जन जन का उपचार नर्सिंग अधिकारियो को रोजगार के तहत उत्तराखंड सरकार ने नर्सिंग महाकुंभ के प्रथम चरण में गढ़वाल मंडल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के कर कमलों से दिनाक 8/1/2024 को चमोली जिले में 91 नर्सिंग अधिकारियो ,रुद्रप्रयाग जिले में 89 नर्सिंग अधिकारियो,9/1/2024 को पौड़ी जिले में 192 नर्सिंग अधिकारियो को, 10/1/2024 को टिहरी जिले में 89 नर्सिंग अधिकारियो को, उत्तरकाशी जिले में 93 नर्सिंग अधिकारियों को , 3 दिनों में 554 नर्सिंग अधिकारियो को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए जिससे सभी चयनित नर्सिंग अधिकारियों में खुशी की लहर देखी है।
सभी चयनित नर्सिंग अधिकारियों ने और संविदा एवं बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी महासंघ ने हर जिले में मंत्री जी का फूल मालाओं, ढोल नगाड़े,पटाखे जलाकर तथा मिठाईयां खिलाकर माननीय मंत्री जी का स्वागत भव्यता से किया।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरिकृष्ण विजलवाण ने बताया कि यह भर्ती पूरे 13 वर्षों बाद आई है इसमें उन लोगों का चयन हुआ है जो लोग काफी वर्षों से अपनी सेवाए दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में दे रहे थे,जो नौकरी की आस छोड़ चुके थे जिन लोगो की उम्र सीमा पार हो रही थीं उन लोगो को यह नौकरी मिली है और उन्होंने आगे बताया कि संगठन प्रदेश सरकार एवं अपने स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी का बारंबार धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में प्रदेश सरकार को नर्सिंग अधिकारी एक साथ दिए उन्होंने आगे कहा कि जिन नर्सिंग साथियों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए हैं
वह साथी जल्द से जल्द अपनी ड्यूटी को ज्वाइन करके कर्तव्यनिष्ठा से प्रदेश की जनता की सेवा करे। बहुत जल्दी शेष बचे अभियार्थियो को भी मंत्री जी दूसरे चरण में कुमाऊं मण्डल में भी नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इस मौके पर प्रदेश सचिव गोविंद सिंह रावत,कोषाध्यक्ष रवि सिंह रावत,उपाध्यक्ष पुष्कर सिंह जीना,मीडिया प्रभारी महिपाल सिंह, गंगा रावत, अमिता धीमान, सुनील रावत, तृप्ति, हेमा, प्रवीण, जगदीप, कुशाल, अनिल, अजय, आशीष, अल्का,हिमांशु, आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
देहरादून व ऊधमसिंह नगर को मिला बेस्ट हॉस्पिटल का अवार्ड
जिला अस्पताल चमोली के खाते में गया ईको फ्रेंडली पुरस्कार
144 चिकित्सा इकाईयों को पुरस्कार स्वरूप मिले 203 लाख
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के तहत प्रदेश की 144 चिकित्सा इकाईयों को कायाकल्प अवार्ड से नवाजा गया। चयनित चिकित्सा इकाईयों के अधिकारियों को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मोमेंटो व पुरस्कार राशि का चैक देकर सम्मानित किया। जिला अस्पताल रूद्रपुर व देहरादून को श्रेष्ठ जिला अस्पताल के पुरस्कार से सम्मानित किया गया जबकि जिला अस्पताल चमोली को श्रेष्ठ ईको फ्रेंडली अस्पताल से नवाजा गया। इसके अलावा पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में अन्य 141 चिकित्सालयों को भी उनके प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया।
आईआरडीटी ऑडियोटोरियम देहरादून में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड के तत्वाधान में आयोजित कायाकल्प सम्मान समारोह 2022-23 में प्रदेशभर के 144 चिकित्सा इकाईयों को मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कायाकल्प अवार्ड से सम्मानित किया। इन सभी चिकित्सा इकाईयों का चयन राज्य स्तरीय समिति के द्वारा आठ मानकों अस्पताल में सुविधाएं एवं रख-रखाव, स्वच्छता, कचरे का प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, हेल्प डेस्क की सेवाएं, स्वच्छता संवर्धन, साफ-सफाई एवं चाहरदीवारी तथा ईको फ्रेंडली चेक लिस्ट के आधार पर किया गया। जिसमें बेस्ट डिस्ट्रिक हास्पिटल के रूप में देहरादून व रूद्रपुर को 25-25 लाख रूपये की धनराशि का चेक दिया गया। जबकि जिला अस्पताल गोपेश्वर चमोली को बेस्ट इको फ्रेंडली अवार्ड के रूप में रू0 13 लाख की धनराशि दी गई। उप जिला चिकित्सालय मेला हरिद्वार व सीएचसी साहिया को इको फ्रेंडली अस्पताल का द्वितीय पुरस्कार 7.5-7.5 लाख की धनराशि दी गई। जबकि रनरअप का पुरस्कार सीएचसी गरमपानी नैनीताल को रू0 10 लाख की धनराशि दी गई। इसी क्रम में सीएचसी बेताल घाट को बेस्ट इको फ्रेंडली पुरस्कार के रूप में रू0 6 लाख की धनराशि मिली।
भारत सरकार के सेंट्रल क्वालिटी सुपरवाइजरी कमेटी द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एन.क्यू.ए.एस) सम्मान बी.डी. पांडे अस्पताल नैनीताल, जिला अस्पताल चंपावत व उप जिला अस्पताल रुड़की को प्राप्त हुआ है। साथ ही लक्ष्य सर्टिफिकेशन देहरादून के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर व हरिद्वार के उप जिला अस्पताल रुड़की को सम्मान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा जिला स्तर पर क्वालिटी एश्योरेंस के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिये आठ चिकित्सकों डा.राजीव बजाज व डा. कविता रावत देहरादून, डॉ. गौरंग जोशी चम्पावत, डॉ. बी.बी. जोशी अल्मोड़ा, डा. हरीश थपलियाल चमोली, डा. तेजश्विता बिष्ट हरिद्वार, डा. अराधना जोशी नैनीताल, मंजू कैरा ऊधमसिंह नगर को डिस्ट्रिक्ट चैम्पियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार राज्य स्तर पर बेहतर कार्य करने के लिये डा. प्रियांशी श्रीवास्तव एवं विकास डोभाल देहरादून तथा रूपेश ममगांई नैनीताल को स्टेट चैम्पियन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, विधायक राजपुर खजान दास, सचिव स्वास्थ्य डा. राजेश कुमार, मिशन निदेशक एनएचम स्वाती भदौरिया, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, मेम्फिश विश्वविद्यालय अमेरिका के डीन डॉ. आशीष जोशी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैन्थोला, प्रभारी अधिकारी क्वालिटी एश्यैरेंस कार्यक्रम डा. मुकेश राय, डा. अमित शुक्ला, डा. अर्चना, डा. फरीद, डा. महेन्द्र मौर्य, डा. विश्वास, डा. पंकज सिंह सहित सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी व उनकी टीम तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में फार्मासिस्ट और टेक्नीशियन पदों पर वर्षवार मेरिट पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा फार्मासिस्ट संवर्ग में पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने 2024 में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा में 10 हजार नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है।कायाकल्प सम्मान समारोह में कहा, 2024 में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा में 10 हजार नौकरियां देंगे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह घोषणा की है। कहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार और पिथौरागढ़ में दो हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा डॉक्टर, एएनएम, नसों, फार्मासिस्ट, टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय के 10 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। कहा, नर्सिंग अधिकारियों की तर्जपर वन टाइम के लिए फार्मासिस्ट व टेक्नीशियन पदों पर भी वर्षवार मेरिट के आधार पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त की आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ा कर 65 वर्ष की जाएगी। जो विशेषज्ञ डॉक्टर के लिए स्वैच्छिक व वैकल्पिक होगा।कहा, इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों का सेवा बढ़ाने की सिफारिश करेंगी। कई राज्यों में यह व्यवस्था लागू है।
देहरादून। समस्त प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक / मुख्य चिकित्सा अधीक्षक / चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय/उप जिला चिकित्सालय / सामु०स्वा० केन्द्र, व अन्य बड़े चिकित्सालय उत्तराखण्ड।
विषयः- नव वर्ष की पूर्व संध्या में राजकीय चिकित्सालयों में अपरिहार्य परिस्थितियों हेतु आकस्मिकता चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये हेतु आवश्यक व्यवस्था किये जाने के सम्बन्ध में। महोदय/महोदया,
अवगत कराना है कि नव वर्ष की पूर्व संध्या में विभिन्न स्थलों में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं व काफी अधिक संख्या में जनमानस रात्रि में आवागमन करते रहते हैं, जिसके कारण लगातार उक्त दिवस में अप्रिय घटना घटित होने की सम्भावना बनी रहती है।
अतः उक्त के दृष्टिगत आपको निर्देशित किया जाता है कि अपने तथा अपने अधीनस्थ चिकित्सालयों में नव वर्ष की पूर्व संध्या 31 दिसम्बर को आवश्यक जीवन रक्षक औषधियाँ, चिकित्सकों की तैनाती तथा ऑन कॉल विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती पूर्व की भाँति करना सुनिश्चित करें, ताकि आकस्मिकता की स्थिति में चिकित्सालय आने वाले व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके।
4 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत वितरित करेंगे पुरस्कार
चयनित चिकित्सालयों को बांटी जायेगी 203.5 लाख की धनराशि
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित क्वालिटी एश्यैरेंस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 144 राजकीय चिकित्सा इकाईयों का चयन वर्ष 2022-23 के कायाकल्प अवार्ड के लिये किया है। सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के द्वारा नव वर्ष पर 4 जनवरी, 2024 को इन चिकित्सा इकाईयों को अवार्ड दिया जायेगा। जिसके लिये विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि कायाकल्प अवार्ड का मूल्यांकन चिकित्सालयों के रख-रखाव, स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिसेज, हाइजीन प्रमोशन, पेशेंट फीडबैक आदि बिन्दुओं के आधार पर किया जाता है। जिसके तहत वर्ष 2022-23 के लिये सूबे की 144 चिकित्सा इकाईयों का चयन किया गया है। जिनमें 10 जिला चिकित्सालय, 12 उप जिला चिकित्सालय, 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 64 आयुष्मान आरोग्य मंदिर व 01 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शामिल है। इन सभी चयनित चिकित्सा इकाईयों को क्वालिटी एश्येरैंस के तहत 203.50 लाख की धनराशि पुरस्कार के रूप में दी जायेगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कायाकल्प अवार्ड के लिये सूबे की मात्र 94 चिकित्सा इकाईयों का चयन किया गया था। जिनको कुल 157.75 लाख की धनराशि पुरस्कार के रूप में आवंटित की गई।
डॉ. रावत ने बताया कि कायाकल्प अवार्ड के लिये चिकित्सा इकाईयों का चयन तीन चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में इंटरनल असेसमेंट, द्वितीय चरण पीयर असेसमेंट व तृतीय चरण एक्सटर्नल क्वालिफाइड के तहत किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत बेस्ट जिला अस्पताल के रूप में जिला कोरोनेशल अस्पताल देहरादून एवं जे0एल0एन0 जिला अस्पताल ऊधमसिंह नगर का चयन किया गया है, जिन्हें 25-25 लाख की धनराशि दी जायेगी। जबकि जनपद हरिद्वार के मेला अस्पताल को बेस्ट उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साहिया, देहरादून को बेस्ट सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की श्रेणी में चयन किया गया है। जिन्हें 7.5-7.5 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी। इसी प्रकार ईको फ्रेंडली अस्पताल की श्रेणी में जिला अस्पताल गोपेश्वर, चमोली का चयन किय गया है, जिसको 13 लाख की धनराशि दी जायेगी। इसी श्रेणी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनपद नैनीताल के सीएचसी बेतालघाट व गरमपानी को चुना गया है, जिन्हें 6-6 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कायाकल्प अवार्ड हासिल करने वाले सभी चिकित्सा इकाईयों के चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ व अन्य कार्मिकों को बधाई देते हुये उनके बेहतर कार्य की सराहना की।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रखा तैयारियों का ब्योरा
नई दिल्ली/देहरादून। कोविड-19 के नये वेरेएंट से निपटने के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी प्रतिभाग किया। जिसमें उन्होंने देश के कुछ राज्यों में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों में हालिया वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों का ब्योरा रखा। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है। इस संबंध में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को सरकार की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की तैयारी पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 के नये वैरिएंट की आहट के प्रति सभी राज्यों को तत्काल कदम उठाने, निगरानी बढ़ाने तथा लोगों से प्रभावी संवाद स्थापित करने को कहा है। उन्होंने किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिये आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के दिशा-निर्देश दिये। बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन व सकारात्मक दृष्टिकोण के लिये सभी राज्यों की सराहना की। हालांकि पूरे देश के स्वास्थ्य मंत्रियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया जबकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली प्रवास पर होने के चलते केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में ही मौजूद होकर बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक में डॉ. रावत ने कोरोना के नये वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है। इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते केसों को देखते हुये राज्य में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है साथ ही सभी जिला अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिये गये हैं। अस्पतालों में अधिक से अधिक संख्या में आरटी-पीसीआर एवं एंटीजन जांच सुनिश्चित करने को भी अधिकारियों को कहा गया है। डॉ. रावत ने बताया कि अभी तक राज्य में कोविड-19 के नये वैरिएंट का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की नियमित निगरानी की जा रही है। किसी भी चुनौती से निपटने के लिये राज्य में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं एवं मानव संसाधन उपलब्ध है। जिसमें 5,893 ऑक्सीजन सपोर्टेड आइसोलेशन बेड, 1,204 आई0सी0यू0 बेड, 894 आई0सी0यू0 बेड मय वेन्टिलेटर, 1,298 क्रियाशील वेन्टिलेटर, 7,561 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, 15,950 ऑक्सीजन सिलेन्डर, 93 क्रियाशील पी0एस0ए0 प्लांट, 807 क्रियाशील एल0एम0ओ0 स्टोरेज टैंक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही कोविड-19 प्रबंधन में प्रशिक्षित 3,161 पैरामेडिकल स्टॉफ की टीम शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया की भारत सरकार के निरंतर सहयोग से राज्य दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, टीकों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने में सक्षम है वहीं अधिकारियों की कार्यक्षमता पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा।
बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, श्रीमती भारती पवार सहित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जबकि राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
कहा, विभागीय कार्मिकों का बढ़ेगा मनोबल, नई ऊर्जा का होगा संचार
नई दिल्ली/देहरादून। स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड को सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिष्ठित ‘जेआरडी टाटा मेमोरियल अवार्ड’ से नवाजा गया। यह अवार्ड उत्तराखंड को 42 विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में देश भर में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया जिसे चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने स्वयं ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलने से स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का मनोबल बढ़ने के साथ ही उनमें एक नई ऊर्जा का संचार भी होगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य में और बेतहर कार्य किये जा सकेंगे।
नई दिल्ली में आयोजित जेआरडी टाटा मेमोरियल अवार्ड समारोह के मौके पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं से आम जनमानस को स्वास्थ्य लाभ दे रही है जिसके फलस्वरुप हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान के लिये चयनित कर जेआरडी टाटा मेमोरियल अवार्ड प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा जिससे वह प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर करने के लिये भी प्रेरित होगें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिये प्रतिबद्ध है, इसके लिये समय-समय पर सरकार द्वारा स्वास्थ्य चिंतन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आम लोगों की प्रतिक्रियाओं, सुझावों एवं शिकायतों का संकलन कर उन पर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित इस सम्मान समारोह में टाटा सन्स के चैयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन द्वारा डॉ. रावत को स्मृति चिह्न के साथ पांच लाख की धनराशि का चैक सौंपा गया।
जेआरडी टाटा द्वारा 1970 में पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया संस्था की स्थापना की गई थी, जिसको महिला संवेदनशीलता, जनसंख्या, स्वास्थ्य एवं विकास नीतियों के क्षेत्र में पांच दशकों का शोध अनुभव है। यह संस्था सरकारी व निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों से समावेशित प्रख्यात प्रबंधन परिषद् एवं परामर्श समिति के मार्गदर्शन में कार्य करती है। जेआरडी टाटा के निधन के उपरांत इस संस्था ने राष्ट्रीय स्तर पर जेआरडी मेमोरियल अवार्ड की स्थापना की, जिसके माध्यम से सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले राज्यों एवं जिलों को सम्मानित किया जाता है।
कार्यक्रम में टाटा सन्स के चैयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन, पॉपुलेशन फ़ाउंडेशन ऑफ इंडिया (पी.एफ.आई.) के चेयरपर्सन गर्वनिंग बॉडी डॉ श्रीनाथ रेड्डी, एक्ज़िक्यूटिव डेरक्टर पॉपुलेशन फ़ाउंडेशन ऑफ इंडिया पूनम मूटरेजा व विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एएनएम के रिक्त 385 पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इस संबंध में विभाग द्वारा चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेज दिया गया है। बोर्ड द्वारा शीघ्र ही भर्ती संबंधी विज्ञप्ति जारी की जायेगी। इसके अतिरिक्त लम्बे समय से रिक्त वार्ड ब्वाय के पदों को भरने हेतु विभागीय अधिकारियों को आउटसोर्स एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण शुल्क एकसमान रखने संबंधी प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दे दी जायेगी। इसके अलावा फार्मासिस्टों की सेवा नियमावली शीघ्र जारी कर दी जायेगी।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें विभाग के तहत लम्बित विभिन्न प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. रावत ने बताया कि विभाग के अंतर्गत एएनएम के रिक्त 385 पदों को शीघ्र भरने हेतु चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेज दिया गया है। बोर्ड द्वारा उक्त पदों के सापेक्ष विज्ञप्ति जारी कर वर्षवार मेरिट के आधार पर एएनएम की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी। जबकि इससे पूर्व विभाग द्वारा इसी वर्ष एएनएम के 824 पदों को पहले ही भरा जा चुका है। विभागीय मंत्री ने बताया कि एएनएम के इतर विभाग में वर्षों से रिक्त वार्ड ब्वॉय के रिक्त पदों को भरने के लिये प्रक्रिया शुरू करते हुये आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं।
एजेंसी का चयन होते ही प्रदेशभर के विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में आवश्यकतानुसार वार्ड ब्वायों की तैनाती की जायेगी। सरकारी अस्पतालों में तैनात एमबीबीएस डॉक्टरों के पीजी कोर्स के दौरान आने वाले गैप को भरने के लिये वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी इसके लिये भी विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण शुल्क में भारी असमानता को देखते हुये सभी अस्पतालों में समान शुल्क का निर्धारण किया जायेगा। डॉ. रावत ने बताया कि राजकीय अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों की सेवा नियमावली शीघ्र जारी कर दी जायेगी इसके साथ ही फार्मेसी संघ की वर्षों से चली आ रही फार्मेसी अधिकारी पद नाम देने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
बैठक में उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद सुरेश भट्ट, विधायक रूद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, अपर सचिव स्वास्थ्य नमामि बंसल, आनंद श्रीवास्तव, अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भागीरथी जंगपांगी, डॉ. मीतू शाह, डॉ. जे.एस. चुफाल, डॉ. अजीत जौहरी, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड एवं मेडिकल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विश्व एड्स दिवस पर उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने किया विचार गोष्ठी का आयोजन
एड्स जागरूकता में युवा वर्ग निभाये अहम भूमिका – कर्नल आलोक गुप्ता
देहरादून। विश्व एड्स दिवस पर उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक राज्य स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। दून मेडिकल कॉलेज अस्तपाल ओ०पी०डी० बिल्डिंग सभागार में आयोजित गोष्ठी में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि एड्स संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए एड्स संक्रमित व्यक्तियों को सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें प्रेम व सम्मान देना चाहिए। इस साल विश्व एड्स दिवस की थीम ष्लैट कम्युनिटी लीडष् है। राज्य स्तरीय गोष्ठी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एस०एच०ओ० कैन्ट, देहरादून, थे। उक्त कार्यक्रम में विषिष्ठ अतिथि के तौर पर डा० अनुराग अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, डा० नारायण जीत, एच०ओ०डी० मेडिसिन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, पवन कुमार कोठारी जेलर, डिस्ट्रिक जेल देहरादून, डा० विशाल धीमान एडिशनल प्रोफेसर एम्स ऋषिकेश एवं डा० अजय कुमार, अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद मंच पर आसीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अपर परियोजना निदेशक, यूसैक्स डॉ अजय कुमार द्वारा मुख्य अतिथि तथा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा संचालित गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी गयी। अपर परियोजना निदेशक द्वारा कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले प्रतिभागियों की उपलब्धियां के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता ने कहा कि एड्स पीड़ितों को प्यार और सम्मान देना चाहिए, जिससे वह खुद को अलग-थलग न समझें। उन्होंने बताया कि किसी के साथ खाना खाने, छूने आदि से एड्स नहीं होता है। इसलिए इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को रक्तदान के लिए भी प्रेरित किया। उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य अतिथि कर्नल आलोक गुप्ता एस०एच०ओ० कैन्ट, देहरादून, द्वारा एच०आई०वी०/एड्स पर उत्कृष्ठ कार्य कर रही संस्थाओं एवं टी०आई० संस्थाओं, को सम्मानित किया गया। डा० अनुराग अग्रवाल चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, डा० नारायणा एच०ओ०डी० मेडिसिन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, पवन कुमार कोठारी जेलर, डिस्ट्रिक जेल देहरादून, डा० विशाल धीमान एडिशनल प्रोफेसर एम्स ऋषिकेश द्वारा सम्बोधन दिया गया।
इस मौके पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, के छात्र छात्राओं एवं हंसा नृत्य नाटक कला सोसाइटी के ग्रुप मैम्बर्स द्वारा एच०आई०यी०/एड्स विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुति की गयी, कार्यक्रम में मंच का सफल संचालन अनिल वर्मा, चैयरमेन यूथ रेडक्रास सोसाईटी, उत्तराखण्ड शाखा द्वारा किया गया।
उक्त कार्यक्रम में मेजर प्रेमलता वर्मा यूथ रेडक्रास समिति विहान नेटवर्क से दो एच०आई०वी० पॉसिटिव महिला स्पीकर द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये, महाराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज से स्पोटर्स टीचर लोकेश, साथी ग्रुप देहरादून से गालिब, एवं अनिल रावत, हरीश चन्द्र शर्मा उप सचिव, रेडक्रास सोसाइटी, डा० नवीन सिंघल एच०ओ०डी० डी०आई०टी० यूनिवर्सटी, देहरादून, डा० अमन शुक्ला कॉर्डिनेटर ग्राफिक एरा, यूनिवर्सटी, देहरादून, नारायण सिंह राणा उत्तरकाशी द्वारा प्रतिभाग किया गया, तथा देहरादून में कार्यरत विभिन्न टी०आई० संस्थायें-एग्नेस कुंज सोसाइटी (होप), बालाजी सेवा संस्थान, पी०ई० जे०के०एस०, चौखम्बा, रूद्रा, टी०आई० संस्थान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर/प्रोग्राम मैनेजर एवं प्रतिनिधियों, डी०ए०वी० पी०जी० कॉलेज, (रोवर्स एंड रैजर्स), एन०एस०एस० के छात्र-छात्राओं एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं अन्य विभागों के विभिन्न प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे प्रतिभाग
देहरादून। सूबे में विश्व एड्स दिवस के मौके पर उत्तराखंड एड्स नियंत्रण समिति के माध्यम से लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक किया जायेगा। इसके लिये प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में उप जिला चिकित्सालय में आयोजित एड्स जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।
डॉ धन सिंह
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि विश्व एड्स दिवस के अवसर पर उत्तराखंड एड्स नियंत्रण समिति के माध्यम से प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार को अल्मोड़ा भ्रमण से लौटने के उपरांत सीधे श्रीनगर गढ़वाल पहुंचेंगे, जहां वह उप जिला चिकित्सालय में आयोजित एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। डॉ. रावत ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को एचआईवी एड्स के प्रति जागरूक किया जायेगा। जिनके सफल आयोजन के लिये सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य में एचआईवी एड्स की जानकारी एवं बचाव के लिये 483 आईसीटीसी केन्द्र स्थापित किये गये हैं। जिसमें स्टेंड एलेन आईसीटीसी 49, मोबाइल आईसीटीसी 01, फैसिलिटी आईसीटीसी 433 हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से एचआईवी संबंधी निःशुल्क जांच की सुविधा लोगों को दी जा रही है। डॉ. रावत ने बताया कि वर्तमान में 9 एआरटी केन्द्रों के माध्यम से एचआईवी से ग्रसित 6229 व्यक्तियों को निःशुल्क परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3,15,740 लोगों की एचआईवी टेस्टिंग की गई, जिसमें 602 लोग एचआईवी पॉजिटिव मिले। इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में 3,53,524 लोगों की जांच हुई जिसमें 877 लोग संक्रमित पायं गये।
वर्ष 2022-23 में 5,38,958 जांच की गई जिसमें 1,250 लोग एचआईसी पॉजिटिव मिले। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में अबतक 3,44,024 लोगों की जांच हो चुकी है जिसमें से 866 लोग इस बीमारी से संक्रमित मिले। डॉ. रावत ने बताया कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं जांच संबंधी कार्यक्रम लगातार संचालित किये जा रहे हैं। इसके अलावा औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत कार्मिकों, दूर-दराज क्षेत्र में रह रहे प्रवासियों, उच्च जोखिम व्यवहार वाले समूहों, दूरस्त मार्गों के वाहन चालकों, स्लम क्षेत्रों एवं कारागार में निरूद्ध कैदियों की जांच एवं परामर्श दिया जा रहा है।