Category: स्वास्थ्य

  • यात्रा मार्गों पर मजबूत हो स्वास्थ्य सुविधाएंः डॉ. धन सिंह रावत

    यात्रा मार्गों पर मजबूत हो स्वास्थ्य सुविधाएंः डॉ. धन सिंह रावत

    प्रत्येक चिकित्सा इकाई में तैनात होंगे विशेषज्ञ चिकित्सक

    अधिकारियों को निर्देश, कम करें एम्बुलेंस का रिस्पॉंस टाइम

    देहरादून। सूबे में चार धाम यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को यात्राकाल का ठोस रोड़मैप बनाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा यात्रा मार्गों एवं चारों धामों की चिकित्सा इकाईयों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। साथ ही यात्रा मार्गों पर तैनात आपतकालीन एम्बुलेंस सेवा 108 के रिस्पांस टाइम को घटाकर 15 मिनट करने के निर्देश भी बैठक में दे दिये गये हैं।

    यात्रा

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार धाम यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। डा. रावत ने कहा कि यात्रा मार्गों पर पड़ने वाली चिकित्सा इकाईयों एवं चारों धामों में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाय। साथ ही स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में पर्याप्त दवाईयां एवं चिकित्सा एवं मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। डॉ. रावत ने केदारनाथ, यमुनोत्री एवं हेमकुण्ड साहिब जाने वाले पैदल यात्रियों की सुविधा के लिये बनाये गये एमआरपी (मेडिकल रिस्पांस प्वाइंट) की संख्या बढ़ाने के साथ ही मेडिकल स्टॉफ को आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। विभागीय मंत्री ने बताया कि बैठक में चार धाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ करने के दृष्टिगत इस वर्ष 49 स्थाई चिकित्सा इकाईयों के साथ ही 25 अस्थाई चिकित्सा इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें रोटेशन के आधार पर विशेष चिकित्सकों एवं चिकित्साधिकारियों के साथ ही पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती की जायेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा रूटों पर कुल 154 एम्बुलैंस तैनात की जायेंगी, जिसमें 17 एएलएस तथा एक बोट एम्बुलेंस भी शामिल है। इसके अलावा एक हेली एम्बुलेंस भी तैनात रहेगी ताकि आपात स्थिति में मरीजों को एयर लिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश अथवा दून मेडिकल कॉलेज पहुंचाया जा सके। डा. रावत ने बताया कि यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंस का रिस्पॉंस टाइम 15 मिनट करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं ताकि आपात स्थिति में तीर्थ यात्रियों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कर उनकी जान बचाई जा सके।

    बैठक में प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डा. सुनीता टम्टा, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. आर.एस. बिष्ट, संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डॉ. सुजाता सिंह के साथ ही एम्स ऋषिकेश के डॉ. मधुर उनियाल, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के निदेशक डॉ. हेम चन्द, एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंस के प्रतिनिधि डॉ. गौराव रतूड़ी, डॉ. अजय, ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉ. गुरू दत्त, सुभारती मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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    यात्राकाल में स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती को निजी भागीदारी भी जरूरी

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि चार धाम यात्रा में मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली के लिये राज्य सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये निजी क्षेत्र के मेडिकल संस्थानों की भी भगीदारी भी सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान निजी क्षेत्र के 40 विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जायेगी, इसके लिये प्राइवेट मेडिकल संस्थानों से बात की गई है। डॉ. रावत ने बताया कि इन चिकित्सकों को रोटेशन के आधार पर 15-15 दिन के लिये चार धाम यात्रा मार्गों पर तैनात किया जायेगा। जिसमें फिजिशियन, ऑर्थोपेडिशियन और गायनकोलॉजिस्ट शामिल है।

     

  • सूबे में 36 लाख बच्चों को खिलाई जायेगी एल्बेंडाजॉल की दवा: डॉ धन सिंह रावत

    सूबे में 36 लाख बच्चों को खिलाई जायेगी एल्बेंडाजॉल की दवा: डॉ धन सिंह रावत

    मंगलवार को होगा कृमि मुक्ति दिवस के 17वें चरण का आगाज

    कहा, बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिये जरूरी है कृमिनाशक दवा

    देहरादून। बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उन्हें कृमि संक्रमण से बचाने के लिये मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस कार्यक्रम मनाया जायेगा। इसके तहत प्रदेशभर में एक से लेकर 19 वर्ष तक के आयु वर्ग के 36 लाख से अधिक बच्चों, किशोरों और किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाई जायेगी। इस अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के लिये सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश दे दिये गये हैं।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी एक से लेकर 19 वर्ष तक के आयु वर्ग वाले बच्चों, स्कूली छात्र-छात्राओं को कृमिनाशक दवा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिये कृमिनाशक दवा खिलाना बेहद जरूरी है। इसके लिये मंगलवार को प्रदेशभर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के 17वें चरण का आयोजन किया जायेगा। जिसमें स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से आंगनबाडी केन्द्रों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ दुरस्थ क्षेत्रों व मलिन बस्तियों में सघन अभियान चला कर 36.58 लाख बच्चों को कृमिनाशक दवापान कराया जायेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को दवापान से वंचित रहने वाले बच्चों को आगामी 16 अप्रैल को आयोजित होने वाले मॉप अप दिवस पर अनिवार्य रूप से कृमिनाशक दवापान करने के निर्देश दिये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन को विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही उन्हें स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रयाप्त मात्रा में अल्बेंडाजॉल दवा उपलब्ध कराने, अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करने, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, आशाओं एवं शिक्षकों को दवापान को आवश्यक प्रशिक्षण देने को भी कहा है। इसके अलावा अधिकारियों को स्कूलों, आंगनबाडी केन्द्रों व पीएचसी सेंटरों का भ्रमण कर मॉनिटिरिंग व सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कर बच्चों को लाभान्वित करने के भी निर्देश दे दिये गये हैं।

    डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में अब तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के 16 चरणों का सफल आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सितम्बर 2024 में आयोजित कृमि मुक्ति दिवस पर 1-19 आयु वर्ग के कुल 33.14 लाख बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई गई थी और इस वर्ष दवापान के लक्ष्य को बढ़ाकर 36 लाख से अधिक कर दिया गया है ताकि शत-प्रतिशत बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर कर उन्हें कृमि मुक्त किया जाय।

  • चारधाम मार्ग पर मिलेगा स्वच्छ और सेहतमंद भोजन

    चारधाम मार्ग पर मिलेगा स्वच्छ और सेहतमंद भोजन

    खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने हरित चारधाम यात्रा थीम पर शुरू किया अभियान

    सिंगल यूज प्लास्टिक से लेकर तेल, नमक, चीनी का प्रयोग कम करने में सहयोग करेंगे होटल कारोबारी

    देहरादून। चारधाम यात्रा मार्ग के होटल- ढाबों में इस बार तीर्थयात्रियों को ना सिर्फ स्वच्छ और शुद्ध भोजन मिलेगा, बल्कि होटल कारोबारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुसार भोजन में तेल, नमक और चीनी का प्रयोग भी कम करने का प्रयास करेंगे। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक रोकथाम के लिए भी तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करेंगे। इसके लिए खाद्य संरक्षा औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा प्रारंभ होने से पहले ही यात्रा मार्ग के होटल और खाद्य कारोबारियों के साथ व्यापक स्तर संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरु किया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बार सभी विभागों को हरित चारधाम यात्रा की थीम पर, यात्रा संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में खाद्य संरक्षा औषधि प्रशासन विभाग, यात्रा मार्ग के प्रमुख शहरों में होटल और खाद्य कारोबारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर रहा है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि इन कार्यशालाओं में होटल कारोबारियों से अपने भोजन में तेल, नमक और चीनी का उपयोग कम करने की अपील की जा रही है। इससे खासकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित यात्रियों को सुविधा रहेगी। साथ ही ईट राइट अभियान के क्रम में होटलों को खाद्य तेल को तीन बार से अधिक इस्तेमाल करने के बजाय इसे बायोफ्यूल बनाने के लिए उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है। डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि होटल कारोबारियों को पानी की बोतल, रैपर जैसे सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को भी हतोत्साहित करते हुए, पर्यावरण संरक्षण में सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उपायुक्त मुख्यालय गणेश कंडवाल ने बताया कि विभागीय निर्देशों के क्रम में अब तक ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग में होटल कारोबारियों के साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किया जा चुका है। यात्रा शुरु होने से पहले उत्तरकाशी, चंबा और हरिद्वार सहित कुछ और स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किया जाएगा। साथ ही मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय खाद्य उत्पादों को भी उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है।

    इस बार हम हरित चारधाम यात्रा का संकल्प लेकर तैयारी कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ना सिर्फ तीर्थ यात्रियों को शुद्ध भोजन और स्वच्छ वातावरण मिले, बल्कि यात्रा के चलते हमारे पवित्र तीर्थस्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या भी पैदा न हो, हम सिंगल यूज प्लास्टिक का रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। इसमें हमें तीर्थ यात्रियों- खाद्य कारोबारियों से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी का सहयोग चाहिए। पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

  • कैंसर संस्थान और पांच मेडिकल कॉलेजों को मिले नए नर्सिंग अधिकारी

    कैंसर संस्थान और पांच मेडिकल कॉलेजों को मिले नए नर्सिंग अधिकारी

    मेडिकल कॉलेजों में मिलेगी बेहतर सुविधाएं: डॉ. रावत 

    चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वेबसाइट पर अपलोड कर जारी की तैनाती सूची

    देहरादून। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 1238 नर्सिंग अधिकारियों को तैनाती स्थल आंवटित कर दिये गये हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसकी सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। नवनियुक्ति नर्सिंग अधिकारियों को संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे, इसके साथ ही अभ्यर्थियों को संस्थान में योगदान देना होगा।

    सूबे के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आज उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 1238 नर्सिंग अधिकारियों नियुक्ति संस्थान आवंटित कर दिये हैं। जिसकी सूची विभाग ने अपनी आधिकारिक ववेबसाइट medicaleducation.uk.gov.in पर अपलोड कर जारी कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के पांच विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों के साथ ही स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी गई है। जिसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 248, अल्मोडा 189, हल्द्वानी 221, देहरादून 271, रूद्रपुर 245 और स्टेट कैंसर संस्थान हल्द्वानी में 64 नर्सिंग अधिकारी शामिल है। उन्होंने बताया कि नवनियुक्ति नर्सिंग अधिकारियों को संबंधित कॉलेजों के प्राचार्य नियुक्त पत्र वितरित करेंगे, इसके लिये नियुक्ति संस्थान आंवटन सूची विभागीय स्तर से सभी प्राचार्यों को भेज दी गई है। डॉ. सयाना ने बताया कि सभी नर्सिंग अधिकारी को अपने समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ आंवटित संस्थान में जाना होगा। जहां पर कॉलेज प्रशासन के द्वारा उनके मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जायेगा। इसके उपरांत उन्हें प्राचार्य द्वारा नियुक्ति पत्र देकर तैनाती दी जायेगी। यदि किसी अभ्यर्थी के सत्यापन में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।

    बयान

    प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज तथा स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी में नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती दे दी गई है। इन नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा साथ ही यहां आने वाले मरीजों की बेहतर देखभाल हो सकेगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

  • कुट्टू के आटे में मिलावट से 100 लोग बीमार, सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना हालचाल

    कुट्टू के आटे में मिलावट से 100 लोग बीमार, सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना हालचाल

    कुट्टू के आटे में मिलावट: करीब 100 लोग बीमार, सीएम ने जाना हालचाल

    देहरादून। विकासनगर से आए कुट्टू के आटे में मिलावट होने के कारण लगभग 100 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सभी पीड़ितों को तत्काल इलाज के लिए कोरोनेशन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री स्वयं कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे और बीमार लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी मरीजों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश भी दिए गए।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित मरीजों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को इलाज में कोई परेशानी न हो।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विकासनगर से आए कुट्टू के आटे के सेवन के कारण यह फूड प्वाइजनिंग की घटना हुई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तत्काल संबंधित दुकानों और मिलों से कुट्टू के आटे के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

    इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी खाद्य सामग्री को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। दोषियों की पहचान के लिए जांच जारी है, और सरकार ने आश्वासन दिया है कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत ने जाना फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का हाल

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत ने जाना फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का हाल

    देहरादून। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज देहरादून जिला अस्पताल में जाकर फूड प्वाइजनिंग से बीमार हुए लोगों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन को दिशा निर्देश दिए।

    बीमार बीमार बीमार

     

    बताया जा रहा है कि कुट्टू का आटा खाने से यह फूड प्वाइजनिंग हुई है। इस घटना के कारणों की जांच के लिए डॉ रावत ने स्थानीय प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

  • सूबे के मेडिकल कॉलेजों को मिलेंगे आधा दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक

    सूबे के मेडिकल कॉलेजों को मिलेंगे आधा दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक

     

    मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में चार और पिथौरागढ़ में तैनात होंगी दो फैकल्टी

    मेडिकल फैकल्टी की नियुक्ति से कालेजों में सुदृढ़ होगी शिक्षण व प्रशिक्षण व्यवस्था

    देहरादून। सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत आधा दर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्ति दी जायेगी। जिसका अनुमोदन प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दे दिया है। संविदा के आधार पर चयनित इन विशेषज्ञ चिकित्सकों में से चार फैकल्टी की नियुक्ति राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी तथा दो फैकल्टी पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में तैनात की जायेगी, ताकि इन कॉलेजों में शिक्षण व प्रशिक्षण कार्य और सुदृढ़ हो सके।

    चिकित्सा शिक्षा विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों के शत-प्रतिशत पदों को भरने के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है ताकि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और प्रशिक्षण गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सके, साथ ही मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को सरकार ने हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में साक्षात्कार समिति गठित की है, जो वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर विभाग को सौंप रही है। इसी क्रम में चयन समिति द्वारा आधा दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया गया है। जिनकी नियुक्ति की मंजूरी राज्य सरकार ने दे दी है। जिनमें से चार विशेषज्ञ चिकित्सकों को राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी तथा दो विशेषज्ञ चिकित्सकों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में पिथौरागढ़ में नियुक्ति दी गई है। साक्षात्कार समिति द्वारा मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में साइक्रेट्री विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. निकिता देउपा का चयन किया गया है। जबकि जनरल मेडिसिन विभाग में डॉ. रवि सिंह व डॉ. सुधीर कुमार वर्मा तथा पीडियाट्रिक्स विभाग में डॉं सतेन्द्र गुप्ता का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। इसी प्रकार राजकीय मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में अस्थि रोग विभाग में डॉ. योगेश कुमार तथा दन्त रोग विभाग में डॉ. समीर पाण्डे का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद चयन हुआ है। इन सभी चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति चयन समिति द्वारा वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से किया गया। चयनित फैकल्टी की नियुक्ति संविदा के आधार पर आगामी तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये की गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा साथ ही सम्बद्ध अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भी बेहरत उपचार मिल सकेगा।

    बयान-

    राजकीय दून मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी तथा पिथौरागढ़ में आधा दर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी है। फैकल्टी की नियुक्ति से दोनों मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य सभी मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत फैकल्टी की तैनाती करना है ताकि कॉलेजों में उच्च स्तरीय शिक्षण-प्रशिक्षण, रिसर्च और क्लीनिकल सेवाएं सुनिश्चित हो सके। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

  • औषधि प्रशासन विभाग को मिले 18 औषधि निरीक्षक

    औषधि प्रशासन विभाग को मिले 18 औषधि निरीक्षक

    एक माह के भीतर विभिन्न जनपदों में मिलेगी तैनाती

    स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की मुहिम लाई रंग

    देहरादून। सूबे के खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को 18 औषधि निरीक्षक मिल गये हैं। राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित इन औषधि निरीक्षकों को एक माह के भीतर विभिन्न जनपदों में तैनाती दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि खाद्य सरंक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में विभाग में लम्बे समय से औषधि निरीक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिये राज्य लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया था, जिसके क्रम में आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के उपरांत 18 औषधि निरीक्षकों की सूची विभाग को उपलब्ध कराई गई। जिनकी नियुक्ति संबंधी आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कर दिये गये हैं। जिसके तहत सभी चयनित अभ्यर्थियों को सभी औचारिकताओं का पूर्ण करते हुये एक माह के भीतर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के कार्यालय में योगदान देना होगा। सभी चयनित अभ्यर्थियों की परस्परिक जेष्ठता राज्य लोक सेवा आयोग से प्राप्त वरिष्ठता क्रम के आधार पर संगत सेवा नियमों के तहत ही अवधारित की जायेगी। योगदान देने के उपरांत ही चयनित अभ्यर्थियों को जनपदवार कार्यक्षेत्र आवंटित किये जायेंगे। डा. रावत ने सभी चयनित औषधि निरीक्षकों को बधाई देते हुये उम्मीद जताई है कि उनकी नियुक्ति से प्रदेश में दवा निर्माण एवं विक्रय प्रणाली में पारदर्शिता बनाये रखने में सुधार होगा।

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    औषधि निरीक्षक के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची

    राज्य लोक सेवा आयोग से औषधि निरीक्षक पद पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची में हरीश सिंह, पंकज पंत, पूजा रानी, निधि शर्मा, विनोद जगूड़ी, शुभम कोटनाला, पूजा जोशी, हार्दिक भट्ट, गौरी कुकरेती, हर्षिता, अर्चना उप्पल, निधि रतूड़ी, मौ0 ताजीम, सीमा बिष्ट चौहान, मेघा, निशा रावत, अमित कुमार आजाद और ऋषभ धामा शामिल है।

  • जनसहभागिता से टीबी मुक्त उत्तराखंड – डॉ. धन सिंह रावत

    जनसहभागिता से टीबी मुक्त उत्तराखंड – डॉ. धन सिंह रावत

    देहरादून।  विश्व टीबी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष “Yes! We Can End TB: Commit, Invest, Deliver”, हम सभी के लिए आशा, तत्परता और जवाबदेही की भावना को सशक्त करने की थीम पर कार्यक्रम का आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि डॉ धन सिंह रावत, मा. स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत द्वारा बताया गया कि दिनांक 24 मार्च को प्रत्येक वर्ष विश्व टी.बी. दिवस का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर हमें इस टी.बी. रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए अपने संकल्प को दोहराने की आवश्यकता है।

    डॉ धन सिंह रावत द्वारा बताया गया कि सरकार द्वारा टी०बी० उन्मूलन के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की है। नि:शुल्क टी०बी० परीक्षण और उपचार प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है। टी.बी. रोगियों को उपचार अवधि तक पोषण सहायता राशि माह नवंबर 2024 से रु० 1,000/- प्रतिमाह कर दिया गया है जो कि पूर्व में रु 500/- प्रतिमाह था। यह राशि नि-क्षय पोषण योजना के अन्तर्गत डी०बी०टी० के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत टी०बी० रोगियों को नि-श्रय मित्रों की सहायता से अतिरिक्त पोषण किट भी प्रदान की जा रही है।

    स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 में उत्तराखण्ड को भारत सरकार द्वारा 1424 ग्राम पंचायतों को टी.बी. मुक्त पंचायत प्रमाणित किया गया है वर्ष 2024 में उत्तराखण्ड राज्य में 2227 ग्राम पंचायतों को टी०बी० मुक्त पंचायत घोषित किए जाने हेतु चिन्हित किया गया है।

    स्वाति एस. भदौरिया, मिशन निदेशक, एन.एच.एम. द्वारा बताया गया कि भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत, टीबी को जड़ से मिटाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हमें गर्व है कि वर्ष 2024 में भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को 28,000 टीबी रोगियों को खोजे जाने का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष लक्ष्य से अधिक 29,319 (105%) टीबी रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार दिया जा रहा है।

    मिशन निदेशक द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोकथाम हेतु राज्य में 95 टीबी यूनिट और 157 जांच केंद्र कार्यरत हैं, जहाँ आधुनिक तकनीकों (NAAT) से टीबी की शीघ्र पहचान हो रही है। 2024 में 90% टीबी मरीजों को सफलतापूर्वक उपचार उपलब्ध कराया गया। दूरदराज के क्षेत्रों में 30 अल्ट्रा-पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और 8 मोबाइल वैन के माध्यम से टीबी जांच की सुविधा दी जा रही है। वहीं 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत 5.18 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 3,799 टीबी रोगियों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया गया।

    उन्होंने कहा कि, हमारे स्वास्थ्य मंत्री द्वारा, स्वास्थ्य की अन्य योजनाओं के साथ-साथ टीबी विषय पर भी जो हमें विशेष मार्गदर्शन मिलता है। स्वास्थ्य मंत्री  के नेतृत्व में, हमारा राज्य स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार कर रहा है और टीबी उन्मूलन की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

    कार्यक्रम में मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि, टी०बी० को हराने के लिए सिर्फ सरकार के प्रयास ही काफी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। हमें टी.बी. से जुड़े मिथकों और भेदभाव को खत्म करना होगा, ताकि हर मरीज को सही समय पर इलाज मिल सके और वे स्वस्थ जीवन जी सकें।
    राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त जनपदों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में टीबी स्कोर के आधार पर जनपदों को सम्मानित किया गया। जिसमें जनपद देहरादून को प्रथम स्थान, चंपावत को द्वितीय तथा रुद्रप्रयाग को तृतीय स्थान हेतु सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में टीबी रोगियों को सहायता देने वाले 11 नि-क्षय मित्रों को भी सम्मानित किया गया। जिसमें हिमालय ड्रग कंपनी, हंस कल्चरल सेंटर, इंडियन ऑयल कॉपरेशन, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद नेत्रालय रुद्रप्रयाग, आस संस्था, बालाजी सेवा संस्थान, होप फाउंडेशन, साईं इंस्टीट्यूट, हिमालयन इंस्टीट्यूट, लाल बहादुर शास्त्री अकादमी को सम्मानित किया गया। साथ ही 15 टी.बी. मुक्त पंचायतों को भी पुरस्कृत किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड बाल आरोग्यम पोर्टल को लॉन्च किया गया। पोर्टल के माध्यम से राज्य के जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच, बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और रेफरल्स की रीयल-टाइम ट्रैकिंग ब्लॉक, जनपद राज्य स्तर से की जाएगी, जिससे बच्चों का समय पर बीमारियों से निदान और उपचार में सहायक होगा।

    कार्यक्रम में डॉ एचसीएस मार्तोलिया निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय, डॉ मनु जैन निदेशक एनएचएम, डॉ मनोज शर्मा मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून, डॉ अजय नगरकर, डॉ अर्चना ओझा, डॉ भास्कर जुयाल सहायक निदेशक एनएचएम, डॉ जितेंद्र नेगी सयुक्त निदेशक, डॉ मनोज वर्मा जिला क्षय रोग अधिकारी देहरादून, डॉ विकास पांडे, सूरज रावत, अनूप ममगाईं, आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

  • सचिवालय में फिजियोथेरेपी सेंटर का शुभारम्भ

    सचिवालय में फिजियोथेरेपी सेंटर का शुभारम्भ

    देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड सचिवालय में फिजियोथेरेपी सेंटर का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सचिवालय के सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि सचिवालय में फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध होने से अधिकाधिक कार्यरत कार्मिक लाभान्वित होंगे। सचिवालय कार्मिकों को ससमय कार्यस्थल पर ही बेहतरीन फिजियोथैरेपी सुविधा उपलब्ध करवाने का यह प्रयास प्रशंसनीय है।
    मुख्य सचिव ने इस पहल के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा उत्तराखण्ड सचिवालय संघ की सराहना की।

    इस अवसर पर सचिव डा० आर राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य डा० सुनिता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा० आशुतोष स्याणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डा० मनोज शर्मा, चिकित्साधिकारी डा० विमलेश जोशी, डा० रविन्द्र सिंह राणा, उत्तराखण्ड सचिवालय संघ के सभी पदाधिकारी एवं सचिवालय के कार्मिक मौजूद रहे।