Category: स्वास्थ्य

  • सूबे में 62 लाख लोगों की बनी आभा आईडी

    सूबे में 62 लाख लोगों की बनी आभा आईडी

    54 लाख को वितरित किये गये आयुष्मान कार्ड

    आयुष्मान भवः कैम्पेन के तहत जारी है अभियान

    देहरादून। सूबे में अब तक 62 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) तथा 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। राज्य के मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में आयुष्मान भव अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है ताकि मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आइडी तथा पांच वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

    राज्य में चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सुलभता को लेकर राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में जुटा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 62 लाख 69 हजार 338 लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाये जा चुके हैं। जिनमें से 4 लाख 3 हजार 105 आभा आईडी विगत 17 सितम्बर 2023 से संचालित ‘आयुष्मान भव अभियान’ के तहत बनाई गई हैं। देहरादून जनपद में अबतक कुल 1318990 आभा आईडी बनाई गई हैं। जबकि नैनीताल में 727771, हरिद्वार 1027120, ऊधमसिंह नगर 787596, पौड़ी गढ़वाल 456124, अल्मोड़ा 351181, टिहरी गढ़वाल 360786, पिथौरागढ़ 287832, चमोली 244178, बागेश्वर 147535, चम्पावत 168874, उत्तरकाशी 204927 तथा रूद्रप्रयाग जनपद में 135138 आभा आईडी बनाई गई हैं, जबकि राष्ट्रीय पोर्टल पर तैयार 51286 आभा आईडी का चिन्हिकरण किया जा रहा है।

    इसी प्रकार राज्य में अब तक 54 लाख 38 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। जिनमें से 2 लाख 12 हजार 920 आयुष्मान कार्ड आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत बनाये गये हैं। अल्मोड़ा जनपद में अब तक कुल 2 लाख 72 हजार आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। इसी प्रकार बागेश्वर में 1 लाख 20 हजार, चमोली 2 लाख 12 लाख, चम्पावत 1 लाख 23 हजार, देहरादून 11 लाख 15 हजार, हरिद्वार 9 लाख 13 हजार, नैनीताल 5 लाख 17 हजार, पौड़ी गढ़वाल 3 लाख 92 हजार, पिथौरागढ़ 2 लाख 37 हजार, रूद्रप्रयाग 1 लाख 28 हजार, टिहरी गढ़वाल 3 लाख 39 हजार, ऊधमसिंह नगर 8 लाख 84 हजार तथा उत्तरकाशी जनपद में 1 लाख 86 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। आयुष्मान भव अभियान प्रदेश में निरंतर चलाया जा रहा है, जिसकी मॉनिटिरिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार की जा रही है। अभियान के तहत प्रत्येक जनपद की सभी चिकित्सा इकाईयों में लोगों के आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाई जा रही है, इसके साथ ही दोनों प्रकार के कार्डों के बनाने को लेकर आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।

    राज्य सरकार ने मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक प्रदेश में 62 लाख लोगों की आभा आईडी व 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। तय लक्ष्य समय पर हासिल हो, इसके लिये स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है।-डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

     

  • सूबे में 16 एआरटी क्लीनिक व 5 एआरटी बैंक पंजीकृत

    सूबे में 16 एआरटी क्लीनिक व 5 एआरटी बैंक पंजीकृत

    गर्भधारण समस्याओं से लाभार्थियों को मिलेगी निजात

    गैर पंजीकृत एआरटी चिकित्सालयों पर होगी कार्रवाई

    देहरादून। राज्य में सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी अधिनियम-2021 व 2022 तथा सरोगेसी विनियम (अधिनियम) 2021 व 2022 के तहत लेवल-1 स्तर के दो एआरटी क्लिनिक तथा लेवल-2 स्तर के 14 एआरटी क्लिनिक व 05 एआरटी बैंकों का पंजीकरण किया गया है। इन एआरटी क्लिनिक व बैंकों में गर्भधारण से संबंधित समस्याओं को नई तकनीकियों के माध्यम से दूर किया जा सकेगा। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श से एआरटी अथवा सरोगेसी विधि से गर्भधारण को लेकर उचित परामर्श व उपचार भी दिया जायेगा। प्रदेश में एआरटी व सरोगेसी एक्ट का उल्लंघन करने वाले चिकित्सालयों के खिलाफ सख्ती कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

    सूबे में निःसंतान दम्पतियों के चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश में एआरटी क्लिनिक व एआरटी बैंकी स्थापना को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर भारत सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर एआरटी चिकित्सालयों के पंजीकरण निर्गत कर दिये हैं। प्रदेश में अब तक सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी अधिनियम-2021 व 2022 तथा सरोगेसी विनियम (अधिनियम) 2021 व 2022 के तहत लेवल-1 स्तर के दो एआरटी क्लिनिक तथा लेवल-2 स्तर के 14 एआरटी क्लिनिक व 05 एआरटी बैंकों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिसमें लेवल-02 के अंतर्गत एआरटी क्लिनिक में आईवीएफ सेंटर एम्स ़ऋषिकेश, काला फर्टिलिटी एंड लेप्रोस्कोपी सेंटर देहरादून, रेवती नर्सिंग होम देहरादून, केयर आईवीएफ यूनिट देहरादून, इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल प्रा.लि. देहरादून, श्रीमहंत इंद्रेश हॉस्पिटल आईवीएफ सेंटर देहरादून, सुरभि हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर ऊधमसिंह नगर, फुटेला फर्टिलिटी सेंटर ऊधमसिंह नगर, द मेडिसिटी ऊधमसिंह नगर, निदान फर्टिलिटी क्लीनिक ऊधमसिंह नगर, जेनेसिस आईवीएफ देहरादून, नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी देहरादून, उत्तरांचल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर हरिद्वार, आशीर्वाद हेल्थकेयर एंड फर्टिलिटी सेंटर हरिद्वार पंजीकृत हैं। लेवल-1 के तहत एआरटी क्लिनिक में लूथरा मेटरनिटी एंड इनफर्टिलिटी सेंटर देहरादून व सिनर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस देहरादून शामिल है। इसी प्रकार प्रदेश में एआरटी बैंकों के लिये आईवीएफ सेंटर एम्स ़ऋषिकेश, इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल प्रा.ली. देहरादून, फुटेला फर्टिलिटी सेंटर ऊधमसिंह नगर, निदान फर्टिलिटी क्लीनिक ऊधमसिंह नगर, जेनेसिस आईवीएफ देहरादून का पंजीकरण किया गया है। प्रदेश में इन सभी एआरटी क्लिनिक एवं बैंकों के संचालन से गर्भधारण से जुडी समस्याओं का निदान आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके अलावा चिकित्सालयों द्वारा लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने के साथ-साथ शिकायतों का भी निवारण किया जायेगा। राज्य के अंतर्गत गैर पंजीकृत ऐसे चिकित्सालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी जो एआरटी एवं सरोगेसी विधि से लोगों का उपचार अवैध रूप से कर रहे हैं।

    राज्य में ए.आर.टी. क्लिनिक व बैंकों की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। कोई भी व्यक्ति राज्य में पंजीकृत एआरटी चिकित्सालयों में ए.आर.टी. एवं सरोगेसी विधि से गर्भधारण हेतु विशेषज्ञ चिकित्साकों से उपचार एवं परामर्श ले सकता है। ऐसे एआरटी सेंटर जो बिना पंजीकरण के ए.आर.टी. व सरोगेसी विधि से लोगों का उपचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार

  • हर व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ- सुधांशु पंत

    हर व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ- सुधांशु पंत

    हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य दिसम्बर तक पूरा करें -केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत उत्तराखण्ड के दौरे पर

     

    नैनीताल। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। इन तीन दिनों में स्वास्थ्य सचिव ने कुमाऊं मंडल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण कर संबधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बीडी पांडेय हॉस्पिटल नैनीताल, टीवी सेनिटोरियम भवाली, जीबी पंत हॉस्पिटल नैनीताल, सुशील तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, बेस चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, उपजिला चिकित्साल काशीपुर, हैल्थ वेलनेंस सेंटर खुरपा ताल सहित कई अन्य चिकित्सा इकाइयों का दौरा कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।

    सोमवार को एटीआई नैनीताल से केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने वीडियो कांन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली। जिसमें राज्य के सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, चिकित्सा शिक्षा, आयुष्मान योजना का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया । Health infrastructure

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने राज्य में चल रही केन्द्र पोषित योजनाओं की प्रगति पर संतोष जाहिर करते हुए उनमें तेजी लाने के निर्देश दिये।

    निर्माण कार्यों में तेजी लाएं

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने कहा हेल्थ सेक्टर सेवा का सेक्टर है। इसमें सभी को मिलकर सेवा भाव से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा प्रदेश कि हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिटिकल केयर ब्लॉक, मेडिकल कॉलेज व अन्य निर्माणाधीन कार्य में तेजी लाई जाये। जिससे आम जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने दिसंबर 2023 तक निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अल्मोड़ा, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधमसिंहगनर मेडिकल कॉलेज के निर्माणकार्यों को यथाशीघ्र पूरा करने को कहा।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने अधिकारियों से बीडी पांडेय हॉस्पिटल नैनीताल में सुविधाओं को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बजट की कमी आती है तो केन्द्र उसमें राज्य को पूरा सहयोग देगा। इसके साथ ही उन्होंने जीबी पंत हॉस्पिटल नैनीताल को सेटेलाइट हॉस्पिटल के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाने की बात भी कही।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने टीवी सेनिटोरियम भवाली को उच्च स्तरीय टीवी एवम चेस्ट संस्थान के रूप में विकसित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही नैनीताल के गेठिया सेनीटोरियम को मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाने की बात कही।

    केन्द्र सरकार देगी पूरा सहयोग

    केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने कहा उत्तराखंड के स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु भारत सरकार पूरा सहयोग देगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के यू कोट वी पे मॉडल की प्रशंसा करते हुए स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए उच्चतम वेतन प्रदान करने के कार्य को अत्यधिक सराहना की।

    इसके साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से उत्तराखंड के अधिक से अधिक लोगों को मिल रहे लाभ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों व मैदानी इलाकों में कोविड टीकाकरण सहित अन्य मैनेजमेंट में अच्छा कार्य किया गया।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधित सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए यह आवश्यक है । वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधित परियोजनाएं जो गतिमान हैं, उसका विभाग द्वारा अनुसरण एवं अनुपालन किया जाए ताकि इन योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

    बैठक में डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य, आशीष श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, अमनदीप कौर, अपर सचिव स्वास्थ्य, श्रीमती नमामि बंसल अपर सचिव स्वास्थ्य सहित सभी 13 जनपदों के अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े थे।

  • किडनी देकर मां ने बेटे की बचाई जान

    किडनी देकर मां ने बेटे की बचाई जान

    एम्स ऋषिकेश में गुर्दा प्रत्यारोपण का दूसरा मामला

     

    ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट कर एक ऐसे व्यक्ति का जीवन बचाया गया है, जिसका हेमोडायलिसिस फेल हो चुका था और वह क्षय रोग की बीमारी से जूझ रहा था। गुर्दा प्रत्यारोपण के इस नए मामले में बेटे का जीवन बचाने के लिए मां ने ही बेटे को अपनी किडनी दान दी है। एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट का यह दूसरा मामला है, जो पूरी तरह से सफल रहा।

    मूलरूप से दिल्ली के नंगला गांव का रहने वाला 32 वर्षीय सचिन वर्तमान में देहरादून स्थित सीमा सड़क संगठन कार्यालय में तैनात है। पिछले 3 वर्षों से किडनी की समस्या से परेशान सचिन का लंबे समय से डायलिसिस चल रहा था। रोगी ने मई 2022 में एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग से संपर्क किया और विशेषज्ञ चिकित्सकों को अपनी बीमारी के बारे में बताया। मरीज को न केवल किडनी की समस्या थी बल्कि उसके हार्ट में भी संक्रमण की शिकायत थी। नेफ्रोलॉजी विभाग की डॉ. शेरोन कंडारी ने बताया कि रोगी का पहले 4 महीने तक क्षय रोग का इलाज किया गया। हालांकि इस दौरान उसका डायलिसिस भी जारी था। समस्या तब ज्यादा गंभीर हो गई, जब रोगी का शरीर कमजोर होने के कारण हेमोडालिसिस करने में दिक्कत आ गई। ऐसे में विकल्प के तौर पर अगले 3 महीनों तक रोगी को पेरिटोनियल डायलिसिस (प्रत्यक्ष रूप से पेट के निचले हिस्से में सर्जरी करके एक नली डालकर शरीर के बेकार पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया) से गुजरना पड़ा।

    उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2023 में एम्स ऋषिकेश में पहला किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। उस दौरान नैनीताल निवासी एक 27 वर्षीय युवक की किडनी प्रत्यारोपित की गई थी। टीम में शामिल रहे एम्स के यूरोलॉजिस्ट और यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. अंकुर मित्तल के अनुसार किसी व्यक्ति के शरीर की जब दोनों किडनियां काम करना बंद कर देती हैं तो उसे किडनी ट्रांसप्लांट ( गुर्दा प्रत्यारोपण ) की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में शरीर के किसी ऑर्गन ( अंग ) ट्रांसप्लांट तकनीक की यह प्रक्रिया अत्यन्त जटिल होती है। हाल ही में सफलतापूर्वक किए गए किडनी प्रत्यारोपण मामले बाबत डॉ. मित्तल ने बताया कि मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य होने पर दिल्ली से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के मार्गदर्शन में 16 सितंबर को पेशेंट सचिन के शरीर में गुर्दा प्रत्यारोपित कर दिया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 4 घंटे का समय लगा।

    संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने गुर्दा प्रत्यारोपण करने वाले डॉक्टरों की टीम को बधाई दी और कहा कि हमारे विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रयास से किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित प्रक्रियाएं अब रूटीन स्तर पर होने लगी हैं। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने भी ट्रांसप्लांट करने वाली टीम की प्रशंसा की है।

    इंसेट- 1
    एम्स दिल्ली के चिकित्सकों का मिला सहयोग
    ट्रांसप्लांट के लिए एम्स दिल्ली की ट्रांसप्लांट टीम के विशेषज्ञ चिकित्सकों को बतौर मार्गदर्शन के लिए बुलाया गया था। इस टीम में एम्स दिल्ली की ट्रांसप्लांट टीम के प्रो. वीरेन्द्र कुमार बंसल, प्रो. संदीप महाजन, प्रो. लोकेश कश्यप, डॉ. असुरी कृष्णा, डॉ. ओम प्रकाश प्रजापति और डॉ. साई कौस्तुभ आदि शामिल थे।

    इंसेट- 2
    टीम में यह विशेषज्ञ चिकित्सक रहे शामिल-
    एम्स यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर मित्तल, डॉ. विकास पंवार और डॉ. पीयूष गुप्ता, डॉ. कर्मवीर, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव शेखर, डॉ. शेरोन कण्डारी और डॉ. संदीप सैनी, ऐनेस्थेसिया विभाग के डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. वाई.एस. पयाल और डॉ. प्रवीण तलवार आदि शामिल थे।

  • कुमाऊं में तैनात होंगे विशेषज्ञ डाक्टर, ग्रामीण मरीजों कोे जिलों में ही मिलेगा अत्याधुनिक उपचार

    कुमाऊं में तैनात होंगे विशेषज्ञ डाक्टर, ग्रामीण मरीजों कोे जिलों में ही मिलेगा अत्याधुनिक उपचार

    स्वास्थ्य सचिव के औचक निरीक्षण में बाहर की दवा लिखते पाये गये डॉक्टर, लगी कड़ी फटकार

     

    काशीपुर। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि प्रदेश के जिला अस्पतालों में सभी अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल के सभी जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी जल्द दूर की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव अपने चार दिवसीय कुमाऊं दौरे से आज वापस लौट आए हैं।

    काशीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि कुमांउ मंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहत्तर बनाया जायेगा। सीमांत जनपदों में अत्याधुनिक सुविधायें जल्द मिलने लगेंगी। आने वाले समय में इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति को शहर जाने की आवश्यकता नहीं पडे़गी। इसके लिए तेजी के साथ विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है सभी जिला अस्पतालों के साथ ही अन्य सरकारी अस्पतालों में स्पेशिलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती हो ताकि मरीज को घर के पास ही बेहत्तर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सचिव ने चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, और वापसी में उधमसिंह नगर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जांची। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही जनपदों के जिला अस्पतालों के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रों का दौरा किया। इस दौरान मरीजों से उन्हें मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक लिया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य चौपाल लगाई और उनकी स्वास्थ्य संबधी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।

    उपजिला चिकित्सालय काशीपुर का औचक निरीक्षण
    वहीं वापसी में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा एल.डी.भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने ऑपरेशन थिएटर, ए.एन.सी. वार्ड, डिलीवरी रूम और ट्रामा सेंटर आदि का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में पी.पी.पी. मोड पर संचालित कार्डिक केयर यूनिट का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने हर तरह की सुविधा मरीजों को देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्डिक केयर यूनिट खुलने से इससे सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को त्वरित एवं निःशुल्क इलाज मिलेगा। इस दौरान उन्होंने कैथ लैब को भी जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

    डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवा, स्वास्थ्य सचिव ने लगाई फटकार
    स्वास्थ्य सचिव ने अपने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखने पर अत्यंत रोष प्रकट करते हुए सख्त निर्देश दिए कि चिकित्सालय में दवा उपलब्ध होने की दशा में कोई भी बाहर की दवाएं न लिखें। साथ ही उन्होंने दवा के साल्ट की जगह ब्रांड लिखने पर भी नाराजगी जताते हुए पुनरावृत्ति न होने के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए।

    जल्द होगी नियमित चिकित्सक की नियुक्ति
    इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि काशीपुर चिकित्सालय में मैदान के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों से भी बहुतायत में मरीज आते हैं। चिकित्सालय में अस्थि रोग विशेषज्ञ की कमी पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा को निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय रुद्रपुर से सप्ताह में दो दिन अस्थि रोग विशेषज्ञ की वैकल्पिक व्यवस्था काशीपुर चिकित्सालय में की जाये और जल्द ही शासन स्तर से नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की जायेगी।

    स्वास्थ्य सचिव ने जनपद में आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड युद्धस्तर पर बनाने के निर्देश सी.एम.ओ. को देते हुए कहा कि हैल्थ एंड वैलनेस सेंटरों और ग्रामीण स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आम जन मानस को जागरूक किया जाए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सी.एम.एस. उपजिला चिकित्सालय डॉ. खेमपाल, डॉ. अमरजीत, गोपाल आर्या, अभिषेक, शुभम आदि मौजूद रहे।

  • नर्सिंग अधिकारी के 1383 पदों पर भर्ती, संविदा एवं बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी महासंघ ने सचिव स्वास्थ्य का जताया आभार

    नर्सिंग अधिकारी के 1383 पदों पर भर्ती, संविदा एवं बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी महासंघ ने सचिव स्वास्थ्य का जताया आभार

    संविदा एवं बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी महासंघ उत्तराखंड का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार से मिलकर उनको धन्यवाद और आभार प्रकट किया गया संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरिकृष्ण बिजल्वाण द्वारा बताया गया कि हमारा 1383 पदों का चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग अधिकारी के पदों का शासनादेश जारी होने की खुशी में हम सभी बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य सचिव जी का धन्यवाद आज प्रेषित किया गया
    सचिव महोदय से चिकित्सा स्वास्थ्य के 1564 पदों पर हुई भर्ती में से 1377 पदों पर परिणाम घोषित कर दिया गया है उनकी नियुक्ति के लिए और चिकित्सा शिक्षा के 1383 पदों पर विज्ञापन के लिए आज सचिव महोदय से निवेदन किया गया सचिव महोदय द्वारा बहुत जल्द माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी और माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी के द्वारा नियुक्ति पत्र दिया जायेगा और 1383 पदों पर जल्द विज्ञापन होने का आश्वासन दिया और सभी नर्सिंग बेरोजगारों को अग्रिम शुभकामनाएं दी और उनसे ईमानदारी से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया आज के प्रतिनिधिमंडल में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्कर सिंह जिन्ना जी संगठन के सचिव गोविंद सिंह रावत जी संगठन के कोषाध्यक्ष रवि सिंह रावत जी महीपाल सिंह कृषाली,मीनाक्षी ममगाई,नीरज वर्मा, आशीष राणा ,नीतू, हेमा अमित, अलका, प्रतिमा, वंदना अरविंद आदि उपस्थित रहे

  • मानक पूर्ण करने पर घोषित होंगे आयुष्मान ग्राम- डॉ. धन सिंह रावत

    मानक पूर्ण करने पर घोषित होंगे आयुष्मान ग्राम- डॉ. धन सिंह रावत

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित किये गये हैं 6 इंडिकेटर्स

    मार्च 2024 तक पूर्ण करनी होगी मूल्यांकन व प्रमाणीकरण प्रक्रिया

     

    देहरादून। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संचालित आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत प्रदेश में आयुष्मान ग्राम व आयुष्मान शहरी वार्ड घोषित करने के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी मानकों को पूर्ण करना होगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को संबंधित ग्राम पंचायतों व शहरी वार्डों का समय-समय पर विभिन्न स्तरों से मूल्यांकन कराना होगा। मार्च 2024 तक के मूल्यांकन व प्रमाणीकरण की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देशभर में आयुष्मान ग्रामों व आयुष्मान शहरी वार्डों की घोषणा की जायेगी।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि आयुष्मान भव अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर गतिमान है। जिसके तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों एवं आयुष्मान सभाओं के माध्यम से जनमानस को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी प्रदान की जा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत व शहरी वार्डों में आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही गैर संचारी रोगों की जांच, टीबी रोग की जांच व उपचार, सिकल सेल एनिमिया की जांच एवं कार्ड वितरण का कार्य किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि जो ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्ड स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्धारित 06 मानकों को शत प्रतिशत पूर्ण कर लेंगे उन्हें भारत सरकार द्वारा आयुष्मान ग्राम पंचायत एवं आयुष्मान शहरी वार्ड का दर्जा दिया जायेगा। इसके लिये समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, ग्राम्य एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा मानकों का मूल्यांकन किया जायेगा। इसके उपरांत ही ग्राम पंचायत व शहरी वार्डों की संबंधित विवरण 31 मार्च, 2024 से पूर्व भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। सभी मानकों का परीक्षण करने के उपरांत भारत सरकार देशभर के आयुष्मान ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्डों की सूची जारी करेगी। इस अभियान के तहत चयनित सभी पंचायतों व शहरी वार्डों को भारत सरकार द्वारा आयुष्मान ग्राम पंचायत व शहरी वार्ड का प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा।

  • आयुष्मान भवः अभियान के तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के तत्वावधान में कम्युनिटी स्वास्थ्य मेले का आयोजन

    आयुष्मान भवः अभियान के तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के तत्वावधान में कम्युनिटी स्वास्थ्य मेले का आयोजन

    आयुष्मान भवः अभियान के तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के तत्वावधान में कम्युनिटी स्वास्थ्य मेले का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नौगांखाल में किया गया। मेले का शुभारम्भ मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख नीरज पांथरी द्वारा किया गया।

    ब्लाक प्रमुख ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में आम जनमानस को अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधित लाभ मिल सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांवखाल विशेषज्ञ हैल्थ मेले में 225 लोगों की डायबीटीज, हाइपरटेंशन, ओरल, ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर, नेत्र रोग, स्वास्थ्य जांच की गयी। स्वास्थ्य मेले में 15 आयुष्मान कार्ड, 151 आभा आईडी व 2 लोगों द्वारा अंगदान की शपथ ली गयी। स्वास्थ्य मेले में नेत्र रोग, अस्थि रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, स्त्री रोग, बाल रोेग, मेडिसीन आदि विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य सेवायें दी गयी।

    स्वास्थ्य मेले में मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से डा0 अरविन्द नौटियाल, डा0 निकिता, डा0 आलोक कुमार, डा0 सोनाली जोशी ,डा0 प्रकाश श्रीवास्तव, डा0 उर्वशी, डा0 सईदुर रहमान, डा0 पार्थ दत्ता, डा0 जसप्रीत कौर, प्रभारी चिकित्साधिकारी पाठीसैण डा0 आरती बहल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

  • सूबे में रंग लाई स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मुहिम

    सूबे में रंग लाई स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मुहिम

    ई-रक्तकोष पोर्टल पर एक लाख से अधिक ने किया पंजीकरण

    उत्तराखंड ने स्वैच्छिक रक्तदान को देशभर में बनाया रिकॉर्ड

    राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति कितनी संजीदा है इस बात का अनुमान प्रदेश में आयोजित सेवा पखवाड़े के अंतर्गत लोगों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान पंजीकरण से लगाया जा सकता है। राज्य में 17 सितम्बर से आतिथि तक आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत आयोजित सेवा पखवाड़े के अंतर्गत एक लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु ई-रक्तकोष पोर्टल पर पंजीकरण कराने का पूरे देश में रिकॉर्ड कायम किया है। इस प्रकार राज्य में विगत दो वर्षों के दौरान स्वैच्छिक रक्तदान हेतु एक लाख 94 हजार से अधिक लोगों ने ई-रक्तकोष पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है जिसको आगामी दो अक्टूबर तक दो लाख के पार करने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि सेवा पखवाडे के अंतर्गत 17 सितम्बर 2023 से आयोजित 654 रक्तदान शिविरों में 6 हजार 335 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर 2023 से आगामी 02 अक्टूबर 2023 तक देशभर में आयुष्मान भव अभियान के तहत सेवा पखवाड़े का आयोजन किया गया है। जिसमें आयुष्मान आपके द्वार 3.0 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही वृहद रूप से रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत राज्य में भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की पहल पर प्रत्येक जनपद में राजकीय चिकित्सा केन्द्रों, वेलनेस सेंटरों एवं शिक्षण संस्थानों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में एनएसएस, स्काउट्स-गाइड्स, रोवर्स-रेंजर्स, रेडक्रॉस व रेखीय विभागों के सहयोग से रक्तदान हेतु जन जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही रक्तदान शिविरों का संचालन किया गया है। सेवा पखवाड़े के तहत अब तक 654 रक्तदान शिविरों में 17 सितम्बर से 29 सितम्बर तक एक लाख 08 हजार 194 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु भारत सरकार के पोर्टल ई-रक्तकोष पर अपना पंजीकरण कराया है, जोकि सेवा पखवाड़े के दौरान रखे गये एक लाख पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्य को पहले ही पार कर चुका है। जबकि गत वर्ष सेवा पखवाडे के दौरान आयोजित रक्तदान शिविरों में 54 हजार 756 लोगों एवं अन्य मौकों पर 31207 लोगों स्वैच्छिक रक्तदान हेतु पंजीकरण कराया था। इस प्रकार राज्य में विगत दो वर्षों में आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत स्वैच्छिक रक्तदान कराने वालों की संख्या एक लाख 94 हजार 157 पहुंच गई है। दूसरी ओर 17 सितम्बर 2023 से अबतक सेवा पखवाडे के अंतर्गत प्रदेशभर में 6 हजार 335 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया है। रक्तदान शिविरों में देहरादून जनपद में सर्वाधिक 19412, पिथौरागढ़ में 17375, नैनीताल 12225, पौड़ी गढ़वाल 10550, टिहरी गढ़वाल 10348, हरिद्वार 9586, ऊधमसिंह नगर 9252, अल्मोड़ा 6591, चमोली 3357, उत्तरकाशी 3400, चम्पावत 2462, रूद्रप्रयाग 1884 तथा बागेश्वर में 1752 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु पंजीकरण कराया है। इसी प्रकार सर्वाधिक 2242 लोगों ने देहरादून में स्वैच्छिक रक्तदान किया। जबकि हरिद्वार में 1359, ऊधमसिंह नगर में 1007, नैनीताल में 871, पौड़ी गढ़वाल में 235, पिथौरागढ़ में 206, टिहरी गढ़वाल 69, बागेश्वर 68, चमोली 65, चम्पावत 63, अल्मोड़ा 61, रूद्रप्रयाग 52, तथा उत्तरकाशी में 37 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।

    आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2023 तक देशभर में सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान उत्तराखंड में भी प्रत्येक जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही रक्तदान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। जिनमें अब तक एक लाख 8 हजार 194 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु अपना पंजीकरण कराया है जोकि एक लाख के लक्ष्य को भी पार कर गया है यहा पूरे देश में पंजीकरण का सर्वाधिक आंकडा है।- डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

     

  • स्वास्थ्य विभाग सख्त, इन अस्पतालों पर होगी बड़ी कार्यवाई

    स्वास्थ्य विभाग सख्त, इन अस्पतालों पर होगी बड़ी कार्यवाई

    देहरादून । आयुष्मान योजना का लाभ न देने वाले सूचीबद्ध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि कई अस्पताल सूचीबद्ध होने के बावजूद मरीजो को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने में आपत्ति जता रहे हैं। गलत जानकारी देकर भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    डेंगू मरीजों को आयुष्मान कार्ड का लाभ न देने को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे । निजी अस्पतालों पर आरोप लगाए जा रहे थे। सोशल मीडिया पर भी इस तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। इन आरोपों का स्वास्थ्य मंत्री ने भी संज्ञान लिया। कहा कि कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल मरीजों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने से इंकार नहीं कर सकता। इसके बावजूद सूचनाएं आ रही हैं कि स्वास्थ्य मंत्री रावत ने लापरवाही बरतने पर दिए कार्रवाई के निर्देश। टोल फ्री नंबर 155368 पर शिकायत दर्ज कराने की अपीलआयुष्मान कार्ड का लाभ देने में आनाकानी की जा रही है। गलत जानकारियां देकर परेशान किया जा रहा है। कहा कि अब भविष्य में इस तरह की किसी भी शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्पतालों को इलाज सुनिश्चित कराना होगा। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ पूरी तरह मरीजों को मिले, इस पर सभी को फोकस करना होगा। कहा कि अस्पताल भी खुद इस तरह की किसी भी लापरवाही से बचें। किसी भी तरह शिकायत मिलने पर लोग टोल फ्री नंबर 155368 पर खुद भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।