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  • पौड़ी सतपुली एकेश्वर मार्ग पर दो बसों की भिड़ंत,  कई यात्री घायल

    पौड़ी सतपुली एकेश्वर मार्ग पर दो बसों की भिड़ंत, कई यात्री घायल

    SDRF ने घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल

    सतपुली। पौड़ी जिले के एकेश्वर मार्ग पर दो वाहनों की आमने सामने टक्कर होने से 22 यात्री घायल हो गए। सूचना मिलने पर SDRF के अपर उप निरीक्षक प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सोमवार की दोपहर दो बसों {बस संख्या UK 15PA 0241(32 सवारी) एवम UK 15PA 0825 (14 सवारी)} की आमने सामने की टक्कर हुई। दुर्घटना में 22 घायलों को तत्काल उपचार के लिए सतपुली के हंस फाउंडेशन अस्पताल भर्ती किया गया । जबकि सामान्य घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।

    दुर्घटना में घायलों का विवरण :-

    1. कृपाल सिंह, उम्र 80 वर्ष
    2. संजय, उम्र 34 वर्ष
    3.  अमन, उम्र 22 वर्ष
    4. पुष्पा नेगी, उम्र 48 वर्ष
    5.  राजेंद्र सिंह, उम्र 40 वर्ष
    6. आशा, उम्र 50 वर्ष
    7. वीरेंद्र, उम्र 51वर्ष
    8. दीपक, उम्र 56 वर्ष
    9. विनोद, उम्र 45 वर्ष
    10. कुo नेहा, उम्र 15 वर्ष
    11.  प्रताप सिंह, उम्र 48 वर्ष
    12.  धर्मेंद्र सिंह, उम्र 39 वर्ष
    13.  अर्जुन सिंह, उम्र 54 वर्ष
    14.  बाबू राम, उम्र 58 वर्ष
    15. हरीश(चालक), उम्र 41 वर्ष
    16.  संग्राम सिंह (चालक), उम्र 44 वर्ष
    17.  श्रीमती आनंदी देवी, उम्र 46 वर्ष
    18.  सोबन सिंह, उम्र 80 वर्ष
    19.  नितिन कुमार, उम्र वर्ष
    20.  सुनीता देवी, उम्र वर्ष
    21.  सोहन सिंह, उम्र वर्ष
    22.  प्रेम सिंह, उम्र वर्ष
  • प्रधानमंत्री मोदी ने बचाव प्रयासों पर सीएम धामी से बात की, कहा – श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत

    प्रधानमंत्री मोदी ने बचाव प्रयासों पर सीएम धामी से बात की, कहा – श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत

    सीएम धामी ने फोन पर पीएम को बचाव अभियान की जानकारी दी

    नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी व कार्यदायी संस्था के खिलाफ परिजन भड़के,आठ दिन से फंसे हैं 41 मजदूर

    विदेशी एक्सपर्ट की सहायता से बचाव अभियान आगे बढ़ेगा

    देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन कर उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फँसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने ताजा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टनल में फंसे श्रमिक सुरक्षित हैं और ऑक्सीजन, पौष्टिक भोजन और पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एक्सपर्ट्स की राय लेकर एजेंसियां काम कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। मेडिकल की टीम भी वहाँ पर तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है। अब तक प्रधानमंत्री तीन बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। पीएमओ की टीम भी मौके का निरीक्षण कर चुकी और लगातार स्थिति पर नज़र बनाये हुए है और समन्वय का कार्य कर रही है।

    गौरतलब है कि उत्तरकाशी की 4.5 किमी निर्माणाधीन सुरंग में दीवाली की सुबह 5.30 बजे मलबा आने से विभिन्न राज्यों के 41 मजदूर फंसे हुए हैं। इस बीच, नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी और कार्यदायी संस्था NHI DCL के खिलाफ मजदूरों के परिजन आक्रोश जता चुके हैं। कम्पनी के कार्यालय के बाहर परिजन लगातार वस्तुस्थिति जानने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक हुए बचाव कार्य में कोई सफलता नहीं मिली है। केंद्रीय मंत्री गड़करी, वीके सिंघ, पूर्व पीएमओ सलाहकार भास्कर खुल्बे, उप सचिव मंगेश घिल्डियाल समेत कई एक्सपर्ट्स मौके का निरीक्षण कर विकल्प की तलाश में जुटे हैं।

    इस बीच, सुरंग से मलबा हटाने में जुटी मशीन के खराब होने व पहाड़ों में कंपन होने से बचाव कार्य रोक देना पड़ा था।विदेशी एक्सपर्ट को भी बुलाया जा रहा है। और सुरंग के ऊपर से खुदाई कर मजदूरों को निकालने की दिशा में काम हो रहा है। छठ पूजा स्थल समेत कई अन्य स्थानों पर आठ दिन से सुरंग में फंसे मजदूरों की सकुशल वापसी के लिए हवन व दुआओं का दौर भी जारी है।

  • 41 जिंदगियां बचाने के लिए अब रोबोट की  मदद ली जाएगी

    41 जिंदगियां बचाने के लिए अब रोबोट की मदद ली जाएगी

    उत्तरकाशी। अब 41 जिंदगियां बचाने रोबोट जाएगा सुरंग के अंदर, रेस्क्यू में लग सकते हैं 30 से 40 घंटे सिलक्यारा सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए अब रोबोट की भी मदद ली जाएगी। यह रोबोट सुरंग के अंदर आए मलबे के ऊपर बची थोड़ी सी जगह से दूसरी तरफ जाएगा।

    इस रोबोट के जरिए दूसरी तरफ पाइप डालने समेत अन्य संभावनाएं तलाशी जाएंगी। यह जानकारी सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने दी।12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन के बाद से 41 मजदूरों का जीवन संकट में है। वर्तमान में मजदूरों को बचाने के लिए पांच प्लान पर केंद्र व राज्य की करीब छह एजेंसियां काम कर रही हैं। जिसमें सिलक्यारा सुरंग के मुहाने से ऑगर मशीन से ड्रिलिंग, बड़कोट छोर से ड्रिलिंग, सुरंग के ऊपर और दाएं व बाएं तरफ से ड्रिलिंग की तैयारी हो चुकी है। सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। लेकिन, अब इन पांच प्लान के साथ छठा प्लान भी तैयार किया जा रहा है।छोटा रोबोट ही जा सकता है।

    सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि सुरंग के अंदर भूस्खलन के कारण जो मलबा आया है उसके और सुरंग की ऊपरी छत के बीच थोड़ी जगह है। जिससे एक रोबोट को भेजकर देखा जाएगा कि दूसकी तरफ कितनी जगह है। ताकि दूसरी तरफ पाइप डाला जा सके। इस पाइप का इस्तेमाल भी अंदर फंसे लोगों का जीवन बचाने में किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वह जगह बेहद संकरी होने से वहां कोई छोटा रोबोट ही जा सकता है। ऐसा रोबोट भारत सरकार या किसी निजी एजेंसी के पास उपलब्ध होगा तो वह मंगाया जाएगा।रेस्क्यू में लग सकते हैं 30 से 40 घंटे
    आपदा प्रबंधन सचिव डाॅ.सिन्हा ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन दिन-रात चलाया जा रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा और ऑगर मशीन से ड्रिलिंग के दौरान कोई बाधा नहीं आई तो रेस्क्यू ऑपरेशन में 30 से 40 घंटे का समय लग सकता है। बड़कोट छोर से अभी दो से ढाई मीटर व्यास की बनेगी सुरंग।

    निर्माणाधीन सिलक्यारा से पोलगांव सुरंग 4.5 किमी लंबी है। जिसमें बड़कोट छोर से अभी करीब 400 मीटर सुरंग की खोदाई शेष है। अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए बड़कोट छोर से भी खोदाई शुरू करवाई जा रही है। हालांकि अभी उस छोर से पूरी खोदाई की जगह केवल दो से ढाई मीटर व्यास की सुरंग तैयार की जाएगी। इसमें काफी समय लग सकता है।साइड टनल आपस में मलबे के आगे मिलेंगी
    सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए सुरंग के दाएं और बाएं से भी सुरंग बनाई जा रही है। ये दोनों निकासी सुरंग भूस्खलन के मलबे के आगे मिलेंगी। जिससे अंदर फंसे मजदूर बाहर आ सकें।

  • केंद्रीय मंत्री गड़करी के आगमन पर कोई  रेड कार्पेट नहीं बिछाई गई, डीएम उत्तरकाशी ने बताया इसे भ्रामक

    केंद्रीय मंत्री गड़करी के आगमन पर कोई रेड कार्पेट नहीं बिछाई गई, डीएम उत्तरकाशी ने बताया इसे भ्रामक

    रेड कार्पेट नहीं बिछी बल्कि गंदा हो चुका टेंट व मैट बदली गयी थी

     

    उत्तरकाशी। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के आगमन पर टनल दुर्घटना इलाके में रेड कार्पेट बिछाए जाने सम्बन्धी खबरों को डीएम ने भ्रामक करार दिया है। डीएम ने बयान जारी कर कहा कि सिलकियारा टनल में हुई दुर्घटना के कारण बड़ी संख्या में मीडिया घटना स्थल पर हर समय रहता है। लिहाजा, यहां एक मीडिया सेंटर बनाया गया। मीडिया सेंटर जिस स्थान पर है, वहां भूमि कच्ची है, तथा धूल, मिट्टी, गीलापन रहता है।

    अधिक संख्या में मीडियाकर्मी होने के कारण टेंट (बैंगनी रंग) एवं जमीन पर बिछी मैट (हरा रंग) गंदी हो गई थी। इस कारण मीडिया की सुविधा के लिए नया टेंट (सफेद) बदला गया था और मैट भी बदली गई थी, जो लाल रंग की ही उपलब्ध हो पाई।बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री का आगमन संयोगवश इसी दिन हुआ। घटना स्थल पर स्वागत हेतु Red Carpet नहीं लगाई गई थी, और न ही इस प्रकार स्वागत करने की कोई भी मंशा थी।

    गौरतलब है कि टनल में फंसे 41 मजदूरों के लिए चल रहे बचाव कार्य की समीक्षा के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी रविवार को सिलिकयारा आये। इसी दौरान रेड मैट को लेकर खबरें वॉयरल होने लगी।

  • बदरीविशाल के  जयकारो के साथ शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

    बदरीविशाल के जयकारो के साथ शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

    शनिवार को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है। इसके साथ ही आज चारधाम यात्रा का भी समापन हो गया। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि पंच पूजाओं के पांचवें दिन शनिवार को रावल स्त्री वेष धारण कर माता लक्ष्मी को बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान किया था। उसके बाद उद्धव जी व कुबेर जी मंदिर प्रांगण में लाया गया। और दोपहर 3:33 बजे पर धाम के कपाट बंद कर दिए गए। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा कर उन्हें बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया गया था। इस दौरान मंदिर में पूजा अर्चना की गई।

    शुक्रवार को धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और वेदपाठी रविंद्र भट्ट और लक्ष्मी मंदिर के पुजारियों ने मां लक्ष्मी की पूजा की और उन्हें कढ़ाही भोग लगाया। और आज धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, दिनेश डिमरी, श्रीराम डिमरी, विपुल डिमरी, विवेक थपलियाल आदि मौजूद रहे।

  • उत्तरकाशी : सिलक्या सुरंग में 40 नहीं 41 श्रमिक है फंसे, कंपनी की बड़ी लापरवाही आई सामने

    उत्तरकाशी : सिलक्या सुरंग में 40 नहीं 41 श्रमिक है फंसे, कंपनी की बड़ी लापरवाही आई सामने

    उत्तरकाशी सिलक्या सुरंग में 40 नहीं 41 श्रमिक फंसे हुए हैं। कंपनी की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सात दिन बाद इस बात की जानकारी मिली है। 41 वें श्रमिक की पहचान बिहार मुजफ्फरपुर के गिजास टोला निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने बताया कि जब 41 श्रमिक का नाम सूची में सामने आया तब एनएचआइडीसीएल और निर्माण कंपनी नवयुग कंस्ट्रक्शन बड़ी लापरवाही का पता चला।

  • प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा : सीएम धामी

    प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा : सीएम धामी

    प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा, उत्तरकाशी की घटना के बाद सीएम धामी ने दिए निर्देश

    सीएम धामी ने कहा कि टनल निर्माण का कार्य एनएचआईडीसीएल कर रही है। सुरंग का काम पूरा होने वाला था। 400 मीटर का काम शेष रह गया था। इसकी मॉनिटरिंग भी वही लोग कर रहे थे। लेकिन आगे के लिए हम इस तरह के सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

     

    उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में 40 श्रमिकों के फंसने की घटना के बाद सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाएगी। शहरों की वहन क्षमता का भी हम आकलन कर रहे हैं। बता दें कि मसूरी, देहरादून-टिहरी समेत प्रदेश में कई टनल प्रोजेक्ट प्रस्तावित व विचाराधीन हैं।उन्होंने कहा कि एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं और राज्य सरकार इसमें उनका सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय भी बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लगातार बचाव कार्य देख रहे हैं।

    वह समीक्षा कर रहे हैं और हम लोगों से जानकारी ले रहे हैं। मुझसे भी उन्होंने फीडबैक लिया है। प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार के स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी कठिन परिस्थितियों में जो एजेंसियां व विशेषज्ञ काम करते हैं, उनसे संपर्क किया जाए। ऐसे सभी लोग अभियान से जुड़े हैं और उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
    सभी को सुरक्षित बाहर निकालना, पहली प्राथमिकता
    सीएम ने कहा, मुझे बताया गया है कि वहां अत्याधुनिक मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। यह मशीन हर घंटे में पांच से 10 मीटर में ड्रिल करेगी। सब ठीक रहा है, तो सभी भाइयों को हम जल्द निकाल पाएंगे। वहां जितनी भी एजेंसियां काम कर रही हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार का सहयोग दिया जा रहा है। मुख्य सचिव व अन्य अधिकारी उनके संपर्क में हैं। तकनीकी चीजें उन्हीं को करनी है, राज्य सरकार उनको पूरा सहयोग देगी।

    सीएम ने कहा कि टनल में फंसे सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। उनसे लगातार संपर्क हो रहा है। सभी को खाना, पानी, ऑक्सीजन सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। टनल के दौरान जो हालात बने, उन्हें पहले नहीं देखा जाना चाहिए था, इस प्रश्न पर सीएम ने कहा कि अभी हमारी सबसे पहली प्राथमिकता सभी को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

     

    एक प्रश्न पर सीएम ने कहा कि टनल निर्माण का कार्य एनएचआईडीसीएल कर रही है। सुरंग का काम पूरा होने वाला था। 400 मीटर का काम शेष रह गया था। इसकी मॉनिटरिंग भी वही लोग कर रहे थे। लेकिन आगे के लिए हम इस तरह के सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

    सीएम ने अफसरों की बैठक में लिया अपडेट, दिए निर्देश

    देर रात इंदौर से दून पहुंचे सीएम ने सुबह सचिवालय पहुंचकर उच्चाधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी ली।उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल और आईटी गढ़वाल से अपडेट लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बचाव अभियान में जुटी केंद्रीय एजेंसियों को हरसंभव मदद करें। उनके साथ बेहतर समन्वय बनाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होगा। इसके लिए हाईपावर ड्रिलिंग मशीन से काम हो रहा है। बैठक में एसीएस राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदर, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय व सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

  • चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की वर्दी भत्ते की दरों में वृद्धि, देखें शासनादेश

    चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की वर्दी भत्ते की दरों में वृद्धि, देखें शासनादेश

    पदोन्नति सम्बन्धी नियमावली में संशोधन 

    देहरादून। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की पदोन्नति की नियमावली में संशोधन व वर्दी भत्ते की दरों में वृद्धि सम्बन्धी शासनादेश जारी कर दिये गये हैं।

    शुक्रवार  को  चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभिन्न लम्बित मांगों के निराकरण के लिए  सचिव, कार्मिक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनी।  अरुण पांडे ने बताया कि 12 दिसंबर को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ  की एक बैठक  शासन में हुई थी।  बैठक में सहमति बनी थी कि चतुर्थ श्रेणी के पात्र कार्मिकों की लिपिक वर्गीय पदों पर पदोन्नति हेतु शासन द्वारा निर्गत नियमावली में टाइपिंग की  गयी व्यवस्था के अनुसार चार हजार की डिप्रेशन प्रति घंटा की गति से टंकण करने वाले अभ्यर्थी अर्ह माने जाते थे।

    पुरानी व्यवस्था में संशोधन करते हुए 15 नवंबर को चार हजार के स्थान पर चौबीस सौ की डिप्रेशन प्रति घंटा की गति संशोधित नियमावली  निर्धारित कर दी गयी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिवर्ष  2400 रुपए वर्दी भत्ते के रूप में नगद धनराशि उनके खाते में जमा किये जाने सम्बधी शासनादेश भी आज जारी कर दिया गया है।  पांडे ने शासन द्वारा जारी किये गये उपरोक्त संशोधनों के लिये  मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों का धन्यवाद किया।

     

  • इस विभाग में हुए  अधिकारियों के तबादले,देखें सूची

    इस विभाग में हुए अधिकारियों के तबादले,देखें सूची

    देखें आदेश

    तत्काल प्रभाव से विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रशासनिक संवर्ग में कार्यरत निम्नवत् तालिका के स्तम्भ -2 में अंकित अधिकारियों की खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति होने के फलस्वरूप उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा-18 में निहित प्राविधानों के अधीन जनहित में उनके वर्तमान तैनाती स्थल से उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ -3 में अंकित कार्यालय में एतद्द्वारा तैनात / पदस्थापित किया जाता है:-

  • सूबे में 62 लाख लोगों की बनी आभा आईडी

    सूबे में 62 लाख लोगों की बनी आभा आईडी

    54 लाख को वितरित किये गये आयुष्मान कार्ड

    आयुष्मान भवः कैम्पेन के तहत जारी है अभियान

    देहरादून। सूबे में अब तक 62 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) तथा 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। राज्य के मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में आयुष्मान भव अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है ताकि मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आइडी तथा पांच वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

    राज्य में चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सुलभता को लेकर राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में जुटा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 62 लाख 69 हजार 338 लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाये जा चुके हैं। जिनमें से 4 लाख 3 हजार 105 आभा आईडी विगत 17 सितम्बर 2023 से संचालित ‘आयुष्मान भव अभियान’ के तहत बनाई गई हैं। देहरादून जनपद में अबतक कुल 1318990 आभा आईडी बनाई गई हैं। जबकि नैनीताल में 727771, हरिद्वार 1027120, ऊधमसिंह नगर 787596, पौड़ी गढ़वाल 456124, अल्मोड़ा 351181, टिहरी गढ़वाल 360786, पिथौरागढ़ 287832, चमोली 244178, बागेश्वर 147535, चम्पावत 168874, उत्तरकाशी 204927 तथा रूद्रप्रयाग जनपद में 135138 आभा आईडी बनाई गई हैं, जबकि राष्ट्रीय पोर्टल पर तैयार 51286 आभा आईडी का चिन्हिकरण किया जा रहा है।

    इसी प्रकार राज्य में अब तक 54 लाख 38 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। जिनमें से 2 लाख 12 हजार 920 आयुष्मान कार्ड आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत बनाये गये हैं। अल्मोड़ा जनपद में अब तक कुल 2 लाख 72 हजार आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। इसी प्रकार बागेश्वर में 1 लाख 20 हजार, चमोली 2 लाख 12 लाख, चम्पावत 1 लाख 23 हजार, देहरादून 11 लाख 15 हजार, हरिद्वार 9 लाख 13 हजार, नैनीताल 5 लाख 17 हजार, पौड़ी गढ़वाल 3 लाख 92 हजार, पिथौरागढ़ 2 लाख 37 हजार, रूद्रप्रयाग 1 लाख 28 हजार, टिहरी गढ़वाल 3 लाख 39 हजार, ऊधमसिंह नगर 8 लाख 84 हजार तथा उत्तरकाशी जनपद में 1 लाख 86 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। आयुष्मान भव अभियान प्रदेश में निरंतर चलाया जा रहा है, जिसकी मॉनिटिरिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार की जा रही है। अभियान के तहत प्रत्येक जनपद की सभी चिकित्सा इकाईयों में लोगों के आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाई जा रही है, इसके साथ ही दोनों प्रकार के कार्डों के बनाने को लेकर आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।

    राज्य सरकार ने मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक प्रदेश में 62 लाख लोगों की आभा आईडी व 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। तय लक्ष्य समय पर हासिल हो, इसके लिये स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है।-डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।