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  • उत्तराखण्ड के सड़क नेटवर्क को मिलेगी 7 हजार करोड़ रुपये की सौगात

    उत्तराखण्ड के सड़क नेटवर्क को मिलेगी 7 हजार करोड़ रुपये की सौगात

    राज्य के सड़क विकास से सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी गति

    मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री गड़करी ने किया मंथन

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

    मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।

    केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार को लगभग रूपये 750 करोड़ लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर सहमति प्रदान की गई। इसके साथ ही NHO के अंतर्गत 05 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग रूपये 2966 करोड़ है।

    इनमें श्रीनगर बाईपास का PMC, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की चार-लेनिंग, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की alignment , मझोला से खटीमा के आबादी भाग में चार-लेन विस्तार तथा रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की रूपये 530.11 करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि शीघ्र अवमुक्त किए जाने तथा का भी अनुरोध किया।

    मुख्यमंत्री ने आगामी अर्द्धकुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने का अनुरोध किया, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था सुगम हो सके तथा स्थानीय जनता को जाम की समस्या से राहत मिले।दोनों ही प्रस्तावों को सहमति प्रदान की गई।

    मुख्यमंत्री ने नेशनल हाईवे पर Spur के माध्यम से अन्य मार्गों के संयोजन हेतु कुछ परियोजनाओं के लिए लगभग रूपये 3000 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण हेतु लगभग रूपये 300 करोड़ की परियोजना पर चर्चा और सैद्धान्तिक सहमति की गई।

    राज्य में आपदा प्रबन्धन में सफल और कुशल कार्यों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों हेतु डीपीआर तैयार किए जाने हेतु MoU करने का अनुरोध किया जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है ।

    मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड की डीपीआर तथा जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों ( COS) को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यंत कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं स्लोप ट्रीटमेंट कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखण्ड में सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को गति प्राप्त होगी।

    बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव सड़क परिवहन बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में 244 नये पद सृजित

    सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में 244 नये पद सृजित

    बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ परिसर को मिला स्थाई शैक्षणिक व प्रशासनिक ढांचा

    छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा निर्णय

    देहरादून।सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नव सृजित तीनों कैम्पस के लिये शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 नये पद  सृजित कर दिये गये हैं। जिसका शासन स्तर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। इन पदों के सृजन से तीनों परिसरों को पहली बार अपना स्थायी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचा मिल गया है। जिससे शिक्षण, शोध एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नई गति मिलेगी और छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर इसका लाभ प्राप्त होगा।

    उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नव सृजित तीन कैम्पस बागेश्वर, चम्पावत तथा पिथौरागढ़ में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के तहत 244 नये पद सृजित कर दिये हैं। जिसमें शैक्षणिक संवर्ग के तहत बागेश्वर परिसर में यूजीसी मानकों के तहत विभिन्न विषयों में 38 पद सृजित किये गये हैं। जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 29, एसोसिएट प्रोफेसर 8 तथा प्रोफेसर का 01 पद शामिल है। इसी प्रकार चम्पावत परिसर के लिये 31 पद सृजित किये गये हैं। जिसमें 30 पद असिस्टेंट प्रोफसर व एक पद एसोसिएट प्रोफेसर का है। जबकि पिथौरागढ़ परिसर में 95 पद सृजित किये गये हैं। जिसमें अस्टिेंट प्रोफेसर 59, एसोसिएट प्रोफेसर 20 तथा प्रोफेसर के 16 पद शामिल है। इसके अतिरिक्त तीनों कैम्पस के लिये शिक्षणेत्तर पदों का भी सृजन किया गया। प्रथम चरण में बागेश्वर परिसर में 22, चम्पावत 17 तथा पिथौरागढ़ परिसर के लिये 41 पद सृजित किये गये। जिनमें पुस्तकालयाध्यक्ष, सहायक पुस्तकालयध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सहायक लेखाकार, प्रधान सहायक, वैयक्तिक सहायक, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक, पर्यावरण मित्र, माली परिचर व अनुसेवक आदि के पद शामिल हैं। शासन स्तर से इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। जिसके तहत पूर्व में तीनों महाविद्यालयों के लिये सृजित शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर संवर्ग के कुल 329 पदों को उच्च शिक्षा विभाग को समर्पित कर दिये गये हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन पदों पर आउटसोर्स व्यवस्था लागू होगी, उन पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप अधिकृत एजेंसी के माध्यम से शीघ्र कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। स्थायी पदों के सृजन से तीनों परिसरों में शिक्षण कार्य, शोध गतिविधियों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

    बयान-
    सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के तीनों कैम्पस बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ के लिये शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 पदों का सृजन कर दिया गया है। इन पदो ंके सापेक्ष तीनों परिसरों में शिक्षकों व कार्मिकों का समायोजन किया जायेगा, जबकि आउटसोर्स के पदों को भी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से शीघ्र भरा जायेगा। नये पदों के सृजन से विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियां अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

  • पांच साल पूरे होने पर सीएम धामी के सम्मान में चलेगा सेवा सप्ताह

    पांच साल पूरे होने पर सीएम धामी के सम्मान में चलेगा सेवा सप्ताह

    चार जुलाई से फिर शुरु होगा ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यकम

    फिर चलेगा 15 दिन का विशेष अभियान

    देहरादून। जन समस्याओं के निराकरण के लिए गत वर्ष चलाए गए ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए, प्रदेश सरकार एक बार फिर जनता के द्वार पहुंच रही है।
    उल्लेखनीय है कि सीएम धामी चार जुलाई को पांच साल पूरे करने जा रहे है। सीएम धामी कांग्रेस के सीएम एन डी तिवारी का रिकॉर्ड तोड़ कर सबसे अधिक कार्यकाल वाले सीएम बन जाएंगे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई से 15 दिन का इस विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों अधिकारी- कर्मचारी शामिल होकर, जन समस्याओं का निराकरण करेंगे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गत दिसंबर माह से 45 दिन का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बार फिर ये अभियान शुरु होने जा रहा है। इस बार 4 जुलाई से मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा (15 दिवस) के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करते हुए, जन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

    पिछली बार 5 लाख से अधिक की थी जनभागीदारी
    दिसंबर माह में शुरु किए गए 45 दिन के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया।

    लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में सभी जनपदों में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरु किया जा रहा है। इसमें सभी सक्षम अधिकारियों, कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
    पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

  • दून में कई विभूतियों को ‘उफतारा सम्मान’ से किया गया सम्मानित

    दून में कई विभूतियों को ‘उफतारा सम्मान’ से किया गया सम्मानित

    युवा कवि-पत्रकार दीपक कैंतुरा हुए सम्मानित

    लोकभाषा और संस्कृति संरक्षण में योगदान को मिली पहचान

    देहरादून। उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एवं रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) की ओर से संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन उत्तराखंड की फिल्म, लोक संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की 100 विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथि कला संस्कृति परिषद के उपाध्यक्ष मधु भट्ट तथा उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर विभूतियों को सम्मानित किया।

    सम्मानित होने वालों में युवा कवि, पत्रकार, लोकभाषा प्रहरी एवं मंच संचालक दीपक कैंतुरा को कला एवं संस्कृति संरक्षण में पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दीपक कैंतुरा वर्तमान में नेटवर्क 10 न्यूज़, उत्तराखंड में सह संपादक के रूप में कार्यरत हैं और लंबे समय से उत्तराखंड की बोली, भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    वर्ष 2015 में उन्होंने नेटवर्क 10 न्यूज़ पर गढ़वाली भाषा का विशेष कार्यक्रम शुरू किया, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, इतिहास और लोक परंपराओं को देश-विदेश तक पहुंचाया। इस श्रृंखला के 83 एपिसोड में उन्होंने गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, पद्मश्री डॉ. माधुरी बड़थ्वाल, लोक गायिकाओं रेशमा शाह और हेमा नेगी करासी सहित अनेक प्रमुख हस्तियों के साक्षात्कार और उत्तराखंड की विरासत से जुड़े विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया।

    पत्रकारिता के साथ-साथ दीपक कैंतुरा “रैबार पहाड़” के माध्यम से भी उत्तराखंड की लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल मंच पर नई पहचान दिला रहे हैं। वे पिछले लगभग 10 वर्षों से आकाशवाणी, दूरदर्शन और विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ करते आ रहे हैं। उनका काव्य संग्रह “उत्तराखंड के आंसू” प्रकाशित हो चुका है, जबकि उनकी गढ़वाली कविता “मोबाइल/टच वालू फोन” सोशल मीडिया पर 10 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है।

    दीपक कैंतुरा अपनी प्रभावशाली मंच संचालन शैली के लिए भी जाने जाते हैं और अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का सफल संचालन कर चुके हैं। उनकी लेखनी, पत्रकारिता और सांस्कृतिक योगदान के लिए उन्हें समय-समय पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है।

    उफतारा सम्मान समारोह में प्रदेश के फिल्म निर्माता, कलाकार, लोकगायक, साहित्यकार, पत्रकार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित लोगों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने प्रदेश में फिल्म उद्योग को और अधिक मजबूत बनाने तथा फिल्मकारों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

    उफतारा सम्मान 2026 में सम्मानित प्रमुख विभूतियों की सूची

    पाराशर गौड़
    उर्मि नेगी
    बलराज नेगी
    लोक गायिका पूनम सती
    सुनील बडोनी
    मंजू बहुगुणा
    रमेश रावत
    सुरेश सनेही
    संदीप रावत
    अनिल बिष्ट
    मिनी उनियाल
    मुकेश खुशहाल
    रजनी कुकरेती
    राजेश मालगुड़ी
    त्रिलोक चौहान
    गोपाल थपलियाल
    नरेंद्र टोलिया
    राजेश जोशी
    सुमन गौड़
    कुसुम नेगी
    संतोष खेतवाल
    रणजीत सिंह
    अंकिता परिहार
    अमित वी कपूर
    एनपी ममगाईं
    दिनेश बौड़ाई
    विपिन सेमवाल
    रवि ममगाईं
    विक्रम नेगी
    ललित मोहन जोशी
    दीपक पुलस
    मनु वंदना
    डॉ. केपी जोशी
    अशोक चौहान
    अजय सोलंकी
    देव रावत
    अविनाश
    सौरभ मैठाणी
    बृजमोहन वेदवाल
    प्रेम पंचोली

  • पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एम. एम. लखेड़ा का निधन

    पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एम. एम. लखेड़ा का निधन

    देहरादून।  पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल मदन मोहन लखेड़ा का 89 वर्ष की उम्र में देहरादून में निधन हो गया। मंगलवार को हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जनरल लखेड़ा ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल जैसे उच्च पद पर सेवाएं देने के साथ ही उत्तरी सेना कमांड के भी चीफ रहे। इसके अलावा वह पांडिचेरी और अंडमान निकोबार द्वीप केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल व मिजोरम के राज्यपाल भी रहे‌।
    1937 में टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्ति नगर विकास खंड के जखण्ड़ गांव में जयानन्द लखेड़ा के पुत्र  के रूप में जन्मे लखेड़ा ने 1958 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। उन्हें शानदार सेवाओं के लिए विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल भी प्राप्त हुए। 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान उन्होंने विभिन्न मोर्चों पर सेना का नेतृत्व किया।
    सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें भारत सरकार ने महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे। पहले पांडिचेरी के और अंडमान द्वीप समूह के उपराज्यपाल रहे और फिर वर्ष 2006 से 11 के बीच मिजोरम के राज्यपाल भी।
    टिहरी गढ़वाल के लोग उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी टिहरी के जिला पंचायत अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे भूदेव लखेड़ा के छोटे भाई के रूप में जानते हैं। 1990 के दशक में उन्हें पर्वतीय क्षेत्र में सेना की रुटीन भर्ती के अलावा विशेष सेना भर्ती रेलिया के आयोजन के लिए भी याद किया जाता है।
    सेना में ऑफिसर हों या बाद के वर्षों में सेवानिवृत्ति के बाद राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण दायित्व के दौरान वे बहुत लो प्रोफाइल बन रहे। बहुत चर्चाओं में रहना उन्हें पसंद नहीं रहा और चुपचाप अपना काम करते रहे। (वरिष्ठ पत्रकार महिपाल नेगी)

  • विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 20 हजार की रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार

    विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 20 हजार की रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार

    वाटर कूलर भुगतान के एवज में मांगी थी घूस

    ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भी होगी कार्रवाई

    काशीपुर/हल्द्वानी। ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में विकास कार्यों के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में सतर्कता अधिष्ठान ने बड़ी कार्रवाई की है। सतर्कता की ट्रैप टीम ने कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के विरुद्ध भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर 1064 पर एक पंजीकृत ठेकेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने ब्लॉक जसपुर में वाटर कूलर लगाने का कार्य किया था। इस कार्य के भुगतान के लिए कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार ने 20 हजार रुपये तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत की।

    प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। सोमवार को ट्रैप टीम ने कुंडा (काशीपुर) में कार्रवाई करते हुए जेई विवेक कुमार को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    मामले में नामजद दूसरे आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की अग्रिम विवेचना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है।

    सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने सफल ट्रैप कार्रवाई करने वाली टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दर्ज कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना योगदान दें।

  • सहकारिता से सशक्त होंगे किसान, युवा और महिलाएंः डॉ. धन सिंह रावत

    सहकारिता से सशक्त होंगे किसान, युवा और महिलाएंः डॉ. धन सिंह रावत

    सहकारिता मंत्री डाॅ. रावत ने पौड़ी से किया ‘सहकारिता सप्ताह’ का शुभारंभ

    कहा, समितियों के माध्यम से चलाया जायेगा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान

    पौड़ी/देहरादून । भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में ‘सहकारिता सप्ताह-2026’ का शुभारम्भ हो गया है। सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज पौड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से ‘सहकारिता सप्ताह’ का विधिवत शुभारम्भ किया। इसके तहत आगामी 6 जुलाई तक प्रदेश की सभी 670 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों, राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों सहित सभी सहकारी संस्थाओं में विभिन्न जनजागरूकता, जनसहभागिता एवं प्रशिक्षण आधारित कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

    सहकारिता सप्ताह कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने पांच वर्ष के गौरवशाली सफर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, पैक्स के कम्प्यूटरीकरण, दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना और किसानों को आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने में ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं। साथ ही इस सफल यात्रा ने आम लोगों के मध्य सहयोग, विश्वास और जनभागीदारी की नई मिसालें स्थापित की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सहकारिता को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों, महिलाओं एवं युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के एक लाख युवाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

    डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश की सहकारी समितियों को डिजिटल एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, विपणन सुविधाएं, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक जनपद के प्रगतिशील किसानों को अध्ययन भ्रमण पर भेजा जा रहा है, वहीं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से किसान सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से श्एक पेड़ मां के नामश् अभियान के अंतर्गत प्रदेश की सभी सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा।

    वहीं देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक एम.पी. त्रिपाठी एवं रमेंद्री मंद्रवाल ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्सहकारिता सप्ताहश् की शपथ दिलाई तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया।

    कार्यक्रम के प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारी व संयुक्त निबंधक सहकारिता एम.पी. त्रिपाठी ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशानुसार प्रदेशभर में सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत सहकारिता जागरूकता अभियान, महिला एवं युवा सहभागिता कार्यक्रम, विद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, सहकारी संवाद, डिजिटल सेवा विस्तार तथा सोशल मीडिया आउटरीच सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाया जाएगा।

  • चंपावत में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण, मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार

    चंपावत में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण, मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार

    कोरोनेशन अस्पताल को भी है MRI मशीन का इंतजार

    सीमांत क्षेत्र के लिए करीब ₹40 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य योजनाओं की दी सौगात

    स्वस्थ उत्तराखंड से ही बनेगा समर्थ और विकसित उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी।

    मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सोच केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम भविष्य की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्यंत सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ही लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत व आधुनिक बनेंगी।अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 470.05 लाख रुपये की लागत से 129 बेड वाले विशाल व आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जो प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जनपद चंपावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष पैरामेडिकल मानव संसाधन प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।

    मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वस्थ जीवन का अधिकार सहजता से उपलब्ध हो, क्योंकि जब हमारा नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा प्रदेश समृद्ध होगा और विकसित उत्तराखंड का हमारा साझा संकल्प साकार होगा।

    इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत श्रीमती अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, प्रदेश मंत्री भाजपा अध्यक्ष निर्मल महारा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

    कोरोनेशन अस्पताल की भी है मांग

    दून के कोरोनेशन अस्पताल में भी लंबे समय से एमआरआई मशीन की मांग की जा रही है। अकेले दून अस्पताल ही मरीजों का भार उठा रहा है। और मरीजों को एमआरआई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
    कोरोनेशन अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए पर्याप्त जगह भी निर्मित है। ऐसे में अगर इस अस्पताल में भी एमआरआई मशीन लग जाय तो दून अस्पताल पर पड़ रहे मरीजों के भारी भरकम बोझ से निजात भी मिलेगी।

  • उत्तराखण्ड में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, बच्चों को पिलाई गई जीवनरक्षक पोलियो की खुराक

    उत्तराखण्ड में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, बच्चों को पिलाई गई जीवनरक्षक पोलियो की खुराक

    दो बूंद जिंदगी की- हर बच्चे की सुरक्षा का संकल्प

    गांधी शताब्दी चिकित्सालय, देहरादून से राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (एनआईडी)-2026 का राज्य स्तरीय शुभारम्भ

    मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड डॉ. संदीप तिवारी (आईएएस) ने किया राज्यव्यापी पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ

    देहरादून। गांधी शताब्दी चिकित्सालय में ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की खुराक पिलाई गयी।
    इस अभियान का शुभारम्भ मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड डॉ. संदीप तिवारी (आईएएस) ने पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की खुराक पिलाकर किया।

    इस अवसर पर मिशन निदेशक ने कहा कि भारत पिछले 14 वर्षों से अधिक समय से पोलियो-मुक्त है, लेकिन पोलियो वायरस के आयात की आशंका को देखते हुए निरंतर सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पाँच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को, पूर्व में पोलियो की कितनी भी खुराक मिली हो, जीवनरक्षक दो बूंद अवश्य पिलाएँ।

    निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड डॉ. शिखा जंगपांगी ने अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी पर बल दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों तथा विकास सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही प्रत्येक पात्र बच्चे तक टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    राज्यव्यापी अभियान उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों में संचालित किया जा रहा है। बूथ गतिविधियों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएँगी। अभियान के दौरान उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, प्रवासी आबादी, शहरी मलिन बस्तियों, निर्माण स्थलों, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों तथा घुमंतू समुदायों पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।

    स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, समुदाय के प्रतिनिधियों एवं आमजन से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है, ताकि उत्तराखण्ड की पोलियो-मुक्त पहचान को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
    कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, कोरोनेशन चिकित्सालय डॉ. मनु जैन, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी (SEPIO) डॉ. कुलदीप सिंह मार्तोलिया सहित स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, विकास सहयोगी संस्थाओं एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • केदारनाथ में गर्म पानी की सुविधा का इंतजार लंबा

    केदारनाथ में गर्म पानी की सुविधा का इंतजार लंबा

    सीएम धामी ले रहे प्रोजेक्ट की प्रगति,जुलाई में मिलेगा गर्म पानी!

    देखें वीडियो

    समझौता निरस्त होने पर पतंजलि ने भेजा नोटिस

    भारी भरकम मशीनें, बर्नर व गीजर पहुंचे सोनप्रयाग

    खच्चरों की लीद व पिरूल से बने बायोमास पैलेट्स से होगा गर्म पानी

    रुद्रप्रयाग। उम्मीद है कि इसी जुलाई महीने में 12 हजार फीट पर स्थित केदारनाथ धाम व पैदल रूट पर श्रद्धालुओं को 24 घण्टे गर्म पानी मिलेगा। मौसम ने साथ दिया तो दो हफ्ते के अंदर भारी भरकम मशीन केदारनाथ धाम पहुंचा दी जाएगी। फिलहाल, सोनप्रयाग में खच्चरों की लीद और पिरूल से पैलेट्स बनाने का काम चल रहा है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में कैबिनेट ने केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठी पहल की है । अब यात्रियों को ठंडे पानी के बजाय 24 घंटे पीने का गर्म पानी उपलब्ध हो सकेगा। यह व्यवस्था बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित हाॅट वाटर गीजरों से की जाएगी, जो चीड़ की पत्तियों (पिरुल) और खच्चरों की लीद से तैयार किए जायेंगे।

    उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के पश्चात यह देश का पहला ऐसा प्रयोग है, जिसमें इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में यात्रियों को चौबीसों घंटे गर्म पानी की सुविधा दी जायेगी।

    केदारनाथ पैदल मार्ग पर खच्चरों की लीद को सुलभ इंटरनेशनल के माध्यम से एकत्रित किया जा रहा है, जबकि रुद्रप्रयाग के जंगलों से चीड़ की पत्तियों (पिरुल) को स्वयं सहायता समूह (SHG) के जरिए संग्रहित किया जा रहा है। इन दोनों के मिश्रण से फायर पैलेट्स तैयार किए जाएंगे जो केदारनाथ में लग रहे हाॅट वाटर गीजर को संचालित करेंगे।

    बायोमास स्टोव के साथ ही ये पैलेट्स केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिन्हित ढाबों को वितरित किए जाएंगे । इससे ढाबा संचालकों को स्वच्छ और सुविधाजनक इंधन उपलब्ध होगा, जिससे उनकी इंधन आपूर्ति की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।

    केदारनाथ धाम में अक्सर श्रद्धालुओं को गर्म पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ता है साथ ही स्नान के लिए गर्म पानी भी नहीं मिल पाता। इसमें श्रद्धालुओं का काफी पैसा भी खर्च होता है। इस समस्या को दूर करने के लिए सोनप्रयाग स्थित बायोमास पैलेट इकाई में तैयार पैलेट्स से संचालित ये गीजर 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराएंगे।

    केदारनाथ की टेंट कालोनी के इर्द गिर्द गर्म पानी के उपकरण स्थापित किये जाने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को पीने व नहाने के लिए निशुल्क गर्म पानी मुहैया कराया जाएगा।

    गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर हाईफ़ीड संस्था और पर्यटन विकास परिषद के बीच फरवरी 2026 में एक एमओयू साइन किया गया था। इस गर्म पानी के प्रोजेक्ट में जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पर्यटन अधिकारी, डीएफओ और दून स्थित हाईफ़ीड संस्था कार्य कर रही है। मंत्रिमंडल ने इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग एक करोड़ 43 लाख की धनराशि मंजूर की है।

    गर्म पानी के प्रोजेक्ट के लिए कर्नाटक,पंजाब समेत अन्य राज्यों से थर्मल उपकरण मंगाए गए हैं।
    इस योजना को वर्तमान में स्थापित करने में कई मुश्किलें सामने दिख रही है। इरान युद्ध की वजह से गैस संचालित फर्नेस का बंद होना जो मशीन बनाती हैं और केदारनाथ यात्रा में जबरदस्त भीड जिसकी वजह से ट्रांसपोर्ट में काफी विलंब से हुआ। और अब सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक मशीनों को पहुंचाना भी गम्भीर चुनौती बनी हुई है। फिलहाल, गर्म पानी के लिए श्रद्धालुओं को और इंतजार करना पड़ेगा। अभी यात्रा चार महीने और चलेगी।

    पूर्व में पतंजलि को सौंपी थी जिम्मेदारी

    गौरतलब है कि पूर्व में पतंजलि खच्चर की लीद को सुखाने का कार्य कर रही थी, जिससे खाद बनानी थी। जुलाई 2025 से खाद सुखाने का कार्य भी बंद था।

    सोनप्रयाग में प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों को शुरू भी किया था। लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पशुपालन विभाग ने पतंजलि के साथ हुए समझौते को रद्द कर दिया। इस मुद्दे पर पतंजलि की ओर से कानूनी नोटिस देने की भी बात सामने आ रही है।

    पतंजलि के नोटिस की खबर के बाद सत्ता के गलियारों में हलचल मच गई थी। सोशल मीडिया में गर्म पानी प्रोजेक्ट को लेकर ‘युद्ध’ भी जारी है। स्वंय सीएम पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ धाम में गर्म पानी प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की लगातार ताकीद कर रहे हैं।

    प्रोजेक्ट के उद्देश्य

    इस एक वर्षीय ट्रायल प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य दोहरे लाभ प्रदान करना है:

    • ढाबा संचालकों को ऊर्जा संकट के समय स्वच्छ इंधन उपलब्ध कराना
    • श्रद्धालुओं को गर्म पेयजल की सुविधा देना

    प्रोजेक्ट के तहत तय अनुबंध की तय सीमा तक फायर पैलेट्स, बायोमास ऊर्जा स्टोव चिन्हित ढाबा संचालकों और संबंधित स्थानों पर मुफ्त वितरित किए जाएंगे साथ ही हाॅट वाटर गीजर भी मुफ्त लगाये जायेंगे ।

    यह पर्यावरण के अनुकूल पहल न केवल केदारनाथ क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। खच्चर की लीद के निस्तारण व पिरुल जैसे जंगल के संसाधनों के उपयोग से जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर भी नियंत्रण की उम्मीद है।

    यह प्लांट के खच्चर की लीद को सुखाने का नही अपितु पूर्ण बायोमास पैलेट्स तैयार करने का संयंत्र है ।