Category: स्वास्थ्य

  • कार्डियक कैथ-लैब और स्टेट ऑफ आर्ट सेन्ट्रल लेबोरेटरी का किया निरीक्षण

    कार्डियक कैथ-लैब और स्टेट ऑफ आर्ट सेन्ट्रल लेबोरेटरी का किया निरीक्षण

    स्वास्थ्य मंत्री बोले, जल्द जनता की सेवा में समर्पित होगी दोनों महत्वपूर्ण यूनिट

    जनता को लगातार मिलती रहेगी बेस अस्पताल में बेहतर चिकित्सीय सेवाएं

    श्रीनगर। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बेस चिकित्सालय में जन चिकित्सीय सेवाओं की बेहतरी के लिए बनाई जा रही कैथ लैब और स्टेट ऑफ आर्ट सेन्ट्रल लेबोरेटरी (अत्याधुनिक प्रयोगशाला) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जल्द दोनो यूनिट को जनता की सेवा के लिए समर्पित की जायेगी। ताकि गढ़वाल के विषम भौगोलिक छेत्र मे निवासित जनता को बेस चिकित्सालय में लैब की सभी जाचो के साथ – साथ सुपर-स्पेशलिस्ट सेवाएं प्रदान हो सके। कहा कि कार्डियो कैथ लैब बनने यहां हार्ट से सम्बंधित बीमारी की जांच एंजियोग्राफी व बीमारी के ईलाज एंजियोप्लास्टी व अन्य की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती करने के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूर्ण हो गयी है।

    बेस चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्डियक कैथ लैब पहुंचकर यहां पर चल रहे कार्यो के साथ ही बैड, मशीन, आक्सीजन सप्लाई, प्री- आपरेटिव व पोस्ट- आपरेटिव वार्ड के साथ-साथ ही अन्य सभी जानकारियां ली गई। साथ ही जो-जो कमी है, उसे जल्द दूर करने के निर्देश दिये गये। कहा कि कार्डियोलॉजिस्ट व कार्डियोटैक्नीशियन की तैनाती होते ही कैथ-लैब शुरु कर दी जायेगी। कहा कि कैथ-लैब बनने से यहां हार्ट संबंधी रोगों का इलाज संभव होगा और मरीजों को इलाज के लिए ऋषिकेश, दून या अन्य बड़ें शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। बेस चिकित्सालय गढ़वाल क्षेत्र के साथ ही चारधाम यात्रा का प्रमुख एव मुख्य केन्द्र है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्टेट ऑफ आर्ट सेन्ट्रल लेबोरेटरी (अत्याधुनिक प्रयोगशाला) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इसमें बायोकेमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी समेत सभी तरह की जांच एक जगह पर होगी। इस तरह एक ही जगह सैंपल देना होगा व वही से आपको सारी रिपोर्ट मिल जायेगी।

    इस तरह मरीज व उनके तीमारदारों को इधर-उधर भटकने से मुक्ति मिल जायेगी। मेडिकल कॉलेज एव चिकित्सालय में अभी जितनी भी जांचें होती हैं, उनके अलावा सभी नई जांचे भी इसमें शामिल की जाएंगी। जांचें अत्याधुनिक मशीनों से होंगी, जिससे जांच रिपोर्ट की क्वालिटी हर रोज चैक होगी। इसके साथ ही मरीजों को एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए भी जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही उक्त सेवा को जनता के लिए समर्पित किया जायेगा। उन्होंने मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ के.एस.बुटोला को एंडोस्कोपी संबंधी प्रशिक्षण कर उक्त जांच जल्द शुरु कराने के निर्देश दिये। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत, एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट व मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. केएस बुटोला व सम्बंधित कर्मी मौजूद थे।

  • स्वास्थ्य विभाग को मिले 37 और नर्सिंग अधिकारी

    स्वास्थ्य विभाग को मिले 37 और नर्सिंग अधिकारी

    प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में मिली नियुक्ति

    हाई कोर्ट के आदेश पर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने दी तैनाती

    देहरादून। सूबे के स्वास्थ्य विभाग को 37 नये नर्सिंग अधिकारी मिले हैं। इन सभी नर्सिंग अधिकारियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय द्वारा निर्वाचन आयोग की अनुमति के उपरांत प्रदेश के विभिन्न जनपदों के राजकीय चिकित्सालयों में तैनाती दे दी है। इनमें से 34 नर्सिंग अधिकारियों को नैनीताल हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के निर्णय के क्रम में जबकि 3 नर्सिंग अधिकारियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र व अन्य वांछित अभिलेखों की पुष्टि के उपरांत तैनाती दी गई। नये नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में मदद मिलेगी साथ ही चिकित्सा इकाईयों में मरीजों के बेहतर उपचार एवं देखभाल भली-भांति हो सकेगी।

    नैनीताल उच्च न्यायलय में दायर रिट याचिका पर कोर्ट के आदेश के क्रम में उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड ने 34 नर्सिंग अधिकारियों का चयन परिणाम जारी कर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को उक्त नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति की संस्तुति की। जिसके उपरांत स्वास्थ्य महानिदेशालय ने निर्वाचन आयोग की अनुमति पर इन 34 नर्सिंग अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र व अन्य वांछित अभिलेखों की पुष्टि से वंचित रहे गये 03 नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जनपदों के राजकीय चिकित्सालयों में तैनाती दे दी गई है। जिसमें से जनपद चमोली में 07 नर्सिंग अधिकारी की तैनाती की गई है। इसी प्रकार रूद्रप्रयाग में 03, पौड़ी 08, टिहरी 01, उत्तरकाशी 05, नैनीताल 01, अल्मोड़ा 02, बागेश्वर 01, पिथौरागढ़ 07 तथा चम्पावत 02 शामिल है।
    प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न राजकीय अस्पतालों में रिक्त महिला एवं पुरूष नर्सिंग अधिकारी के 1564 पदों को भरने के लिये विगत वर्ष उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड को अधियाचन भेजा गया था। जिसके उपरांत चयन बोर्ड द्वारा भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कर सितम्बर 2023 को वर्षवार श्रेष्ठता सूची तैयार कर कुल रिक्त पदों के सापेक्ष विभिन्न श्रेणी के अंतर्गत 1377 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया। जबकि वर्षवार श्रेष्ठता सूची में स्थान पाने वाले 84 अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट याचिकाओं के क्रम में रोक दिया गया था। न्यायालय में दाखिल याचिकों पर सुनवाई करते हुये उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड को 34 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने के आदेश दिये। जिस पर कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी नए नर्सिंग अधिकारियों को तैनाती दे दी है।

    उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के तहत 34 नर्सिंग अधिकारियों एवं विभिन्न प्रमाण पत्रों की पुष्टि से वंचित रह गये तीन नर्सिंग अधिकारियों सहित कुल 37 नर्सिंग अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न अस्पतालों में तैनाती दे दी है। इन सभी नर्सिंग अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। उम्मीद है कि सभी नर्सिंग अधिकारी पूरी निष्ठा एवं इमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में अपना योगदान देंगे। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

  • केदारनाथ के रावल का बिगड़ा स्वास्थ्य किया गया एयर लिफ्ट

    केदारनाथ के रावल का बिगड़ा स्वास्थ्य किया गया एयर लिफ्ट

    देहरादून। केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें केदारनाथ से हेलीकॉप्टर से देहरादून लाया गया । उन्हें वेलमैड हस्पताल में प्रसिद्ध ह्रदय विशेषज्ञ डाक्टर चेतन शर्मा की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

  • चारधाम यात्रियों की सुविधा के लिए ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत-मुख्य सचिव राधा रतूड़ी

    चारधाम यात्रियों की सुविधा के लिए ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत-मुख्य सचिव राधा रतूड़ी

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी
    50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिग अनिवार्य

    श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रजिस्ट्रेशन के दौरान देने के लिए जनजागरूक जरूरी। मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण

    मुख्य सचिव रतूड़ी ने जानकारी दी है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य विभाग, विश फाउण्डेशन तथा हंस फाउण्डेशन ने ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत की है। ई-स्वास्थ्य धाम एप पर सभी श्रद्धालुओं को अपना स्वास्थय डाटा अपलोड करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। इन स्क्रीनिग पॉइन्ट्स पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ ही हंस एवं विश फाउण्डेशन के चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। विशेषरूप से 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिग अनिवार्य रूप से की जाएगी।
    सचिवालय में स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग की बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रजिस्ट्रेशन के दौरान देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मीडिया की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है।

    मुख्य सचिव ने कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा अपनी बिल्कुल सही मेडिकल हिस्ट्री रजिस्ट्रेशन के दौरान उपलब्ध करवाई जाती है तो इससे प्रशासन को किसी भी आपातकाल के दौरान श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता पहुंचाने में आसानी होगी। यात्रियों की मेडिकल हिस्ट्री की उपलब्धता से प्रशासन को भी अपने चिकित्सा संसाधनों के बेहतरीन प्रबन्धन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम चारधाम यात्रा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव डा0 अमनदीप कौर सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

  • चारधाम यात्रा में अब तक 94 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की हुई स्वास्थ्य स्क्रीनिंग : डॉ विनीता शाह

    चारधाम यात्रा में अब तक 94 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की हुई स्वास्थ्य स्क्रीनिंग : डॉ विनीता शाह

    विशेष स्वास्थ्य केन्द्रों में मिल रही हैं 24×7 मेडिकल सुविधाएँ – डॉ विनीता शाह

     

    देहरादून। चारधाम यात्रा के बाबत स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने बताया कि अभी तक 94,218 से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है। साथ ही 18,989 से अधिक ओपीडी की गयी है।

    डॉ विनीता शाह ने कहा कि हर धाम पर विशेष स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं जहाँ 24×7 मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्स व प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात है। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थलों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट स्थापित की गई हैं जो आवश्यकता पड़ने पर तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करती हैं।

    यात्रा के मुख्य मार्गों और बेस कैंपों पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए हैं जहाँ रक्तचाप, शुगर लेवल, और अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

    श्रद्धालुओं से अपील करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने कहा कि चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के दौरान श्रद्धालुओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें व सुनिश्चित करें कि आप यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। नियमित व्यायाम और उचित आहार का पालन करें ताकि आपकी सहनशक्ति बनी रहे। अपनी नियमित औषधियाँ और आवश्यक दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में साथ रखें। ऊँचाई पर होने वाली समस्याओं के लिए आवश्यक दवाइयाँ भी साथ रखें।

    स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने कहा कि ऊँचाई पर ठंड और बर्फबारी का ध्यान रखते हुए गर्म कपड़े, टोपी, दस्ताने, और अच्छे जूते पहनें। ट्रेकिंग के लिए उपयुक्त उपकरण और सामान साथ रखें। शुद्ध पानी पिएं और अपने साथ पर्याप्त पानी रखें। हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन करें। यात्रा के दौरान भारी भोजन से बचें। ऊँचाई पर चढ़ाई करते समय धीरे-धीरे अनुकूलन करें और अपने शरीर को आराम दें। अत्यधिक थकान से बचें और नियमित अंतराल पर विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्र में सांस फूलने या थकावट आने कि स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श लें या फिर कम ऊंचाई की तरफ प्रस्थान करें।

    श्रद्धालु किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व सहायता हेतु विभाग के 24×7 टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104, 18001801200 व 01357156104 पर संपर्क कर सकते हैं। श्रद्धालु यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाएं।

  • एक्शन- पतंजलि आयुर्वेद के 14 प्रोडक्ट्स बनाने का लाइसेंस रद्द

    एक्शन- पतंजलि आयुर्वेद के 14 प्रोडक्ट्स बनाने का लाइसेंस रद्द

    भ्रामक विज्ञापन मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में घिरी रामदेव की दिव्य फार्मेसी को लगा एक और झटका

    देहरादून। आयुर्वेद दवाओं के भ्रामक विज्ञापन मुद्दे पर सुप्रीम कोर्टमें घिरी रामदेव की दवा कम्पनी पतंजलि को एक और झटका लगा है।

    उत्तराखण्ड सरकार ने भ्रामक विज्ञापन पर सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद  दवा कंपनी पतंजलि की दिव्य फार्मेसी के 14 उत्पादों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

    राज्य सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग के लाइसेंस प्राधिकरण ने कंपनी के 14 प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया है।

    दिव्य फार्मेसी के इन उत्पादों के लाइसेंस निलंबित

    श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, दिव्य ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपीिग्रट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईिग्रट गोल्ड और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप शामिल हैं।

    हरिद्वार में स्थित पतंजलि आयुर्वेद के गलत विज्ञापन पर सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण को आड़े हाथ लिया था। इन्होंने भ्रामक विज्ञापन पर कोर्ट में माफी भी मांगी थी।

  • स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने ली मुख्य चिकित्साधिकारियों की बैठक, दिये निर्देश

    स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने ली मुख्य चिकित्साधिकारियों की बैठक, दिये निर्देश

    यात्रा के दृष्टिगत चुनाव आयोग ने दी विभागीय समीक्षा बैठक की अनुमति

    श्रीनगर/देहरादून। राज्य में लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत विभागीय कार्यों को लेकर सक्रिय हो गये हैं। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से आगामी चार धाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की अनुमति मिलते ही चार धाम यात्रा से सबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही श्रीनगर एवं दून मेडिकल कालेज सहित एम्स ऋषिकेश को अलर्ट मोड़ पर रहने के निर्देश दिए गये।

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज श्रीनगर मेडिकल कालेज के सभागार में चार धाम यात्रा के दृष्टिगत के स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने यात्रा काल के दौरान तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। डा. रावत ने बताया कि आगामी 10 मई से प्रदेश में शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के सफल संचालन को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से संजीदा है। राज्य सरकार यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने में जुटी है इसके लिये ठोस रोड़मैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत राज्य में प्रभावी आचार संहित में ढील देने हेतु दो दिन पहले शासन स्तर से भारत निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगने दे निर्देश दिये गये थे, जिस पर भारत निर्वाचन आयोग ने कुछ शर्तों के साथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की अनुमति प्रदान कर दी है।

    डा. रावत ने बताया कि निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को चार धाम यात्रा की तैयारियों की जानकारी ली इसके साथ ही उन्होंने यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। उन्होंने बताया कि चार धाम यात्रा से सबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को यात्रा मार्गों पर आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण, स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा विभागीय उच्चाधिकारियों को विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ, फार्मासिस्ट सहित अन्य मेडिकल स्टॉफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही श्रीनगर मेडिकल कालेज, दून मेडिकल कालेज एवं एम्स ऋषिकेश को अलर्ट मोड़ पर रहने के निर्देश दिये गये।

    बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह एवं निदेशक स्वास्थ्य डॉ भागीरथी जंगपांगी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया जबकि प्राचार्य श्रीनगर मेडिकल कालेज प्रो. डॉ. सीएमएस रावत, सीएमओ पौड़ी डॉ. प्रवीण कुमार, सीएमओ टिहरी डॉ. मनु जैन, सीएमओ चमोली डॉ. राजीव शर्मा, सीएमओ रुद्रप्रयाग डॉ. एच. सी. एस मर्तोलिया, सीएमओ उत्तरकाशी डॉ बी.एस. रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

  • सरकार ने 1323 अंशकालिक व्यवस्था पर तैनात दाईयों को दी बड़ी सौगात

    सरकार ने 1323 अंशकालिक व्यवस्था पर तैनात दाईयों को दी बड़ी सौगात

    400 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया मासिक मानदेय

    प्रदेशभर की दाईयों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत का जताया आभार

    देहरादून। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर अंशकालिक व्यवस्था पर तैनात 1323 दाईयों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने दाईयों का मासिक मानदेय 400 से बढ़कर 1000 रुपये कर दिया है। मासिक मानदेय में वृद्धि किये जाने पर प्रदेशभर की दाईयों में खुशी की लहर है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर के परिवार कल्याण उपकेंद्रों पर अंशकालिक व पार्ट टाइम व्यवस्था और तैनात दाईयों के मानदेय वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अभी तक इन दाईयों को 400 रुपये का भुगतान किया जाता था।

    अब इन्हें राज्य सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र जारी कर निर्देश दे दिये हैं। इसके साथ ही परिवार कल्याण उपकेंद्रों पर तैनात दाईयों को अपने वर्तमान कार्य एवं दायित्वों का निर्वहन करने व भविष्य में दाईयों के पद स्वीकृत न करने तथा नवीन नियुक्ति न करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मानदेय में वृद्धि किये जाने पर प्रदेशभर की दाईयों ने खुशी जाहिर करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत का आभार जताया।

    बयान
    प्रदेशभर में परिवार कल्याण उपकेंद्रों पर तैनात 1323 पार्ट टाइम व अंशकालिक दाईयों की वर्षों पुरानी मांग को सरकार ने पूरा कर दिया है। दाईयों को अब 1000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। दाईयों के सहयोग से प्रदेशभर में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा।– डॉ धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

  • राजकीय महाविद्यालयों को शीघ्र मिलेंगे 117 योग प्रशिक्षक

    राजकीय महाविद्यालयों को शीघ्र मिलेंगे 117 योग प्रशिक्षक

    उच्च शिक्षा विभाग ने जारी की विज्ञप्ति, आउटसोर्स से होगी भर्ती

    अभ्यर्थी को रोजगार प्रयाग पोर्टल पर करना होगा अनिवार्य पंजीकरण

    देहरादून। सूबे के राजकीय महाविद्यालयों में शीघ्र ही 117 योग प्रशिक्षकों की तैनाती की जायेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिये भर्ती विज्ञप्ति जारी कर दी है। महाविद्यालयों में योग प्रशिक्षकों को आउटसोर्स के माध्यम से अस्थाई रूप से 11 माह के लिये तैनाती दी जायेगी। इस दौरान इन्हें प्रत्येक दिन 300 रूपये प्रतिवादन अथवा अधिकतम 18 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा। इच्छुक अभ्यर्थी को रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

    प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ योग प्रशिक्षण देने के दृष्टिगत नवीन शैक्षिक सत्र से नियत वेतनमान पर 117 योग प्रशिक्षक तैनात किये जायेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में विज्ञप्ति जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजकीय महाविद्यालयों में योग प्रशिक्षकों को आउटसोर्स से अस्थाई रूप से 11 माह के लिये रखा जायेगा। इस अवधि में इन्हें प्रति दिन 300 रूपये प्रतिवादन या फिर अधिकतम 18 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा। योग प्रशिक्षक के लिये अभ्यर्थी को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से योग, योग विज्ञान, योग चिकित्सा, योग शिक्षा में स्नातकोत्तर या समकक्ष उपाधि धारक होना जरूरी है। इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा योग शिक्षा में प्रतिष्ठित संस्थान से योग, योग विज्ञान, योग चिकित्सा, योग शिक्षा में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा या समकक्ष उपाधि धारक भी योग प्रशिक्षक पद के लिये आवेदन कर सकता है। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास योग शिक्षा में अध्यापन एवं प्रशिक्षण का न्यूनतम दो वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। उक्त अर्हता रखने वाले अभ्यर्थी को रोजगार प्रयाग पोर्टल (rojgarprayag.uk.gov.in) पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। रोजगार प्रयाग पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को एक पद के सापेक्ष तीन लोगों को विभाग द्वारा साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार कमेटी के चयन के उपरांत अंतिम चयन सूची आउटसोर्स कंपनी को उपलब्ध कराई जाएगी। जिसके पश्चात चयनित योग प्रशिक्षितों को महाविद्यालयों में तैनाती दी जाएगी।इन योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति से महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ योगाभ्यास करने का भी अवसर मिलेगा।

    नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ स्वस्थ रहने के लिये योगाभ्यास भी कराया जायेगा। इसके लिये उच्च शिक्षा विभाग ने आउटसोर्स के माध्यम से योग प्रशिक्षक के 117 अस्थाई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, शीघ्र ही चयनित अभ्यर्भियों को महाविद्यालयों में तैनाती दी जायेगी।– डा. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

  • स्वास्थ्य विभाग को शीघ्र मिलेंगे 361 सीएचओः डा. धन सिंह रावत

    स्वास्थ्य विभाग को शीघ्र मिलेंगे 361 सीएचओः डा. धन सिंह रावत

    उत्तराखंड मेडिकल विश्वविद्यालय ने जारी की अंतिम चयन सूची

    देहरादून। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न जनपदों को शीघ्र ही 361 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) मिलने जा रहे हैं। एच0एन0बी0 मेडिकल यूनिवर्सिटी उत्तराखंड ने काउंसिलिंग के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। चयनित सीएचओ की तैनाती शीघ्र ही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जनपदों में की जायेगी।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत प्रदेशभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में शत-प्रतिशत सीएचओ की तैनाती करने का लक्ष्य रखा है। जिसके तहत गत वर्ष 1683 पदों के सापेक्ष 1515 सीएचओ की तैनाती की जा चुकी है। जिनमें से कुछ अभ्यर्थियों का चयन नर्सिंग अधिकारी पद पर हो जाने से सीएचओ के 379 पद रिक्त हो गये थे। विभाग ने इन पदों को भरने की जिम्मेदारी मेडिकल विश्वविद्यालय को सौंपी थी। विश्वविद्यालय ने काफी कम समय में 25 फरवरी 2024 को सीएचओ की भर्ती परीक्षा का आयोजन कर कांउसलिंग के उपरांत 361 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी कर दी है। जिनको शीघ्र ही रिक्त पदों के सापेक्ष जनपदवार तैनाती दे दी जायेगी। चयनित अभियर्थियों में से अल्मोड़ा जनपद में 12, बागेश्वर 28, चमोली 29, चम्पावत 10, देहरादून 20, हरिद्वार 24, नैनीताल 10, पौड़ी 60, पिथौरागढ़ 34, रूद्रप्रयाग 23, टिहरी गढ़वाल 91, ऊधमसिंह नगर 12 व उत्तराकाशी हेतु 8 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। डा. रावत ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची शीघ्र ही संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को सौंप दी जायेगी। जिनकी तैनाती का जिम्मा संबंधित सीएमओ का होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सीएचओ की तैनाती से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

    यह है सीएचओ की जिम्मेदारी
    सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी का मुख्य कार्य ग्रामीण इलाके में लोगों को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इन कार्यों में मरीजों का इलाज करवाना, ओपीडी का संचालन करना एवं गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उचित स्वास्थ्य सलाह देना शामिल है। इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में वह व्यक्ति को प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध करवाते हैं। उन्हें आशा वर्कर, एएनएम एवं ग्राम प्रधान के साथ मिलकर स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचानी होती है।