Category: स्वास्थ्य

  • डेंगू रोकथाम में रेखीय विभागों की भागीदारी जरूरीः डॉ. धन सिंह रावत

    डेंगू रोकथाम में रेखीय विभागों की भागीदारी जरूरीः डॉ. धन सिंह रावत

    कहा, प्रदेश में 81 फीसदी मरीज हुये स्वस्थ, फिर भी रहें सतर्क

    सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिये अलर्ट रहने के निर्देश

    स्वैच्छिक  रक्तदान को ई-पोर्टल पर हुये एक लाख से अधिक पंजीकरण

    प्रदेश में डेंगू के रोकथाम को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को जिला प्रशासन व रेखीय विभागों के सहयोग से डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण को लेकर जन जागरूकता अभियान जारी रखने को कहा गया है। प्रदेश में अब तक 81 फीसदी डेंगू मरीज उपचार के उपरांत स्वस्थ हो चुके हैं, जिनको विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिया गया है। वर्तमान में राज्य के ब्लड बैंकों में ब्लड की कोई कमी नहीं है तथा एक लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु ई-रक्तकोष पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर वर्चुअल माध्मय से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने प्रदेश में डेंगू की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन व रेखीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश में अब तक 2049 डेंगू पीड़ित चिन्हित किये गये। जिनमें से उपचार के उपरांत लगभग 1652 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जो कि कुछ डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या का 81 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आगामी डेढ़ माह तक डेंगू के खतरे की सम्भावना है जिसको देखते हुये अधिक संवेदनशील जनपदों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रेखीय विभागों के साथ तालमेल कर जन जाकरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश दिये गये हैं, साथ ही आम लोगों भी डेंगू के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। डॉ. रावत ने बताया कि सूबे में एक लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु ई-रक्त पोर्टल अपना पंजीकरण कराया है। जिसके चलते प्रदेश में डेंगू मरीजों के लिये प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। राज्य के ब्लड बैंकों में भी पर्याप्त मात्रा में ब्लड व प्लेटलेट्स उपलब्ध हैं।

    आयुष्मान भव अभियान के तहत बनी 13 हजार आभा आईडी
    प्रदेश में संचालित आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आपके द्वार 3.0 अभियान के तहत अब तक 1250 आयुष्मान कार्ड एवं 13725 आभा आईडी बन चुकी है। जबकि अंगदान हेतु 20 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 122 लोगों द्वारा शपथ पत्र भर कर पंजीकरण कराया गया।

    एक लाख से अधिक लोगों ने किया रक्तदान हेतु पंजीकरण
    प्रदेश में अब तक ई-रक्त पोर्टल पर 1 लाख 03 हजार 856 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु अपना पंजीकरण कराया है। जिसमें दिनांक 17 सितम्बर से आतिथि तक सेवा पखवाड़े में 216 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 17893 लोगों द्वारा ई-रक्त पोर्टल पर स्वैच्छिक रक्तदान हेतु पंजीकरण कराया गया, जबकि इस अवधि में 7800 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। यह अभियान विभिन्न शिक्षण संस्थानों, प्रतिष्ठानों एवं सरकारी कार्यालयों में आगामी दो अक्टूबर तक जारी रहेगा।

    आयुष्मान भव अभियान के सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत प्रदेशभर में राजकीय मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुष्मान मेले का आयोजन किया गया। जिसके तहत 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 3960 लाभार्थियों को परामर्श एवं उपचार दिया गया जबकि आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में आयोजित 54 स्वास्थ्य मेलों में 6320 लाभार्थियों को परामर्श एवं उपचार दिया गया। जिन में से एक लाभार्थी की जटिल सर्जरी जबकि 200 से अधिक लाभार्थियों को मेजर सर्जरी के लिये चिन्हित किया गया। स्वास्थ्य मेलों में 190 लोग माइनर सर्जरी के चिन्हित किये गये तथा 55 लोगों की मौके पर ही लघु सर्जरी की गई। जांच एंव परीक्षण के दौरान करीब 615 लोगों में मधुमेह, 595 लोगों में उच्च रक्तचाप, 215 लोगों में ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाकल कैंसर तथा 125 लोगों में मोतियाबिंद के रोग चिन्हित किये गये ।इन स्वास्थ्य मेलों में 2200 से अधिक लोगों की विभिन्न पैथालॉजी जांच की गई तथा 556 लाभार्थियों को मातृ एवं शिशु प्रजनन सेवाएं उपलब्ध कराई गई।

     

  • वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ अमर उपाध्याय ने 15 क्षय रोगियों को गोद लिया

    वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ अमर उपाध्याय ने 15 क्षय रोगियों को गोद लिया

    देहरादून। प्रधानमंत्री निक्षय मित्र योजना के तहत दून मेडिकल कालेज के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ अमर उपाध्याय ने 15 क्षय रोगियों को गोद लेकर एक अनुपम मिसाल पेश की। पिछले वर्ष भी उन्होंने 10 मरीजों को गोद लिया था। दूसरी ओर, आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत सामुदायिक केंद्र रायपुर में आयोजित स्वास्थ्य मेले में कुल 425 मरीज का पंजीकरण किया गया। स्किन ओपीडी के 50, जनरल सर्जरी विभाग में 42 तथा तीन मरीज ऑपरेशन के लिए रेफर किये गए। एनडीसी में 60 स्त्री एवं प्रसूति विभाग में 135 तथा एक मरीज को दून चिकित्सालय रेफर किया गया ।

    नेत्र विभाग में 19 जनरल मेडिसिन में 47 डेंटल विभाग में 20 आर्थो विभाग में 22 ईएनटी विभाग में 20 मरीज देखे गए। इसके अतिरिक्त 30 मरीज के एक्स-रे 55 मरीज के अल्ट्रासाउंड 80 मरीज के ब्लड टेस्ट हुए ब्लड डोनेशन हेतु 10 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किए 6 लोगों ने रक्तदान किया 40 मरीज के डेंगू टेस्ट हुए तथा 6 मरीजों की आभा आईडी बनाई गई।

  • चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य प्रणाली होगी मजबूतः डॉ. धन सिंह रावत

    चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य प्रणाली होगी मजबूतः डॉ. धन सिंह रावत

    विश फाउण्डेशन तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच हुआ अनुबंध

    आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल संसाधनों का होगा उपयोग

    सूबे में चार धाम यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग एवं विश फाउण्डेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये हैं। इस अनुबंध के अनुसार विशेषकर चार धाम यात्रा में आने वाले यात्रियों को आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल संसाधनों का उपयोग करते हुये स्वास्थ्य सेवाओं उपलब्ध कराई जायेंगी।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़करण एवं विस्तार को लेकर लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग एवं विश फाउंडेशन के मध्य राज्य में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत एवं गुणवत्ता प्रदान करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये हैं। इस अनुबंध के अनुसार नवीन मॉडलों का उपयोग करत हुये सुलभ प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली विकसित कर चार धाम यात्रा में आने वाले यात्रियों एवं आस-पास के लोगों को आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल संसाधनों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जायेगी। इसके अलावा चार धाम यात्रा में तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टॉफ को आपात स्थिति से निपटने के लिये प्रशिक्षित किया जायेगा। चार यात्रा काल के लिये सम्बंधित संस्था विभागीय अधिकारियों से विचार-विमर्श कर विस्तृत रोड मैप तैयार करेगी, जिसकी आगामी चार धाम यात्रा में लागू किया जायेगा। द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन में उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. विनीता शाह एवं विश फाउण्डेशन के सीईओ पूर्व आईएएस डॉ. राकेश कुमार ने हस्ताक्षर किये हैं।

    इस अवसर पर पूर्व आईएएस भास्कर खुल्बे, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, डॉ. तुहिन कुमार तथा विश फाउण्डेशन के डॉ. विवेक यादव, मिल्टन नायक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • प्रदेश सरकार ने डेंगू की रोकथाम के लिए  तैयार किया नया प्लान एक जगह पर 10 से अधिक मरीज मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन किये जाएंगे घोषित

    प्रदेश सरकार ने डेंगू की रोकथाम के लिए तैयार किया नया प्लान एक जगह पर 10 से अधिक मरीज मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन किये जाएंगे घोषित

    डेंगू की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने तैयार किया नया प्लान ।

    एक जगह पर 10 से अधिक मरीज मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन किये जाएंगे घोषित ।

    कंटेनमेंट जोन मे निगरानी के लिए नोडल अधिकारी किये जाएंगे नामित ।

    प्रदेश मे डेंगू मरीजों की संख्या 1130 पहुंची ।

     

    देहरादून । देहरादून का रायपुर बना डेंगू का हॉटस्पॉट

    स्वास्थ्य विभाग तीन दिन का स्पेशल ड्राइव चलाएगा

    सरकार ने बनाया नया प्लान, एक ही जगह 10 मामले मिलने पर बनेंगे माइक्रो कंटेनमेंट जोनप्रदेश में अब तक डेंगू मरीजों की संख्या 1130 पहुंच गई है। इसमें 655 मामले देहरादून जिले केडेंगू की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने अब नया प्लान तैयार किया है। जिसमें कोविड की तरह डेंगू रोकथाम के लिए रणनीति बनाई गई।

    एक ही जगह से डेंगू के 10 से अधिक मरीज मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाएंगे।जहां पर प्रत्येक घर में लार्वा नष्ट करने के लिए सफाई अभियान के साथ फॉगिंग की जाएगी। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित होंगे। देहरादून में रोजाना डेंगू के मामले बढ़ने पर नगर निगम के 100 वार्डों में रोकथाम के लिए नए प्लान पर काम होगा।प्रदेश में अब तक डेंगू मरीजों की संख्या 1130 पहुंच गई है। इसमें 655 मामले देहरादून जिले के हैं। अमर उजाला डेंगू से संबंधित खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। इस पर प्रदेश सरकार ने संज्ञान लिया है।

    डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए नगर निगम देहरादून के 100 वार्डों में लार्वा नष्ट करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य, नगर निगम, शहरी विकास टीमें बनेंगी। किसी मोहल्ले में डेंगू के 10 से अधिक मरीज मिलने पर उस क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर नोडल अधिकारी तैनात होंगे।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में डेंगू रोकथाम के लिए प्लान बनाया गया है। प्रत्येक घर में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम की टीमें लार्वा नष्ट के लिए जाएंगी।

     

  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगेंगी स्वास्थ्य चौपालः डॉ धन सिंह रावत

    प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगेंगी स्वास्थ्य चौपालः डॉ धन सिंह रावत

     

    आयुष्मान भवः अभियान के तहत होंगे स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न कार्यक्रम

    17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाया जायेगा सेवा पखवाड़ा

    स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयुष्मान भवः अभियान के तहत प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य चौपाल का आयोजन किया जायेगा। जिसमें आयुष्मान कार्ड, डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने के साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्रदान करने के लिये आयुष्मान सभाओं का आयोजन किया जायेगा।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देश पर प्रदेशभर में 17 सितम्बर से 31 दिसम्बर तक आयुष्मान भवः अभियान चलाया जायेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाडे़ का आयोजन किया जायेगा। जिसके तहत ग्रामीण एवं ंशहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के साथ-साथ अंग दान एवं रक्तदान के लिये पंजीकरण तथा स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया जायेगा। सेवा पखवाड प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में स्वैच्छिक रक्तदान हेतु ंएक लाख लोगों का पंजीकरण कराया जायेगा, जिसमें सभी सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी मौजूद रहेगी। डॉ. रावत ने बताया कि आयुष्मान भवः अभियान के तहत गांव एवं कस्बों में आयोजित स्वास्थ्य चौपाल में अधिक से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड एवं आभा कार्ड (डिजीटल हेल्थ आईडी) बनाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि शत-प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड व आभा कार्ड बनाये जाने पर ग्राम पंचायत तथा शहरी वार्ड को आयुष्मान ग्राम व आयुष्मान शहरी वार्ड का दर्जा प्रदान किया जायेगा। विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि अभियान के दौरान आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप जिला चिकित्सालयों में आयुष्मान मेलों का आयोजन कर आम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 10 संचारी रोगों की निः शुल्क जांच की जायेगी साथ ही इस अवसर पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया जायेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों, पंचायतों, शहरी वार्डों और निक्षय मित्रों को राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों में सम्मानित भी किया जायेगा। आयुष्मान भवः अभियान के सफल आयोजन के लिये विभागीय अधिकारियों को स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश के क्रम में सम्पूर्ण कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

     

  • डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए : सीएम धामी

    डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए : सीएम धामी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सचिव मुख्यमंत्री/गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय को निर्देश दिये कि शीघ्र सचिव स्वास्थ्य एवं नगर निगम के अधिकारियों साथ बैठक कर डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि फॉगिंग की समुचित व्यवस्थाएं की जाए। अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्वच्छता का विषेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये हैं कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे क्षेत्रों में लगातार सतर्कता अभियान चलाया जाए।

  • गांधी शताब्दी अस्पताल में  होगा शुरू  100 बैड का डेंगू वार्ड

    गांधी शताब्दी अस्पताल में होगा शुरू 100 बैड का डेंगू वार्ड

    ब्लड बैंक की भी होगी स्थापना- डॉ आर राजेश कुमार

    स्वास्थ्य सचिव ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को फटकार

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अपील, मैने भी किया आप भी करें डेंगू पीड़ितों के लिए स्वैच्छिक रक्तदान

     

    देहरादून। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने ग्रांउड जीरो पर जाकर अस्पतालों जे हालातों का जायजा लिया। रविवार को छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य सचिव ने कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी के बंद हाने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पैथोलॉजी को व्यवस्थित तरीके से प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रात्रि 8 बजे तक मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट ली जाये।

    वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं को लेकर भी बात की। इलाज को लेकर मरीजों की विभिन्न शिकायत पर उन्होंने संबधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य सचिव में औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन, सहायक निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ मंयक बडोला, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ महेन्द्र पंत, डॉ अजय नागरकर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना मौजूद रहे।

    गांधी अस्पताल में शुरू होगा 100 बैड का डेंगू वार्ड
    इसके बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का काफिला गंाधी अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के पाया कि यहां लगभग 100 बैड का डेंगू वार्ड शुरू किया जा सकता है। जिसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 24 घंटे में गांधी शताब्दी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डेंगू वार्ड शुरू किया जाये। स्वास्थ्य सचिव ने गांधी अस्पताल में खुल ब्लड स्टोरेज सेंटर को पूर्णकालिक ब्लड बैंक में तब्दील करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि मरीजों को रक्त की कमी न हो।

    कंट्रोल रूम का 104 के साथ होगा समन्वय
    कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के बाद स्वास्थ्य सचिव अपनी टीम के साथ सहस्रधारा आईटीडीए में स्थापित डेंगू कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा राज्य के सभी जिलों से सूचाओं को आदना प्रदान हो सके इसकेक लिए डेंगू कंट्रोल रूम और 104 सेवा का आपसी समन्वय होगा। जिसके बाद राज्य में डेंगू मरीजों के प्रतिदिन का आंकड़ा जारी किया जायेगा। हम सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिले इस पर कार्य कर रहे हैं।

    फागिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्दश
    स्वास्थ्य सचिव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्दश दिये कि फोगिंग को पहले की अपेक्षा और अधिक प्रभावी बनाया जाये। नोटिफिएड इलाकों में बार-बार फोगिंग की जाये। इसके साथ ही घरों में डेंगू का लार्वा जमा न हो इसको लेकर जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाये।

    अधिक पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
    राज्य में डेंगू मरीजों को समुचित इलाज मिले इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव राज्य के सभी अस्पतालों से लगातार फीड बैक ले रहे हैं। अस्पतालों में दवाईयों व अन्य किसी प्रकार के उपकरणों की कोई कमी न हो इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी के साथ निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। डेंगू मरीजों को आयुष्मान के तहत इलाज न देने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

    ई-रक्तकोश पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश
    स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए कहा हर दिन सुबह शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डेटा एकत्र किया जायेगा। इसके होने से अगले दिन हमें रक्त की पूरी जानकारी मिल जायेगी। कितनी कमी है किस ब्लड ग्रुप के रक्त की ज्यादा डिमांड है। उसके अनुरूम हमें व्यवस्थाओं को बनाने में मदद मिलेगी।

    डेंगू पीड़ितों के लिए करें रक्तदान
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं।ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा उन्होंने खुद एक मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पूर्व रक्तदान किया था। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें।

  • आउट सोर्स होगी मेडिकल कॉलेजों की सफाई व्यवस्थाः डॉ. धन सिंह रावत

    आउट सोर्स होगी मेडिकल कॉलेजों की सफाई व्यवस्थाः डॉ. धन सिंह रावत

    कहा, वार्डों में एनएमसी मानकों के अनुरूप तैनात होंगे चतुर्थ श्रेणी कार्मिक

    उच्च शिक्षा की भांति मेडिकल शिक्षा में भी लागू होगी ई-ग्रंथालय सुविधा

    सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में सफाई व्यवस्था को आउट सोर्स के माध्यम से मजबूत किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती एनएमसी मानकों के अनुसार की जायेगी। मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये शीघ्र ही ई-ग्रंथालय की सुविधा प्रारंभ की जायेगी।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध चिकित्सालयों में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये आउट सोर्स सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिये चिकित्सा शिक्षा निदेशालय प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध करायेगा। इसके उपरांत शासन की अनुमति के उपरांत सभी मेडिकल कॉलेज सफाई व्यवस्था के लिये आउट सोर्स सेवाएं ले सकेंगे। इसी प्रकार सम्बद्ध चिकित्सालयों के सभी वार्डों में एनएमसी मानकों के अनुरूप चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जायेगी ताकि मेडिकल कॉलेजों में आने वाले सभी मरीजों को 24 घंटे वार्ड ब्वाय की सेवा उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को देश-विदेश के बेहतर लेखकों के पाठ्य पुस्तकों एवं शोध पत्रों को ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मेडिकल कॉलेजों में शीघ्र ई-ग्रंथालय की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस संबंद्ध में चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को शीघ्र ई-ग्रंथालय की सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं जिसका विधिवत शुभारम्भ इसी सत्र के शुरू होने के साथ ही कर दिया जायेगा। उन्होंने प्रदेश के पिथौरागढ़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, श्रीनगर व देहरादून मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों से संबद्ध कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारयों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि मेडिकल छात्रों के छात्रावासों में सफाई से लेकर बेहतर पढ़ाई का माहौल उपलब्ध कराने के लिये कॉलेज प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

    बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेमचन्द्र, अपर सचिव स्वास्थ्य शिक्षा नमामि बंसल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, केजीएमसी लखनऊ के प्रो. सूर्यकांत सहित पिथौरागढ़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, श्रीनगर के प्राचार्य एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • विभागीय बजट को समय पर खर्च करें अधिकारी: डॉ. धन सिंह रावत

    विभागीय बजट को समय पर खर्च करें अधिकारी: डॉ. धन सिंह रावत

    स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में की राज्य सेक्टर के कार्यों की समीक्षा

    कहा, कार्यदायी संस्थाएं नियत समय पर पूर्ण करें निर्माण कार्य

    स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को तय समय पर पूरा किया जाय। निर्माण कार्यों में देरी पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। विभागीय अधिकारी निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग के साथ ही विभाग को आवंटित बजट को तय समय पर खर्च करें।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण देहरादून के सभागार में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभाग के अंतर्गत राज्य सैक्टर के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी विभागीय अधिकारियों से ली। डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये वह विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की लगातार मॉनिटिरिंग कर तय समय पर निर्माण कार्यों को पूरा करायें। उन्होंने कहा कि जिन निर्माण कार्यों को अभी तक शुरू नहीं किया गया है उनकी सभी औचारिकाताओं को पूरी कर शीघ्र शुरू कराया जाय। इसके साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण करने को कहा। डॉ. रावत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य सैक्टर के तहत विभाग में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। जिसमें ग्रामीण निर्माण विभाग के पास 13 विभिन्न निर्माण कार्य, ब्रिडकुल 06, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के पास 07, पेयजल निगम 09, कृषि उत्पदान एवं विपणन परिषद तथा सिंचाई विभाग के पास 06-06 और हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम को 01-01 निर्माण कार्य दिये गये हैं। जिसके लिये राज्य सरकार ने अब तक विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को अनुबंध के अनुरूप अनुमन्य धनराशि अवमुक्त कर दी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को यदि तय समय पर पूरा नहीं किया जाएगा तो सम्बंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

    बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. राजेश कुमार, अपर सचिव नमामी बंसल, संयुक्त सचिव एम.एस. चौहान, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भागीरथी जंगपांगी, डॉ. मीतू साह, अधिशासी अभियंता स्वास्थ्य विभाग बी.एन. पाण्डे, मुख्य महाप्रबंधक पेयजल निगम कपिल सिंह, सहायक अभियंता परियोजना खंड सिंचाई विभाग आर.के. अग्रवाल, राजीव सोनी, सहायक अभियंता उत्तर प्रदेश निर्माण निमग एन.एन बड़थ्वाल सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • एनएचएम की वर्ष 2026 तक की कार्ययोजना होगी तैयार

    एनएचएम की वर्ष 2026 तक की कार्ययोजना होगी तैयार

    विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिये निर्देश

    कहा, एनएचएम के तहत संचालित परियोजनाओं में तेजी लायें अधिकारी

    सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की वर्ष 2026 तक की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र भारत सरकार को भेजी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को विभागीय आवश्यकताओं एवं प्रदेश के भौगोलिक परिवेश को ध्यान में रखते हुये कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त जिन परियोजनाओं की प्रगति धीमी चल रही है उनमें तेजी लाने को कहा गया है।

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति एवं अन्य राज्यों के साथ तुलनात्मक समीक्षा की। डा. रावत ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वाधान में गत माह प्रदेश में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी ने सभी राज्यों से एनएचएम के अंतर्गत वर्ष 2026 तक की विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा। जिसके तहत राज्य सरकार ने प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को देखते हुये राज्य में संचालित लगभग दो दर्जन परियोजनाओं का विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया है ताकि आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर एवं लोक प्रिय बनाया जा सके। इसी क्रम में एनएचएम के अधिकारियों को प्रत्येक जनपद से स्वास्थ्य विभाग की आवश्यकताओं का विवरण मंगवाकर वर्ष 2026 तक का रोड़मैप तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। वर्तमान में संचालित कतिपय योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुये विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने व योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये। डा. रावत ने कहा कि राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय होना जरूरी है तभी योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से किया जा सकता है।

    समीक्षा बैठक में डॉ. मुकेश राय, डॉ. फरीद व डॉ. अर्चना के द्वारा एनएचएम के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं मैटरनल हेल्थ चाइल्ड हेल्थ, फेमिली प्लानिंग, पीसीएनडीटी, टीबी उन्मूलन, एनपीएनसीडी, पीएमएनडीपी, टेली कांस्लटेशन, फुटफॉल सहित डेढ़ दर्जन परियोजनाओं का पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया गया।

    बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक एनएचएम रोहित मीना, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, नमामि बंसल, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सायना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, वित्त अधिकारी दीपाली भरणे, डॉ. अजीत जौहरी, डॉ. अमित शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    स्वास्थ्य मंत्री ने सौंपे मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र
    स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभाग के तहत 9 मृतक आश्रितों एवं 2 सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों नियुक्ति पत्र वितरित कर उन्हें सरकारी सेवा में आने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कार्मिकों को राज्य के विभिन्न जनपदों में तैनाती दी गई है। अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले मृतक आश्रितों अरुण कुमार, अखिलेश कुमार बिंद, आकाश कुमार, अमित शर्मा, अश्विनी कुमार, पीयूष जोशी, सुहैल, नीतू रानी एवं वंदना सिंह को विभाग के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कनिष्ट सहायक पद पर नियुक्ति प्रदान की गई जबकि सीधी भर्ती के तहत चयनित मनोज सिंह एवं प्रिया रावत को वैयक्तिक सहायक पद पर तैनाती दी गई है। विभागीय मंत्री ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभिन्न रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।