर जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोगों की रोकथाम के लिये वृहद स्तर पर जनजागरूकता एवं निःशुल्क जांच अभियान चलाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में इस रोग से अधिकांश लोग पीड़ित हैं और इस वंशानुगत बीमारी से ज्यादातर लोग अंजान हैं। जिसकी वहज से इस रोग के साथ नवजात शिशु जन्म ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग की इस चेन को तोड़ने के लिये जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर निःशुल्क जांच करेंगी। इसके अलावा जनजाति क्षेत्र के बच्चों को सिकल सेल के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्कूल एवं महाविद्यालय स्तर पर मेडिकल कैम्प लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जायेंगे।

     

  • मां का हाल जानने ऋषिकेश एम्स पहुंचे सीएम योगी

    मां का हाल जानने ऋषिकेश एम्स पहुंचे सीएम योगी

    सीएम योगी ने मां के इलाज के बाबत चिकित्सकों से ली जानकारी

    सीएम योगी ने रूद्रप्रयाग हादसे के घायलों को भी देखा

    ऋषिकेश। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम्स में भर्ती अपनी मां सावित्री देवी से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। रविवार की दोपहर सीएम योगी आदित्यनाथ ऋषिकेश एम्स आये। सीएम योगी ने एम्स अस्पताल प्रशासन से उनके इलाज के बाबत चर्चा की। इस दौरान सीएम योगी एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती रूद्रप्रयाग हादसे के घायलों को देखने भी गए। उन्होंने हादसे के घायल सभी लोगों का हालचाल जाना व घायलों के परिजनों से बात कर अस्पताल प्रशासन से बेहतर उपचार देने को कहा।

    बीते कुछ समय से एम्स ऋषिकेश में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां का इलाज चल रहा है। समय-समय पर अस्पताल में रूटीन चैकअप के लिए आना पड़ता है।

    इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, निवर्तमान ऋषिकेश मेयर अनीता ममगाईं, निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह, उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल अमित पराशर, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डा. भारत भूषण, न्यूरो सर्जन डॉ. रजनीश अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

     

  • सीएम धामी ने एम्स में भर्ती सीएम योगी की मां का जाना हाल चाल

    सीएम धामी ने एम्स में भर्ती सीएम योगी की मां का जाना हाल चाल

    ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एम्स ऋषिकेश में भर्ती उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता जी का कुशलक्षेम जाना एवं डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य संबंधित जानकारी प्राप्त की।

  • स्वास्थ्य विभाग ने  संक्रामक रोगों को लेकर जारी की एसओपी

    स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक रोगों को लेकर जारी की एसओपी

    स्वास्थ्य सचिव ने जल जनित रोगों की रोकथाम के दिए निर्देश

    राज्य में जिला स्तर पर रैपिड रिसपॉन्स टीम का गठन, अस्पतालों को व्यवस्थायें बनाने व स्वास्थ्य कर्मियों को जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

     

    देहरादून। राज्य में संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी जारी कर दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने एसओपी जारी करते हुए जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया गर्मियों के दौरान पेयजल से होने वाले संक्रामक रोगों के मामले अधिक सामने आते हैं Diarrhoea, Dysentery, Cholera, Viral Hepatitis, Typhoid इत्यादि के प्रसारण होने का खतरा बढ़ जाता है। संक्रामक रोगों में एक शरीर से अन्य शरीर में फैलने की क्षमता होती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि नगर निगम, नगर पालिका, पंचायती राज विभाग, ग्राम विकास समिति से समन्वय बनाते हुए स्वच्छता एवं साफ सफाई, जन जागरूकता इत्यादि की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    जिला स्तर पर रैपिड रिसपॉन्स टीम का गठन
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने क्षेत्र में जल जनित रोग की Clustring of Cases पाये जाने पर जनपद स्तरीय रैपिड रिसपॉन्स टीम (Rapid Response team) (एपिडिमियोलॉजिस्ट, चिकित्सक फिजिशियन/पीडियाट्रिसियन एवं माइकोबाइलैजिस्ट / पैथोलोजिस्ट) टीम द्वारा त्वरित उपचार, नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु त्वरित कार्यवाही की जाए। समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सा इकाइयों द्वारा जल जनित रोगों के रोगियों की सूचना अनिवार्य रूप से idsp-ihip पोर्टल पर दैनिक रूप से प्रविष्ट किया जाना सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तर पर गठित रैपिड रिस्पांस टीम को अलर्ट मोर पर रहने के लिए निर्देशित किया जाए। जल जनित रोगों से संबंधित किसी भी प्रकार की क्लस्टरिंग रिपोर्ट होने की दशा में रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा त्वरित रूप से निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।

    अस्पतालों को व्यवस्थायें बनाने के निर्देश
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने समस्त चिकित्सा ईकाईयों में समुचित मात्रा में ओ०आर०एस०, आई०वी०पलूयूड्स, एन्टीबायोटिक्स, व अन्य औषाधियों एवं जल की गुणवत्ता की जाँच एवं विशंक्रमण हेतुं जनपद स्तर पर ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन टैबलेट्स, ओ०टी० सोल्यूशन एवं एच० 2 एस० (H₂S) स्ट्रिप्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।जनपद स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर में पेय जल की गुणवत्ता जाँच एवं विसंक्रमण हेतु जल संस्थान विभाग से समन्वय बनाते हुए कार्यवाही की जाए।

    जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने स्वास्थ्य जनपद, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से आम जनमानस में जल जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम संबंधित जन जागरूकता कार्रवाई (आईइसी) की जाए एवं हेंड बिल, पोस्टर एवं सामूहिक गोष्ठियों के माध्यम से जनमानस को निम्न स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करें।

    संक्रामक रोगों से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा संक्रामक रोगों से बचने के लिए पानी उबाल कर पियें एवं ढक कर रखे। जल को साफ बर्तनो अयं उचित तरीके से भरें और दूषित जल का उपयोग न करें। ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें एवं खाद्य पदार्थों को ढक कर रखें। शौच के पश्चात, भोजन करने व बनाने एवं खाने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोवें। शौचालयो का प्रयोग करें एवं शौचालयो को साफ रखें। नहाने के लिए केवल स्वच्छ जल का उपयोग करें।